होम / मीडिया फोरम / एमसीयू में ‘भारत की भारतीय अवधारणा’ पर युवा संवाद

एमसीयू में ‘भारत की भारतीय अवधारणा’ पर युवा संवाद

डॉ.वैद्य ने कहा कि भारतीय समाज पूरी तरह आत्मनिर्भर था और यह आयात नहीं, निर्यात करता था। विश्व के व्यापार में हमारी लगभग दो तिहाई भागीदारी थी जितनी ब्रिटेन व अमेरिका की मिलाकर भी नहीं थी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 months ago

सुपरिचित चिंतक डॉ. मनमोहन वैद्य ने भारत की भारतीय अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा है कि राष्ट्र का अर्थ नेशन नहीं है। भारत में एक राजा और एक भाषा नहीं थी किंतु उत्तर से दक्षिण तक समाज अध्यात्म और संस्कृति के मूल्यों से एकरूप रहा है। इसने ही सनातन राष्ट्र का निर्माण किया। यह समाज राज्याश्रित नहीं था और स्वदेशी समाज था।

डॉ. वैद्य माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता व संचार विश्वविद्यालय में आयोजित युवा संवाद को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन विद्यार्थियों के अध्ययन मंडल व पत्रकारिता विभाग ने संयुक्त रूप से किया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी ने की।

डॉ. वैद्य की इस सिलसिले में हाल में एक पुस्तक ‘हम और यह विश्व’ प्रकाशित हुई थी जिसका पिछले दिनों ही राजधानी में लोकार्पण हुआ था। डॉ.वैद्य ने कहा कि भारतीय समाज पूरी तरह आत्मनिर्भर था और यह आयात नहीं, निर्यात करता था। विश्व के व्यापार में हमारी लगभग दो तिहाई भागीदारी थी जितनी ब्रिटेन व अमेरिका की मिलाकर भी नहीं थी।

राष्ट्र के घर-घर में उद्यम होता था। उद्योग में मातृशक्ति का अद्भुद योगदान होता था। हमारे घर संपदा निर्माण के केन्द्र थे। इसी वजह से गृहिणी को गृहलक्ष्मी कहा गया है। आपने कहा कि उत्पादन में प्रचुरता, वितरण में समानता और उपभोग में संयम-यही भारत का विचार है। डॉ. वैद्य ने कहा कि भारत में सांस्कृतिक विविधता नहीं थी अपितु एक ही संस्कृति विविध रूपों में प्रकट होती है।

आध्यात्मिकता ने भारत के विचार को गढ़ा है। हमने विश्व कल्याण की बात की है। उन्होंने पराभूत मानसिकता को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2014 के बाद से भारत की बात को फिर से दुनिया में सुना जा रहा है। द संडे गार्जियन ने अपने संपादकीय में लिखा था कि भारत फिर से स्वाधीन हुआ है।

उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि धर्म भारतीय अवधारणा है जिसका कोई अंग्रेजी पर्याय नहीं है। भारत में धर्म का व्यापक अर्थ रहा है। समाज के उपकार के लिए उसको लौटाना धर्म माना गया। भारत धर्म पर चला। लोकसभा से लेकर हमारी तमाम बड़ी संस्थाओं के बोधवाक्य को धर्म से लिया गया।

तिरंगे के बीच अशोक चक्र वास्तव में धर्मचक्र है जिसका प्रवर्तन राजा अशोक ने किया। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता भारतीय शब्द नहीं है। यह शब्द ईसाईयत के सत्ता में हस्तक्षेप के बाद सरकारों का चरित्र तय करने के लिए पश्चिम का गढ़ा गया शब्द है। 1976 में बिना किसी बहस के इसे भारतीय संविधान में शामिल कर लिया गया।

उन्होंने कहा कि राज्य को धर्म से ऊपर उठकर काम करना चाहिए, व्यक्ति धर्मनिरपेक्ष नहीं हो सकता। इस अवसर पर कुलगुरु श्री विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि भारत क्या है और इसे समझने के लिए हमारी दृष्टि क्या होनी चाहिए, यह डॉ. मनमोहन वैद्य के चिंतन व लेखन से स्पष्ट होता है।

पत्रकारिता दुनिया को 360 डिग्री से देखने की कला है। यह दृष्टिकोण पत्रकारिता विश्वविद्यालय देता है। उन्होंने हम और यह विश्व की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें अल्लामा इकबाल के हम बुलबुले हैं इसको लेकर सर्वथा नया दृष्टिकोण दिया गया है।

डॉ. वैद्य ने इसे आगे बढ़ाते हुए कहा कि बुलबुले बाग में संकट आने पर उड़ जाती हैं, पौधे जल जाते हैं किंतु बाग से डिगते नहीं हैं। हम सब इस बाग के पौधे हैं। कार्यक्रम का संचालन छात्र राजवर्धन सिंह ने किया।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

वरिष्ठ पत्रकार उपेंद्र राय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली

सुप्रीम कोर्ट ने उपेंद्र राय के मामले में सीबीआई की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी। अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

1 day ago

आयुष मंत्रालय ने वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ झा को ITRA जामनगर में सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

समाचार4मीडिया से बातचीत में सिद्धार्थ झा ने बताया कि यह संस्थान आयुष नेक्स्ट कम्युनिकेशन नेटवर्क के नाम से एक सैटेलाइट चैनल का प्रसारण करने वाला है, जो आयुष से जुड़े हुए कार्यक्रमों का प्रसारण करेगा।

3 days ago

इंडिया टीवी के मंच से बोलीं मैथिली ठाकुर: रियलिटी शो में दिल टूटता है

इंडिया टीवी के SHE कॉन्क्लेव में मैथिली ठाकुर ने अपने संघर्ष और सफर की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि परिवार के समर्थन और मेहनत से ही जीवन में आगे बढ़ने का मौका मिलता है।

4 days ago

इंडिया टीवी SHE कॉन्क्लेव: UPSC टॉपर जिनिया अरोड़ा ने की शिरकत

इंडिया टीवी के SHE कॉन्क्लेव में UPSC टॉपर जिनिया अरोड़ा ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग और अपने पैशन के साथ मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।

4 days ago

भारत एक्सप्रेस कॉन्क्लेव में बोले रवि किशन: लोग चलकर आते हैं, मैं रेंगकर आया

भारत एक्सप्रेस के मेगा कॉन्क्लेव में सांसद और अभिनेता रवि किशन ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि मेहनत, धैर्य और विश्वास से ही सफलता मिलती है।

4 days ago


बड़ी खबरें

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अनिल अग्रवाल: भारत में संसाधनों की कमी नहीं

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि भारत के पास सोना, कॉपर, बॉक्साइट और तेल-गैस जैसे संसाधनों की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उत्पादन बढ़ाने की है।

1 day ago

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोले अमेरिकी राजदूत: भारत अहम साझेदार

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को असाधारण बताया। उन्होंने कहा कि मोदी और ट्रंप के व्यक्तिगत तालमेल से समझौते को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

1 day ago

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में जॉर्डन के राजदूत: पश्चिम एशिया का नक्शा बदलने की बातें बकवास

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में जॉर्डन के राजदूत यूसुफ अब्दुल गनी ने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिरता केवल संवाद से ही संभव है। उन्होंने क्षेत्र का नक्शा बदलने की चर्चाओं को बकवास बताया।

1 day ago

क्या ‘जी मीडिया’ में जारी रहेगा अनुराग मुस्कान का सफर? जानिए क्यों हो रही है चर्चा

अनुराग मुस्कान ने मई 2024 में ‘जी मीडिया’ जॉइन किया था। वह लंबे समय से ‘जी न्यूज’ पर शाम पांच बजे प्रसारित होने वाले चर्चित डिबेट शो ‘ताल ठोक के’ और रात आठ बजे ‘देशहित’ को होस्ट कर रहे हैं।

1 day ago

‘लक्ष्य पिच बेस्ट CMO अवॉर्ड्स 2026’ में मार्केटिंग जगत के दिग्गजों को मिला सम्मान

मार्केटिंग, मीडिया और ऐडवर्टाइजिंग की दुनिया के बड़े-बड़े नाम एक जगह जमा हुए, ताकि उन मार्केटिंग लीडर्स को सम्मान दिया जाए जिन्होंने ब्रैंड्स को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

1 day ago