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मीडिया पर अंकुश की तैयारी, सरकार या सेना के खिलाफ बोलने पर लगेगा जुर्माना!
पाकिस्तान अब मीडिया पर शिकंजा कसने के मामले में अपने दोस्त चीन के नक्शेकदम पर चल पड़ी है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब लोकतंत्र के चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया पर अपना दबाव बनाना शुरू कर दिया है और वह मीडिया पर शिकंजा कसने के मामले में अपने दोस्त चीन के नक्शेकदम पर चल पड़ी है। इमरान खान सरकार ने कोरोना महामारी, महंगाई और आर्थिक तंगी को लेकर मीडिया के कटाक्षों से बचने का रास्ता खोज लिया है और नए नियमों का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव में मीडिया पर अंकुश लगाने के लिए तरह-तरह की शर्तें रखी गई हैं।
इस प्रस्ताव में सेना या सरकार के खिलाफ बोलने पर 2.5 करोड़ के जुर्माने और 3 साल की सजा का प्रावधान है। इसके लिए सरकार पाकिस्तान मीडिया डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑर्डिनेंस, 2021 लाना चाहती है। सबसे ज्यादा विरोध इसी प्रावधान को लेकर हो रहा है।
जानकारों का मानना है कि यदि यह कानून लागू हो गया, तो कोई भी मीडिया पाकिस्तान की सरकार या सेना के खिलाफ नहीं बोल सकेगा।
मीडिया के नए नियमों का देश भर में विरोध हो रहा है। विपक्षी दलों पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज ने नए कानून के प्रस्ताव को मीडिया मार्शल लॉ करार देते हुए कहा है कि यह अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक का नियम है।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की सीनेटर शेरी रहमान ने सरकार के इस कदम का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के तहत मीडिया को नियंत्रित करना चाहती है। यह कानून लागू होने के बाद मीडिया संस्थान या तो सरकार के प्रवक्ता बन जाएंगे या फिर उन्हें बर्बाद कर दिया जाएगा। वहीं, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने कहा की इमरान अभिव्यक्ति की संवैधानिक आजादी को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं।
पाकिस्तान फेडरल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (PFUJ) ने ड्राफ्ट का खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि कानून के कई प्रावधान अनुचित हैं और उनसे मीडिया की संवैधानिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी। इसके अलावा, पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग, पाकिस्तान बार काउंसिल ने भी प्रस्तावित कानून पर आपत्ति जताई है। सभी का एक सुर में कहना है कि इस कानून के दूरगामी परिणाम होंगे, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना के अधिकार की अवधारणा के विपरीत है।
जानें क्या है पाकिस्तान मीडिया डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑर्डिनेंस, 2021 में :
पाकिस्तान मीडिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी ऑर्डिनेंस-2021 के तहत मीडिया से जुड़े सभी पुराने कानूनों के विलय करना चाहती है। इस नए कानून के तहत प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर डिजिटल मीडिया तक की नियमावली तय की जाएगी। इमरान सरकार का कहना है कि नए कानून के तहत एक अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो देश में सभी तरह के मीडिया की नियमावली तय करेगी। इसमें कुल 11 सदस्य और एक चेयरपर्सन होंगे। इनकी नियुक्ति केंद्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
नए नियमों के तहत देश में अखबार और डिजिटल मीडिया के संचालन के लिए भी टीवी चैनलों की तरह ही लाइसेंस अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। इस ड्राफ्ट में नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, यू-ट्यूब चैनलों, वीडियो लॉग्स आदि को लेकर भी नए नियम बनाए जाने की बात कही गई है।
मीडिया से जुड़े मामलों के लिए मीडिया ट्रिब्यूनल स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। ट्रिब्यूनल का प्रमुख ग्रेड-22 स्तर का ब्यूरोक्रेट होगा। यह पाकिस्तानी सिविल सेवा की सर्वोच्च रैंक है।
इन नियमों के तहत, कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए 2.5 करोड़ पाकिस्तानी रुपए का जुर्माना और तीन साल तक जेल का प्रावधान भी है।
नए नियमों में मीडिया पर सेना और सरकार पर तंज कसने तक पर रोक लगाई गई है। कानून में कहा गया है कि कोई भी सेना, संसद, सरकार और उसके मुखिया को लेकर तंज नहीं कस सकता है, जिसके कारण या तो हिंसा की आशंका हो या फिर उनकी मानहानि होती हो। इस नियम को लेकर ही सबसे ज्यादा आपत्ति जताई जा रही है और इसे पाकिस्तान का मीडिया मार्शल लॉ कहा जा रहा है।
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