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यूजीसी के नियम पूर्ण रूप से विभाजनकारी: समीर चौगांवकर
यूजीसी ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन 2026' को नोटिफाई किया था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों का देश भर में विरोध हो रहा है। उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली समेत कई राज्यों में सवर्ण समाज के संगठनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगांवकर ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट कर अपनी राय व्यक्त की।
उन्होंने लिखा, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से जारी 'उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026' पूरी तरह से मनमानी वाले,सवर्ण वर्ग को मानसिक प्रताड़ित करने वाले,अपमानित करने वाले,एक वर्ग को हमेशा डर और दहशत में रखने वाले है। यह पूर्ण रूप से विभाजनकारी है।
इसे चुपचाप लागू कर और भारी विरोध के बाद भी चुप्पी साधने वाले समझ ले कि सवर्ण समाज किसी का गुलाम नहीं है।किसी राजनीतिक दल के ख़ूँटे से बँधा हुआ नहीं है।कोई भी राजनीतिक दल अपना सियासी उल्लू सीधा करने के लिए सामान्य वर्ग को उल्लू बनाने की कोशिश ना करे।
सरकार समझ ले, कि जितने जल्दी यूजीसी पर अपने कदम वापस ले लेगी,उतना सरकार के लिए अच्छा होगा। अगर सरकार सामान्य छात्रों या कहे सवर्ण वर्ग से दो दो हाथ करना चाहती है तो सरकार अपनी मंशा स्पष्ट करे,उसका भी जवाब दिया जाएगा।
आपको बता दें, केंद्र सरकार का कहना है कि नियमों में बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए किए गए हैं, जबकि सवर्ण छात्रों का कहना है कि नए नियम विश्वविद्यालय और कॉलेजों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देंगे। इससे कॉलेजों में अराजकता का माहौल बनेगा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से जारी 'उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026' पूरी तरह से मनमानी वाले,सवर्ण वर्ग को मानसिक प्रताड़ित करने वाले,अपमानित करने वाले,एक वर्ग को हमेशा डर और दहशत में रखने वाले है।
— sameer chougaonkar (@semeerc) January 27, 2026
यह पूर्ण रूप से विभाजनकारी है।
इसे चुपचाप…
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