होम / विचार मंच / BJP के इस नेता के कायल है अजीत अंजुम, पूछे तल्ख जवाब पर नहीं मिला 'देशद्रोही' का खिताब
BJP के इस नेता के कायल है अजीत अंजुम, पूछे तल्ख जवाब पर नहीं मिला 'देशद्रोही' का खिताब
वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम वर्तमान में इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर है, पर फेसबुक मेमोरी हमें उस दौर में ले गई है जब वे न्यूज24 के सर्वेसर्वा हुआ करते थे। उस दौरान उन्होंने बीजेपी के शक्तिशाली नेता राजनाथ सिंह का एक इंटरव्यू लिया। उस इंटरव्यू पर उन्होंने कई साल बाद एक फेसबुक पोस्ट लिखी है। उ
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम वर्तमान में इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर है, पर फेसबुक मेमोरी हमें उस दौर में ले गई है जब वे न्यूज24 के सर्वेसर्वा हुआ करते थे। उस दौरान उन्होंने बीजेपी के शक्तिशाली नेता राजनाथ सिंह का एक इंटरव्यू लिया। उस इंटरव्यू पर उन्होंने कई साल बाद एक फेसबुक पोस्ट लिखी है। उनकी पोस्ट पीएम मोदी के न्यूजट्रेडर और केंद्रीय मंत्री वी.के.सिंह के प्रेस्टिट्यूट जैसे शब्दों के प्रयोग पर तीखा और सीधा वार करती है। पढ़िए उनकी ये पोस्ट और समझिए इसका मर्म। वैसे अगर बीजेपी के कुछ मंत्री-नेता भी गंभीरता से इसे समझें तो समझ आ जाएगा कि कम्युनिकेशन स्किल होती क्या है...
ठीक पांच साल पहले 2012 मे यूपी चुनाव के वक़्त मैंने राजनाथ सिंह का ये इंटरव्यू किया था। राजनाथ सिंह के प्रदेश अध्यक्ष रहते/मुख्यमंत्री रहते/पार्टी अध्यक्ष रहते यूपी में बीजेपी की करारी हार के बारे में मैंने कई तल्ख़ सवाल पूछे थे। तिलमिलाने वाले सवाल पर भी राजनाथ सिंह ने इतनी विनम्रता और मुस्कुराहट के साथ जवाब दिया था कि मैं उनका क़ायल हो गया। किसी सवाल पर न तो नाराज़ हुए/न बिकाऊ कहा/न बिदके/न तल्ख़ हुए ...हंसकर या गंभीर होकर जवाब देते रहे। इंटरव्यू के बाद साथ बैठकर चाय भी पी और चुनाव के बाद फिर नतीजों पर बात करने का न्यौता भी दिया। असहज सवालों पर भड़कने/बिदकने और ब्लैकलिस्ट करने वाले नेताओं को राजनाथ सिंह से सीखना चाहिए। पूरे इंटरव्यू के दौरान कुछ सवालों पर थोड़े असहज भी हुए तो विनम्रता का एक सिरा थामे मुस्कुराते हुए जवाब देते रहे।
वक़्त कितना बदल गया है। आज फ़ेसबुक की लाइब्रेरी से इंटरव्यू का ये हिस्सा झांकने लगा को लगा मन की बात लिख दूं। पांच साल पहले का ये इंटरव्यू आज मैंने दोबारा देखा तो सोचने लगा कि आज की तारीख़ में कई मंत्री और बीजेपी के बड़े नेता उस अवस्था में पहुंच चुके हैं कि उनसे तल्ख़ सवाल पूछना देशद्रोह की तरह है। वो चाहते हैं कि उनसे ऐसे सवाल पूछे जाएं, जिसके जवाब में वो देश को जन्नत बनाने के अपने वायदे बताएं, विरोधियों की ख़ामियां गिनाएं और जनता के लिए सुनहरे सपने की चादर बिछाएं। उनके अतीत को न कुरेदा जाए। उनकी नाकामियों पर बात न हो। उनकी वायदाखिलाफी पर बात न हो।
उम्मीद है राजनाथ सिंह आज भी नहीं बदलेंगे होंगे। उन्होंने बतौर गृह मंत्री क्या किया? क्या नहीं किया? उनके मंत्रालय या पार्टी पर सवाल हो ऐसे ही जवाब देंगे, बिना नाराज़ हुए। ज्यादातर नेताओं को सत्ता का इस कदर गुमान है कि जरा भी असहज करने वाला सवाल पूछो कि कह देंगे कि बिके हुए हैं आप। कैमरा बंद करने को भी कह सकते हैं। बीच में उठकर भी जा सकते हैं और दोबारा इंटरव्यू न देने का ऐलान भी कर सकते हैं। हर सवाल का जवाब ऐसे दे सकते हैं, जैसे किसी ने आपको सवाल पूछने के मोटा माल देकर भेजा हो। राजनाथ सिंह यूपी के दबंग नेता हैं। सूबे के मुख्यमंत्री रहे। दो-दो बार पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं। केन्द्र में अहम मत्री हैं लेकिन उनमें ऐसा गुमान नहीं है कि वो सवाल पूछने वाले से बदसलूकी करें या उसे बिकाऊ घोषित कर दें। आज बीजेपी के कुछ नेताओं से अगर ऐसे सवाल पूछ लें तो हंसकर विनम्रता से जवाब देने की बजाय या तो बीच में उठकर चले जाएंगे या फिर बिदक जाएंगे।
दोबारा इंटरव्यू देने की तो बात ही छोड़ दें। सवालों का जवाब देने की बजाय ये भी कह सकते हैं कि आप बकवास कर रहे हैं, या आप अमुक पार्टी के एजेंट हैं या आप बीजेपी विरोधी हैं या आप अपना एजेंडा चला रहे हैं। राजनाथ सिंह से मैंने क्या नहीं पूछा लेकिन उन्होंने जितनी सहजता से मेरे सवालों का जवाब दिया, उसकी अहमियत आज पता चल रही है।
यहां देखें इंटरव्यू-
समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
टैग्स