देश के टीवी न्यूज इंडस्ट्री के सफल सीईओ, जिन्होंने बदली कारोबार की तस्वीर

भारत के टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री की कहानी सिर्फ संपादकों के जरिए नहीं बताई जा सकती। हर सफल न्यूज नेटवर्क के पीछे एक ऐसी लीडरशिप टीम रही है, जिसने पर्दे के पीछे रहकर सैकड़ों अहम फैसले लिए।

Last Modified:
Thursday, 09 July, 2026
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रुहैल अमीन, सीनियर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट, एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ।।

भारत के टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री की कहानी सिर्फ संपादकों के जरिए नहीं बताई जा सकती। हर सफल न्यूज नेटवर्क के पीछे एक ऐसी लीडरशिप टीम रही है, जिसने पर्दे के पीछे रहकर सैकड़ों अहम फैसले लिए। जैसे- कहां निवेश करना है, कौन-सी नई तकनीक अपनानी है, नियमों में बदलाव का कैसे सामना करना है, बेहतर प्रतिभाओं को कैसे जोड़ना है, कमाई के नए रास्ते कैसे बनाने हैं और भविष्य में आने वाले बदलावों के लिए संगठन को कैसे तैयार करना है।

इन्हीं सीईओ ने उस दौर में कैरिज डील्स कीं, जब डिस्ट्रिब्यूशन ही दर्शकों तक पहुंच तय करता था। उन्होंने विज्ञापनदाताओं को भरोसा दिलाया कि न्यूज एक प्रीमियम विज्ञापन मंच है। नई तकनीकों में तब निवेश किया, जब वे आम नहीं थीं। उन्होंने टीवी ब्रैंड्स को टेलीविजन से आगे बढ़ाकर नए प्लेटफॉर्म्स तक पहुंचाया और संगठनों को उस दौर के लिए तैयार किया, जब दर्शक सिर्फ टीवी स्क्रीन पर ही खबरें नहीं देखते थे।

जहां संपादकों ने न्यूजरूम की संपादकीय पहचान बनाई, वहीं इन बिजनेस लीडर्स ने ऐसे संस्थान खड़े किए, जिनकी बदौलत पत्रकारिता बड़े स्तर तक पहुंच सकी।

इस सीरीज के पहले भाग में हम उन अधिकारियों का सम्मान कर रहे हैं, जिन्होंने इस बदलाव का नेतृत्व किया। हर लीडर का काम करने का तरीका अलग था। हर किसी को अलग-अलग चुनौतियां मिलीं। लेकिन इन सभी ने मिलकर आधुनिक भारत में एक टेलीविजन न्यूज संगठन का नेतृत्व करने के मायने बदल दिए।

यहां नाम अंग्रेजी वर्णमाला (Alphabetical Order) के अनुसार दिए गए हैं।

अविनाश कौल: टेलीविजन स्क्रीन से आगे की सोच

भारत के टीवी न्यूज इकोसिस्टम के इतने अलग-अलग पहलुओं पर शायद ही किसी बिजनेस लीडर ने अविनाश कौल जितना असर डाला हो। 

अपने अलग-अलग नेतृत्वकारी पदों पर रहते हुए कौल ने हमेशा इस सोच को चुनौती दी कि टीवी चैनलों को खुद को सिर्फ ब्रॉडकास्टर मानना चाहिए। उनके नेतृत्व में डिस्ट्रिब्यूशन, डिजिटल इंटीग्रेशन, रणनीतिक साझेदारियां, दर्शकों का विस्तार और लंबे समय तक ब्रैंड बनाने पर उतना ही जोर दिया गया, जितना टीआरपी पर।

उनकी लीडरशिप उस बड़े बदलाव को दर्शाती है, जिसमें टीवी ब्रैंड धीरे-धीरे इंटीग्रेटेड मीडिया बिजनेस में बदलने लगे। बदलाव आने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय कौल अक्सर पहले ही उसकी आहट पहचान लेते थे और संगठनों को उन क्षमताओं में निवेश करने के लिए प्रेरित करते थे, जो सिर्फ पारंपरिक टीवी तक सीमित न रहें।

कई मायनों में उनका करियर भी टीवी न्यूज इंडस्ट्री की यात्रा जैसा ही रहा है- एक तय समय पर टीवी देखने के दौर से लेकर आज के 24x7 मल्टी-प्लेटफॉर्म न्यूज माहौल तक।

हाल ही में अविनाश कौल की किताब 'The Next Mountain' प्रकाशित हुई है। इस किताब में उन्होंने अपने पेशेवर जीवन के उतार-चढ़ाव, अनिश्चितताओं और मुश्किल फैसलों के बारे में लिखा है। जल्द ही वह अपने नए वेंचर का भी ऐलान कर सकते हैं।

अविनाश पांडे: ऐसे संस्थान बनाने वाले लीडर, जो समय की कसौटी पर टिके रहें

हर इंडस्ट्री में कुछ लीडर ऐसे होते हैं, जो सिर्फ तिमाही नतीजों पर ध्यान देते हैं, जबकि कुछ ऐसे होते हैं जो ऐसे संस्थान बनाते हैं, जो मार्केट के उतार-चढ़ाव से भी लंबे समय तक टिके रहते हैं। अविनाश पांडे इसी दूसरी श्रेणी में आते हैं।

अपने पूरे करियर में उन्होंने ऐसा बिजनेस मॉडल तैयार करने की पहचान बनाई, जिसमें कमर्शियल ग्रोथ, ऑपरेशनल अनुशासन और संगठन की स्थिरता, तीनों पर बराबर ध्यान दिया गया। डिस्ट्रिब्यूशन, विज्ञापन, प्रोग्रामिंग रणनीति और बिजनेस ऑपरेशंस में उनकी गहरी पकड़ ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत के कई बड़े ब्रॉडकास्ट नेटवर्क्स को मजबूत बनाया।

उनके सहयोगी उन्हें एक धैर्यवान संस्थान निर्माता के रूप में देखते हैं। उनका मानना था कि नेतृत्व का मूल्यांकन सिर्फ फैसलों से नहीं, बल्कि उन टीमों, सिस्टम्स और कार्य संस्कृति से होता है, जिन्हें कोई लीडर अपने पीछे छोड़कर जाता है। यही सोच उन्हें भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित बिजनेस लीडर्स में शामिल करती है।

वर्तमान में वह इंडस्ट्री ब्रॉडकास्टिंग व डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के सेक्रेटरी जनरल हैं।

हर्ष भंडारी: कड़ी प्रतिस्पर्धा वाले मार्केट में विकास की नई मिसाल

टीवी न्यूज जैसा कठिन बिजनेस बहुत कम सेक्टर्स में देखने को मिलता है। यहां मुनाफे पर लगातार दबाव रहता है, प्रतिस्पर्धा बेहद तेज होती है और दर्शकों की पसंद रातों-रात बदल सकती है। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में हर्ष भंडारी ने खुद को इंडस्ट्री के सबसे सफल बिजनेस लीडर्स में शामिल किया।

विज्ञापन मार्केट, क्लाइंट रिलेशनशिप और रेवेन्यू रणनीति की गहरी समझ रखने वाले भंडारी ने बिजनेस ऑपरेशंस को मजबूत किया और यह भी सुनिश्चित किया कि व्यावसायिक प्राथमिकताएं संपादकीय महत्वाकांक्षाओं के साथ मिलकर चलें, उनसे टकराएं नहीं।

उनका कार्यकाल यह साबित करता है कि टीवी न्यूज में लगातार विकास संयोग से नहीं होता। इसके लिए लगातार नए प्रयोग, अनुशासित कामकाज और विज्ञापनदाताओं व दर्शकों की बदलती जरूरतों को पहले से समझने की क्षमता जरूरी होती है।

वर्तमान में वह निवेश और मीडिया फर्म BluerockIndia के सीईओ हैं।

एम.के. आनंद: संस्थान खड़े करने वाले लीडर

भारत के ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों में एम.के. आनंद की एक अलग पहचान है। कई दशकों के लंबे करियर में आनंद संस्थान निर्माण का पर्याय बन गए। डिस्ट्रिब्यूशन, प्रोग्रामिंग की अर्थव्यवस्था, विज्ञापन मार्केट और संगठनात्मक नेतृत्व की उनकी समझ ने भारत के कई प्रभावशाली ब्रॉडकास्ट बिजनेस को आकार दिया।

हालांकि उनकी सबसे बड़ी विरासत उन लीडर्स को तैयार करना मानी जाती है, जिन्हें उन्होंने मार्गदर्शन दिया। आज भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के कई वरिष्ठ अधिकारी या तो सीधे उनके साथ काम कर चुके हैं या उनकी मैनेजमेंट सोच से प्रभावित रहे हैं।

बहुत कम सीईओ ऐसे होते हैं, जो सिर्फ सफल कंपनियां ही नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के नेतृत्व को तैयार करने का श्रेय भी हासिल कर सकें। फिलहाल एम.के. आनंद सलाहकार की भूमिका में सक्रिय हैं। वहीं, इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है कि वह भी जल्द अपने नए वेंचर की घोषणा कर सकते हैं।

वरुण कोहली: आधुनिक न्यूज बिजनेस को नई दिशा देने वाले

जब मीडिया का उपभोग अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर बंटने लगा, तब टीवी नेटवर्क्स के सामने सबसे बड़ा सवाल था—क्या वे सिर्फ टीवी कंपनियां बने रहें या खुद को मीडिया ब्रैंड में बदलें? वरुण कोहली उन अधिकारियों में शामिल रहे, जिन्होंने इस बदलाव को बहुत पहले समझ लिया था। 

अपने पूरे करियर में उन्होंने ऐसी रणनीति का समर्थन किया, जिसमें ब्रॉडकास्ट, डिजिटल, उपभोक्ता जुड़ाव और कमर्शियल इनोवेशन को एक साथ जोड़कर बिजनेस चलाया जाए। उन्होंने डिजिटल को टीवी का विस्तार नहीं, बल्कि भविष्य की न्यूज खपत का सबसे अहम हिस्सा माना।

उनकी सोच आज की हकीकत को दर्शाती है, जहां दर्शक टीवी और डिजिटल में फर्क नहीं करते। वे सिर्फ भरोसेमंद न्यूज ब्रैंड का अनुसरण करते हैं, चाहे वह किसी भी प्लेटफॉर्म पर हो। उम्मीद है कि वह भी जल्द अपने अगले  कदम का ऐलान करेंगे।

विकास खंचंदानी: कमर्शियल लीडरशिप को नई पहचान देने वाले

पिछले एक दशक में विज्ञापनदाताओं और न्यूज संगठनों के बीच का रिश्ता काफी बदल गया है। विकास खंचंदानी उन अधिकारियों में शामिल रहे, जिन्होंने इस बदलाव को सफलतापूर्वक संभाला।

सेल्स रणनीति, विज्ञापनदाताओं के साथ साझेदारी और मीडिया मोनेटाइजेशन में उनकी गहरी विशेषज्ञता ने न्यूज बिजनेस को सिर्फ एयरटाइम बेचने वाले मॉडल से निकालकर इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस देने वाले मॉडल तक पहुंचाया। उनका करियर भी कमर्शियल लीडरशिप के बदलते स्वरूप को दर्शाता है, जहां सिर्फ रेवेन्यू मैनेजमेंट नहीं, बल्कि रणनीतिक बिजनेस डेवलपमेंट भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

वर्तमान में वह eSENDIT के को-फाउंडर और डायरेक्टर हैं। इसके साथ ही MiQ में स्ट्रैटेजिक एडवाइजर की भूमिका भी निभा रहे हैं।

भारत का टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री आज भी ऐसे कई शानदार बिजनेस लीडर्स के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है, जिनका प्रभाव सिर्फ उनके अपने संगठनों तक सीमित नहीं है।

इंडिया टुडे ग्रुप के ग्रुप सीईओ दिनेश भाटिया, Zee Media Corporation Ltd के सीईओ रक्तिम दास, ABP Network के सीईओ सुमंत दत्ता, TV9 Network के एमडी एवं सीईओ बरुण दास, NDTV के एडिटर-इन-चीफ एवं सीईओ राहुल कंवल और Times Network के सीईओ आशीष सहगल भी उन प्रमुख लीडर्स में शामिल हैं, जो भारत के टेलीविजन न्यूज बिजनेस को लगातार नई दिशा दे रहे हैं।

इस सीरीज के अगले भागों में हम इन लीडर्स की प्रोफाइल पेश करेंगे और बताएंगे कि न्यूज ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री को आकार देने में हर एक की क्या भूमिका रही है।

 

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जयकिशन छापरू: सोच और रणनीति से ब्रांड बनाने का लंबा सफर

आईटीसी लिमिटेड (ITC Limited) में हेड ऑफ मीडिया एंड ब्रांड पीआर जयकिशन छापरू (Jaikishin Chhaproo) के 25 साल से ज्यादा लंबे मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस करियर का जश्न।

Last Modified:
Thursday, 13 August, 2026
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आज जयकिशन छापरू (Jaikishin Chhaproo) का जन्मदिन है। मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस के क्षेत्र में 25 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले जयकिशन ने अपने काम से ब्रांड बनाने और मीडिया रणनीति को नई दिशा देने में खास पहचान बनाई है।

जयकिशन फिलहाल आईटीसी लिमिटेड (ITC Limited) में हेड ऑफ मीडिया एंड ब्रांड पीआर (Head of Media & Brand PR) हैं। वह करीब एक दशक से आईटीसी के साथ जुड़े हैं और इस दौरान उन्होंने मीडिया के जरिए कंपनी के ब्रांड्स को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की रणनीति पर काम किया है।

इससे पहले जयकिशन ने नोकिया एमईएनए (Nokia MENA), हिंदुस्तान यूनिलीवर (Hindustan Unilever), स्नैपडील (Snapdeal), गोदरेज (Godrej) और स्टार (Star) जैसी कंपनियों में नेतृत्व वाली भूमिकाएं निभाई हैं। उनका अनुभव भारत के साथ-साथ मध्य पूर्व के बाजारों में भी रहा है।

जयकिशन ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद केजे सोमैया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (KJ Somaiya Institute of Management) से एमबीए किया। इसके अलावा उन्होंने द व्हार्टन स्कूल (The Wharton School) से डिजिटल मार्केटिंग में सर्टिफिकेशन भी हासिल किया है।

उनके नेतृत्व में तैयार किए गए कई अभियानों को कान्स (Cannes), साब्रे (SABRE) और एफी (EFFIE) जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में पहचान मिली है। हालांकि, उनके काम की खासियत सिर्फ पुरस्कार नहीं बल्कि ऐसी रणनीति रही है, जिसमें सरल विचारों के जरिए बड़े असर की कोशिश की गई।

मार्केटिंग और मीडिया की लगातार बदलती दुनिया में जयकिशन का अनुभव उन्हें एक ऐसे पेशेवर के रूप में अलग पहचान देता है, जो मीडिया को सिर्फ विज्ञापन के माध्यम के बजाय लंबे समय तक ब्रांड की पहचान मजबूत करने वाले साधन के तौर पर देखते हैं।

जन्मदिन के इस खास मौके पर इंडस्ट्री से जुड़े लोग जयकिशन छापरू को शुभकामनाएं दे रहे हैं और उनके लंबे पेशेवर सफर की सराहना कर रहे हैं।

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ZEEL पर 2 महीने के मार्केट बैन को लेकर SAT ने SEBI से पूछे सवाल, फैसला सुरक्षित

सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने बुधवार को जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) और कंपनी के पूर्व MD व CEO पुनीत गोयनका की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

Last Modified:
Wednesday, 12 August, 2026
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सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने बुधवार को जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) और कंपनी के पूर्व MD व CEO पुनीत गोयनका की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। दोनों ने SEBI की ओर से लगाए गए मार्केट एक्सेस प्रतिबंध के खिलाफ SAT का रुख किया है।

SEBI ने 31 जुलाई के आदेश में ZEEL को दो महीने और पुनीत गोयनका को एक साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट में कारोबार से प्रतिबंधित किया था। यह मामला ZEEL की हैदराबाद स्थित एक संपत्ति को कथित तौर पर प्रमोटर से जुड़ी कंपनियों द्वारा लिए गए कर्ज के लिए बिना जरूरी मंजूरी के गिरवी रखने से जुड़ा है।

SEBI ने ZEEL पर 30 लाख रुपये, पुनीत गोयनका पर 58 लाख रुपये और कंपनी के पूर्व चेयरमैन सुभाष चंद्रा पर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

ZEEL की ₹3,000 करोड़ से ज्यादा की फंडरेज पर असर का दावा

SAT में सुनवाई के दौरान ZEEL ने कहा कि SEBI का दो महीने का मार्केट एक्सेस प्रतिबंध कंपनी की ₹3,000 करोड़ से ज्यादा की प्रस्तावित फंडरेज को प्रभावित कर सकता है।

कंपनी के मुताबिक, उसके बोर्ड ने जुलाई में वारंट जारी कर फंड जुटाने को मंजूरी दी थी। इसके बाद शेयरधारकों और स्टॉक एक्सचेंजों से भी मंजूरी मिल गई थी। ZEEL ने SAT को बताया कि स्टॉक एक्सचेंज की मंजूरी 31 जुलाई को मिली थी और उसी दिन SEBI ने अपना आदेश भी जारी कर दिया।

कंपनी के मुताबिक, एक्सचेंज की मंजूरी के बाद फंडरेज को 15 दिनों के भीतर पूरा करना था, यानी इसकी समयसीमा 14 अगस्त बनती है। ZEEL का कहना है कि दो महीने का मार्केट एक्सेस प्रतिबंध इस प्रक्रिया को पूरा करने में रुकावट बन सकता है।

SAT ने SEBI से पूछा- दो महीने का प्रतिबंध क्यों?

सुनवाई के दौरान SAT ने SEBI से ZEEL पर लगाए गए दो महीने के प्रतिबंध की अवधि को लेकर सवाल किया। ट्रिब्यूनल ने जानना चाहा कि कंपनी को ठीक दो महीने के लिए मार्केट से बाहर रखने के पीछे क्या आधार या तर्क था।

SEBI की ओर से जवाब दिया गया कि प्रतिबंध दो महीने के लिए लगाया गया है और इस अवधि के बाद ZEEL निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियामक के पास जा सकती है।

SAT की ओर से इस अवधि को लेकर सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसी समय ZEEL एक बड़ी फंडरेज प्रक्रिया को पूरा करने की कोशिश कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

SEBI की कार्रवाई ZEEL की हैदराबाद स्थित संपत्ति को गिरवी रखने से जुड़े मामले में हुई है। SEBI के 31 जुलाई के आदेश के मुताबिक, दिसंबर 2018 में सुभाष चंद्रा ने एक Declaration and Acknowledgement पर हस्ताक्षर किए थे और संपत्ति के मूल दस्तावेज Indiabulls Housing Finance Ltd के पास जमा किए थे।

इसके बाद ZEEL की इस संपत्ति पर पहला मॉर्गेज बनाया गया। इसका इस्तेमाल Essel Group से जुड़ी चार कंपनियों की ओर से लिए गए करीब ₹726 करोड़ के कर्ज को सुरक्षित करने के लिए किया गया था।

SEBI के मुताबिक, इस पूरी व्यवस्था के लिए ZEEL की Audit Committee, Board of Directors या शेयरधारकों से जरूरी मंजूरी नहीं ली गई थी।

नियामक ने यह भी माना कि यह मामला Related Party Transaction के तौर पर सामने आना चाहिए था, लेकिन इसका सही तरीके से खुलासा नहीं किया गया। इसके अलावा Contingent Liability और संपत्ति से जुड़े दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे मामलों के डिस्क्लोजर में भी कमियां पाई गईं।

ZEEL ने कंपनी पर प्रतिबंध को लेकर उठाया सवाल

ZEEL ने SAT के सामने यह भी सवाल उठाया कि कथित उल्लंघन पूर्व प्रमोटर नेतृत्व से जुड़े मामले में है, तो कंपनी पर खुद मार्केट एक्सेस प्रतिबंध लगाने का क्या आधार है।

कंपनी का कहना है कि इस प्रतिबंध का असर केवल नियामकीय सजा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे उसकी फंड जुटाने की प्रक्रिया और निवेशकों के बीच कंपनी की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।

ZEEL फिलहाल अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने और नए फंड जुटाने पर फोकस कर रही है। ऐसे में प्रस्तावित फंडरेज कंपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

अब SAT के अंतरिम आदेश का इंतजार

SAT की पीठ में Presiding Officer जस्टिस पी.एस. दिनेश कुमार के साथ टेक्निकल मेंबर्स मीरा स्वरूप और डॉ. धीरज भटनागर शामिल थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने ZEEL और पुनीत गोयनका की अंतरिम राहत की मांग पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

अब SAT यह तय करेगा कि SEBI की ओर से लगाए गए मार्केट एक्सेस प्रतिबंध पर फिलहाल रोक लगाई जाए या इसमें कोई बदलाव किया जाए।

ZEEL के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि कंपनी ने कहा है कि 14 अगस्त की फंडरेज डेडलाइन पर SEBI के आदेश का असर पड़ सकता है। वहीं, हैदराबाद की संपत्ति को गिरवी रखने से जुड़ा मूल विवाद अभी SAT के सामने आगे भी जारी रहेगा।

 

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‘जी एंटरटेनमेंट’ से नितिन शेट्टी ने दिया इस्तीफा

नितिन शेट्टी कंपनी में एग्जिक्यूटिव क्लस्टर हेड और नेशनल हेड-की अकाउंट्स की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह वर्ष 2015 से ZEEL से जुड़े हुए थे।

Last Modified:
Tuesday, 11 August, 2026
Nitin Shetty

‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) से नितिन शेट्टी ने इस्तीफा दे दिया है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (e4m) से इसकी पुष्टि की है।

नितिन शेट्टी कंपनी में एग्जिक्यूटिव क्लस्टर हेड और नेशनल हेड-की अकाउंट्स की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह वर्ष 2015 से ZEEL से जुड़े हुए थे। कंपनी के साथ अपने एक दशक से अधिक लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने विज्ञापन से होने वाली आय बढ़ाने, स्ट्रैटेजिक क्लाइंट रिलेशंस को मजबूत करने और बड़े राष्ट्रीय अकाउंट्स को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ZEEL के साथ अपने कार्यकाल में शेट्टी ने मीडिया सेल्स, रेवेन्यू पार्टनरशिप, की अकाउंट मैनेजमेंट और क्लस्टर स्तर पर बिजनेस ऑपरेशंस से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं। उनकी भूमिका में विज्ञापनदाताओं, एजेंसियों और कंपनी की आंतरिक टीमों के साथ मिलकर ZEEL के टेलीविजन चैनलों और डिजिटल प्रॉपर्टीज के विस्तृत पोर्टफोलियो के लिए रेवेन्यू आधारित समाधान तैयार करना और उन्हें लागू करना शामिल था।

अपने लंबे कार्यकाल के दौरान नितिन शेट्टी ने मीडिया सेल्स, रणनीतिक अकाउंट ग्रोथ, रेवेन्यू जनरेशन और पार्टनरशिप मैनेजमेंट में व्यापक विशेषज्ञता हासिल की। उन्होंने प्रमुख विज्ञापनदाताओं और एजेंसियों के साथ ZEEL के संबंधों को मजबूत करने में भी योगदान दिया। खास तौर पर कंपनी के की अकाउंट्स बिजनेस का नेतृत्व करते हुए उन्होंने इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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ZEEL से गुंजराव नायक ने दिया इस्तीफा, वेस्ट मार्केट की संभाल रहे थे कमान

उच्च पदस्थ सूत्रों ने हमारी सहयोगी वेबसाइट एक्सचेंज4मीडिया से इसकी पुष्टि की है। गुंजराव नायक का अगला पेशेवर कदम क्या होगा, फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

Last Modified:
Tuesday, 11 August, 2026
Gunjarav Nayak

‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। इस खबर के मुताबिक यहां चीफ सेल्स ऑफिसर (HMG, Brand Works, IP और Digital Sales) के पद पर कार्यरत गुंजराव नायक ने इस्तीफा दे दिया है। वह कंपनी के वेस्ट मार्केट के ब्रांच हेड की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। उच्च पदस्थ सूत्रों ने हमारी सहयोगी वेबसाइट एक्सचेंज4मीडिया से इसकी पुष्टि की है।

‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ में अपनी इस भूमिका में नायक प्रीमियम रेवेन्यू स्ट्रीम को मजबूत करने और ब्रैंडेड कंटेंट, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज (IP) तथा डिजिटल सेल्स से जुड़े इंटीग्रेटेड सॉल्यूशंस को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार थे।

उनकी जिम्मेदारी में ZEEL की लीनियर और डिजिटल पेशकशों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और विज्ञापनदाताओं के लिए क्रॉस-प्लेटफॉर्म पार्टनरशिप विकसित करना भी शामिल था। नायक ने मार्च 2026 में इस विस्तारित भूमिका की जिम्मेदारी संभाली थी। यह बदलाव ZEEL की अलग-अलग बिजनेस वर्टिकल्स में नेशनल सेल्स लीडरशिप के पुनर्गठन का हिस्सा था।

गुंजराव नायक का अगला पेशेवर कदम क्या होगा, फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

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अंकुर अग्रवाल बने WPP Media में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (Client Services)

नई भूमिका में अंकुर अग्रवाल का फोकस WPP Media में स्ट्रैटेजिक बढ़त को मजबूत करने, टीमों को सशक्त बनाने और क्लाइंट्स के लिए बिजनेस परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर रहेगा।

Last Modified:
Tuesday, 11 August, 2026
Ankur Agarwal

मीडिया और विज्ञापन इंडस्ट्री के अनुभवी प्रोफेशनल अंकुर अग्रवाल ने ‘WPP Media’ में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (Client Services, India) के पद पर नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर शेयर की है।

अपनी नई भूमिका में अंकुर अग्रवाल का फोकस WPP Media में स्ट्रैटेजिक बढ़त को मजबूत करने, टीमों को सशक्त बनाने और क्लाइंट्स के लिए बिजनेस परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने पर रहेगा। WPP Media में उनका काम AI आधारित मीडिया सॉल्यूशंस, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी फ्रेमवर्क के जरिए क्लाइंट्स के लिए बेहतर बिजनेस नतीजे और दीर्घकालिक वैल्यू तैयार करने पर केंद्रित होगा।

अंकुर अग्रवाल को स्ट्रैटेजिक लीडरशिप, बिजनेस ग्रोथ और क्लाइंट रिलेशनशिप मैनेजमेंट का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। वह मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ-साथ तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स में भी नेतृत्वकारी भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने बिजनेस ग्रोथ, ब्रैंड बिल्डिंग, क्लाइंट सर्विस, बिजनेस डेवलपमेंट और टीम लीडरशिप जैसे क्षेत्रों में काम किया है।

WPP Media से जुड़ने से पहले अंकुर अग्रवाल T&P India में पार्टनर और हेड- North & New Business Development की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्होंने मई 2024 में T&P India जॉइन किया था। इससे पहले वह mSix&Partners में Head - North & New Business Development, Principal Partner - Client Leadership और Partner - Client Leadership जैसी भूमिकाओं में रहे।

अंकुर अग्रवाल ने T&P को भारत में शुरुआत से खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह वहां National Head of Growth & Office Head के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उनके अनुसार, उनका फोकस बेहतर क्लाइंट सर्विस मॉडल तैयार करने, ऑपरेशंस को स्केल करने और पूरी P&L की जिम्मेदारी संभालने पर रहा है।

T&P में उनके नेतृत्व में एजेंसी ने COMvergence की रैंकिंग में लगातार दो वर्षों तक भारत की Top 5 एजेंसियों में जगह बनाई और 2025 में T&P नेटवर्क के भीतर वैश्विक स्तर पर नंबर 1 रैंक हासिल की। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2024 में T&P के Global Partner के तौर पर शामिल किया गया था।

अंकुर अग्रवाल के करियर की शुरुआत Lintas Media Group से हुई, जहां उन्होंने अक्टूबर 2010 से जून 2012 तक मीडिया ग्रुप हेड के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने Havas Media में एसोसिएट मीडिया डायरेक्टर और एग्जिक्यूटिव बिजनेस डायरेक्टर की जिम्मेदारियां संभालीं। मार्च 2015 से सितंबर 2017 तक वह Yepme.com में मार्केटिंग और रेवेन्यू हेड रहे। इसके बाद सितंबर 2017 से mSix&Partners में उनकी विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाओं का सिलसिला शुरू हुआ।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो अंकुर अग्रवाल ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवर्टाइजिंग से PGDAC किया है। उन्होंने Barkatullah Vishwavidyalaya से एडवर्टाइजिंग में बी. कॉम की डिग्री ली है।

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सोनी पिक्चर्स में अब अनुरति टंडन संभालेंगी Digital B2B Business की कमान

अनुरति टंडन अब मनीष अग्रवाल की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगी। मनीष अग्रवाल ने SPNI में करीब 7 साल बिताने के बाद संस्थान से आगे बढ़ने का फैसला किया है।

Last Modified:
Tuesday, 11 August, 2026
Anurati Tandon

‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ (SPNI) में बड़ा बदलाव हुआ है। दरअसल, अनुरति टंडन को Digital B2B Business का हेड नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह सीईओ के ऑफिस में Chief of Staff की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

अनुरति टंडन अब मनीष अग्रवाल की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगी। मनीष अग्रवाल ने SPNI में करीब 7 साल बिताने के बाद संस्थान से आगे बढ़ने का फैसला किया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंपनी के Digital B2B और Syndication Business को तैयार करने और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

SPNI के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर राजेश कौल ने एक इंटरनल मेल में अनुरति टंडन की नई जिम्मेदारी को लेकर कहा कि अपनी मौजूदा भूमिका में उन्होंने सीईओ ऑफिस के भीतर कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स और पहलों को आगे बढ़ाया है। इस दौरान उन्होंने रेवेन्यू और बिजनेस ग्रोथ से जुड़े कामों में अलग-अलग टीमों के साथ मिलकर काम किया।

राजेश कौल ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अनुरति टंडन की रणनीतिक समझ और अलग-अलग कार्यक्षेत्रों में काम करने का अनुभव इस बिजनेस को उसके विकास के अगले चरण में आगे ले जाने में मदद करेगा। वह अगले कुछ महीनों तक CEO’s Office को भी सपोर्ट करती रहेंगी और इसी के साथ अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी। वह राजेश कौल की लीडरशिप टीम का हिस्सा होंगी।

इसके साथ ही राजेश कौल ने मनीष अग्रवाल के योगदान, नेतृत्व और SPNI के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए उनका आभार जताया और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं।

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राहुल श्रीवास्तव की NDTV में वापसी, बने कंसल्टिंग एडिटर

करीब चार दशक के अपने पत्रकारिता करियर में राहुल श्रीवास्तव ने प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम किया है। उन्हें राजनीतिक रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व का गहरा अनुभव है।

Last Modified:
Tuesday, 11 August, 2026
Rahul Shrivastava

वरिष्ठ पत्रकार राहुल श्रीवास्तव की ‘एनडीटीवी’ (NDTV) में वापसी हुई है। उन्होंने यहां पर कंसल्टिंग एडिटर के पद पर जिम्मेदारी संभाली है। करीब चार दशक के अपने पत्रकारिता करियर में राहुल श्रीवास्तव ने प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में काम किया है। उन्हें राजनीतिक रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व का गहरा अनुभव है।

राहुल श्रीवास्तव इससे पहले ‘Jist News’ और ‘India Today’ ग्रुप समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों में वरिष्ठ संपादकीय पदों पर काम कर चुके हैं। एनडीटीवी के साथ भी उनका लंबा जुड़ाव रहा है। अपने पिछले कार्यकाल के दौरान वह 1999 से 2017 तक एनडीटीवी में पॉलिटिकल एडिटर रहे थे।

इस नियुक्ति पर एनडीटीवी के सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने कहा कि राहुल श्रीवास्तव देश के सबसे अनुभवी राजनीतिक पत्रकारों में से एक हैं। उन्हें भारत की राजनीतिक संस्थाओं, राजनीतिक हस्तियों और चुनावी परिदृश्य की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि राहुल श्रीवास्तव का संपादकीय विवेक, रिपोर्टिंग का अनुभव और जटिल घटनाक्रमों को संदर्भ के साथ समझाने की क्षमता एनडीटीवी की राजनीतिक कवरेज को मजबूती देगी।

वहीं, राहुल श्रीवास्तव ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि यह भारतीय राजनीति और पत्रकारिता के लिए एक महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने कहा कि वह एनडीटीवी की कवरेज में अपने अनुभव का योगदान देने और दर्शकों को देश में हो रहे घटनाक्रमों, फैसलों और राजनीतिक बदलावों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करने को लेकर उत्साहित हैं।

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Network18 ने अभिनय चौहान को किया प्रमोट, बने चीफ ग्रोथ ऑफिसर-गवर्नमेंट अफेयर्स

इससे पहले वह कंपनी में एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट के पद पर कार्यरत थे।

Last Modified:
Tuesday, 11 August, 2026
Abhinay Chauhan

‘नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड’ (Network18 Media & Investments Ltd.) ने अभिनय चौहान को प्रमोट करते हुए चीफ ग्रोथ ऑफिसर, गवर्नमेंट अफेयर्स की जिम्मेदारी दी है। इससे पहले वह कंपनी में एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट के पद पर कार्यरत थे।

Network18 में अपने कार्यकाल के दौरान अभिनय चौहान ने राज्य सरकारों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के साथ कंपनी के संबंधों को मैनेज करने और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र में नए अवसरों की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ाने पर भी काम किया है।

नई जिम्मेदारी में उनका फोकस नेटवर्क18 के लैंग्वेज चैनलों, डिजिटल प्रॉपर्टीज, Forbes India और AETN18 (HistoryTV18) के लिए सरकार से जुड़े रेवेन्यू को बढ़ाने पर रहेगा। वह सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी और प्रभाव को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उनकी भूमिका नेटवर्क18 की ब्रॉडकास्ट और डिजिटल इकाइयों को एक साथ जोड़ने की कंपनी की व्यापक स्ट्रैटेजी का भी हिस्सा होगी। सरकार और पब्लिक सेक्टर से जुड़े क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी और प्रभाव को मजबूत करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।

नेटवर्क18 से जुड़ने से पहले अभिनय चौहान बिजनेस और फाइनेंशियल न्यूज प्लेटफॉर्म ‘ब्लूमबर्गक्विंट’ (BloombergQuint) में वाइस प्रेजिडेंट के पद पर कार्यरत थे। वहां उन्होंने ऑपरेशनल स्ट्रैटेजी और अलग-अलग टीमों के बीच समन्वय से जुड़े काम का नेतृत्व किया था।

 

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UPI पेमेंट रहेगा फ्री: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दूर किया बड़ा भ्रम

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने साफ किया कि आम यूजर्स के लिए UPI पेमेंट फ्री रहेगा और कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगाया जाएगा।

Last Modified:
Tuesday, 11 August, 2026
upicharge

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface-UPI) से भुगतान करने वाले आम लोगों के लिए राहत की खबर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने साफ किया है कि सामान्य UPI पेमेंट पर यूजर्स से कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लिया जाएगा।

राज्यसभा में सोमवार को बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 (Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026) में UPI पेमेंट पर कोई टैक्स या चार्ज लगाने का प्रावधान नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि UPI शुरू होने के बाद से आम लोगों के लिए फ्री रहा है और आगे भी ऐसा ही रहेगा।

यह सफाई उन सवालों के बीच आई है, जिनमें आशंका जताई जा रही थी कि नए कानून में किए जा रहे बदलावों से डिजिटल पेमेंट पर शुल्क लगाने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, निर्मला सीतारमण ने यह भी बताया कि भविष्य में एक सीमित श्रेणी के बड़े ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (Merchant Discount Rate-MDR) लागू किया जा सकता है। लेकिन फिलहाल ऐसा कोई सिस्टम तय नहीं किया गया है।

कानून पास होने के बाद नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (National Payments Corporation of India-NPCI) की अगुवाई वाली UPI सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी इस पर विचार करेगी। यही तय किया जाएगा कि MDR लागू किया जाए या नहीं और अगर लागू होता है तो उसका दायरा और तरीका क्या होगा।

MDR डिजिटल पेमेंट को प्रोसेस करने से जुड़ा शुल्क है, जिसे आम तौर पर मर्चेंट साइड के पेमेंट सिस्टम में लिया जाता है। इसका मतलब यह सीधे ग्राहक से वसूला जाने वाला शुल्क नहीं है। सरकार ने यह भी कहा है कि छोटे कारोबारियों और वित्तीय पहुंच को ध्यान में रखते हुए डिजिटल पेमेंट सिस्टम को आगे बढ़ाना उसकी प्राथमिकता बनी हुई है।

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जी एंटरटेनमेंट के बोर्ड ने चार स्वतंत्र निदेशकों को फिर से नियुक्त करने की दी मंजूरी

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises Limited) के बोर्ड ने कंपनी के चार स्वतंत्र निदेशकों की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी है

Last Modified:
Tuesday, 11 August, 2026
ZeeEnt85412

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises Limited) के बोर्ड ने कंपनी के चार स्वतंत्र निदेशकों की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी है। इनमें दीपू बंसल, उत्तम प्रकाश अग्रवाल, डॉ. वेंकट रमणा मूर्ति पिनिसेट्टी और शिशिर बाबूभाई देसाई शामिल हैं। इन सभी को दूसरे कार्यकाल के लिए पांच साल तक स्वतंत्र निदेशक बनाए रखने की सिफारिश की गई है। हालांकि, इन नियुक्तियों के लिए कंपनी के आगामी Annual General Meeting (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।

दीपू बंसल का दूसरा कार्यकाल

कंपनी के बोर्ड ने दीपू बंसल (DIN: 09497525) को स्वतंत्र निदेशक के तौर पर दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी दी है। उनका नया कार्यकाल 13 अक्टूबर 2026 से 12 अक्टूबर 2031 तक रहेगा। यह नियुक्ति नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (Nomination and Remuneration Committee) की सिफारिश पर की गई है और इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।

उत्तम प्रकाश अग्रवाल भी बने रहेंगे स्वतंत्र निदेशक

बोर्ड ने उत्तम प्रकाश अग्रवाल (DIN: 00272983) को भी स्वतंत्र निदेशक के तौर पर दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त करने की सिफारिश की है। उनका प्रस्तावित कार्यकाल 17 दिसंबर 2026 से 16 दिसंबर 2031 तक रहेगा। यह नियुक्ति भी नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (Nomination and Remuneration Committee) की सिफारिश पर की गई है और AGM में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।

डॉ. वेंकट रमणा मूर्ति पिनिसेट्टी की भी पुनर्नियुक्ति

कंपनी ने डॉ. वेंकट रमणा मूर्ति पिनिसेट्टी (DIN: 03483544) को भी स्वतंत्र निदेशक के रूप में दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी दी है। उनका प्रस्तावित कार्यकाल 17 दिसंबर 2026 से 16 दिसंबर 2031 तक होगा। इसके लिए भी AGM में शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।

शिशिर बाबूभाई देसाई भी दूसरी बार होंगे स्वतंत्र निदेशक

इसी तरह शिशिर बाबूभाई देसाई (DIN: 01453410) को भी स्वतंत्र निदेशक के रूप में दूसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए दोबारा नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। उनका प्रस्तावित कार्यकाल 17 दिसंबर 2026 से 16 दिसंबर 2031 तक रहेगा। यह नियुक्ति भी नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (Nomination and Remuneration Committee) की सिफारिश और शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।

कंपनी के बोर्ड ने इन चारों स्वतंत्र निदेशकों की पुनर्नियुक्ति का प्रस्ताव आगामी AGM में शेयरधारकों के सामने रखने का फैसला किया है। यानी AGM में मंजूरी मिलने के बाद ही इनका दूसरा कार्यकाल औपचारिक रूप से लागू होगा।

 

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