s4m 40अंडर40: प्रमुख वक्ता होंगी अनुराधा प्रसाद, युवा पत्रकारों को करेंगी संबोधित

'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40' कार्यक्रम में इस बार BAG नेटवर्क की चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) और 'न्यूज24' की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगी।

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Friday, 10 July, 2026
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मीडिया जगत के बहुचर्चित 'समाचार4मीडिया हिंदी पत्रकारिता 40 अंडर 40' कार्यक्रम में इस बार BAG नेटवर्क की चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) और 'न्यूज24' की एडिटर-इन-चीफ अनुराधा प्रसाद प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगी। एक्सचेंज4मीडिया समूह की हिंदी वेबसाइट समाचार4मीडिया की ओर से यह प्रतिष्ठित अवार्ड समारोह 28 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं।

's4m पत्रकारिता 40 अंडर 40' मीडिया जगत के उन युवा पत्रकारों को सम्मानित करने का एक बड़ा मंच है, जिन्होंने अपनी मेहनत, प्रतिभा और उत्कृष्ट काम के दम पर पत्रकारिता की दुनिया में अलग पहचान बनाई है। इस समारोह में देशभर से चुने गए 40 प्रतिभाशाली युवा पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।

इस बार कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण अनुराधा प्रसाद का विशेष संबोधन होगा। मीडिया इंडस्ट्री में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाली अनुराधा प्रसाद अपने अनुभव, नेतृत्व और पत्रकारिता के बदलते दौर पर युवाओं से अपने विचार साझा करेंगी। माना जा रहा है कि उनका संबोधन युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणादायक और मार्गदर्शक साबित होगा।

युवा पत्रकारों के लिए खास मंच

समाचार4मीडिया का 's4m पत्रकारिता 40 अंडर 40' ऐसा मंच है, जो 40 वर्ष से कम उम्र के उन पत्रकारों को पहचान और सम्मान देता है, जिन्होंने अपने काम से मीडिया जगत में नई मिसाल कायम की है। यह मंच युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें देश के वरिष्ठ मीडिया पेशेवरों से सीखने और संवाद का अवसर भी देता है।

ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

अगर आप भी इस प्रतिष्ठित आयोजन का हिस्सा बनना चाहते हैं या इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें। इच्छुक प्रतिभागी इसी लिंक के माध्यम से अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं-

https://e4mevents.com/hindi-patrakarita-40-under-40-2024/delegate-registration

जानिए, कौन हैं अनुराधा प्रसाद 

अनुराधा प्रसाद भारतीय मीडिया जगत की उन चुनिंदा हस्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता के दम पर एक अलग पहचान बनाई है। वह BAG Networks की चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर और News24 की एडिटर-इन-चीफ हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उनके पास 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

1993 में स्थापित BAG Networks आज देश की प्रमुख मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनियों में शामिल है। इसके तहत News24, E24, Darshan24 और Dhamaal24 जैसे लोकप्रिय चैनल संचालित होते हैं। इसके अलावा कंपनी टीवी और फिल्म प्रोडक्शन, मीडिया एजुकेशन, न्यूज़ और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में भी सक्रिय है।

पटना में जन्मी अनुराधा प्रसाद ने दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। अपने पूरे करियर में उन्होंने निष्पक्ष और प्रभावी पत्रकारिता को बढ़ावा दिया। उनके लोकप्रिय कार्यक्रमों में 'इतिहास गवाह है', 'भारत भाग्य विधाता', 'माहौल क्या है', 'इंडियाज टाइगर' और 'आमने-सामने' जैसे चर्चित शो शामिल हैं। इसके अलावा वह 'मंथन' जैसे वार्षिक कार्यक्रम की भी अगुवाई करती हैं, जिसमें नीति-निर्माता, उद्योग जगत की हस्तियां और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख लोग जनता से सीधे संवाद करते हैं।

भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता की अग्रणी हस्तियों में शामिल अनुराधा प्रसाद आज भी अपने नए विचारों, बेबाक पत्रकारिता और प्रभावशाली नेतृत्व के जरिए मीडिया जगत में नई मिसाल कायम कर रही हैं। 

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FIFA World Cup 2026 : 95% से अधिक बिकी 'Zee' की प्रीमियम एड इन्वेंट्री

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज ने बताया कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के नॉकआउट चरण के लिए उसकी 95 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम विज्ञापन इन्वेंट्री बिक चुकी है।

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Friday, 10 July, 2026
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ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Limited-ZEEL) ने गुरुवार को बताया कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के नॉकआउट चरण के लिए उसके लीनियर स्पोर्ट्स चैनलों और ज़ी5 (ZEE5) पर उपलब्ध 95 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम विज्ञापन इन्वेंट्री की बिक्री हो चुकी है। क्वार्टर फाइनल चरण में प्रवेश कर चुके टूर्नामेंट के दौरान विज्ञापनदाताओं की मजबूत मांग देखने को मिली है।

कंपनी के अनुसार, ऑटोमोबाइल (Automobile), टेक्नोलॉजी (Technology), बेवरेज (Beverages), एफएमसीजी (FMCG), हेल्थकेयर (Healthcare), स्पोर्ट्सवियर (Sportswear), फैशन (Fashion), ई-कॉमर्स (E-commerce), वित्तीय सेवाएं (Financial Services), ट्रैवल (Travel), रियल एस्टेट (Real Estate), पेंट्स (Paints), ऑयल एंड एनर्जी (Oil & Energy) और एजुकेशन (Education) सहित विभिन्न क्षेत्रों के 22 से अधिक ब्रांड्स टूर्नामेंट के दौरान ज़ी (Zee) के साथ जुड़े हैं।

विज्ञापनदाताओं की मजबूत मांग के चलते नॉकआउट चरण में 10 सेकंड के प्रीमियम विज्ञापन स्लॉट की कीमत 20 लाख रुपये से 25 लाख रुपये के बीच पहुंच गई है। यह दर्शाता है कि लाइव फुटबॉल प्रसारण के लिए ब्रांड्स प्रीमियम भुगतान करने को तैयार हैं।

ज़ी (Zee) के लिए यह प्रतिक्रिया प्रीमियम स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग में उसकी रणनीति को भी मजबूती देती है। कंपनी हाल के वर्षों में बुंडेसलीगा (Bundesliga), अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और अन्य वैश्विक खेल संपत्तियों के जरिए अपने स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) कंपनी के लिए टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वैश्विक खेल अधिकारों के सफल व्यावसायीकरण की महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है।

ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर – एडवरटाइजमेंट रेवेन्यू (Chief Operating Officer – Advertisement Revenue) संदीप मेहरोत्रा (Sandeep Mehrotra) ने कहा, "विज्ञापनदाताओं से मिला प्रतिसाद हमारी अपेक्षाओं से बेहतर रहा है। 95 प्रतिशत से अधिक इन्वेंट्री पहले ही बिक चुकी है और 22 से अधिक प्रमुख ब्रांड्स हमारे साथ जुड़े हैं। फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) ब्रांड्स के लिए बड़े पैमाने पर दर्शकों तक पहुंचने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है।"

उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट ने कंपनी को लाइव स्पोर्ट्स, डिजिटल एंगेजमेंट और इंटीग्रेटेड मार्केटिंग सॉल्यूशंस (Integrated Marketing Solutions) के जरिए विज्ञापनदाताओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद की है, जो ज़ी (Zee) की दीर्घकालिक स्पोर्ट्स रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कंपनी ने बताया कि ज़ी5 (ZEE5) पर भी विज्ञापनदाताओं ने एडवांस्ड टार्गेटिंग (Advanced Targeting), कनेक्टेड टीवी (Connected TV-CTV) इन्वेंट्री और क्रॉस-प्लेटफॉर्म विज्ञापन समाधानों का व्यापक उपयोग किया है। लाइव स्पोर्ट्स, डिजिटल, सोशल मीडिया और ऑन-ग्राउंड एक्टिवेशंस (On-ground Activations) के जरिए ब्रांड्स ने उपभोक्ताओं के साथ बेहतर जुड़ाव बनाने की कोशिश की है।

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ग्राहकों को कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने से रोका, Virgin Media O2 पर रिकॉर्ड फाइन

ब्रिटेन की संचार नियामक संस्था ऑफकॉम (Ofcom) ने टेलीकॉम और टीवी सेवा देने वाली कंपनी Virgin Media O2 पर 2.8 करोड़ पाउंड (28 मिलियन पाउंड) यानी करीब 3.7 करोड़ डॉलर का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया है।

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Friday, 10 July, 2026
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ब्रिटेन की संचार नियामक संस्था ऑफकॉम (Ofcom) ने टेलीकॉम और टीवी सेवा देने वाली कंपनी Virgin Media O2 पर 2.8 करोड़ पाउंड (28 मिलियन पाउंड) यानी करीब 3.7 करोड़ डॉलर का रिकॉर्ड जुर्माना लगाया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने ग्राहकों के लिए अपनी सेवाएं बंद करना (कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल करना) जानबूझकर मुश्किल बना दिया।

ऑफकॉम की जांच में सामने आया कि 2022 से 2024 के बीच Virgin Media O2 ने लाखों ग्राहकों की कॉल्स को सही तरीके से नहीं संभाला। इसका मकसद ग्राहकों को अपना कनेक्शन बंद करने या किसी दूसरी कंपनी की सेवा लेने से रोकना था।

जांच के दौरान कई ऐसे तरीके सामने आए, जिनका इस्तेमाल ग्राहकों को परेशान करने के लिए किया गया। इनमें कॉल को बार-बार अलग-अलग विभागों में ट्रांसफर करना, लंबे समय तक होल्ड पर रखना और जानबूझकर कॉल काट देना शामिल था।

ऑफकॉम की इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी डायरेक्टर नेटली ब्लैक ने कहा कि Virgin Media ने ग्राहकों के लिए अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म करना मुश्किल बना दिया। इतना ही नहीं, कंपनी ने जांच के दौरान भी नियामक संस्था का पूरा सहयोग नहीं किया।

उन्होंने कहा कि ग्राहकों को हुए सीधे नुकसान को देखते हुए उपभोक्ता संरक्षण नियमों के तहत यह अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना लगाया गया है।

ऑफकॉम ने यह जांच तब शुरू की थी, जब उसे 1,881 ग्राहकों की शिकायतें मिली थीं। इन ग्राहकों ने बताया था कि उन्हें ब्रॉडबैंड, लैंडलाइन या पेड-टीवी सेवाएं बंद कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

वहीं, Virgin Media O2 ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में उसने अपनी ग्राहक सेवा प्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं और ऑफकॉम की ओर से बताई गई पुरानी कमियों को दूर करने के लिए कई सुधार किए गए हैं।

कंपनी के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जांच से जुड़े समय के दौरान दर्ज सभी आधिकारिक ग्राहक शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने उन ग्राहकों से माफी भी मांगी, जिन्हें सेवा बंद कराने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा।

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BCCI के पूर्व CEO राहुल जौहरी Flash Sports & Media Holdings, Inc. के बोर्ड में शामिल

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) राहुल जौहरी को फ्लैश स्पोर्ट्स एंड मीडिया होल्डिंग्स के निदेशक मंडल (Board of Directors) में शामिल किया गया है।

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Friday, 10 July, 2026
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) राहुल जौहरी को फ्लैश स्पोर्ट्स एंड मीडिया होल्डिंग्स (Flash Sports & Media Holdings, Inc) के निदेशक मंडल (Board of Directors) में शामिल किया गया है। कंपनी ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है।

कंपनी ने कहा कि राहुल जौहरी की नियुक्ति उनके उस विजन का अहम हिस्सा है, जिसके तहत वह क्रिकेट पर केंद्रित एक वैश्विक स्पोर्ट्स और मीडिया प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहती है।

राहुल जौहरी को स्पोर्ट्स और मीडिया इंडस्ट्री का करीब 35 वर्षों का अनुभव है। बीसीसीआई के पहले CEO के रूप में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट संचालन, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) सहित क्रिकेट के कई अहम क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभाली थी।

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 3 अरब डॉलर (USD 3 Billion) से अधिक मूल्य के बीसीसीआई मीडिया अधिकारों (Media Rights) की सेल्स का नेतृत्व किया था। इसे भारतीय स्पोर्ट्स इतिहास की सबसे बड़ी मीडिया राइट्स डील्स में से एक माना जाता है। इसके अलावा उन्होंने क्रिकेट में ई-ऑक्शन (e-auction) की शुरुआत कर मीडिया और कमर्शियल राइट्स की बिक्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाया।

कंपनी का मानना है कि मीडिया राइट्स के व्यवसाय, क्रिकेट जगत में मजबूत नेटवर्क और मीडिया कंपनियों को विकसित करने के राहुल जौहरी के अनुभव से उसके विस्तार की योजनाओं को गति मिलेगी। इसमें मीडिया राइट्स हासिल करना, स्पॉन्सरशिप बढ़ाना, फ्रेंचाइजी डेवलपमेंट और विभिन्न क्रिकेट बाजारों में अपनी लीग्स का विस्तार करना शामिल है।

फ्लैश स्पोर्ट्स एंड मीडिया होल्डिंग्स के चेयरमैन और CEO ब्रैडली नैट्रास ने कहा कि राहुल जौहरी क्रिकेट कारोबार के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक हैं। उन्हें मीडिया राइट्स, ब्रॉडकास्टर्स और क्रिकेट प्रॉपर्टीज की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे अधिकारी हैं, जिनके पास व्यावसायिक दृष्टि, राइट्स होल्डर्स और ब्रॉडकास्टर्स के साथ मजबूत भरोसा और आधुनिक क्रिकेट की बड़ी प्रॉपर्टीज को विकसित करने का अनुभव हो। उनके बोर्ड में शामिल होने से कंपनी के बड़े वैश्विक लक्ष्य साफ दिखाई देते हैं।

वहीं राहुल जौहरी ने कहा कि क्रिकेट इस समय अपने सबसे रोमांचक व्यावसायिक दौर में प्रवेश कर रहा है। नई लीग्स, नए बाजार और नए दर्शक वैश्विक क्रिकेट की तस्वीर बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि फ्लैश स्पोर्ट्स एंड मीडिया ने बिल्कुल सही समय पर एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया है और वह इसके बोर्ड का हिस्सा बनकर बेहद खुश हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वह कंपनी के साथ मिलकर विश्वस्तरीय क्रिकेट प्रॉपर्टीज विकसित करने और उनकी व्यावसायिक संभावनाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान देंगे।

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देश के टीवी न्यूज इंडस्ट्री के सफल सीईओ, जिन्होंने बदली कारोबार की तस्वीर

भारत के टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री की कहानी सिर्फ संपादकों के जरिए नहीं बताई जा सकती। हर सफल न्यूज नेटवर्क के पीछे एक ऐसी लीडरशिप टीम रही है, जिसने पर्दे के पीछे रहकर सैकड़ों अहम फैसले लिए।

Last Modified:
Thursday, 09 July, 2026
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रुहैल अमीन, सीनियर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट, एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ।।

भारत के टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री की कहानी सिर्फ संपादकों के जरिए नहीं बताई जा सकती। हर सफल न्यूज नेटवर्क के पीछे एक ऐसी लीडरशिप टीम रही है, जिसने पर्दे के पीछे रहकर सैकड़ों अहम फैसले लिए। जैसे- कहां निवेश करना है, कौन-सी नई तकनीक अपनानी है, नियमों में बदलाव का कैसे सामना करना है, बेहतर प्रतिभाओं को कैसे जोड़ना है, कमाई के नए रास्ते कैसे बनाने हैं और भविष्य में आने वाले बदलावों के लिए संगठन को कैसे तैयार करना है।

इन्हीं सीईओ ने उस दौर में कैरिज डील्स कीं, जब डिस्ट्रिब्यूशन ही दर्शकों तक पहुंच तय करता था। उन्होंने विज्ञापनदाताओं को भरोसा दिलाया कि न्यूज एक प्रीमियम विज्ञापन मंच है। नई तकनीकों में तब निवेश किया, जब वे आम नहीं थीं। उन्होंने टीवी ब्रैंड्स को टेलीविजन से आगे बढ़ाकर नए प्लेटफॉर्म्स तक पहुंचाया और संगठनों को उस दौर के लिए तैयार किया, जब दर्शक सिर्फ टीवी स्क्रीन पर ही खबरें नहीं देखते थे।

जहां संपादकों ने न्यूजरूम की संपादकीय पहचान बनाई, वहीं इन बिजनेस लीडर्स ने ऐसे संस्थान खड़े किए, जिनकी बदौलत पत्रकारिता बड़े स्तर तक पहुंच सकी।

इस सीरीज के पहले भाग में हम उन अधिकारियों का सम्मान कर रहे हैं, जिन्होंने इस बदलाव का नेतृत्व किया। हर लीडर का काम करने का तरीका अलग था। हर किसी को अलग-अलग चुनौतियां मिलीं। लेकिन इन सभी ने मिलकर आधुनिक भारत में एक टेलीविजन न्यूज संगठन का नेतृत्व करने के मायने बदल दिए।

यहां नाम अंग्रेजी वर्णमाला (Alphabetical Order) के अनुसार दिए गए हैं।

अविनाश कौल: टेलीविजन स्क्रीन से आगे की सोच

भारत के टीवी न्यूज इकोसिस्टम के इतने अलग-अलग पहलुओं पर शायद ही किसी बिजनेस लीडर ने अविनाश कौल जितना असर डाला हो। 

अपने अलग-अलग नेतृत्वकारी पदों पर रहते हुए कौल ने हमेशा इस सोच को चुनौती दी कि टीवी चैनलों को खुद को सिर्फ ब्रॉडकास्टर मानना चाहिए। उनके नेतृत्व में डिस्ट्रिब्यूशन, डिजिटल इंटीग्रेशन, रणनीतिक साझेदारियां, दर्शकों का विस्तार और लंबे समय तक ब्रैंड बनाने पर उतना ही जोर दिया गया, जितना टीआरपी पर।

उनकी लीडरशिप उस बड़े बदलाव को दर्शाती है, जिसमें टीवी ब्रैंड धीरे-धीरे इंटीग्रेटेड मीडिया बिजनेस में बदलने लगे। बदलाव आने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय कौल अक्सर पहले ही उसकी आहट पहचान लेते थे और संगठनों को उन क्षमताओं में निवेश करने के लिए प्रेरित करते थे, जो सिर्फ पारंपरिक टीवी तक सीमित न रहें।

कई मायनों में उनका करियर भी टीवी न्यूज इंडस्ट्री की यात्रा जैसा ही रहा है- एक तय समय पर टीवी देखने के दौर से लेकर आज के 24x7 मल्टी-प्लेटफॉर्म न्यूज माहौल तक।

हाल ही में अविनाश कौल की किताब 'The Next Mountain' प्रकाशित हुई है। इस किताब में उन्होंने अपने पेशेवर जीवन के उतार-चढ़ाव, अनिश्चितताओं और मुश्किल फैसलों के बारे में लिखा है। जल्द ही वह अपने नए वेंचर का भी ऐलान कर सकते हैं।

अविनाश पांडे: ऐसे संस्थान बनाने वाले लीडर, जो समय की कसौटी पर टिके रहें

हर इंडस्ट्री में कुछ लीडर ऐसे होते हैं, जो सिर्फ तिमाही नतीजों पर ध्यान देते हैं, जबकि कुछ ऐसे होते हैं जो ऐसे संस्थान बनाते हैं, जो मार्केट के उतार-चढ़ाव से भी लंबे समय तक टिके रहते हैं। अविनाश पांडे इसी दूसरी श्रेणी में आते हैं।

अपने पूरे करियर में उन्होंने ऐसा बिजनेस मॉडल तैयार करने की पहचान बनाई, जिसमें कमर्शियल ग्रोथ, ऑपरेशनल अनुशासन और संगठन की स्थिरता, तीनों पर बराबर ध्यान दिया गया। डिस्ट्रिब्यूशन, विज्ञापन, प्रोग्रामिंग रणनीति और बिजनेस ऑपरेशंस में उनकी गहरी पकड़ ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत के कई बड़े ब्रॉडकास्ट नेटवर्क्स को मजबूत बनाया।

उनके सहयोगी उन्हें एक धैर्यवान संस्थान निर्माता के रूप में देखते हैं। उनका मानना था कि नेतृत्व का मूल्यांकन सिर्फ फैसलों से नहीं, बल्कि उन टीमों, सिस्टम्स और कार्य संस्कृति से होता है, जिन्हें कोई लीडर अपने पीछे छोड़कर जाता है। यही सोच उन्हें भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित बिजनेस लीडर्स में शामिल करती है।

वर्तमान में वह इंडस्ट्री ब्रॉडकास्टिंग व डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के सेक्रेटरी जनरल हैं।

हर्ष भंडारी: कड़ी प्रतिस्पर्धा वाले मार्केट में विकास की नई मिसाल

टीवी न्यूज जैसा कठिन बिजनेस बहुत कम सेक्टर्स में देखने को मिलता है। यहां मुनाफे पर लगातार दबाव रहता है, प्रतिस्पर्धा बेहद तेज होती है और दर्शकों की पसंद रातों-रात बदल सकती है। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में हर्ष भंडारी ने खुद को इंडस्ट्री के सबसे सफल बिजनेस लीडर्स में शामिल किया।

विज्ञापन मार्केट, क्लाइंट रिलेशनशिप और रेवेन्यू रणनीति की गहरी समझ रखने वाले भंडारी ने बिजनेस ऑपरेशंस को मजबूत किया और यह भी सुनिश्चित किया कि व्यावसायिक प्राथमिकताएं संपादकीय महत्वाकांक्षाओं के साथ मिलकर चलें, उनसे टकराएं नहीं।

उनका कार्यकाल यह साबित करता है कि टीवी न्यूज में लगातार विकास संयोग से नहीं होता। इसके लिए लगातार नए प्रयोग, अनुशासित कामकाज और विज्ञापनदाताओं व दर्शकों की बदलती जरूरतों को पहले से समझने की क्षमता जरूरी होती है।

वर्तमान में वह निवेश और मीडिया फर्म BluerockIndia के सीईओ हैं।

एम.के. आनंद: संस्थान खड़े करने वाले लीडर

भारत के ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों में एम.के. आनंद की एक अलग पहचान है। कई दशकों के लंबे करियर में आनंद संस्थान निर्माण का पर्याय बन गए। डिस्ट्रिब्यूशन, प्रोग्रामिंग की अर्थव्यवस्था, विज्ञापन मार्केट और संगठनात्मक नेतृत्व की उनकी समझ ने भारत के कई प्रभावशाली ब्रॉडकास्ट बिजनेस को आकार दिया।

हालांकि उनकी सबसे बड़ी विरासत उन लीडर्स को तैयार करना मानी जाती है, जिन्हें उन्होंने मार्गदर्शन दिया। आज भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के कई वरिष्ठ अधिकारी या तो सीधे उनके साथ काम कर चुके हैं या उनकी मैनेजमेंट सोच से प्रभावित रहे हैं।

बहुत कम सीईओ ऐसे होते हैं, जो सिर्फ सफल कंपनियां ही नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के नेतृत्व को तैयार करने का श्रेय भी हासिल कर सकें। फिलहाल एम.के. आनंद सलाहकार की भूमिका में सक्रिय हैं। वहीं, इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है कि वह भी जल्द अपने नए वेंचर की घोषणा कर सकते हैं।

वरुण कोहली: आधुनिक न्यूज बिजनेस को नई दिशा देने वाले

जब मीडिया का उपभोग अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर बंटने लगा, तब टीवी नेटवर्क्स के सामने सबसे बड़ा सवाल था—क्या वे सिर्फ टीवी कंपनियां बने रहें या खुद को मीडिया ब्रैंड में बदलें? वरुण कोहली उन अधिकारियों में शामिल रहे, जिन्होंने इस बदलाव को बहुत पहले समझ लिया था। 

अपने पूरे करियर में उन्होंने ऐसी रणनीति का समर्थन किया, जिसमें ब्रॉडकास्ट, डिजिटल, उपभोक्ता जुड़ाव और कमर्शियल इनोवेशन को एक साथ जोड़कर बिजनेस चलाया जाए। उन्होंने डिजिटल को टीवी का विस्तार नहीं, बल्कि भविष्य की न्यूज खपत का सबसे अहम हिस्सा माना।

उनकी सोच आज की हकीकत को दर्शाती है, जहां दर्शक टीवी और डिजिटल में फर्क नहीं करते। वे सिर्फ भरोसेमंद न्यूज ब्रैंड का अनुसरण करते हैं, चाहे वह किसी भी प्लेटफॉर्म पर हो। उम्मीद है कि वह भी जल्द अपने अगले  कदम का ऐलान करेंगे।

विकास खंचंदानी: कमर्शियल लीडरशिप को नई पहचान देने वाले

पिछले एक दशक में विज्ञापनदाताओं और न्यूज संगठनों के बीच का रिश्ता काफी बदल गया है। विकास खंचंदानी उन अधिकारियों में शामिल रहे, जिन्होंने इस बदलाव को सफलतापूर्वक संभाला।

सेल्स रणनीति, विज्ञापनदाताओं के साथ साझेदारी और मीडिया मोनेटाइजेशन में उनकी गहरी विशेषज्ञता ने न्यूज बिजनेस को सिर्फ एयरटाइम बेचने वाले मॉडल से निकालकर इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन सॉल्यूशंस देने वाले मॉडल तक पहुंचाया। उनका करियर भी कमर्शियल लीडरशिप के बदलते स्वरूप को दर्शाता है, जहां सिर्फ रेवेन्यू मैनेजमेंट नहीं, बल्कि रणनीतिक बिजनेस डेवलपमेंट भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

वर्तमान में वह eSENDIT के को-फाउंडर और डायरेक्टर हैं। इसके साथ ही MiQ में स्ट्रैटेजिक एडवाइजर की भूमिका भी निभा रहे हैं।

भारत का टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री आज भी ऐसे कई शानदार बिजनेस लीडर्स के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है, जिनका प्रभाव सिर्फ उनके अपने संगठनों तक सीमित नहीं है।

इंडिया टुडे ग्रुप के ग्रुप सीईओ दिनेश भाटिया, Zee Media Corporation Ltd के सीईओ रक्तिम दास, ABP Network के सीईओ सुमंत दत्ता, TV9 Network के एमडी एवं सीईओ बरुण दास, NDTV के एडिटर-इन-चीफ एवं सीईओ राहुल कंवल और Times Network के सीईओ आशीष सहगल भी उन प्रमुख लीडर्स में शामिल हैं, जो भारत के टेलीविजन न्यूज बिजनेस को लगातार नई दिशा दे रहे हैं।

इस सीरीज के अगले भागों में हम इन लीडर्स की प्रोफाइल पेश करेंगे और बताएंगे कि न्यूज ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री को आकार देने में हर एक की क्या भूमिका रही है।

 

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पद्मश्री आलोक मेहता बने Varta24 Media के मैनेजिंग एडिटर व चीफ स्ट्रैटेजिक ऑफिसर

आलोक मेहता इससे पहले वर्ष 2022 से आईटीवी समूह (ITV Group) के इंडिया न्यूज (India News) में एडिटोरियल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे।

Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2026
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वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, प्रसारक, मीडिया रणनीतिकार और पद्मश्री से सम्मानित आलोक मेहता ने Varta24 Media के साथ नई पारी की शुरुआत की है। कंपनी ने उन्हें मैनेजिंग एडिटर एवं चीफ स्ट्रैटेजिक ऑफिसर नियुक्त किया है। कंपनी का कहना है कि उनकी नियुक्ति से संपादकीय नेतृत्व को नई मजबूती मिलेगी और रणनीतिक कम्युनिकेशंस पहलों को विस्तार देने में मदद मिलेगी। आलोक मेहता इससे पहले वर्ष 2022 से आईटीवी समूह (ITV Group) के इंडिया न्यूज (India News) में एडिटोरियल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे।

बता दें कि आलोक मेहता भारतीय पत्रकारिता के सबसे सम्मानित नामों में गिने जाते हैं। पत्रकारिता, संपादकीय नेतृत्व, जनसंचार और मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में उन्हें पांच दशक से अधिक का अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा देने के साथ-साथ अनेक युवा पत्रकारों का मार्गदर्शन भी किया है।

उन्होंने वर्ष 1971 से 1975 तक हिंदुस्थान समाचार में और 1976 से 1979 तक साप्ताहिक हिंदुस्तान में कार्य किया। वर्ष 1979 से 1982 के बीच वह जर्मनी के कोलोन स्थित वॉयस ऑफ जर्मनी में हिंदी संपादक रहे। इसके बाद उन्होंने लगभग एक दशक तक दिल्ली से वॉयस ऑफ अमेरिका की हिंदी सेवा के रेडियो और वेबसाइट के लिए नियमित टिप्पणीकार के रूप में योगदान दिया। अपने करियर में आलोक मेहता ने आउटलुक हिंदी, नवभारत टाइम्स, हिंदुस्तान, नई दुनिया, दैनिक भास्कर, नेशनल दुनिया और गवर्नेंस नाउ हिंदी जैसे कई प्रमुख प्रकाशनों का नेतृत्व किया है।

संपादकीय उपलब्धियों के अलावा उन्होंने मीडिया संस्थानों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। वह दो वर्ष तक एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और चार वर्ष तक महासचिव रहे। इसके अलावा वह राष्ट्रीय एकता परिषद तथा प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य भी रह चुके हैं।

आलोक मेहता एक प्रतिष्ठित लेखक भी हैं। उनकी नवीनतम चर्चित पुस्तक 'The Revolutionary Raj: Narendra Modi's 25 Years' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के राजनीतिक और प्रशासनिक सफर का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। इस पुस्तक की भूमिका केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखी है।

इस नियुक्ति पर Varta24 Media के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ नरेश वशिष्ठ ने कहा, ‘Varta24 Media के साथ आलोक मेहता का जुड़ना हमारे संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उनका व्यापक पत्रकारिता अनुभव, संपादकीय दृष्टि और रणनीतिक सोच हमारी विश्वसनीय पत्रकारिता और नवाचार आधारित संचार सेवाओं को नई मजबूती देगी। हमें खुशी है कि वह हमारे संपादकीय और रणनीतिक प्रयासों का नेतृत्व करेंगे।’

वहीं, आलोक मेहता ने कहा, ‘मीडिया इंडस्ट्र तेजी से बदल रही है, जिससे नए अवसरों के साथ नई जिम्मेदारियां भी सामने आ रही हैं। Varta24 Media ने मजबूत डिजिटल उपस्थिति और लगातार बढ़ती राष्ट्रीय पहुंच के साथ एक प्रभावशाली बहुआयामी मंच तैयार किया है। मैं टीम के साथ मिलकर विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक जनचर्चा और रणनीतिक संचार को और मजबूत करने की दिशा में काम करने को उत्सुक हूं।’

गौरतलब है कि Varta24 Media देश के तेजी से विस्तार कर रहे एकीकृत मीडिया संगठनों में शामिल है। कंपनी की डिजिटल पहुंच 1 करोड़ (10 मिलियन) से अधिक फॉलोअर्स तक है। यह न्यूज मीडिया, एडवरटाइजिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन के चार प्रमुख क्षेत्रों में कार्य करती है। इसके कार्यालय दिल्ली-नोएडा, लखनऊ, हैदराबाद और मुंबई में स्थित हैं।

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जन्मदिन विशेष : GTC Network की CEO पल्लवी श्रीवास्तव की प्रेरक यात्रा

जीटीसी नेटवर्क की मुख्य कार्यकारी अधिकारी पल्लवी श्रीवास्तव आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। उन्होंने क्षेत्रीय प्रसारण, डिजिटल विस्तार और वैश्विक वितरण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2026
gtcnetwork

जीटीसी नेटवर्क (GTC Network-Galactic Television & Communications Pvt Ltd) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer-CEO) पल्लवी श्रीवास्तव (Pallavi Srivastava) आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। यह अवसर एक ऐसी मीडिया प्रोफेशनल की यात्रा का भी प्रतीक है, जिन्होंने बिजनेस रणनीति और ब्रॉडकास्टिंग के संगम पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

पल्लवी श्रीवास्तव (Pallavi Srivastava) के नेतृत्व में जीटीसी नेटवर्क (GTC Network) ने रैखिक टेलीविजन (Linear Television), डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (Digital Platforms) और वैश्विक वितरण (Global Distribution) के क्षेत्र में लगातार विस्तार किया है। उनका विशेष फोकस भारत और विदेशों में पंजाबी भाषा के दर्शकों तक नेटवर्क की पहुंच को मजबूत बनाने पर रहा है।

वर्तमान में वह जीटीसी पंजाबी (GTC Punjabi), पंजाबी शॉर्ट्स (Punjabi Shorts) और जीटीसी न्यूज़ (GTC News) सहित नेटवर्क के तीन चैनलों के व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। इन चैनलों की पहुंच डीडी फ्रीडिश (DD Free Dish), टाटा प्ले (Tata Play), एयरटेल (Airtel), स्काई यूके (Sky UK) और दुनिया भर के 20 से अधिक ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स तक है।

बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (Business Administration) की पृष्ठभूमि रखने वाली पल्लवी श्रीवास्तव (Pallavi Srivastava) को मीडिया रेवेन्यू (Media Revenue), बिजनेस ग्रोथ (Business Growth), कंटेंट, डिस्ट्रीब्यूशन और रणनीतिक साझेदारियों (Strategic Partnerships) का व्यापक अनुभव है। हाल के वर्षों में उन्होंने तकनीक आधारित वितरण मॉडल, नए कंटेंट प्रॉपर्टीज और प्लेटफॉर्म विस्तार के जरिए क्षेत्रीय मीडिया को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जीटीसी नेटवर्क (GTC Network) से पहले पल्लवी श्रीवास्तव (Pallavi Srivastava) पीटीसी नेटवर्क (PTC Network) में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (Chief Operating Officer-COO) के रूप में कार्य कर चुकी हैं। वहां उन्होंने बिजनेस इंटीग्रेशन (Business Integration), नए रेवेन्यू मॉडल और मीडिया व्यवसाय में विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर काम किया।

सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (Symbiosis Institute of Business Management) की पूर्व छात्रा पल्लवी श्रीवास्तव (Pallavi Srivastava) लोगों और प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संगठनों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं।

ऐसे समय में जब क्षेत्रीय प्रसारक पारंपरिक टेलीविजन से आगे बढ़कर डिजिटल और वैश्विक दर्शकों तक अपनी पहुंच का विस्तार कर रहे हैं, पल्लवी श्रीवास्तव (Pallavi Srivastava) का नेतृत्व भारत के बदलते मीडिया परिदृश्य का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। 

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उद्योगपति मोहित कंबोज ने '4PM' न्यूज को भेजा कानूनी नोटिस

उद्योगपति मोहित कंबोज भारतीय, उनकी नाबालिग बेटी मिश्का कंबोज भारतीय और एस्पेक्ट ग्रुप ऑफ कंपनीज की ओर से '4PM' न्यूज नेटवर्क और उसके एडिटर-इन-चीफ संजय शर्मा को कानूनी नोटिस भेजा गया है।

Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2026
SanjaySharma41

उद्योगपति मोहित कंबोज भारतीय, उनकी नाबालिग बेटी मिश्का कंबोज भारतीय और एस्पेक्ट ग्रुप ऑफ कंपनीज की ओर से '4PM' न्यूज नेटवर्क और उसके एडिटर-इन-चीफ संजय शर्मा को कानूनी नोटिस भेजा गया है। 2 जुलाई 2026 को जारी इस नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 30 जून 2026 को यूट्यूब, इंस्टाग्राम और एक्स पर प्रकाशित सामग्री में उनके और उनके परिवार के बारे में गलत, मानहानिकारक और तथ्यहीन दावे किए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

कानूनी नोटिस के मुताबिक, 4PM न्यूज नेटवर्क के एक यूट्यूब कार्यक्रम में यह दावा किया गया कि महाराष्ट्र में बड़े सरकारी तबादलों, सरकारी सौदों और कथित हजारों करोड़ रुपये के लेन-देन के पीछे मोहित कंबोज का प्रभाव है। नोटिस में इन आरोपों को पूरी तरह निराधार, काल्पनिक और दुर्भावनापूर्ण बताया गया है। परिवार का कहना है कि इन दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत या विश्वसनीय तथ्य पेश नहीं किए गए।

नोटिस में सबसे गंभीर आपत्ति मोहित कंबोज की 16 वर्षीय बेटी मिश्का कंबोज को लेकर की गई टिप्पणियों पर जताई गई है। इसमें दावा किया गया है कि वीडियो में मिश्का की शादी होने और उस कथित समारोह में बॉलीवुड हस्तियों तथा राजनीतिक नेताओं के शामिल होने जैसी बातें कही गईं। कानूनी नोटिस के अनुसार, मिश्का एक स्कूली छात्रा हैं, अविवाहित हैं और उनका राजनीति या सार्वजनिक जीवन से कोई संबंध नहीं है। परिवार का कहना है कि इस तरह के दावों से एक नाबालिग की प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि वीडियो में मोहित कंबोज को महाराष्ट्र की राजनीति में प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में पेश किया गया, जबकि उनका किसी राजनीतिक दल, सरकारी विभाग या प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है। वकीलों का कहना है कि बिना पर्याप्त साक्ष्यों के इस तरह के आरोप लगाना जिम्मेदार पत्रकारिता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।

परिवार का आरोप है कि यही सामग्री बाद में इंस्टाग्राम रील और एक्स पोस्ट के जरिए भी साझा की गई, जिससे कथित तौर पर मानहानिकारक सामग्री का व्यापक प्रसार हुआ। नोटिस के अनुसार, संबंधित यूट्यूब वीडियो को नोटिस जारी होने तक करीब 1.07 लाख बार देखा जा चुका था।

कानूनी नोटिस में 4PM न्यूज नेटवर्क से 48 घंटे के भीतर संबंधित यूट्यूब वीडियो, इंस्टाग्राम रील, एक्स पोस्ट और उनसे जुड़ी सभी क्लिप, थंबनेल तथा प्रचार सामग्री हटाने की मांग की गई है। इसके अलावा बिना शर्त सार्वजनिक माफी प्रकाशित करने, भविष्य में ऐसे आरोप दोबारा न लगाने का लिखित आश्वासन देने और मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड व स्रोत सुरक्षित रखने को भी कहा गया है।

नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा के भीतर इन मांगों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित पक्षों के खिलाफ दीवानी और आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। साथ ही साइबर क्राइम प्राधिकरण, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, NBDSA और अन्य संबंधित मंचों पर शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही गई है।

नोटिस के अंत में कहा गया है कि मोहित कंबोज, उनकी बेटी मिश्का और एस्पेक्ट ग्रुप ऑफ कंपनीज की कथित रूप से हुई मानहानि और प्रतिष्ठा को पहुंचे नुकसान के लिए 1000 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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नूर फातिमा वारसिया : 23 वर्षों की संपादकीय यात्रा का प्रेरक सफर

BW Businessworld की ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर नूर फातिमा वारसिया आज अपना 46वां जन्मदिन मना रही हैं। इसी के साथ उन्होंने पत्रकारिता में 23 वर्षों का उल्लेखनीय सफर भी पूरा कर लिया है।

Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2026
noorfatima

BW Businessworld की ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर (Group Editorial Director) नूर फातिमा वारसिया (Noor Fathima Warsia) आज अपना 46वां जन्मदिन मना रही हैं। यह दिन उनके लिए एक और वजह से भी खास है, क्योंकि आज उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में 23 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह सफर केवल खबरों को प्रकाशित करने का नहीं, बल्कि गंभीर, विश्वसनीय और प्रभावशाली पत्रकारिता की पहचान बनाने का रहा है।

नूर फातिमा वारसिया (Noor Fathima Warsia) ने अपने करियर की शुरुआत एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) से की थी। उस दौर में यह मंच भारत में मीडिया, विज्ञापन और मार्केटिंग उद्योग की रिपोर्टिंग को नई दिशा दे रहा था। उन्होंने केवल इस उद्योग को कवर नहीं किया, बल्कि अपनी सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के जरिए इसकी विश्वसनीयता को भी मजबूत किया। उनके लिए पत्रकारिता हमेशा तथ्यों के साथ-साथ उन विचारों और बदलावों को समझने का माध्यम रही, जो उद्योग और समाज को प्रभावित करते हैं।

इसके बाद उन्होंने BW Businessworld समूह से जुड़कर अपनी संपादकीय भूमिका का विस्तार किया। आज वह समूह के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के संपादकीय संचालन का नेतृत्व कर रही हैं। अपने करियर में उन्होंने वैश्विक उद्योग जगत के कई प्रमुख नेताओं के साक्षात्कार किए हैं, कान्स (Cannes) जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को कवर किया है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI), मीडिया, अर्थव्यवस्था तथा डिजिटल परिवर्तन जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श को आगे बढ़ाया है।

नूर फातिमा वारसिया (Noor Fathima Warsia) की सबसे बड़ी विशेषता उद्योग में आने वाले बदलावों को समय रहते पहचानने की क्षमता मानी जाती है। वह शोर और वास्तविक बदलाव के बीच अंतर समझने के लिए जानी जाती हैं। यही दृष्टिकोण उनकी संपादकीय पहचान बन चुका है, चाहे वह किसी वैश्विक मंच पर चर्चा का संचालन कर रही हों या दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) के मार्केटिंग परिदृश्य पर विश्लेषण लिख रही हों।

तकनीक को लेकर भी उनका दृष्टिकोण संतुलित रहा है। वह मानती हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकें पत्रकारों की मदद कर सकती हैं, लेकिन संपादकीय निर्णय और मानवीय विवेक का स्थान नहीं ले सकतीं। उनके नेतृत्व में तकनीक को सहयोगी के रूप में देखा जाता है, निर्णयकर्ता के रूप में नहीं।

सहकर्मी उन्हें एक ऐसी संपादक के रूप में याद करते हैं, जो धैर्यपूर्वक मार्गदर्शन करती हैं, बारीकी से संपादन करती हैं और हर लेख में पाठकों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देती हैं। प्रशिक्षुओं से लेकर वरिष्ठ पत्रकारों तक, उन्होंने अनेक पत्रकारों का मार्गदर्शन किया है।

आज जब डिजिटल मीडिया तेज़ी और त्वरित उपभोग की ओर बढ़ रहा है, नूर फातिमा वारसिया (Noor Fathima Warsia) तथ्यपरक, संतुलित और गहन पत्रकारिता की पक्षधर बनी हुई हैं। उनके 46वें जन्मदिन और पत्रकारिता के 23 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह उपलब्धि केवल वर्षों की नहीं, बल्कि उन उच्च संपादकीय मानकों की भी है, जिन्हें उन्होंने अपने पूरे करियर में कायम रखा है।

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वरिष्ठ पत्रकार गरिमा सिंह ने ‘न्यूज24’ से दिया इस्तीफा

गरिमा सिंह ने करीब तीन साल पहले इस चैनल में बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर जॉइन किया था।

Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2026
Garima Singh Anchor

हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज24’ (News24) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली इस खबर के मुताबिक सीनियर न्यूज एंकर और वरिष्ठ टीवी पत्रकार गरिमा सिंह ने ‘न्यूज24’ में अपनी पारी को विराम दे दिया है। उन्होंने करीब तीन साल पहले यहां बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर जॉइन किया था। अपनी इस पारी में वह इस चैनल पर ‘सबसे बड़ा सवाल’ (Sabse Bada Sawal) शो होस्ट कर रही थीं। 

गरिमा सिंह ने इस्तीफा क्यों दिया और उनका अगला कदम किया होगा, फिलहाल इस बारे में कुछ पता नहीं चला है। 

बता दें कि गरिमा सिंह इससे पहले हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत एक्सप्रेस’ (Bharat Express) में बतौर एग्जिक्यूटिव एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं और प्राइम टाइम शो ‘सत्य’ होस्ट करती थीं।

मीडिया इंडस्ट्री में जाना-माना नाम गरिमा सिंह पूर्व में ‘सहारा मीडिया’ (Sahara Media) में भी बड़ी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। उन्हें बतौर चैनल हेड इस समूह के तीन चैनलों ‘सहारा समय’ (राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली/एनसीआर) की कमान सौंपी गई थी।

मूल रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की रहने वाली गरिमा सिंह को मीडिया में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। टीवी पत्रकारिता के इस चीखाचाखी के दौर में नफासत, सौम्यता और मुस्कुराहट संग गरिमामय लहजे के साथ कठिन और चुभने वाले सवाल पूछने की गरिमा सिंह की शैली वाकई काबिल-ए-तारीफ है।

गरिमा सिंह ने वर्ष 2003 में रिपोर्टर के तौर पर ‘दैनिक जागरण’ (Dainik Jagran) से पत्रकारिता की शुरुआत की, फिर ‘टोटल टीवी’ (Total TV) में करीब तीन साल क्राइम रिपोर्टिंग के बाद वर्ष 2008 में वह ‘लाइव इंडिया’ (Live India) पहुंचीं। इसके बाद ‘पी7 न्यूज’,‘नेटवर्क 18’, ‘समाचार प्लस’ और ‘जी न्यूज’ जैसे संस्थानों के साथ भी उन्होंने काम किया है।

गरिमा सिंह 'द कैपिटल पोस्ट' (अंग्रेजी अखबार और डिजिटल चैनल) में बतौर एडिटर-इन-चीफ भी अपनी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। इस दौरान उनके कईं इंटरव्यू खासे चर्चा में रहे। उस दौरान उमा भारती, साक्षी महाराज, जनरल वीके सिंह, आरिफ मोहम्मद खान, अन्नू कपूर जैसी हस्तियों के अलावा लद्दाख के सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल के साथ इंटरव्यू खासा लोकप्रिय हुआ। इसके अलावा किसान आंदोलन के दौरान गरिमा सिंह द्वारा लिए गए किसान नेता राकेश टिकैत के इंटरव्यू ने उस समय काफी सुर्खियां बटोरी थीं। यह इंटरव्यू कई दिनों तक सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड हुआ था। वर्ष 2015 में गरिमा सिंह को बेस्ट एंकर का अवार्ड भी दिया गया था। गरिमा सिंह धारदार खबर लिखने के साथ-साथ कविताएं भी लिखती हैं।

देश के ऐसे ‘असली हीरोज’ जिनके बारे में अभी तक न दिखाया गया और न जिनके बारे में बताया गया, उनकी कहानियों पर केंद्रित और ‘न्यूज24’ पर प्रसारित हुए शो ‘इंडियाज टाइगर’ (IndiasTiger) में वह इंदिरा गांधी के ऐतिहासिक किरदार में भी नजर आ चुकी हैं।

 

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''Hocco'' ने रोली श्रीवास्तव को बनाया चीफ मार्केटिंग ऑफिसर

होक्को (Hocco) ने रोली श्रीवास्तव (Roli Shrivastava) को पदोन्नत कर चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) नियुक्त किया है। वह अब कंपनी के सभी प्रमुख ब्रांड्स की मार्केटिंग रणनीति का नेतृत्व करेंगी।

Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2026
rolishrivastav

होक्को (Hocco) ने रोली श्रीवास्तव (Roli Shrivastava) को पदोन्नत कर चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Marketing Officer-CMO) नियुक्त किया है। कंपनी ने उनकी नई जिम्मेदारी की घोषणा करते हुए कहा कि वह अब समूह के सभी प्रमुख ब्रांड्स की मार्केटिंग रणनीति का नेतृत्व करेंगी।

रोली श्रीवास्तव (Roli Shrivastava) वर्ष 2018 में होक्को (Hocco) से जुड़ी थीं। पिछले आठ वर्षों में उन्होंने कंपनी के विभिन्न व्यवसायों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने रचनात्मक सोच, उपभोक्ता की समझ और टीमवर्क के आधार पर कई ब्रांड अभियानों का नेतृत्व किया।

उन्होंने होक्को आइसक्रीम्स (Hocco Ice Creams) के लॉन्च में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा 'होक्को आमची' (Hocco Aamchi), हल्दीराम्स (Haldiram's) के साथ 'बर्फी आइसक्रीम' (Barfi Ice Cream) सहयोग, होक्को लीमो (Hocco LEEMO) और होक्को बन मस्का BIX (Hocco Bun Maska BIX) जैसे अभियानों का भी नेतृत्व किया।

नई भूमिका में रोली श्रीवास्तव (Roli Shrivastava) होक्को आइसक्रीम्स (Hocco Ice Creams), होक्को रेस्टोरेंट्स (Hocco Restaurants), होक्को ईटरीज (Hocco Eateries), होक्को फूड्स (Hocco Foods) और हुबर एंड हॉली आइसक्रीम्स (Huber & Holly Ice Creams) सहित कंपनी के सभी प्रमुख ब्रांड्स की मार्केटिंग गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालेंगी।

कंपनी के अनुसार, उनका फोकस ऐसे ब्रांड्स विकसित करने पर रहेगा जो उपभोक्ताओं के लिए सार्थक, सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक और लंबे समय तक पसंद किए जाने वाले बन सकें।

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