सुखबीर बादल पर हमले की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। दरबार साहिब में, भगवान के घर में, सेवा करते व्यक्ति पर गोली चलाना गंभीर जुर्म है, पाप है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
ऐसे चुपचाप अचानक चले जाएंगे-सोचा भी नहीं था। उमर भी नहीं थी। पर कोविड काल के बाद कुछ ऐसा हो गया है कि कब काल किसको झपट्टा मारकर उठा ले, कहा नहीं जा सकता।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
उन दिनों सारे हिन्दुस्तान में खुशी की लहर ने लोगों के दिलों को भिगोना शुरू कर दिया था...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
‘न्यूजक्लिक’ पर सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई और उसके पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में देश के तमाम पत्रकार संघों ने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई चंद्रचूड़ को चिठ्ठी लिखी है।
राजेश बादल 2 years ago
जस्टिन ट्रुडो के पिता भी प्रधानमंत्री रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में ख़ालिस्तानी उग्रवादी संगठनों को पनाह दी जाती रही।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
एक सप्ताह से चुप था। कुछ टीवी न्यूज एंकरों पर विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस' (I.N.D.I.A) ने अपनी ओर से जो पाबंदी लगाई हैं, उसका प्रबंधन और संपादकों पर असर देखना चाहता था।
राजेश बादल 2 years ago
सरकारी मदद पर होने वाले कागजी सम्मेलनों में छाती पीटने से कुछ नहीं होगा। अपना घर ठीक कीजिए-हिंदी आपको दुआएं देगी।
राजेश बादल 2 years ago
‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ' इंडिया’ भारत के संपादकों की सर्वोच्च सम्मानित संस्था है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिल्ड के सदस्य अपने प्रोफेशनल काम तथा गंभीरता के कारण पहचाने जाते हैं।
राजेश बादल 2 years ago
तात्पर्य यह कि लोकतंत्र की सर्वोच्च पंचायत की गरिमा बनाए रखने के लिए सदन की सभी बैंचों से प्रयास किए गए तभी संसद शान से काम कर पाई।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
.छतरपुर जिले से एक पत्रकार के सिर पर पेशाब करने का शर्मनाक वाकया सामने आ गया। इस मामले का आरोपी सत्ताधारी दल का नेता नहीं, बल्कि एक पुलिस अफसर है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
महात्मा गांधी ने आठ अगस्त 1942 को मुंबई के गवालिया मैदान में करो या मरो का नारा दिया। उसी रात वे गिरफ्तार कर लिए गए।
राजेश बादल 2 years ago
वैसे पाकिस्तान को गहराई से समझने वाले जानकारों को भी लगता था कि फ़ौज इतनी आसानी से मुल्क के सियासतदानों के आगे समर्पण नहीं करेगी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
अगस्त के पहले सप्ताह में सऊदी अरब की पहल पर एक शान्तिवार्ता होने जा रही है। इसमें तीस देश हिस्सा लेने जा रहे हैं। भारत भी इनमें से एक है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
आज के दौर में ऐसे संपादकों की जरूरत है, जो हुकूमत के इशारे पर नहीं नाचें, बल्कि सियासत को अपनी पेशेवर कलम से नचाएं।
राजेश बादल 2 years ago
कई दशक से भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की मांग उठती रही है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
आपको याद होगा कि आजादी के बाद भारत में जो राजनीतिक दल पनपे, वे किसी न किसी ठोस वैचारिक धुरी पर टिके हुए थे।
राजेश बादल 2 years ago
जब मुखिया जी पीड़ित की पत्नी से फोन पर बात करके आर्थिक मदद की बात करते हैं, तो उसकी पत्नी कहती है कि उसे तो सिर्फ पति चाहिए और किसी सहायता की जरूरत नहीं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
हद है। इस बार तो वाकई सोशल मीडिया ने हद कर दी। मध्य प्रदेश में एक आदिवासी पर स्थानीय बीजेपी विधायक के प्रतिनिधि ने पेशाब कर दिया। इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
राजेश बादल 2 years ago
हाल ही में आए तूफान ‘बिपरजॉय’ की कवरेज कमोबेश हर चैनल ने अलग-अलग अंदाज में की। कुछ प्रयोग परंपरागत थे और एकाध प्रयोग ऊटपटांग भी था।
राजेश बादल 2 years ago
बड़े घरानों के हितों-स्वार्थों का संरक्षण करना आज के दौर की पत्रकारिता का विद्रूप चेहरा है। पत्रकारिता परदे के पीछे है और तमाम मीडिया घरानों के धंधे सामने हैं।
राजेश बादल 2 years ago
पहली बार पाकिस्तानी जनता का अपनी ही सेना से मोहभंग हुआ है। लोग जान की परवाह न करते हुए फौज के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।
राजेश बादल 2 years ago
सप्रे जी पत्रकारिता के ऐसे पूर्वज हैं, जिन्होंने महात्मा गांधी से भी कई बरस पहले पूर्ण स्वराज और हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए अभियान छेड़ा था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
तमाम अखबारों को देखें, टीवी चैनल्स के पर्दों पर देखें या डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के कंटेंट पर नजर दौड़ाएं तो पाते हैं कि उन्मादी बयानों को प्रमुखता देकर पत्रकारिता ने भी अपने को कठघरे में खड़ा कर लिया है।
राजेश बादल 2 years ago
पंजाब के पूर्व CM प्रकाश सिंह बादल ने 75 साल का सफल राजनीतिक जीवन जिया। इस दौरान वह 5 बार पंजाब के मुख्यमंत्री बनें।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
वरिष्ठ पत्रकार डाॅ. वेदप्रताप वैदिक के आकस्मिक निधन पर वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
ऐसा तो कभी नही हुआ। भारतीय लोकतंत्र की एक बुजुर्ग पार्टी करीब करीब साल भर से खुले आम मीडिया को कटघरे में खड़ा कर रही है। पत्रकारों और संपादकों के पास उसका कोई उत्तर नहीं है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
अनुचित है। घोर आपत्तिजनक। इसे तो कोई भी सभ्य लोकतंत्र और समाज स्वीकार नहीं करेगा। किसी पत्रकारिता संस्थान पर इस तरह की कार्रवाई बदले की ही मानी जाएगी।
राजेश बादल 3 years ago
पत्रकारों के लिए वकील या डॉक्टर की तरह पेशेवर डिग्री कितनी जरूरी है? यह सवाल दशकों से भारतीय पत्रकारिता और बौद्धिक गलियारों में तैरता रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
स्वभाव से मैं कभी भी निराशावादी नहीं रहा। जिंदगी में कई बार आशा और निराशा के दौर आए और चले गए, लेकिन यह साल जिस तरह पत्रकारिता और पत्रकारों को बांटकर जा रहा है, वह अवसाद बढ़ाने वाला है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
एनडीटीवी के बारे में कल मैंने जो टिप्पणी की, उस पर अनेक मित्रों ने कहा कि इसमें रवीश कुमार का जिक्र होना चाहिए था।
राजेश बादल 3 years ago
संस्था के नाम पर भले ही एनडीटीवी (NDTV) मौजूद रहे, लेकिन पत्रकारिता के क्षेत्र में अनेक सुनहरे अध्याय लिखने वाले इस संस्थान का विलोप हो रहा है।
राजेश बादल 3 years ago
स्वस्थ पत्रकारिता को समर्पित पत्रकारों के लिए ऐसे फैसले बड़े दुख भरे होते हैं। जो दुनिया भर के लिए लड़ते हैं, उनके लिए कोई नही लड़ता।
राजेश बादल 3 years ago
बयालीस-तैंतालीस साल तो हो ही गए होंगे, जब मैं रायपुर में रमेश नैयर जी से पहली बार मिला था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
यह दो घटनाएं इस बात का सुबूत हैं कि सरकार की गोद में बैठने या उसके खिलाफ एजेंडे की हद तक निंदा करना अब खतरे से खाली नहीं रहा है।
राजेश बादल 3 years ago
बचपन से ही मुझे पढ़ने का शौक रहा है। राम चरित मानस से लेकर महाभारत और रामचंद्र गुहा से लेकर मस्तराम कपूर तक की किताबें।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
राजेश बादल की किताब 'कहां तुम चले गए... दास्तान ए जगजीत' का लोकार्पण दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में गुरुवार की शाम एक विशेष कार्यक्रम के दौरान किया गया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
संसार की सर्वोच्च पंचायत संयुक्त राष्ट्र पर सवालिया निशान और विकराल होते जा रहे हैं। इसकी हर बैठक अपने पीछे ऐसे सवालों का एक गुच्छा छोड़ जाती है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
सुप्रीम कोर्ट की टीवी चैनलों को फटकार लोकतंत्र की सबसे शीर्ष न्यायिक संस्था के आक्रोश की चरम अभिव्यक्ति है।
राजेश बादल 3 years ago
कई साल से टेलिविजन चैनलों की खबरों और बहसों के विषय तथा उनमें गुणवत्ता की कमी पर हम लोग विलाप कर रहे हैं। फिलहाल तो इस विलाप का कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया है।
राजेश बादल 3 years ago
एक बार फिर न्यायपालिका ने पत्रकारिता के गिरते स्तर पर चिंता जताई है। इस बार उसने देश में सच्चे और ईमानदार पत्रकारों की जरूरत पर जोर दिया है।
राजेश बादल 3 years ago
चार दिन हो गए। तबसे चुप्पी बरकरार है। टीवी पत्रकारिता के किसी घराने, संपादक, पत्रकार, एंकर और टीवी पत्रकारिता के संगठनों ने मुंह नहीं खोला।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
करीब दो दिन पूर्व मध्य प्रदेश में हाईवे पर नर्मदा नदी के पुल पर पुलिस को कार में एक युवती का शव बरामद हुआ था। बाद में उसकी पहचान अनिभा केवट (25) के रूप में हुई थी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने अमेरिका के सेन फ्रांसिस्को के एक समारोह में शिरकत करते हुए अपनी निराशा प्रकट की है।
राजेश बादल 3 years ago
‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ और ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ ने ‘ऑल्ट न्यूज’ के मोहम्मद जुबैर के साथ दिल्ली पुलिस के रवैये का विरोध किया है और उसकी तत्काल रिहाई की मांग की है।
राजेश बादल 3 years ago
इन दिनों राजनीति में परिवारवाद को हतोत्साहित करने की प्रथा सी चल पड़ी है। सदियों तक यह देश राजाओं और राजकुमारों को राजा बनते देखता रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
अमेरिका इन दिनों परेशान है। उसकी चौधराहट पर अब सीधे-सीधे सवाल उठने लगे हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
पत्रकारिता की आड़ में वैचारिक जंग पर उतारू इन महारथियों को समझना होगा कि उनके व्यवहार से समूचे पेशे की बदनामी होती है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
वास्तव में दलबदल की महामारी के चलते सियासी पार्टियां राजनेताओं के पलायन और प्रवेश के बीच उलझ कर रह गई हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ के चुनाव हो गए। अपनी स्थापना के साठ साल में शायद पहली बार इतनी गहमागहमी और हंगामाखेज सरगर्मियां देखी गईं।
राजेश बादल 3 years ago
कांग्रेस का चौथा चिंतन शिविर अरसे बाद कुछ स्पष्ट और ठोस संकल्पों के साथ संपन्न हुआ। इस शिविर में लंबे समय से दल में अनेक मसलों पर छाया कुहासा दूर होता दिखाई दे रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
शिव अनुराग याने रामू को गए एक बरस हो गया। यकीन तो अभी भी नहीं होता। लगता है कि अभी कहीं किसी यात्रा पर गए हो। अभी अभी लौटकर आओगे। मुस्कुराओगे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
सारी दुनिया अपनी बोलियों और कमजोर पड़ रही भाषाओं को बचाने का संकल्प लेती है। भारत में हम उनको मारने की साजिश करते हैं।
राजेश बादल 3 years ago
आपातकाल लग चुका था। देश आजाद होने के बाद पहली बार प्रेस सेंसरशिप लगा दी गई थी...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
भारत के खूबसूरत पड़ोसी सिंहल द्वीप से आ रही खबरें चिंता में डालने वाली हैं। हिन्दुस्तान के साथ साझी विरासत बांटने वाले श्रीलंका की अनेक चिंताएं भी भारत के समान हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
हाल ही में एक क़स्बे बदनावर में जाना हुआ। केवल बदनावर के नाम से आपको कुछ शायद नहीं आए, लेकिन यह मध्यप्रदेश के आदिवासी ज़िले धार का एक क़स्बा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
अलबत्ता भारत डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में अमेरिका से मधुर रिश्तों के भ्रम में रहा। पर, अब सही वक्त पर रूस के साथ आकर अपने भविष्य के संबंधों की नई बुनियाद रखी है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
यह सच है कि भारत ने कभी अपने से अलग हुए देशों पर दोबारा क़ब्ज़ा नहीं करना चाहा और जो विवाद इन देशों के साथ हैं, वे आपस में मिल बैठकर सुलझाने पर ज़ोर दिया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
खबर विचलित करने वाली है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बीच में वहां का एक सर्वाधिक लोकप्रिय खबरिया समूह ‘फोर पीएम’ (4PM) का यूट्यूब चैनल अचानक परदे से विलुप्त हो गया।
राजेश बादल 4 years ago
दिल का दौरा पड़ने के कारण पिछले कुछ दिनों से वह दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती थे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
मंडी सजी हुई है। इंसानों की सालाना खरीद फरोख्त मंडी। पहले गुलाम खरीदे जाते थे। अब खिलाड़ी ख़रीदे जाते हैं। करोड़ों की बोली लगती है।
राजेश बादल 4 years ago
इस बार चेतावनी केरल से आई है। हाई कोर्ट ने टीवी और सोशल मीडिया को कड़ी फटकार लगाई है।
राजेश बादल 4 years ago
पांच प्रदेशों में चुनाव हैं। कोरोना की तीसरी लहर तेजी से फैल रही है। मासूम निर्वाचन आयोग कर ही क्या सकता है। रैलियों, सभाओं और रोड शो के जरिए प्रचार अभियान पर बंदिश लगा सकता है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
कमाल खान अब नहीं है। भरोसा नहीं होता। दुनिया से जाने का भी एक तरीका होता है। यह तो बिल्कुल भी नहीं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
विधानसभा चुनावों के लिए पांच प्रदेशों में प्रचार का आगाज हो चुका है। लेकिन, चुनाव आयोग ने रैलियों,रोड शो और सभाओं पर पंद्रह तक रोक बढ़ाई है।
राजेश बादल 4 years ago
भारत के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने बुधवार को एक कार्यक्रम में आज के दौर की पत्रकारिता पर चिंता प्रकट की है। इस चिंता का स्वागत किया जाना चाहिए।
राजेश बादल 4 years ago
पाकिस्तान मुश्किल में है। जब दोस्त ही दुश्मनों जैसा बर्ताव करने लगें तो वह कहां जाए? हिंदुस्तान का यह पड़ोसी मुल्क अपना अच्छा-बुरा भी नहीं समझ पा रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
तृणमूल कांग्रेस की नेत्री ममता बनर्जी के तेवर इन दिनों हैरान करने वाले हैं। चंद रोज पहले तक वे यूपीए के बारे में कुछ नहीं बोलती थीं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
बंगाल विधानसभा में जीत के बाद ममता बनर्जी अलग अंदाज में हैं। वे अपने प्रदेश के पत्रकारों से कह रही हैं कि अगर उन्हें विज्ञापन चाहिए तो सरकार के पक्ष में लिखें।
राजेश बादल 4 years ago
विनोद दुआ अब नहीं हैं। इस खबर पर यकीन नहीं करना चाहता, लेकिन यह सच है कि वे अब अपनी अनंत यात्रा पर चले गए हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
संसद में पत्रकारों के एक बड़े वर्ग को अपना कर्तव्य निभाने से रोक दिया गया है। प्रतिपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पत्रकारों के संगठन इससे खफा हैं।
राजेश बादल 4 years ago
अजीब सा नजारा था। अरसे बाद या शायद पहली बार मीडिया के अनेक अवतार पिछले दिनों इस तरह विलाप करते दिखाई दिए।
राजेश बादल 4 years ago
प्रधानमंत्री ने आखिरकार किसानों की मांग मान ली और एक साल से किसान आंदोलन की वजह बने तीनों नए कृषि कानून वापस ले लिए हैं। वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने इस फैसले का स्वागत किया
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
विडंबना तो यह है कि इस झूठ को दबंगी के साथ फैलाने के बाद लोकतंत्र के कमोबेश सारे प्रतीकों की खामोशी रहस्यमय है। एक अपात्र से पद्म सम्मान वापस लेने का साहस भी नहीं दिखाया गया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
आर्यन प्रसंग बीते दिनों मीडिया में छाया रहा। बॉलीवुड के एक सुपरस्टार का बेटा होने के कारण अखबारों, टीवी चैनलों और डिजिटल माध्यमों के तमाम रूपों में खबर तो बननी थी।
राजेश बादल 4 years ago
उन दिनों मैं इंदौर की नई दुनिया में सह संपादक था। उन्नीस सौ चौरासी का साल था। एक दिन संपादक जी ने बुलाया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
इमरान खान की छवि एक गैर जिम्मेदार, बार-बार यूटर्न लेने वाले और रंगीनमिजाज राजनेता की है। वे बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। अपने से अधिक काबिल लोगों को आगे नहीं आने देते।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
तो सियासत की तरह पत्रकार बिरादरी भी बेशर्मी की हद पार करने लगी। यह सिलसिला कहां जाकर रुकेगा, कोई नहीं जानता।
राजेश बादल 4 years ago
जब यह देश आजाद हुआ तो किस हाल में था। बंटवारे की छुरी कलेजे पर चली थी। अंग्रेजों ने जी भरकर लूटा था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
भारतीय संसद का नया टेलिविजन चैनल शुरू हो चुका है। करीब एक दशक तक ‘राज्यसभा टीवी‘ और डेढ़ दशक तक ‘लोकसभा टीवी‘ पर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बाद उन्हें ‘स्वर्ग की सीढ़ी’ दिखा दी गई।
राजेश बादल 4 years ago
तो वह नौबत आ ही गई। गांधी मार्ग पर चलते हुए साल भर से सत्याग्रह कर रहे किसानों पर व्यवस्था का गुस्सा फूटने लगा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
भारतीय लोकतंत्र एक चिकने घड़े में तब्दील होता जा रहा है। संवैधानिक व्यवस्थाओं और बहुमत से नेता के चुनाव की परंपरा हाशिये पर जाती दिखाई दे रही है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों से पैसे मांगने का सिलसिला थम नहीं रहा है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
अजीब सा भयावह दौर है। अब हमारी पीढ़ी का नंबर लग गया। हम लोग इतने बूढ़े हो गए या फिर नियति हमारे प्रति ज्यादा ही क्रूर हो गई।
राजेश बादल 4 years ago
पेगासस मामले पर सर्वोच्च न्यायालय की उलझन समझ में आने वाली है। हुक़ूमते हिन्द ने अपना उत्तर देने से इनकार कर दिया है। सॉलिसिटर जनरल का एक तर्क किसी के पल्ले नहीं पड़ा।
राजेश बादल 4 years ago
इन दिनों राष्ट्रभाषा हिंदी के बारे में अनेक स्तरों पर जानकार विलाप करते नजर आते हैं।
राजेश बादल 4 years ago
वही हुआ, जिसकी आशंका थी। अमेरिका के लिए अफगानिस्तान गले की हड्डी बनता दिखाई दे रहा है। उसने तालिबान से समझौता तो किया
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की चिंता जायज है। सोशल मीडिया के तमाम मंचों पर जानकारियों से छेड़छाड़ की बाढ़ है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
देश इस समय दुविधा में है। अफगानिस्तान के नए नियंताओं से बात की जाए अथवा नहीं। उनसे संपर्क और संबंध रखे जाएं अथवा नहीं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
पिछले चार साल से अन्य वर्गों के चुनिंदा प्रतिनिधियों के अलावा पत्रकारों और संपादकों की पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए जासूसी की लगातार खबरें चिंता में डालती हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
सबकी किस्मत एक जैसी नहीं होती। चाहा हुआ कभी पूरा होता है क्या? हां, यह जरूर हर इंसान को लगता है कि उसकी जिंदगी में ही सबसे ज्यादा गम हैं।
राजेश बादल 4 years ago
पाक अधिकृत कश्मीर में तो कश्मीरी कल्चर बचा ही नहीं। गुजिश्ता सत्तर-बहत्तर बरस में पाकिस्तान ने इस खूबसूरत वादी में समस्याओं के ढेर सारे पहाड़ उगा दिए हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
देश के सबसे अधिक संस्करणों वाले समाचारपत्र ‘दैनिक भास्कर’ और लखनऊ के प्रादेशिक टीवी चैनल ‘भारत समाचार’ पर आयकर विभाग के छापे सुर्खियों में हैं।
राजेश बादल 4 years ago
दो बरस पहले नवंबर महीने में पेगासस के जरिये भारत में जासूसी पर चिंताएं प्रकट की गई थीं। यानी ठीक उन्हीं दिनों हमें पता लग गया था, जब यह असंवैधानिक और आपराधिक कृत्य किया जा रहा था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
चंद रोज पहले मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने ‘कानून का राज’ विषय पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान एक बात बड़े मार्के की कही।
राजेश बादल 4 years ago
भारतीय विदेश नीति एक बार फिर चक्रव्यूह में उलझी है। पड़ोसी राष्ट्रों, यूरोप तथा पश्चिमी देशों के साथ संबंधों में जिस तरह के विरोधाभासी हालात बन रहे हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
हिन्दुस्तान के पड़ोस से आ रहीं मीडिया से जुड़ी खबरें डराने वाली हैं। खास तौर पर पाकिस्तान और चीन में निष्पक्ष पत्रकारिता करना खतरे से खाली नहीं है।
राजेश बादल 4 years ago
हिंदुस्तानी लोकतंत्र में प्रादेशिक पार्टियों को ग्रहण सा लग गया है। स्थापना के दशकों बाद भी जम्हूरियत से उनका जमीनी फासला बढ़ता जा रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
मूर्धन्य संपादक और हिंदी के सेवक माधव राव सप्रे की याद में किया गया कार्यक्रम का आयोजन
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
भारत में अजीब दुविधा है। लोकतंत्र सबको अभिव्यक्ति का अधिकार देता है, लेकिन शायद नागरिक अभी उसके लिए तैयार नहीं हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
कमाल है। ऐसे पत्रकार तो कभी नहीं थे। हर सूचना को सच मान लेना और उसके आधार पर निष्कर्ष भी निकाल लेना कौन सा पेशेवर धर्म है?
राजेश बादल 4 years ago