सामाजिक सरोकारों को छोड़कर पत्रकारिता संभव नहीं: प्रो.संजय द्विवेदी

चिंता तब होती है जब पत्रकार स्वयं पार्टी के प्रवक्ता की तरह व्यवहार करने लगते हैं। पत्रकार की अपनी राजनीतिक समझ होना गलत नहीं है, लेकिन पार्टी लाइन पर चलना पत्रकारिता के लिए खतरनाक है।

Last Modified:
Monday, 16 March, 2026
sanjaydwivedi


प्रो.संजय द्विवेदी, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष। वक्त का काम है बदलना और वह बद...
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