रेडियो मिर्ची का संचालन करने वाली Entertainment Network (India) Limited (ENIL) में ICICI Prudential Mutual Fund ने अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है।
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Vikas Saxena
रेडियो मिर्ची का संचालन करने वाली एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड (ENIL) में ICICI Prudential Mutual Fund ने अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि उसे ICICI Prudential Asset Management Company Limited (AMC) से इस संबंध में SEBI के नियमों के तहत एक खुलासा प्राप्त हुआ है।
कंपनी के अनुसार, ICICI Prudential Mutual Fund ने अपनी विभिन्न स्कीमों और निवेश रणनीतियों के जरिए 2 जुलाई 2026 को ENIL के 2,35,000 इक्विटी शेयरों की शुद्ध बिक्री (नेट सेल) की। इस लेनदेन के बाद, 16 अक्टूबर 2019 को किए गए पिछले खुलासे की तुलना में फंड की कुल हिस्सेदारी कंपनी की चुकता पूंजी (Paid-up Capital) में 2 प्रतिशत से अधिक घट गई। इसी वजह से SEBI के Substantial Acquisition of Shares and Takeovers (SAST) Regulations, 2011 के तहत नया खुलासा करना अनिवार्य हो गया।
AMC ने अपने पत्र में बताया कि 16 अक्टूबर 2019 को किए गए पिछले खुलासे के समय ICICI Prudential Mutual Fund की ENIL में 5.004 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसके बाद से अब तक फंड ने कुल 11,19,753 शेयरों की शुद्ध बिक्री की है।
AMC ने यह भी स्पष्ट किया है कि फंड की ओर से ENIL में किया गया निवेश केवल निवेश के उद्देश्य से है। कंपनी के प्रबंधन या उस पर किसी तरह का नियंत्रण हासिल करने का उसका कोई इरादा नहीं है।
SEBI के नियमों के अनुसार, किसी सूचीबद्ध कंपनी में किसी निवेशक या संस्थागत निवेशक की हिस्सेदारी यदि तय सीमा से अधिक बढ़ती या घटती है, तो इसकी जानकारी कंपनी और शेयर बाजारों को देना अनिवार्य होता है। इसी नियामकीय आवश्यकता के तहत ICICI Prudential AMC ने यह खुलासा किया है।
ENIL ने 4 जुलाई 2026 को यह जानकारी बॉन्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को भेजी। कंपनी ने कहा कि उसे ICICI Prudential AMC से प्राप्त यह खुलासा नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) के तहत शेयर बाजारों के रिकॉर्ड में दर्ज कराया जा रहा है।
इस खुलासे में कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन या प्रबंधन में किसी बदलाव का उल्लेख नहीं किया गया है। यह केवल म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी में आई कमी से जुड़ा एक नियामकीय खुलासा है।
घर खरीदने वालों को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिए तमिलनाडु रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (TNRERA) ने सख्त कदम उठाया है।
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घर खरीदने वालों को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिए तमिलनाडु रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (TNRERA) ने सख्त कदम उठाया है। अब रियल एस्टेट कंपनियों और डेवलपर्स को गलत या भ्रामक विज्ञापन देना महंगा पड़ेगा। नए नियमों के तहत उल्लंघन करने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
TNRERA की ओर से जून 2026 में जारी सर्कुलर के मुताबिक, यह नया जुर्माना ढांचा 1 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। इसका मकसद रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाना और घर खरीदारों को सही जानकारी उपलब्ध कराना है।
दरअसल, TNRERA ने 1 जुलाई 2025 से ही रियल एस्टेट विज्ञापनों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए थे। इन नियमों के तहत प्रिंट, टीवी, आउटडोर, डिजिटल और सोशल मीडिया सहित हर तरह के विज्ञापन में प्रोजेक्ट का TNRERA रजिस्ट्रेशन नंबर, फॉर्म-सी का QR कोड, TNRERA की वेबसाइट, प्रोजेक्ट की मंजूरशुदा लोकेशन और प्रमोटर की पूरी जानकारी देना अनिवार्य किया गया था।
इसके अलावा, विज्ञापनों में 'Terms and Conditions Apply' जैसे अस्पष्ट डिस्क्लेमर, बिना प्रमाण के '100+ Amenities' जैसे दावे, लोकेशन को बढ़ा-चढ़ाकर बताना या TNRERA में रजिस्टर नहीं हुए प्रोजेक्ट का प्रचार करना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
अब TNRERA ने नियमों के उल्लंघन को 'मेजर' और 'माइनर' दो श्रेणियों में बांटा है। मेजर उल्लंघनों में बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्रोजेक्ट का विज्ञापन देना, रजिस्ट्रेशन नंबर या QR कोड नहीं दिखाना, गलत QR कोड देना या कीमतों को लेकर भ्रामक तुलना करना शामिल है।
ऐसे मामलों में 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट पर 5 लाख रुपये तक और 100 करोड़ रुपये से कम लागत वाले प्रोजेक्ट पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
वहीं, TNRERA की वेबसाइट, प्रमोटर के कार्यालय का पता नहीं देना या ऐसा QR कोड दिखाना जिसे स्कैन नहीं किया जा सके, जैसे माइनर उल्लंघनों पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
TNRERA का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य सिर्फ विज्ञापनों के लिए मानक तय करना नहीं, बल्कि उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करना भी है। इससे घर खरीदने वाले लोग किसी भी प्रोजेक्ट की कानूनी स्थिति आसानी से जांच सकेंगे और भ्रामक दावों के आधार पर गलत फैसला लेने से बच सकेंगे।
मीडिया, मार्केटिंग, इवेंट्स और एक्सपीरिएंशियल इकोसिस्टम में दो दशक से अधिक समय से दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
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‘बिजनेसवर्ल्ड’ (BW Businessworld) के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप (exchange4media Group) के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा को मीडिया, मार्केटिंग, इवेंट्स और एक्सपीरिएंशियल इकोसिस्टम में दो दशक से अधिक समय से दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान के लिए 'स्पेशल कंट्रीब्यूशन टू द इवेंट इंडस्ट्री अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
देश की मीडिया, विज्ञापन, मार्केटिंग, इवेंट्स और बिजनेस कम्युनिटी के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म्स तैयार करने में डॉ. बत्रा की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है, जिन्होंने इन क्षेत्रों में संवाद, विचार-विमर्श और इंडस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को नई दिशा देने का काम किया है।
डॉ. अनुराग बत्रा ने करीब 26 वर्ष पूर्व एक्सचेंज4मीडिया की स्थापना की थी, जिसे आज देश के सबसे प्रभावशाली मीडिया इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है। इस समूह के अंतर्गत उन्होंने exchange4media.com, samachar4media.com, IMPACT और Pitch जैसे प्रमुख पब्लिकेशंस और ब्रैंड्स की स्थापना की। साथ ही विज्ञापन, मीडिया, मार्केटिंग, कम्युनिकेशन और क्रिएटर इकोनॉमी से जुड़े इंडस्ट्री जगत के लीडर्स को एक प्लेटफॉर्म पर लाने वाले 50 से अधिक बड़े इंडस्ट्री फोरम, अवॉर्ड्स और बौद्धिक संपत्तियों (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज) का भी निर्माण किया।
वर्ष 2013 में डॉ. बत्रा ने BW Businessworld का अधिग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान को प्रिंट, डिजिटल, टेलीविजन, इवेंट्स, रिसर्च और कम्युनिटी प्लेटफॉर्म्स से जुड़ा एक तकनीक-सक्षम 360 डिग्री मीडिया संगठन बनाया। वर्तमान में BW Businessworld बिजनेस, मार्केटिंग, लीगल, हेल्थकेयर, एजुकेशन, हॉस्पिटैलिटी, सस्टेनेबिलिटी और गवर्नेंस सहित कई विशेष क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
मीडिया के अलावा डॉ. बत्रा ने प्रबंधन शिक्षा और संस्थागत विकास में भी योगदान दिया है। मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (MDI) के पूर्व छात्र रहे डॉ. बत्रा जनवरी 2020 से जून 2024 तक संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य रहे। वह एमडीआई के प्रमुख PGPM कार्यक्रम के पहले पूर्व छात्र हैं, जिन्हें इस पद पर कार्य करने का अवसर मिला।
डॉ. अनुराग बत्रा को देश के प्रमुख मीडिया उद्यमियों में गिना जाता है। उन्होंने इतने वर्षों के दौरान मीडिया, बिजनेस और मार्केटिंग जगत में मजबूत संबंध स्थापित किए हैं। उनका मानना रहा है कि किसी भी इंडस्ट्री पर स्थायी प्रभाव 'कंटेंट, कनेक्ट और कॉन्टेक्स्ट' के प्रभावी संयोजन से ही पैदा होता है। यही सोच एक्सचेंज4मीडिया और BW Businessworld की संपादकीय दृष्टि तथा कम्युनिटी-बिल्डिंग पहलों की आधारशिला रही है।
इस अवॉर्ड को प्राप्त करने के बाद डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा, ‘यह सम्मान पाकर मैं बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह पुरस्कार पिछले दो दशकों में हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हर सहयोगी, साझेदार, पाठक, क्लाइंट और हमारे पूरे समुदाय का है। एक्सचेंज4मीडिया और BW Businessworld में हमने हमेशा ऐसे प्लेटफॉर्म बनाने का प्रयास किया है, जो इंडस्ट्री को जानकारी दें, प्रेरित करें और उन्हें एक-दूसरे से जोड़ें। भारत की इवेंट और एक्सपीरिएंशियल इकोनॉमी आज कारोबार, संस्कृति और नवाचार की एक मजबूत ताकत बन चुकी है। इसके विकास में योगदान देना मेरे लिए गर्व की बात है। यह सम्मान हमें आगे भी सार्थक समुदायों और प्रभावशाली संवादों के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।’
देबाशीष सरकार इससे पहले नवंबर 2021 से मार्च 2024 तक CNN-News18 में एडिटर-टेक्नोलॉजी के पद पर कार्य कर चुके हैं।
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वरिष्ठ टेक पत्रकार देबाशीष सरकार ने ‘सीएनएन-न्यूज18’ (CNN-News18) में वापसी की है। उन्होंने यहां पर टेक्नोलॉजी एडिटर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल ली है। उन्होंने जुलाई 2026 से इस पद पर कार्यभार ग्रहण किया है।
देबाशीष सरकार इससे पहले नवंबर 2021 से मार्च 2024 तक CNN-News18 में एडिटर-टेक्नोलॉजी के पद पर कार्य कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने News18 Tech की कमान संभालने के साथ-साथ 1UP Gaming यूट्यूब चैनल का भी नेतृत्व किया। मार्च 2024 में उन्होंने एडिटर–Technology + Heading 1UP Gaming की भूमिका भी निभाई थी।
इसके बाद मार्च 2024 से मार्च 2026 तक वह एचटी डिजिटल स्ट्रीम्स (HT Digital Streams) में टेक एडिटर (HT Tech) तथा HindustanTimes.com और LiveMint.com के टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व करते रहे। इस दौरान उन्होंने HT Tech और HindustanTimes.com/Technology की संपादकीय रणनीति, दैनिक कंटेंट, LiveMint.com पर गैजेट्स एवं अप्लायंसेज कवरेज, टेक्नोलॉजी वीडियो प्रोडक्शन, इंस्टाग्राम और यूट्यूब कंटेंट मैनेजमेंट तथा एफिलिएट कंटेंट रणनीति जैसी जिम्मेदारियां निभाईं।
अप्रैल 2026 से वह Verve Research में एडिटोरियल कंसल्टेंट के रूप में भी जुड़े हुए हैं। यहां वह दक्षिण-पूर्व एशिया के नजरिए से वैश्विक सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) गवर्नेंस, जलवायु न्याय, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्लोबल वैल्यू चेन, रणनीतिक स्वायत्तता और युवाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर तैयार किए जा रहे अकादमिक एवं नीति संबंधी अध्यायों की कॉपी एडिटिंग, प्रूफरीडिंग और फैक्ट-चेकिंग का कार्य कर रहे हैं।
देबाशीष सरकार का मीडिया करियर एक दशक से अधिक का है। मई 2018 से नवंबर 2021 तक वह द टाइम्स ऑफ इंडिया (The Times of India) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रड्यूसर रहे। इस दौरान उन्होंने Gadgets Now, TimesofIndia.com और The Economic Times (प्रिंट एवं ऑनलाइन) के लिए टेक्नोलॉजी, एंटरप्राइज आईटी और स्टार्टअप्स से जुड़े विषयों पर काम किया।
इससे पहले सितंबर 2016 से अप्रैल 2018 तक वह न्यूज18 (News18) में सीनियर कॉपी एडिटर रहे, जहां उन्होंने आईटी, पर्सनल टेक्नोलॉजी और बिजनेस से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग की। उन्होंने 'The Tech and Auto Show' के होस्ट के रूप में भी काम किया।
फरवरी 2016 से अगस्त 2016 तक वह TOI Tech/Gadgets Now में सीनियर सब एडिटर रहे। वहीं अगस्त 2014 से फरवरी 2016 तक इंडियन एक्सप्रेस (Indian Express) में सीनियर सब एडिटर के रूप में पर्सनल और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी को कवर किया।
अपने करियर की शुरुआत उन्होंने EFY से की। बाद में वह 9.9 Media से भी जुड़े, जहां उन्होंने एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और आईटी सेक्टर से जुड़ी रिपोर्टिंग की।
पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो देबाशीष सरकार ने गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन/मीडिया स्टडीज में स्नातक की डिग्री प्रथम श्रेणी में हासिल की। विश्वविद्यालय के दौरान उन्होंने 'The Nation Express' नाम से एक कॉलेज समाचार पत्र की भी शुरुआत की थी।
अफ्ले (Affle) में पांच वर्षों से अधिक समय बिताने के बाद निखिल कुमार (Nikhil Kumar) ने कंपनी छोड़ दी है। वह भारत एवं उभरते बाजारों के चीफ ग्रोथ एंड मार्केटिंग ऑफिसर थे।
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अफ्ले (Affle) में पांच वर्षों से अधिक समय बिताने के बाद निखिल कुमार (Nikhil Kumar) ने कंपनी छोड़ दी है। उन्होंने भारत एवं उभरते बाजारों (India & Emerging Markets) के चीफ ग्रोथ एंड मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Growth and Marketing Officer) के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त किया।
निखिल कुमार (Nikhil Kumar) ने अपने इस्तीफे की पुष्टि एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media-e4m) से की। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर भी एक पोस्ट साझा करते हुए अफ्ले (Affle) के साथ अपने सफर को याद किया।
अफ्ले (Affle) में अपने कार्यकाल के दौरान निखिल कुमार (Nikhil Kumar) ने कंपनी के स्वामित्व वाले मीडियास्मार्ट (mediasmart) के जरिए भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने कंपनी में व्यापक नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभाली।
करीब दो दशकों के अनुभव वाले निखिल कुमार (Nikhil Kumar) एफएमसीजी (FMCG), रिटेल (Retail), फूड एंड बेवरेज (Food & Beverage-F&B) और एडटेक (AdTech) क्षेत्रों में काम कर चुके हैं। वह अफ्ले (Affle) की कनेक्टेड टीवी (Connected TV-CTV), ओमनीचैनल एडवरटाइजिंग (Omnichannel Advertising) और एआई (Artificial Intelligence-AI) आधारित मार्केटिंग पहलों से भी जुड़े रहे।
कंपनी ने अप्रैल 2026 में नेतृत्व पुनर्गठन (Leadership Restructuring) और विकास रणनीति (Growth Strategy) के तहत निखिल कुमार (Nikhil Kumar) को चीफ ग्रोथ एंड मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Growth and Marketing Officer) नियुक्त किया था। अब उनके कंपनी से अलग होने के साथ अफ्ले (Affle) के नेतृत्व में एक और बदलाव दर्ज किया गया है।
मानक गुप्ता फिलहाल एग्जिक्यूटिव एडिटर (सोशल मीडिया हेड) के रूप में News24 से जुड़े हुए हैं। वह चैनल के लोकप्रिय डिबेट शो 'राष्ट्र की बात' के एंकर भी हैं।
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हिंदी न्यूज इंडस्ट्री से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ पत्रकार मानक गुप्ता को प्रमोट करते हुए News24 हिंदी न्यूज चैनल का नया हेड बनाया गया है। हालांकि, इस नियुक्ति को लेकर चैनल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, संगठन के भीतर संपादकीय नेतृत्व को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। नई जिम्मेदारी के साथ मानक गुप्ता अब News24 हिंदी चैनल के संपादकीय संचालन और स्ट्रैटेजिक दिशा का नेतृत्व करेंगे।
मानक गुप्ता फिलहाल एग्जिक्यूटिव एडिटर (सोशल मीडिया हेड) के रूप में News24 से जुड़े हुए हैं। वह चैनल के लोकप्रिय डिबेट शो 'राष्ट्र की बात' के एंकर भी हैं और राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति तथा समसामयिक मुद्दों पर अपने बेबाक और तथ्यपरक विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं।
करीब डेढ़ दशक से न्यूज24 का हिस्सा रहे मानक गुप्ता अप्रैल 2010 में चैनल से जुड़े थे। इस दौरान उन्होंने एंकरिंग, संपादकीय प्रबंधन और डिजिटल रणनीति सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर News24 की मौजूदगी को मजबूत बनाने में भी उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।
न्यूज24 से पहले मानक गुप्ता जी न्यूज (Zee News) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों, राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, विदेश नीति और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय घटनाक्रमों की व्यापक रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। हिंदी टीवी पत्रकारिता में उन्हें करीब तीन दशक का अनुभव है और इंडस्ट्री के स्थापित चेहरों में उनकी गिनती होती है।
समाचार4मीडिया की ओर से मानक गुप्ता को इस नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एवं रेपुटेशन एडवाइजर पवन कौशिक (Pavan Kaushik) ने अपनी चौथी पुस्तक 'द फिफ्थ एस्टेट' (The Fifth Estate) लॉन्च की है।
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ऐसे समय में जब कंपनियां निवेशकों, नियामकों, ग्राहकों, समुदायों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगातार बढ़ती निगरानी का सामना कर रही हैं, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन एवं रेपुटेशन एडवाइजर (Corporate Communication & Reputation Advisor) पवन कौशिक (Pavan Kaushik) ने अपनी चौथी पुस्तक 'द फिफ्थ एस्टेट' (The Fifth Estate) जारी की है।
इस पुस्तक में उन्होंने तर्क दिया है कि कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन (Corporate Communication) अब केवल एक सपोर्ट फंक्शन नहीं, बल्कि ऐसा संस्थागत स्तंभ बन चुका है जो किसी संगठन के प्रति भरोसा, विश्वसनीयता और स्वीकार्यता तय करता है।
बोर्डरूम गाइड (Boardroom Guide) के रूप में प्रस्तुत यह पुस्तक चेयरपर्सन (Chairpersons), प्रमोटर्स (Promoters), फाउंडर्स (Founders), सीईओ (CEOs), सीएक्सओ (CXOs) और कम्युनिकेशन लीडर्स (Communication Leaders) के लिए तैयार की गई है। इसमें बताया गया है कि संगठन अक्सर कम्युनिकेशन को रणनीतिक निर्णयों से अलग क्यों रखते हैं और इसका असर उनकी प्रतिष्ठा, हितधारकों के विश्वास तथा कारोबारी प्रदर्शन पर किस तरह पड़ सकता है।
माइनिंग (Mining), मेटल्स (Metals), एनर्जी (Energy), इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure), मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) जैसे क्षेत्रों में 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के आधार पर पवन कौशिक (Pavan Kaushik) ने पुस्तक में समझाया है कि बढ़ती डिजिटल निगरानी और हितधारकों की अपेक्षाओं के बावजूद कई संस्थान आज भी कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन (Corporate Communication) के रणनीतिक महत्व को कम आंकते हैं।
पुस्तक का केंद्रीय विचार यह है कि कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन (Corporate Communication) को 'द फिफ्थ एस्टेट' (The Fifth Estate) के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए, क्योंकि इसका प्रभाव अब कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance), हितधारकों के साथ तालमेल और संगठन की दीर्घकालिक स्थिरता तक पहुंच चुका है।
पवन कौशिक (Pavan Kaushik) का कहना है कि पिछले 125 वर्षों के विकास, संस्थागत महत्व और पेशेवर योगदान ने कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन (Corporate Communication) को भरोसा, प्रतिष्ठा और हितधारकों के विश्वास का महत्वपूर्ण आधार बना दिया है। उनके अनुसार, संगठन अब केवल अपने उत्पादों या परिचालन क्षमता से नहीं, बल्कि इस बात से भी आंके जाते हैं कि हितधारक उनके बारे में क्या समझते हैं, क्या विश्वास करते हैं और कितना भरोसा करते हैं।
पुस्तक में नेतृत्व संचार (Leadership Communication), संकट प्रबंधन (Crisis Preparedness), हितधारक जुड़ाव (Stakeholder Engagement), रेपुटेशन मैनेजमेंट (Reputation Management), सामुदायिक संबंध (Community Relations) और गवर्नेंस (Governance) में कम्युनिकेशन की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई है।
लेखक का मानना है कि कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन (Corporate Communication) अब केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टार्टअप्स (Startups), यूनिकॉर्न्स (Unicorns), एमएसएमई (MSMEs), एसएमई (SMEs) और तेजी से बढ़ते उद्यमों के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।
पवन कौशिक (Pavan Kaushik) के अनुसार, प्रदर्शन परिणाम देता है, लेकिन कम्युनिकेशन समझ पैदा करता है। समझ से भरोसा बनता है और अंततः यही भरोसा किसी संगठन को दीर्घकालिक स्वीकार्यता, विश्वसनीयता और स्थायी सफलता दिलाता है।
'द फिफ्थ एस्टेट' (The Fifth Estate) के माध्यम से वह उद्योग जगत के नेताओं के बीच इस विषय पर व्यापक चर्चा शुरू करना चाहते हैं कि आधुनिक संगठनों में कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन (Corporate Communication) को नेतृत्व स्तर पर रणनीतिक भूमिका क्यों मिलनी चाहिए।
शेयरचैट (ShareChat) की पैरेंट कंपनी मोहल्ला टेक (Mohalla Tech) अगले वित्त वर्ष 400 मिलियन डॉलर तक के IPO की तैयारी कर रही है। कंपनी अब ऑपरेशनल प्रॉफिट में पहुंच चुकी है।
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शेयरचैट (ShareChat) की पैरेंट कंपनी मोहल्ला टेक (Mohalla Tech) अगले वित्त वर्ष में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (Initial Public Offering-IPO) के जरिए 40 करोड़ डॉलर (USD 400 Million) तक जुटाने की तैयारी कर रही है। यह जानकारी कंपनी के सह-संस्थापक (Co-founder) और मुख्य वित्तीय अधिकारी (Chief Financial Officer-CFO) मनोहर चरण ने ब्लूमबर्ग (Bloomberg) से बातचीत में दी।
मनोहर चरण ने बताया कि कंपनी अगले चार से पांच तिमाहियों (Quarters) के भीतर शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी की यूनिट इकोनॉमिक्स (Unit Economics) अब सकारात्मक हो गई है और इसी आधार पर IPO की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है।
मोहल्ला टेक (Mohalla Tech), जो शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म मोज (Moj) और सब्सक्रिप्शन आधारित माइक्रोड्रामा ऐप क्विकटीवी (QuickTV) का भी संचालन करती है, वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही में ऑपरेशनल प्रॉफिट (Operational Profit) में पहुंच गई है। कंपनी के अनुसार, उसके माइक्रोड्रामा प्लेटफॉर्म्स पर हर महीने करीब 6.5 करोड़ (65 Million) दर्शक आते हैं, जबकि प्रतिदिन 70 करोड़ (700 Million) से अधिक एपिसोड देखे जाते हैं।
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में शेयरचैट (ShareChat) ने लागत अनुकूलन (Cost Optimisation) के दम पर अपने एडजस्टेड EBITDA घाटे को 72 प्रतिशत घटाकर 219 करोड़ रुपये कर लिया, जो पिछले वर्ष 793 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस दौरान परिचालन राजस्व (Operating Revenue) लगभग स्थिर रहा और 723 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) में यह 718 करोड़ रुपये था।
हाल के वर्षों में कंपनी ने वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से सीधी प्रतिस्पर्धा करने के बजाय भारतीय भाषाई कंटेंट (Vernacular Content) इकोसिस्टम को मजबूत करने पर ध्यान दिया है। इसी रणनीति के तहत कंपनी ने उन परियोजनाओं को बंद किया, जो अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकीं। इनमें सोशल डिस्कवरी प्लेटफॉर्म वाइबली (Vibely) भी शामिल है, जिसे पिछले महीने बंद कर दिया गया।
साल 2015 में स्थापित मोहल्ला टेक (Mohalla Tech) अब तक लाइटस्पीड (Lightspeed), टाइगर ग्लोबल (Tiger Global), टेमासेक (Temasek) और टेनसेंट (Tencent) सहित कई निवेशकों से 1.2 अरब डॉलर (USD 1.2 Billion) से अधिक की फंडिंग जुटा चुकी है। कंपनी का प्रस्तावित IPO ऐसे समय में आ रहा है, जब निवेशकों का भरोसा लौटने के साथ कई भारतीय टेक स्टार्टअप्स (Tech Startups) भी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
आईटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समाधान देने वाली कंपनी न्यूजेन सॉफ्टवेयर ने अपने चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) तरुण नंदवानी को नया चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया है।
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आईटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन समाधान देने वाली कंपनी न्यूजेन सॉफ्टवेयर (Newgen Software) ने अपने चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) तरुण नंदवानी को नया चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया है। कंपनी ने उन्हें 18 महीने के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया है और उनका कार्यकाल 1 अगस्त 2026 से शुरू होगा।
कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, मौजूदा CEO वीरेंद्र जीत ने व्यक्तिगत और प्रोफेशनल कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वे 31 अगस्त 2026 तक कंपनी के साथ बने रहेंगे, ताकि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
तरुण नंदवानी पिछले 33 वर्षों से न्यूजेन सॉफ्टवेयर से जुड़े हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कंपनी के कई अहम कारोबार खड़े करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें ट्रेड फाइनेंस, लेंडिंग, इंश्योरेंस पॉलिसी एडमिनिस्ट्रेशन और लोन मैनेजमेंट सॉल्यूशंस जैसे प्रमुख बिजनेस शामिल हैं।
कंपनी के बोर्ड ने एक और अहम नियुक्ति को मंजूरी दी है। प्रमोद कुमार, जो फिलहाल न्यूजेन की सिंगापुर इकाई में वाइस प्रेसिडेंट–सेल्स के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें 1 अगस्त 2026 से चीफ ग्रोथ ऑफिसर (CGO) नियुक्त किया गया है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि COO के रूप में तरुण नंदवानी के नेतृत्व में न्यूजेन ने अपने इतिहास के सबसे मजबूत विकास के दौर देखे। इस दौरान कंपनी के राजस्व, मुनाफे, नए ग्राहकों की संख्या और बाजार में मौजूदगी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। साथ ही कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपने कारोबार का विस्तार किया, उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत बनाया, ग्राहकों के साथ संबंध बेहतर किए और पूरे संगठन की कार्यक्षमता को नई ऊंचाई तक पहुंचाया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इनोवेशन कंपनी Aivar ने निखिल नारायण को मार्केटिंग का सीनियर डायरेक्टर नियुक्त किया है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इनोवेशन कंपनी Aivar ने निखिल नारायण को मार्केटिंग का सीनियर डायरेक्टर नियुक्त किया है। कंपनी को उम्मीद है कि उनके अनुभव से ब्रांड की मार्केटिंग रणनीति और कारोबार के विस्तार को नई दिशा मिलेगी।
निखिल नारायण इससे पहले करीब सात साल तक Amazon Web Services (AWS) के साथ जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में डिजिटल-नेटिव और डेवलपर मार्केटिंग प्रोग्राम तैयार करने और उन्हें आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने Coralogix और Affinidi जैसी कंपनियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
Aivar में शामिल होने से पहले निखिल Affinidi में हेड ऑफ मार्केटिंग और Coralogix में वाइस प्रेसिडेंट-मार्केटिंग के पद पर कार्यरत थे।
निखिल के पास करीब 20 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्टार्टअप्स से लेकर बड़ी कंपनियों तक के लिए प्लेटफॉर्म आधारित प्रोडक्ट्स के विकास और उन्हें बाजार में सफल बनाने की रणनीतियों पर काम किया है। अब Aivar में उनकी नियुक्ति के साथ कंपनी अपने AI आधारित उत्पादों की मार्केटिंग और वैश्विक विस्तार को और मजबूत करने पर जोर देगी।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मीडिया अधिकारों को लेकर जी एंटरटेनमेंट की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।
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फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मीडिया अधिकारों को लेकर जी एंटरटेनमेंट की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है। मैडिसन वर्ल्ड के पार्टनर व सीईओ अजीत वर्गीज ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि जी द्वारा फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मीडिया अधिकार हासिल करना सिर्फ एक सामान्य स्पोर्ट्स राइट्स डील नहीं है, बल्कि इसे कंपनी की एक बड़ी कारोबारी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
अजीत वर्गीज के मुताबिक, शुरुआत में इस डील को कई लोगों ने मुश्किल माना था, क्योंकि भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अधिकांश मैच देर रात प्रसारित होंगे। ऐसे में विज्ञापन से अच्छी कमाई करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था।
हालांकि, उनका कहना है कि जी एंटरटेनमेंट ने इस चुनौती को एक अलग नजरिए से देखा है। कंपनी ने पारंपरिक विज्ञापन आधारित मॉडल की बजाय सब्सक्रिप्शन आधारित कमाई पर ज्यादा जोर देने की रणनीति अपनाई है। इससे यह डील, जिसे पहले सीमित कमाई वाला अवसर माना जा रहा था, अब कहीं बड़ा कारोबारी दांव बन सकती है।
अजीत वर्गीज ने अपने पोस्ट में कहा कि यदि यह रणनीति सफल होती है, तो यह भारत में स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग के बिजनेस मॉडल को भी नई दिशा दे सकती है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में विस्तार से बताया कि आखिर क्यों जी की यह डील सिर्फ खेलों के प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे मीडिया इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
उनका पूरा पोस्ट यहां पढ़ें: