चिंता तब होती है जब पत्रकार स्वयं पार्टी के प्रवक्ता की तरह व्यवहार करने लगते हैं। पत्रकार की अपनी राजनीतिक समझ होना गलत नहीं है, लेकिन पार्टी लाइन पर चलना पत्रकारिता के लिए खतरनाक है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।