विंबलडन में किमोनो के जरिए नाओमी ओसाका ने दिया अपनी ब्रैंड पहचान का संदेश

नाओमी ओसाका इन दिनों लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में अपनी शानदार मौजूदगी से सुर्खियां बटोर रही हैं।

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Monday, 06 July, 2026
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संदीप गोयल, चेयरमैन, रेडिफ्यूजन ।।

नाओमी ओसाका इन दिनों लंदन के ऑल इंग्लैंड क्लब में अपनी शानदार मौजूदगी से सुर्खियां बटोर रही हैं। चार बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन ओसाका ने इस साल के तीनों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में कोर्ट पर उतरने से पहले अपने पहनावे के जरिए अपनी अलग पहचान और खुद को अभिव्यक्त करने का तरीका दुनिया के सामने रखा है। विंबलडन में उन्होंने जापानी पारंपरिक परिधान से प्रेरित सफेद रंग का आउटफिट पहना, जिसमें चेरी ब्लॉसम और सारस की कढ़ाई वाला किमोनो-स्टाइल ड्रेस शामिल था। इस ड्रेस को जापानी डिजाइनर हाना यागी के साथ मिलकर तैयार किया गया।

ऑस्ट्रेलियन ओपन में उन्होंने डिजाइनर रॉबर्ट वुन द्वारा तैयार जेलीफिश से प्रेरित हल्का और बहता हुआ आउटफिट पहना था। वहीं फ्रेंच ओपन में उनकी कई परतों वाली स्कर्ट और सुनहरी चमकदार ड्रेस एफिल टॉवर की आकृति से प्रेरित थी। ओसाका की अपनी एक क्रिएटिव टीम है और वह खुद डिजाइनर्स के साथ मिलकर इन आउटफिट्स पर काम करती हैं। जबकि कोर्ट पर पहनी जाने वाली ड्रेस Nike तैयार करता है। यही वजह है कि आज खेल की दुनिया में नाओमी ओसाका की चर्चा सिर्फ टेनिस नहीं, बल्कि उनके फैशन की वजह से भी हो रही है। उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी कई बार टेनिस से ज्यादा फैशन की बात होती है।

ब्रैंड ओसाका दुनिया को क्या संदेश दे रहा है?

1 - "मैं सिर्फ टेनिस नहीं हूं"

साल 2020 से नाओमी ओसाका ग्रैंड स्लैम के बाहर भी अपनी एक अलग व्यक्तिगत पहचान (पर्सनल ब्रैंड) बना रही हैं। उन्होंने Play Academia, KINLÒ Skincare, Hana Kuma Studio, अपनी मीडिया कंपनी और कई अन्य प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।

विंबलडन में किमोनो पहनकर वह यह कहना चाहती हैं कि "मैं सिर्फ Nike की सफेद ड्रेस पहनने वाली टेनिस खिलाड़ी नहीं हूं, मैं अपनी असली पहचान के साथ यहां मौजूद हूं।"

इससे उनकी पहचान सिर्फ एक खिलाड़ी से आगे बढ़कर एक सांस्कृतिक आइकन (Cultural Icon) के रूप में बनती है। भविष्य में यही पहचान उन्हें ब्रैंड एंडोर्समेंट, बिजनेस और मीडिया के क्षेत्र में लंबे समय तक फायदा पहुंचा सकती है।

2 - अपनी जापानी विरासत को अपने तरीके से अपनाना 

नाओमी ओसाका हैती और जापान से जुड़ी विरासत रखती हैं। उनका पालन-पोषण अमेरिका में हुआ, लेकिन वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जापान का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने कई बार खुलकर कहा है कि जापान का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद उन्हें कभी-कभी ऐसा महसूस होता था कि लोग उन्हें "पूरी तरह जापानी" नहीं मानते।

ऐसे में दुनिया के सबसे पारंपरिक ब्रिटिश खेल आयोजनों में से एक विंबलडन में किमोनो पहनना उनकी अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपनाने का प्रतीक है। यह किसी तरह का दिखावा (कॉस्प्ले) नहीं है, बल्कि यह कहने जैसा है कि "यह मेरी पहचान का हिस्सा है और मैं इसे गर्व के साथ दुनिया के सामने रखूंगी।"

यही सच्चाई और वास्तविकता (Authenticity) आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z के बीच उनकी ब्रैंड वैल्यू को मजबूत बनाती है।

3 - शांत ताकत, आक्रामकता नहीं

कोर्ट पर नाओमी ओसाका ताकत, तेजी और आत्मविश्वास से खेलती हैं। लेकिन कोर्ट के बाहर उन्होंने खुद को एक शांत, कलात्मक और गंभीर सोच रखने वाली शख्सियत के रूप में पेश किया है।

किमोनो शिल्पकला, सादगी, अनुशासन और गरिमा का प्रतीक माना जाता है। यह उन चमकदार और आकर्षक स्पोर्ट्स फैशन से बिल्कुल अलग है, जिन्हें अक्सर खिलाड़ी अपनाते हैं। इससे Louis Vuitton, Tag Heuer और Nike Off-Court जैसे ब्रैंड्स को यह संदेश मिलता है कि ओसाका सिर्फ स्ट्रीट फैशन ही नहीं, बल्कि सादगी भरे लग्जरी फैशन (Quiet Luxury) की भी मजबूत पहचान बन सकती हैं।

4 - मानसिक स्वास्थ्य और अपनी सीमाएं ही उनके ब्रैंड की पहचान हैं

साल 2021 में नाओमी ओसाका ने अपने मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए रोलां गैरो (फ्रेंच ओपन) से अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद से उनकी ब्रैंड पहचान आत्मनिर्भरता, खुद का ख्याल रखने और अपनी शर्तों पर फैसले लेने से जुड़ गई।

किमोनो कोई खेल का परिधान नहीं है और इसमें टेनिस नहीं खेला जा सकता। इसलिए विंबलडन में इसे पहनकर वह यह संदेश देती हैं कि "मैं यहां अपनी शर्तों पर आई हूं। मैं इस टूर्नामेंट का सम्मान करती हूं, लेकिन मुझे पूरी तरह उसके मुताबिक बदलने की जरूरत नहीं है।"

यह संदेश उन लोगों को भी पसंद आता है, जो अपनी सीमाओं और व्यक्तिगत फैसलों का सम्मान करते हैं।

5 - सोशल मीडिया पर वायरल होना भी ब्रैंड की ताकत है

विंबलडन का ड्रेस कोड पूरी तरह सफेद होता है। ऐसे में लगभग सभी खिलाड़ी एक जैसे दिखाई देते हैं। लेकिन किमोनो इस भीड़ में अलग पहचान बना देता है।

ओसाका के लिए उनकी एक तस्वीर हजारों खबरों, लेखों और TikTok वीडियो से ज्यादा असर डाल सकती है। चोटों और कुछ समय तक सुर्खियों से दूर रहने के बावजूद यह तरीका उन्हें टूर्नामेंट्स के बीच भी चर्चा में बनाए रखता है। इसमें जोखिम भी है

किमोनो जापान का बेहद सम्मानित और सांस्कृतिक महत्व रखने वाला परिधान है। इसलिए इसे सही तरीके से पेश करना जरूरी था। अगर इसे किसी जापानी डिजाइनर ने पारंपरिक तरीके से तैयार नहीं किया होता या सही श्रेय नहीं दिया जाता, तो इसकी आलोचना भी हो सकती थी।

लेकिन ओसाका की टीम ने इस बात का पूरा ध्यान रखा। जापानी डिजाइनर हाना यागी के साथ मिलकर तैयार किया गया यह आउटफिट पूरी तरह प्रामाणिक और सम्मानजनक माना गया।

ब्रैंड ओसाका दुनिया से क्या कह रहा है?

नाओमी ओसाका दुनिया को यह संदेश देना चाहती हैं कि "मैं सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं हूं। मैं जापानी भी हूं, हैतियन भी, अमेरिकी भी, एक उद्यमी भी और एक कलाकार भी। मुझे इनमें से सिर्फ एक पहचान चुनने की जरूरत नहीं है।"

पहले भी फैशन के जरिए बनाई थी अलग पहचान

साल 2019 से 2021 के बीच Nike और Jacquemus के साथ उनका सहयोग इस बात का प्रतीक था कि एक खिलाड़ी भी फैशन की दुनिया का हिस्सा बन सकता है। उनके नीयॉन रंग के टेनिस आउटफिट, बड़े कॉलर और अनोखे डिजाइन ने यह संदेश दिया कि "मैं सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि फैशन की प्रेरणा भी हूं।"

वह उन शुरुआती खिलाड़ियों में शामिल थीं जिन्हें खेलते हुए ही किसी लग्जरी फैशन ब्रैंड के साथ को-डिजाइन का मौका मिला। Nike ने उन्हें रचनात्मक फैसले लेने की आजादी दी। इससे वह दूसरे टेनिस खिलाड़ियों से अलग नजर आईं।

2021 में Louis Vuitton के साथ नई पहचान

साल 2021 में Louis Vuitton ने उन्हें अपने अभियान का चेहरा बनाया। उन्होंने डिजाइनर निकोलस गेस्किएर द्वारा तैयार कस्टम पोल्का डॉट ड्रेस, मोनोग्राम मास्क और दूसरे खास आउटफिट पहने।

इससे यह संदेश गया कि "मेरी जगह सिर्फ टेनिस कोर्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि फैशन की दुनिया की पहली पंक्ति में भी है।"

वह Louis Vuitton के अभियान का नेतृत्व करने वाली पहली टेनिस खिलाड़ी और पहली अश्वेत महिला बनीं। इससे उनकी पहचान सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह वैश्विक फैशन आइकन बन गईं। इसके बाद उनके लिए ब्यूटी, स्किनकेयर और मीडिया के नए अवसर भी खुले।

2024-2026: किमोनो के जरिए नई पहचान

2024 से 2026 के दौरान ओसाका का किमोनो लुक उनकी नई पहचान बन गया है। चाहे स्टैंड्स हों, रॉयल बॉक्स हो या प्रैक्टिस वीक, वह पारंपरिक और आधुनिक किमोनो में नजर आईं।

इसका संदेश साफ है: "मैं यहां सिर्फ टेनिस खेलने नहीं आई हूं, मैं नाओमी के रूप में आई हूं।"

यह विंबलडन में उनका सबसे कम "स्पोर्टी" लुक रहा, लेकिन इसी ने उनकी पहचान एक फैशन आइकन से आगे बढ़ाकर सांस्कृतिक प्रतिनिधि के रूप में स्थापित कर दी। Jacquemus और Louis Vuitton के साथ उनकी साझेदारी ब्रैंड्स के बारे में थी, जबकि किमोनो उनकी अपनी कहानी, जापानी विरासत, स्वतंत्रता और शांत ताकत को दर्शाता है।

यह नाओमी ओसाका के ब्रैंड के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

Play Academia और Hana Kuma जैसी उनकी मीडिया और स्टोरीटेलिंग कंपनियों के लिए जरूरी है कि लोग उन्हें सिर्फ एक चेहरा नहीं, बल्कि संस्कृति और विचारों को आगे बढ़ाने वाली शख्सियत के रूप में देखें। किमोनो पत्रकारों को टेनिस नहीं, बल्कि संस्कृति पर लिखने का मौका देता है।

उनकी KINLÒ Skincare ब्रैंड गहरे रंग की त्वचा की देखभाल और धूप से सुरक्षा पर केंद्रित है। ऐसे में किमोनो का संदेश—देखभाल, परंपरा और विरासत—इस ब्रैंड की सोच से पूरी तरह मेल खाता है।

टेनिस करियर खत्म होने के बाद कई खिलाड़ी धीरे-धीरे लोगों की नजरों से दूर हो जाते हैं, लेकिन सांस्कृतिक पहचान रखने वाले लोग लंबे समय तक याद रखे जाते हैं। अपनी विरासत और पहचान को मजबूत बनाकर ओसाका ऐसा ब्रैंड तैयार कर रही हैं, जो उनके टेनिस करियर के बाद भी लंबे समय तक कायम रहेगा।

Jacquemus ने बताया कि "नाओमी फैशन कर सकती हैं।" Louis Vuitton ने बताया कि "फैशन की दुनिया नाओमी को चाहती है।" और किमोनो यह कहता है कि "नाओमी अपनी संस्कृति की पहचान खुद तय करती हैं।"
यही वह आखिरी कदम है, जो उन्हें सिर्फ एक खिलाड़ी से आगे बढ़ाकर एक वैश्विक आइकन और स्थायी पहचान वाली शख्सियत बनाता है।

 (यह लेखक के निजी विचार हैं)

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Mitgo ने सम्राट दत्ता को APAC का बनाया नया हेड

परफॉर्मेंस मार्केटिंग और एफिलिएट बिजनेस से जुड़ी कंपनी Mitgo ने एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र के लिए अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है।

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Monday, 06 July, 2026
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परफॉर्मेंस मार्केटिंग और एफिलिएट बिजनेस से जुड़ी कंपनी Mitgo ने एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र के लिए अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने सम्राट दत्ता को APAC का नया हेड नियुक्त किया है। वहीं, पिछले 10 वर्षों से इस पद पर कार्यरत नेहा कुलवाल अब अपने निजी उद्यमी (Entrepreneurial) प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देंगी।

सम्राट दत्ता इससे पहले कई वर्षों तक Mitgo में मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अब नई भूमिका में वह कंपनी के नए बिजनेस क्षेत्रों को आगे बढ़ाने और भारत के साथ-साथ इंडोनेशिया समेत अन्य APAC बाजारों में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करने पर काम करेंगे।

Mitgo का APAC क्षेत्र का मुख्य कार्यालय गुरुग्राम में स्थित है। इसके अलावा कंपनी के कार्यालय इंडोनेशिया और सिंगापुर में भी हैं।

कंपनी ने कहा कि नेहा कुलवाल और सम्राट दत्ता दोनों ने मिलकर APAC क्षेत्र में Mitgo की मजबूत पहचान बनाने और कारोबार बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

अपनी नई जिम्मेदारी पर सम्राट दत्ता का स्वागत करते हुए Mitgo APAC की पूर्व प्रमुख नेहा कुलवाल ने कहा, "मुझे इस भूमिका में सम्राट का स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। उनका नेतृत्व, अनुभव और दूरदृष्टि उन्हें कंपनी को विकास और नवाचार के अगले चरण तक ले जाने के लिए पूरी तरह सक्षम बनाती है। हमने मिलकर जो मजबूत नींव तैयार की है, उस पर मुझे गर्व है और मुझे पूरा भरोसा है कि उनके नेतृत्व में कंपनी आगे भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। मैं सम्राट और पूरी टीम को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं।"

वहीं, APAC के नए हेड सम्राट दत्ता ने कहा, "APAC क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालना मेरे लिए एक बड़ा अवसर और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले महीनों में मेरी प्राथमिकता इस क्षेत्र में अब तक बनी गति को और तेज करना, अपने पार्टनर्स के साथ रिश्तों को मजबूत बनाना और हमारी टीमों को लगातार विकास के लिए तैयार करना होगी। APAC दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है और मैं अपनी टीम के साथ मिलकर नए अवसरों की पहचान करने तथा अपने ग्राहकों के लिए और अधिक मूल्य तैयार करने के लिए उत्साहित हूं।"

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राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के सम्मान में आयोजित गाला डिनर में शामिल हुए उपेंद्र राय

भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क के सीएमडी एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय ने मुंबई में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल (Shiv Pratap Shukla) के सम्मान में आयोजित गाला डिनर में हिस्सा लिया।

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Monday, 06 July, 2026
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भारत एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क (Bharat Express News Network) के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) एवं एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय (Upendra Rai) ने मुंबई (Mumbai) के प्रतिष्ठित ताज पैलेस (Taj Palace) में तेलंगाना (Telangana) के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल (Shiv Pratap Shukla) के सम्मान में आयोजित भव्य गाला डिनर (Gala Dinner) में हिस्सा लिया।

उपेंद्र राय (Upendra Rai) ने इस कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की। उन्होंने बताया कि समारोह में महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Legislative Assembly) के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर (Rahul Narwekar), महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा (Mangal Prabhat Lodha), मुंबई सिद्धिविनायक मंदिर (Siddhivinayak Temple) के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी (Acharya Pawan Tripathi), मुंबई (Mumbai) की मेयर ऋतु तावडे (Ritu Tawde) सहित कई सम्मानित एवं गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।

उपेंद्र राय (Upendra Rai) ने अपने संदेश में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल (Shiv Pratap Shukla) के सम्मान में आयोजित इस विशेष समारोह को गरिमामय बताया और कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति का उल्लेख किया।

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क्रिएटिविटी पर खर्च साबित करना क्यों बन रहा है मार्केटर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती?

विज्ञापन की दुनिया में लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि किसी भी ब्रैंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी क्रिएटिविटी होती है।

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Monday, 06 July, 2026
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कंचन श्रीवास्तव, सीनियर एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।

विज्ञापन की दुनिया में लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि किसी भी ब्रैंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी क्रिएटिविटी होती है। यही वजह है कि कोई विज्ञापन लोगों का ध्यान खींचता है, उन्हें ब्रैंड याद रहता है, वे उसके लिए ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार होते हैं और समय के साथ उस ब्रैंड के प्रति भरोसा भी बनता है। लेकिन जब कंपनियां अपने खर्च में कटौती करने लगती हैं और फाइनेंस टीम हर खर्च का हिसाब मांगती है, तब सबसे ज्यादा सवाल क्रिएटिविटी पर ही उठते हैं।

इसी मुद्दे को लेकर WARC ने मार्केटिंग इफेक्टिवनेस कंसल्टेंसी Gain Theory के साथ मिलकर एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 89 फीसदी मार्केटिंग लीडर्स का मानना है कि पिछले एक साल में उनकी क्रिएटिविटी असरदार रही है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि 62 फीसदी लोग यह नहीं बता सकते कि इस क्रिएटिविटी से कंपनी को आर्थिक तौर पर कितना फायदा हुआ। वहीं करीब हर चार में से एक मार्केटर ने माना कि पिछले दो साल में उनकी क्रिएटिविटी का बजट इसलिए घटा दिया गया क्योंकि वे इसका सीधा कारोबारी फायदा साबित नहीं कर पाए।

रिपोर्ट बताती है कि समस्या सिर्फ विज्ञापन के असर को मापने की नहीं है। आज कंपनियां यह तो आसानी से बता देती हैं कि विज्ञापन पर कितना पैसा खर्च हुआ, कितने लोगों तक पहुंचा और लोगों ने उस पर कैसी प्रतिक्रिया दी। लेकिन यह साबित करना अब भी मुश्किल है कि किसी अच्छे आइडिया ने कंपनी की कमाई, ब्रैंड की ताकत या लंबे समय की ग्रोथ में कितना योगदान दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, 81 फीसदी मार्केटर्स मानते हैं कि किसी बिजनेस की सफलता में क्रिएटिविटी और मीडिया दोनों का बराबर योगदान होता है। इसके बावजूद सिर्फ 36 फीसदी मार्केटर्स ही क्रिएटिविटी को उसी गंभीरता से मापते हैं, जिस तरह वे मीडिया के प्रदर्शन को मापते हैं। ज्यादातर कंपनियां अब भी इम्प्रेशन, रीच और एंगेजमेंट जैसे आंकड़ों पर निर्भर रहती हैं। ये आंकड़े यह तो बताते हैं कि विज्ञापन कितने लोगों तक पहुंचा, लेकिन यह नहीं बताते कि उससे कारोबार को कितना फायदा हुआ।

आज के समय में जब कंपनियों के CFO हर मार्केटिंग खर्च का जवाब मांग रहे हैं, तब यह कमी और भी बड़ी चुनौती बन गई है। सर्वे में शामिल करीब आधे मार्केटर्स ने माना कि वे कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के सामने क्रिएटिविटी पर किए गए खर्च को पूरी तरह सही ठहराने में खुद को सहज महसूस नहीं करते। इससे साफ है कि अब क्रिएटिविटी को सिर्फ एक अच्छा आइडिया नहीं, बल्कि एक निवेश के तौर पर देखा जा रहा है।

Infectious Advertising की को-फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर निशा सिंघानिया का कहना है कि किसी भी क्रिएटिव कैंपेन की सफलता को सिर्फ मार्केटिंग के आंकड़ों से नहीं, बल्कि कारोबार के नतीजों से जोड़कर देखना चाहिए। उनके मुताबिक, चाहे लक्ष्य बिक्री बढ़ाना हो, बाजार हिस्सेदारी मजबूत करना हो, ब्रैंड की वैल्यू बढ़ानी हो या ज्यादा ग्राहक जोड़ने हों, इन सभी लक्ष्यों को कैंपेन शुरू होने से पहले ही तय कर लेना चाहिए। जब क्रिएटिविटी सीधे बिजनेस के लक्ष्यों से जुड़ जाएगी, तब उसके लिए बजट को सही ठहराना भी आसान होगा।

हालांकि रिपोर्ट बताती है कि यह समस्या सोच से ज्यादा सिस्टम की है। 68 फीसदी मार्केटर्स का कहना है कि उनके पास पर्याप्त डेटा नहीं होता, जिससे वे क्रिएटिविटी का सही आकलन कर सकें। वहीं 56 फीसदी लोगों ने माना कि उनके पास ऐसे टूल्स की कमी है, जो यह बता सकें कि किसी क्रिएटिव आइडिया ने कारोबार पर कितना असर डाला। अब तक ज्यादातर एनालिटिक्स और एट्रिब्यूशन मॉडल यह मापते रहे हैं कि कौन-सा मीडिया प्लेटफॉर्म बेहतर काम कर रहा है, लेकिन किसी आइडिया की असली ताकत को मापना अब भी मुश्किल बना हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI इस तस्वीर को बदलना शुरू कर रहा है। सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा मार्केटिंग लीडर्स ने कहा कि वे क्रिएटिविटी की प्रभावशीलता को मापने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं या उसकी टेस्टिंग कर रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि अब फैसले सिर्फ अनुभव या अंदाजे के आधार पर नहीं, बल्कि डेटा और सबूतों के आधार पर लिए जाएंगे। AI का मकसद इंसानी क्रिएटिविटी की जगह लेना नहीं है। बल्कि यह यह समझने में मदद करता है कि कौन-सा संदेश, कौन-सा विजुअल और किस तरह की क्रिएटिविटी लोगों पर ज्यादा असर डाल रही है और उसका कारोबार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

Connect Network के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट रितेश भट्ट का कहना है कि एडवांस एनालिटिक्स की मदद से अब कंपनियां सिर्फ रीच और एंगेजमेंट जैसे पुराने पैमानों तक सीमित नहीं हैं। अब वे यह भी माप सकती हैं कि विज्ञापन से कितने लोग खरीदारी तक पहुंचे, बिक्री में कितना इजाफा हुआ और निवेश पर कितना रिटर्न मिला। उनके मुताबिक, AI मार्केटर्स को बेहतर डेटा देता है, लेकिन क्रिएटिविटी का भावनात्मक और मानवीय पक्ष हमेशा इंसानों के हाथ में ही रहेगा।

वहीं स्वतंत्र एजेंसी Wit & Chai के CEO मोहित घाटे का मानना है कि जरूरत से ज्यादा मापने की कोशिश कहीं न कहीं विज्ञापन की असली ताकत को कमजोर कर सकती है। उनका कहना है कि कई बड़े ब्रैंड ऐसे विचारों पर निवेश करते हैं, जिनका असर कुछ महीनों में नहीं बल्कि कई वर्षों बाद दिखाई देता है। AI डेटा के आधार पर बहुत कुछ बता सकता है, लेकिन किसी विज्ञापन का लोगों की भावनाओं, संस्कृति और समाज पर क्या असर पड़ा, इसे पूरी तरह माप पाना उसके लिए भी आसान नहीं होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में मार्केटिंग इंडस्ट्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वह ऐसे तरीके विकसित करे, जिनसे फाइनेंस टीम को भी संतुष्ट किया जा सके और क्रिएटिविटी की असली ताकत भी बरकरार रहे। AI के बेहतर होने के साथ यह अंतर जरूर कम होगा, लेकिन दुनिया के सबसे यादगार विज्ञापन सिर्फ एल्गोरिद्म से नहीं बनते। ऐसे समय में, जब तकनीक तेजी से हर काम को आसान बना रही है, क्रिएटिविटी की अहमियत और भी बढ़ सकती है, क्योंकि यह ऐसी चीज है जिसे पूरी तरह न तो कॉपी किया जा सकता है और न ही पूरी तरह आंकड़ों में बांधा जा सकता है।

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ACG Sports ने जेक लश मैक्रम को इंडिया बास्केटबॉल लीग का बनाया CEO

जेक लश मैक्रम (Jake Lush McCrum) को ACG Sports की इंडिया बास्केटबॉल लीग (India Basketball League) का नया चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है।

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Monday, 06 July, 2026
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स्पोर्ट्स इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। जेक लश मैक्रम (Jake Lush McCrum) को ACG Sports की इंडिया बास्केटबॉल लीग (India Basketball League) का नया चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है।

मैक्रम ने इस नई जिम्मेदारी की जानकारी लिंक्डइन पर साझा की। उन्होंने लिखा, "राजस्थान रॉयल्स के साथ आठ शानदार साल बिताने के बाद अब मैं ACG Sports में इंडिया बास्केटबॉल लीग के CEO के रूप में नई पारी शुरू करने को लेकर बेहद उत्साहित हूं।"

इससे पहले जेक लश मैक्रम राजस्थान रॉयल्स के CEO के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने करीब आठ साल तक टीम का नेतृत्व किया और इस दौरान फ्रेंचाइजी के संचालन, बिजनेस और ब्रांड को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।

अपने विदाई संदेश में मैक्रम ने राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा, "राजस्थान रॉयल्स के साथ बिताए गए आठ साल मेरे लिए हमेशा यादगार रहेंगे। मैं टीम के संपर्क में बना रहूंगा और शानदार सीजन के लिए सभी को बधाई देता हूं।"

अब ACG Sports के साथ नई भूमिका में जेक लश मैक्रम इंडिया बास्केटबॉल लीग की कमान संभालेंगे। उनसे उम्मीद की जा रही है कि अपने लंबे स्पोर्ट्स मैनेजमेंट अनुभव के दम पर वह भारत में बास्केटबॉल लीग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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'नेटवर्क18' में शामिल होंगे वरिष्ठ पत्रकार सुमित लखुटिया

मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार, एंकर और कंटेंट प्रोफेशनल सुमित लखुटिया ने नेटवर्क18 (Network18) का दामन थामने जा रहे हैं

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Monday, 06 July, 2026
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मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। वरिष्ठ पत्रकार, एंकर और कंटेंट प्रोफेशनल सुमित लखुटिया (Sumiit Lakhutia) ने नेटवर्क18 (Network18) का दामन थामने जा रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वह जल्द कंपनी जॉइन कर लेंगे।

सुमित लखुटिया इससे पहले करीब 10 साल तक टाइम्स नेटवर्क (Times Network) के साथ जुड़े रहे। यहां उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। हाल के वर्षों में वह सीनियर न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने बिजनेस, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSI) से जुड़े कंटेंट और प्रोजेक्ट्स की अगुवाई की।

टाइम्स नेटवर्क में रहते हुए सुमित ने Times Now, ET Now और Mirror Now जैसे चैनलों पर कई कार्यक्रमों की एंकरिंग भी की। इसके अलावा उन्होंने नेटवर्क के टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए वॉइसओवर, स्पेशल शो, ब्रैंडेड कंटेंट और बड़े इवेंट्स का संचालन भी किया।

टाइम्स नेटवर्क से पहले सुमित लगभग छह साल तक CNBC-TV18 से जुड़े रहे। यहां उन्होंने प्रड्यूसर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स), एंकर और वॉइस आर्टिस्ट के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने पैनल डिस्कशन, डॉक्यूमेंट्री, चैट शो, अवॉर्ड शो और कई बड़े ऑन-ग्राउंड इवेंट्स का निर्माण और संचालन किया।

मीडिया में आने से पहले सुमित अपने पारिवारिक व्यवसाय श्रुति डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड से भी जुड़े रहे। वहां उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन, मार्केटिंग, सेल्स, खरीद और लॉजिस्टिक्स जैसे कई विभागों में काम किया, जिससे उन्हें बिजनेस मैनेजमेंट की गहरी समझ मिली।

करीब दो दशक के प्रोफेशनल अनुभव के साथ अब सुमित लखुटिया ने नेटवर्क18 में अपनी नई पारी शुरू की है। मीडिया जगत में उनके इस कदम को एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

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मीडिया और एंटरटेनमेंट में 24% बढ़ी भर्ती : जून में व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट मजबूत

नौकरी (Naukri) जॉबस्पीक रिपोर्ट के अनुसार जून 2026 में मीडिया एवं एंटरटेनमेंट, AI/ML और फ्रेशर हायरिंग के दम पर भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट में 6% की वृद्धि दर्ज की गई।

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Monday, 06 July, 2026
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भारत के व्हाइट-कॉलर जॉब मार्केट (White-collar Job Market) ने जून 2026 में अपनी वृद्धि की रफ्तार बरकरार रखी। नौकरी (Naukri) की नवीनतम जॉबस्पीक रिपोर्ट (JobSpeak Report) के अनुसार, मीडिया एवं एंटरटेनमेंट (Media & Entertainment), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (Artificial Intelligence/Machine Learning-AI/ML) तथा फ्रेशर हायरिंग (Fresher Hiring) में मजबूत मांग के चलते भर्ती गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स (Naukri JobSpeak Index) जून 2026 में सालाना आधार पर 6% बढ़कर 3,027 पर पहुंच गया, जबकि जून 2025 में यह 2,854 था। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही में कुल भर्ती गतिविधियों में 4% की वृद्धि दर्ज की गई।

सेक्टरवार आंकड़ों में मीडिया प्रोडक्शन एवं एंटरटेनमेंट (Media Production & Entertainment) सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला क्षेत्र रहा, जहां भर्ती में 24% की सालाना वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, कंटेंट, प्रोडक्शन और क्रिएटिव टैलेंट (Creative Talent) की बढ़ती मांग इसके पीछे प्रमुख कारण रही।

इसके बाद हेल्थकेयर एवं लाइफ साइंसेज (Healthcare & Life Sciences) में 22%, आईटी एवं इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी (IT & Information Security) में 18%, प्रोडक्शन, मैन्युफैक्चरिंग एवं इंजीनियरिंग (Production, Manufacturing & Engineering) में 14% तथा मार्केटिंग एवं कम्युनिकेशंस (Marketing & Communications) में 12% की वृद्धि दर्ज की गई।

एआई और मशीन लर्निंग (AI/ML) से जुड़े पदों की मांग भी लगातार मजबूत बनी हुई है। जून में इस श्रेणी की भर्ती में 25% की सालाना वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों से AI/ML हायरिंग व्यापक भर्ती रुझानों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

बीमा (Insurance) क्षेत्र में भर्ती 16% बढ़ी, जबकि एफएमसीजी (FMCG) में 7%, टेलीकॉम (Telecom) में 6%, रियल एस्टेट (Real Estate) में 5% और बीपीओ/आईटीईएस (BPO/ITES) तथा फार्मा/बायोटेक (Pharma/Biotech) में 4-4% की वृद्धि दर्ज की गई।

रिपोर्ट में फ्रेशर हायरिंग को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। जून में एंट्री-लेवल (Entry-level) भर्ती 8% बढ़ी, जबकि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान इसमें 9% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि कंपनियां नए टैलेंट को जोड़ने पर लगातार निवेश कर रही हैं।

अनुभव के आधार पर भी भर्ती में सुधार देखा गया। 4 से 7 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवरों की भर्ती 2% बढ़ी, जबकि 8 से 12 वर्ष के अनुभव वाले उम्मीदवारों की मांग 7% बढ़ी। सबसे अधिक वृद्धि 13 से 16 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवरों में 12% और 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले उम्मीदवारों में 9% रही।

दूसरी ओर, सभी क्षेत्रों में सकारात्मक रुझान नहीं रहा। बैंकिंग (Banking) सेक्टर में भर्ती 12% घटी, जबकि शिक्षा (Education) में 4% और आईटी (IT) तथा हॉस्पिटैलिटी (Hospitality) में 3-3% की गिरावट दर्ज की गई। ऑयल एंड गैस (Oil & Gas), रिटेल (Retail) और ऑटोमोबाइल (Automobile) क्षेत्रों में भर्ती लगभग स्थिर रही।

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''Shopsy'' ने नितिका लाल को सौंपी ब्रांड और कस्टमर ग्रोथ की जिम्मेदारी

नितिका लाल (Nitika Lal) ने फ्लिपकार्ट (Flipkart) इकोसिस्टम में वापसी करते हुए शॉप्सी (Shopsy) में ब्रांड, कस्टमर ग्रोथ और रिटेंशन की जिम्मेदारी संभाली है।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2026
nikitalal

नितिका लाल (Nitika Lal) ने फ्लिपकार्ट (Flipkart) इकोसिस्टम में वापसी की है। वह अब शॉप्सी (Shopsy) में ब्रांड (Brand), कस्टमर ग्रोथ (Customer Growth) और रिटेंशन (Retention) से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के माध्यम से साझा की।

लिंक्डइन (LinkedIn) पर अपनी नई भूमिका की घोषणा करते हुए नितिका लाल (Nitika Lal) ने लिखा, "यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं फ्लिपकार्ट (Flipkart) इकोसिस्टम में फिर से लौट रही हूं। शॉप्सी (Shopsy) में ब्रांड, कस्टमर ग्रोथ और रिटेंशन से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करूंगी। भारत (Bharat) के लिए शॉपिंग के भविष्य का निर्माण करने के मिशन का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हूं।"

नई भूमिका में नितिका लाल (Nitika Lal) शॉप्सी (Shopsy) की ब्रांड मौजूदगी को और मजबूत बनाने के साथ-साथ नए ग्राहकों को जोड़ने, ग्राहक आधार बढ़ाने और मौजूदा ग्राहकों की सहभागिता एवं रिटेंशन को मजबूत करने पर काम करेंगी।

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भ्रामक प्रॉपर्टी विज्ञापनों पर RERA की सख्ती, गलत प्रचार करने पर 5 लाख तक का जुर्माना

घर खरीदने वालों को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिए तमिलनाडु रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (TNRERA) ने सख्त कदम उठाया है।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2026
TRERA

घर खरीदने वालों को भ्रामक विज्ञापनों से बचाने के लिए तमिलनाडु रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (TNRERA) ने सख्त कदम उठाया है। अब रियल एस्टेट कंपनियों और डेवलपर्स को गलत या भ्रामक विज्ञापन देना महंगा पड़ेगा। नए नियमों के तहत उल्लंघन करने पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।

TNRERA की ओर से जून 2026 में जारी सर्कुलर के मुताबिक, यह नया जुर्माना ढांचा 1 जुलाई 2026 से लागू हो गया है। इसका मकसद रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाना और घर खरीदारों को सही जानकारी उपलब्ध कराना है।

दरअसल, TNRERA ने 1 जुलाई 2025 से ही रियल एस्टेट विज्ञापनों के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए थे। इन नियमों के तहत प्रिंट, टीवी, आउटडोर, डिजिटल और सोशल मीडिया सहित हर तरह के विज्ञापन में प्रोजेक्ट का TNRERA रजिस्ट्रेशन नंबर, फॉर्म-सी का QR कोड, TNRERA की वेबसाइट, प्रोजेक्ट की मंजूरशुदा लोकेशन और प्रमोटर की पूरी जानकारी देना अनिवार्य किया गया था।

इसके अलावा, विज्ञापनों में 'Terms and Conditions Apply' जैसे अस्पष्ट डिस्क्लेमर, बिना प्रमाण के '100+ Amenities' जैसे दावे, लोकेशन को बढ़ा-चढ़ाकर बताना या TNRERA में रजिस्टर नहीं हुए प्रोजेक्ट का प्रचार करना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।

अब TNRERA ने नियमों के उल्लंघन को 'मेजर' और 'माइनर' दो श्रेणियों में बांटा है। मेजर उल्लंघनों में बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्रोजेक्ट का विज्ञापन देना, रजिस्ट्रेशन नंबर या QR कोड नहीं दिखाना, गलत QR कोड देना या कीमतों को लेकर भ्रामक तुलना करना शामिल है।

ऐसे मामलों में 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट पर 5 लाख रुपये तक और 100 करोड़ रुपये से कम लागत वाले प्रोजेक्ट पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

वहीं, TNRERA की वेबसाइट, प्रमोटर के कार्यालय का पता नहीं देना या ऐसा QR कोड दिखाना जिसे स्कैन नहीं किया जा सके, जैसे माइनर उल्लंघनों पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

TNRERA का कहना है कि इन नए नियमों का उद्देश्य सिर्फ विज्ञापनों के लिए मानक तय करना नहीं, बल्कि उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करना भी है। इससे घर खरीदने वाले लोग किसी भी प्रोजेक्ट की कानूनी स्थिति आसानी से जांच सकेंगे और भ्रामक दावों के आधार पर गलत फैसला लेने से बच सकेंगे।

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ENIL में ICICI Prudential Mutual Fund की हिस्सेदारी घटी, बेचे 11.19 लाख से ज्यादा शेयर

रेडियो मिर्ची का संचालन करने वाली Entertainment Network (India) Limited (ENIL) में ICICI Prudential Mutual Fund ने अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है।

Last Modified:
Monday, 06 July, 2026
ENIL210

रेडियो मिर्ची का संचालन करने वाली एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड (ENIL) में ICICI Prudential Mutual Fund ने अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि उसे ICICI Prudential Asset Management Company Limited (AMC) से इस संबंध में SEBI के नियमों के तहत एक खुलासा प्राप्त हुआ है।

कंपनी के अनुसार, ICICI Prudential Mutual Fund ने अपनी विभिन्न स्कीमों और निवेश रणनीतियों के जरिए 2 जुलाई 2026 को ENIL के 2,35,000 इक्विटी शेयरों की शुद्ध बिक्री (नेट सेल) की। इस लेनदेन के बाद, 16 अक्टूबर 2019 को किए गए पिछले खुलासे की तुलना में फंड की कुल हिस्सेदारी कंपनी की चुकता पूंजी (Paid-up Capital) में 2 प्रतिशत से अधिक घट गई। इसी वजह से SEBI के Substantial Acquisition of Shares and Takeovers (SAST) Regulations, 2011 के तहत नया खुलासा करना अनिवार्य हो गया।

AMC ने अपने पत्र में बताया कि 16 अक्टूबर 2019 को किए गए पिछले खुलासे के समय ICICI Prudential Mutual Fund की ENIL में 5.004 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इसके बाद से अब तक फंड ने कुल 11,19,753 शेयरों की शुद्ध बिक्री की है।

AMC ने यह भी स्पष्ट किया है कि फंड की ओर से ENIL में किया गया निवेश केवल निवेश के उद्देश्य से है। कंपनी के प्रबंधन या उस पर किसी तरह का नियंत्रण हासिल करने का उसका कोई इरादा नहीं है।

SEBI के नियमों के अनुसार, किसी सूचीबद्ध कंपनी में किसी निवेशक या संस्थागत निवेशक की हिस्सेदारी यदि तय सीमा से अधिक बढ़ती या घटती है, तो इसकी जानकारी कंपनी और शेयर बाजारों को देना अनिवार्य होता है। इसी नियामकीय आवश्यकता के तहत ICICI Prudential AMC ने यह खुलासा किया है।

ENIL ने 4 जुलाई 2026 को यह जानकारी बॉन्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को भेजी। कंपनी ने कहा कि उसे ICICI Prudential AMC से प्राप्त यह खुलासा नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) के तहत शेयर बाजारों के रिकॉर्ड में दर्ज कराया जा रहा है।

इस खुलासे में कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन या प्रबंधन में किसी बदलाव का उल्लेख नहीं किया गया है। यह केवल म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी में आई कमी से जुड़ा एक नियामकीय खुलासा है।

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डॉ. अनुराग बत्रा की एक और उपलब्धि, मिला 'स्पेशल कंट्रीब्यूशन टू द इवेंट इंडस्ट्री' अवॉर्ड

मीडिया, मार्केटिंग, इवेंट्स और एक्सपीरिएंशियल इकोसिस्टम में दो दशक से अधिक समय से दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

Last Modified:
Sunday, 05 July, 2026
Dr Annurag Batra

‘बिजनेसवर्ल्ड’ (BW Businessworld) के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप (exchange4media Group) के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा को मीडिया, मार्केटिंग, इवेंट्स और एक्सपीरिएंशियल इकोसिस्टम में दो दशक से अधिक समय से दिए जा रहे उल्लेखनीय योगदान के लिए 'स्पेशल कंट्रीब्यूशन टू द इवेंट इंडस्ट्री अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

देश की मीडिया, विज्ञापन, मार्केटिंग, इवेंट्स और बिजनेस कम्युनिटी के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म्स तैयार करने में डॉ. बत्रा की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है, जिन्होंने इन क्षेत्रों में संवाद, विचार-विमर्श और इंडस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को नई दिशा देने का काम किया है।

डॉ. अनुराग बत्रा ने करीब 26 वर्ष पूर्व एक्सचेंज4मीडिया की स्थापना की थी, जिसे आज देश के सबसे प्रभावशाली मीडिया इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है। इस समूह के अंतर्गत उन्होंने exchange4media.com, samachar4media.com, IMPACT और Pitch जैसे प्रमुख पब्लिकेशंस और ब्रैंड्स की स्थापना की। साथ ही विज्ञापन, मीडिया, मार्केटिंग, कम्युनिकेशन और क्रिएटर इकोनॉमी से जुड़े इंडस्ट्री जगत के लीडर्स को एक प्लेटफॉर्म पर लाने वाले 50 से अधिक बड़े इंडस्ट्री फोरम, अवॉर्ड्स और बौद्धिक संपत्तियों (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज) का भी निर्माण किया।

वर्ष 2013 में डॉ. बत्रा ने BW Businessworld का अधिग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान को प्रिंट, डिजिटल, टेलीविजन, इवेंट्स, रिसर्च और कम्युनिटी प्लेटफॉर्म्स से जुड़ा एक तकनीक-सक्षम 360 डिग्री मीडिया संगठन बनाया। वर्तमान में BW Businessworld बिजनेस, मार्केटिंग, लीगल, हेल्थकेयर, एजुकेशन, हॉस्पिटैलिटी, सस्टेनेबिलिटी और गवर्नेंस सहित कई विशेष क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

मीडिया के अलावा डॉ. बत्रा ने प्रबंधन शिक्षा और संस्थागत विकास में भी योगदान दिया है। मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (MDI) के पूर्व छात्र रहे डॉ. बत्रा जनवरी 2020 से जून 2024 तक संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य रहे। वह एमडीआई के प्रमुख PGPM कार्यक्रम के पहले पूर्व छात्र हैं, जिन्हें इस पद पर कार्य करने का अवसर मिला।

डॉ. अनुराग बत्रा को देश के प्रमुख मीडिया उद्यमियों में गिना जाता है। उन्होंने इतने वर्षों के दौरान मीडिया, बिजनेस और मार्केटिंग जगत में मजबूत संबंध स्थापित किए हैं। उनका मानना रहा है कि किसी भी इंडस्ट्री पर स्थायी प्रभाव 'कंटेंट, कनेक्ट और कॉन्टेक्स्ट' के प्रभावी संयोजन से ही पैदा होता है। यही सोच एक्सचेंज4मीडिया और BW Businessworld की संपादकीय दृष्टि तथा कम्युनिटी-बिल्डिंग पहलों की आधारशिला रही है।

इस अवॉर्ड को प्राप्त करने के बाद डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा, ‘यह सम्मान पाकर मैं बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। यह पुरस्कार पिछले दो दशकों में हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हर सहयोगी, साझेदार, पाठक, क्लाइंट और हमारे पूरे समुदाय का है। एक्सचेंज4मीडिया और BW Businessworld में हमने हमेशा ऐसे प्लेटफॉर्म बनाने का प्रयास किया है, जो इंडस्ट्री को जानकारी दें, प्रेरित करें और उन्हें एक-दूसरे से जोड़ें। भारत की इवेंट और एक्सपीरिएंशियल इकोनॉमी आज कारोबार, संस्कृति और नवाचार की एक मजबूत ताकत बन चुकी है। इसके विकास में योगदान देना मेरे लिए गर्व की बात है। यह सम्मान हमें आगे भी सार्थक समुदायों और प्रभावशाली संवादों के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।’

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