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पाक्षिक पत्रिका ‘प्रांतिक’ के संपादक व प्रकाशक प्रदीप बरुआ का निधन
असम की प्रमुख पाक्षिक पत्रिका ‘प्रांतिक’ के संपादक और प्रकाशक प्रदीप बरुआ का बुधवार शाम निधन हो गया। वह लंबे समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
असम की प्रमुख पाक्षिक पत्रिका ‘प्रांतिक’ के संपादक और प्रकाशक प्रदीप बरुआ का बुधवार शाम निधन हो गया। वह लंबे समय से उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। प्रदीप बरुआ की उम्र 88 साल थी।
उनके परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटी हैं। प्रदीप बरुआ असम की मीडिया दुनिया का जाना-पहचाना नाम थे और उन्होंने पत्रकारिता तथा साहित्य के क्षेत्र में लंबा और अहम योगदान दिया।
प्रदीप बरुआ, द असम ट्रिब्यून समूह के संस्थापक राधा गोविंद बरुआ के सबसे छोटे बेटे थे। उनके बड़े भाई और असम ट्रिब्यून के मैनेजिंग एडिटर प्रफुल्ल गोविंद बरुआ का ठीक एक महीने पहले 14 दिसंबर को निधन हो गया था, जिससे बरुआ परिवार को लगातार दूसरा बड़ा झटका लगा है।
साल 1981 में प्रदीप बरुआ ने प्रसिद्ध फिल्मकार और साहित्यकार भाबेंद्र नाथ सैकिया के साथ मिलकर ‘प्रांतिक’ पत्रिका की शुरुआत की थी। भाबेंद्र नाथ सैकिया इस पत्रिका के पहले संपादक थे। ‘प्रांतिक’ असमिया भाषा की बेहद लोकप्रिय पत्रिकाओं में से एक रही है, जो साहित्य, समसामयिक मुद्दों और सामाजिक विषयों पर अपने विविध और गंभीर कंटेंट के लिए जानी जाती है। असमिया मीडिया जगत में इस पत्रिका की एक खास पहचान रही है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने प्रदीप बरुआ के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने कहा कि एक प्रतिष्ठित लेखक और पत्रकार के तौर पर प्रदीप बरुआ के जाने से असमिया पत्रकारिता में एक बड़ी खाली जगह बन गई है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘प्रांतिक’ के संस्थापक और संपादक के रूप में साहित्य, पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने इस दुख की घड़ी में परिवार और शुभचिंतकों के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।
The untimely demise of eminent writer and journalist Pradip Barua leaves a deep void in Assamese journalism.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) January 14, 2026
As Founder & Editor of Prantik, his immense contributions to literature, journalism and public life leave an enduring legacy. My heartfelt condolences to his family and… pic.twitter.com/MWbiPe5Wcb
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