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बढ़ते विवाद के बाद अखबार के संपादक ने एडिटोरियल टीम को दी ये सलाह
26 अक्टूबर को एक आर्टिकल प्रकाशित करने को लेकर बढ़ते विवादों में फंसे अखबार...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
तमिल फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत के बारे में 26 अक्टूबर को एक आर्टिकल प्रकाशित करने को लेकर विवादों में फंसा डीएमके का मुखपत्र ‘मुरासोली’ अब ‘डैमेज कंट्रोल’ में जुट गया है।
इस बारे में रविवार को प्रकाशित स्पष्टीकरण में ‘मुरासोली’ के एडिटर एस सेल्वम की ओर से कहा गया है, ‘इस आर्टिकल से कुछ ‘अच्छे दिल’ वालों की भावनाएं आहत हुई हैं। भविष्य में इस तरह के आर्टिकल प्रकाशित करने को लेकर सतर्कता बरती जाएगी।‘ उन्होंने अपनी एडिटोरियल टीम को भी भविष्य में और सतर्कता से काम करने की सलाह दी है। इसके साथ ही इसमें आर्टिकल को लेकर क्षमा मांगी गई है।
हालांकि ‘मुरासोली’ में यह नहीं बताया गया है कि इस आर्टिकल से किन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी के इस मुखपत्र में रजनीकांत को कुछ लोगों के हाथों की कठपुतली बताया गया था। इसके साथ ही आर्टिकल में यह भी कहा गया था कि उन्हें सांप्रदायिकतावादी तत्वों का समर्थन भी मिल रहा है। इस आर्टिकल के बाद विवाद खड़ा हो गया था।
दरअसल, डीएमके ने रजनीकांत के फैन क्लब 'रजनी मक्कल मंदरम' (आरएमएम) के एक हालिया कार्यक्रम में दिए उनके एक भाषण को लेकर अपने मुखपत्र में सवाल खड़े किए थे। इस कार्यक्रम में रजनीकांत ने कहा था कि वह धन और पद के लालच के बिना राजनीति में परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और वह पैसों और पद के लालच में किसी को भी अपनी पार्टी में शामिल नहीं करेंगे।
इस पर डीएमके का कहना था कि अगर रजनीकांत को धन और पद का लालच नहीं है तो उन्हें पेरियार की राह पर चलकर आंदोलन शुरू करना चाहिए। 'मुरासोली' में यह भी कहा गया था कि रजनीकांत के फैन उन पर विश्वास करते हैं, लेकिन वो कठपुतली बन चुके हैं।
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