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कुणाल का गाना वंशवादी और कमजोर लीडर की चारण-गाथा: राणा यशवंत
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुंबई के एक स्टूडियो में तोड़फोड़ की। यहां कामरा ने अपना शो रिकॉर्ड किया था। हमले से प्रभावित हैबिटेट कॉमेडी क्लब ने अस्थायी रूप से बंद की घोषणा की है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 11 months ago
स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर उनकी हालिया टिप्पणी के बाद भारी हंगामा मच गया। कुणाल कामरा की टिप्पणी के बाद, शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुंबई के एक स्टूडियो में तोड़फोड़ की है।
वहीं वरिष्ठ पत्रकार राणा यशवंत का कहना है कि इस प्रकार के हमले ठीक नहीं है। उन्होंने एक्स पर लिखा, कुणाल कामरा के यहां हमला किसी भी तरह से ठीक नहीं। लेकिन जो गाना वे गा रहे थे वह वंशवादी और कमजोर लीडर की चारण-गाथा तो है ही, लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए लोगों के स्वतंत्र निर्णय का मखौल भी है।
उद्दव ठाकरे, बाला साहेब के वारिस तो हैं लेकिन उनकी राजनीतिक विरासत के बायनामेदार नहीं। मंच,माइक मिल जाए और सामने कुछ कुछ स्वान-मति, हंसी का चारा के लिए मुँह फाड़े बैठे हों तो तुम कुछ भी ठूँस दो, यह चलेगा? तुम तो यही कह रहे हो ना कि लालू-मुलायम-अब्दुल्ला-ममता खानदानों की रवायत चलते रहनी चाहिए?
कोई और अगर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से, विरासत अपने हाथ में लेता है तो वह अपना बाप बदल रहा है? क्या ग़ुलाम मानसिकता से उपजी सड़ी हुई सोच है। और पता नहीं इस पर भी लोग ठहाके लगाते हैं। वैसे ऐसे सुख-सूखी संतानों का क्या कहिए, ये समय रैना और रणबीर एलाहाबादियों की सुभाषितानि पर भी मस्त हो जाते हैं।
कुणाल कामरा के यहां हमला किसी भी तरह से ठीक नहीं. लेकिन जो गाना वे गा रहे थे वह वंशवादी और कमजोर लीडर की चारण-गाथा तो है ही, लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए लोगों के स्वतंत्र निर्णय का मखौल भी है. उद्दव ठाकरे, बाला साहेब के वारिस तो हैं लेकिन उनकी राजनीतिक विरासत के बायनामेदार नहीं.…
— Rana Yashwant (@RanaYashwant1) March 24, 2025
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