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जानिए, क्या न्यूज चैनल्स की रेटिंग जारी करने के फैसले में हो गई देरी

टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री अंततः 17 महीने के अंतराल के बाद 17 मार्च, 2022 से टीवी दर्शकों की संख्या के आंकड़े हासिल करने में सक्षम होगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago

टेलीविजन न्यूज इंडस्ट्री अंततः 17 महीने के अंतराल के बाद 17 मार्च, 2022 से टीवी दर्शकों की संख्या के आंकड़े हासिल करने में सक्षम होगा। सोमवार को, बार्क इंडिया ने 2022 के 10वें हफ्ते से न्यूज चैनलों की रेटिंग फिर से शुरू करने की घोषणा की है।

सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा 12 जनवरी को एक निर्देश जारी करने के बाद यह निर्णय आया है। तब मंत्रालय ने बार्क को टीवी न्यूज चैनल देखने वाले दर्शकों के डेटा को तत्काल प्रभाव से जारी करने के लिए कहा था। बार्क इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में उल्लेख किया कि उसने सूचना-प्रसारण मंत्रालय के निर्देश का स्वागत किया है और आगे कहा कि न्यूज और स्पेशल जॉनर वाले चैनल्स के लिए डेटा बोर्ड और तकनीकी समिति द्वारा अनुमोदित संवर्धित डाटा रिपोर्टिंग (Augmented Data Reporting) मानकों के अनुसार जारी किए जाएंगे।

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों नजदीक होने के चलते  टीवी न्यूज इंडस्ट्री इस घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहा था, क्योंकि इससे उन्हें अधिक ऐड रेवेन्यू अर्जित करने का मौका मिलता। लेकिन, 17 मार्च तक का इंतजार टीवी न्यूज इंडस्ट्री के लिए थोड़ा फीका साबित हुआ है क्योंकि तब तक तो चुनाव पूरी तरह से संपन्न हो चुके होंगे। चुनावों के परिणाम 10 मार्च को घोषित कर दिए जाएंगे।

नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ मीडिया प्लानर ने कहा, ‘अधिकांश न्यूज चैनल विधानसभा चुनाव शुरू होने से पहले न्यूज डेटा प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे थे, ताकि उस अवधि के दौरान उन्हें अपने कुल रेवेन्यू में अतिरिक्त वृद्धि मिल सके। चूंकि डेटा 17 मार्च से प्रकाशित किया जाएगा, इसलिए न्यूज चैनल्स इस डेटा का लाभ नहीं उठा पाएंगे।’

इंडस्ट्री को नजदीक से समझने वाले एक विशेषज्ञ के मुताबिक, हालांकि अधिकांश ऐड सेल्स डील बहुत पहले ही बंद किए जा चुके हैं। वैसे डेटा जल्द जारी होने से यह उन खिलाड़ियों के लिए एक अच्छा मौका हो सकता था, जिन्हें बड़े नेटवर्क का समर्थन नहीं है। छोटे खिलाड़ी पिछले दो वर्षों में पहले तो COVID-19 और बाद में टीवी न्यूज दर्शकों के डेटा के ब्लैकआउट हो जाने से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। ये चैनल्स न्यूज डेटा की बहाली का फायदा उठा सकते थे।’

दिलचस्प बात यह है कि यहां तक ​​​​कि बड़े नेटवर्क भी विज्ञापन दरों (ad rates) में वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे, ताकि विज्ञापन सूची के लिए सही मूल्य मिल सके। पिछले 16 महीनों में, पुराने व्युअरशिप डेटा के आधार पर ही विज्ञापनों की डील हो रही थी। न्यूज डेटा के बैन किए जाने के फैसले ने बहुत सारे चैनल्स को अपनी विज्ञापन दरों में वृद्धि नहीं करने के लिए मजबूर किया। हालांकि, कुछ चैनल्स ने पहले ही सीमित आपूर्ति और अधिक मांग के कारण अगले तीन महीनों के लिए कीमतों में 20-25 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। किसी भी चुनावी मौसम में, न्यूज चैनल अपनी कुल कमाई का कम से कम 8-10 प्रतिशत कमाते हैं।

एक बड़े न्यूज नेटवर्क के ऐड सेल्स के चीफ ने एक्सचेंज4मीडिया को बताया कि कुछ न्यूज चैनल्स को डेटा के अभाव के कारण विज्ञापन दरों में बढ़ोत्तरी करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा है। अब 5-6 सप्ताह की और देरी ने संभावित समय पर डेटा जारी होने से मिलने वाले न्यूज चैनल्स के लाभ को प्रभावित कर दिया है। लेकिन फिर भी बड़ी चीज यह है कि रेटिंग के जारी होने से छोटे और बड़े दोनों ही तरह के न्यूज चैनल्स को अपने मूल्य निर्धारण को संशोधित करने और विज्ञापन दरों में वृद्धि करने में मदद मिलेगी।’

BARC इंडिया ने कहा है कि न्यूज चैनल्स की रेटिंग फिर से शुरू करने को लेकर आने वाले हफ्तों में बार्क इंडिया संवर्धित डाटा रिपोर्टिंग मानकों के विवरण के बारे में अच्छी तरह से सूचित करने और उन्हें शिक्षित करने के लिए अपने सभी घटकों (constituents) तक पहुंचेगा।

बार्क के अनुसार, ‘संवर्धित डाटा रिपोर्टिंग मानकों में चार सप्ताह के रोलिंग एवरेज के आधार पर न्यूज और विशेष जॉनर वाले चैनल्स के लिए दर्शकों के अनुमानों की रिपोर्टिंग शामिल है, जो अन्य सभी चैनल्स के अनुमानों के साथ हर हफ्ते नियमित रूप से जारी किए जाएंगे। व्युअरशिप डाटा उसी YUMI प्लेटफॉर्म पर पब्लिश किया जाएगा, जिसका उपयोग हमारे सभी सबस्क्राइबर्स करते हैं।’

बार्क ने टेक्निकल कमेटी के सदस्यों, इसके सभी स्टेकहोल्डर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से सांख्यिकीय रूप से ठोस और प्रभावी समाधान के लिए समर्थन मांगा है, जो डेटा और रिपोर्टिंग की मजबूती को बढ़ाने में मदद करेगा।

15 अक्टूबर, 2020 को टीआरपी घोटाले के मद्देनजर, बार्क बोर्ड ने प्रस्ताव दिया था कि उसकी तकनीकी समिति (टेक कॉम) को उनकी सांख्यिकीय मजबूती में सुधार के लिए अलग-अलग जॉनर के डेटा को मापने और रिपोर्ट करने के मौजूदा मानकों की समीक्षा और वृद्धि करने की जरूरत है।  

BARC ने अपनी एक्सरसाइज के दौरान सभी न्यूज चैनल्स के लिए साप्ताहिक व्यक्तिगत रेटिंग प्रकाशित करना बंद कर दिया था, जिसमें BARC के टेक कॉम की देखरेख में सत्यापन और परीक्षण सहित लगभग 8-12 सप्ताह लगने की उम्मीद थी, लेकिन यह प्रक्रिया 15 महीने तक चली।


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