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मंडी सजी हुई है। इंसानों की सालाना खरीद फरोख्त मंडी। पहले गुलाम खरीदे जाते थे। अब खिलाड़ी ख़रीदे जाते हैं। करोड़ों की बोली लगती है।

राजेश बादल by
Published - Thursday, 17 February, 2022
Last Modified:
Thursday, 17 February, 2022
Mister Media


चौपायों की तरह दोपायों की मंडी  राजेश बादल, वरिष्ठ पत्रकार।। मंडी सजी हुई है। इंसानों की सालाना खरीद फरोख्त मंडी। पहले गुलाम खरीदे जाते थे।...
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