होम / इंटरनेशनल / मीडिया कवरेज से नाराज ट्रंप, FCC चेयरमैन ने दी टीवी चैनलों के लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
मीडिया कवरेज से नाराज ट्रंप, FCC चेयरमैन ने दी टीवी चैनलों के लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन के चेयरमैन ब्रेंडन कार ने चेतावनी दी है कि यदि टीवी और रेडियो ब्रॉडकास्टर्स जनता के हित में काम नहीं करेंगे, तो उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 hour ago
अमेरिका में मीडिया कवरेज को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (Federal Communications Commission) के चेयरमैन ब्रेंडन कार (Brendan Carr) ने चेतावनी दी है कि यदि टीवी और रेडियो ब्रॉडकास्टर्स जनता के हित में काम नहीं करेंगे, तो उनके लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।
यह बयान उस समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध की मीडिया कवरेज पर नाराजगी जताई थी।
ब्रेंडन कार ने अमेरिकी चैनल CBS News से बातचीत में कहा कि ब्रॉडकास्टिंग लाइसेंस किसी की निजी संपत्ति नहीं है। यदि कोई चैनल जनता के हित में काम नहीं करता, तो उसका लाइसेंस वापस लिया जा सकता है।
कार ने कुछ ब्रॉडकास्टर्स पर “गलत खबरें और खबरों को तोड़-मरोड़कर पेश करने” का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लाइसेंस रिन्यू होने से पहले चैनल चाहें तो अपनी गलती सुधार सकते हैं।
हालांकि डेमोक्रेटिक पार्टी के कई नेताओं ने कार के इस बयान की आलोचना की है और इसे संविधान के खिलाफ बताया है। मैसाचुसेट्स की सीनेटर एलिजाबेथ वारेन (Elizabeth Warren) ने कहा कि सरकार को यह अधिकार नहीं है कि वह ऐसी बातों पर रोक लगाए जो उसे पसंद नहीं हैं।
वहीं कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजॉम (Gavin Newsom) ने इसे खुलकर असंवैधानिक बताया। एरिजोना के सीनेटर मार्क केली (Mark Kelly) ने कहा कि यह FCC की हद से ज्यादा दखल है, क्योंकि सरकार आलोचना से बचना चाहती है।
दरअसल एफसीसी अमेरिका की मीडिया नियामक संस्था है, जो रेडियो, टीवी और सैटेलाइट प्रसारण को नियंत्रित करती है। यह संस्था ब्रॉडकास्ट स्टेशनों को आठ साल के लिए लाइसेंस देती है। हालांकि एफसीसी सीधे तौर पर टीवी नेटवर्क जैसे CBS, NBC, ABC या Fox को लाइसेंस नहीं देती।
एफसीसी की वेबसाइट के अनुसार, अमेरिका के संविधान के पहले संशोधन (First Amendment) और कम्युनिकेशंस एक्ट के तहत आयोग को प्रसारण सामग्री को सेंसर करने की अनुमति नहीं है। आयोग का कंटेंट पर नियंत्रण भी काफी सीमित है और यह केवल टीवी और रेडियो प्रसारण तक ही लागू होता है।
इस बीच ट्रंप प्रशासन और कई टीवी चैनलों के बीच विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं। ट्रंप कई बार मीडिया संस्थानों पर उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग करने का आरोप लगा चुके हैं और कुछ बड़े अखबारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर चुके हैं।
टैग्स