टाइम्स इनोवेटिव मीडिया लिमिटेड (TIML) ने रोहित चोपड़ा (Rohit Chopra) को पदोन्नत कर डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (Deputy CEO) नियुक्त किया है। वह पिछले 16 वर्षों से कंपनी से जुड़े हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
द टाइम्स ग्रुप (The Times Group) की आउट-ऑफ-होम (OOH) विज्ञापन इकाई टाइम्स इनोवेटिव मीडिया लिमिटेड (Times Innovative Media Limited-TIML) ने रोहित चोपड़ा (Rohit Chopra) को पदोन्नत कर डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (Deputy Chief Executive Officer-CEO) नियुक्त किया है। इस नियुक्ति की जानकारी टाइम्स OOH (Times OOH) ने लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा की।
रोहित चोपड़ा (Rohit Chopra) पिछले 16 वर्षों से टाइम्स इनोवेटिव मीडिया लिमिटेड (TIML) से जुड़े हुए हैं। पदोन्नति से पहले वह कंपनी में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (Chief Operating Officer-COO) के रूप में कार्यरत थे।
रोहित चोपड़ा (Rohit Chopra) के पास एफएमसीजी (FMCG), रिटेल (Retail) और मीडिया (Media) उद्योगों में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने बंगे इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Bunge India Pvt. Ltd.), वीआईपी इंडस्ट्रीज लिमिटेड/ब्लोप्लास्ट लिमिटेड (VIP Industries Ltd./Blowplast Ltd.) तथा कोका-कोला इंडिया/हिंदुस्तान कोका-कोला (Coca-Cola India/Hindustan Coca-Cola) जैसी कंपनियों में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाएं निभाई हैं।
कंपनी को उम्मीद है कि रोहित चोपड़ा (Rohit Chopra) के नेतृत्व और व्यापक उद्योग अनुभव से टाइम्स इनोवेटिव मीडिया लिमिटेड (TIML) के व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी और आउट-ऑफ-होम विज्ञापन क्षेत्र में कंपनी की स्थिति और मजबूत होगी।
रियल्टी+ कॉन्क्लेव एंड एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 में सरकार, रियल एस्टेट, वित्त और शहरी विकास क्षेत्र के दिग्गज जुटेंगे। निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी और भविष्य की विकास संभावनाओं पर चर्चा होगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इंदौर रियल एस्टेट के लिए एक नए विकास चरण की ओर बढ़ रहा है। स्वच्छता, बेहतर शहरी प्रबंधन और मजबूत आर्थिक आधार के कारण यह शहर अब देश के प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर्स, संस्थागत निवेशकों और घर खरीदने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में 9 जुलाई को इंदौर के मैरियट होटल में रियल्टी+ कॉन्क्लेव एंड एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 के पहले संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश सरकार के शहरी विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय होंगे।
दिनभर चलने वाले इस कॉन्क्लेव में इंदौर के रियल एस्टेट क्षेत्र की भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास, नए आवासीय कॉरिडोर, निवेश के अवसर, सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) और आध्यात्मिक पर्यटन का संपत्ति बाजार पर पड़ने वाला प्रभाव प्रमुख विषय रहेंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) और बिजनेसवर्ल्ड (BusinessWorld) मीडिया समूह के एडिटर-इन-चीफ एवं चेयरमैन डॉ. अनुराग बत्रा के उद्घाटन संबोधन से होगा। इसके बाद शहरी नियोजन और स्मार्ट सिटी विकास के विशेषज्ञ डॉ. शुभाशीष बनर्जी मुख्य वक्तव्य देंगे, जिसमें इंदौर के बदलते शहरी परिदृश्य पर प्रकाश डाला जाएगा।
कॉन्क्लेव का प्रमुख आकर्षण "इंदौर रियल्टी चेक: द राइज ऑफ सेंट्रल इंडिया'ज़ नेक्स्ट रियल एस्टेट हॉटस्पॉट" विषय पर विशेष चर्चा होगी। इस सत्र में मोहित गोयल, तपन अग्रवाल, विवेक चुघ, संदीप श्रीवास्तव और विवेक दमानी जैसे उद्योग विशेषज्ञ बाजार की मांग, निवेश रुझानों और शहर की दीर्घकालिक संभावनाओं पर अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. जनक पाल्टा मैकगिलिगन का विशेष संबोधन भी होगा, जो पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर अपने अनुभव साझा करेंगी। इसके अलावा तीन विशेष पावर पैनल में इंदौर को देश के सबसे आकर्षक आवासीय बाजारों में बदलने वाले कारकों, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, नए विकास कॉरिडोर और मध्य भारत में आध्यात्मिक पर्यटन की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की जाएगी।
केपीएमजी इंडिया (KPMG India) के पार्टनर एवं हेड इंडिया ग्लोबल नीरज बंसल भी रियल्टी+ रियल टॉक सत्र में भाग लेंगे। कार्यक्रम का समापन रियल्टी+ एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 – इंदौर के साथ होगा, जिसमें क्षेत्र के उत्कृष्ट डेवलपर्स, आर्किटेक्ट्स, कंसल्टेंट्स और रियल एस्टेट पेशेवरों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि यह कॉन्क्लेव इंदौर के रियल एस्टेट क्षेत्र में नए निवेश, साझेदारियों और विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
YAAP के साथ आठ साल से ज्यादा समय तक जुड़े रहे और फिलहाल ISB I-Venture में मेंटर की भूमिका निभा रहे सूरज नेडुंगडी ने दिवंगत अतुल हेगड़े को एक दूरदर्शी नेता और बेहतरीन मेंटर बताया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
YAAP के साथ आठ साल से ज्यादा समय तक जुड़े रहे और फिलहाल ISB I-Venture में मेंटर की भूमिका निभा रहे सूरज नेडुंगडी ने दिवंगत अतुल हेगड़े को एक दूरदर्शी नेता और बेहतरीन मेंटर बताया है। उन्होंने कहा कि अतुल हेगड़े का युवा प्रतिभाओं पर भरोसा सिर्फ लोगों का करियर ही नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी भी बदल देता था। अतुल हेगड़े के असामयिक निधन को याद करते हुए सूरज ने बताया कि जब वह बिल्कुल नए थे और उनके पास कोई अनुभव नहीं था, तब अतुल ने उन्हें मौका दिया, उनके विचारों को महत्व दिया और अपने मार्गदर्शन, धैर्य और अटूट विश्वास से उन्हें आज का प्रोफेशनल बनाया।
सूरज ने लिंक्डइन पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा:
"मैं आमतौर पर सोशल मीडिया पर किसी के निधन को लेकर पोस्ट नहीं लिखता। लेकिन आज मैं एक अपवाद कर रहा हूं, क्योंकि मेरे लिए यह बताना बेहद जरूरी है कि डॉ. अतुल हेगड़े ने मेरी जिंदगी पर कितना गहरा असर डाला है। उनके असामयिक निधन से मुझे गहरा दुख पहुंचा है।
मैं YAAP में लगभग एक फ्रेशर के तौर पर शामिल हुआ था। मेरे पास कोई अनुभव नहीं था और न ही ऐसा कुछ था जिससे मैं कंपनी को खास योगदान दे सकता। मैं पूरी तरह नया था। कोई दूसरा नेता शायद मेरे जैसे व्यक्ति की ओर दूसरी बार भी नहीं देखता। लेकिन अतुल ने मुझे अपने साथ काम करने का मौका दिया और फाउंडर्स ऑफिस का हिस्सा बनाकर मेरा मार्गदर्शन किया। यह ऐसा अवसर था जिसने मेरी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। इसे शब्दों में बयां करना मेरे लिए आसान नहीं है।
इतने बड़े कद के व्यक्ति होने के बावजूद उन्होंने हमेशा मुझे समय दिया, मेरा मार्गदर्शन किया और मेरे उन अजीबोगरीब आइडियाज को भी सुना, जो अक्सर 50 स्लाइड की प्रेजेंटेशन में छिपे रहते थे। इतना धैर्य और इतनी विनम्रता बहुत कम नेताओं में देखने को मिलती है। उन्होंने सिर्फ मेरी बातें नहीं सुनीं, बल्कि मेरे विचारों को गंभीरता से लिया, जैसे वे किसी बराबरी के सहयोगी के हों। वह हमेशा मुझे ईमानदार और रचनात्मक सुझाव देते थे। हमारी वन-टू-वन बैठकों में मेरी उम्र या अनुभव कभी मायने नहीं रखता था, सिर्फ मेरे विचारों की गुणवत्ता मायने रखती थी। यही सोच आगे चलकर YAAP की कार्य संस्कृति की नींव बनी, जहां कमरे में मौजूद सबसे अच्छा आइडिया ही जीतता है।
उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे ऐसे अवसर दिए, जो मेरी उम्र और अनुभव वाले किसी व्यक्ति को शायद कभी नहीं मिलते। उनकी वजह से मुझे दुनिया के कई देशों में जाने, उद्योग और सरकार के बड़े नेताओं से मिलने और उन बैठकों का हिस्सा बनने का मौका मिला, जहां शायद मेरा होना संभव ही नहीं था। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि उन्होंने मुझ पर भरोसा किया।
वह वास्तव में एक दूरदर्शी, अपने क्षेत्र के अग्रणी और अपने काम के माहिर थे। उन्होंने सिर्फ इंडस्ट्री को बेहतर बनाने में योगदान नहीं दिया, बल्कि मेरी तरह अनगिनत लोगों की जिंदगी भी बदल दी। पहले दिन से ही उनके मन में यह बिल्कुल साफ था कि वह YAAP को किस मुकाम तक ले जाना चाहते हैं। उस समय हम एक छोटी-सी टीम थे और हमें खुद अपनी क्षमता का अंदाजा नहीं था। लेकिन मैंने अपनी आंखों के सामने उनके उस विजन को सच होते देखा। मुझे गर्व है कि उन्होंने मुझे भी उस सफर का हिस्सा बनने का मौका दिया। और वह सफर अभी सिर्फ शुरू ही हुआ है।
YAAP में बिताए अपने आठ से ज्यादा वर्षों के दौरान मुझे उनके साथ बहुत करीब से काम करने का मौका मिला। मैंने उनके सोचने का तरीका बेहद करीब से देखा और हर दिन उनसे कुछ नया सीखा। सच कहूं तो अभी भी उनसे बहुत कुछ सीखना बाकी था। मैंने अपने करियर को लेकर उन पर आंख बंद करके भरोसा किया, क्योंकि मुझे हमेशा लगता था कि उन्होंने मेरे लिए मुझसे भी बड़ा सपना देखा है। हर साल उन्होंने यह साबित भी किया। आज मैं जो भी प्रोफेशनल और लीडर हूं, वह उनकी उदारता और मार्गदर्शन की वजह से हूं। अब मेरी कोशिश रहेगी कि मैं मनन कपूर, अंजन रॉय, अनुप कुमार, राज नायक और YAAP की पूरी शानदार टीम के साथ मिलकर उनके विजन को आगे बढ़ाऊं।
मैं हमेशा आपका ऋणी और आभारी रहूंगा कि आपने मेरे लिए इतना कुछ किया। मुझ पर भरोसा करने और मुझे मौका देने के लिए आपका दिल से धन्यवाद।"
यह प्रार्थना सभा शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक माही हॉल, जेडब्ल्यू मैरियट, जुहू में होगी। गौरतलब है कि अतुल हेगड़े का मंगलवार सुबह हृदयाघात के कारण निधन हो गया था।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत के विज्ञापन और डिजिटल मार्केटिंग जगत के दिग्गज उद्यमी तथा याप डिजिटल (YAAP Digital) के संस्थापक एवं चेयरमैन रहे अतुल हेगड़े (Atul Hegde) की स्मृति में 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को मुंबई में प्रार्थना सभा (Prayer Meeting) आयोजित की जाएगी। यह सभा शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक माही हॉल, जेडब्ल्यू मैरियट, जुहू में होगी।
परिजनों की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इस अवसर पर उद्योग जगत के सहयोगी, मित्र, शुभचिंतक और परिवार के सदस्य दिवंगत अतुल हेगड़े को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। प्रार्थना सभा का आयोजन हेगड़े एवं कौल परिवार, याप (YAAP) परिवार तथा उनके मित्रों एवं शुभचिंतकों की ओर से किया जा रहा है।
गौरतलब है कि अतुल हेगड़े का मंगलवार सुबह हृदयाघात के कारण निधन हो गया था। भारतीय विज्ञापन, डिजिटल मार्केटिंग और स्टार्टअप जगत में उन्हें एक दूरदर्शी उद्यमी और नवाचार को बढ़ावा देने वाले नेतृत्वकर्ता के रूप में जाना जाता था।
दो दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने डिजिटल-फर्स्ट बिजनेस मॉडल को नई पहचान दिलाई। 'याप डिजिटल' की स्थापना कर उन्होंने उसे देश की अग्रणी इंटीग्रेटेड डिजिटल मार्केटिंग एवं टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल किया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने कंटेंट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, डिजिटल मीडिया, डेटा एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी आधारित मार्केटिंग समाधानों के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई।
अतुल हेगड़े 'रेनमेकर वेंचर्स' (Rainmaker Ventures) के सह-संस्थापक भी थे और उन्होंने अनेक शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश करने के साथ युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन किया।
उनके निधन से भारतीय विज्ञापन और डिजिटल मार्केटिंग उद्योग ने एक ऐसे दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता को खो दिया है, जिसने तकनीक और नवाचार के दम पर भारतीय एजेंसी जगत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का सपना देखा और उसे साकार करने की दिशा में लगातार काम किया।
संजीव पालीवाल और मीनाक्षी चौधरी द्वारा लिखित यह किताब एक ऐसी महिला की कहानी है, जो विश्वास, धैर्य और अटूट संकल्प की मिसाल पेश करती है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नई दिल्ली स्थित ‘इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ (IIC) में 7 जुलाई 2026 की शाम एक ऐसी कहानी के नाम रही, जो सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि एक ज़िंदा अनुभव है। वेस्टलैंड बुक्स द्वारा आयोजित इस विशेष समारोह में ‘सम्पा: विश्वास, धैर्य और संकल्प की अनूठी दास्तान’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण हुआ। यह एक ऐसी महिला की कहानी है, जो विश्वास, धैर्य और अटूट संकल्प की मिसाल पेश करती है।
कार्यक्रम में साहित्य, मीडिया और समाज के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए, जिन्होंने इस किताब को सिर्फ एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि एक सामाजिक दस्तावेज़ के रूप में देखा। वक्ताओं ने एक स्वर में इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘सम्पा’ आज के समय में महिला सशक्तिकरण की एक बेहद ज़रूरी और प्रासंगिक आवाज़ है।
आजतक एवं इंडिया टुडे टीवी के न्यूज़ डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद ने कहा, “संजीव पालीवाल ने क्राइम फिक्शन की दुनिया से निकलकर एक सच्ची ज़िंदगी की कहानी को शब्द दिए हैं। यह किताब हर लड़की और हर महिला को पढ़नी चाहिए। यह किताब सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं है, बल्कि यह हिम्मत देने वाली किताब है—यह एहसास दिलाती है कि साधारण दिखने वाली एक लड़की भी असाधारण संघर्ष कर सकती है और अपने लिए रास्ता बना सकती है।”
इंडिया टुडे टीवी के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने बदलते मीडिया परिदृश्य का ज़िक्र करते हुए कहा, “एक समय था जब टेलीविजन पर इंसानी कहानियां प्रमुख होती थीं, लेकिन आज वो कम हो गई हैं। ‘सम्पा’ ऐसी ही एक कहानी है, जो हमें उस दौर की याद दिलाती है। यह सिर्फ किताब तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे ओटीटी और बड़े प्लेटफॉर्म पर भी आना चाहिए, ताकि यह प्रेरणा अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।”
कार्यक्रम का संचालन करते हुए चर्चित मॉडरेटर ऋचा अनिरुद्ध ने ‘सम्पा’ को एक भावनात्मक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि इस किताब को पढ़ते हुए वे कई बार भीतर तक हिल गईं, लेकिन अंत तक पहुँचते-पहुँचते उनके भीतर एक नई ऊर्जा और साहस का संचार हुआ। उन्होंने ‘सम्पा’ के साहस और लेखकद्वय मीनाक्षी चौधरी एवं संजीव पालीवाल को इस कहानी को सामने लाने के लिए बधाई दी।
लेखिका मीनाक्षी चौधरी ने अपने पहले लेखन अनुभव को साझा करते हुए कहा, “यह मेरी पहली पुस्तक है और इसे लिखना मेरे लिए एक भावनात्मक यात्रा रही। मैंने इसे अपने छात्रों को भी पढ़ने के लिए कहा है, क्योंकि यह उन्हें सिखाएगी कि परिस्थितियाँ चाहे जितनी कठिन हों, अगर साहस है तो रास्ता जरूर निकलता है।”
वहीं लेखक संजीव पालीवाल ने कहा, “क्राइम फिक्शन से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन की इस कहानी को लिखना मेरे लिए एक अलग और गहरा अनुभव रहा। यह किताब हर उस महिला को समर्पित है, जो विपरीत परिस्थितियों से लड़ते हुए अपने लिए रास्ता बनाती है। इस कहानी को सामने लाना जरूरी था, क्योंकि यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि एक सोच है—एक प्रेरणा है।”
इस मौक़े पर सम्पा आर्या ने बेहद भावुक शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “यह किताब मेरी ज़िंदगी के उन पलों का दस्तावेज़ है, जिन्हें मैंने जिया है। यह सिर्फ मेरी कहानी नहीं है, यह हर उस स्त्री की कहानी है, जो हर दिन संघर्ष करती है, गिरती है, फिर उठती है और आगे बढ़ती रहती है।”
वेस्टलैंड बुक्स की भाषाई इकाई, एकदा, की प्रकाशक मिनाक्षी ठाकुर ने कहा, "यह रोमांच और संघर्ष की गाथा की तरह लिखी यह सच्ची घटना है—एक स्त्री की कहानी, जिसने सरकारी तंत्र से टकराकर अपने पति को बचाने का संकल्प लिया, जब उसका जहाज़ सोमाली समुद्री डाकुओं द्वारा अपहृत कर लिया गया था। यह दर्शाता है कि आज भी हमारे बीच सावित्री जैसी महिलाएँ मौजूद हैं, जो अपने सत्यवान को मृत्यु के पंजों से वापस लाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं।"
कार्यक्रम का संचालन पल्लवी सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. संगीत रागी, शाज़ी ज़मा, अजीत अंजुम, आशुतोष, मिलिंद खांडेकर, गीता श्री, डॉ. सुनीता, वंदना वाजपेयी, रश्मि भारद्वाज, अमिताभ, नीरज गुप्ता, इकबाल रिज़वी, नीरज कुमार, अतुल अग्रवाल, पंकज भार्गव, अज़हर इकबाल, आलोक श्रीवास्तव, आलोक त्रिवेदी, आशुतोष अग्रिनहोत्री, राजीव कुमार और अकु श्रीवास्तव सहित साहित्य और पत्रकारिता जगत की अनेक हस्तियाँ उपस्थित रहीं।
यह आयोजन केवल एक पुस्तक विमोचन नहीं, बल्कि एक विचार, एक अनुभव और एक प्रेरणा का उत्सव बन गया—जहाँ ‘सम्पा’ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि साहस का पर्याय बनकर उभरी।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां आप यहां इन तस्वीरों में देख सकते हैं।







हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) के पूर्व चेयरमैन संजीव मेहता अब निवेश, स्टार्टअप्स और कॉरपोरेट गवर्नेंस के जरिए भारतीय उपभोक्ता उद्योग की नई पीढ़ी को दिशा दे रहे हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारतीय कॉरपोरेट जगत के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले संजीव मेहता (Sanjiv Mehta) आज 66 वर्ष के हो गए हैं। हालांकि वे अब हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर नहीं हैं, लेकिन उद्योग जगत में उनका प्रभाव आज भी उतना ही मजबूत बना हुआ है। HUL का नेतृत्व करने के बाद अब वे निवेश, कॉरपोरेट गवर्नेंस और नई पीढ़ी के उद्यमियों को मार्गदर्शन देने के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
संजीव मेहता ने वर्ष 2013 में HUL के CEO एवं प्रबंध निदेशक का पद संभाला और बाद में कंपनी के चेयरमैन बने। उनके नेतृत्व में HUL ने भारतीय उपभोक्ता बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखते हुए डिजिटल बदलाव, ई-कॉमर्स के विस्तार, ग्रामीण बाजारों के विकास, प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग और कोविड-19 जैसी अभूतपूर्व चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि किसी भी कंपनी की सफलता केवल मुनाफे से नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और उद्देश्यपूर्ण विकास से भी तय होती है।
यूनिलीवर (Unilever) के साथ तीन दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने एशिया, मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के कई देशों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वैश्विक अनुभव के साथ स्थानीय बाजार की गहरी समझ उनकी सबसे बड़ी विशेषता रही। उन्होंने भारतीय उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों और व्यवहार को समझते हुए HUL की रणनीतियों को समय के अनुरूप ढाला।
2023 में HUL से विदाई के बाद संजीव मेहता ने अपने करियर की नई शुरुआत की। वे एल कैटरटन इंडिया (L Catterton India) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने, जहां वे उपभोक्ता क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप्स और उभरते ब्रांड्स में निवेश और उन्हें रणनीतिक दिशा देने का काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि किसी व्यवसाय का तेजी से बढ़ना और एक मजबूत संस्थान बनना दो अलग-अलग बातें हैं। यही अनुभव वे अब नई पीढ़ी के उद्यमियों के साथ साझा कर रहे हैं।
आज उनकी भूमिका केवल एक निवेशक तक सीमित नहीं है। वे कई प्रमुख भारतीय और वैश्विक कंपनियों के बोर्ड से जुड़े हैं और कॉरपोरेट गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जलवायु परिवर्तन, सप्लाई चेन, नेतृत्व और प्रतिभा प्रबंधन जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। बदलते कारोबारी माहौल में उनका अनुभव कंपनियों के लिए मार्गदर्शक साबित हो रहा है।
संजीव मेहता का करियर कई कठिन दौरों से भी गुजरा है। शुरुआती दिनों में वे यूनियन कार्बाइड (Union Carbide) से जुड़े रहे, जहां उन्होंने औद्योगिक संकटों को करीब से देखा। इसके बाद आर्थिक उतार-चढ़ाव, वैश्विक चुनौतियों और कोविड-19 महामारी जैसी परिस्थितियों ने उनके नेतृत्व की परीक्षा ली। इन अनुभवों ने उनके भीतर एक संवेदनशील और जिम्मेदार कारोबारी सोच विकसित की।
वे अक्सर "करुणामय पूंजीवाद" (Compassionate Capitalism) की वकालत करते रहे हैं। उनका मानना है कि कंपनियां केवल लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि समाज के विकास और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए भी जिम्मेदार होती हैं। इसी सोच ने उन्हें अन्य कॉरपोरेट नेताओं से अलग पहचान दिलाई।
आज संजीव मेहता केवल HUL के पूर्व चेयरमैन के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे उद्योग नेता के रूप में देखे जाते हैं, जो संचालन से आगे बढ़कर निवेश, संस्थान निर्माण, मार्गदर्शन और नेतृत्व विकास के जरिए भारतीय कॉरपोरेट जगत की नई पीढ़ी को दिशा दे रहे हैं। उनकी यात्रा इस बात का उदाहरण है कि किसी नेता की असली पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके लंबे समय तक बने रहने वाले प्रभाव और संस्थानों पर छोड़ी गई छाप से होती है।
HT Media के पूर्व एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (रेवेन्यू) राजीव बेओत्रा ने रिटायरमेंट के बाद अपनी नई रचनात्मक पारी की शुरुआत की है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
HT Media के पूर्व एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (रेवेन्यू) राजीव बेओत्रा ने रिटायरमेंट के बाद अपनी नई रचनात्मक पारी की शुरुआत की है। उन्होंने Substack पर ‘Chronicles from Mehtra World’ नाम से एक नई फिक्शन सीरीज लॉन्च की है।
यह काल्पनिक कहानी एक ऐसे किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के नए अनुभवों, हास्य और रोजमर्रा की दिलचस्प परिस्थितियों का सामना करता है। राजीव बेओत्रा का कहना है कि इस सीरीज का मुख्य संदेश यह है कि रिटायरमेंट के बाद जिंदगी की चुनौतियां खत्म नहीं होतीं, बल्कि उनका स्वरूप बदल जाता है।
Substack पर साझा किए गए अपने पोस्ट में बेओत्रा ने बताया कि वह सिर्फ फिक्शन तक सीमित नहीं रहेंगे। आने वाले समय में वह हिंदी सिनेमा और संगीत के स्वर्णिम दौर, साथ ही टेनिस जैसे अपने पसंदीदा विषयों पर भी लिखेंगे।
राजीव बेओत्रा ने HT Media में कई वर्षों तक काम किया और कंपनी के रेवेन्यू कारोबार का नेतृत्व किया। वर्ष 2025 में रिटायर होने के बाद अब उन्होंने मीडिया प्रबंधन से आगे बढ़ते हुए लेखन की दुनिया में नई शुरुआत की है। उनकी यह नई पहल फिक्शन, व्यक्तिगत अनुभवों और सांस्कृतिक विषयों को एक साथ जोड़ने की कोशिश है।
याप डिजिटल के संस्थापक एवं चेयरमैन अतुल हेगड़े ने भारतीय डिजिटल मार्केटिंग, स्टार्टअप और विज्ञापन उद्योग में तकनीक आधारित नवाचार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत के विज्ञापन और डिजिटल मार्केटिंग जगत के दिग्गज उद्यमी तथा याप डिजिटल (YAAP Digital) के संस्थापक एवं चेयरमैन अतुल हेगड़े (Atul Hegde) का मंगलवार सुबह हृदयाघात के कारण निधन हो गया। उन्होंने सुबह करीब 8 बजे अंतिम सांस ली। उनके आकस्मिक निधन से भारतीय विज्ञापन, मार्केटिंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम में शोक की लहर है।
दो दशकों से अधिक लंबे करियर में अतुल हेगड़े ने खुद को डिजिटल-फर्स्ट बिजनेस लीडर, सफल उद्यमी और निवेशक के रूप में स्थापित किया। उन्होंने याप डिजिटल की स्थापना कर उसे एक अग्रणी इंटीग्रेटेड डिजिटल मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में विकसित किया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने कंटेंट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, डिजिटल मीडिया, डेटा एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी आधारित मार्केटिंग समाधानों के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई। भारत के अलावा कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
याप के अलावा अतुल हेगड़े स्टार्टअप और नवाचार से भी गहराई से जुड़े रहे। उन्होंने रेनमेकर वेंचर्स (Rainmaker Ventures) के सह-संस्थापक के रूप में कई शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश किया और युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन किया। इससे भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप संस्कृति को भी मजबूती मिली।
अपने उद्यमी सफर से पहले उन्होंने विज्ञापन, ब्रांडिंग और डिजिटल कम्युनिकेशन के क्षेत्र में लंबे समय तक काम किया। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने एक स्वदेशी, तकनीक-संचालित और आधुनिक एजेंसी नेटवर्क तैयार करने का सपना देखा, जिसे याआप के माध्यम से साकार किया।
हाल के वर्षों में वह कंपनी के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रहे थे। वित्त वर्ष 2025-26 में याप ने शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया और कंपनी का शुद्ध लाभ लगभग दोगुना हो गया। हाल ही में उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्वदेशी तकनीक, रणनीतिक अधिग्रहण और वैश्विक विस्तार को कंपनी की अगली विकास रणनीति का आधार बताया था।
अतुल हेगड़े को उद्योग में एक दूरदर्शी विचारक के रूप में भी जाना जाता था। डिजिटल संस्कृति, नई तकनीकों, ब्रांडिंग और बदलते उपभोक्ता व्यवहार पर उनकी गहरी पकड़ थी। अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ स्नीकर्स और समकालीन संस्कृति के प्रति उनका विशेष लगाव भी उनकी अलग पहचान बन गया था।
उनके निधन से भारतीय विज्ञापन और डिजिटल मार्केटिंग उद्योग ने एक ऐसे दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता को खो दिया है, जिसने तकनीक और नवाचार के दम पर भारतीय एजेंसी जगत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का सपना देखा और उसे साकार करने की दिशा में लगातार काम किया।
BARC की टीवी रेटिंग्स पर रोक के बाद आज IBDF बोर्ड बैठक करेगा। मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात करेगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत में टेलीविजन रेटिंग प्रणाली पर बने संकट के बीच इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) का बोर्ड सोमवार दोपहर 12:30 बजे बैठक करेगा। इस बैठक में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) की सभी टीवी रेटिंग्स के प्रकाशन पर लगाई गई रोक के व्यावसायिक और परिचालन प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही उद्योग की ओर से सरकार के समक्ष रखे जाने वाले साझा रुख को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, IBDF का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार शाम 5 बजे सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात करेगा। इस दौरान BARC के लाइसेंस नवीनीकरण की स्थिति, नई टेलीविजन रेटिंग नीति 2026 के तहत पंजीकरण प्रक्रिया और रेटिंग्स बहाल करने की संभावित समय-सीमा पर स्पष्टता मांगी जाएगी।
दरअसल, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने BARC को निर्देश दिया है कि वह नया लाइसेंस मिलने तक किसी भी टीवी श्रेणी की रेटिंग प्रकाशित न करे। पहले केवल समाचार चैनलों की रेटिंग्स रुकी हुई थीं, लेकिन अब मनोरंजन, खेल, फिल्म और क्षेत्रीय चैनलों सहित सभी श्रेणियों की रेटिंग्स पर रोक लगा दी गई है। इससे प्रसारकों, विज्ञापनदाताओं और मीडिया एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि टीवी रेटिंग्स ही विज्ञापन दर तय करने, मीडिया प्लानिंग और कार्यक्रमों के प्रदर्शन का प्रमुख आधार होती हैं।
यह निर्णय नई टेलीविजन रेटिंग नीति 2026 लागू होने के बाद लिया गया है। नीति के क्लॉज 14.2 के अनुसार कोई भी रेटिंग एजेंसी तब तक रेटिंग जारी नहीं कर सकती, जब तक वह नए नियमों का पालन करते हुए मंत्रालय से नया पंजीकरण प्राप्त न कर ले। BARC का पुराना पंजीकरण समाप्त हो चुका है और उसका नवीनीकरण आवेदन अभी मंत्रालय के विचाराधीन है।
नई नीति में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कई बदलाव किए गए हैं। इनमें बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों की व्यवस्था, सख्त ऑडिट, डेटा संरक्षण नियमों का पालन, बड़े सैंपल साइज, कार्यप्रणाली का अधिक खुलासा और मंत्रालय द्वारा नियमित निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। साथ ही लैंडिंग पेज व्यूअरशिप को रेटिंग गणना से बाहर रखा गया है और नई एजेंसियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए न्यूनतम नेटवर्थ की शर्त 20 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि त्योहारी सीजन से पहले रेटिंग्स बंद होने से विज्ञापन सौदों, मीडिया खरीद और कार्यक्रमों की प्रतिस्पर्धात्मक समीक्षा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में IBDF और मंत्रालय के बीच होने वाली बैठकें यह तय करेंगी कि BARC की रेटिंग्स कब दोबारा शुरू होंगी और उद्योग इस संकट से कैसे बाहर निकलेगा।
जिष्णु सेन के निधन की जानकारी उनके चचेरे भाई शुभो सेनगुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी।। जिष्णु सेन के निधन से विज्ञापन और मार्केटिंग इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
विज्ञापन और मार्केटिंग जगत के सीनियर प्रोफेशनल जिष्णु सेन का रविवार तड़के निधन हो गया। उनके निधन से विज्ञापन और मार्केटिंग इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
जिष्णु सेन के निधन की जानकारी उनके चचेरे भाई शुभो सेनगुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने बताया कि जिष्णु सेन पिछले कुछ वर्षों से एक बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरे उत्साह और सकारात्मकता के साथ जीवन जिया।
शुभो सेनगुप्ता ने अपने संदेश में जिष्णु सेन को विज्ञापन और मार्केटिंग क्षेत्र का एक सम्मानित और अनुभवी पेशेवर बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा कि जिष्णु सेन का इस क्षेत्र में लंबा और प्रतिष्ठित करियर रहा और बाद के वर्षों में वे बेंगलुरु में रह रहे थे।
जिष्णु सेन का करियर तीन दशक से अधिक समय तक फैला रहा। उन्होंने अपने विज्ञापन करियर की शुरुआत JWT से की थी। इसके बाद वे Young & Rubicam से जुड़े, जहां न्यूयॉर्क में रहते हुए उन्होंने Colgate Asia-Pacific के कारोबार का नेतृत्व किया।
साल 2007 में उन्होंने Grey India का दामन थामा। बाद में वे कंपनी के प्रेजिडेंट एवं चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) बने। उनके नेतृत्व में एजेंसी ने उल्लेखनीय विकास किया और डिजिटल, एक्टिवेशन तथा शॉपर मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं का विस्तार किया।
एजेंसी जगत में सफल पारी के बाद जिष्णु सेन कॉर्पोरेट सेक्टर से जुड़े। उन्होंने Essar Telecom Retail में Director – Brand Strategy के रूप में कार्य किया। इसके बाद वे ‘बिग बाजार’ में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) बने।
हाल के वर्षों में वे विभिन्न कंपनियों के लिए ग्रोथ और मार्केटिंग सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे थे। उन्होंने Porter, Bergner India, DealShare और L'amar जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों को ब्रैंड निर्माण और ग्रोथ स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में मार्गदर्शन दिया।
अपने लंबे करियर के दौरान जिष्णु सेन ने Future Group, Pepsi, GSK, Yum Foods, Colgate Palmolive, Britannia, Reliance Telecom और Ferrero सहित कई प्रमुख ब्रैंड्स के साथ काम किया।
पिछले दिनों जारी उत्तर प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति की सूची में यतेंद्र शर्मा का नाम प्रदेश मंत्री के रूप में शामिल किया गया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पत्रकार और ‘न्यूज18 इंडिया’ (News18 India) के पूर्व पॉलिटिकल एडिटर यतेंद्र शर्मा ने सक्रिय राजनीति में नई पारी शुरू कर दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्हें उत्तर प्रदेश की नई प्रदेश कार्यसमिति में प्रदेश मंत्री नियुक्त किया है।
पिछले दिनों जारी उत्तर प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति की सूची में यतेंद्र शर्मा का नाम प्रदेश मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। इससे पहले उन्होंने लंबे समय तक पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाई और हाल ही में News18 India से इस्तीफा देकर सार्वजनिक जीवन की नई दिशा चुनी है।
यतेंद्र शर्मा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2006 में S1 News से की थी। इसके बाद वह MH1 News से जुड़े। उन्होंने India News में करीब साढ़े 11 वर्षों तक विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और राजनीतिक रिपोर्टिंग में अपनी अलग पहचान बनाई।
फरवरी 2021 में उन्होंने News18 India जॉइन किया, जहां पॉलिटिकल एडिटर और एंकर के तौर पर कार्य किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व किया। उन्हें टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर राजनीतिक कवरेज की रणनीति, रिपोर्टर्स मूवमेंट, आइडियेशन और प्रमुख राजनीतिक कार्यक्रमों की एंकरिंग जैसी अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी गई थीं। राजनीतिक मामलों, बीजेपी, आरएसएस और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की रिपोर्टिंग पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
करीब दो दशक लंबे पत्रकारिता अनुभव के बाद अब यतेंद्र शर्मा ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा है। उत्तर प्रदेश भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में प्रदेश मंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति को राजनीतिक और मीडिया जगत, दोनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समाचार4मीडिया की ओर से यतेंद्र शर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।