क्रिएटिविटी पर खर्च साबित करना क्यों बन रहा है मार्केटर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती?

विज्ञापन की दुनिया में लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि किसी भी ब्रैंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी क्रिएटिविटी होती है।

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Monday, 06 July, 2026
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कंचन श्रीवास्तव, सीनियर एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।

विज्ञापन की दुनिया में लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि किसी भी ब्रैंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी क्रिएटिविटी होती है। यही वजह है कि कोई विज्ञापन लोगों का ध्यान खींचता है, उन्हें ब्रैंड याद रहता है, वे उसके लिए ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार होते हैं और समय के साथ उस ब्रैंड के प्रति भरोसा भी बनता है। लेकिन जब कंपनियां अपने खर्च में कटौती करने लगती हैं और फाइनेंस टीम हर खर्च का हिसाब मांगती है, तब सबसे ज्यादा सवाल क्रिएटिविटी पर ही उठते हैं।

इसी मुद्दे को लेकर WARC ने मार्केटिंग इफेक्टिवनेस कंसल्टेंसी Gain Theory के साथ मिलकर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 89 फीसदी मार्केटिंग लीडर्स का मानना है कि पिछले एक साल में उनकी क्रिएटिविटी असरदार रही है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 62 फीसदी लोग यह नहीं बता सकते कि इस क्रिएटिविटी से कंपनी को आर्थिक तौर पर कितना फायदा हुआ। वहीं करीब हर चार में से एक मार्केटर ने माना कि पिछले दो साल में उनकी क्रिएटिविटी का बजट इसलिए घटा दिया गया क्योंकि वे इसका सीधा कारोबारी फायदा साबित नहीं कर पाए।

रिपोर्ट बताती है कि समस्या सिर्फ विज्ञापन के असर को मापने की नहीं है। आज कंपनियां यह तो आसानी से बता देती हैं कि विज्ञापन पर कितना पैसा खर्च हुआ, कितने लोगों तक पहुंचा और लोगों ने उस पर कैसी प्रतिक्रिया दी। लेकिन यह साबित करना अब भी मुश्किल है कि किसी अच्छे आइडिया ने कंपनी की कमाई, ब्रैंड की ताकत या लंबे समय की ग्रोथ में कितना योगदान दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, 81 फीसदी मार्केटर्स मानते हैं कि किसी बिजनेस की सफलता में क्रिएटिविटी और मीडिया दोनों का बराबर योगदान होता है। इसके बावजूद सिर्फ 36 फीसदी मार्केटर्स ही क्रिएटिविटी को उसी गंभीरता से मापते हैं, जिस तरह वे मीडिया के प्रदर्शन को मापते हैं। ज्यादातर कंपनियां अब भी इम्प्रेशन, रीच और एंगेजमेंट जैसे आंकड़ों पर निर्भर रहती हैं। ये आंकड़े यह तो बताते हैं कि विज्ञापन कितने लोगों तक पहुंचा, लेकिन यह नहीं बताते कि उससे कारोबार को कितना फायदा हुआ।

आज के समय में जब कंपनियों के CFO हर मार्केटिंग खर्च का जवाब मांग रहे हैं, तब यह कमी और भी बड़ी चुनौती बन गई है। सर्वे में शामिल करीब आधे मार्केटर्स ने माना कि वे कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के सामने क्रिएटिविटी पर किए गए खर्च को पूरी तरह सही ठहराने में खुद को सहज महसूस नहीं करते। इससे साफ है कि अब क्रिएटिविटी को सिर्फ एक अच्छा आइडिया नहीं, बल्कि एक निवेश के तौर पर देखा जा रहा है।

Infectious Advertising की को-फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर निशा सिंघानिया का कहना है कि किसी भी क्रिएटिव कैंपेन की सफलता को सिर्फ मार्केटिंग के आंकड़ों से नहीं, बल्कि कारोबार के नतीजों से जोड़कर देखना चाहिए। उनके मुताबिक, चाहे लक्ष्य बिक्री बढ़ाना हो, बाजार हिस्सेदारी मजबूत करना हो, ब्रैंड की वैल्यू बढ़ानी हो या ज्यादा ग्राहक जोड़ने हों, इन सभी लक्ष्यों को कैंपेन शुरू होने से पहले ही तय कर लेना चाहिए। जब क्रिएटिविटी सीधे बिजनेस के लक्ष्यों से जुड़ जाएगी, तब उसके लिए बजट को सही ठहराना भी आसान होगा।

हालांकि रिपोर्ट बताती है कि यह समस्या सोच से ज्यादा सिस्टम की है। 68 फीसदी मार्केटर्स का कहना है कि उनके पास पर्याप्त डेटा नहीं होता, जिससे वे क्रिएटिविटी का सही आकलन कर सकें। वहीं 56 फीसदी लोगों ने माना कि उनके पास ऐसे टूल्स की कमी है, जो यह बता सकें कि किसी क्रिएटिव आइडिया ने कारोबार पर कितना असर डाला। अब तक ज्यादातर एनालिटिक्स और एट्रिब्यूशन मॉडल यह मापते रहे हैं कि कौन-सा मीडिया प्लेटफॉर्म बेहतर काम कर रहा है, लेकिन किसी आइडिया की असली ताकत को मापना अब भी मुश्किल बना हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इस तस्वीर को बदलना शुरू कर रहा है। सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा मार्केटिंग लीडर्स ने कहा कि वे क्रिएटिविटी की प्रभावशीलता को मापने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं या उसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि अब फैसले सिर्फ अनुभव या अंदाजे के आधार पर नहीं, बल्कि डेटा और सबूतों के आधार पर लिए जाएंगे। AI का मकसद इंसानी क्रिएटिविटी की जगह लेना नहीं है। बल्कि यह यह समझने में मदद करता है कि कौन-सा संदेश, कौन-सा विजुअल और किस तरह की क्रिएटिविटी लोगों पर ज्यादा असर डाल रही है और उसका कारोबार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

Connect Network के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रितेश भट्ट का कहना है कि एडवांस एनालिटिक्स की मदद से अब कंपनियां सिर्फ रीच और एंगेजमेंट जैसे पुराने पैमानों तक सीमित नहीं हैं। अब वे यह भी माप सकती हैं कि विज्ञापन से कितने लोग खरीदारी तक पहुंचे, बिक्री में कितना इजाफा हुआ और निवेश पर कितना रिटर्न मिला। उनके मुताबिक, AI मार्केटर्स को बेहतर डेटा देता है, लेकिन क्रिएटिविटी का भावनात्मक और मानवीय पक्ष हमेशा इंसानों के हाथ में ही रहेगा।

वहीं स्वतंत्र एजेंसी Wit & Chai के CEO मोहित घाटे का मानना है कि जरूरत से ज्यादा मापने की कोशिश कहीं न कहीं विज्ञापन की असली ताकत को कमजोर कर सकती है। उनका कहना है कि कई बड़े ब्रैंड ऐसे विचारों पर निवेश करते हैं, जिनका असर कुछ महीनों में नहीं बल्कि कई वर्षों बाद दिखाई देता है। AI डेटा के आधार पर बहुत कुछ बता सकता है, लेकिन किसी विज्ञापन का लोगों की भावनाओं, संस्कृति और समाज पर क्या असर पड़ा, इसे पूरी तरह माप पाना उसके लिए भी आसान नहीं होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में मार्केटिंग इंडस्ट्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वह ऐसे तरीके विकसित करे, जिनसे फाइनेंस टीम को भी संतुष्ट किया जा सके और क्रिएटिविटी की असली ताकत भी बरकरार रहे। AI के बेहतर होने के साथ यह अंतर जरूर कम होगा, लेकिन दुनिया के सबसे यादगार विज्ञापन सिर्फ एल्गोरिद्म से नहीं बनते। ऐसे समय में, जब तकनीक तेजी से हर काम को आसान बना रही है, क्रिएटिविटी की अहमियत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि यह ऐसी चीज है जिसे पूरी तरह न तो कॉपी किया जा सकता है और न ही पूरी तरह आंकड़ों में बांधा जा सकता है।

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ACG Sports ने जेक लश मैक्रम को इंडिया बास्केटबॉल लीग का बनाया CEO

जेक लश मैक्रम (Jake Lush McCrum) को ACG Sports की इंडिया बास्केटबॉल लीग (India Basketball League) का नया चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है।

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Monday, 06 July, 2026
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स्पोर्ट्स इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। जेक लश मैक्रम (Jake Lush McCrum) को ACG Sports की इंडिया बास्केटबॉल लीग (India Basketball League) का नया चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है।

मैक्रम ने इस नई जिम्मेदारी की जानकारी लिंक्डइन पर साझा की। उन्होंने लिखा, "राजस्थान रॉयल्स के साथ आठ शानदार साल बिताने के बाद अब मैं ACG Sports में इंडिया बास्केटबॉल लीग के CEO के रूप में नई पारी शुरू करने को लेकर बेहद उत्साहित हूं।"

इससे पहले जेक लश मैक्रम राजस्थान रॉयल्स के CEO के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने करीब आठ साल तक टीम का नेतृत्व किया और इस दौरान फ्रेंचाइजी के संचालन, बिजनेस और ब्रांड को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।

अपने विदाई संदेश में मैक्रम ने राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा, "राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए गए आठ साल मेरे लिए हमेशा यादगार रहेंगे। मैं टीम के संपर्क में बना रहूंगा और शानदार सीजन के लिए सभी को बधाई देता हूं।"

अब ACG Sports के साथ नई भूमिका में जेक लश मैक्रम इंडिया बास्केटबॉल लीग की कमान संभालेंगे। उनसे उम्मीद की जा रही है कि अपने लंबे स्पोर्ट्स मैनेजमेंट अनुभव के दम पर वह भारत में बास्केटबॉल लीग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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'नेटवर्क18' में शामिल होंगे वरिष्ठ पत्रकार सुमित लखुटिया

मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार, एंकर और कंटेंट प्रोफेशनल सुमित लखुटिया ने नेटवर्क18 (Network18) का दामन थामने जा रहे हैं

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Monday, 06 July, 2026
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मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार, एंकर और कंटेंट प्रोफेशनल सुमित लखुटिया (Sumiit Lakhutia) ने नेटवर्क18 (Network18) का दामन थामने जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वह जल्द कंपनी जॉइन कर लेंगे।

सुमित लखुटिया इससे पहले करीब 10 साल तक टाइम्स नेटवर्क (Times Network) के साथ जुड़े रहे। यहां उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। हाल के वर्षों में वह सीनियर न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने बिजनेस, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSI) से जुड़े कंटेंट और प्रोजेक्ट्स की अगुवाई की।

टाइम्स नेटवर्क में रहते हुए सुमित ने Times Now, ET Now और Mirror Now जैसे चैनलों पर कई कार्यक्रमों की एंकरिंग भी की। इसके अलावा उन्होंने नेटवर्क के टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए वॉइसओवर, स्पेशल शो, ब्रैंडेड कंटेंट और बड़े इवेंट्स का संचालन भी किया।

टाइम्स नेटवर्क से पहले सुमित लगभग छह साल तक CNBC-TV18 से जुड़े रहे। यहां उन्होंने प्रड्यूसर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स), एंकर और वॉइस आर्टिस्ट के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने पैनल डिस्कशन, डॉक्यूमेंट्री, चैट शो, अवॉर्ड शो और कई बड़े ऑन-ग्राउंड इवेंट्स का निर्माण और संचालन किया।

मीडिया में आने से पहले सुमित अपने पारिवारिक व्यवसाय श्रुति डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड से भी जुड़े रहे। वहां उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन, मार्केटिंग, सेल्स, खरीद और लॉजिस्टिक्स जैसे कई विभागों में काम किया, जिससे उन्हें बिजनेस मैनेजमेंट की गहरी समझ मिली।

करीब दो दशक के प्रोफेशनल अनुभव के साथ अब सुमित लखुटिया ने नेटवर्क18 में अपनी नई पारी शुरू की है। मीडिया जगत में उनके इस कदम को एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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मीडिया और एंटरटेनमेंट में 24% बढ़ी भर्ती : जून में व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट मजबूत

नौकरी (Naukri) जॉबस्पीक रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 में मीडिया एवं एंटरटेनमेंट, AI/ML और फ्रेशर हायरिंग के दम पर भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट में 6% की वृद्धि दर्ज की गई।

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Monday, 06 July, 2026
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भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट (White-collar Job Market) ने जून 2026 में अपनी वृद्धि की रफ्तार बरकरार रखी। नौकरी (Naukri) की नवीनतम जॉबस्पीक रिपोर्ट (JobSpeak Report) के अनुसार, मीडिया एवं एंटरटेनमेंट (Media & Entertainment), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (Artificial Intelligence/Machine Learning-AI/ML) तथा फ्रेशर हायरिंग (Fresher Hiring) में मजबूत मांग के चलते भर्ती गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स (Naukri JobSpeak Index) जून 2026 में सालाना आधार पर 6% बढ़कर 3,027 पर पहुंच गया, जबकि जून 2025 में यह 2,854 था। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही में कुल भर्ती गतिविधियों में 4% की वृद्धि दर्ज की गई।

सेक्टरवार आंकड़ों में मीडिया प्रोडक्शन एवं एंटरटेनमेंट (Media Production & Entertainment) सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला क्षेत्र रहा, जहां भर्ती में 24% की सालाना वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, कंटेंट, प्रोडक्शन और क्रिएटिव टैलेंट (Creative Talent) की बढ़ती मांग इसके पीछे प्रमुख कारण रही।

इसके बाद हेल्थकेयर एवं लाइफ साइंसेज (Healthcare & Life Sciences) में 22%, आईटी एवं इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी (IT & Information Security) में 18%, प्रोडक्शन, मैन्युफैक्चरिंग एवं इंजीनियरिंग (Production, Manufacturing & Engineering) में 14% तथा मार्केटिंग एवं कम्युनिकेशंस (Marketing & Communications) में 12% की वृद्धि दर्ज की गई।

एआई और मशीन लर्निंग (AI/ML) से जुड़े पदों की मांग भी लगातार मजबूत बनी हुई है। जून में इस श्रेणी की भर्ती में 25% की सालाना वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों से AI/ML हायरिंग व्यापक भर्ती रुझानों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

बीमा (Insurance) क्षेत्र में भर्ती 16% बढ़ी, जबकि एफएमसीजी (FMCG) में 7%, टेलीकॉम (Telecom) में 6%, रियल एस्टेट (Real Estate) में 5% और बीपीओ/आईटीईएस (BPO/ITES) तथा फार्मा/बायोटेक (Pharma/Biotech) में 4-4% की वृद्धि दर्ज की गई।

रिपोर्ट में फ्रेशर हायरिंग को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। जून में एंट्री-लेवल (Entry-level) भर्ती 8% बढ़ी, जबकि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान इसमें 9% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनियां नए टैलेंट को जोड़ने पर लगातार निवेश कर रही हैं।

अनुभव के आधार पर भी भर्ती में सुधार देखा गया। 4 से 7 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती 2% बढ़ी, जबकि 8 से 12 वर्ष के अनुभव वाले उम्मीदवारों की मांग 7% बढ़ी। सबसे अधिक वृद्धि 13 से 16 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवरों में 12% और 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले उम्मीदवारों में 9% रही।

दूसरी ओर, सभी क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान नहीं रहा। बैंकिंग (Banking) सेक्टर में भर्ती 12% घटी, जबकि शिक्षा (Education) में 4% और आईटी (IT) तथा हॉस्पिटैलिटी (Hospitality) में 3-3% की गिरावट दर्ज की गई। ऑयल एंड गैस (Oil & Gas), रिटेल (Retail) और ऑटोमोबाइल (Automobile) क्षेत्रों में भर्ती लगभग स्थिर रही।

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''Shopsy'' ने नितिका लाल को सौंपी ब्रांड और कस्टमर ग्रोथ की जिम्मेदारी

नितिका लाल (Nitika Lal) ने फ्लिपकार्ट (Flipkart) इकोसिस्टम में वापसी करते हुए शॉप्सी (Shopsy) में ब्रांड, कस्टमर ग्रोथ और रिटेंशन की जिम्मेदारी संभाली है।

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Monday, 06 July, 2026
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नितिका लाल (Nitika Lal) ने फ्लिपकार्ट (Flipkart) इकोसिस्टम में वापसी की है। वह अब शॉप्सी (Shopsy) में ब्रांड (Brand), कस्टमर ग्रोथ (Customer Growth) और रिटेंशन (Retention) से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के माध्यम से साझा की।

लिंक्डइन (LinkedIn) पर अपनी नई भूमिका की घोषणा करते हुए नितिका लाल (Nitika Lal) ने लिखा, "यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं फ्लिपकार्ट (Flipkart) इकोसिस्टम में फिर से लौट रही हूं। शॉप्सी (Shopsy) में ब्रांड, कस्टमर ग्रोथ और रिटेंशन से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करूंगी। भारत (Bharat) के लिए शॉपिंग के भविष्य का निर्माण करने के मिशन का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हूं।"

नई भूमिका में नितिका लाल (Nitika Lal) शॉप्सी (Shopsy) की ब्रांड मौजूदगी को और मजबूत बनाने के साथ-साथ नए ग्राहकों को जोड़ने, ग्राहक आधार बढ़ाने और मौजूदा ग्राहकों की सहभागिता एवं रिटेंशन को मजबूत करने पर काम करेंगी।

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भ्रामक प्रॉपर्टी विज्ञापनों पर RERA की सख्ती, गलत प्रचार करने पर 5 लाख तक का जुर्माना

घर खरीदने वालों को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिए तमिलनाडु रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (TNRERA) ने सख्त कदम उठाया है।

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Monday, 06 July, 2026
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घर खरीदने वालों को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिए तमिलनाडु रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (TNRERA) ने सख्त कदम उठाया है। अब रियल एस्टेट कंपनियों और डेवलपर्स को गलत या भ्रामक विज्ञापन देना महंगा पड़ेगा। नए नियमों के तहत उल्लंघन करने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।

TNRERA की ओर से जून 2026 में जारी सर्कुलर के मुताबिक, यह नया जुर्माना ढांचा 1 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। इसका मकसद रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाना और घर खरीदारों को सही जानकारी उपलब्ध कराना है।

दरअसल, TNRERA ने 1 जुलाई 2025 से ही रियल एस्टेट विज्ञापनों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए थे। इन नियमों के तहत प्रिंट, टीवी, आउटडोर, डिजिटल और सोशल मीडिया सहित हर तरह के विज्ञापन में प्रोजेक्ट का TNRERA रजिस्ट्रेशन नंबर, फॉर्म-सी का QR कोड, TNRERA की वेबसाइट, प्रोजेक्ट की मंजूरशुदा लोकेशन और प्रमोटर की पूरी जानकारी देना अनिवार्य किया गया था।

इसके अलावा, विज्ञापनों में 'Terms and Conditions Apply' जैसे अस्पष्ट डिस्क्लेमर, बिना प्रमाण के '100+ Amenities' जैसे दावे, लोकेशन को बढ़ा-चढ़ाकर बताना या TNRERA में रजिस्टर नहीं हुए प्रोजेक्ट का प्रचार करना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

अब TNRERA ने नियमों के उल्लंघन को 'मेजर' और 'माइनर' दो श्रेणियों में बांटा है। मेजर उल्लंघनों में बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्रोजेक्ट का विज्ञापन देना, रजिस्ट्रेशन नंबर या QR कोड नहीं दिखाना, गलत QR कोड देना या कीमतों को लेकर भ्रामक तुलना करना शामिल है।

ऐसे मामलों में 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट पर 5 लाख रुपये तक और 100 करोड़ रुपये से कम लागत वाले प्रोजेक्ट पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

वहीं, TNRERA की वेबसाइट, प्रमोटर के कार्यालय का पता नहीं देना या ऐसा QR कोड दिखाना जिसे स्कैन नहीं किया जा सके, जैसे माइनर उल्लंघनों पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

TNRERA का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य सिर्फ विज्ञापनों के लिए मानक तय करना नहीं, बल्कि उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करना भी है। इससे घर खरीदने वाले लोग किसी भी प्रोजेक्ट की कानूनी स्थिति आसानी से जांच सकेंगे और भ्रामक दावों के आधार पर गलत फैसला लेने से बच सकेंगे।

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ENIL में ICICI Prudential Mutual Fund की हिस्सेदारी घटी, बेचे 11.19 लाख से ज्यादा शेयर

रेडियो मिर्ची का संचालन करने वाली Entertainment Network (India) Limited (ENIL) में ICICI Prudential Mutual Fund ने अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है।

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Monday, 06 July, 2026
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रेडियो मिर्ची का संचालन करने वाली एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड (ENIL) में ICICI Prudential Mutual Fund ने अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि उसे ICICI Prudential Asset Management Company Limited (AMC) से इस संबंध में SEBI के नियमों के तहत एक खुलासा प्राप्त हुआ है।

कंपनी के अनुसार, ICICI Prudential Mutual Fund ने अपनी विभिन्न स्कीमों और निवेश रणनीतियों के जरिए 2 जुलाई 2026 को ENIL के 2,35,000 इक्विटी शेयरों की शुद्ध बिक्री (नेट सेल) की। इस लेनदेन के बाद, 16 अक्टूबर 2019 को किए गए पिछले खुलासे की तुलना में फंड की कुल हिस्सेदारी कंपनी की चुकता पूंजी (Paid-up Capital) में 2 प्रतिशत से अधिक घट गई। इसी वजह से SEBI के Substantial Acquisition of Shares and Takeovers (SAST) Regulations, 2011 के तहत नया खुलासा करना अनिवार्य हो गया।

AMC ने अपने पत्र में बताया कि 16 अक्टूबर 2019 को किए गए पिछले खुलासे के समय ICICI Prudential Mutual Fund की ENIL में 5.004 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसके बाद से अब तक फंड ने कुल 11,19,753 शेयरों की शुद्ध बिक्री की है।

AMC ने यह भी स्पष्ट किया है कि फंड की ओर से ENIL में किया गया निवेश केवल निवेश के उद्देश्य से है। कंपनी के प्रबंधन या उस पर किसी तरह का नियंत्रण हासिल करने का उसका कोई इरादा नहीं है।

SEBI के नियमों के अनुसार, किसी सूचीबद्ध कंपनी में किसी निवेशक या संस्थागत निवेशक की हिस्सेदारी यदि तय सीमा से अधिक बढ़ती या घटती है, तो इसकी जानकारी कंपनी और शेयर बाजारों को देना अनिवार्य होता है। इसी नियामकीय आवश्यकता के तहत ICICI Prudential AMC ने यह खुलासा किया है।

ENIL ने 4 जुलाई 2026 को यह जानकारी बॉन्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को भेजी। कंपनी ने कहा कि उसे ICICI Prudential AMC से प्राप्त यह खुलासा नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) के तहत शेयर बाजारों के रिकॉर्ड में दर्ज कराया जा रहा है।

इस खुलासे में कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन या प्रबंधन में किसी बदलाव का उल्लेख नहीं किया गया है। यह केवल म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी में आई कमी से जुड़ा एक नियामकीय खुलासा है।

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डॉ. अनुराग बत्रा की एक और उपलब्धि, मिला 'स्पेशल कंट्रीब्यूशन टू द इवेंट इंडस्ट्री' अवॉर्ड

मीडिया, मार्केटिंग, इवेंट्स और एक्सपीरिएंशियल इकोसिस्टम में दो दशक से अधिक समय से दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

Last Modified:
Sunday, 05 July, 2026
Dr Annurag Batra

‘बिजनेसवर्ल्ड’ (BW Businessworld) के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप (exchange4media Group) के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा को मीडिया, मार्केटिंग, इवेंट्स और एक्सपीरिएंशियल इकोसिस्टम में दो दशक से अधिक समय से दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान के लिए 'स्पेशल कंट्रीब्यूशन टू द इवेंट इंडस्ट्री अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

देश की मीडिया, विज्ञापन, मार्केटिंग, इवेंट्स और बिजनेस कम्युनिटी के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म्स तैयार करने में डॉ. बत्रा की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है, जिन्होंने इन क्षेत्रों में संवाद, विचार-विमर्श और इंडस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को नई दिशा देने का काम किया है।

डॉ. अनुराग बत्रा ने करीब 26 वर्ष पूर्व एक्सचेंज4मीडिया की स्थापना की थी, जिसे आज देश के सबसे प्रभावशाली मीडिया इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है। इस समूह के अंतर्गत उन्होंने exchange4media.com, samachar4media.com, IMPACT और Pitch जैसे प्रमुख पब्लिकेशंस और ब्रैंड्स की स्थापना की। साथ ही विज्ञापन, मीडिया, मार्केटिंग, कम्युनिकेशन और क्रिएटर इकोनॉमी से जुड़े इंडस्ट्री जगत के लीडर्स को एक प्लेटफॉर्म पर लाने वाले 50 से अधिक बड़े इंडस्ट्री फोरम, अवॉर्ड्स और बौद्धिक संपत्तियों (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज) का भी निर्माण किया।

वर्ष 2013 में डॉ. बत्रा ने BW Businessworld का अधिग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान को प्रिंट, डिजिटल, टेलीविजन, इवेंट्स, रिसर्च और कम्युनिटी प्लेटफॉर्म्स से जुड़ा एक तकनीक-सक्षम 360 डिग्री मीडिया संगठन बनाया। वर्तमान में BW Businessworld बिजनेस, मार्केटिंग, लीगल, हेल्थकेयर, एजुकेशन, हॉस्पिटैलिटी, सस्टेनेबिलिटी और गवर्नेंस सहित कई विशेष क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

मीडिया के अलावा डॉ. बत्रा ने प्रबंधन शिक्षा और संस्थागत विकास में भी योगदान दिया है। मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (MDI) के पूर्व छात्र रहे डॉ. बत्रा जनवरी 2020 से जून 2024 तक संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य रहे। वह एमडीआई के प्रमुख PGPM कार्यक्रम के पहले पूर्व छात्र हैं, जिन्हें इस पद पर कार्य करने का अवसर मिला।

डॉ. अनुराग बत्रा को देश के प्रमुख मीडिया उद्यमियों में गिना जाता है। उन्होंने इतने वर्षों के दौरान मीडिया, बिजनेस और मार्केटिंग जगत में मजबूत संबंध स्थापित किए हैं। उनका मानना रहा है कि किसी भी इंडस्ट्री पर स्थायी प्रभाव 'कंटेंट, कनेक्ट और कॉन्टेक्स्ट' के प्रभावी संयोजन से ही पैदा होता है। यही सोच एक्सचेंज4मीडिया और BW Businessworld की संपादकीय दृष्टि तथा कम्युनिटी-बिल्डिंग पहलों की आधारशिला रही है।

इस अवॉर्ड को प्राप्त करने के बाद डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा, ‘यह सम्मान पाकर मैं बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह पुरस्कार पिछले दो दशकों में हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हर सहयोगी, साझेदार, पाठक, क्लाइंट और हमारे पूरे समुदाय का है। एक्सचेंज4मीडिया और BW Businessworld में हमने हमेशा ऐसे प्लेटफॉर्म बनाने का प्रयास किया है, जो इंडस्ट्री को जानकारी दें, प्रेरित करें और उन्हें एक-दूसरे से जोड़ें। भारत की इवेंट और एक्सपीरिएंशियल इकोनॉमी आज कारोबार, संस्कृति और नवाचार की एक मजबूत ताकत बन चुकी है। इसके विकास में योगदान देना मेरे लिए गर्व की बात है। यह सम्मान हमें आगे भी सार्थक समुदायों और प्रभावशाली संवादों के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।’

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देबाशीष सरकार की CNN-News18 में वापसी, बने टेक्नोलॉजी एडिटर

देबाशीष सरकार इससे पहले नवंबर 2021 से मार्च 2024 तक CNN-News18 में एडिटर-टेक्नोलॉजी के पद पर कार्य कर चुके हैं।

Last Modified:
Saturday, 04 July, 2026
Debashis Sarkar

वरिष्ठ टेक पत्रकार देबाशीष सरकार ने ‘सीएनएन-न्यूज18’ (CNN-News18) में वापसी की है। उन्होंने यहां पर टेक्नोलॉजी एडिटर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल ली है। उन्होंने जुलाई 2026 से इस पद पर कार्यभार ग्रहण किया है।

देबाशीष सरकार इससे पहले नवंबर 2021 से मार्च 2024 तक CNN-News18 में एडिटर-टेक्नोलॉजी के पद पर कार्य कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने News18 Tech की कमान संभालने के साथ-साथ 1UP Gaming यूट्यूब चैनल का भी नेतृत्व किया। मार्च 2024 में उन्होंने एडिटर–Technology + Heading 1UP Gaming की भूमिका भी निभाई थी।

इसके बाद मार्च 2024 से मार्च 2026 तक वह एचटी डिजिटल स्ट्रीम्स (HT Digital Streams) में टेक एडिटर (HT Tech) तथा HindustanTimes.com और LiveMint.com के टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व करते रहे। इस दौरान उन्होंने HT Tech और HindustanTimes.com/Technology की संपादकीय रणनीति, दैनिक कंटेंट, LiveMint.com पर गैजेट्स एवं अप्लायंसेज कवरेज, टेक्नोलॉजी वीडियो प्रोडक्शन, इंस्टाग्राम और यूट्यूब कंटेंट मैनेजमेंट तथा एफिलिएट कंटेंट रणनीति जैसी जिम्मेदारियां निभाईं।

अप्रैल 2026 से वह Verve Research में एडिटोरियल कंसल्टेंट के रूप में भी जुड़े हुए हैं। यहां वह दक्षिण-पूर्व एशिया के नजरिए से वैश्विक सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) गवर्नेंस, जलवायु न्याय, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्लोबल वैल्यू चेन, रणनीतिक स्वायत्तता और युवाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर तैयार किए जा रहे अकादमिक एवं नीति संबंधी अध्यायों की कॉपी एडिटिंग, प्रूफरीडिंग और फैक्ट-चेकिंग का कार्य कर रहे हैं।

देबाशीष सरकार का मीडिया करियर एक दशक से अधिक का है। मई 2018 से नवंबर 2021 तक वह द टाइम्स ऑफ इंडिया (The Times of India) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रड्यूसर रहे। इस दौरान उन्होंने Gadgets Now, TimesofIndia.com और The Economic Times (प्रिंट एवं ऑनलाइन) के लिए टेक्नोलॉजी, एंटरप्राइज आईटी और स्टार्टअप्स से जुड़े विषयों पर काम किया।

इससे पहले सितंबर 2016 से अप्रैल 2018 तक वह न्यूज18 (News18) में सीनियर कॉपी एडिटर रहे, जहां उन्होंने आईटी, पर्सनल टेक्नोलॉजी और बिजनेस से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग की। उन्होंने 'The Tech and Auto Show' के होस्ट के रूप में भी काम किया।

फरवरी 2016 से अगस्त 2016 तक वह TOI Tech/Gadgets Now में सीनियर सब एडिटर रहे। वहीं अगस्त 2014 से फरवरी 2016 तक इंडियन एक्सप्रेस (Indian Express) में सीनियर सब एडिटर के रूप में पर्सनल और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी को कवर किया।

अपने करियर की शुरुआत उन्होंने EFY से की। बाद में वह 9.9 Media से भी जुड़े, जहां उन्होंने एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और आईटी सेक्टर से जुड़ी रिपोर्टिंग की।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो देबाशीष सरकार ने गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन/मीडिया स्टडीज में स्नातक की डिग्री प्रथम श्रेणी में हासिल की। विश्वविद्यालय के दौरान उन्होंने 'The Nation Express' नाम से एक कॉलेज समाचार पत्र की भी शुरुआत की थी।

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पांच साल बाद 'Affle' से अलग हुए निखिल कुमार

अफ्ले (Affle) में पांच वर्षों से अधिक समय बिताने के बाद निखिल कुमार (Nikhil Kumar) ने कंपनी छोड़ दी है। वह भारत एवं उभरते बाजारों के चीफ ग्रोथ एंड मार्केटिंग ऑफिसर थे।

Last Modified:
Friday, 03 July, 2026
nikhilakumar

अफ्ले (Affle) में पांच वर्षों से अधिक समय बिताने के बाद निखिल कुमार (Nikhil Kumar) ने कंपनी छोड़ दी है। उन्होंने भारत एवं उभरते बाजारों (India & Emerging Markets) के चीफ ग्रोथ एंड मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Growth and Marketing Officer) के रूप में अपना कार्यकाल समाप्त किया।

निखिल कुमार (Nikhil Kumar) ने अपने इस्तीफे की पुष्टि एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media-e4m) से की। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर भी एक पोस्ट साझा करते हुए अफ्ले (Affle) के साथ अपने सफर को याद किया।

अफ्ले (Affle) में अपने कार्यकाल के दौरान निखिल कुमार (Nikhil Kumar) ने कंपनी के स्वामित्व वाले मीडियास्मार्ट (mediasmart) के जरिए भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारोबार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने कंपनी में व्यापक नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभाली।

करीब दो दशकों के अनुभव वाले निखिल कुमार (Nikhil Kumar) एफएमसीजी (FMCG), रिटेल (Retail), फूड एंड बेवरेज (Food & Beverage-F&B) और एडटेक (AdTech) क्षेत्रों में काम कर चुके हैं। वह अफ्ले (Affle) की कनेक्टेड टीवी (Connected TV-CTV), ओमनीचैनल एडवरटाइजिंग (Omnichannel Advertising) और एआई (Artificial Intelligence-AI) आधारित मार्केटिंग पहलों से भी जुड़े रहे।

कंपनी ने अप्रैल 2026 में नेतृत्व पुनर्गठन (Leadership Restructuring) और विकास रणनीति (Growth Strategy) के तहत निखिल कुमार (Nikhil Kumar) को चीफ ग्रोथ एंड मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Growth and Marketing Officer) नियुक्त किया था। अब उनके कंपनी से अलग होने के साथ अफ्ले (Affle) के नेतृत्व में एक और बदलाव दर्ज किया गया है।

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मानक गुप्ता बने हिंदी न्यूज चैनल News24 के नए हेड

मानक गुप्ता फिलहाल एग्जिक्यूटिव एडिटर (सोशल मीडिया हेड) के रूप में News24 से जुड़े हुए हैं। वह चैनल के लोकप्रिय डिबेट शो 'राष्ट्र की बात' के एंकर भी हैं।

Last Modified:
Friday, 03 July, 2026
Manak Gupta News24 Channel Head

हिंदी न्यूज इंडस्ट्री से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ पत्रकार मानक गुप्ता को प्रमोट करते हुए News24 हिंदी न्यूज चैनल का नया हेड बनाया गया है। हालांकि, इस नियुक्ति को लेकर चैनल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

सूत्रों के मुताबिक, संगठन के भीतर संपादकीय नेतृत्व को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। नई जिम्मेदारी के साथ मानक गुप्ता अब News24 हिंदी चैनल के संपादकीय संचालन और स्ट्रैटेजिक दिशा का नेतृत्व करेंगे।

मानक गुप्ता फिलहाल एग्जिक्यूटिव एडिटर (सोशल मीडिया हेड) के रूप में News24 से जुड़े हुए हैं। वह चैनल के लोकप्रिय डिबेट शो 'राष्ट्र की बात' के एंकर भी हैं और राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति तथा समसामयिक मुद्दों पर अपने बेबाक और तथ्यपरक विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं।

करीब डेढ़ दशक से न्यूज24 का हिस्सा रहे मानक गुप्ता अप्रैल 2010 में चैनल से जुड़े थे। इस दौरान उन्होंने एंकरिंग, संपादकीय प्रबंधन और डिजिटल रणनीति सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर News24 की मौजूदगी को मजबूत बनाने में भी उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।

न्यूज24 से पहले मानक गुप्ता जी न्यूज (Zee News) में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों, राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, विदेश नीति और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय घटनाक्रमों की व्यापक रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। हिंदी टीवी पत्रकारिता में उन्हें करीब तीन दशक का अनुभव है और इंडस्ट्री के स्थापित चेहरों में उनकी गिनती होती है।

समाचार4मीडिया की ओर से मानक गुप्ता को इस नई जिम्मेदारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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