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जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर उठे सवाल: विनोद अग्निहोत्री
अदालत से बरी होने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 hours ago
शराब घोटाला केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई केस में बरी कर दिया है। कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि दोनों के खिलाफ सबूत नहीं है, आरोप साबित नहीं होता। इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट कर अपनी राय व्यक्त की।
उन्होंने कहा, शराब घोटाले के मामले में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने तथा अदालत द्वारा सीबीआई को फटकार लगाए जाने के बाद जांच एजेंसियों के सियासी इस्तेमाल को लेकर सवाल फिर तेज़ हो गए हैं। इसी तरह संजय राउत और हेमंत सोरेन से जुड़े मामलों में भी अदालतों की टिप्पणियों और आदेशों ने एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं।
ऐसे में यह स्वाभाविक है कि जांच एजेंसियों द्वारा पेश किए गए आरोपों को अंतिम सत्य की तरह प्रसारित करने वाले लोग और मंच आत्ममंथन करें कि क्या वे न्यायिक प्रक्रिया से पहले ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचने की जल्दबाज़ी तो नहीं कर रहे थे। अदालत के फैसले यह संकेत देते हैं कि लोकतंत्र में जांच और आरोप अपनी जगह हैं, लेकिन अंतिम निर्णायक अदालत ही होती है।
आपको बता दें, बरी होने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज ये साबित हो गया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं।
शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल मनीष सिसोदिया के बरी होने अदालत की सीबीआई को फटकार से एजेंसियों के सियासी इस्तेमाल का सवाल उलाज़िमी है।संजय राउत हेमंत सोरेन के मामलों में अदालत के आदेशों से एजेंसियों पर सवाल उठे।जाँच एजेंसियों के पक्ष को नतीजे की तरह पेश करने वाले क्या सीखेंगे।
— विनोद अग्निहोत्री Vinod Agnihotri (@VinodAgnihotri7) February 27, 2026
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