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डीएमके और लेफ्ट के खिलाफ पीएम मोदी की तैयारी: रजत शर्मा
इसके बावजूद मोदी के आत्मविश्वास और रणनीति पर सबकी नजर है। चेन्नई से करीब सौ किलोमीटर दूर चेंगलपेट में हुई रैली में भारी भीड़ जुटी, जिसे देखकर राजनीतिक जानकार भी हैरान रह गए।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
रजत शर्मा, इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु और केरल में एनडीए के चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हुए दोनों राज्यों की मौजूदा सरकारों पर तीखा हमला बोला। केरल को “ईश्वर का घर” बताते हुए उन्होंने कहा कि लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस ने इसे भ्रष्टाचार, लूट और जनता के पैसे की चोरी का अड्डा बना दिया है, यहां तक कि भगवान की मूर्तियों का सोना तक चुरा लिया गया। उन्होंने कहा कि अब एलडीएफ और यूडीएफ की विदाई जरूरी है और दोषियों को जेल भेजने का समय आ गया है।
तमिलनाडु में भी मोदी ने डीएमके पर तमिल संस्कृति और आस्था के अपमान का आरोप लगाया और कहा कि वोट बैंक की राजनीति के चलते भगवान मुरुगन के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन तक का विरोध किया जाता है। उन्होंने दोनों राज्यों में सनातन, भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दे उठाए और सरकार बनाने का दावा किया, जबकि हकीकत यह है कि इन राज्यों में बीजेपी का आधार अभी बहुत मजबूत नहीं है।
इसके बावजूद मोदी के आत्मविश्वास और रणनीति पर सबकी नजर है। चेन्नई से करीब सौ किलोमीटर दूर चेंगलपेट में हुई रैली में भारी भीड़ जुटी, जिसे देखकर राजनीतिक जानकार भी हैरान रह गए। दावा किया गया कि करीब पांच लाख लोग पहुंचे। मंच पर मोदी के साथ एआईएडीएमके, एएमएमके, पीएमके, तमिल मानिला कांग्रेस समेत एनडीए की दस पार्टियों के नेता मौजूद थे, जिससे बीजेपी की गठबंधन रणनीति साफ दिखी।
पलानीस्वामी की एआईएडीएमके पश्चिमी तमिलनाडु में, अंबुमणि रामदास की पीएमके उत्तर में, टीटीवी दिनकरन की एएमएमके दक्षिण में और जीके वासन की पार्टी मध्य तमिलनाडु में मजबूत है। इन सभी को साथ लाकर मोदी ने डीएमके के खिलाफ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की है। तमिलनाडु में प्रचार के लिए बसंत पंचमी का दिन चुनकर उन्होंने सनातन और हिंदू आस्था को चुनावी मुद्दा बनाया।
केरल में तिरुवनंतपुरम में मोदी ने पहले सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पिनरई विजयन के साथ नई ट्रेनों और योजनाओं का उद्घाटन किया, फिर रोड शो कर एनडीए रैली में पहुंचे। यहां पहली बार बीजेपी का मेयर बनने से कार्यकर्ताओं में उत्साह है। मोदी ने कहा कि जैसे अहमदाबाद नगर निगम से बीजेपी की शुरुआत हुई थी, वैसे ही केरल में भी आगे बढ़त होगी।
उन्होंने सबरीमला मंदिर में कथित सोने की चोरी का मुद्दा उठाकर एलडीएफ और कांग्रेस पर हमला किया और “मोदी की गारंटी” दी कि दोषियों को जेल भेजा जाएगा। इसी दौरान दिल्ली में कांग्रेस नेताओं की बैठक चल रही थी, जिसमें शशि थरूर शामिल नहीं हुए और तिरुवनंतपुरम में मोदी के कार्यक्रम में मौजूद रहे, जिससे राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि केरल में लेफ्ट और कांग्रेस की जड़ें गहरी हैं और बीजेपी अकेले दम पर मुकाबला कर पाएगी या नहीं, यह साफ नहीं है।
इसलिए बीजेपी यहां भी छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन कर रही है, जैसे साबू जैकब की Twenty20 पार्टी और तुषार वेलपल्ली की BDJS। कुल मिलाकर, मोदी तमिलनाडु और केरल में गठबंधन, सनातन, भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों के जरिए मजबूत चुनावी आधार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि डीएमके, एलडीएफ और यूडीएफ को कड़ी चुनौती दी जा सके।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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