साल दर साल संसद का सिकुड़ता स्वरूप: राजेश बादल

तात्पर्य यह कि लोकतंत्र की सर्वोच्च पंचायत की गरिमा बनाए रखने के लिए सदन की सभी बैंचों से प्रयास किए गए तभी संसद शान से काम कर पाई।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 26 August, 2023
Last Modified:
Saturday, 26 August, 2023
rajeshbadal7841


राजेश बादल, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, स्तम्भकार ।। लोकतंत्र की सर्वोच्च पंचायत में काम के घंटे घटते जा रहे हैं। लगातार अवरोध के चलते गंभीर विषयों पर चर...
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