‘सच कमाल! तुम बहुत याद आओगे’

कमाल खान अब नहीं है। भरोसा नहीं होता। दुनिया से जाने का भी एक तरीका होता है। यह तो बिल्कुल भी नहीं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 15 January, 2022
Last Modified:
Saturday, 15 January, 2022
Kamal Khan Rajesh Badal


राजेश बादल, वरिष्ठ पत्रकार।। मैं पूछता हूं तुझसे, बोल माँ वसुंधरे, तू अनमोल रत्न लीलती है किसलिए? कमाल खान अब नहीं है। भरोसा नहीं होता। दुनिय...
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