Havas ने स्पेन की एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग एजेंसी MUT का किया अधिग्रहण

ग्लोबल कम्युनिकेशन ग्रुप Havas ने स्पेन की बार्सिलोना स्थित एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग और सस्टेनेबल इवेंट्स में एक्सपर्ट एजेंसी MUT के अधिग्रहण की घोषणा की है।

Last Modified:
Thursday, 09 July, 2026
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ग्लोबल कम्युनिकेशन ग्रुप Havas ने स्पेन की बार्सिलोना स्थित एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग और सस्टेनेबल इवेंट्स में एक्सपर्ट एजेंसी MUT के अधिग्रहण की घोषणा की है। इस सौदे के जरिए Havas स्पेन में अपनी एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग सेवाओं को और मजबूत करेगा। साथ ही कंपनी अब अपने ग्राहकों को ब्रांड एक्सपीरियंस और लाइव इवेंट्स के जरिए लोगों से बेहतर जुड़ने में और अधिक मदद कर सकेगी।

साल 2010 में CEO नाचो गोमेज (Nacho Gómez) द्वारा स्थापित MUT में करीब 30 विशेषज्ञों की टीम काम करती है। एजेंसी ने कई बड़े और प्रभावशाली प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं। MUT खुद को "Positive Creativity" पार्टनर के रूप में पेश करती है और ऐसे ब्रांड एक्सपीरियंस व इवेंट्स तैयार करती है, जिनसे समाज, पर्यावरण और कारोबार—तीनों पर सकारात्मक असर पड़े।

रणनीति, रचनात्मकता और इनोवेशन को साथ लेकर काम करने वाली MUT ब्रांड्स, लोगों और समाज के लिए लंबे समय तक मूल्य बनाने पर ध्यान देती है। एजेंसी के प्रमुख क्लाइंट्स में Audi, Freixenet, T-Systems, Bodegas Torres, Veepee, Totogi, NTT DATA और Zurich Seguros जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। स्पेन में MUT को देश की प्रमुख इवेंट एजेंसियों में गिना जाता है।

अधिग्रहण के बाद MUT को Havas Spain में शामिल किया जाएगा। इससे Havas की ब्रांड एक्सपीरियंस, लाइव इवेंट्स और सस्टेनेबल इवेंट सॉल्यूशंस से जुड़ी क्षमताएं और मजबूत होंगी। कंपनी का कहना है कि यह सौदा स्पेन में उसकी ग्रोथ रणनीति का अहम हिस्सा है, क्योंकि स्पेन Havas के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है।

इस अधिग्रहण के बाद भी नाचो गोमेज MUT के CEO बने रहेंगे। इससे कंपनी के मौजूदा बिजनेस मॉडल और उसकी अलग पहचान को बरकरार रखा जाएगा।

Havas के चेयरमैन और CEO यानिक बोलोरे (Yannick Bolloré) ने कहा कि उन्हें नाचो गोमेज और पूरी MUT टीम का Havas परिवार में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग और लाइव इवेंट्स में MUT की मजबूत विशेषज्ञता Havas की उस रणनीति से पूरी तरह मेल खाती है, जिसके तहत कंपनी तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही है। उनके मुताबिक, इस साझेदारी से स्पेन में Havas की एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग सेवाएं और मजबूत होंगी तथा ग्राहकों को बेहतर कंटेंट और प्रभावशाली अनुभवों के जरिए लोगों से गहरा जुड़ाव बनाने में मदद मिलेगी।

Havas Spain के CEO जॉर्ज इरिजार (Jorge Irizar) ने कहा कि सस्टेनेबल इवेंट्स के क्षेत्र में MUT की मजबूत पहचान है और यह एजेंसी आइडिया से लेकर उसे सफलतापूर्वक लागू करने तक बेहतरीन काम करती है। उन्होंने कहा कि यह अधिग्रहण Havas की विविधीकरण रणनीति को मजबूत करेगा और ग्राहकों को पहले से अधिक व्यापक सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

वहीं MUT के CEO नाचो गोमेज ने कहा कि Havas से जुड़ना उनकी कंपनी के लिए एक स्वाभाविक कदम है। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियां लगातार बदलती दुनिया में ब्रांड बनाने की एक जैसी सोच रखती हैं। उनके मुताबिक, शुरुआत से ही MUT का मानना रहा है कि रचनात्मकता और बेहतरीन अनुभव न सिर्फ ब्रांड्स के लिए मूल्य पैदा करते हैं, बल्कि समाज पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कहा कि Havas जैसा साझेदार मिलने से उन्हें भविष्य को लेकर भरोसा है और दोनों कंपनियां मिलकर एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग को ब्रांड्स की ग्रोथ, लोगों से बेहतर जुड़ाव और सकारात्मक बदलाव का मजबूत माध्यम बना सकेंगी।

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रेमंड ग्रुप ने शालिनी सिंह को हेड- कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस बनाया

रेमंड ग्रुप (Raymond Group) ने शालिनी सिंह (Shalini Singh) को हेड – कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस नियुक्त किया है। वह कंपनी की रणनीतिक संचार, प्रतिष्ठा प्रबंधन और स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट का नेतृत्व करेंगी।

Last Modified:
Thursday, 09 July, 2026
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रेमंड ग्रुप (Raymond Group) ने 7 मई 2026 से शालिनी सिंह (Shalini Singh) को हेड – कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Head – Corporate Communications) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह समूह के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस फंक्शन का नेतृत्व करेंगी और रणनीतिक संचार (Strategic Communications), प्रतिष्ठा प्रबंधन (Reputation Management) तथा स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट (Stakeholder Engagement) को मजबूत बनाने पर काम करेंगी।

अपनी नियुक्ति की घोषणा करते हुए शालिनी सिंह (Shalini Singh) ने कहा, "रेमंड ग्रुप (Raymond Group) में हेड – कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस के रूप में नई शुरुआत करना मेरे लिए सम्मान की बात है। उत्कृष्टता, नवाचार और उद्देश्य की समृद्ध विरासत वाले रेमंड के साथ जुड़ना एक रोमांचक अवसर है। मैं नेतृत्व टीम, सहयोगियों और स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर भरोसा, मजबूत प्रतिष्ठा, उद्देश्यपूर्ण स्टोरीटेलिंग और रणनीतिक संचार के माध्यम से कंपनी की विकास यात्रा में योगदान देने के लिए उत्साहित हूं।"

शालिनी सिंह (Shalini Singh) के पास कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, पब्लिक अफेयर्स (Public Affairs), सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) और प्रतिष्ठा प्रबंधन के क्षेत्र में 27 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने रिन्यूएबल एनर्जी (Renewables), पावर (Power), सीमेंट (Cement), ऑटोमोटिव (Automotive), फार्मास्यूटिकल्स (Pharmaceuticals), आईटी (IT), टेलीकॉम (Telecom), टेक्सटाइल्स (Textiles) और गारमेंट्स (Garments) सहित कई उद्योगों में काम किया है।

रेमंड ग्रुप (Raymond Group) से पहले वह आरपीजी ग्रुप (RPG Group), होल्सिम इंडिया (Holcim India), अडानी ग्रुप (Adani Group), टाटा पावर (Tata Power) सहित कई प्रमुख कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुकी हैं।

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डेंट्सू -मेटा की साझेदारी: AI से बदलेगी इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग

डेंट्सू (Dentsu) ने मेटा (Meta) के साथ रणनीतिक साझेदारी कर AI और API आधारित नया क्रिएटर मार्केटिंग फ्रेमवर्क पेश किया है, जिससे ब्रांड्स बड़े पैमाने पर इन्फ्लुएंसर अभियानों का बेहतर प्रबंधन कर सकेंगे।

Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2026
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डिजिटल मार्केटिंग में तेजी से बढ़ती क्रिएटर इकॉनमी (Creator Economy) के बीच डेंट्सू (Dentsu) ने मेटा (Meta) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस पहल का उद्देश्य ब्रांड्स को बड़े पैमाने पर इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग (Influencer Marketing) अभियानों का अधिक प्रभावी ढंग से संचालन, निगरानी और मूल्यांकन करने में मदद करना है।

आज कंपनियां केवल कुछ बड़े इन्फ्लुएंसर्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सैकड़ों और हजारों माइक्रो (Micro) तथा नैनो (Nano) क्रिएटर्स के साथ अभियान चला रही हैं। ऐसे में सही क्रिएटर्स की पहचान, अभियान प्रबंधन और प्रदर्शन का विश्लेषण करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, डेंट्सू (Dentsu) ने मेटा (Meta) के API और तकनीकी क्षमताओं का उपयोग करते हुए एक उन्नत क्रिएटर मार्केटिंग फ्रेमवर्क विकसित किया है। यह सिस्टम ब्रांड्स को उपयुक्त क्रिएटर्स की पहचान करने, अभियान शुरू करने और डेटा आधारित तरीके से उनके प्रदर्शन का आकलन करने में मदद करेगा। इससे इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और बड़े स्तर पर संचालित की जा सकेगी।

डेंट्सू (Dentsu) पहले से ही अपने AI आधारित प्लेटफॉर्म 'क्रिएटर एंड ट्रेंड्स स्टूडियो (Creator & Trends Studio-CATS)' का उपयोग कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म दर्शकों की रुचि, कंटेंट की थीम और सोशल मीडिया पर उभरते ट्रेंड्स का विश्लेषण कर उपयुक्त क्रिएटर्स की पहचान करता है। इससे ब्रांड्स बदलते डिजिटल रुझानों के अनुरूप सही समय पर सही दर्शकों तक पहुंचने में सक्षम होते हैं।

इस मॉडल को कई वैश्विक कंपनियां पहले ही अपना चुकी हैं। गालडर्मा (Galderma) और एलिजाबेथ आर्डेन (Elizabeth Arden) ने इस तकनीक का उपयोग कर विज्ञापन प्रदर्शन, ब्रांड रिकॉल और बिक्री में सकारात्मक परिणाम हासिल किए हैं। वहीं लॉरियल (L'Oréal) हर वर्ष लगभग पांच लाख क्रिएटर्स के साथ काम करती है, जबकि यूनिलीवर (Unilever) ने फीफा विश्व कप (FIFA World Cup) अभियान के दौरान करीब 50 हजार इन्फ्लुएंसर्स को जोड़ा था।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग की सफलता केवल अधिक क्रिएटर्स के साथ जुड़ने में नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) और ऑटोमेशन (Automation) के जरिए उनके प्रभावी प्रबंधन में होगी। ऐसे में डेंट्सू (Dentsu) और मेटा (Meta) की यह साझेदारी डिजिटल विज्ञापन उद्योग में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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आज शाम 6 बजे होगा अतुल हेगड़े का अंतिम संस्कार

YAAP Digital के संस्थापक एवं चेयरमैन अतुल हेगड़े (Atul Hegde) का अंतिम संस्कार मंगलवार शाम मुंबई में किया जाएगा। परिवार ने अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार का कार्यक्रम जारी किया है।

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2026
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YAAP Digital के संस्थापक एवं चेयरमैन अतुल हेगड़े (Atul Hegde) का अंतिम संस्कार मंगलवार शाम मुंबई (Mumbai) में किया जाएगा। उनके परिवार की ओर से जारी बयान के अनुसार, अंतिम यात्रा शाम 5:00 बजे अंधेरी पश्चिम (Andheri West) स्थित ओबेरॉय स्प्रिंग्स (Oberoi Springs) स्थित उनके निवास से शुरू होगी।

परिवार के अनुसार, अंतिम संस्कार की रस्में शाम 6:00 बजे ओशिवारा हिंदू श्मशान भूमि (Oshiwara Hindu Smashan Bhoomi) के साउथ गेट (South Gate) पर संपन्न होंगी। अतुल हेगड़े (Atul Hegde) का सुबह हृदयाघात (Heart Attack) के कारण निधन हो गया था। उन्होंने सुबह करीब 8 बजे अंतिम सांस ली। 

अतुल हेगड़े (Atul Hegde) भारतीय विज्ञापन (Advertising), डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) और स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रमुख नामों में शामिल थे। दो दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने डिजिटल-फर्स्ट बिजनेस लीडर, उद्यमी और निवेशक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई।

उन्होंने YAAP Digital की स्थापना की और इसे भारत सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंटेंट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग (Influencer Marketing), डिजिटल मीडिया (Digital Media), डेटा और टेक्नोलॉजी आधारित मार्केटिंग समाधानों वाली एक प्रमुख कंपनी के रूप में विकसित किया।

YAAP Digital के अलावा वह शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स और निवेश गतिविधियों से भी जुड़े रहे। रेनमेकर वेंचर्स (Rainmaker Ventures) के सह-संस्थापक के रूप में उन्होंने कई उभरते उद्यमों का मार्गदर्शन और समर्थन किया।

हाल के वर्षों में उनके नेतृत्व में YAAP Digital ने उल्लेखनीय वित्तीय प्रदर्शन किया। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कंपनी का कर पश्चात लाभ (Profit After Tax-PAT) लगभग दोगुना हो गया था। अतुल हेगड़े (Atul Hegde) का लक्ष्य एक स्वदेशी, फुल-स्टैक और टेक्नोलॉजी-संचालित एजेंसी नेटवर्क तैयार करना था।

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FY26 में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) का मुनाफा 16% बढ़ा

सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) ने FY26 में 16% की मुनाफे की वृद्धि दर्ज की। एशिया कप 2025, मजबूत विज्ञापन आय और कंटेंट पर नियंत्रित खर्च ने कंपनी के प्रदर्शन को बेहतर बनाया।

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2026
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सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (Sony Pictures Networks India-SPNI) ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में अपने समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) में 16 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की है। द इकोनॉमिक टाइम्स (The Economic Times) की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025), विज्ञापन आय में बढ़ोतरी और कंटेंट पर अनुशासित खर्च ने कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को मजबूत किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ FY26 में बढ़कर 556 करोड़ रुपये हो गया, जो FY25 में 481 करोड़ रुपये था। वहीं परिचालन से प्राप्त राजस्व (Revenue from Operations) 9 प्रतिशत बढ़कर 6,830 करोड़ रुपये और कुल आय (Total Income) 9.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 7,064 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी के बेहतर प्रदर्शन में उसके स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो (Sports Portfolio) की अहम भूमिका रही। विशेष रूप से एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025), जिसमें भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच तीन मुकाबले खेले गए और भारत ने खिताब जीता, ने टेलीविजन विज्ञापन बाजार में मजबूत मांग पैदा की।

एसपीएनआई (SPNI) ने 2024 में एशियन क्रिकेट काउंसिल (Asian Cricket Council-ACC) के 2031 तक के मीडिया अधिकार लगभग 17 करोड़ डॉलर (170 million dollars) में हासिल किए थे। इससे कंपनी को इस अवधि के दौरान कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंटों के प्रसारण अधिकार प्राप्त हुए।

कंपनी ने अपने स्पोर्ट्स निवेश से बेहतर रिटर्न हासिल करने के लिए भारत (India) के क्रिकेट दौरों के डिजिटल स्ट्रीमिंग अधिकार जियोहॉटस्टार (JioHotstar) को सब-लाइसेंस भी किए। इस व्यवस्था में भारत-इंग्लैंड (India-England) टेस्ट सीरीज और बाद में जारी सीमित ओवरों की सीरीज भी शामिल रही। इससे कंपनी को स्पोर्ट्स अधिकारों पर होने वाले खर्च का एक हिस्सा वसूलने और डिजिटल दर्शकों तक व्यापक पहुंच बनाने में मदद मिली।

स्पोर्ट्स के अलावा कंपनी के नॉन-फिक्शन (Non-fiction) मनोरंजन कार्यक्रमों ने भी विज्ञापन आय बढ़ाने में योगदान दिया। कौन बनेगा करोड़पति (Kaun Banega Crorepati) और व्हील ऑफ फॉर्च्यून (Wheel of Fortune) जैसे कार्यक्रमों ने पूरे वर्ष विज्ञापनदाताओं को आकर्षित किया और नेटवर्क के टेलीविजन कारोबार को मजबूती दी।

हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सब्सक्रिप्शन आय (Subscription Revenue) पर दबाव बना हुआ है। बदलती दर्शक आदतों और डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स (Digital Streaming Platforms) की बढ़ती लोकप्रियता के कारण भारत का पेड-टीवी (Pay-TV) उद्योग लगातार चुनौतियों का सामना कर रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन (Sony Entertainment Television) सामान्य मनोरंजन (General Entertainment) श्रेणी में अपनी स्थिर मौजूदगी बनाए हुए है, लेकिन हिंदी फिक्शन (Hindi Fiction) कार्यक्रमों में उसे अभी भी बड़ी सफलता का इंतजार है, जहां प्रतिस्पर्धी ब्रॉडकास्टर्स का दबदबा बना हुआ है।

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2030 तक 36 अरब डॉलर के पार पहुंचेगा AI विज्ञापन बाजार

रिसर्च एंड मार्केट्स (Research and Markets) की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक AI विज्ञापन बाजार 2025 के 11.17 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 36.34 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2026
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वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) आधारित विज्ञापन बाजार आने वाले वर्षों में तेज़ी से बढ़ने वाला है। रिसर्च एंड मार्केट्स (Research and Markets) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में 11.17 अरब डॉलर का यह बाजार 2030 तक बढ़कर 36.34 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। इस दौरान बाजार 26.7 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (Compound Annual Growth Rate-CAGR) से बढ़ने का अनुमान है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में ही AI आधारित विज्ञापन बाजार 14.12 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसका प्रमुख कारण ब्रांड्स द्वारा AI आधारित विज्ञापन टूल्स पर बढ़ता निवेश है, जिनका उपयोग मीडिया बाइंग (Media Buying) को स्वचालित करने, विज्ञापन अभियानों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं को अधिक व्यक्तिगत अनुभव (Personalised Experience) देने के लिए किया जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल विज्ञापन खर्च (Digital Advertising Spend) में बढ़ोतरी, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Social Media Platforms) का विस्तार, उपभोक्ता डेटा की बढ़ती उपलब्धता और मार्केटिंग ऑटोमेशन (Marketing Automation) को अपनाने से इस बाजार को मजबूती मिल रही है। AI का उपयोग विज्ञापन निवेश पर बेहतर रिटर्न (Return on Advertising Spend-ROAS) हासिल करने और अभियानों की दक्षता बढ़ाने के लिए भी किया जा रहा है।

आने वाले वर्षों में प्राइवेसी-अनुरूप विज्ञापन समाधान (Privacy-compliant Advertising Solutions), AI आधारित क्रिएटिव ऑप्टिमाइजेशन (Creative Optimisation), ओम्नीचैनल मार्केटिंग (Omnichannel Marketing), प्रेडिक्टिव ऑडियंस एनालिटिक्स (Predictive Audience Analytics) और रियल-टाइम कैंपेन इंटेलिजेंस (Real-time Campaign Intelligence) इस बाजार की वृद्धि को और गति देंगे। साथ ही प्रोग्रामेटिक एडवरटाइजिंग (Programmatic Advertising) और पर्सनलाइज्ड कैंपेन (Personalised Campaigns) भी प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर बने रहेंगे।

रिपोर्ट में सेल्सफोर्स (Salesforce) के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया गया है कि 81 प्रतिशत उपभोक्ता अधिक व्यक्तिगत अनुभव चाहते हैं। वहीं एसएपी (SAP) के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में अमेरिका (United States) के 64 प्रतिशत खरीदारों का मानना था कि AI ने उनके रिटेल अनुभव को बेहतर बनाया है।

रिपोर्ट में प्रमुख टेक कंपनियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों का भी उल्लेख किया गया है। अमेज़न (Amazon) ने 2025 में AI आधारित वीडियो जेनरेटर (Video Generator) का उन्नत संस्करण लॉन्च किया, जिससे विज्ञापनदाता तेजी से वीडियो विज्ञापन तैयार कर सकते हैं। वहीं ऐपियर (Appier) ने अपनी जेनरेटिव AI क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एडक्रिएटिव.एआई (AdCreative.ai) का 3.87 करोड़ डॉलर (38.7 million dollars) में अधिग्रहण किया।

रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में गूगल (Google), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), मेटा (Meta), एडोबी (Adobe), अमेज़न (Amazon), अलीबाबा (Alibaba), सेल्सफोर्स (Salesforce), टिकटॉक (TikTok), द ट्रेड डेस्क (The Trade Desk) और नील्सन (Nielsen) जैसी कंपनियां प्रमुख भूमिका निभा रही हैं।

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अतुल हेगड़े को अर्नब मित्रा की भावभीनी श्रद्धांजलि

अर्नब मित्रा (Arnab Mitra) ने दिवंगत अतुल हेगड़े (Atul Hegde) को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके साथ जुड़ी एक याद साझा की और कहा कि उन्होंने नेतृत्व का सबसे बड़ा सबक अतुल हेगड़े से सीखा।

Last Modified:
Tuesday, 07 July, 2026
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दिवंगत विज्ञापन जगत के वरिष्ठ पेशेवर अतुल हेगड़े (Atul Hegde) को याद करते हुए अर्नब मित्रा (Arnab Mitra) ने एक भावुक पोस्ट साझा की है। उन्होंने लिखा कि अतुल हेगड़े उन दुर्लभ नेताओं में से थे, जो किसी की गलती सुधारते थे, लेकिन सामने वाले को कभी छोटा महसूस नहीं होने देते थे।

अर्नब मित्रा (Arnab Mitra) ने 2007 की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय उनकी टीम एक महत्वपूर्ण डेडलाइन पूरी नहीं कर पाई थी। उस प्रोजेक्ट की जवाबदेही अतुल हेगड़े (Atul Hegde) को दुबई (Dubai) में देनी थी। उस समय अर्नब बिजनेस हेड थे और अतुल कंपनी के सीईओ (CEO) थे।

उन्होंने स्वीकार किया कि गलती की जिम्मेदारी लेने के बजाय उन्होंने अपने एक जूनियर सहयोगी को अतुल हेगड़े के पास भेज दिया। हालांकि, अतुल ने उस कर्मचारी को वापस भेज दिया और अर्नब को स्वयं बुलाया।

अर्नब ने लिखा कि उन्हें लगा था कि उन्हें कड़ी फटकार मिलेगी, लेकिन इसके बजाय अतुल हेगड़े ने केवल एक बात कही, जिसने उनके नेतृत्व के नजरिए को हमेशा के लिए बदल दिया। उन्होंने कहा, "अपने जूनियर्स को कभी अपने सीनियर्स के सामने मत छोड़ो। नाम, शोहरत और शर्म—तीनों की जिम्मेदारी नेता की होती है।"

अर्नब मित्रा के अनुसार, यह बात किसी डांट से कहीं अधिक प्रभावशाली थी, क्योंकि अतुल हेगड़े केवल डेडलाइन की बात नहीं कर रहे थे, बल्कि उन्हें एक बेहतर नेता बनने का अर्थ समझा रहे थे।

उन्होंने यह भी बताया कि उनका परिचय अतुल हेगड़े से केवल कॉरपोरेट दुनिया में नहीं था। दोनों मुंबई (Mumbai) के ओवल मैदान (Oval Maidan) में सीएजी शील्ड (CAG Shield) क्रिकेट टूर्नामेंट भी साथ खेलते थे। अर्नब जहां मीडियम फास्ट बॉलर थे, वहीं अतुल एक शांत और संयमित बल्लेबाज थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह अतुल क्रिकेट की पिच पर धैर्य और आत्मविश्वास के साथ खेलते थे, उसी तरह बोर्डरूम में भी उनका व्यक्तित्व संतुलित और प्रभावशाली रहता था।

अर्नब ने लिखा कि अतुल हेगड़े भारतीय विज्ञापन उद्योग के उस दौर का प्रतिनिधित्व करते थे, जब विचारों को समय देकर विकसित किया जाता था, काम की गुणवत्ता सर्वोपरि होती थी और नेतृत्व व्यवहार से सीखा जाता था।

अपनी श्रद्धांजलि के अंत में अर्नब मित्रा ने लिखा कि उन्होंने वर्षों तक अतुल हेगड़े की उस सीख को अपने हर संगठन और हर टीम में अपनाने की कोशिश की, लेकिन कभी उन्हें यह बता नहीं पाए कि उनके शब्दों ने उनके जीवन पर कितना गहरा प्रभाव डाला। उन्होंने भावुक शब्दों में लिखा, "आराम से विश्राम करो, मेरे दोस्त। तुमने एक शानदार पारी खेली। मेरे लिए तुम हमेशा 'नॉट आउट' रहोगे।"

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Rediffusion में अमितावा सिन्हा की वापसी, मिली ईस्ट ऑपरेशंस की कमान

अमितावा सिन्हा इससे पहले 2003 से 2015 तक रेडिफ्यूजन में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाओं में कार्य कर चुके हैं।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2026
Amitava Sinha

जानी-मानी विज्ञापन एवं ब्रैंड कम्युनिकेशन कंपनी रेडिफ्यूजन ब्रैंड सॉल्यूशंस (Rediffusion Brand Solutions) ने विज्ञापन और मार्केटिंग कम्युनिकेशंस क्षेत्र के अनुभवी प्रोफेशनल अमितावा सिन्हा को मैनेजिंग पार्टनर नियुक्त किया है। इस भूमिका में वह कंपनी के पूर्वी भारत (ईस्ट) में संचालन और कारोबार बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।

अमितावा सिन्हा को मार्केटिंग कम्युनिकेशंस क्षेत्र में करीब चार दशक का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1980 के दशक के मध्य में एफएमसीजी कंपनी रेकिट कोलमैन (अब रेकिट बेंकाइज़र) में मार्केटिंग से की थी। इसके बाद उन्होंने JWT, मैककैन एरिक्सन (McCann Erickson) और बेट्स (Bates) जैसी प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों में वरिष्ठ पदों पर अपनी सेवाएं दीं।

अमितावा सिन्हा इससे पहले 2003 से 2015 तक रेडिफ्यूजन में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाओं में कार्य कर चुके हैं। वर्ष 2011 से 2015 के दौरान वह कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) रहे और इस दौरान उन्होंने दिवान अरुण नंदा के साथ मिलकर काम किया। रेडिफ्यूजन से अलग होने के बाद उन्होंने ब्रैंडिंग, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पब्लिक रिलेशंस (PR) के क्षेत्र में स्वतंत्र सलाहकार (इंडिपेंडेंट कंसल्टेंट) के रूप में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों के साथ काम किया।

रेडिफ्यूजन के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. संदीप गोयल ने कहा, ‘’रेडिफ्यूजन अपने राष्ट्रीय विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में अमितावा जैसे अनुभवी पेशेवर का हमारी टीम से जुड़ना हमारे लिए खुशी की बात है। बड़े ब्रैंड्स के साथ काम करने, क्लाइंट्स के साथ मजबूत रिश्ते बनाने और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का उनका अनुभव हमारी सेवाओं को और मजबूत करेगा। पूर्वी भारत के बाजारों से अच्छी मांग देखने को मिल रही है और इसी को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस क्षेत्र में कारोबार बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।’

अपनी नियुक्ति पर अमितावा सिन्हा ने कहा, ‘रेडिफ्यूजन में वापसी मेरे लिए घर लौटने जैसी है और यह मेरे लिए बेहद भावुक क्षण है। मैं एक बार फिर एजेंसी इकोसिस्टम में काम करने को लेकर उत्साहित हूं, जो मेरे पिछले कार्यकाल के बाद काफी बदल चुका है। मैं डॉ. संदीप गोयल के साथ मिलकर रेडिफ्यूजन को अगले स्तर तक ले जाने के लिए उत्सुक हूं।’

कंपनी ने बताया कि श्रीपर्णा सेनगुप्ता, जो वर्तमान में रेडिफ्यूजन कोलकाता का नेतृत्व कर रही हैं, आगे भी अपनी जिम्मेदारी निभाती रहेंगी और अमितावा सिन्हा के साथ मिलकर काम करेंगी।

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VIRGIO ने हंसा निगम को बनाया चीफ मार्केटिंग ऑफिसर

सस्टेनेबल फैशन ब्रैंड VIRGIO ने हंसा निगम को अपना नया चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) नियुक्त किया है।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2026
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सस्टेनेबल फैशन ब्रैंड VIRGIO ने हंसा निगम को अपना नया चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) नियुक्त किया है। अपनी नई और विस्तारित जिम्मेदारी में वह कंपनी की मार्केटिंग और ग्रोथ रणनीति का नेतृत्व करेंगी। कंपनी अब अपने विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही है।

हंसा निगम साल 2023 में VIRGIO से जुड़ी थीं। तब से उन्होंने कंपनी की ब्रैंड पहचान मजबूत करने और ग्राहकों के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने में अहम भूमिका निभाई है। अब उनकी नई जिम्मेदारी में कंपनी की बाजार में मौजूदगी को और मजबूत करना, नए ग्राहकों को जोड़ना और फैशन, टेक्नोलॉजी तथा सस्टेनेबिलिटी के मेल के रूप में VIRGIO की पहचान को और मजबूत करना शामिल होगा।

VIRGIO से पहले हंसा निगम ने ब्रैंड रणनीति, डिजिटल मार्केटिंग और कंज्यूमर ग्रोथ के क्षेत्र में लंबा अनुभव हासिल किया है। वह पहले OnePlus में काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने भारत और वैश्विक बाजारों में OnePlus Nord पोर्टफोलियो की मार्केटिंग रणनीतियों का नेतृत्व किया। इसके बाद उन्होंने Glance में कई सेलिब्रिटी-आधारित ब्रैंड्स के लिए डिजिटल मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले वह The Glitch में स्ट्रैटेजिक प्लानिंग टीम का हिस्सा रहीं, जहां उन्होंने कई प्रमुख कंज्यूमर ब्रैंड्स के लिए ब्रैंड रणनीति तैयार की।

ग्लोबल ब्रैंड बनाने के अनुभव और स्टार्टअप्स के साथ काम करने का अनुभव हंसा निगम की ऐसी मार्केटिंग सोच को विकसित करने में मददगार रहा है, जो ग्राहकों से जुड़ने के साथ-साथ कारोबार पर भी सकारात्मक असर डालती है।

अपनी नियुक्ति पर हंसा निगम ने कहा, "VIRGIO की इस रोमांचक यात्रा के दौरान यह नई जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है। पिछले कुछ वर्षों में हमने ऐसा ब्रैंड तैयार किया है, जो सिर्फ यह नहीं समझता कि आज ग्राहक कैसे खरीदारी करते हैं, बल्कि यह भी नई सोच के साथ काम कर रहा है कि फैशन को कैसे खोजा जाए, कैसे अनुभव किया जाए और कैसे तैयार किया जाए। मैं इस गति को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हूं। मेरा लक्ष्य ऐसी मार्केटिंग करना है जो लोगों को प्रेरित करे, हमारे समुदाय को और मजबूत बनाए और जिम्मेदार व टिकाऊ फैशन के भविष्य को आकार देने में योगदान दे।"

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TCM स्पोर्ट्स मैनेजमेंट ने श्वेता मेहरा को क्रिकेट के स्पॉन्सरशिप सेल्स का बनाया हेड

स्पोर्ट्स बिजनेस इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। TCM Sports Management ने श्वेता मेहरा को क्रिकेट के स्पॉन्सरशिप सेल्स का हेड नियुक्त किया है।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2026
Shveta548

स्पोर्ट्स बिजनेस इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। TCM स्पोर्ट्स मैनेजमेंट (TCM Sports Management) ने श्वेता मेहरा को क्रिकेट के स्पॉन्सरशिप सेल्स का हेड नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ कंपनी ने अपने कमर्शियल लीडरशिप को और मजबूत किया है। कंपनी अंतरराष्ट्रीय, घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट से जुड़े अपने कारोबार का लगातार विस्तार कर रही है।

श्वेता मेहरा ने Procam International में करीब छह साल तक काम किया। यहां वह बिजनेस डेवलपमेंट और रेवेन्यू की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। इस दौरान उन्होंने भारत के कई बड़े रनिंग इवेंट्स जैसे टाटा मुंबई मैराथन, वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन, TCS वर्ल्ड 10K बेंगलुरु और टाटा स्टील वर्ल्ड 25K कोलकाता के लिए लंबे समय तक चलने वाली ब्रांड पार्टनरशिप तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने खेल के जरिए ब्रैंड्स को उपभोक्ताओं से बेहतर तरीके से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

श्वेता मेहरा के पास स्पोर्ट्स, मीडिया, एंटरटेनमेंट और इंटीग्रेटेड मार्केटिंग के क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। अपने करियर में उन्होंने Procam International, ESPN Star Sports, MTV, The Times of India और अब TCM Sports Management जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ काम किया है।

इंडस्ट्री में श्वेता मेहरा की पहचान ऐसी प्रोफेशनल के रूप में है, जो ब्रैंड्स के लिए रणनीतिक साझेदारियां तैयार करती हैं। उनकी कोशिश हमेशा ऐसी पार्टनरशिप बनाने की रही है, जिससे कंपनियों को कारोबारी फायदा मिले और उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव भी मिल सके।

श्वेता मेहरा का मानना है कि स्पॉन्सरशिप सिर्फ ब्रांड की मौजूदगी दिखाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह कारोबार की चुनौतियों का समाधान भी बन सकती है। लंबे समय तक मजबूत रिश्ते बनाने और सफल साझेदारियां विकसित करने की उनकी क्षमता ने उन्हें स्पॉन्सरशिप इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित प्रोफेशनल्स में शामिल किया है।

TCM Sports Management में अपनी नई जिम्मेदारी के तहत श्वेता मेहरा कंपनी के क्रिकेट पोर्टफोलियो में स्पॉन्सरशिप सेल्स की अगुवाई करेंगी। वह ब्रैंड्स के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट, घरेलू प्रतियोगिताओं और उभरती क्रिकेट प्रॉपर्टीज के लिए नए और प्रभावी कमर्शियल अवसर तैयार करेंगी।

अपनी नियुक्ति पर श्वेता मेहरा ने कहा, "क्रिकेट आज भी भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और कारोबारी मंच है, लेकिन अब ब्रैंड्स की अपेक्षाएं पहले से काफी बदल गई हैं। आज स्पॉन्सरशिप का मतलब सिर्फ लोगों के सामने दिखाई देना नहीं है, बल्कि ऐसे बिजनेस समाधान तैयार करना है, जिससे ब्रैंड्स, फैंस और राइट्स होल्डर्स सभी को फायदा मिले। TCM Sports Management के विकास के इस महत्वपूर्ण दौर में टीम का हिस्सा बनकर मैं बेहद उत्साहित हूं और ऐसी साझेदारियां बनाने के लिए उत्सुक हूं जो रणनीतिक, प्रभावशाली और लंबे समय तक सफल रहने वाली हों।"

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अब सिर्फ खरीदारी नहीं, भरोसा बनाने का जरिया बन रही हैं ब्रैंड वेबसाइट्स

आज ग्राहक सबसे पहले इंस्टाग्राम, यूट्यूब और कंटेंट क्रिएटर्स के जरिए नए प्रोडक्ट्स के बारे में जानते हैं। खरीदारी के लिए वे एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे मार्केटप्लेस का इस्तेमाल करते हैं...

Last Modified:
Monday, 06 July, 2026
Marketing545

सुनिधि विजय, कॉरेस्पोंडेंट, एक्सचेंज4मीडिया ।।

एक समय था जब किसी भी ब्रैंड की वेबसाइट ही ग्राहकों के लिए सबसे अहम जगह होती थी। लोग वेबसाइट पर जाकर प्रोडक्ट देखते थे, अलग-अलग विकल्पों की तुलना करते थे और वहीं से खरीदारी भी पूरी कर लेते थे। लेकिन अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है।

आज ग्राहक सबसे पहले इंस्टाग्राम, यूट्यूब और कंटेंट क्रिएटर्स के जरिए नए प्रोडक्ट्स के बारे में जानते हैं। खरीदारी के लिए वे एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे मार्केटप्लेस का इस्तेमाल करते हैं, जबकि किराना, ब्यूटी और रोजमर्रा के सामान के लिए ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर निर्भर हैं। वहीं अब बड़ी संख्या में लोग प्रोडक्ट्स की जानकारी और सुझाव लेने के लिए ChatGPT जैसे AI असिस्टेंट का भी इस्तेमाल करने लगे हैं। ऐसे में कई बार ग्राहक बिना किसी ब्रैंड की वेबसाइट पर जाए ही पूरी खरीदारी कर लेते हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म बढ़ने के साथ अब कंपनियां अपनी वेबसाइट की भूमिका पर दोबारा विचार कर रही हैं। पहले वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य बिक्री करना था, लेकिन अब यह ब्रैंड की विश्वसनीयता बढ़ाने, प्रोडक्ट की जानकारी देने, ब्रैंड की कहानी बताने, ग्राहकों के साथ जुड़ाव बनाने और सीधे रिश्ते मजबूत करने का माध्यम बनती जा रही है।डस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बदलाव सोशल कॉमर्स के बढ़ते प्रभाव की वजह से भी आया है। अब सोशल मीडिया सिर्फ सामान बेचने का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि लोगों को नए प्रोडक्ट्स से परिचित कराने का सबसे बड़ा माध्यम बन गया है। ग्राहक पहले किसी क्रिएटर, शॉर्ट वीडियो या AI की सलाह से किसी प्रोडक्ट के बारे में जानते हैं और बाद में किसी दूसरे प्लेटफॉर्म से उसे खरीद लेते हैं।

केवल किरण क्लोदिंग लिमिटेड (KKCL) के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर हेमंत जैन का कहना है कि आज ग्राहक सोशल मीडिया, मार्केटप्लेस, क्विक कॉमर्स और AI जैसे कई प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट खोजते हैं। इसलिए कंपनी की वेबसाइट अब सिर्फ खरीदारी का प्लेटफॉर्म नहीं रही, बल्कि यह ब्रैंड की सबसे भरोसेमंद डिजिटल पहचान बन गई है।

उन्होंने कहा कि वेबसाइट का मकसद दूसरे प्लेटफॉर्म से मुकाबला करना नहीं है। बल्कि यह एक ऐसा केंद्र है, जहां ग्राहक कंपनी के कलेक्शन देख सकते हैं, ब्रैंड की कहानी जान सकते हैं और उससे गहराई से जुड़ सकते हैं। वेबसाइट ग्राहकों को यह समझने में भी मदद करती है कि कंपनी के ब्रैंड की खासियत क्या है और उसके मूल्य क्या हैं। इससे ग्राहकों के साथ सीधे रिश्ते भी मजबूत होते हैं।

लिबर्टी शूज लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुपम बंसल भी इससे सहमत हैं। उनका कहना है कि 75 साल पुराने ब्रैंड के लिए यह बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि सोच-समझकर अपनाई गई रणनीति का हिस्सा है। उनके मुताबिक, जब खरीदारी और प्रोडक्ट खोजने का काम दूसरे प्लेटफॉर्म पर हो रहा है, तो उन प्लेटफॉर्म से मुकाबला करने का कोई मतलब नहीं है।

बंसल का कहना है कि कंपनी अपनी वेबसाइट पर सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर देती है कि ब्रैंड को ग्राहकों के सामने सही तरीके से पेश किया जाए। ऐसा कोई भी मार्केटप्लेस नहीं कर सकता। वेबसाइट के जरिए ग्राहक पूरे प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं, जो किसी एक प्रोडक्ट लिस्टिंग से संभव नहीं है।

इस बदलाव को AI ने और तेज कर दिया है। अब लोग कई वेबसाइट्स पर जाकर जानकारी जुटाने के बजाय सीधे AI असिस्टेंट से पूछते हैं कि कौन-सा प्रोडक्ट बेहतर है, कौन-सा ब्रैंड चुनना चाहिए या किस प्रोडक्ट के रिव्यू अच्छे हैं। इससे कई कंपनियों की वेबसाइट्स पर सीधे आने वाले ग्राहकों की संख्या कम हो रही है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इससे ब्रैंड वेबसाइट्स की अहमियत खत्म नहीं हुई है। बल्कि अब वेबसाइट पर सही, व्यवस्थित और विस्तार से दी गई जानकारी पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है, क्योंकि AI भी इन्हीं वेबसाइट्स से जानकारी लेकर ग्राहकों को सुझाव देता है।

क्विक कॉमर्स ने भी इस बदलाव को और तेज कर दिया है। खासकर FMCG, ब्यूटी, पर्सनल केयर और घरेलू सामान खरीदने वाले ग्राहक अब सीधे डिलीवरी ऐप पर जाकर सामान खोजते हैं, बजाय किसी ब्रैंड की वेबसाइट पर जाने के। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और होम कैटेगरी में मार्केटप्लेस अब भी सबसे पसंदीदा खरीदारी का माध्यम बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स लोगों को नए प्रोडक्ट्स से परिचित कराने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

इन बदलावों के चलते मार्केटर्स अब अपनी डिजिटल रणनीति भी बदल रहे हैं। पहले वेबसाइट की सफलता सिर्फ बिक्री के आधार पर मापी जाती थी, लेकिन अब यह देखा जा रहा है कि लोग वेबसाइट पर कितना समय बिता रहे हैं, कितने प्रोडक्ट्स देख रहे हैं, कितने लोग न्यूजलेटर से जुड़ रहे हैं, लॉयल्टी प्रोग्राम में हिस्सा ले रहे हैं और वेबसाइट पर मौजूद कंटेंट कितना पढ़ रहे हैं।

कई कंपनियों का कहना है कि इस बदलाव ने उनकी वेबसाइट की भूमिका पूरी तरह बदल दी है। BRND.ME (जो MyFitness, Majestic Pure, Botanic Hearth और PartyPropz जैसे ब्रैंड संचालित करती है) के प्रवक्ता ने कहा कि MyFitness के लिए हर डिजिटल प्लेटफॉर्म की अलग भूमिका है। कंपनी के लिए मार्केटप्लेस और क्विक कॉमर्स सबसे ज्यादा बिक्री लाते हैं, जबकि सोशल मीडिया और ChatGPT व Claude जैसे AI असिस्टेंट नए ग्राहकों तक पहुंचने का अहम माध्यम बन रहे हैं।

उन्होंने बताया कि कंपनी की वेबसाइट और ऐप अब सिर्फ खरीदारी का प्लेटफॉर्म नहीं हैं। यहां ग्राहकों को प्रोडक्ट्स की जानकारी, कंटेंट, सब्सक्रिप्शन और लॉयल्टी प्रोग्राम जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इससे ग्राहकों के साथ जुड़ाव बढ़ता है और कंपनी को उनके बारे में सीधे जानकारी भी मिलती है। उनका कहना है कि अपनी वेबसाइट और ऐप पर कंपनी का पूरा नियंत्रण होता है, इसलिए भरोसा और लंबे समय के रिश्ते बनाने में इनकी भूमिका बेहद अहम है।

FTA Global के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सेंथिल कुमार हरिराम का कहना है कि ब्रैंड वेबसाइट अब सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं रह गई हैं। वे अब ऐसी जगह बन रही हैं, जहां से AI, सर्च इंजन, मार्केटप्लेस और सोशल मीडिया सभी सही जानकारी हासिल करते हैं। इसी वजह से कंपनियां अब ऐसी वेबसाइट बना रही हैं, जिन्हें AI आसानी से पढ़ सके और जिनमें ज्यादा से ज्यादा उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मौजूद हो।

वे मानते हैं कि अब वेबसाइट्स का असली काम ग्राहकों का भरोसा जीतना, सही जानकारी देना और ब्रैंड की विश्वसनीयता बढ़ाना होगा। आने वाले समय में AI भी इन्हीं वेबसाइट्स के आधार पर ग्राहकों को सुझाव देगा। साथ ही ग्राहक खरीदारी से पहले वेबसाइट पर जाकर यह भी जांचेंगे कि ब्रैंड कितना भरोसेमंद है और उसके दावे कितने सही हैं।

ब्रैंड वेबसाइट अब ग्राहकों को ऐसे अनुभव भी देने लगी हैं, जो दूसरे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं होते। इनमें एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट लॉन्च, पर्सनलाइजेशन टूल, जानकारी देने वाला कंटेंट, सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी जानकारी, वारंटी रजिस्ट्रेशन और मेंबरशिप प्रोग्राम जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

हेमंत जैन का कहना है कि KKCL के लिए वेबसाइट अब भी बिक्री का एक अहम माध्यम है, लेकिन इसकी भूमिका अब उससे कहीं आगे बढ़ चुकी है। वेबसाइट अब ग्राहकों को प्रोडक्ट्स के बारे में विस्तार से जानकारी देने, ब्रैंड को बेहतर तरीके से समझाने और भरोसा मजबूत करने का काम कर रही है। उनके मुताबिक, जैसे-जैसे रिटेल कारोबार ओम्नीचैनल मॉडल की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ग्राहकों के साथ सीधे संपर्क का अपना प्लेटफॉर्म होना रणनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है।

लिबर्टी शूज भी इसी सोच के साथ अपनी D2C रणनीति पर काम कर रही है। अनुपम बंसल का कहना है कि कंपनी भले ही भविष्य में ज्यादातर बिक्री थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म से होने की उम्मीद करती हो, लेकिन वह अपनी वेबसाइट में निवेश जारी रखेगी। उनके मुताबिक, आज वेबसाइट का सबसे बड़ा काम ग्राहकों को यह भरोसा दिलाना है कि वे जिस ब्रैंड से खरीदारी करने जा रहे हैं, वह असली और विश्वसनीय है।

कुल मिलाकर, AI, सोशल मीडिया, मार्केटप्लेस और क्विक कॉमर्स के तेजी से बढ़ते दौर में ब्रैंड वेबसाइट्स की भूमिका पूरी तरह बदल रही है। अब उनका मकसद सिर्फ खरीदारी कराना नहीं, बल्कि ग्राहकों का भरोसा जीतना, सही जानकारी देना, ब्रैंड की पहचान मजबूत करना और हर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी मौजूदगी को विश्वसनीय बनाए रखना है।

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