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कूटनीतिक मर्यादाओं का सम्मान करती है सरकार : राहुल शिवशंकर
IRGC ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 hours ago
भारत सरकार ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार राहुल शिवशंकर ने भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स से एक पोस्ट कर लिखा, भारत के अली खामेनेई के लिए शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर करने के फैसले को राजनीतिक समर्थन नहीं, बल्कि एक संतुलित कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए, ताकि कूटनीतिक परंपराओं का पालन किया जा सके और ईरान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय साझेदार के साथ आधिकारिक संवाद बना रहे। सरकार का कहना है कि यह एक “संतुलित प्रतिक्रिया” है। इसका मतलब है कि यह केवल सरकारी स्तर पर की गई औपचारिक भागीदारी है, न कि किसी प्रकार का राजनीतिक शोक संदेश या समर्थन।
इस कदम को सीमित और औपचारिक रखते हुए नई दिल्ली ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि वह कूटनीतिक मर्यादाओं का सम्मान करती है। साथ ही भारत ने अली खामेनेई की हत्या या इज़राइल और अमेरिका से जुड़े व्यापक संघर्ष पर कोई सार्वजनिक पक्ष लेने से भी बचाव किया है।
आपको बता दें, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने बड़ा ऐलान किया है। IRGC ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
WHY HAS INDIA SIGNED THE CONDOLENCE BOOK FOR KHAMENEI?
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) March 5, 2026
India’s decision to sign the condolence book for Ali Khamenei is being framed as a calibrated diplomatic signal rather than a political endorsement. FS Misri signed on behalf of the government to acknowledge protocol and… pic.twitter.com/gPKjhMLIgN
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