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फेसबुक इंडिया की महिला अधिकारी को अमेरिकी अखबार ने कुछ यूं ‘कठघरे’ में किया खड़ा
‘फेसबुक इंडिया’ की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टंर अंखी दास द्वारा भेजे गए इंटरनल मैसेज को लेकर अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट सामने आई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
राजनीतिक पूर्वाग्रह से जुड़े विवादों में घिरीं ‘फेसबुक इंडिया’ (Facebook India) की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास द्वारा भेजे गए इंटरनल मैसेज को लेकर अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में अखबार के हवाले से कहा गया है कि अंखी दास ने 2014 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत से एक दिन पहले उनके सोशल मीडिया कैंपन को लेकर पोस्ट किया। इन मैसेज में उनके सोशल मीडिया कैंपेन को लेकर कथित रूप से पीएम मोदी की तारीफ की गई थी।
मीडिया में चल रहीं रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ का कहना है कि अन्य में में अंखी दास ने चुनाव में कांग्रेस की हार पर लिखा, 'आखिरकार, तीस साल के जमीनी काम से भारत को स्टेट सोशलिज्म से मुक्ति मिल गई।' वहीं, दूसरी तरफ जीत के लिए नरेंद्र मोदी को स्ट्रॉन्गमैन बताया गया, जो सत्तारूढ़ दल के प्रति दास के पूर्वाग्रह का स्पष्ट संकेतक था। वहीं, फेसबुक ने अंखी दास का बचाव करते हुए कहा है कि इन मैसेज का गलत संदर्भ समझा गया है। फेसबुक के प्रवक्ता एंडी स्टोन का कहना है, ‘यह संदेश राजनीतिक पूर्वाग्रह को प्रदर्शित नहीं करते हैं।’
बता दें कि पिछले दिनों ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ में फेसबुक हेट-स्पीच रूल्स कोलाइड विद इंडियन पॉलिटिक्स शीर्षक से प्रकाशित रिपोर्ट के बाद भारत में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। अमेरिकी अखबार की इस रिपोर्ट में अंखी दास का जिक्र करते हुए कहा था कि फेसबुक भारत में बीजेपी नेताओं के हेट स्पीच के मामलों में नियम में ढील बरतता है। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बीजेपी-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा था कि फेसबुक और वॉट्सऐप इनके कब्जे में हैं, जिसके जरिये ये नफरत और फेक न्यूज फैलाते हैं।
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