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TRP मीजरमेंट में इस बदलाव के प्रस्ताव पर केबल ऑपरेटर्स कर सकते हैं कोर्ट का रुख
केबल टीवी सेक्टर कथित तौर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) के उन नए प्रस्तावों का विरोध कर रहा है, जिनमें लैंडिंग पेज को TRP से अलग करने की बात कही गई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago
केबल टीवी सेक्टर कथित तौर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) के उन नए प्रस्तावों का विरोध कर रहा है, जिनमें लैंडिंग पेज को TRP से अलग करने की बात कही गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई MSO (मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर्स) कानूनी सलाह ले रहे हैं और संभव है कि वे जल्द ही कोर्ट का रुख करें। उनका कहना है कि यदि यह नियम लागू हुआ तो उन्हें हर साल करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है, जिससे उनकी सालाना आय में लगभग 15% गिरावट आ सकती है।
दावा किया जा रहा है कि केबल सेक्टर की कुल सालाना कमाई करीब 11,500–12,000 करोड़ रुपये है, जिसमें से लगभग 2,000 करोड़ रुपये ब्रॉडकास्टर्स द्वारा लैंडिंग पेज पर किए गए खर्च से आते हैं। ऐसे में नए नियम सीधे उनकी नॉन-सब्सक्रिप्शन कमाई को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कथित तौर पर MSO का कहना है कि BARC पहले से ही ऐसे अल्गोरिदम इस्तेमाल करता है, जो लैंडिंग चैनलों के शुरुआती सेकंड को TRP में गिनने से हटा देता है, इसलिए TRP डेटा में गड़बड़ी की बात सही नहीं है।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि जब TRAI के पुराने लैंडिंग पेज वाले नियम अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, तो नए दिशानिर्देश लाने की जल्दबाजी समझ से बाहर है।
कुछ ऑपरेटर यह भी सोच रहे हैं कि यदि लैंडिंग पेज हटा दिए जाते हैं तो उन्हें ब्रॉडकास्टर्स के विज्ञापन राजस्व में हिस्सा मिलना चाहिए।
उम्मीद है कि केबल ऑपरेटर्स मंत्रालय को औपचारिक रूप से आग्रह भेजेंगे कि प्रस्तावित TRP बदलावों पर दोबारा विचार किया जाए।
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