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UGC के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: दीपक चौरसिया ने की सराहना
स्टूडेंट्स कॉलेज में अपना भविष्य बनाने जाते हैं न कि अपने भविष्य पर प्रश्र चिह्न लगाने। सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप जरूरी था और UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी लोकतंत्र की ताकत दिखाती है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाली नियमावली, 2026 पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। 2012 के पुराने नियम ही फिलहाल लागू रहेंगे। दरअसल, यूजीसी के इन नए नियमों पर आरोप लगाया गया था कि ये सामान्य श्रेणी के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं।
अब इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट कर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने लिखा, UGC के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक बताती है कि न्यायपालिका सजग है। समानता के नाम पर किसी भी वर्ग के साथ अन्याय संविधान की भावना के खिलाफ है। CJI ने माना है कि इसका दुरुपयोग हो सकता है।
मैंने भी कहा था स्टूडेंट्स कॉलेज में अपना भविष्य बनाने जाते हैं न कि अपने भविष्य पर प्रश्र चिह्न लगाने। छात्रों के अधिकारों की रक्षा में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप जरूरी था और UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी लोकतंत्र की ताकत दिखाती है।
आपको बता दें, पीठ ने कहा, ‘इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि इसका दुरुपयोग हो सकता है। हमें उस स्थिति में नहीं जाना चाहिए जहां स्कूलों को अलग-अलग कर दिया जाए, जैसे कि अमेरिका में होता है। वहां श्वेतों के लिए अलग स्कूल की व्यवस्था होती है। भारत में शिक्षण संस्थानों को एकता दिखानी चाहिए।’
UGC के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक बताती है कि न्यायपालिका सजग है. समानता के नाम पर किसी भी वर्ग के साथ अन्याय संविधान की भावना के खिलाफ है। CJI ने माना है कि इसका दुरुपयोग हो सकता है. मैंने भी कहा था स्टूडेंट्स कॉलेज में अपना भविष्य बनाने जाते हैं न कि अपने भविष्य पर प्रश्र…
— Deepak Chaurasia (@DChaurasia2312) January 29, 2026
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