कंपनी की एचआर हेड रुचिरा श्रीवास्तव ने कर्मचारियों को भेजे गए एक इंटरनल ईमेल में गौरव देवानी के संगठन छोड़ने की पुष्टि की है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (EVP)- टाइम्स इन्फ्लुएंस सेल्स गौरव देवानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही समाचार4मीडिया की इस बारे में प्रकाशित खबर पर भी आधिकारिक मुहर लग गई है। कंपनी ने एंप्लॉयीज को भेजे गए एक इंटरनल ईमेल में गौरव देवानी के संगठन छोड़ने की पुष्टि की है।
दरअसल, कुछ दिन पहले समाचार4मीडिया ने विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया था कि ‘टाइम्स नेटवर्क’ के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (EVP)- टाइम्स इन्फ्लुएंस सेल्स गौरव देवानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
अब नेटवर्क के इंटरनल मेल के अनुसार, गौरव देवानी ने संगठन के बाहर नए अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए टाइम्स नेटवर्क छोड़ने का फैसला किया है। कंपनी ने उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही एंप्लॉयीज से अपील की गई है कि वे जिम्मेदारियों के सुचारु हस्तांतरण (स्मूद ट्रांजिशन) में पूरा सहयोग दें।
यह भी पढ़ें: ‘Times Network’ से गौरव देवानी का इस्तीफा, एंटरप्रिन्योरशिप की दुनिया में रखेंगे कदम
बता दें कि गौरव देवानी ने इसी साल मार्च में टाइम्स नेटवर्क जॉइन किया था। इस नेटवर्क के साथ उनकी यह दूसरी पारी थी। इससे पहले वह करीब ढाई साल तक एनडीटीवी (NDTV) में रेवेन्यू हेड के पद पर कार्यरत रहे थे। उन्होंने दिसंबर 2023 में एनडीटीवी जॉइन किया था।
दो दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले गौरव देवानी बिजनेस डेवलपमेंट, मार्केटिंग, स्ट्रैटेजी और ऑपरेशंस के क्षेत्र में काम कर चुके हैं। एनडीटीवी से पहले वह टाइम्स नेटवर्क में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं नेशनल हेड (ब्रैंडेड कंटेंट) के पद पर रहे, जहां उन्होंने टीवी और डिजिटल प्रॉपर्टीज के मोनेटाइजेशन की रणनीतियों का नेतृत्व किया।
इससे पहले वह ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और सीए-मीडिया (पीटर चेर्निन ग्रुप) में भी वरिष्ठ भूमिकाएं निभा चुके हैं। उनका पेशेवर सफर द वॉल्ट डिज़्नी कंपनी, नेटवर्क18, हिंदुस्तान टाइम्स और अन्य प्रमुख मीडिया संस्थानों से भी जुड़ा रहा है, जहां उन्होंने विज्ञापन बिक्री, ब्रैंडेड कंटेंट और इंटीग्रेटेड मीडिया मोनेटाइजेशन के क्षेत्र में काम किया।
गौरव देवानी ने जिम्स, रोहिणी से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है और आईआईएम कोलकाता से एग्जिक्यूटिव एमबीए की डिग्री प्राप्त की है।
यह पदोन्नति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इसके साथ ही वह अपनी वर्तमान जिम्मेदारी चीफ रेवेन्यू ऑफिसर–स्पोर्ट्स एंड स्पेशल प्रोजेक्ट्स के रूप में भी कार्य करते रहेंगे।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टाइम्स ग्रुप ने राजेश मदमपाथ को चीफ बिजनेस ऑफिसर (BCA) के पद पर प्रमोट किया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इसके साथ ही वह अपनी वर्तमान जिम्मेदारी चीफ रेवेन्यू ऑफिसर–स्पोर्ट्स एंड स्पेशल प्रोजेक्ट्स के रूप में भी कार्य करते रहेंगे।
नई भूमिका में राजेश मदमपाथ BCA के बिजनेस हेड के तौर पर संगठन की कमान संभालेंगे। वह प्रॉफिट एंड लॉस (P&L), बिजनेस की स्ट्रैटेजिक दिशा, कारोबार के विस्तार और समग्र प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा वह सेल्स विभाग के साथ-साथ क्लाइंट सर्विसिंग, कंटेंट, गेस्ट कोऑर्डिनेशन, प्रोडक्शन, मार्केटिंग, प्रोमो और ग्राफिक्स से जुड़े कार्यों का भी नेतृत्व करेंगे। वह नेतृत्व टीम के साथ मिलकर बिजनेस को मजबूत बनाने, क्लाइंट्स के साथ जुड़ाव बढ़ाने और रेवेन्यू ग्रोथ को गति देने का कार्य करेंगे।
राजेश मदमपाथ पिछले 24 वर्षों से अधिक समय से द टाइम्स ग्रुप से जुड़े हुए हैं। इस दौरान उन्होंने अपने मजबूत नेतृत्व, उत्कृष्ट कार्य निष्पादन और परिणाम देने की प्रतिबद्धता का लगातार परिचय दिया है। उन्होंने कई रेवेन्यू पोर्टफोलियो का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है, रणनीतिक विकास से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाया है और कई प्रभावशाली स्पॉन्सरशिप प्रॉपर्टीज विकसित की हैं, जिन्होंने संगठन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कंपनी की ओर से जारी इंटरनल मेल के अनुसार, रेवेन्यू हेड–गवर्नमेंट सेल्स तथा बिजनेस हेड–BCA (गवर्नमेंट सेल्स सहित) की जिम्मेदारियों के तहत राजेश मदमपाथ टाइम्स टेलीविजन नेटवर्क के सीईओ आशीष सहगल को रिपोर्ट करेंगे।
वहीं स्पेशल प्रोजेक्ट्स के लिए वह पहले की तरह द टाइम्स ग्रुप के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर एवं ग्रुप सीईओ एन. सुब्रमणियन के साथ सीधे काम करते रहेंगे। इसके अलावा पिकलबॉल वर्टिकल के लिए वह प्रेजिडेंट–पिकलबॉल समीर पाठक तथा सीईओ–डिजिटल एंड एंटरटेनमेंट रोहित गोपाकुमार के साथ मिलकर अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
नाओमी ओसाका इन दिनों लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में अपनी शानदार मौजूदगी से सुर्खियां बटोर रही हैं।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
संदीप गोयल, चेयरमैन, रेडिफ्यूजन ।।
नाओमी ओसाका इन दिनों लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में अपनी शानदार मौजूदगी से सुर्खियां बटोर रही हैं। चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन ओसाका ने इस साल के तीनों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में कोर्ट पर उतरने से पहले अपने पहनावे के जरिए अपनी अलग पहचान और खुद को अभिव्यक्त करने का तरीका दुनिया के सामने रखा है। विंबलडन में उन्होंने जापानी पारंपरिक परिधान से प्रेरित सफेद रंग का आउटफिट पहना, जिसमें चेरी ब्लॉसम और सारस की कढ़ाई वाला किमोनो-स्टाइल ड्रेस शामिल था। इस ड्रेस को जापानी डिजाइनर हाना यागी के साथ मिलकर तैयार किया गया।
ऑस्ट्रेलियन ओपन में उन्होंने डिजाइनर रॉबर्ट वुन द्वारा तैयार जेलीफिश से प्रेरित हल्का और बहता हुआ आउटफिट पहना था। वहीं फ्रेंच ओपन में उनकी कई परतों वाली स्कर्ट और सुनहरी चमकदार ड्रेस एफिल टॉवर की आकृति से प्रेरित थी। ओसाका की अपनी एक क्रिएटिव टीम है और वह खुद डिजाइनर्स के साथ मिलकर इन आउटफिट्स पर काम करती हैं। जबकि कोर्ट पर पहनी जाने वाली ड्रेस Nike तैयार करता है। यही वजह है कि आज खेल की दुनिया में नाओमी ओसाका की चर्चा सिर्फ टेनिस नहीं, बल्कि उनके फैशन की वजह से भी हो रही है। उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी कई बार टेनिस से ज्यादा फैशन की बात होती है।
ब्रैंड ओसाका दुनिया को क्या संदेश दे रहा है?
1 - "मैं सिर्फ टेनिस नहीं हूं"
साल 2020 से नाओमी ओसाका ग्रैंड स्लैम के बाहर भी अपनी एक अलग व्यक्तिगत पहचान (पर्सनल ब्रैंड) बना रही हैं। उन्होंने Play Academia, KINLÒ Skincare, Hana Kuma Studio, अपनी मीडिया कंपनी और कई अन्य प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।
विंबलडन में किमोनो पहनकर वह यह कहना चाहती हैं कि "मैं सिर्फ Nike की सफेद ड्रेस पहनने वाली टेनिस खिलाड़ी नहीं हूं, मैं अपनी असली पहचान के साथ यहां मौजूद हूं।"
इससे उनकी पहचान सिर्फ एक खिलाड़ी से आगे बढ़कर एक सांस्कृतिक आइकन (Cultural Icon) के रूप में बनती है। भविष्य में यही पहचान उन्हें ब्रैंड एंडोर्समेंट, बिजनेस और मीडिया के क्षेत्र में लंबे समय तक फायदा पहुंचा सकती है।
2 - अपनी जापानी विरासत को अपने तरीके से अपनाना
नाओमी ओसाका हैती और जापान से जुड़ी विरासत रखती हैं। उनका पालन-पोषण अमेरिका में हुआ, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जापान का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने कई बार खुलकर कहा है कि जापान का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद उन्हें कभी-कभी ऐसा महसूस होता था कि लोग उन्हें "पूरी तरह जापानी" नहीं मानते।
ऐसे में दुनिया के सबसे पारंपरिक ब्रिटिश खेल आयोजनों में से एक विंबलडन में किमोनो पहनना उनकी अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपनाने का प्रतीक है। यह किसी तरह का दिखावा (कॉस्प्ले) नहीं है, बल्कि यह कहने जैसा है कि "यह मेरी पहचान का हिस्सा है और मैं इसे गर्व के साथ दुनिया के सामने रखूंगी।"
यही सच्चाई और वास्तविकता (Authenticity) आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z के बीच उनकी ब्रैंड वैल्यू को मजबूत बनाती है।
3 - शांत ताकत, आक्रामकता नहीं
कोर्ट पर नाओमी ओसाका ताकत, तेजी और आत्मविश्वास से खेलती हैं। लेकिन कोर्ट के बाहर उन्होंने खुद को एक शांत, कलात्मक और गंभीर सोच रखने वाली शख्सियत के रूप में पेश किया है।
किमोनो शिल्पकला, सादगी, अनुशासन और गरिमा का प्रतीक माना जाता है। यह उन चमकदार और आकर्षक स्पोर्ट्स फैशन से बिल्कुल अलग है, जिन्हें अक्सर खिलाड़ी अपनाते हैं। इससे Louis Vuitton, Tag Heuer और Nike Off-Court जैसे ब्रैंड्स को यह संदेश मिलता है कि ओसाका सिर्फ स्ट्रीट फैशन ही नहीं, बल्कि सादगी भरे लग्जरी फैशन (Quiet Luxury) की भी मजबूत पहचान बन सकती हैं।
4 - मानसिक स्वास्थ्य और अपनी सीमाएं ही उनके ब्रैंड की पहचान हैं
साल 2021 में नाओमी ओसाका ने अपने मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए रोलां गैरो (फ्रेंच ओपन) से अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद से उनकी ब्रैंड पहचान आत्मनिर्भरता, खुद का ख्याल रखने और अपनी शर्तों पर फैसले लेने से जुड़ गई।
किमोनो कोई खेल का परिधान नहीं है और इसमें टेनिस नहीं खेला जा सकता। इसलिए विंबलडन में इसे पहनकर वह यह संदेश देती हैं कि "मैं यहां अपनी शर्तों पर आई हूं। मैं इस टूर्नामेंट का सम्मान करती हूं, लेकिन मुझे पूरी तरह उसके मुताबिक बदलने की जरूरत नहीं है।"
यह संदेश उन लोगों को भी पसंद आता है, जो अपनी सीमाओं और व्यक्तिगत फैसलों का सम्मान करते हैं।
5 - सोशल मीडिया पर वायरल होना भी ब्रैंड की ताकत है
विंबलडन का ड्रेस कोड पूरी तरह सफेद होता है। ऐसे में लगभग सभी खिलाड़ी एक जैसे दिखाई देते हैं। लेकिन किमोनो इस भीड़ में अलग पहचान बना देता है।
ओसाका के लिए उनकी एक तस्वीर हजारों खबरों, लेखों और TikTok वीडियो से ज्यादा असर डाल सकती है। चोटों और कुछ समय तक सुर्खियों से दूर रहने के बावजूद यह तरीका उन्हें टूर्नामेंट्स के बीच भी चर्चा में बनाए रखता है। इसमें जोखिम भी है
किमोनो जापान का बेहद सम्मानित और सांस्कृतिक महत्व रखने वाला परिधान है। इसलिए इसे सही तरीके से पेश करना जरूरी था। अगर इसे किसी जापानी डिजाइनर ने पारंपरिक तरीके से तैयार नहीं किया होता या सही श्रेय नहीं दिया जाता, तो इसकी आलोचना भी हो सकती थी।
लेकिन ओसाका की टीम ने इस बात का पूरा ध्यान रखा। जापानी डिजाइनर हाना यागी के साथ मिलकर तैयार किया गया यह आउटफिट पूरी तरह प्रामाणिक और सम्मानजनक माना गया।
ब्रैंड ओसाका दुनिया से क्या कह रहा है?
नाओमी ओसाका दुनिया को यह संदेश देना चाहती हैं कि "मैं सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं हूं। मैं जापानी भी हूं, हैतियन भी, अमेरिकी भी, एक उद्यमी भी और एक कलाकार भी। मुझे इनमें से सिर्फ एक पहचान चुनने की जरूरत नहीं है।"
पहले भी फैशन के जरिए बनाई थी अलग पहचान
साल 2019 से 2021 के बीच Nike और Jacquemus के साथ उनका सहयोग इस बात का प्रतीक था कि एक खिलाड़ी भी फैशन की दुनिया का हिस्सा बन सकता है। उनके नीयॉन रंग के टेनिस आउटफिट, बड़े कॉलर और अनोखे डिजाइन ने यह संदेश दिया कि "मैं सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि फैशन की प्रेरणा भी हूं।"
वह उन शुरुआती खिलाड़ियों में शामिल थीं जिन्हें खेलते हुए ही किसी लग्जरी फैशन ब्रैंड के साथ को-डिजाइन का मौका मिला। Nike ने उन्हें रचनात्मक फैसले लेने की आजादी दी। इससे वह दूसरे टेनिस खिलाड़ियों से अलग नजर आईं।
2021 में Louis Vuitton के साथ नई पहचान
साल 2021 में Louis Vuitton ने उन्हें अपने अभियान का चेहरा बनाया। उन्होंने डिजाइनर निकोलस गेस्किएर द्वारा तैयार कस्टम पोल्का डॉट ड्रेस, मोनोग्राम मास्क और दूसरे खास आउटफिट पहने।
इससे यह संदेश गया कि "मेरी जगह सिर्फ टेनिस कोर्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि फैशन की दुनिया की पहली पंक्ति में भी है।"
वह Louis Vuitton के अभियान का नेतृत्व करने वाली पहली टेनिस खिलाड़ी और पहली अश्वेत महिला बनीं। इससे उनकी पहचान सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह वैश्विक फैशन आइकन बन गईं। इसके बाद उनके लिए ब्यूटी, स्किनकेयर और मीडिया के नए अवसर भी खुले।
2024-2026: किमोनो के जरिए नई पहचान
2024 से 2026 के दौरान ओसाका का किमोनो लुक उनकी नई पहचान बन गया है। चाहे स्टैंड्स हों, रॉयल बॉक्स हो या प्रैक्टिस वीक, वह पारंपरिक और आधुनिक किमोनो में नजर आईं।
इसका संदेश साफ है: "मैं यहां सिर्फ टेनिस खेलने नहीं आई हूं, मैं नाओमी के रूप में आई हूं।"
यह विंबलडन में उनका सबसे कम "स्पोर्टी" लुक रहा, लेकिन इसी ने उनकी पहचान एक फैशन आइकन से आगे बढ़ाकर सांस्कृतिक प्रतिनिधि के रूप में स्थापित कर दी। Jacquemus और Louis Vuitton के साथ उनकी साझेदारी ब्रैंड्स के बारे में थी, जबकि किमोनो उनकी अपनी कहानी, जापानी विरासत, स्वतंत्रता और शांत ताकत को दर्शाता है।
यह नाओमी ओसाका के ब्रैंड के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
Play Academia और Hana Kuma जैसी उनकी मीडिया और स्टोरीटेलिंग कंपनियों के लिए जरूरी है कि लोग उन्हें सिर्फ एक चेहरा नहीं, बल्कि संस्कृति और विचारों को आगे बढ़ाने वाली शख्सियत के रूप में देखें। किमोनो पत्रकारों को टेनिस नहीं, बल्कि संस्कृति पर लिखने का मौका देता है।
उनकी KINLÒ Skincare ब्रैंड गहरे रंग की त्वचा की देखभाल और धूप से सुरक्षा पर केंद्रित है। ऐसे में किमोनो का संदेश—देखभाल, परंपरा और विरासत—इस ब्रैंड की सोच से पूरी तरह मेल खाता है।
टेनिस करियर खत्म होने के बाद कई खिलाड़ी धीरे-धीरे लोगों की नजरों से दूर हो जाते हैं, लेकिन सांस्कृतिक पहचान रखने वाले लोग लंबे समय तक याद रखे जाते हैं। अपनी विरासत और पहचान को मजबूत बनाकर ओसाका ऐसा ब्रैंड तैयार कर रही हैं, जो उनके टेनिस करियर के बाद भी लंबे समय तक कायम रहेगा।
Jacquemus ने बताया कि "नाओमी फैशन कर सकती हैं।" Louis Vuitton ने बताया कि "फैशन की दुनिया नाओमी को चाहती है।" और किमोनो यह कहता है कि "नाओमी अपनी संस्कृति की पहचान खुद तय करती हैं।"
यही वह आखिरी कदम है, जो उन्हें सिर्फ एक खिलाड़ी से आगे बढ़ाकर एक वैश्विक आइकन और स्थायी पहचान वाली शख्सियत बनाता है।
(यह लेखक के निजी विचार हैं)
परफॉर्मेंस मार्केटिंग और एफिलिएट बिजनेस से जुड़ी कंपनी Mitgo ने एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र के लिए अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
परफॉर्मेंस मार्केटिंग और एफिलिएट बिजनेस से जुड़ी कंपनी Mitgo ने एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र के लिए अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने सम्राट दत्ता को APAC का नया हेड नियुक्त किया है। वहीं, पिछले 10 वर्षों से इस पद पर कार्यरत नेहा कुलवाल अब अपने निजी उद्यमी (Entrepreneurial) प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देंगी।
सम्राट दत्ता इससे पहले कई वर्षों तक Mitgo में मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अब नई भूमिका में वह कंपनी के नए बिजनेस क्षेत्रों को आगे बढ़ाने और भारत के साथ-साथ इंडोनेशिया समेत अन्य APAC बाजारों में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करने पर काम करेंगे।
Mitgo का APAC क्षेत्र का मुख्य कार्यालय गुरुग्राम में स्थित है। इसके अलावा कंपनी के कार्यालय इंडोनेशिया और सिंगापुर में भी हैं।
कंपनी ने कहा कि नेहा कुलवाल और सम्राट दत्ता दोनों ने मिलकर APAC क्षेत्र में Mitgo की मजबूत पहचान बनाने और कारोबार बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अपनी नई जिम्मेदारी पर सम्राट दत्ता का स्वागत करते हुए Mitgo APAC की पूर्व प्रमुख नेहा कुलवाल ने कहा, "मुझे इस भूमिका में सम्राट का स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। उनका नेतृत्व, अनुभव और दूरदृष्टि उन्हें कंपनी को विकास और नवाचार के अगले चरण तक ले जाने के लिए पूरी तरह सक्षम बनाती है। हमने मिलकर जो मजबूत नींव तैयार की है, उस पर मुझे गर्व है और मुझे पूरा भरोसा है कि उनके नेतृत्व में कंपनी आगे भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। मैं सम्राट और पूरी टीम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं।"
वहीं, APAC के नए हेड सम्राट दत्ता ने कहा, "APAC क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालना मेरे लिए एक बड़ा अवसर और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले महीनों में मेरी प्राथमिकता इस क्षेत्र में अब तक बनी गति को और तेज करना, अपने पार्टनर्स के साथ रिश्तों को मजबूत बनाना और हमारी टीमों को लगातार विकास के लिए तैयार करना होगी। APAC दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है और मैं अपनी टीम के साथ मिलकर नए अवसरों की पहचान करने तथा अपने ग्राहकों के लिए और अधिक मूल्य तैयार करने के लिए उत्साहित हूं।"
भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने मुंबई में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल (Shiv Pratap Shukla) के सम्मान में आयोजित गाला डिनर में हिस्सा लिया।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क (Bharat Express News Network) के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय (Upendra Rai) ने मुंबई (Mumbai) के प्रतिष्ठित ताज पैलेस (Taj Palace) में तेलंगाना (Telangana) के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल (Shiv Pratap Shukla) के सम्मान में आयोजित भव्य गाला डिनर (Gala Dinner) में हिस्सा लिया।
उपेंद्र राय (Upendra Rai) ने इस कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की। उन्होंने बताया कि समारोह में महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Legislative Assembly) के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर (Rahul Narwekar), महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा (Mangal Prabhat Lodha), मुंबई सिद्धिविनायक मंदिर (Siddhivinayak Temple) के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी (Acharya Pawan Tripathi), मुंबई (Mumbai) की मेयर ऋतु तावडे (Ritu Tawde) सहित कई सम्मानित एवं गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।
उपेंद्र राय (Upendra Rai) ने अपने संदेश में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल (Shiv Pratap Shukla) के सम्मान में आयोजित इस विशेष समारोह को गरिमामय बताया और कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति का उल्लेख किया।
मुंबई के मशहूर ताज पैलेस में तेलंगाना के माननीय राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल जी के सम्मान में भव्य "गाला डिनर" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष श्री राहुल नार्वेकर जी, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा जी, मुंबई सिद्धिविनायक मंदिर… pic.twitter.com/VTNy95hsHN
— Upendrra Rai (@UpendrraRai) July 6, 2026
विज्ञापन की दुनिया में लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि किसी भी ब्रैंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी क्रिएटिविटी होती है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
कंचन श्रीवास्तव, सीनियर एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।
विज्ञापन की दुनिया में लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि किसी भी ब्रैंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी क्रिएटिविटी होती है। यही वजह है कि कोई विज्ञापन लोगों का ध्यान खींचता है, उन्हें ब्रैंड याद रहता है, वे उसके लिए ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार होते हैं और समय के साथ उस ब्रैंड के प्रति भरोसा भी बनता है। लेकिन जब कंपनियां अपने खर्च में कटौती करने लगती हैं और फाइनेंस टीम हर खर्च का हिसाब मांगती है, तब सबसे ज्यादा सवाल क्रिएटिविटी पर ही उठते हैं।
इसी मुद्दे को लेकर WARC ने मार्केटिंग इफेक्टिवनेस कंसल्टेंसी Gain Theory के साथ मिलकर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 89 फीसदी मार्केटिंग लीडर्स का मानना है कि पिछले एक साल में उनकी क्रिएटिविटी असरदार रही है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 62 फीसदी लोग यह नहीं बता सकते कि इस क्रिएटिविटी से कंपनी को आर्थिक तौर पर कितना फायदा हुआ। वहीं करीब हर चार में से एक मार्केटर ने माना कि पिछले दो साल में उनकी क्रिएटिविटी का बजट इसलिए घटा दिया गया क्योंकि वे इसका सीधा कारोबारी फायदा साबित नहीं कर पाए।
रिपोर्ट बताती है कि समस्या सिर्फ विज्ञापन के असर को मापने की नहीं है। आज कंपनियां यह तो आसानी से बता देती हैं कि विज्ञापन पर कितना पैसा खर्च हुआ, कितने लोगों तक पहुंचा और लोगों ने उस पर कैसी प्रतिक्रिया दी। लेकिन यह साबित करना अब भी मुश्किल है कि किसी अच्छे आइडिया ने कंपनी की कमाई, ब्रैंड की ताकत या लंबे समय की ग्रोथ में कितना योगदान दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 81 फीसदी मार्केटर्स मानते हैं कि किसी बिजनेस की सफलता में क्रिएटिविटी और मीडिया दोनों का बराबर योगदान होता है। इसके बावजूद सिर्फ 36 फीसदी मार्केटर्स ही क्रिएटिविटी को उसी गंभीरता से मापते हैं, जिस तरह वे मीडिया के प्रदर्शन को मापते हैं। ज्यादातर कंपनियां अब भी इम्प्रेशन, रीच और एंगेजमेंट जैसे आंकड़ों पर निर्भर रहती हैं। ये आंकड़े यह तो बताते हैं कि विज्ञापन कितने लोगों तक पहुंचा, लेकिन यह नहीं बताते कि उससे कारोबार को कितना फायदा हुआ।
आज के समय में जब कंपनियों के CFO हर मार्केटिंग खर्च का जवाब मांग रहे हैं, तब यह कमी और भी बड़ी चुनौती बन गई है। सर्वे में शामिल करीब आधे मार्केटर्स ने माना कि वे कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के सामने क्रिएटिविटी पर किए गए खर्च को पूरी तरह सही ठहराने में खुद को सहज महसूस नहीं करते। इससे साफ है कि अब क्रिएटिविटी को सिर्फ एक अच्छा आइडिया नहीं, बल्कि एक निवेश के तौर पर देखा जा रहा है।
Infectious Advertising की को-फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर निशा सिंघानिया का कहना है कि किसी भी क्रिएटिव कैंपेन की सफलता को सिर्फ मार्केटिंग के आंकड़ों से नहीं, बल्कि कारोबार के नतीजों से जोड़कर देखना चाहिए। उनके मुताबिक, चाहे लक्ष्य बिक्री बढ़ाना हो, बाजार हिस्सेदारी मजबूत करना हो, ब्रैंड की वैल्यू बढ़ानी हो या ज्यादा ग्राहक जोड़ने हों, इन सभी लक्ष्यों को कैंपेन शुरू होने से पहले ही तय कर लेना चाहिए। जब क्रिएटिविटी सीधे बिजनेस के लक्ष्यों से जुड़ जाएगी, तब उसके लिए बजट को सही ठहराना भी आसान होगा।
हालांकि रिपोर्ट बताती है कि यह समस्या सोच से ज्यादा सिस्टम की है। 68 फीसदी मार्केटर्स का कहना है कि उनके पास पर्याप्त डेटा नहीं होता, जिससे वे क्रिएटिविटी का सही आकलन कर सकें। वहीं 56 फीसदी लोगों ने माना कि उनके पास ऐसे टूल्स की कमी है, जो यह बता सकें कि किसी क्रिएटिव आइडिया ने कारोबार पर कितना असर डाला। अब तक ज्यादातर एनालिटिक्स और एट्रिब्यूशन मॉडल यह मापते रहे हैं कि कौन-सा मीडिया प्लेटफॉर्म बेहतर काम कर रहा है, लेकिन किसी आइडिया की असली ताकत को मापना अब भी मुश्किल बना हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इस तस्वीर को बदलना शुरू कर रहा है। सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा मार्केटिंग लीडर्स ने कहा कि वे क्रिएटिविटी की प्रभावशीलता को मापने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं या उसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि अब फैसले सिर्फ अनुभव या अंदाजे के आधार पर नहीं, बल्कि डेटा और सबूतों के आधार पर लिए जाएंगे। AI का मकसद इंसानी क्रिएटिविटी की जगह लेना नहीं है। बल्कि यह यह समझने में मदद करता है कि कौन-सा संदेश, कौन-सा विजुअल और किस तरह की क्रिएटिविटी लोगों पर ज्यादा असर डाल रही है और उसका कारोबार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
Connect Network के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रितेश भट्ट का कहना है कि एडवांस एनालिटिक्स की मदद से अब कंपनियां सिर्फ रीच और एंगेजमेंट जैसे पुराने पैमानों तक सीमित नहीं हैं। अब वे यह भी माप सकती हैं कि विज्ञापन से कितने लोग खरीदारी तक पहुंचे, बिक्री में कितना इजाफा हुआ और निवेश पर कितना रिटर्न मिला। उनके मुताबिक, AI मार्केटर्स को बेहतर डेटा देता है, लेकिन क्रिएटिविटी का भावनात्मक और मानवीय पक्ष हमेशा इंसानों के हाथ में ही रहेगा।
वहीं स्वतंत्र एजेंसी Wit & Chai के CEO मोहित घाटे का मानना है कि जरूरत से ज्यादा मापने की कोशिश कहीं न कहीं विज्ञापन की असली ताकत को कमजोर कर सकती है। उनका कहना है कि कई बड़े ब्रैंड ऐसे विचारों पर निवेश करते हैं, जिनका असर कुछ महीनों में नहीं बल्कि कई वर्षों बाद दिखाई देता है। AI डेटा के आधार पर बहुत कुछ बता सकता है, लेकिन किसी विज्ञापन का लोगों की भावनाओं, संस्कृति और समाज पर क्या असर पड़ा, इसे पूरी तरह माप पाना उसके लिए भी आसान नहीं होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में मार्केटिंग इंडस्ट्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वह ऐसे तरीके विकसित करे, जिनसे फाइनेंस टीम को भी संतुष्ट किया जा सके और क्रिएटिविटी की असली ताकत भी बरकरार रहे। AI के बेहतर होने के साथ यह अंतर जरूर कम होगा, लेकिन दुनिया के सबसे यादगार विज्ञापन सिर्फ एल्गोरिद्म से नहीं बनते। ऐसे समय में, जब तकनीक तेजी से हर काम को आसान बना रही है, क्रिएटिविटी की अहमियत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि यह ऐसी चीज है जिसे पूरी तरह न तो कॉपी किया जा सकता है और न ही पूरी तरह आंकड़ों में बांधा जा सकता है।
जेक लश मैक्रम (Jake Lush McCrum) को ACG Sports की इंडिया बास्केटबॉल लीग (India Basketball League) का नया चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
स्पोर्ट्स इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। जेक लश मैक्रम (Jake Lush McCrum) को ACG Sports की इंडिया बास्केटबॉल लीग (India Basketball League) का नया चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है।
मैक्रम ने इस नई जिम्मेदारी की जानकारी लिंक्डइन पर साझा की। उन्होंने लिखा, "राजस्थान रॉयल्स के साथ आठ शानदार साल बिताने के बाद अब मैं ACG Sports में इंडिया बास्केटबॉल लीग के CEO के रूप में नई पारी शुरू करने को लेकर बेहद उत्साहित हूं।"
इससे पहले जेक लश मैक्रम राजस्थान रॉयल्स के CEO के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने करीब आठ साल तक टीम का नेतृत्व किया और इस दौरान फ्रेंचाइजी के संचालन, बिजनेस और ब्रांड को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अपने विदाई संदेश में मैक्रम ने राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा, "राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए गए आठ साल मेरे लिए हमेशा यादगार रहेंगे। मैं टीम के संपर्क में बना रहूंगा और शानदार सीजन के लिए सभी को बधाई देता हूं।"
अब ACG Sports के साथ नई भूमिका में जेक लश मैक्रम इंडिया बास्केटबॉल लीग की कमान संभालेंगे। उनसे उम्मीद की जा रही है कि अपने लंबे स्पोर्ट्स मैनेजमेंट अनुभव के दम पर वह भारत में बास्केटबॉल लीग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार, एंकर और कंटेंट प्रोफेशनल सुमित लखुटिया ने नेटवर्क18 (Network18) का दामन थामने जा रहे हैं
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार, एंकर और कंटेंट प्रोफेशनल सुमित लखुटिया (Sumiit Lakhutia) ने नेटवर्क18 (Network18) का दामन थामने जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वह जल्द कंपनी जॉइन कर लेंगे।
सुमित लखुटिया इससे पहले करीब 10 साल तक टाइम्स नेटवर्क (Times Network) के साथ जुड़े रहे। यहां उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। हाल के वर्षों में वह सीनियर न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने बिजनेस, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSI) से जुड़े कंटेंट और प्रोजेक्ट्स की अगुवाई की।
टाइम्स नेटवर्क में रहते हुए सुमित ने Times Now, ET Now और Mirror Now जैसे चैनलों पर कई कार्यक्रमों की एंकरिंग भी की। इसके अलावा उन्होंने नेटवर्क के टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए वॉइसओवर, स्पेशल शो, ब्रैंडेड कंटेंट और बड़े इवेंट्स का संचालन भी किया।
टाइम्स नेटवर्क से पहले सुमित लगभग छह साल तक CNBC-TV18 से जुड़े रहे। यहां उन्होंने प्रड्यूसर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स), एंकर और वॉइस आर्टिस्ट के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने पैनल डिस्कशन, डॉक्यूमेंट्री, चैट शो, अवॉर्ड शो और कई बड़े ऑन-ग्राउंड इवेंट्स का निर्माण और संचालन किया।
मीडिया में आने से पहले सुमित अपने पारिवारिक व्यवसाय श्रुति डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड से भी जुड़े रहे। वहां उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन, मार्केटिंग, सेल्स, खरीद और लॉजिस्टिक्स जैसे कई विभागों में काम किया, जिससे उन्हें बिजनेस मैनेजमेंट की गहरी समझ मिली।
करीब दो दशक के प्रोफेशनल अनुभव के साथ अब सुमित लखुटिया ने नेटवर्क18 में अपनी नई पारी शुरू की है। मीडिया जगत में उनके इस कदम को एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
नौकरी (Naukri) जॉबस्पीक रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 में मीडिया एवं एंटरटेनमेंट, AI/ML और फ्रेशर हायरिंग के दम पर भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट में 6% की वृद्धि दर्ज की गई।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट (White-collar Job Market) ने जून 2026 में अपनी वृद्धि की रफ्तार बरकरार रखी। नौकरी (Naukri) की नवीनतम जॉबस्पीक रिपोर्ट (JobSpeak Report) के अनुसार, मीडिया एवं एंटरटेनमेंट (Media & Entertainment), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (Artificial Intelligence/Machine Learning-AI/ML) तथा फ्रेशर हायरिंग (Fresher Hiring) में मजबूत मांग के चलते भर्ती गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स (Naukri JobSpeak Index) जून 2026 में सालाना आधार पर 6% बढ़कर 3,027 पर पहुंच गया, जबकि जून 2025 में यह 2,854 था। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही में कुल भर्ती गतिविधियों में 4% की वृद्धि दर्ज की गई।
सेक्टरवार आंकड़ों में मीडिया प्रोडक्शन एवं एंटरटेनमेंट (Media Production & Entertainment) सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला क्षेत्र रहा, जहां भर्ती में 24% की सालाना वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, कंटेंट, प्रोडक्शन और क्रिएटिव टैलेंट (Creative Talent) की बढ़ती मांग इसके पीछे प्रमुख कारण रही।
इसके बाद हेल्थकेयर एवं लाइफ साइंसेज (Healthcare & Life Sciences) में 22%, आईटी एवं इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी (IT & Information Security) में 18%, प्रोडक्शन, मैन्युफैक्चरिंग एवं इंजीनियरिंग (Production, Manufacturing & Engineering) में 14% तथा मार्केटिंग एवं कम्युनिकेशंस (Marketing & Communications) में 12% की वृद्धि दर्ज की गई।
एआई और मशीन लर्निंग (AI/ML) से जुड़े पदों की मांग भी लगातार मजबूत बनी हुई है। जून में इस श्रेणी की भर्ती में 25% की सालाना वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों से AI/ML हायरिंग व्यापक भर्ती रुझानों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
बीमा (Insurance) क्षेत्र में भर्ती 16% बढ़ी, जबकि एफएमसीजी (FMCG) में 7%, टेलीकॉम (Telecom) में 6%, रियल एस्टेट (Real Estate) में 5% और बीपीओ/आईटीईएस (BPO/ITES) तथा फार्मा/बायोटेक (Pharma/Biotech) में 4-4% की वृद्धि दर्ज की गई।
रिपोर्ट में फ्रेशर हायरिंग को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। जून में एंट्री-लेवल (Entry-level) भर्ती 8% बढ़ी, जबकि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान इसमें 9% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनियां नए टैलेंट को जोड़ने पर लगातार निवेश कर रही हैं।
अनुभव के आधार पर भी भर्ती में सुधार देखा गया। 4 से 7 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती 2% बढ़ी, जबकि 8 से 12 वर्ष के अनुभव वाले उम्मीदवारों की मांग 7% बढ़ी। सबसे अधिक वृद्धि 13 से 16 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवरों में 12% और 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले उम्मीदवारों में 9% रही।
दूसरी ओर, सभी क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान नहीं रहा। बैंकिंग (Banking) सेक्टर में भर्ती 12% घटी, जबकि शिक्षा (Education) में 4% और आईटी (IT) तथा हॉस्पिटैलिटी (Hospitality) में 3-3% की गिरावट दर्ज की गई। ऑयल एंड गैस (Oil & Gas), रिटेल (Retail) और ऑटोमोबाइल (Automobile) क्षेत्रों में भर्ती लगभग स्थिर रही।
नितिका लाल (Nitika Lal) ने फ्लिपकार्ट (Flipkart) इकोसिस्टम में वापसी करते हुए शॉप्सी (Shopsy) में ब्रांड, कस्टमर ग्रोथ और रिटेंशन की जिम्मेदारी संभाली है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नितिका लाल (Nitika Lal) ने फ्लिपकार्ट (Flipkart) इकोसिस्टम में वापसी की है। वह अब शॉप्सी (Shopsy) में ब्रांड (Brand), कस्टमर ग्रोथ (Customer Growth) और रिटेंशन (Retention) से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के माध्यम से साझा की।
लिंक्डइन (LinkedIn) पर अपनी नई भूमिका की घोषणा करते हुए नितिका लाल (Nitika Lal) ने लिखा, "यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं फ्लिपकार्ट (Flipkart) इकोसिस्टम में फिर से लौट रही हूं। शॉप्सी (Shopsy) में ब्रांड, कस्टमर ग्रोथ और रिटेंशन से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करूंगी। भारत (Bharat) के लिए शॉपिंग के भविष्य का निर्माण करने के मिशन का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हूं।"
नई भूमिका में नितिका लाल (Nitika Lal) शॉप्सी (Shopsy) की ब्रांड मौजूदगी को और मजबूत बनाने के साथ-साथ नए ग्राहकों को जोड़ने, ग्राहक आधार बढ़ाने और मौजूदा ग्राहकों की सहभागिता एवं रिटेंशन को मजबूत करने पर काम करेंगी।
घर खरीदने वालों को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिए तमिलनाडु रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (TNRERA) ने सख्त कदम उठाया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
घर खरीदने वालों को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिए तमिलनाडु रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (TNRERA) ने सख्त कदम उठाया है। अब रियल एस्टेट कंपनियों और डेवलपर्स को गलत या भ्रामक विज्ञापन देना महंगा पड़ेगा। नए नियमों के तहत उल्लंघन करने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
TNRERA की ओर से जून 2026 में जारी सर्कुलर के मुताबिक, यह नया जुर्माना ढांचा 1 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। इसका मकसद रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाना और घर खरीदारों को सही जानकारी उपलब्ध कराना है।
दरअसल, TNRERA ने 1 जुलाई 2025 से ही रियल एस्टेट विज्ञापनों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए थे। इन नियमों के तहत प्रिंट, टीवी, आउटडोर, डिजिटल और सोशल मीडिया सहित हर तरह के विज्ञापन में प्रोजेक्ट का TNRERA रजिस्ट्रेशन नंबर, फॉर्म-सी का QR कोड, TNRERA की वेबसाइट, प्रोजेक्ट की मंजूरशुदा लोकेशन और प्रमोटर की पूरी जानकारी देना अनिवार्य किया गया था।
इसके अलावा, विज्ञापनों में 'Terms and Conditions Apply' जैसे अस्पष्ट डिस्क्लेमर, बिना प्रमाण के '100+ Amenities' जैसे दावे, लोकेशन को बढ़ा-चढ़ाकर बताना या TNRERA में रजिस्टर नहीं हुए प्रोजेक्ट का प्रचार करना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
अब TNRERA ने नियमों के उल्लंघन को 'मेजर' और 'माइनर' दो श्रेणियों में बांटा है। मेजर उल्लंघनों में बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्रोजेक्ट का विज्ञापन देना, रजिस्ट्रेशन नंबर या QR कोड नहीं दिखाना, गलत QR कोड देना या कीमतों को लेकर भ्रामक तुलना करना शामिल है।
ऐसे मामलों में 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट पर 5 लाख रुपये तक और 100 करोड़ रुपये से कम लागत वाले प्रोजेक्ट पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
वहीं, TNRERA की वेबसाइट, प्रमोटर के कार्यालय का पता नहीं देना या ऐसा QR कोड दिखाना जिसे स्कैन नहीं किया जा सके, जैसे माइनर उल्लंघनों पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
TNRERA का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य सिर्फ विज्ञापनों के लिए मानक तय करना नहीं, बल्कि उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करना भी है। इससे घर खरीदने वाले लोग किसी भी प्रोजेक्ट की कानूनी स्थिति आसानी से जांच सकेंगे और भ्रामक दावों के आधार पर गलत फैसला लेने से बच सकेंगे।