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विनीता यादव की किताब ’Wife Swapping in Rural India’ का विमोचन
विनीता यादव के अनुसार, यह सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि उस सामाजिक चुप्पी के खिलाफ एक दस्तावेज है, जिसे तोड़ना आज भी असहज माना जाता है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
ग्रामीण भारत में पिछले दो दशकों से सक्रिय ‘वाइफ स्वैपिंग’ जैसे संवेदनशील और चौंकाने वाले सामाजिक नेटवर्क पर आधारित वरिष्ठ पत्रकार विनीता यादव की खोजी किताब ‘Wife Swapping in Rural India’ का विमोचन विश्व पुस्तक मेला में किया गया। पुस्तक का विमोचन देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस के.जी. बालकृष्णन ने किया।
किताब के विमोचन अवसर पर विनीता यादव ने बताया कि यह कहानी उन्होंने लगभग 20 साल पहले जमीनी रिपोर्टिंग के दौरान सामने लाई थी। उस समय यह प्रथा सीमित दायरे में थी, लेकिन आज यह नेटवर्क पहले से अधिक संगठित, तकनीकी रूप से सक्रिय और सामाजिक तौर पर छिपा हुआ है।
विनीता यादव के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में पत्नी अदला-बदली जैसी प्रथाओं में शामिल लोग आज भी सक्रिय हैं और वॉट्सऐप ग्रुप्स, फेसबुक तथा निजी डिजिटल नेटवर्क्स के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। तकनीक ने इस नेटवर्क को और मजबूत किया है, जबकि समाज ने अब भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किताब किसी सनसनी या अफ़वाह पर आधारित नहीं है, बल्कि लंबे समय तक की गई खोजी पत्रकारिता, प्रत्यक्ष अनुभव और ज़मीनी तथ्यों पर आधारित है। किताब यह सवाल उठाती है कि जब समाज परंपरा और संस्कृति की दुहाई देता है, तब ऐसी प्रथाएं चुपचाप कैसे पनपती रहती हैं।
पुस्तक की भूमिका लिखते हुए और विमोचन के दौरान पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस के.जी. बालकृष्णन ने कहा कि यह किताब भारतीय समाज के उस चेहरे को सामने लाती है, जिस पर आमतौर पर परदा डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी किताबें केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि समझने और सवाल उठाने के लिए होती हैं।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पाठक, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरा कि ग्रामीण भारत को आदर्श और पवित्र मानने की धारणा के पीछे कई अनकही और अनदेखी सच्चाइयां भी मौजूद हैं।
विनीता यादव के अनुसार, ’Wife Swapping in Rural India’ सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि उस सामाजिक चुप्पी के खिलाफ एक दस्तावेज है, जिसे तोड़ना आज भी असहज माना जाता है।
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