अब इस चैनल पर दिखाई देंगी पत्रकार श्वेता भट्टाचार्य

सक्रिय पत्रकारिता से करीब डेढ़ साल दूर रहने के बाद श्वेता भट्टाचार्य ने इसी साल ‘सूर्या समाचार’ जॉइन किया था, पर ज्यादा लंबी नहीं चली थी ये पारी

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Saturday, 03 August, 2019
Last Modified:
Saturday, 03 August, 2019
Shweta Bhattacharya

सीनियर न्यूज एंकर श्वेता भट्टाचार्य के बारे में एक बड़ी खबर सामने आई है। कुछ महीने पहले ‘सूर्या समाचार’ से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अब जल्द लॉन्च होने वाले नेशनल चैनल ‘R9TV’ का दामन थाम लिया है। बता दें कि सक्रिय पत्रकारिता से करीब डेढ़ साल दूर रहने के बाद श्वेता भट्टाचार्य ने इसी साल फरवरी में मेनस्ट्रीम मीडिया में वापसी करते हुए ‘सूर्या समाचार’ चैनल में पुण्य प्रसून बाजपेयी की टीम जॉइन की थी।

सूर्या समाचार में वह 7 बजे का प्राइम टाइम ‘युवा’ कार्यक्रम होस्ट करती थीं। बाद में पुण्य प्रसून बाजपेयी की चैनल से विदाई के बाद इस प्रोग्राम का नाम बदलकर ‘बेबाक बहस’ कर दिया गया था। हालांकि सूर्या समाचार के साथ श्वेता भट्टाचार्य का यह सफर ज्यादा लंबा नहीं चला और उन्होंने यहां से इस्तीफा दे दिया था। R9TV जॉइन करने से पहले माना यह भी जा रहा था कि वो R.भारत या TV9 से अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगी।

श्वेता ने ‘ईटीवी’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। वहां से उन्होंने ‘फोकस टीवी’ का रुख कर लिया था और हर जगह वो प्राइम टाइम फेस रहीं हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब आठ साल लंबी अपनी पारी में श्वेता भट्टाचार्य ने कई डिबेट शो व आउटडोर शूट किए हैं। माना जा रहा है कि R9TV में भी वह प्राइम टाइम का फेस होंगी और अपनी धारधार डिबेट के साथ स्क्रीन पर वापसी करेंगी।

श्वेता भट्टाचार्य ने R9TV से मीडिया में वापसी की बात अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की है। श्वेता भट्टाचार्य के इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं।

 

 

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राजदीप सरदेसाई को बीजेपी सांसद से क्यों मांगनी पड़ी माफी, पढ़ें यहां

‘इंडिया टुडे’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई का यह कदम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 15 October, 2019
Last Modified:
Tuesday, 15 October, 2019
Rajdeep Sardesai

सोशल मीडिया पर ‘इंडिया टुडे’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई की माफी चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने भाजपा सांसद प्रो.राकेश कुमार सिन्हा से माफी मांगी है। हालांकि, गौर करने वाली बात ये है कि राजदीप जिस गलती के लिए माफी मांग रहे हैं, वो उन्होंने की ही नहीं। दरअसल, मीडिया समूह की ऑनलाइन टीम ने राकेश सिन्हा के बयान को एक ऐसे रूप में पेश कर दिया, जिनसे वह नाराज हो गए। जब यह बात राजदीप के ध्यान में लाई गई तो उन्होंने बिना कोई स्पष्टीकरण दिए माफी मांग ली। एक अच्छे लीडर की यही पहचान होती है और इसके लिए राजदीप की सराहना की जानी चाहिए।

पूरा माजरा कुछ यूं है कि कुछ वक्त पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ‘लिंचिंग’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि लिंचिंग पश्चिमी तरीका है और देश को बदनाम करने के लिए भारत के संदर्भ में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इसी विषय पर इंडिया टुडे समूह के अंग्रेजी न्यूज चैनल ने एक डिबेट शो आयोजित किया था, जिसमें राकेश सिन्हा भी बतौर अतिथि उपस्थित थे। शो के दौरान राजदीप ने सवाल दागा कि अपराध, अपराध है फिर मोहन भागवत लिंचिंग को विदेशों से जोड़कर क्या कहना चाहते हैं? जिस पर सिन्हा ने संघ प्रमुख के बयान का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने इस्लामिक देशों का भी हवाला दिया, जहां बलात्कार और चोरी आदि के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।

उनके बयान को इंडिया टुडे के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी प्रस्तुत किया गया, लेकिन इसका जो अंदाज था वो सिन्हा को पसंद नहीं आया। इसी बात को लेकर उन्होंने ट्विटर पर राजदीप सरदेसाई को टैग करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लिखा ‘दुष्प्रचार करने वालों से मुंह नहीं लड़ाता हूं। पढ़ने-लिखने का समय ही कम पड़ता है. @sardesairajdeep के लिंचिंग पर डिबेट में मैंने कहा कि इस्लाम में रेप ,चोरी के लिए (पत्थर मारना,हाथ काटना) सजा है, वह हमारे यहां नही है पर ट्वीट ऐसा किया गया कि भारत में रेप के लिए सजा नही है। भाव की हत्या’! सिन्हा के इस ट्वीट को अब तक 10 हजार से ज्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है।

राकेश सिन्हा की नाराजगी पर राजदीप को कोई न कोई सफाई तो देनी ही थी, लेकिन उन्होंने बिना कोई सफाई दिए गलती स्वीकारते हुए माफी मांग ली। राजदीप ने सिन्हा को जवाब देते हुए लिखा, ‘आपकी बात बिलकुल सही है.. आपके बयान को verbatim छापा गया online desk ने, जबकि आपके कहने का मतलब कुछ और था.. गलती के लिए माफी।’

हालांकि, भाजपा सांसद का गुस्सा इतने से ही शांत नहीं हुआ, उन्होंने एक और ट्वीट दागते हुए कहा, ‘राजदीप जी मेरी छवि को जो नुकसान पहुंचा है, उसके लिए आप क्या कर रहे हैं? मैंने इंडिया टुडे गेस्ट को-ऑर्डिनेटर्स को दो दिनों से लगातार कहा, पर वे लाचार दिखे।’

राजदीप ने सिन्हा का गुस्सा शांत करने का एक और प्रयास करते हुए लिखा ‘हमने संबंधित व्यक्तियों को सूचित कर दिया है। स्टोरी हटा ली गई है और माफी प्रकाशित की जाएगी’ और वह इसमें कामयाब भी रहे। राकेश सिन्हा ने राजदीप का आभार जताते हुए मामले को वहीं खत्म कर दिया।

डिबेट शो आप यहां देख सकते हैं:

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जानें, क्यों दिबांग से बोले राज ठाकरे-माइक फेंककर मारूं क्या?

एबीपी न्यूज पर लगातार नई पीढ़ी के सामने चैलेंज रखते रहते हैं वरिष्ठ टीवी पत्रकार दिबांग

Last Modified:
Monday, 14 October, 2019
Raj Thackeray and Dibang

दिबांग टीवी न्यूज इंडस्ट्री की पुरानी पीढ़ी के एक्टिव एंकर हैं, जो एबीपी न्यूज पर लगातार नई पीढ़ी के सामने चैलेंज रखते रहते हैं। ऐसे में जब सामने राज ठाकरे जैसे आक्रामक नेता हों तो शायद बाकी के लिए उन्हें झेलना, सीधे हर्ट करने वाले सवाल ऑन कैमरा पूछना और फिर बुरा लगने वाले जवाब पर भी हंसते हुए पूछ लेना कि क्या धमकी दे रहे हैं? ये हर किसी के बस की बात नहीं है।

सोचिए राज ठाकरे दिबांग को ऑन कैमरा और वो भी लोगों से भरे हॉल में ये कहें कि माइक फेंक कर मारूंगा तो देख रहे लोगों की हालत क्या हुई होगी। दरअसल मौका था महाराष्ट्र चुनाव से पहले एबीपी न्यूज के शिखर सम्मेलन का। मुंबई में हो रहे इस कार्यक्रम में 14 अक्टूबर को राज ठाकरे भी 11 बजे के शो में मौजूद थे। शो पहले ही रिकॉर्ड होना था।

राज ठाकरे से ‘निपटने’ की जिम्मेदारी थी दिबांग पर। दिबांग ने एक चुभता हुआ सवाल पूछा कि, 'राज ठाकरे अब वो राज ठाकरे नहीं रहा, अव वो सॉफ्ट राज ठाकरे हो गया है?’ राज ठाकरे का तीखा हमला इस सवाल पर था, 'कान के नीचे मारूंगा, तभी राज ठाकरे लगूंगा क्या?'। राज यहीं नहीं रुके, बोलते चले गए, 'आपकी उम्मीद क्या है मुझसे कि माइक फेंक कर मारूं, तभी राज ठाकरे लगूंगा।'

अब इस पर दिबांग का क्या जवाब था, इसके लिए आपको एबीपी न्यूज का ये शो देखना पड़ेगा, यूट्यूब पर या रिपीट टेलिकास्ट होने पर। इस शो में और भी तमाम ऐसे पल आए हैं, जिसमें राज ठाकरे हमलावर हुए हैं, लेकिन दिबांग कमजोर नहीं पड़े हैं। एक जवाब पर तो उन्होंने पूछ डाला कि धमकी दे रहे हैं क्या? ये अलग बात है कि बाद में दोनों ही मुस्कराते हुए निकले।

एबीपी न्यूज के सीनियर एडिटर पंकज झा ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस शो से जुड़ा ट्वीट पोस्ट किया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार दीप्ति सचदेवा ने रिपब्लिक टीवी को बोला बाय

दीप्ति सचदेवा ने खुद अपनी फेसवुक वॉल पर इस बात की जानकारी दी है। हालांकि अपने नए कदम का खुलासा नहीं किया है

Last Modified:
Sunday, 13 October, 2019
Deepti Sachdeva

टीवी पत्रकार दीप्ति सचदेवा ने 'रिपब्लिक टीवी' को अलविदा कह दिया है। यहां वह सीनियर एडिटर के पद पर काम कर रही थीं। इस बात की जानकारी दीप्ति सचदेवा ने खुद अपनी फेसवुक वॉल पर दी है। 'रिपब्लिक टीवी' में वह करीब ढाई साल से अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। बताया जाता है कि दीप्ति नई पारी शुरू करने जा रही हैं, जिसके लिए ही उन्होंने यह निर्णय लिया है। हालांकि, उन्होंने अपने इस नए प्रोजेक्ट का खुलासा नहीं किया है।

उन्होंने अब तक सफर में सहयोग के लिए अपने शुभचिंतकों का धन्यवाद भी अदा किया है। दीप्ति सचदेवा को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का काफी अनुभव है। 'रिपब्लिक टीवी' से पहले बतौर सीनियर एंकर वह करीब पांच साल 'टाइम्स नाउ' चैनल के साथ भी काम कर चुकी हैं। इससे पहले करीब साढ़े छह साल तक वह 'एनडीटीवी' में एंकर/स्पेशल करेसपॉन्डेंट के अलावा करीब सवा दो साल तक 'जी न्यूज' में एंकर/करेसपॉन्डेंट के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। 

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सहारा को बाय बोल अब इस चैनल से जुड़ीं न्यूज एंकर प्रिया राज

मूल रूप से पटना की रहने वाली प्रिया राज पूर्व में कई मीडिया प्रतिष्ठानों के साथ काम कर चुकी हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 12 October, 2019
Last Modified:
Saturday, 12 October, 2019
Priya Raj

करीब ढाई साल से ‘सहारा समय’ में बतौर एंकर काम कर रहीं पत्रकार प्रिया राज ने अब यहां से बाय बोल दिया है। उन्होंने अपना नया सफर अब ‘इंडिया न्यूज’ हरियाणा से शुरू किया है। उन्होंने यहां पर बतौर एंकर काम शुरू कर दिया है।

बिहार के पटना की रहने वाली प्रिया राज की शुरुआती पढ़ाई पटना में हुई। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से प्राप्त की। प्रिया ने पढ़ाई के साथ-साथ कई मीडिया प्रतिष्ठानों में काम शुरू कर दिया था। ‘सहारा’ से पहले वह ‘हिंदी ख़बर’, ‘अमर उजाला’ और ‘न्यूज वर्ल्ड इंडिया’ के साथ भी काम कर चुकी हैं।

लगभग ढाई साल पहले प्रिया ‘सहारा समय’ के साथ जुड़ी थीं। वहां वो मुख्यतः बिहार-झारखंड चैनल में एंकरिंग करती थीं। हाल ही में बिहार में चमकी बुखार के कहर पर प्रिया की कवरेज को काफी सराहना मिली थी, इसके लिए प्रिया को कई अवार्ड्स से भी नवाजा गया था।

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जब ब्रेकिंग न्यूज पढ़ते समय बीच में आ गया एंकर का बेटा, देखें विडियो

टीवी पर लाइव शो के दौरान कई बार कुछ ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर वायरल होते देर नहीं लगती

Last Modified:
Friday, 11 October, 2019
News Anchor

टीवी पर लाइव शो के दौरान कई बार कुछ ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जो चर्चा का विषय बन जाती हैं। सोशल मीडिया पर अमेरिकी न्यूज चैनल ‘एमएसएनबीसी’ (MSNBC) की न्यूज एंकर कर्टनी क्यूब (Courtney Kube) का ऐसा ही विडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लाइव टीवी शो के दौरान अचानक उनका बेटा स्टूडियो में आ जाता है।  

दरअसल, बुधवार को कर्टनी क्‍यूब सीरिया पर हो रहे हमले की ब्रेकिंग न्‍यूज पढ़ रही थीं। इसी दौरान  लाइव टीवी पर उनका बेटा उनके पास आ गया और उन्‍हें परेशान करने लगा। इसे लाइव टीवी पर लोगों ने देखा। इसके बाद इस घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

फ्रेम में बच्‍चे के आने के बाद भी कर्टनी क्यूब ने इस स्‍थ‍िति को बड़े ही सहज तरीके से संभाल लिया। बता दें कि कर्टनी क्यूब दो बच्चों की मां हैं और MSNBC के लिए पेंटागन-राष्ट्रीय सुरक्षा को कवर करती हैं। चैनल ने भी इस घटना को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। इसमें चैनल ने लिखा है, ‘कई बार जब आप ब्रेकिंग न्यूज बता रहे होते हैं, तो अचानक से दूसरी ब्रेकिंग न्यूज हो जाती है।’

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टीवी पत्रकार रीमा प्रसाद ने इस चैनल संग शुरू किया नया सफर

रीमा प्रसाद की पहचान एक कवयित्री के रूप में भी है। कई पत्र-पत्रिकाओं में उनकी कवितायें छप चुकी हैं

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Friday, 11 October, 2019
Last Modified:
Friday, 11 October, 2019
Rima Prasad

टीवी पत्रकार रीमा प्रसाद ने ‘रिपब्लिक भारत’ चैनल के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है। खबर है कि उन्होंने यहां प्रिंसिपल करेसपॉन्डेंट/एंकर के पद पर जॉइन किया है। रीमा इससे पहले ‘फर्स्ट इंडिया न्यूज’ में न्यूज प्रड्यूसर/एंकर के तौर पर कार्यरत थीं।

बिहार के गोपालगंज की रहने वालीं रीमा की पढ़ाई-लिखाई पटना में हुई है। उन्होंने पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है। वर्ष 2010 में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कोलकाता के टीवी चैनल ‘ताजा टीवी’ से की थी। उसके बाद वे लंबे समय तक ‘ईटीवी’ में एंकर के तौर पर जुड़ी रहीं। रीमा ने ‘जी मीडिया’ में भी तकरीबन एक साल काम किया है। पिछले साल वे ‘फर्स्ट इंडिया न्यूज’ से जुड़ी थीं।

रीमा प्रसाद चुनावों के दौरान अपने खास शो के लिए काफी चर्चित रही हैं। 2014 का लोकसभा चुनाव, 2015 का बिहार विधानसभा चुनाव, 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव में उनके चुनावी शो काफी चर्चित रहे हैं। रीमा की पहचान एक कवयित्री के रूप में भी है। कई पत्र-पत्रिकाओं में उनकी कवितायें छप चुकी हैं।

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जानें, क्यों राजदीप सरदेसाई के लिए खास है ये सप्ताह

‘एनडीटीवी’ के संस्थापक प्रणॉय रॉय सहित कई दिग्गज पत्रकारों ने राजदीप सरदेसाई को दी बधाई

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 10 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 10 October, 2019
Rajdeep Sardesai

वरिष्ठ पत्रकार और इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई इस हफ्ते टीवी पत्रकारिता में अपने 25 साल पूरे करने जा रहे हैं जबकि अगले महीने उन्हें पत्रकारिता में पूरे 31 साल हो जाएंगे। राजदीप ने सोशल मीडिया पर अपनी यात्रा के अनुभव को बयां किया है।

उन्होंने लिखा है, ‘साप्ताहिक ‘वर्ल्ड दिस वीक’ से हर रोज आधे घंटे का शो और आधे घंटे के शो से 24X7 खबरें, मेरे अतुलनीय रोलर कोस्टर का हिस्सा हैं। मैं अपने सभी सहयोगियों और मेंटर का शुक्रिया अदा करता हूं।’ राजदीप ने एक के बाद के कई ट्वीट किये हैं, जिस पर प्रतिक्रिया स्वरूप एनडीटीवी के संस्थापक प्रणॉय रॉय सहित कई दिग्गज पत्रकारों ने राजदीप को बधाई देते हुए उनके काम को सराहा है।

राजदीप ने अपने सफर के बारे में बताते हुए आगे लिखा है, ‘जब मैं 1994 में प्रिंट पत्रकारिता से इलेक्ट्रॉनिक में गया, तब मैंने नहीं सोचा था कि मैं इतनी लंबी पारी खेलूंगा। एनडीटीवी के साथ मेरा खास जुड़ाव रहा, मुझे याद है जब हमने पहला 24x7 न्यूज चैनल शुरू किया, तब मैंने प्रणॉय रॉय से पूछा था कि इतने समाचार कौन देखेगा? वह समय काफी मजेदार था, मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। 2005 में, मैं सीएनएन आईबीएन, बाद में आईबीएन 7 और आईबीएन लोकमत की स्थापना के लिए नेटवर्क 18 में चला गया। इस नई शुरुआत पर किसी ने हममें उम्मीद नहीं जगाई, बल्कि ये कहा गया कि नए अंग्रेजी न्यूज चैनल की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन हमारे पास एक बेहतरीन टीम थी और अद्भुत पत्रकारिता, जिसकी बदौलत हमने महज 9 सालों में 200 पुरस्कार हासिल किये।’

उन्होंने लिखा है, ‘2014 में मैंने इंडिया टुडे समूह से कंसल्टिंग एडिटर के रूप में नाता जोड़ा। देश के नंबर 1 हिंदी न्यूज चैनल आजतक के साथ एक लोकतांत्रिक न्यूजरूम का हिस्सा होने पर मुझे गर्व है, मैं यहां काफी कुछ सीख रहा हूं। भविष्य में क्या होने वाला है, ये तो मुझे नहीं पता, लेकिन अगले महीने 2019 के आम चुनाव से जुड़ी मेरी किताब बाजार में आने वाली है और उम्मीद है कि आपको पसंद आएगी। कई न्यूज चैनल मुझसे नाराज भी रहते हैं, मगर मैं अपनी सोच पर कायम हूं। मैं आज भी अखबारों के लिए कॉलम लिख रहा हूं।‘

पत्रकारिता के भविष्य पर बात करते हुए राजदीप ने कहा, ‘डिजिटल सिटीजन पत्रकारिता का भविष्य है। हमने इसकी शुरुआत सीएनएन-आईबीएन के दौर में की थी। फिलहाल मैं द लल्लनटॉप वेबसाइट के लिए डिजिटल हिंदी साप्ताहिक शो नेतागिरी करता हूं। दिल्ली में 25 साल बिताने के बाद मुझे लगता है मेरी हिंदी काफी अच्छी हुई है।’

राजदीप को बधाई देते हुए प्रणॉय रॉय ने लिखा है, ‘राजदीप आपको बहुत-बहुत बधाई। आप टेलिविजन पत्रकारिता के लिए एक अद्भुत संपत्ति हैं। हम खुद को भाग्यशाली समझते हैं कि आप एनडीटीवी परिवार का हिस्सा रहे हैं।’ वहीं, एनडीटीवी इंडिया के पॉलिटिकल एडिटर अखिलेश शर्मा ने लिखा है, ‘बधाई सर, इन 25 सालों में सबसे बड़ी बात ये रही है कि आपके अंदर का रिपोर्टर हमेशा सक्रिय रहा है। आपको भविष्य के लिए शुभकामनाएं।’ इसी तरह वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले ने कहा है, ‘बधाई, वाकई एक शानदार यात्रा। आपने पत्रकारिता के ध्वज को लहराए हुए रखा है।’

अखिलेश शर्मा के ट्वीट का जवाब देते हुए राजदीप सरदेसाई ने लिखा है, ‘धन्यवाद मेरे दोस्त, यह देखकर काफी दुख होता है कि टीवी रिपोर्टर्स को  साउंडबाइट सोल्जर्स (soundbite soldiers) की तरह धकेला जा रहा है। उन्हें उनका हक नहीं दिया गया है। एक बेहतरीन चैनल अच्छे रिपोर्टर्स से बनता है।’' 

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INDIA TV: बंटे अप्रैजल लेटर, कई का प्रमोशन, कुछ पर गिरी गाज

दशहरे की पूर्व संध्या इंडिया टीवी के एम्पलॉइज के लिए ‘कहीं खुशी, कहीं गम’ वाली रही

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 09 October, 2019
Last Modified:
Wednesday, 09 October, 2019
India TV

दशहरे की पूर्व संध्या इंडिया टीवी के एम्पलॉइज के लिए ‘कहीं खुशी, कहीं गम’ वाली रही। मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को चैनल में अप्रैजल लेटर का वितरण किया गया। बताया जा रहा है कि इस बार इंक्रीमेंट 5 से 10 प्रतिशत के बीच रहा, पर दीवाली के इस महीने में एम्पलॉइज को 5 महीने का एरियर भी दिया गया है। कई विभागों में कार्यरत एम्पलॉइज के प्रमोशन की भी खबर है।

पर इन सबके बीच कुछ एम्पलॉइज को बाहर का रास्ता भी दिखाया गया है। एक दशक से भी अधिक समय से काम कर रहे एम्पलॉइज की यूं अचानक छुट्टी हो जाने से चैनलकर्मियों के बीच असंतोष का माहौल भी है। बताया जा रहा है कि जिन पत्रकारों को हटाया गया है, उन्हें इसेक पीछे का कारण खराब परफॉर्मेंस बताया गया है। पर त्योहार के मौके पर हुई इस अमानवीय कार्रवाई से कई घरों में अब दीवाली काली हो गई है। अभी असाइनमेंट विभाग पर ये तलवार चली है और 5 एम्पॉलइज इसका शिकार हुए है, पर आउटपुट के लोगों को मिलाकर ये आंकड़ा करीब 12 तक पहुंच सकता है। 

जिन एम्पलॉइज पर गाज गिरी है,  हम उनके नाम यहां प्रकाशित नहां कर रहे हैं। हमारा मानना है कि सार्वजनित रूप से उनके नाम प्रकाशित करने से उन्हें आगे के करियर में नुकसान हो सकता है। उम्मीद है कि हमारे पाठक हमारी इस बात से सहमत होंगे।
 

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TV देखने वालों में इन दो प्रदेशों के निवासी हैं सबसे आगे

बार्क इंडिया के COO रोमिल के अनुसार, ओवर द टॉप प्लेटफॉर्म बढ़ेगा, लेकिन इसका टीवी से कोई लेना-देना नहीं है

Last Modified:
Monday, 07 October, 2019
TV Channel

देश भर में कितने लोग टीवी देख रहे हैं और उस पर क्या कंटेंट देखा जा रहा है, इस बारे में दैनिक भास्कर ने एक रिपोर्ट तैयार की है। वरिष्ठ पत्रकार मनीषा भल्ला की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 79 फीसदी स्मार्टफोन यूजर्स (टेकएआरसी की रिपोर्ट) मोबाइल फोन पर नेटफ्लिक्स और अमेजॉन प्राइम जैसे ‘ओवर द टॉप’ (ओटीटी) प्लेटफॉर्म देखते हैं। इसके बावजूद पिछले चार सालों में रोजाना टीवी देखने के औसत समय में करीब 16 मिनट की बढ़ोतरी हुई है। देश में 61 करोड़ से ज्यादा लोग रोजाना टीवी देख रहे हैं। खास बात यह है कि टीवी दर्शकों में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब टीवी दर्शकों में महिलाओं और पुरुषों की हिस्सेदारी बराबर हो गई है।

इस रिपोर्ट में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) इंडिया के सीओओ रोमिल के हवाले से बताया गया है कि नोटबंदी यानी नवंबर 2016 के बाद महिलाओं ने टीवी ज्यादा देखना शुरू किया है। उनकी टीवी देखने की संख्या 44 फीसदी तक बढ़ी है। उसकी एक बड़ी वजह उन्होंने बताई है कि महिलाओं ने हिंदी न्यूज बुलेटिन देखना शुरू किया है। न्यूज देखने वाली महिलाओं की तादाद 33 फीसदी बढ़ी है। न्यूज के अलावा टीवी पर आने वाले धार्मिक और क्राइम शो ने टीवी पर महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाया है। उनका कहना है कि ‘सावधान इंडिया’ और ‘क्राइम पेट्रोल’ जैसे शो की व्युअरशिप केवल महिलाओं पर चल रही है। रोमिल का कहना है कि ओटीटी तो बढ़ेगा ही, लेकिन इसका टीवी से कोई लेना-देना नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, परवरिश, जस्सी जैसी कोई नहीं जैसे सीरियल्स के लेखक सत्यम त्रिपाठी का कहना है कि टीवी अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। त्रिपाठी का कहना है कि धार्मिक सीरियल में महिलाएं खासी रुचि लेती हैं। राधा कृष्ण, मेरे साईं और शनि जैसे सीरियल महिलाएं श्रद्धा से देखती हैं।

भारत में टीवी देखने का प्रतिव्यक्ति औसत समय इस रिपोर्ट में 3 घंटा 40 मिनट बताया गया है जबकि अमेरिका में यह 4 घंटा 30 मिनट है। यानी अमेरिका के मुकाबले भारत में यह समय 50 मिनट कम है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि भारत में अभी 10 करोड़ घरों में टीवी नहीं है। अगर अमेरिका में ओटीटी प्लेटफॉर्म के बावजूद टीवी खत्म नहीं हुआ तो भारत में भी नहीं होगा। डिजिटलाइजेशन के बाद टीवी भी तरक्की के नए आयाम छुएगा।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देश में 2005 में करीब 130 टीवी चैनल थे। यह आंकड़ा काफी तेजी से बढ़ा और 2010 में चैनलों की संख्या 265 से होती हुई 2013 तक 550 को पार कर गई। वर्ष 2018 में देश में 800 से ज्यादा टीवी चैनल चल रहे थे। टीवी देखने में पूरे देश में सबसे आगे आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के लोग हैं। यहां रोजाना औसतन 4 घंटे 12 मिनट और 56 सेकंड टीवी देखा जाता है।

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टीवी पत्रकार अभिषेक उपाध्याय की ‘घर-वापसी’, फिर से संभाली जिम्मेदारी

हिंदी टीवी न्यूज रिपोर्टिंग के चर्चित नाम अभिषेक उपाध्याय के बारे में खबर है कि उनकी मेनस्ट्रीम मीडिया में वापसी हो गई है

Last Modified:
Monday, 07 October, 2019
abhishek upadhyay

हिंदी टीवी न्यूज रिपोर्टिंग के चर्चित नाम अभिषेक उपाध्याय के बारे में खबर है कि उनकी मेनस्ट्रीम मीडिया में वापसी हो गई है। वे एक बार फिर टीवी9 भारतवर्ष से जुड़ गए हैं। उनका पद यहां एडिटर(इन्वेस्टिगेशन) का है। उल्लेखनीय है कि चार महीने पहले उन्होंने इसी पद से टीवी9 भारतवर्ष से इस्तीफा दिया था। उस वक्त उन्होंने चैनल के तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी पर एजेंडा खबरें करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। अब चूंकि विनोद कापड़ी की चैनल से विदाई हो गई है, ऐसे में माना जा रहा है कि अभिषेक उपाध्याय की वापसी के पीछे चैनल के फाउंडिंग मेंबर रहे वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा की बड़ी भूमिका है।  

 ‘टीवी9 भारतवर्ष’ में अपनी पारी संभालने से पूर्व अभिषेक उपाध्याय ‘इंडिया टीवी’ में एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के पद पर कार्यरत थे। वैसे ‘टीवी9’ में ये उनकी दूसरी पारी थी। ‘टीवी9’ में अपनी पहली पारी में वे साल 2010 में मुंबई ब्यूरो चीफ रह चुके हैं। प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका अवॉर्ड से सम्मानित अभिषेक ने ‘इंडिया टीवी’ में कई बड़ी खबरें भी ब्रेक की थीं, जिनमें आजम खान से जुड़ा वक्फ घोटाला भी शामिल है और इस पर सीबीआई जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। अभिषेक ‘दैनिक भास्कर’ ग्रुप के साथ (2011-2012) भी काम कर चुके हैं। यहां वे एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के पद पर कार्यरत थे। अभिषेक ‘आईबीएन7’ (IBN7) में भी पांच सालों तक काम कर चुके हैं। वे 2005 से 2010 तक यहां रहे और सीनियर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट की भूमिका निभाई।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट से की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वे 2003 में हिंदी दैनिक ‘अमर उजाला’ (Amar Ujala) से बतौर ट्रेनी रिपोर्टर व सब एडिटर के तौर पर जुड़े थे। अभिषेक एक थिएटर आर्टिस्ट व कवि भी हैं। वे राष्ट्रीय स्तर के नाटकों में हिस्सा ले चुके हैं। वे नोबेल प्राइज विनर  नाटक 'वेटिंग फ़ॉर गोडो' का भी हिस्सा रह चुके हैं। उनकी कविताओं को भी खूब सराहा जाता रहा है।

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