होम / विचार मंच / डॉ. वैदिक बोले- सर्वोच्च न्यायालय ने हमारे नेताओं पर बड़ी मेहरबानी कर दी...

डॉ. वैदिक बोले- सर्वोच्च न्यायालय ने हमारे नेताओं पर बड़ी मेहरबानी कर दी...

डॉ. वेदप्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार ।। नेताओं को गुस्सा क्यों नहीं आया? सर्वोच्च न्यायालय ने हमारे नेताओं पर फिर बड़ी मेहरबानी कर दी। बिड़ला और सहारा-समूहों से

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

डॉ. वेदप्रताप वैदिक

वरिष्ठ पत्रकार ।।

नेताओं को गुस्सा क्यों नहीं आया?

सर्वोच्च न्यायालय ने हमारे नेताओं पर फिर बड़ी मेहरबानी कर दी। बिड़ला और सहारा-समूहों से जब्त किए गए कागजात को उसने प्रमाण मानने से इनकार कर दिया। उन कागजों में चार-पांच मुख्यमंत्रियों, अनेक पार्टियों के नेताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी था।

प्रशांत भूषण ने एक याचिका लगाकर मांग की थी कि इन नेताओं के भ्रष्टाचार की जांच हो लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उनके तर्क को रद्द कर दिया। अदालत ने पूछा कि डायरी के इन खुले कागजात में यद्यपि नेताओं के नाम लिखे हैं, उन्हें दी गई राशियां लिखी गई हैं, देने की तारीख लिखी गई हैं और देनेवालों के नाम भी लिखे गए हैं, तब भी उन्हें प्रमाण कैसे मान लिया जाए? ऐसे नाम और राशियां वगैरह तो कोई भी लिख सकता है और जिसको चाहे, उसे फंसा सकता है, बदनाम कर सकता है, अदालत में घसीट सकता है। इसके अलावा यह प्रमाण भी होना चाहिए कि किसी नेता ने रिश्वत खाई है तो किस काम के लिए खाई है? उसने रिश्वत लेकर कौनसा गलत काम किया है? किसी कारण को सिद्ध करने के लिए कार्य होना भी जरुरी है। जब कोई कार्य ही नहीं है तो उसका कारण कैसे हो सकता है?

अदालत का यह तर्क अपने आप में अकाट्य है और इस तर्क के आधार पर वह किसी नेता को जेल में नहीं बिठा सकती लेकिन क्या हमारे जजों को यह पता नहीं कि बिना सेठों से पैसा लिए कोई नेता पार्षद का चुनाव भी नहीं लड़ सकता।

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनना तो बिल्कुल असंभव है। मान लिया कि हमारे नेताओं ने सहारा और बिड़ला समूह से रिश्वत लेकर उनके लिए कोई गैर-कानूनी काम नहीं किया होगा लेकिन यदि ऐसा है तो वे खुले-आम क्यों नहीं कहते कि हां, हमने पैसा लिया है और आगे भी लेते रहेंगे। पैसे के बिना, भला, राजनीति कैसे चलेगी? और यदि इन नेताओं ने उन दोनों समूहों से सचमुच पैसा नहीं लिया होता तो वे कुछ तो मुंह खोलते। उन्हें कुछ तो गुस्सा आता लेकिन एक भी नेता को गुस्सा नहीं आया। इसका मतलब क्या हुआ? यही न, कि उन्होंने पैसा लिया है।

क्या इतनी-सी बात हमारे महान जजों को समझ में नहीं आई? वे जांच बिठा देते तो नेताओं के नाम पर लग रहा कीचड़ भी धुल जाता और अदालत की इज्जत भी बनी रहती। यही बात हवाला के मामले में हुई थी। उसमें कई नेता फंसे थे लेकिन बोफोर्स में अकेले प्रधानमंत्री राजीव गांधी फंस गए थे। अदालत और सरकार ने उन्हें भी बचा लिया था, लेकिन जनता ने उनका हिसाब चुकता कर दिया था। नरेंद्र मोदी भाग्यशाली हैं कि बिड़ला-सहारा की नांव में वे अकेले नहीं है। दूसरे सभी हैं। वे कहते हैं कि न तो हम डूबेंगे और न ही तुमको डूबने देंगे।

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या पाकिस्तान अफगानिस्तान को हरा पाएगा: रजत शर्मा

तालिबान ने कहा कि उसके हमले में 55 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, इनमें से 23 सैनिकों की लाशें भी अफगान लड़ाके अपने साथ अफगानिस्तान ले गए।

3 days ago

2028 तक AI से बाज़ार में बर्बादी? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

अमेरिका में 100 में से 10 लोग जो white collar jobs करते हैं वो कुल खपत का 50% खर्च करते हैं। उदाहरण दिया गया है कि डेटा सेंटर में काम कर रहे एजेंट काम तो करेंगे लेकिन वो खर्च नहीं करेंगे।

3 days ago

वंदे मातरम् के खंडित स्वरूप पर सवाल : अनंत विजय

किसी कविता या गीत को खंडित करने का अधिकार रचनाकार के अलावा किसी अन्य को है? रचनात्मक संवेदना का सर्जनात्मक स्वतंत्रता की बात करनेवालों ने एक कृति को खंडित कर दिया।

3 days ago

शिक्षा के क्षेत्र में अराजकता की जिम्मेदारी किसकी: आलोक मेहता

मुख्य प्रश्न यही है, क्या इन गड़बड़ियों के लिए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, या फिर मंत्रालय और उसके नेतृत्व को अपनी जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए?

4 days ago

PM मोदी की इजराइल यात्रा से किसे मिर्ची लगी: रजत शर्मा

दोनों देशों ने 27 समझौतों पर दस्तखत किए। दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स और क्वांटम कंप्यूटिंग में नई टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे, आपसी सहयोग बढ़ाएंगे।

6 days ago


बड़ी खबरें

'जी न्यूज' छोड़ 'न्यूज24' से जुड़े अखिलेश आनंद, संभालेंगे प्राइम टाइम बुलेटिन

'समाचार4मीडिया' के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, टीवी न्यूज की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा अखिलेश आनंद अब एक बार फिर 'न्यूज24' के साथ जुड़ गए हैं।

3 hours ago

टीवी टुडे नेटवर्क में स्वतंत्र निदेशक राजीव गुप्ता का कार्यकाल पूरा, बोर्ड से हुए अलग

टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network Limited) के नॉन-एग्जिक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर राजीव गुप्ता का कार्यकाल पूरा हो गया है

4 hours ago

GST विभाग की 68.94 लाख रुपये की मांग के खिलाफ अपील करेगी 'डिलिजेंट मीडिया'

डिलिजेंट मीडिया (Diligent Media Corporation Limited) ने बताया है कि कंपनी को जीएसटी विभाग की ओर से करीब 68.94 लाख रुपये टैक्स, पेनल्टी और ब्याज के तौर पर जमा करने का आदेश मिला है।

5 hours ago

HT मीडिया के MD व CEO बने समीर सिंह, शेयरधारकों ने दी मंजूरी

एचटी मीडिया (HT Media Limited) ने कंपनी के नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर समीर सिंह की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है

5 hours ago

कॉनकोर के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर राजीव भारद्वाज बने प्रसार भारती में मेंबर

भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड यानी कि 'कॉनकोर' के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (HR) राजीव भारद्वाज को अब प्रसार भारती में मेंबर (पर्सनल) नियुक्त किया गया है।

3 hours ago