कार्डिफ यूनिवर्सिटी ने राहुल कंवल को ''Honorary Fellowship'' से किया सम्मानित

एनडीटीवी (NDTV) के CEO और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल (Rahul Kanwal) को कार्डिफ यूनिवर्सिटी (Cardiff University) ने Honorary Fellowship से सम्मानित किया है।

Last Modified:
Thursday, 16 July, 2026
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एनडीटीवी (NDTV) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), एडिटर-इन-चीफ (Editor-in-Chief) और वरिष्ठ पत्रकार राहुल कंवल (Rahul Kanwal) को यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) की प्रतिष्ठित कार्डिफ यूनिवर्सिटी (Cardiff University) ने Honorary Fellowship से सम्मानित किया है। इस उपलब्धि की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की।

राहुल कंवल (Rahul Kanwal) ने अपनी पोस्ट में इसे जीवन की ऐसी यात्रा बताया, जिसने एक बार फिर उन्हें वहीं पहुंचा दिया, जहां से उनके अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता सफर की एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई थी। उन्होंने लिखा कि वर्ष 2002 में वह चेवनिंग फेलोशिप फॉर इंटरनेशनल ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट्स (Chevening Fellowship for International Broadcast Journalists) के तहत कार्डिफ यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। अब लगभग 24 वर्ष बाद वह अपने परिवार के साथ वर्ष 2026 के दीक्षांत समारोह (Graduation Ceremony) में लौटे, जहां उन्हें Honorary Fellowship प्रदान की गई।

उन्होंने कार्डिफ यूनिवर्सिटी (Cardiff University) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान ने उन्हें विश्वविद्यालय के Honorary Fellows समुदाय का हिस्सा बनने का अवसर दिया। साथ ही उन्होंने चेवनिंग प्रोग्राम (Chevening Programme) और यूके के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (Foreign, Commonwealth & Development Office-FCDO) का भी धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी कार्डिफ यूनिवर्सिटी समुदाय से जुड़े रहेंगे और जिज्ञासा, ईमानदारी तथा सार्वजनिक सेवा जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।

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पंचतत्व में विलीन हुए नंद किशोर गोयनका, अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

गौरतलब है कि ‘एस्सेल ग्रुप’ के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता नंद किशोर गोयनका का 13 जुलाई को 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।

Last Modified:
Thursday, 16 July, 2026
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गो-सेवा, समाज सेवा और राष्ट्रवादी विचारधारा के लिए समर्पित नंद किशोर गोयनका बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा हिसार की श्री वैष्णव गौशाला से अग्रोहा धाम स्थित गोयनका उद्यान तक पूरे श्रद्धा और सम्मान के साथ निकाली गई। अंतिम यात्रा में उमड़ी हजारों लोगों ने यह साबित कर दिया कि नंद किशोर गोयनका केवल एक परिवार का नाम नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का प्रतीक थे।

बुधवार सुबह हिसार स्थित गोयनका हाउस में उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोग पहुंचे। इसके बाद श्री वैष्णव गौशाला से विशेष रूप से सुसज्जित रथ पर उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। "राम नाम सत्य है" के जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली यात्रा में वाहनों का कई किलोमीटर लंबा काफिला शामिल रहा। हिसार से अग्रोहा तक विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी।

अंतिम यात्रा में एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र, जवाहर गोयनका, लक्ष्मी नारायण गोयनका, अशोक गोयनका सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इस दुख की घड़ी में देशभर से पहुंचे शुभचिंतक भी लगातार परिवार के साथ रहे।

अग्रोहा धाम स्थित गोयनका उद्यान में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसी स्थान पर उनकी धर्मपत्नी का भी अंतिम संस्कार हुआ था। अंतिम संस्कार के दौरान वातावरण बेहद भावुक रहा और उपस्थित लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

इस अवसर पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, आदमपुर विधायक चंद्रप्रकाश तथा पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. डी.पी. वत्स सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इनके अलावा देशभर से उद्योगपति, फिल्म जगत से जुड़े प्रतिष्ठित लोग, संत-महात्मा, समाजसेवी, गौभक्त, शिक्षाविद, व्यापारी, ग्रामीण तथा विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अंतिम यात्रा में भाग लिया। हजारों लोगों की उपस्थिति ने नंद किशोर गोयनका के प्रति समाज के गहरे सम्मान और उनके व्यापक सामाजिक योगदान को दर्शाया।

श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि नंद किशोर गोयनका भले ही आज शरीर से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा कि गोयनका जी ने अपने परिवार, सामाजिक कार्यों और विशेष रूप से अग्रोहा धाम के माध्यम से जो विरासत खड़ी की है, वह आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि 96 वर्ष का उनका जीवन सेवा, संतोष और पूर्णता का जीवन था। इसलिए यह केवल शोक का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का समय है। उन्होंने अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए बताया कि वर्ष 1992 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक रहते हुए उन्हें अग्रोहा धाम में लगभग दो माह तक नंद किशोर गोयनका के साथ कार्य करने का अवसर मिला था।

उन्होंने कहा कि डॉ. सुभाष चंद्र, जवाहर गोयनका, लक्ष्मी नारायण गोयनका और अशोक गोयनका सहित पूरा परिवार जिस तरह समाज सेवा, राष्ट्र सेवा और मानवीय मूल्यों की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, वह नंद किशोर गोयनका के जीवन मूल्यों का ही विस्तार है। उन्होंने विश्वास जताया कि परिवार भविष्य में भी इन्हीं आदर्शों पर चलते हुए देश और समाज की सेवा करता रहेगा।

गौरतलब है कि नंद किशोर गोयनका का 13 जुलाई को 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वे गो-सेवा, समाज सेवा और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रति समर्पित जीवन के लिए जाने जाते थे। उनकी स्मृति में एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र ने अग्रोहा में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से 'नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी' स्थापित करने की घोषणा की है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय 32 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा और इसका उद्देश्य युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ समाज सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाना होगा।

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NCLAT से Prime Focus को राहत, दिवाला प्रक्रिया बंद; ₹353.79 करोड़ की FD होगी जारी

ट्रिब्यूनल ने कंपनी के खिलाफ चल रही कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को बंद करने का आदेश दिया है।

Last Modified:
Thursday, 16 July, 2026
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मीडिया एवं एंटरटेनमेंट कंपनी Prime Focus Limited को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) से बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने कंपनी के खिलाफ चल रही कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही 6 मई 2026 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया है, जिसके आधार पर कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू हुई थी।

कंपनी ने 14 जुलाई 2026 को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि NCLAT के 9 और 10 जुलाई 2026 के लिखित आदेश अब उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इन आदेशों के मुताबिक कंपनी के खिलाफ चल रही CIRP समाप्त कर दी गई है और अपील का निपटारा कर दिया गया है।

कोई दावा नहीं आया, इसलिए बंद हुई CIRP

NCLAT ने अपने आदेश में कहा कि अंतरिम समाधान पेशेवर (IRP) ने 8 मई 2026 को नियमों के अनुसार सार्वजनिक सूचना (Form-A) जारी कर दावों को आमंत्रित किया था। हालांकि, तय समय तक कंपनी के खिलाफ किसी भी लेनदार की ओर से कोई दावा दाखिल नहीं किया गया।

IRP ने अदालत में दाखिल हलफनामे में भी स्पष्ट किया कि अब तक कोई दावा प्राप्त नहीं हुआ है। इसी आधार पर ट्रिब्यूनल ने माना कि CIRP जारी रखने की कोई जरूरत नहीं है।

पक्षों के बीच हुआ समझौता

सुनवाई के दौरान बताया गया कि कंपनी और प्रमुख वित्तीय लेनदार Raspalfa Services Private Limited के बीच 1 जुलाई 2026 को डिस्चार्ज एग्रीमेंट (Discharge Agreement) हो चुका है। लेनदार ने भी अदालत में इस समझौते की पुष्टि करते हुए हलफनामा दाखिल किया और कंपनी की अपील का समर्थन किया।

353.79 करोड़ रुपये की एफडी पर हटाया गया लियन

इस मामले में NCLAT ने पहले 12 मई 2026 को कंपनी को 353.79 करोड़ रुपये ब्याज वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FDR) के रूप में NCLAT के रजिस्ट्रार के पास जमा कराने का निर्देश दिया था। यह राशि विवादित कर्ज से जुड़ी थी।

अब ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया है कि इस एफडी पर बैंक का लियन (Lien) हटा दिया जाए और जमा राशि को दोनों पक्षों के बीच हुए 1 जुलाई 2026 के समझौते के अनुसार वितरित किया जाए।

कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति भी बताई

सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से वरिष्ठ वकीलों ने कहा कि Prime Focus एक सक्षम (Solvent) कंपनी है, जिसके पास करीब 12,000 कर्मचारी हैं। कंपनी के पास पर्याप्त नकदी और विवादित राशि से कहीं अधिक मूल्य की संपत्तियां मौजूद हैं।

कंपनी ने यह भी बताया कि जिस कर्ज को लेकर मामला शुरू हुआ था, उसकी कुल राशि 353.79 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसमें 200 करोड़ रुपये मूलधन और बाकी ब्याज व डिफॉल्ट ब्याज शामिल था।

पुराने फैसलों का भी दिया हवाला

NCLAT ने अपने फैसले में कहा कि इससे पहले भी ऐसे मामलों में, जहां पक्षों के बीच समझौता हो गया हो और किसी अन्य लेनदार ने दावा न किया हो, CIRP को बंद किया जा चुका है। ट्रिब्यूनल ने राजीव गोयल, गौरव भाटिया, सचिन माल्दे और BYJU'S से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया।

शेयर बाजार को दी जानकारी

Prime Focus ने कहा कि यह जानकारी SEBI (LODR) Regulations, 2015 के तहत शेयर बाजार को दी गई है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि NCLAT के आदेश के अनुसार अब उसके खिलाफ चल रही दिवाला प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है और 6 मई 2026 का आदेश रद्द कर दिया गया है।

इस फैसले के साथ Prime Focus को बड़ी कानूनी राहत मिली है और कंपनी अब दिवाला प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर हो गई है।

 

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डॉ. सुभाष चंद्रा का बड़ा ऐलान, पिता की स्मृति में बनाएंगे 'नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी'

डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही नंद किशोर गोयनका के मूल्यों और समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।

Last Modified:
Wednesday, 15 July, 2026
Nandkishore Goenka

‘एस्सेल ग्रुप’ (Essel Group) के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता एवं वरिष्ठ उद्योगपति व समाजसेवी नंद किशोर गोयनका की स्मृति में 'नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी' स्थापित करने की घोषणा की है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय हरियाणा के अग्रोहा में बनाया जाएगा और इस पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

यह घोषणा नंद किशोर गोयनका के अंतिम संस्कार के बाद की गई। उनका 13 जुलाई को मुंबई में 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार हरियाणा के अग्रोहा धाम स्थित गोयनका उद्यान में किया गया, जहां बड़ी संख्या में परिवार के सदस्य, समाज के लोग और शुभचिंतक मौजूद रहे।

डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि उन्होंने अपने तीनों भाइयों के साथ मिलकर अपने पिता की स्मृति में इस विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया है। इस संस्थान का उद्देश्य युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। साथ ही यह विश्वविद्यालय नंद किशोर गोयनका के मूल्यों और समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।

डॉ. सुभाष चंद्रा के अनुसार, प्रस्तावित विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, जिनका फोकस समाज सेवा, सामुदायिक कल्याण और समाज को वापस लौटाने की भावना पर होगा। उनका कहना है कि छात्रों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझने और निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

अग्रोहा धाम हरियाणा के हिसार जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र है, जो महाराजा अग्रसेन और महालक्ष्मी को समर्पित है। इसका निर्माण वर्ष 1976 में शुरू हुआ था और 1984 में पूरा हुआ। नंद किशोर गोयनका ने अग्रोहा धाम के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। आज यह परिसर अग्रवाल समाज के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है, जहां मंदिरों के अलावा शक्ति सरोवर, शैक्षणिक संस्थान और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक सुविधाएं मौजूद हैं।

नंद किशोर गोयनका अपने व्यवसाय, समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों में योगदान के लिए व्यापक रूप से जाने जाते थे। वे श्री देवी भवन मंदिर गौशाला ट्रस्ट के संरक्षक रहे और श्री वैश्य अग्रसेन गौशाला से भी जुड़े रहे। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई कार्यों में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

फिलहाल विश्वविद्यालय की निर्माण समय-सीमा, शैक्षणिक कार्यक्रमों और नियामकीय मंजूरियों से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय नंद किशोर गोयनका की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा।

बता दें कि डॉ. सुभाष चंद्रा के अलावा नंद किशोर गोयनका के तीन बेटे नंद लक्ष्मी गोयल, जवाहर गोयल और अशोक गोयल और हैं। सभी मीडिया के बिजनेस में बड़ा नाम हैं।

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हैप्पी बर्थडे भूपेंद्र सोनी: डॉक्यूमेंट्री और डिजिटल कंटेंट की दुनिया में बनाई अलग पहचान

भूपेंद्र सोनी की सबसे बड़ी खासियत उनकी स्टोरीटेलिंग की सोच और काम करने का तरीका है।

Last Modified:
Wednesday, 15 July, 2026
Bhupendra Soni

कुछ पत्रकार सिर्फ खबरें बताते हैं, जबकि कुछ अपने काम से खबरों को पेश करने का तरीका ही बदल देते हैं। भूपेंद्र सोनी ऐसे ही पत्रकार हैं, जिन्होंने अपनी रचनात्मक सोच और अलग अंदाज के दम पर पत्रकारिता में अपनी खास पहचान बनाई है।

भूपेंद्र सोनी ने एक संपादक, एंकर, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और क्रिएटिव स्टोरीटेलर के रूप में वर्षों तक काम करते हुए यह साबित किया है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रभावी तरीके से कहानी कहने की कला भी है। चाहे बड़े मुद्दों पर एंकरिंग हो, डॉक्यूमेंट्री का निर्माण हो या फिर करोड़ों लोगों तक पहुंचने वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना, उन्होंने हर मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ी है।

उनका पेशेवर सफर ज़ी न्यूज़, ज़ी बिजनेस, ज़ी5 ओटीटी और टीवी9 भारतवर्ष डिजिटल जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों तक फैला हुआ है। इन संस्थानों में उनके काम को लाखों-करोड़ों दर्शकों तक पहुंच मिली। उन्होंने ऐसी डॉक्यूमेंट्री भी बनाई, जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की। इसके अलावा उन्होंने राजनीतिक विषयों पर नए प्रयोग किए और ऐसा डिजिटल कंटेंट तैयार किया, जिसे व्यापक दर्शक वर्ग ने पसंद किया।

भूपेंद्र सोनी की सबसे बड़ी खासियत उनकी स्टोरीटेलिंग की सोच और काम करने का तरीका है। उनका मानना है कि किसी समाचार को कार्यक्रम जैसा आकर्षक बनाया जाए, किसी कार्यक्रम को फिल्म जैसा रोचक बनाया जाए और किसी फिल्म को वेब सीरीज जैसा अनुभव दिया जाए। यही सोच उनके काम को अलग पहचान देती है और उन्हें एक विशिष्ट पत्रकार व कंटेंट क्रिएटर बनाती है।

उनके जन्मदिन पर एक अनुभवी पत्रकार के साथ-साथ ऐसे रचनात्मक व्यक्तित्व को भी सलाम है, जो समाचार, डॉक्यूमेंट्री और डिजिटल कंटेंट की दुनिया में लगातार नए प्रयोग करते हुए अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं।

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YAAP की कमान संभालते ही राज नायक ने डॉ. अतुल हेगड़े को किया याद

लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा किए गए अपने संदेश में राज नायक (Raj Nayak) ने लिखा कि जीवन कभी-कभी ऐसे मोड़ लेकर आता है, जिसकी कल्पना नहीं की जाती।

Last Modified:
Wednesday, 15 July, 2026
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YAAP डिजिटल लिमिटेड (YAAP Digital Limited) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (Chairman & Managing Director-CMD) नियुक्त होने के एक दिन बाद राज नायक (Raj Nayak) ने कंपनी के दिवंगत संस्थापक डॉ. अतुल हेगड़े (Dr Atul Hegde) को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ वर्ष पहले कॉर्पोरेट जीवन को अलविदा कह दिया था और दोबारा लौटने की कोई योजना नहीं थी, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें यह जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया।

लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा किए गए अपने संदेश में राज नायक (Raj Nayak) ने लिखा कि जीवन कभी-कभी ऐसे मोड़ लेकर आता है, जिसकी कल्पना नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि किसी करीबी मित्र को खोने के बाद जीवन को देखने का नजरिया बदल जाता है और कुछ फैसले इच्छा से नहीं, बल्कि कर्तव्य की भावना से लिए जाते हैं।

राज नायक (Raj Nayak) ने लिखा, "कुछ वर्ष पहले मैंने सोच-समझकर कॉर्पोरेट जीवन से दूरी बना ली थी। मुझे लगा था कि वह अध्याय समाप्त हो चुका है और मेरी वापसी की कोई योजना नहीं थी। लेकिन जीवन की अपनी योजनाएं होती हैं। किसी प्रिय मित्र को खोना आपकी सोच बदल देता है। कुछ अवसर ऐसे होते हैं, जब आप इसलिए आगे नहीं बढ़ते क्योंकि आप चाहते हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि आपको लगता है कि यही सही कदम है।"

उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे अधिक विश्वास इस बात से मिलता है कि डॉ. अतुल हेगड़े (Dr Atul Hegde) ने केवल एक सफल कंपनी ही नहीं बनाई, बल्कि एक मजबूत नेतृत्व टीम, सशक्त कार्य संस्कृति और अपार संभावनाओं वाला संगठन भी तैयार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी टीम पर भरोसा है और वह सभी के साथ मिलकर उस विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिस पर डॉ. हेगड़े का अटूट विश्वास था।

गौरतलब है कि YAAP डिजिटल (YAAP Digital) के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. अतुल हेगड़े (Dr Atul Hegde) का 7 जुलाई को हृदयाघात के कारण निधन हो गया था। वह 53 वर्ष के थे। उन्होंने YAAP को भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंटेंट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, डिजिटल मीडिया, डेटा और टेक्नोलॉजी आधारित मार्केटिंग समाधान उपलब्ध कराने वाली अग्रणी डिजिटल कंपनी के रूप में स्थापित किया था। हाल ही में कंपनी ने राज नायक (Raj Nayak) को अपना नया चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है।

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'वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग' पर नहीं लागू होते नियम कॉर्पोरेट गवर्नेंस, कंपनी ने दी जानकारी

वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग लिमिटेड (Veritaas Advertising Limited) ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि कंपनी पर फिलहाल सेबी (SEBI) के कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े प्रावधान लागू नहीं होते हैं।

Last Modified:
Wednesday, 15 July, 2026
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वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग लिमिटेड (Veritaas Advertising Limited) ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि कंपनी पर फिलहाल सेबी (SEBI) के कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े प्रावधान लागू नहीं होते हैं।

कंपनी ने 14 जुलाई 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजी गई सूचना में बताया कि सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 15 के तहत कुछ कंपनियों को कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नियमों से छूट दी गई है।

कंपनी के अनुसार, जिन कंपनियों की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Equity Share Capital) 10 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है और नेटवर्थ 25 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं है, या जिनके शेयर SME एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हैं, उन पर ये प्रावधान लागू नहीं होते।

वेरिटास एडवरटाइजिंग ने बताया कि उसके शेयर NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध हैं। इसी वजह से 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए कंपनी पर कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े नियम लागू नहीं हैं।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह जानकारी केवल नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) के तहत शेयर बाजार को दी गई है।

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मीडिया इंडस्ट्री अपडेट : मिंट, दैनिक भास्कर और नेटवर्क18 में अहम नियुक्तियां

प्रभाकर झा ने मिंट (Mint) ज्वाइन किया है, जबकि दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ने गौरव सेन को पदोन्नत किया है। वहीं अखंड प्रताप सिंह नेटवर्क18 (Network18) से प्रोड्यूसर के रूप में जुड़े हैं।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
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भारतीय मीडिया जगत में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां और पदोन्नतियां हुई हैं। वरिष्ठ पत्रकार प्रभाकर झा (Prabhakar Jha) ने मिंट (Mint) के साथ नई पारी शुरू की है। वहीं दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ने गौरव सेन (Gaurav Sen) को पदोन्नत करते हुए नई जिम्मेदारी सौंपी है। दूसरी ओर अखंड प्रताप सिंह (Akhand Pratap Singh) नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Limited) से प्रोड्यूसर (Producer) के रूप में जुड़ गए हैं।

वरिष्ठ पत्रकार प्रभाकर झा (Prabhakar Jha) ने मिंट (Mint) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (Chief Content Producer) के पद पर कार्यभार संभाला है। इससे पहले वह करीब दो वर्षों तक न्यूज9 (News9) के साथ जुड़े रहे। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा करते हुए इसे अपने करियर का नया और चुनौतीपूर्ण अध्याय बताया।

दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) समूह ने गौरव सेन (Gaurav Sen) को पदोन्नत कर डिप्टी न्यूज एडिटर (Deputy News Editor) नियुक्त किया है। इस अवसर पर गौरव सेन ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह नई जिम्मेदारियों के साथ अपनी पेशेवर यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।

वहीं अखंड प्रताप सिंह (Akhand Pratap Singh) ने नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Limited) में प्रोड्यूसर (Producer) के रूप में नई पारी की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि नेटवर्क18 (Network18) मीडिया उद्योग में प्रभावी स्टोरीटेलिंग और नवाचार के लिए जाना जाता है। इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अपनी नई भूमिका में वह ऐसा कंटेंट तैयार करेंगे, जो दर्शकों को जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें जोड़ने और प्रेरित करने का भी काम करेगा।

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AI से बदलेगा सार्वजनिक प्रसारण : प्रसार भारती शुरू करेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रसार भारती (Prasar Bharati) ने दूरदर्शन (Doordarshan) और ऑल इंडिया रेडियो (AIR) के अधिकारियों के लिए AI आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
prasarbharti

सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती (Prasar Bharati) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) को अपने ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम का हिस्सा बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में दूरदर्शन (Doordarshan) और ऑल इंडिया रेडियो (All India Radio-AIR) के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए AI आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

महानिदेशालय दूरदर्शन (Directorate General of Doordarshan) की कमर्शियल सर्विस (Commercial Service) द्वारा जारी आंतरिक परिपत्र (Internal Circular) के अनुसार, यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 17 जुलाई तक नई दिल्ली (New Delhi) स्थित डीजी दूरदर्शन कार्यालय में आयोजित होगा।

'Advanced Excel, Data Analysis and Artificial Intelligence (AI) Tools and Applications in Broadcasting – DD & AIR, Prasar Bharati' शीर्षक वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को कंटेंट निर्माण, प्रोडक्शन, डेटा एनालिटिक्स और प्रशासनिक कार्यों में AI आधारित टूल्स के उपयोग से परिचित कराना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को AI की बुनियादी अवधारणाएं, जेनरेटिव AI (Generative AI), प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering), जिम्मेदार AI (Responsible AI) और ब्रॉडकास्टिंग से जुड़े व्यावहारिक उपयोगों की जानकारी दी जाएगी।

इस कार्यक्रम में ग्रुप A और ग्रुप B के अधिकारी, दूरदर्शन कमर्शियल सर्विस, दूरदर्शन केंद्र दिल्ली (Doordarshan Kendra Delhi) तथा दूरदर्शन और AIR के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के लिए अपने लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल डिवाइस साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशिक्षण के दौरान ChatGPT, जेमिनी (Gemini), क्लॉड (Claude), माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट (Microsoft Copilot), डीपसीक (DeepSeek), नोटबुकएलएम (NotebookLM), परप्लेक्सिटी (Perplexity), एडोबी फायरफ्लाई (Adobe Firefly), कैनवा (Canva), कैपकट (CapCut), रिवरसाइड (Riverside) और किमी (Kimi) जैसे AI प्लेटफॉर्म्स का प्रदर्शन किया जाएगा। अधिकारियों को बताया जाएगा कि इनका उपयोग स्क्रिप्ट लेखन, अनुवाद, सारांश तैयार करने, मेटाडाटा जनरेशन, इमेज और वीडियो निर्माण, रिसर्च, न्यूजरूम उत्पादकता और ब्रॉडकास्ट संचालन में कैसे किया जा सकता है।

कार्यक्रम में डेटा एनालिसिस पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। अधिकारियों को एडवांस्ड माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel), पावर क्वेरी (Power Query), डैशबोर्ड निर्माण, ऑटोमेशन, डेटा क्लीनिंग, डेटा विजुअलाइजेशन और AI आधारित एनालिटिक्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे पारंपरिक डेटा विश्लेषण तकनीकों को AI क्षमताओं के साथ जोड़कर बेहतर रिपोर्टिंग, परिचालन दक्षता और निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बना सकें।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रिडिक्टिव AI (Predictive AI), एडैप्टिव AI (Adaptive AI) और एजेंटिक AI (Agentic AI) जैसी उभरती तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में मूल्यांकन आयोजित होगा और सफल प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र (Digital Certificate) प्रदान किए जाएंगे।

इच्छुक अधिकारियों को 14 जुलाई तक अपने संबंधित नियंत्रक अधिकारियों (Controlling Officers) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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'Create in India Challenge' सीजन-2 के लिए MIB ने मांगे प्रस्ताव, 31 जुलाई अंतिम तारीख

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 'Create in India Challenge (CIC) Season 2' के लिए उद्योग संगठनों, संस्थानों और अन्य संगठनों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 'Create in India Challenge (CIC) Season 2' के लिए उद्योग संगठनों, संस्थानों और अन्य संगठनों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह कार्यक्रम World Audio Visual and Entertainment Summit (WAVES) 2027 से पहले आयोजित किया जाएगा और इसका उद्देश्य देशभर में नई प्रतिभाओं को मंच देना और रचनात्मक नवाचार को बढ़ावा देना है।

मंत्रालय ने प्रस्तावों के चयन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया है। इसी पोर्टल के जरिए सभी प्रस्ताव जमा किए जाएंगे और उनका मूल्यांकन किया जाएगा।

Create in India Challenge Season 2 का मकसद मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में रचनात्मकता, नवाचार, कौशल विकास और नई प्रतिभाओं की पहचान करना है। इस कार्यक्रम के तहत चुनी गई चुनौतियां (Challenges) उद्योग की अगुवाई में आयोजित होंगी, जबकि सरकार उनका सहयोग करेगी। प्रतिभागियों को मेंटरशिप, ट्रेनिंग, अपस्किलिंग और सहयोगात्मक सीखने के अवसर भी मिलेंगे।

मंत्रालय के अनुसार, इस बार कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), AVGC-XR, डिजिटल मीडिया, गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स, एनीमेशन, VFX, कॉमिक्स, फिल्म, ब्रॉडकास्टिंग, म्यूजिक, डांस, AR/VR समेत कई उभरते क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।

इच्छुक संगठन 31 जुलाई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने प्रस्ताव भेज सकते हैं।

सरकार प्रत्येक चयनित चैलेंज के लिए एक करोड़ रुपये तक का एकमुश्त अनुदान भी देगी। हालांकि यह सहायता तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन, तय लक्ष्यों, जमीनी स्तर तक पहुंच और कौशल विकास जैसे मानकों के आधार पर दी जाएगी।

मंत्रालय की योजना सीजन-2 में 50 से अधिक उद्योग-आधारित चैलेंज शुरू करने की है। इसमें खास तौर पर AI, डिजिटल एवं सोशल मीडिया और AVGC-XR जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों पर अधिक जोर दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम का समापन WAVES 2027 के दौरान आयोजित होने वाले 'CreatoSphere' में होगा। यहां विजेताओं और चयनित प्रोजेक्ट्स को उद्योग जगत के दिग्गजों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ-साथ व्यावसायिक अवसर भी मिल सकते हैं।

मंत्रालय ने बताया कि Create in India Challenge के पहले सीजन में 33 उद्योग-आधारित चैलेंज आयोजित किए गए थे, जिन्हें अच्छा प्रतिसाद मिला। अब दूसरे सीजन के जरिए उद्योग की भागीदारी और युवाओं की सहभागिता को और बढ़ाने की योजना है, ताकि भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था मजबूत हो और वैश्विक स्तर की प्रतिभाएं तैयार की जा सकें।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'Create in India, Create for the World' विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य भारत को रचनात्मक नवाचार और अगली पीढ़ी की मीडिया प्रतिभाओं का वैश्विक केंद्र बनाना है।

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यशराज फिल्म्स के पूर्व डिस्ट्रीब्यूशन हेड सहदेव घेई का निधन

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपर्ट और यशराज फिल्म्स (YRF) के पूर्व वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) सहदेव घेई का 11 जुलाई को निधन हो गया।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
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भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपर्ट और यशराज फिल्म्स (YRF) के पूर्व वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) सहदेव घेई का 11 जुलाई को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ा, जिसके कारण उनका निधन हुआ। उन्होंने मुंबई में शनिवार की दोपहर करीब 3:45 बजे अंतिम सांस ली।

सहदेव घेई का अंतिम संस्कार 12 जुलाई को मुंबई के वर्सोवा हिंदू श्मशान घाट में किया गया। उनकी अंतिम यात्रा अंधेरी पश्चिम स्थित उनके निवास गैम्ब्स टावर, फोर बंग्लोज से सुबह 11 बजे निकली।

सहदेव घेई ने वर्ष 1993 में रिलीज हुई यशराज फिल्म्स की सुपरहिट फिल्म 'डर' के साथ कंपनी में अपनी पारी शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने यशराज फिल्म्स के डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार को खड़ा करने और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दो दशक से ज्यादा समय तक उन्होंने कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस का नेतृत्व किया और फिल्म वितरण जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।

मार्च 2017 में उन्होंने अपनी फुल-टाइम जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसके बाद भी वह कुछ समय तक कंपनी के सलाहकार (कंसल्टेंट) के रूप में जुड़े रहे। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने सक्रिय कार्य से दूरी बना ली और शांत जीवन व्यतीत कर रहे थे।

उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। कई फिल्म जगत से जुड़े लोगों और उनके पूर्व सहयोगियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। साथ काम करने वाले लोगों का कहना है कि सहदेव घेई सिर्फ एक बेहतरीन प्रोफेशनल ही नहीं थे, बल्कि बेहद विनम्र, सहयोगी और हमेशा मुस्कुराकर लोगों का मार्गदर्शन करने वाले इंसान भी थे।

उनके साथ काम कर चुके कई लोगों का कहना है कि फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में उनके करियर को आगे बढ़ाने में सहदेव घेई का बड़ा योगदान रहा। उनकी सलाह, अनुभव और नेतृत्व ने कई पेशेवरों को नई पहचान दिलाई।

सहदेव घेई के निधन को यशराज फिल्म्स और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने भारतीय फिल्म वितरण कारोबार को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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