ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने लोगों को फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स से सावधान रहने की सलाह दी है।
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Vikas Saxena
ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने लोगों को फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स से सावधान रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि कुछ लोग खुद को मंत्रालय का सलाहकार बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं और उनसे पैसे भी वसूलने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच भाजपा सांसद संबित पात्रा का वॉट्सऐप अकाउंट कथित तौर पर हैक होने का मामला भी सामने आया है, जिसमें उनके नाम पर लोगों से पैसे मांगे गए।
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक फैक्ट-चेक हैंडल के जरिए जारी एडवाइजरी में कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर अपनी पहचान गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। ये लोग दावा कर रहे हैं कि वे व्यापार, माइग्रेशन और अन्य नीतिगत मामलों पर विदेश मंत्रालय को सलाह देते हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, कुछ फर्जी अकाउंट्स मंत्रालय के साथ काम करने का तरीका बताने के नाम पर पेड सेशन (पैसे लेकर सलाह देने वाले सत्र) भी चला रहे हैं और लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि इन लोगों का मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर ऐसे फर्जी दावों और अकाउंट्स से सतर्क रहें तथा किसी भी आधिकारिक जानकारी या सहायता के लिए केवल सरकार के सत्यापित (Verified) प्लेटफॉर्म और आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।
भाजपा सांसद संबित पात्रा के नाम से पत्रकार को आया फेक मैसेज
विदेश मंत्रालय की इस चेतावनी के बीच भाजपा सांसद संबित पात्रा का वॉट्सऐप अकाउंट कथित तौर पर हैक होने का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि हैकर ने उनके अकाउंट का इस्तेमाल कर उनके दोस्तों, परिचितों और समर्थकों को आर्थिक मदद के नाम पर संदेश भेजे।
इस मामले का खुलासा रविवार को बिहार के वरिष्ठ पत्रकार और यूट्यूबर अजीत अंजुम ने फेसबुक पर किया। उन्होंने बताया कि उन्हें संबित पात्रा के वॉट्सऐप नंबर से एक संदेश मिला, जिसमें लिखा था, "हैलो, मुझे थोड़ी मदद चाहिए।"
अजीत अंजुम ने बताया कि पहले उन्हें हैरानी हुई कि एक सांसद उनसे आर्थिक मदद क्यों मांग रहे हैं, जबकि दोनों के बीच पिछले पांच-सात वर्षों से कोई बातचीत नहीं हुई थी। उन्होंने वॉट्सऐप कॉल करके पुष्टि करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद उसी नंबर से एक क्यूआर कोड भेजा गया और 65 हजार रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्हें शक हुआ कि संबित पात्रा का वॉट्सऐप अकाउंट हैक हो गया है और कोई ठग उनके नाम का इस्तेमाल कर लोगों से पैसे मांग रहा है।
अजीत अंजुम ने अपनी X पोस्ट के साथ कथित वॉट्सऐप चैट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक संबित पात्रा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल ठग फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाने के साथ-साथ WhatsApp अकाउंट हैक कर परिचित लोगों से पैसे मांगने जैसे तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में अगर किसी परिचित के नाम से अचानक पैसे मांगने का संदेश मिले, तो बिना पुष्टि किए कोई भी भुगतान न करें। पहले संबंधित व्यक्ति से फोन कॉल या किसी अन्य माध्यम से संपर्क कर यह सुनिश्चित कर लें कि संदेश वास्तव में उसी ने भेजा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती ऐसी घटनाओं को देखते हुए लोगों को अधिक सतर्क रहने और केवल आधिकारिक व सत्यापित स्रोतों पर ही भरोसा करने की जरूरत है।
मीडिया, विज्ञापन, टेक और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले अजीत वर्गीज (Ajit Varghese) आज मैडिसन वर्ल्ड (Madison World) के पार्टनर और सीईओ हैं।
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Samachar4media Bureau
भारत के मीडिया और विज्ञापन उद्योग के अनुभवी पेशेवरों में शामिल अजीत वर्गीज (Ajit Varghese) का करियर एजेंसी, टेक्नोलॉजी और एंटरटेनमेंट की दुनिया को जोड़ने वाली एक अनूठी यात्रा रहा है। तीन दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने कई राष्ट्रीय और वैश्विक संगठनों में नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभाईं और उद्योग के बदलते दौर के साथ खुद को लगातार नई भूमिकाओं में स्थापित किया।
अजीत वर्गीज (Ajit Varghese) ने अपने करियर की मजबूत पहचान मैडिसन वर्ल्ड (Madison World) से बनाई, जहां वह 1999 से 2006 तक चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (Chief Operating Officer-COO) रहे। इसके बाद उन्होंने मैक्सस (Maxus) में मैनेजिंग डायरेक्टर – साउथ एशिया (Managing Director, South Asia) के रूप में जिम्मेदारी संभाली। यहां उन्होंने बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन का नेतृत्व किया और बाद में कंपनी के सीईओ – एशिया पैसिफिक (CEO, Asia Pacific) बने।
इसके बाद उनका सफर वैश्विक स्तर पर वेवमेकर (Wavemaker) तक पहुंचा, जहां ग्लोबल प्रेसिडेंट (Global President) के रूप में उन्होंने 50 से अधिक देशों में कारोबार का नेतृत्व किया और 3,000 से अधिक पेशेवरों की टीम का प्रबंधन किया।
साल 2020 में उन्होंने पारंपरिक एजेंसी जगत से आगे बढ़ते हुए उपभोक्ता प्रौद्योगिकी (Consumer Technology) क्षेत्र में कदम रखा और शेयरचैट (ShareChat) तथा मोज (Moj) में चीफ कमर्शियल ऑफिसर (Chief Commercial Officer) बने। यहां उन्होंने डिजिटल और सोशल मीडिया इकोसिस्टम में कंपनी की व्यावसायिक रणनीतियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके बाद अजीत वर्गीज (Ajit Varghese) द वॉल्ट डिज्नी कंपनी (The Walt Disney Company) से जुड़े, जहां उन्होंने विज्ञापन और रेवेन्यू से जुड़े वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर काम किया। इस दौरान उन्होंने एंटरटेनमेंट कारोबार और बाद में जियोस्टार (JioStar) से जुड़े बदलते मीडिया परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
साल 2025 में उनका करियर एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंचा, जब वह दो दशक से अधिक समय बाद मैडिसन वर्ल्ड (Madison World) में पार्टनर और सीईओ (Partner & CEO) के रूप में लौटे। यह केवल पुराने संगठन में वापसी नहीं थी, बल्कि मीडिया, विज्ञापन, टेक्नोलॉजी और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन के बीच लगातार विकसित होते उनके करियर का नया अध्याय था।
ज़ेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, भुवनेश्वर (Xavier Institute of Management, Bhubaneswar-XIMB) के पूर्व छात्र अजीत वर्गीज (Ajit Varghese) ने पारंपरिक मीडिया बाइंग से लेकर वैश्विक एजेंसी नेटवर्क, डिजिटल बदलाव, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एकीकृत एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम तक उद्योग के कई बड़े बदलावों को करीब से देखा और उनमें सक्रिय भूमिका निभाई।
उनके जन्मदिन के अवसर पर उनका पेशेवर सफर इस बात का उदाहरण है कि बदलती मीडिया इंडस्ट्री में निरंतर सीखने, नेतृत्व क्षमता और नए अवसरों को अपनाने की सोच किस तरह लंबे समय तक सफलता का आधार बन सकती है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने वॉट्सऐप के यूजरनेम फीचर पर जवाब देने के लिए मेटा (Meta) को तीन दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology-MeitY) ने वॉट्सऐप (WhatsApp) के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर (Username Feature) पर जवाब देने के लिए मेटा (Meta) को तीन दिन की अतिरिक्त मोहलत दे दी है। भारत में कंपनी के प्लेटफॉर्म्स को लेकर बढ़ती नियामकीय जांच के बीच अब मेटा (Meta) को अपना जवाब 9 जुलाई तक सौंपना होगा।
दरअसल, केंद्र सरकार ने मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप के अलावा टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल (Signal) को भी नोटिस जारी कर उनके यूजरनेम फीचर (Username Feature) और धोखाधड़ी रोकने के लिए अपनाए गए सुरक्षा उपायों की जानकारी मांगी थी।
सरकारी अधिकारी वॉट्सऐप के प्रस्तावित यूजरनेम सिस्टम में लागू किए जाने वाले प्रतिबंधों, वेरिफिकेशन (Verification) प्रक्रिया और यूजर्स के लिए उपलब्ध रिपोर्टिंग मैकेनिज्म (Reporting Mechanism) की भी समीक्षा कर रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की ओर से जारी नोटिस नए डिजिटल पहचान फीचर्स (Digital Identity Features) से जुड़े संभावित जोखिमों की व्यापक समीक्षा का हिस्सा हैं। सरकार विशेष रूप से इस बात का आकलन कर रही है कि कहीं ऐसे फीचर्स मौजूदा मोबाइल नंबर आधारित पहचान प्रणाली (Phone Number-based Authentication) को कमजोर तो नहीं करेंगे।
भारत सरकार ने टेलीग्राम (Telegram) को पायरेटेड फिल्मों और ओटीटी (OTT) कंटेंट के प्रसार पर रोक लगाने के लिए नोटिस जारी किया है और 15 दिनों में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।
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भारत सरकार ने पायरेटेड फिल्मों और ओटीटी (OTT) कंटेंट के प्रसार को लेकर टेलीग्राम (Telegram) को एक बार फिर नोटिस जारी किया है। सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया है कि वह बड़े स्तर पर हो रही डिजिटल पायरेसी (Digital Piracy) पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करे और 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (Action Taken Report-ATR) सौंपे।
एएनआई (ANI) के अनुसार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting-MIB) ने टेलीग्राम (Telegram) से कहा है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर पायरेटेड फिल्मों, वेब सीरीज (Web Series) और अन्य ओटीटी कंटेंट (OTT Content) के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई भारत की क्रिएटर इकोनॉमी (Creator Economy), फिल्म उद्योग (Film Industry), ब्रॉडकास्टर्स (Broadcasters), ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (OTT Platforms), फिल्म निर्माताओं (Film Producers) और डिस्ट्रीब्यूटर्स (Distributors) के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से की जा रही है।
पायरेसी (Piracy) का अर्थ किसी कॉपीराइट (Copyright) से संरक्षित कंटेंट की उसके अधिकारधारक की अनुमति के बिना कॉपी करना, डाउनलोड करना, साझा करना, बेचना या अन्य किसी रूप में इस्तेमाल करना है। यह कॉपीराइट कानून (Copyright Law) का उल्लंघन माना जाता है और इससे कंटेंट निर्माताओं, कलाकारों तथा प्रोडक्शन कंपनियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
हाल के महीनों में टेलीग्राम (Telegram) को लेकर सरकार की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक और भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने प्लेटफॉर्म पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए थे। बाद में टेलीग्राम (Telegram) ने इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में चुनौती दी थी, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्थायी प्रतिबंध हटा लिया गया था।
टेलीग्राम (Telegram) एक क्लाउड आधारित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म (Cloud-based Messaging Platform) है, जो अपने एडवांस्ड फीचर्स (Advanced Features) और सुरक्षा सुविधाओं के लिए जाना जाता है। प्लेटफॉर्म पर एक ग्रुप में दो लाख तक सदस्यों को जोड़ा जा सकता है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर कंटेंट साझा करना संभव होता है। यही वजह है कि सरकार प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट उल्लंघन और पायरेटेड कंटेंट के प्रसार को लेकर अधिक सतर्क रुख अपना रही है।
जियोस्टार (JioStar) ने प्रशांत खन्ना (Prashant Khanna) को हेड – स्पोर्ट्स: राइट्स, इनोवेशन एंड क्रिकइन्फो बिजनेस नियुक्त किया है। इसकी जानकारी उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा की।
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जियोस्टार (JioStar) ने प्रशांत खन्ना (Prashant Khanna) को हेड – स्पोर्ट्स: राइट्स, इनोवेशन एंड क्रिकइन्फो बिजनेस (Head-Sports: Rights, Innovation and Cricinfo Business) नियुक्त किया है। इसकी जानकारी उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए साझा की।
अपने पोस्ट में प्रशांत खन्ना (Prashant Khanna) ने लिखा, "स्टार (Star), डिज्नी स्टार (Disney Star) और अब जियोस्टार (JioStar) के साथ करीब नौ वर्षों के सफर के बाद मैं स्पोर्ट्स राइट्स एंड इनोवेशन (Sports Rights & Innovation) और क्रिकइन्फो बिजनेस (Cricinfo Business) से जुड़ी नई जिम्मेदारी संभालने को लेकर उत्साहित हूं।"
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में उन्हें प्रोडक्शन (Production), टेक्नोलॉजी (Technology) और इनोवेशन (Innovation) के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिला, जहां उन्होंने कई बड़े खेल आयोजनों के लिए क्षमताओं के विकास में योगदान दिया। उनके अनुसार, नई भूमिका उन्हें व्यापक कारोबारी दृष्टिकोण से राइट्स (Rights), पार्टनरशिप्स (Partnerships), इनोवेशन (Innovation) और डिजिटल (Digital) को एक साथ जोड़ते हुए जियोस्टार स्पोर्ट्स (JioStar Sports) के अगले विकास चरण को आकार देने का अवसर देगी।
प्रशांत खन्ना (Prashant Khanna) ने कहा कि खेल उद्योग तेजी से बदल रहा है और इससे ब्रॉडकास्टर्स (Broadcasters), राइट्स होल्डर्स (Rights Holders) तथा टेक्नोलॉजी कंपनियों के बीच पहले से कहीं अधिक सहयोग के अवसर बन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह टीमों, पार्टनर्स, लीग्स (Leagues) और गवर्निंग बॉडीज (Governing Bodies) के साथ मिलकर मजबूत साझेदारियां विकसित करने, नए अवसर तलाशने और पूरे स्पोर्ट्स इकोसिस्टम (Sports Ecosystem) के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने की दिशा में काम करेंगे।
इस नई जिम्मेदारी से पहले प्रशांत खन्ना (Prashant Khanna) जियोस्टार (JioStar) में हेड – स्पोर्ट्स एंड लाइव एक्सपीरियंस प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज (Head-Sports & Live Experience Production Technology & Services) के पद पर कार्यरत थे। वह नवंबर 2024 से जियोस्टार (JioStar) के साथ जुड़े हुए हैं।
जियोस्टार (JioStar) से पहले प्रशांत खन्ना (Prashant Khanna) इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (International Cricket Council-ICC) में प्रोडक्शन कॉन्ट्रैक्ट मैनेजर (Production Contract Manager) के रूप में कार्य कर चुके हैं।
शबैंग (Schbang) ने कार्तिक कृष्णन (Karthik Krishnan) को सीनियर क्रिएटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।
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शबैंग (Schbang) ने कार्तिक कृष्णन (Karthik Krishnan) को सीनियर क्रिएटिव डायरेक्टर (Senior Creative Director) नियुक्त किया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।
शबैंग (Schbang) से जुड़ने से पहले कार्तिक कृष्णन (Karthik Krishnan) करीब तीन वर्षों तक द कंटेंट लैब (The Content Lab) के साथ जुड़े रहे। वहां वह एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर (Executive Creative Director) के पद पर कार्यरत थे और कॉपी (Copy) तथा आर्ट (Art) सहित संगठन के क्रिएटिव विभाग का नेतृत्व कर रहे थे।
द कंटेंट लैब (The Content Lab) में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने फ्लिपकार्ट (Flipkart), अमेजन प्राइम (Amazon Prime), अकासा एयर (Akasa Air), ओडोमॉस (Odomos), ओडोनिल (Odonil), हैलो किटी (Hello Kitty), स्विगी (Swiggy), जनरली सेंट्रल इंश्योरेंस (Generali Central Insurance), गुंडा (Goonda), ट्रू सिल्वर (True Silver) और वाइल्डक्राफ्ट (Wildcraft) जैसे ब्रांड्स के लिए काम किया।
अपने करियर के शुरुआती दौर में कार्तिक कृष्णन (Karthik Krishnan) ओगिल्वी (Ogilvy), द डिजिटल स्ट्रीट (The Digital Street), टेरिबली टाइनी टेल्स (Terribly Tiny Tales), आइसोबार (Isobar), आईबीएस फुलक्रो (ibs fulcro) और कैक्टस कम्युनिकेशंस (Cactus Communications) जैसी कंपनियों में भी विभिन्न भूमिकाओं में कार्य कर चुके हैं।
व्हाट्सएप (WhatsApp) के बाद केंद्र सरकार ने टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल (Signal) को भी यूजरनेम फीचर को लेकर नोटिस भेजा है और सुरक्षा उपायों पर जवाब मांगा है।
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व्हाट्सएप (WhatsApp) के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर (Username Feature) को लेकर मेटा (Meta) को नोटिस भेजने के बाद अब केंद्र सरकार ने टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल (Signal) को भी नोटिस जारी किया है। इन दोनों मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स (Messaging Platforms) में पहले से ही यूजरनेम सिस्टम (Username System) उपलब्ध है।
पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि सरकार ने टेलीग्राम (Telegram) और सिग्नल (Signal) से पूछा है कि उनके प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद यूजरनेम फीचर (Username Feature) का दुरुपयोग कर होने वाली साइबर ठगी (Cyber Fraud) और फर्जी पहचान (Impersonation) के मामलों को रोकने के लिए क्या-क्या सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, टेलीग्राम (Telegram) को भेजे गए नोटिस में सरकार ने यह भी पूछा है कि आखिर उसे अपने प्लेटफॉर्म पर यूजरनेम फीचर (Username Feature) जारी रखने की अनुमति क्यों दी जानी चाहिए।
गौरतलब है कि बुधवार को केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप (WhatsApp) की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) को नोटिस भेजा था। सरकार का कहना है कि व्हाट्सएप (WhatsApp) का नया यूजरनेम फीचर (Username Feature) ऑनलाइन फ्रॉड (Online Fraud), फिशिंग (Phishing), डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) और किसी दूसरे की पहचान बनाकर लोगों से ठगी जैसे मामलों में बढ़ोतरी कर सकता है।
सरकार ने मेटा (Meta) को यह भी निर्देश दिया था कि इस फीचर को भारत में तब तक लॉन्च न किया जाए, जब तक इस मुद्दे पर सरकार के साथ परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और सरकार संतुष्ट नहीं हो जाती।
जियोस्टार (JioStar) ने आकाश वडेरा (Akash Vadera) को TADKA का डायरेक्टर – मार्केटिंग नियुक्त किया है। उन्होंने अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा की।
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जियोस्टार (JioStar) ने आकाश वडेरा (Akash Vadera) को TADKA का डायरेक्टर – मार्केटिंग (Director – Marketing) नियुक्त किया है। आकाश वडेरा (Akash Vadera) ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा करते हुए लिखा, "मैं यह बताते हुए बेहद उत्साहित हूं कि मैंने जियोस्टार (JioStar) में TADKA के लिए डायरेक्टर – मार्केटिंग (Director – Marketing) के रूप में नई भूमिका शुरू की है।"
जियोस्टार (JioStar) से जुड़ने से पहले आकाश वडेरा (Akash Vadera) ड्रीम11 (Dream11) में ब्रांड मार्केटिंग मैनेजर (Brand Marketing Manager) और सोशल मीडिया लीड (Social Media Lead) के रूप में कार्यरत थे।
इससे पहले वह सागरकैज़्म (Sagarcasm) में कंटेंट लीड (Content Lead) और जियो (Jio) में डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर (Digital Marketing Manager) की भूमिका निभा चुके हैं।
अपने करियर के शुरुआती दौर में आकाश वडेरा (Akash Vadera) रेमंड कंज्यूमर केयर (Raymond Consumer Care) में ट्रेड मार्केटिंग मैनेजर (Trade Marketing Manager) रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अक्ज़ो नोबेल (AkzoNobel) और वेबस्मिथ टेक्नोलॉजीज (WebSmith Technologies) के साथ भी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
सरकार ने मेटा (Meta) को भारत में वॉट्सऐप का यूजरनेम फीचर फिलहाल लॉन्च नहीं करने को कहा है और तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है।
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भारत सरकार ने मेटा (Meta) से कहा है कि वह वॉट्सऐप (WhatsApp) के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर (Username Feature) को भारत में तब तक लॉन्च न करे, जब तक इस मुद्दे पर चल रही परामर्श प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। कुछ मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology-MeitY) ने मेटा (Meta) को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रस्तावित फीचर के तहत वॉट्सऐप यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए केवल यूजरनेम (Username) के जरिए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। मेटा (Meta) ने इसे गोपनीयता (Privacy) बढ़ाने वाला फीचर बताया है, जिससे यूजर्स नए संपर्कों, बिजनेस (Business) और कम्युनिटीज (Communities) के साथ बातचीत पर अधिक नियंत्रण रख सकेंगे।
हालांकि सरकार को आशंका है कि पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना यह फीचर फर्जी पहचान (Fake Identity), प्रतिरूपण (Impersonation), साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) और ट्रेसबिलिटी (Traceability) से जुड़े जोखिम बढ़ा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि कहीं यूजर्स कंपनियों, सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, वित्तीय संस्थानों या अन्य व्यक्तियों से मिलते-जुलते यूजरनेम तो नहीं बना सकेंगे। ऐसी स्थिति में अज्ञात अकाउंट्स (Unknown Accounts) से संपर्क होने पर लोग उन्हें असली व्यक्ति या संस्था समझ सकते हैं।
भारत में वॉट्सऐप का उपयोग व्यक्तिगत संदेशों, बिजनेस कम्युनिकेशन (Business Communication), कस्टमर सपोर्ट (Customer Support), पेमेंट्स (Payments), कम्युनिटी ग्रुप्स (Community Groups) और स्थानीय कारोबार के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
फिलहाल मोबाइल नंबर ही वॉट्सऐप पर पहचान का प्रमुख माध्यम है। इससे गोपनीयता से जुड़े सवाल जरूर उठते हैं, लेकिन धोखाधड़ी, उत्पीड़न या प्रतिरूपण के मामलों में जांच एजेंसियों को स्पष्ट पहचान भी मिल जाती है।
सरकार ने मेटा (Meta) से यह स्पष्ट करने को कहा है कि यूजरनेम कैसे आवंटित किए जाएंगे, भ्रामक या मिलते-जुलते नामों पर क्या रोक होगी, आधिकारिक और बिजनेस अकाउंट्स (Business Accounts) की पहचान कैसे सुरक्षित रहेगी तथा फर्जी यूजरनेम (Fraudulent Usernames) की शिकायत मिलने पर उन्हें कितनी तेजी से हटाया जाएगा।
कंपनी को यह भी स्पष्ट करना पड़ सकता है कि यदि यूजर्स के मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देंगे, तब भी कानूनी जांच के लिए बैकएंड पहचान (Backend Identifiers) उपलब्ध रहेगी या नहीं।
फिलहाल सरकार ने इस फीचर पर स्थायी रोक नहीं लगाई है, लेकिन परामर्श प्रक्रिया पूरी होने और मेटा (Meta) का जवाब मिलने तक भारत में वॉट्सऐप के यूजरनेम फीचर का रोलआउट रोकने के लिए कहा है।
हंसा रिसर्च (Hansa Research) की AIM स्टडी के अनुसार भारत में यूट्यूब (YouTube) और इंस्टाग्राम (Instagram) सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म बन गए हैं।
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Samachar4media Bureau
भारत की डिजिटल दुनिया में अब केवल किसी प्लेटफॉर्म की पहुंच (Reach) नहीं, बल्कि उस पर बिताया जाने वाला समय (Screen Time) उसकी असली ताकत बनता जा रहा है। वर्ल्ड सोशल मीडिया डे (World Social Media Day) से पहले जारी हंसा रिसर्च (Hansa Research) की "एडवरटाइजिंग इम्पैक्ट मेजरमेंट (Advertising Impact Measurement-AIM)" स्टडी के अनुसार, यूट्यूब (YouTube) और इंस्टाग्राम (Instagram) देश के सबसे अधिक जुड़ाव (Engagement) वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर उभरे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूब (YouTube) 93 प्रतिशत उपभोक्ताओं तक पहुंच के साथ भारत का सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म बना हुआ है। यूजर्स इस प्लेटफॉर्म पर औसतन 61 मिनट प्रतिदिन बिताते हैं। वहीं इंस्टाग्राम (Instagram) 71 प्रतिशत पहुंच और प्रतिदिन औसतन 58 मिनट के उपयोग के साथ दूसरे स्थान पर है। रिपोर्ट बताती है कि भारतीय यूजर्स तेजी से विजुअल (Visual) और शॉर्ट-फॉर्म वीडियो (Short-form Video) कंटेंट की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि केवल अधिक यूजर्स होना किसी प्लेटफॉर्म पर अधिक जुड़ाव की गारंटी नहीं है। व्हाट्सऐप (WhatsApp) की पहुंच 65 प्रतिशत और फेसबुक (Facebook) की 60 प्रतिशत है, लेकिन इन प्लेटफॉर्म्स पर औसत दैनिक उपयोग क्रमशः 34 मिनट और 41 मिनट ही दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि बड़ी पहुंच हमेशा अधिक एंगेजमेंट में नहीं बदलती।
ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) के यूजर्स प्रतिदिन औसतन 58 मिनट प्लेटफॉर्म पर बिताते हैं। वहीं डिज्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) की पहुंच 27 प्रतिशत होने के बावजूद इसका औसत दैनिक स्क्रीन टाइम 54 मिनट रहा। नेटफ्लिक्स (Netflix) भी 51 मिनट के औसत दैनिक उपयोग के साथ दर्शकों को लंबे समय तक जोड़े रखने में सफल रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल उपभोग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब उपभोक्ता ऐसे प्लेटफॉर्म्स को अधिक पसंद कर रहे हैं जो लंबे समय तक देखने योग्य, वीडियो-केंद्रित और अधिक इमर्सिव (Immersive) अनुभव प्रदान करते हैं। यही बदलाव विज्ञापनदाताओं और ब्रांड्स के लिए डिजिटल प्रभाव (Digital Influence) को मापने के तरीके को भी बदल रहा है।
हंसा रिसर्च (Hansa Research) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) प्रवीण निजहरा (Praveen Nijhara) ने कहा कि डिजिटल इकोसिस्टम (Digital Ecosystem) में बड़ा बदलाव आ रहा है, जहां किसी प्लेटफॉर्म का वास्तविक प्रभाव उसके एंगेजमेंट से तय होगा।
उन्होंने कहा कि यूट्यूब (YouTube), इंस्टाग्राम (Instagram) और ओटीटी सेवाओं (OTT Services) का मजबूत प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि ब्रांड्स को अब केवल यह नहीं देखना चाहिए कि उपभोक्ता कहां मौजूद हैं, बल्कि यह भी समझना होगा कि वे अपना सबसे अधिक समय कहां बिताते हैं।
रवि प्रकाश जायसवाल (Ravi Prakash Jaiswal) की नई पुस्तक 'दोहरीघाट टू दिल्ली' (Dohrighat to Delhi) का लोकार्पण आज नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में होगा।
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Samachar4media Bureau
लेखक रवि प्रकाश जायसवाल (Ravi Prakash Jaiswal) की नई पुस्तक **'दोहरीघाट टू दिल्ली' (Dohrighat to Delhi)** का लोकार्पण आज नई दिल्ली (New Delhi) स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (India International Centre-IIC), लोधी रोड (Lodhi Road) में आयोजित एक विशेष साहित्यिक संध्या के दौरान किया जाएगा। **'ए जर्नी ऑफ वैल्यूज, लाइफ एंड लेगेसी' (A Journey of Values, Life & Legacy)** थीम पर आधारित यह कार्यक्रम साहित्य, परिवार, संस्कार और जीवन मूल्यों पर केंद्रित रहेगा।
'दोहरीघाट टू दिल्ली' (Dohrighat to Delhi) केवल एक संस्मरण (Memoir) नहीं, बल्कि संस्कार, दृढ़ संकल्प, पारिवारिक मूल्यों और पीढ़ियों से चली आ रही जीवन-शिक्षाओं की भावनात्मक यात्रा है। पुस्तक यह संदेश देती है कि जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियां केवल सफलता से नहीं, बल्कि उन मूल्यों से तय होती हैं जिन्हें हम संजोते हैं और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाते हैं।
पुस्तक में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के दोहरीघाट (Dohrighat) की सांस्कृतिक जड़ों से लेकर दिल्ली (Delhi) तक के जीवन सफर को दर्शाया गया है। इसमें संघर्ष, ईमानदारी, उद्देश्य और समाज व परिवार के प्रति समर्पण को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
आज आयोजित होने वाले कार्यक्रम में साहित्य जगत की प्रमुख हस्तियां, विशिष्ट अतिथि, लेखक के परिवारजन, मित्र और शुभचिंतक शामिल होंगे। इस दौरान पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया जाएगा और व्यक्तिगत जीवन यात्रा, नैतिकता, नेतृत्व तथा विरासत जैसे विषयों पर पैनल चर्चा भी आयोजित होगी।
कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5:30 बजे पंजीकरण और हाई टी (High Tea) से होगी। इसके बाद स्वागत भाषण, लेखक का परिचय, पैनल चर्चा, पुस्तक का अनावरण, लेखक के समापन संबोधन और धन्यवाद ज्ञापन का आयोजन होगा। कार्यक्रम का समापन रात्रिभोज (Dinner) के साथ किया जाएगा।