देश की अग्रणी म्यूजिक कंपनियों में शुमार सारेगामा इंडिया (Saregama India) के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम मेहरा ने कंपनी की पहली तिमाही के नतीजों के बाद हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में कारोबार की दिशा, म्यूजिक इंडस्ट्री के भविष्य, AI, पेड सब्सक्रिप्शन, आर्टिस्ट मैनेजमेंट, लाइव इवेंट्स और वीडियो बिजनेस को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने साफ कहा कि कंपनी को किसी एक तिमाही के प्रदर्शन से नहीं, बल्कि कम से कम 12 महीने के आधार पर देखा जाना चाहिए।
मेहरा के मुताबिक, Q1 FY27 में Saregama का ऑपरेशनल रेवेन्यू 263.6 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 27% ज्यादा है। एडजस्टेड EBITDA 112.4 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 69% की बढ़ोतरी हुई। ऑपरेशनल PBT 70.5 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 38% ज्यादा है। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि कंपनी के प्रदर्शन को एक तिमाही के बजाय रोलिंग 12-महीने के आधार पर देखें।
भारत दुनिया के सबसे बड़े लेकिन कम इस्तेमाल हुए Music Markets में
मेहरा ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े लेकिन अभी भी काफी कम इस्तेमाल हुए म्यूजिक मार्केट्स में से एक है। उनके मुताबिक, 2025 में ग्लोबल रिकॉर्डेड म्यूजिक मार्केट 31.7 अरब डॉलर का था, लेकिन भारत की हिस्सेदारी सिर्फ करीब 1% रही, जबकि दुनिया की करीब 18% आबादी भारत में रहती है।
उनका मानना है कि Saregama के सामने अगले 20 साल में इस अवसर का फायदा उठाने की बड़ी संभावना है। कंपनी का म्यूजिक बिजनेस अब सिर्फ पुराने गानों के कैटलॉग तक सीमित नहीं है, बल्कि वह लगातार नए म्यूजिक IP पर भी काम कर रही है।
म्यूजिक बिजनेस में 20-23% ग्रोथ का भरोसा
मेहरा ने बताया कि Music vertical, जिसमें Licensing, Artiste Management और Retail शामिल हैं, ने पहली तिमाही में 230.6 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 39% की वृद्धि है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि कंपनी तिमाही आधार पर कोई खास ग्रोथ गाइडेंस देने से बचती है। Saregama की मध्यम अवधि की गाइडेंस अभी भी यही है कि Music vertical में सालाना 20% से 23% की ग्रोथ रहेगी।
मेहरा ने यह भी बताया कि कंपनी इस वित्त वर्ष नए म्यूजिक कंटेंट पर करीब 300 से 350 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है। इनमें कई बड़े फिल्म और म्यूजिक प्रोजेक्ट शामिल हैं।
अब Saregama सिर्फ पुरानी Music Catalogue कंपनी नहीं
मेहरा के मुताबिक, Saregama को केवल पुराने गानों के कैटलॉग वाली कंपनी समझना सही नहीं होगा। उन्होंने बताया कि FY26 में कंपनी के म्यूजिक रेवेन्यू का करीब 60% हिस्सा 2000 के बाद रिलीज हुए गानों से आया। इनमें करीब 45% रेवेन्यू 2020 के बाद रिलीज हुए म्यूजिक से आया।
यानी कंपनी का कारोबार तेजी से नए म्यूजिक IP की तरफ भी बढ़ रहा है। Saregama के पास करीब 1.80 लाख गानों का कैटलॉग है और हर साल इसमें हजारों नए गाने जुड़ रहे हैं।
Paid Music Subscription में बड़ा मौका
मेहरा ने भारत में पेड म्यूजिक सब्सक्रिप्शन को कंपनी के लिए सबसे बड़े भविष्य के अवसरों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भारत में पेड स्ट्रीमिंग की पहुंच अभी करीब 3% है, जबकि स्वीडन में यह 67%, अमेरिका में 57% और ब्राजील व चीन जैसे बाजारों में करीब 18% है।
उनका मानना है कि अगर म्यूजिक सब्सक्रिप्शन की कीमत करीब 100 रुपये महीना रखी जाए और मुफ्त म्यूजिक की सप्लाई कम होती है, तो भारत में पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
मेहरा ने सवाल-जवाब के दौरान अपना निजी अनुमान बताते हुए कहा कि अगर मुफ्त म्यूजिक की सप्लाई बंद होती है तो भारत में 100 रुपये प्रति महीने की कीमत पर 100 मिलियन यानी 10 करोड़ पेड सब्सक्राइबर्स तक पहुंचना संभव है। उनका अनुमान है कि ऐसा 12 से 18 महीने में भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि EY और IMI की रिसर्च में भी बड़ी संख्या में लोगों ने कहा है कि मुफ्त म्यूजिक उपलब्ध नहीं होने पर वे पेड सर्विस के लिए भुगतान करने को तैयार हैं।
AI से पुराने गानों को मिल सकती है नई जिंदगी
Saregama AI को लेकर भी काफी प्रयोग कर रही है। मेहरा ने बताया कि कंपनी ने AI के लिए दो अलग टीमें बनाई हैं। एक टीम AI की मदद से Saregama के गानों से जुड़े नए ऑडियो कंटेंट, पॉडकास्ट और पुराने गानों के लिए नए म्यूजिक वीडियो बनाने पर काम कर रही है। दूसरी टीम कंपनी के अंदर अलग-अलग प्रक्रियाओं में AI का इस्तेमाल करके लागत और काम की रफ्तार बेहतर करने पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि पुराने गानों के मामले में Saregama के पास गानों के अधिकार तो हैं, लेकिन 1960 और 1970 के दशक की फिल्मों के मूल म्यूजिक वीडियो के अधिकार अक्सर कंपनी के पास नहीं हैं। ऐसे में नए वीडियो बनाना महंगा पड़ता था। अब AI की मदद से कम लागत में पुराने गानों के लिए नए और वास्तविक जैसे दिखने वाले वीडियो तैयार किए जा सकते हैं।
मेहरा के मुताबिक, अगर यह प्रयोग सफल रहा तो पुराने ऑडियो को नए वीडियो के साथ पेश कर Gen X को टारगेट किया जा सकता है। वहीं, गानों के इंस्ट्रूमेंटेशन में बदलाव कर उन्हें थोड़ा आधुनिक रूप देकर नए वीडियो के साथ Gen Z के लिए भी पेश किया जा सकता है।
AI पर अभी बड़ा निवेश नहीं, पहले छोटे प्रयोग
मेहरा ने कहा कि AI से जुड़े प्रयोग अभी शुरुआती दौर में हैं। कंपनी पहले छोटे स्तर पर प्रयोग करेगी, देखेगी कि कौन सा कंटेंट और कौन सी भाषा बेहतर काम करती है और फिर सफल मॉडल को बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि AI के लिए फिलहाल अलग से बड़ा बजट रखने की जरूरत नहीं है। म्यूजिक से जुड़े ये खर्च 300-350 करोड़ रुपये के कुल नए म्यूजिक कंटेंट निवेश के भीतर ही रहेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि AI की मदद से एक म्यूजिक वीडियो बनाने की लागत करीब 70 हजार रुपये तक हो सकती है।
Podcast में भी पुराने गानों का इस्तेमाल
Saregama AI के जरिए पॉडकास्टिंग में भी नया प्रयोग कर रही है। मेहरा ने बताया कि कंपनी ऐसे पॉडकास्ट बनाने की कोशिश कर रही है जिनमें Saregama के लोकप्रिय गानों को कहानी के साथ जोड़ा जाए।
मसलन, अगर किसी व्यक्ति की पुरानी यादों या प्यार, जुदाई और दोस्ती की कहानी है, तो उस कहानी के साथ उसी दौर या भावना से जुड़े Saregama के लोकप्रिय गाने जोड़े जा सकते हैं। कंपनी आगे चलकर ऐसे कंटेंट को थर्ड-पार्टी पॉडकास्ट कंपनियों को लाइसेंस भी कर सकती है।
Live Events को बड़ी ग्रोथ की उम्मीद
मेहरा ने Live Events को भी कंपनी के लिए बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि भारत में COVID के बाद लाइव इवेंट्स का बाजार तेजी से बढ़ा है। Gen Z और Millennials अब सामान खरीदने के बजाय अनुभवों पर ज्यादा खर्च करना चाहते हैं, जिससे लाइव इवेंट्स को फायदा मिल रहा है।
उनके मुताबिक, आने वाले समय में Live Events Saregama का सबसे तेजी से बढ़ने वाला वर्टिकल हो सकता है। हालांकि, असली चुनौती रेवेन्यू बढ़ाने के बजाय इस बिजनेस के मार्जिन को बेहतर करना होगी।
कंपनी इसके लिए अपने खुद के IP पर भी जोर दे रही है। UN40, Manoj Muntashir के साथ Krishna शो और Carvaan Live जैसे अपने IP लंबे समय में बेहतर मार्जिन देने वाले बिजनेस बन सकते हैं।
Artiste Management में 309 कलाकार, 44 करोड़ नहीं 440 मिलियन का सोशल मीडिया बेस
मेहरा ने बताया कि तिमाही के अंत तक Saregama 309 कलाकारों का प्रतिनिधित्व कर रही थी। इन कलाकारों के Instagram और YouTube पर कुल मिलाकर 440 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स हैं।
कंपनी का मॉडल सिर्फ कलाकारों की बुकिंग कराने तक सीमित नहीं है। Saregama उन्हें अपने म्यूजिक वीडियो, गानों, FilterCopy कंटेंट और Live Events के जरिए भी आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
मेहरा ने कहा कि यही Saregama के Artiste Management मॉडल की सबसे बड़ी खासियत है। कंपनी कलाकार को बड़ा बनाने में मदद करती है और जैसे-जैसे कलाकार की लोकप्रियता और कमाई बढ़ती है, कंपनी को भी फायदा होता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक ही कलाकार के साथ Saregama म्यूजिक, लाइव कॉमेडी, फिल्म और Artiste Management जैसे अलग-अलग स्तरों पर काम कर सकती है। इसी तरह युवा कलाकारों को कंपनी अपने गानों, म्यूजिक वीडियो, FilterCopy सीरीज और लाइव इवेंट्स में मौके देती है।
Pocket Aces को लेकर भी भरोसा
मेहरा ने Pocket Aces के बारे में कहा कि कंपनी का अधिग्रहण मुख्य रूप से Gen Z तक पहुंच मजबूत करने के लिए किया गया था। उनका मानना है कि किसी म्यूजिक लेबल की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि यह क्षमता भी है कि वह किसी गाने या एल्बम को युवा दर्शकों के बीच कितना बड़ा बना सकता है।
उन्होंने बताया कि Pocket Aces पिछले वित्त वर्ष में ब्रेक-ईवन पर पहुंच गया और इस वित्त वर्ष कंपनी को इससे मुनाफा आने की उम्मीद है।
Video Business को धीरे-धीरे बंद करेगी कंपनी
Saregama अपने फिल्म बिजनेस को धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है। मेहरा ने कहा कि कंपनी फिल्मों में मुख्य रूप से इसलिए गई थी ताकि उन फिल्मों का म्यूजिक हासिल किया जा सके। अब यह जरूरत Bhansali Productions में निवेश के जरिए पूरी होगी।
उनके मुताबिक, बैलेंस शीट में मौजूद फिल्मों को अगले करीब तीन से चार तिमाहियों में रिलीज कर दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद Video Business का आकार मौजूदा स्तर के आसपास ही रहेगा और कंपनी नए फिल्म प्रोजेक्ट्स में पहले की तरह निवेश नहीं करेगी।
Short-form Content और Brands भी अहम कमाई का जरिया
मेहरा ने कहा कि Saregama अब किसी एक कमाई के जरिये पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी Music, Artiste Management, Live Events और Short-form Content को एक साथ जोड़कर एक ऐसा मॉडल बना रही है, जिसके जरिए ब्रांड्स को Gen Z तक पहुंचने के कई रास्ते मिलते हैं।
उनके मुताबिक, किसी ब्रांड को म्यूजिक लाइसेंस, नया गाना, Instagram के लिए short-form content या Gen Z से जुड़े Live Events की sponsorship जैसी कई सेवाएं एक ही कंपनी से मिल सकती हैं।
सबसे बड़ा अवसर Streaming और Advertising में
मेहरा के मुताबिक, आने वाले समय में Saregama के लिए सबसे बड़ा रेवेन्यू अवसर Paid Music Streaming में है। इसके अलावा Short-form Content में भी कमाई बढ़ाने की बड़ी संभावना है। अभी कई short-form apps म्यूजिक कंपनियों को fixed fee मॉडल पर भुगतान करते हैं, लेकिन आगे चलकर advertising revenue sharing का मॉडल बढ़ सकता है।
इसके अलावा YouTube जैसे प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन खर्च बढ़ने का फायदा भी म्यूजिक कंपनियों को मिल सकता है। उन्होंने Public Performance Rights को भी भारत में एक बड़ा लेकिन अभी पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुआ अवसर बताया।
अगले 20-30 साल की ग्रोथ पर दांव
कॉल के आखिर में मेहरा ने कहा कि Saregama की ग्रोथ कहानी अगले कुछ सालों तक ही सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, भारत में डिजिटल खपत बढ़ने, नए इंटरनेट यूजर्स जुड़ने और मौजूदा यूजर्स के ज्यादा कंटेंट इस्तेमाल करने से कंपनी को लंबे समय तक फायदा मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत अभी ग्लोबल स्ट्रीमिंग मार्केट के शुरुआती दौर में है। इसलिए कंपनी के सामने सब्सक्राइबर्स बढ़ाने, प्रति ग्राहक कमाई (ARPU) बढ़ाने और नए फॉर्मेट्स में विस्तार करने- तीनों अवसर खुले हुए हैं। मेहरा का मानना है कि कंपनी अपने मौजूदा कंटेंट कैटलॉग, नए म्यूजिक IP, मजबूत बैलेंस शीट और अलग-अलग बिजनेस को जोड़ने वाले मॉडल के दम पर अगले 20 से 30 साल तक कमाई बढ़ाने की क्षमता रखती है।