होम / विचार मंच / 'किराए की कोख के चक्कर में कांग्रेस तो गच्चा खा गई'

'किराए की कोख के चक्कर में कांग्रेस तो गच्चा खा गई'

पीयूष बबेले वरिष्ठ पत्रकार ।। किराए की कोख के चक्कर में मारी गई कांग्रेस समाजवादी पार्टी ने अपने 191 प्रत्याशियों की सूची जारी कर कांग्रेस को पूरी तरह बर्बा

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

पीयूष बबेले

वरिष्ठ पत्रकार ।।

किराए की कोख के चक्कर में मारी गई कांग्रेस

समाजवादी पार्टी ने अपने 191 प्रत्याशियों की सूची जारी कर कांग्रेस को पूरी तरह बर्बाद होने की राह पर धकेल दिया है। सहारनपुर, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर और मथुरा जैसे जिलों में कई सीटों पर कांग्रेस की अच्छी दावेदारी थी और कई सीटों पर अपने विधायक थे। लेकिन इन सब सीटों पर सपा के नए बॉस अखिलेश यादव ने अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। यह फैसला जानबूझकर इतनी देर से किया गया कि कांग्रेस के पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है। कहने को पार्टी अब भी अपने प्रत्याशी खड़े कर सकती है, लेकिन असल में उनमें न अब जोश होगा और न उनके प्रति जनता में ही कोई खास उत्साह दिखेगा।

दरअसल कांग्रेस पूरी तरह समाजवादी पार्टी के हाथों में खेल गई और अखिलेश ने अपने पिता की ही तरह चौंकाने वाली राजनीति कर दी। कांग्रेस ने उस एहतियात को बरतना उचित नहीं समझा, जिसे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पिछले 20 साल से बरततीं आ रहीं थी। वह एहतियात था समाजवादी पार्टी से या तो कोई रिश्ता न रखना, या फिर रखना तो अपनी शर्तों पर रखना।

कांग्रेस के हाल पर नजर डालें तो अगस्त से पार्टी ‘27 साल यूपी बेहाल’ के नारे के साथ चली थी। राहुल गांधी ने एक महीने तक गांव-गांव घूमकर लोगों से संवाद किया था और किसानों से कर्ज माफी का सीधा वादा किया था। इस यात्रा से बहुत से ऐसे स्थानीय नेता कांग्रेस की तरफ आकर्षित हुए थे, जिन्हें बाकी दलों में सम्मानजनक जगह नहीं मिल पा रही थी। इसके अलावा सुस्त पड़े कांग्रेसी भी मैदान में आने लगे थे।

लेकिन जब यह मूमेंटम बढ़ने लगा तभी अखिलेश की ओर से गठबंधन की बातें उछाली गईं। सपा से गठबंधन के धुर विरोधी प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री को हटा दिया गया। उनकी जगह पुराने समाजवादी राज बब्बर को कांग्रेस की कमान मिली। घटनाक्रम पर नजर रखने वाले जानते हैं कि शुरुआती मेहनत के बाद प्रशांत किशोर का मन भी बदल गया था। इसके बाद पीके, राज बब्बर, गुलाम नबी आजाद और संजय सिंह ने अपना मन गठबंधन के पक्ष में बना लिया था।

इन लोगों के दबाव में अतत: राहुल गांधी भी गठबंधन के पक्ष में झुक गए। जिस दिन प्रशांत किशोर लंबी कार से मुलायम सिंह के दिल्ली वाले घर से बाहर निकलते दिखे, उसी दिन से कांग्रेसियों के हौसले पस्त पडऩे लगे। और जैसे चुनाव पास आता गया कांग्रेस और जनता ने यह मान लिया कि गठबंधन हो रहा है। ऐसे में तमाम कांग्रेस प्रत्याशी और कार्यकर्ता घर बैठ गए। सिर्फ वही कांग्रेसी खुश रहे जिन्हें टिकट की उम्मीद थी। इस प्रक्रिया में सबसे बड़ा नुकसान यह हुआ कि हर चुनाव से पहले कांग्रेस को जनाधार वाले ऐसे 20-25 लोग मिल जाते थे, जो बाकी पार्टियों से निराश होते थे और वक्ती जरूरत के तौर पर कांग्रेस में आ जाते थे। इन लोगों की जीत से ही कांग्रेस को 25-30 विधानसभा सीटें पिछले 25 साल से मिल रही थीं, लेकिन जब दो महीने पहले से कांग्रेस गठबंधन के भंवर में फंस गई तो ऐसे लोग भी कांग्रेस को नहीं मिले।

अब हालत यह है कि कांग्रेस के बुझे हुए प्रत्याशी, झुके हुए कंधों के साथ मैदान में आएंगे। हो सकता है यूपी विधानसभा में कांग्रेस अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन करे। यह असर यहीं खत्म हो जाता तो भी गनीमत थी, लेकिन यह 2019 के लोकसभा चुनाव में अपना असर दिखाएगा। क्योंकि प्रशांत किशोर की टीम ने जिन हजारों टिकटार्थियों के दो महीने तक लाखों रुपये खर्च कराए और बाद में उन्हें घनघोर निराशा में ला पटका, वे 2019 में कांग्रेस का पल्ला थामने से पहले हजार बार सोचेंगे। जमीनी लड़ाई छोडक़र किराए की कोख के मोह में फंसी कांग्रेस उत्तर प्रदेश में बहुत बड़ा गच्चा खा गई है।

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या पाकिस्तान अफगानिस्तान को हरा पाएगा: रजत शर्मा

तालिबान ने कहा कि उसके हमले में 55 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, इनमें से 23 सैनिकों की लाशें भी अफगान लड़ाके अपने साथ अफगानिस्तान ले गए।

3 days ago

2028 तक AI से बाज़ार में बर्बादी? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

अमेरिका में 100 में से 10 लोग जो white collar jobs करते हैं वो कुल खपत का 50% खर्च करते हैं। उदाहरण दिया गया है कि डेटा सेंटर में काम कर रहे एजेंट काम तो करेंगे लेकिन वो खर्च नहीं करेंगे।

3 days ago

वंदे मातरम् के खंडित स्वरूप पर सवाल : अनंत विजय

किसी कविता या गीत को खंडित करने का अधिकार रचनाकार के अलावा किसी अन्य को है? रचनात्मक संवेदना का सर्जनात्मक स्वतंत्रता की बात करनेवालों ने एक कृति को खंडित कर दिया।

3 days ago

शिक्षा के क्षेत्र में अराजकता की जिम्मेदारी किसकी: आलोक मेहता

मुख्य प्रश्न यही है, क्या इन गड़बड़ियों के लिए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, या फिर मंत्रालय और उसके नेतृत्व को अपनी जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए?

4 days ago

PM मोदी की इजराइल यात्रा से किसे मिर्ची लगी: रजत शर्मा

दोनों देशों ने 27 समझौतों पर दस्तखत किए। दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स और क्वांटम कंप्यूटिंग में नई टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे, आपसी सहयोग बढ़ाएंगे।

6 days ago


बड़ी खबरें

Quint Digital के शेयर ढांचे में बदलाव को शेयरधारकों की मंजूरी

क्विंट डिजिटल (Quint Digital Limited) के शेयरधारकों ने कंपनी के शेयर ढांचे में बदलाव और कंपनी के नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है।

34 minutes ago

टीवी टुडे नेटवर्क के स्वतंत्र निदेशक राजीव गुप्ता का कार्यकाल पूरा, बोर्ड से हुए अलग

टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network Limited) के नॉन-एग्जिक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर राजीव गुप्ता का कार्यकाल पूरा हो गया है

50 minutes ago

GST विभाग की 68.94 लाख रुपये की मांग के खिलाफ अपील करेगी 'डिलिजेंट मीडिया'

डिलिजेंट मीडिया (Diligent Media Corporation Limited) ने बताया है कि कंपनी को जीएसटी विभाग की ओर से करीब 68.94 लाख रुपये टैक्स, पेनल्टी और ब्याज के तौर पर जमा करने का आदेश मिला है।

1 hour ago

HT मीडिया के MD व CEO बने समीर सिंह, शेयरधारकों ने दी मंजूरी

एचटी मीडिया (HT Media Limited) ने कंपनी के नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर समीर सिंह की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है

1 hour ago

डेटा आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए NDTV ने लॉन्च किया ‘Datafy’, जानें खासियत

एनडीटीवी (NDTV) ने डेटा आधारित पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए एक नया प्लेटफॉर्म Datafy लॉन्च किया है।

1 hour ago