लोकतंत्र में प्रादेशिक पार्टियों को ग्रहण सा लग गया है: राजेश बादल

हिंदुस्तानी लोकतंत्र में प्रादेशिक पार्टियों को ग्रहण सा लग गया है। स्थापना के दशकों बाद भी जम्हूरियत से उनका जमीनी फासला बढ़ता जा रहा है।

Last Modified:
Tuesday, 22 June, 2021
Rajesh-badal656


राजेश बादल, वरिष्ठ पत्रकार ।। प्रादेशिक पार्टियों में कलह और सामंती चरित्र  हिंदुस्तानी लोकतंत्र में प्रादेशिक पार्टियों को ग्रहण सा लग गया...
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