'अजीब भयावह दौर है, दशकों के साथी ईशमधु तलवार भी अपनी अनंत यात्रा पर चले गए'

अजीब सा भयावह दौर है। अब हमारी पीढ़ी का नंबर लग गया। हम लोग इतने बूढ़े हो गए या फिर नियति हमारे प्रति ज्यादा ही क्रूर हो गई।

राजेश बादल by
Published - Friday, 17 September, 2021
Last Modified:
Friday, 17 September, 2021
ishmadhu5454


राजेश बादल, वरिष्ठ पत्रकार ।। अजीब सा भयावह दौर है। अब हमारी पीढ़ी का नंबर लग गया। हम लोग इतने बूढ़े हो गए या फिर नियति हमारे प्रति ज्यादा ही क्रूर ह...
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