हॉलीवुड की चर्चित फिल्म फ्रेंचाइजी 'The Hunger Games', 'John Wick' और 'Twilight' के लिए मशहूर Lionsgate Studios को खरीदने में यूरोप की दो बड़ी मीडिया कंपनियों Banijay और Mediawan ने दिलचस्पी दिखाई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
हॉलीवुड की चर्चित फिल्म फ्रेंचाइजी 'The Hunger Games', 'John Wick' और 'Twilight' के लिए मशहूर Lionsgate Studios को खरीदने में यूरोप की दो बड़ी मीडिया कंपनियों Banijay और Mediawan ने दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन कहा जा रहा है कि कंपनी स्वतंत्र (Independent) बने रहने का विकल्प भी चुन सकती है।
रॉयटर्स और वैरायटी (Variety) की रिपोर्ट के मुताबिक, Lionsgate Studios ने संभावित खरीद प्रस्तावों की समीक्षा के लिए एक निवेश बैंक को नियुक्त किया है। फिलहाल बातचीत शुरुआती दौर में है और किसी भी सौदे की कोई गारंटी नहीं है।
पहले ऐसी खबरें थीं कि फ्रांस का Bolloré Group, जिसके पास Canal+ में नियंत्रण हिस्सेदारी है, भी इस दौड़ में शामिल है। लेकिन Variety की रिपोर्ट के मुताबिक, Bolloré फिलहाल Lionsgate के लिए कोई बोली नहीं लगा रहा है।
Banijay की क्यों है दिलचस्पी?
Banijay, जिसने 'Big Brother' और 'Survivor' जैसे लोकप्रिय टीवी शो बनाए हैं, Lionsgate को खरीदने पर विचार कर रही है। हालांकि कंपनी ने हाल ही में All3Media के साथ विलय किया है, इसलिए माना जा रहा है कि वह औपचारिक प्रस्ताव देने में कुछ समय ले सकती है।
अगर यह सौदा होता है तो Banijay को पहली बार बड़े पैमाने पर हॉलीवुड फिल्मों और टीवी कंटेंट की मजबूत लाइब्रेरी मिल जाएगी। फिलहाल कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से रियलिटी और नॉन-स्क्रिप्टेड शो पर आधारित है।
Mediawan भी बना रही रणनीति
फ्रांस की मीडिया कंपनी Mediawan भी Lionsgate में रुचि दिखा रही है। पिछले कुछ वर्षों में Mediawan ने अंग्रेजी भाषा के बाजार में तेजी से विस्तार किया है। कंपनी पहले ही Plan B, See-Saw Films और हाल ही में North Road का अधिग्रहण कर चुकी है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि Lionsgate की खरीद Mediawan के लिए हॉलीवुड में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
Lionsgate की सबसे बड़ी ताकत उसकी लाइब्रेरी
Lionsgate के पास करीब 20,000 फिल्मों और टीवी कंटेंट की लाइब्रेरी है।
कंपनी की सबसे बड़ी पहचान 'John Wick', 'The Hunger Games' और 'Twilight' जैसी सफल फ्रेंचाइजी हैं। इसके अलावा हाल ही में रिलीज हुई माइकल जैक्सन की बायोपिक 'Michael' का वितरण भी Lionsgate ने किया था। इस फिल्म ने दुनियाभर में 1 अरब डॉलर से अधिक की कमाई की है।
कीमत बनी सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि Lionsgate की ऊंची वैल्यूएशन संभावित खरीदारों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के शेयर फिलहाल अनुमानित प्री-टैक्स मुनाफे के मुकाबले करीब 26 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं, जो दूसरे स्टूडियो की तुलना में काफी ज्यादा है। बताया जा रहा है कि पहले भी कुछ संभावित खरीदार सिर्फ ऊंची कीमत की वजह से पीछे हट चुके हैं।
बड़े शेयरधारक ने बदली हिस्सेदारी
रिपोर्ट के अनुसार, Lionsgate के निदेशक और बड़े शेयरधारक मार्क राचेस्की ने इस महीने अपनी करीब 10% हिस्सेदारी को एक नए निवेश फंड में स्थानांतरित कर दिया है। इस फंड को RenWave Kore का समर्थन प्राप्त है, जिसकी स्थापना 2024 में कोडी किटल ने की थी। कोडी पहले Elliott Investment Management में पोर्टफोलियो मैनेजर रह चुके हैं।
हालांकि इस कदम का संभावित अधिग्रहण से सीधा संबंध है या नहीं, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
किसी कंपनी ने नहीं की टिप्पणी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Lionsgate और Banijay ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं Mediawan ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
फिलहाल यह साफ नहीं है कि Lionsgate का अधिग्रहण किस कंपनी के हाथों होगा या कंपनी स्वतंत्र रूप से अपना कारोबार जारी रखेगी। लेकिन यूरोप की बड़ी मीडिया कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी यह जरूर दिखाती है कि हॉलीवुड के मजबूत कंटेंट और लोकप्रिय फ्रेंचाइजी आज भी वैश्विक मीडिया कंपनियों के लिए बड़ी रणनीतिक संपत्ति बने हुए हैं।
अमेरिकी न्यूज नेटवर्क CNN की पत्रकार बियाना गोलोड्रिगा (Bianna Golodryga) ने नौ साल बाद नेटवर्क छोड़ने का फैसला किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अमेरिकी न्यूज नेटवर्क CNN की पत्रकार बियाना गोलोड्रिगा (Bianna Golodryga) ने नौ साल बाद नेटवर्क छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वह एक ऐसे नए अवसर की ओर बढ़ रही हैं, जिसे वह छोड़ना नहीं चाहती थीं। हालांकि, उन्होंने अपने अगले कदम के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी है।
गोलोड्रिगा ने CNN में अपने सफर के दौरान साथ काम करने वाले सहकर्मियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें सहकर्मियों का समर्थन मिला और कई अच्छी दोस्ती भी हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द ही अपने अगले कदम के बारे में जानकारी साझा करेंगी।
गोलोड्रिगा CNN International पर जैन आशेर (Zain Asher) के साथ ‘वन वर्ल्ड’ (One World) शो की सह-एंकरिंग करती रही हैं। इससे पहले वह नेटवर्क में ग्लोबल अफेयर्स एनालिस्ट की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। शो में उनका आखिरी दिन शुक्रवार होगा।
उनका यह फैसला ऐसे समय आया है, जब CNN ने कुछ दिन पहले ही घोषणा की थी कि क्रिस्टियाने अमनपोर (Christiane Amanpour) अपने रोजाना प्रसारित होने वाले CNN International शो की जिम्मेदारियां धीरे-धीरे कम करेंगी और अगले साल नेटवर्क छोड़ देंगी।
CNN में पूर्णकालिक रूप से जुड़ने से पहले, गोलोड्रिगा ‘CBS This Morning’ की सह-होस्ट रह चुकी हैं। साल 2019 में CNN से पूर्णकालिक रूप से जुड़ने से पहले वह CBS News और CNN, दोनों के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रही थीं।
दुनिया के बड़े उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क ने मीडिया कंपनी स्काईडांस (Skydance) में करीब एक बिलियन डॉलर का निवेश किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
दुनिया के बड़े उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क ने मीडिया कंपनी स्काईडांस (Skydance) में करीब एक बिलियन डॉलर (एक अरब डॉलर) का निवेश किया है। CNBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने यह जानकारी दी है। हालांकि, मस्क और स्काईडांस की ओर से इस निवेश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रॉयटर्स ने इस मामले पर मस्क और स्काईडांस के प्रतिनिधियों से प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला था। ऐसे में फिलहाल इस निवेश की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
यह खबर ऐसे समय आई है, जब कुछ सप्ताह पहले ही पैरामाउंट स्काईडांस (Paramount Skydance) ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (Warner Bros. Discovery) का 110 अरब डॉलर का अधिग्रहण पूरा किया था। इस सौदे के बाद संयुक्त कंपनी ने स्काईडांस नाम अपनाया। इस विलय से पैरामाउंट पिक्चर्स, वार्नर ब्रदर्स, HBO, CNN और CBS जैसे बड़े मीडिया ब्रैंड्स के साथ उनके स्ट्रीमिंग कारोबार भी एक समूह के अंतर्गत आ गए हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क का यह निवेश स्काईडांस की इक्विटी निवेश जुटाने की बड़ी योजना का हिस्सा है। इससे पहले सेमाफोर (Semafor) ने भी इस बारे में खबर दी थी। इक्विटी निवेश का मतलब है कि कंपनी में हिस्सेदारी के बदले पैसा लगाया जाता है।
लैरी एलिसन परिवार से पुराने संबंध
मस्क का स्काईडांस में कथित निवेश ओरेकल (Oracle) के सह-संस्थापक लैरी एलिसन के परिवार के साथ उनके पुराने संबंधों को भी दिखाता है। लैरी एलिसन के बेटे डेविड एलिसन स्काईडांस का नेतृत्व करते हैं।
साल 2022 में लैरी एलिसन ने ट्विटर के अधिग्रहण के लिए मस्क को 1 अरब डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई थी। ट्विटर का नाम अब X है। ऐसे में स्काईडांस में मस्क के कथित निवेश को दोनों परिवारों के कारोबारी संबंधों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
SpaceX के बड़े निवेश की भी हुई थी चर्चा
इस खबर से पहले मीडिया क्षेत्र के अनुभवी निवेशक जॉन मेलोन ने भी स्काईडांस में संभावित बड़े निवेश को लेकर चर्चा की थी। उन्होंने अनुमान जताया था कि मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) भविष्य में स्काईडांस में 8 अरब से 10 अरब डॉलर तक का निवेश कर सकती है। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के बीच कंटेंट से जुड़ी बड़ी साझेदारी की संभावना भी जताई गई थी।
हालांकि, स्पेसएक्स के संभावित निवेश और ऐसी किसी साझेदारी की अभी पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे फिलहाल एक संभावना और अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
टेक्नोलॉजी आधारित मीडिया कंपनी बनने की तैयारी
वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के अधिग्रहण के बाद स्काईडांस खुद को टेक्नोलॉजी पर ज्यादा ध्यान देने वाली मीडिया कंपनी के रूप में आगे बढ़ा रही है। कंपनी लागत घटाने और कारोबार के लिए नई इक्विटी पूंजी जुटाने की दिशा में भी काम कर रही है।
मीडिया उद्योग के लिए मस्क का कथित निवेश इसलिए अहम है, क्योंकि इससे भविष्य में कंटेंट के वितरण, टेक्नोलॉजी और X जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के बीच कारोबारी अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, फिलहाल इक्विटी निवेश की खबर के अलावा ऐसी किसी अतिरिक्त साझेदारी या समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।
Meta Platforms आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते खर्च के बीच पूंजी जुटाने, कर्मचारियों को शेयर देने और दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण के लिए नए तरह के शेयर लाने जा रही है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी Meta Platforms आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ते खर्च के बीच पूंजी जुटाने, कर्मचारियों को शेयर देने और दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण के लिए नए तरह के शेयर लाने जा रही है। कंपनी ने बिना मतदान अधिकार वाले Class C कॉमन शेयर बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह व्यवस्था 19 जनवरी, 2027 से प्रभावी होने वाली है।
Meta के मुताबिक, हर मौजूदा Class A और Class B शेयर के बदले एक नया Class C शेयर लाभांश के रूप में दिया जाएगा। हालांकि, इन नए शेयरों के साथ मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा। कंपनी का कहना है कि इस व्यवस्था से उसे कारोबार बढ़ाने और AI में निवेश के लिए पूंजी जुटाने के नए विकल्प मिलेंगे, जबकि कंपनी में CEO मार्क जुकरबर्ग का मतदान नियंत्रण भी बना रहेगा।
कंपनी ने यह कदम अक्टूबर 2026 में Zuckerberg के साथ हुए Founder Alignment Agreement के तहत उठाया है। इस समझौते में नए Class C शेयरों की बिक्री से जुड़ी शर्तें तय की गई हैं।
नए शेयरों का इस्तेमाल कहां होगा?
Meta ने अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) में दाखिल जानकारी में बताया है कि नए Class C शेयरों का इस्तेमाल पूंजी जुटाने, कर्मचारियों को मुआवजे के तौर पर शेयर देने, दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण करने और अन्य कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा सकेगा।
कंपनी के लिए यह व्यवस्था इसलिए अहम है, क्योंकि AI से जुड़े बुनियादी ढांचे और तकनीक पर उसका खर्च लगातार बढ़ रहा है। नए शेयरों के जरिए Meta कर्मचारियों को शेयर देने और अधिग्रहण जैसे काम कर सकेगी। साथ ही, इन शेयरों से नए मतदान अधिकार पैदा नहीं होंगे।
Meta के मौजूदा Class A शेयर Nasdaq पर पहले की तरह कारोबार के लिए उपलब्ध रहेंगे। नए Class C शेयर जारी होने के बाद Nasdaq पर सूचीबद्ध होने के योग्य होंगे।
मार्क जुकरबर्ग के पास कितना नियंत्रण है?
फिलहाल मार्क जुकरबर्ग के पास Meta की करीब 13.4% हिस्सेदारी है, लेकिन कंपनी में उनके मतदान अधिकार लगभग 60.6% हैं। इसकी प्रमुख वजह यह है कि उनके पास मुख्य रूप से Class B शेयर हैं, जिनमें सामान्य Class A शेयरों के मुकाबले अधिक मतदान अधिकार होते हैं।
नए Class C शेयरों में मतदान का अधिकार नहीं होगा। ऐसे में इन्हें जारी करने से अपने-आप Zuckerberg के मतदान अधिकारों में बढ़ोतरी नहीं होगी। कंपनी की योजना है कि नए शेयरों का इस्तेमाल पूंजी जुटाने और कारोबार बढ़ाने के लिए किया जाए, लेकिन इससे Zuckerberg का बहुमत नियंत्रण प्रभावित न हो।
यह व्यवस्था Zuckerberg के लिए इसलिए भी अहम है, क्योंकि उन्हें अपनी हिस्सेदारी से जुड़े वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए कुछ शेयर बेचने की जरूरत पड़ सकती है। नई व्यवस्था में उन्हें बिना मतदान अधिकार वाले शेयरों का एक हिस्सा बेचने की सुविधा मिलेगी, जबकि ज्यादातर शेयरों की बिक्री पर शर्तें लागू रहेंगी।
20% शेयर बेचने की छूट, बाकी 80% पर पाबंदी
Zuckerberg और उनसे जुड़े समूह को मिलने वाले नए Class C शेयरों में से 20% शेयर स्वतंत्र रूप से बेचे जा सकेंगे। बाकी 80% शेयरों पर बिक्री और हस्तांतरण से जुड़ी शर्तें लागू होंगी।
इन 80% शेयरों को बेचने के लिए सामान्य तौर पर Zuckerberg के समूह को उतने ही मतदान अधिकार वाले Class A या Class B शेयर भी बेचने होंगे या उन्हें Class A शेयरों में बदलना होगा। इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बड़े पैमाने पर नए शेयर बेचने से Zuckerberg के मतदान नियंत्रण में भी उसी के अनुरूप बदलाव हो।
यह 20% और 80% का बंटवारा Zuckerberg से जुड़े समूह को मिलने वाले Class C शेयरों के लिए है, न कि कंपनी के सभी शेयरधारकों को मिलने वाले नए शेयरों पर लागू सामान्य बिक्री प्रतिबंध।
शेयरधारकों को क्या मिलेगा?
Meta की योजना के तहत हर मौजूदा Class A और Class B शेयर के बदले एक Class C शेयर दिया जाएगा। कंपनी के अनुसार, इस लाभांश के बाद Class A शेयरों की बाजार कीमत पर दो-के-बदले-एक शेयर विभाजन जैसा असर पड़ने की उम्मीद है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि शेयरधारकों की कुल आर्थिक हिस्सेदारी अपने-आप दोगुनी हो जाएगी। शेयरों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन बाजार कीमत में भी इसका असर दिख सकता है। कंपनी ने कहा है कि नए शेयरों के लाभांश की रिकॉर्ड तारीख और भुगतान की तारीख बाद में तय की जाएगी।
AI पर भारी खर्च के बीच फैसला
Meta का यह कदम ऐसे समय आया है, जब कंपनी AI से जुड़े बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। कंपनी ने 2026 की तीसरी तिमाही में पूंजीगत खर्च के तौर पर 34.91 अरब डॉलर खर्च किए। इस दौरान उसका फ्री कैश फ्लो 2.12 अरब डॉलर नकारात्मक रहा। फ्री कैश फ्लो का मतलब है कि कारोबारी गतिविधियों से आया नकद पैसा और पूंजीगत खर्च घटाने के बाद कितना पैसा बचा।
Meta को उम्मीद है कि 2026 में उसका कुल पूंजीगत खर्च 135 अरब डॉलर से 145 अरब डॉलर के बीच रह सकता है। AI से जुड़ी तकनीक, डेटा सेंटर और अन्य बुनियादी सुविधाओं में निवेश बढ़ने के कारण कंपनी को पूंजी जुटाने के नए विकल्पों की जरूरत है।
नए Class C शेयर कंपनी को कर्मचारियों को शेयर देने और अधिग्रहण के सौदों में शेयरों का इस्तेमाल करने का विकल्प भी देंगे। इससे कंपनी को हर जरूरत के लिए केवल मतदान अधिकार वाले शेयर जारी करने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
घोषणा के बाद शेयर में गिरावट
मूल रिपोर्ट के मुताबिक, घोषणा के बाद गुरुवार को प्री-मार्केट कारोबार में Meta के शेयर 3.07% गिरकर 676.10 डॉलर पर आ गए थे। यह आंकड़ा उस समय के प्री-मार्केट कारोबार का है, मौजूदा शेयर कीमत का नहीं।
नए Class C शेयर जनवरी 2027 में जारी होने के बाद सूचीबद्ध होने के योग्य होंगे। इनके बाजार भाव का निर्धारण कारोबार शुरू होने पर बाजार की मांग और आपूर्ति के आधार पर होगा।
नए शेयरों से जुड़े संभावित जोखिम
नए Class C शेयरों में मतदान अधिकार नहीं होंगे। मूल रिपोर्ट के मुताबिक, इनकी कीमत मतदान अधिकार वाले शेयरों की तुलना में कम रह सकती है। भविष्य में अगर Meta पूंजी जुटाने के लिए और शेयर जारी करती है, तो मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, कुछ अधिग्रहण सौदों में मतदान अधिकार वाले शेयरों से जुड़ी शर्तें लागू हो सकती हैं। ऐसे मामलों में बिना मतदान अधिकार वाले Class C शेयरों का इस्तेमाल सीमित हो सकता है।
कुल मिलाकर, Meta की नई शेयर व्यवस्था का मकसद AI में बढ़ते निवेश और कारोबारी विस्तार के लिए पूंजी जुटाने के विकल्प बढ़ाना है। साथ ही, कंपनी ने नए शेयरों की बिक्री से जुड़ी शर्तें इस तरह तय की हैं कि मार्क जुकरबर्ग का मतदान नियंत्रण बरकरार रहे।
सिडनी में दिए एक इंटरव्यू में संचार मंत्री अनिका वेल्स ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इन पांचों प्लेटफॉर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ऑस्ट्रेलिया सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगाए गए प्रतिबंध का पालन नहीं करने के आरोप में फेसबुक, टिकटॉक और दूसरी बड़ी डिजिटल कंपनियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की तैयारी कर रही है। देश की संचार मंत्री अनिका वेल्स ने एक इंटरव्यू में यह जानकारी दी।
ऑस्ट्रेलिया के ऑनलाइन सुरक्षा नियामक ई-सेफ्टी कमिश्नर ने मार्च में फेसबुक और इंस्टाग्राम की मालिक कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स, टिकटॉक, स्नैपचैट और यूट्यूब के खिलाफ जांच शुरू की थी। इन कंपनियों पर कानून का सही तरीके से पालन नहीं करने का संदेह है।
इस कानून के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे उचित कदम उठाने होते हैं, जिनसे 16 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया अकाउंट न बना सकें और न ही उनका इस्तेमाल जारी रख सकें। सरकार का मकसद बच्चों को इंटरनेट पर मौजूद नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट से बचाना है।
सोमवार को सिडनी में दिए एक इंटरव्यू में संचार मंत्री अनिका वेल्स ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इन पांचों प्लेटफॉर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
जांच में सामने आईं उम्र की जांच से जुड़ी खामियां
ई-सेफ्टी कमिश्नर की जुलाई में जारी एक रिपोर्ट में सामने आया कि 16 साल से कम उम्र के ज्यादातर सोशल मीडिया यूजर्स अपने अकाउंट इस्तेमाल करते रहे या नए अकाउंट बनाने में कामयाब रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी एक बड़ी वजह प्लेटफॉर्म पर उम्र की सही जांच करने की प्रभावी व्यवस्था का अभाव था।
ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध करीब एक साल पहले लागू हुआ था। इसके बाद सरकार ने कानून का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर लगने वाले अधिकतम जुर्माने को दोगुना कर 10.92 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 7.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर) कर दिया है।
सरकार ने ई-सेफ्टी कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट को जांच से जुड़े अधिक अधिकार भी दिए हैं। अब वह सोशल मीडिया कंपनियों से दस्तावेज मांग सकती हैं। इसके अलावा, मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों को सवालों के जवाब देने के लिए बुलाने का अधिकार भी उनके पास है।
अनिका वेल्स ने कहा कि इन अतिरिक्त अधिकारों से कमिश्नर को जरूरी सबूत जुटाने में मदद मिलेगी, ताकि पांचों कंपनियों के खिलाफ संघीय अदालत में मामला ले जाया जा सके। उन्होंने कहा कि कमिश्नर अब इन अधिकारों का इस्तेमाल कर अपना मामला तैयार कर रही हैं।
कंपनियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं
मंत्री के बयान पर मेटा और ई-सेफ्टी कमिश्नर के प्रवक्ताओं ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। वहीं, स्नैपचैट की मालिक कंपनी स्नैप इंक., टिकटॉक और उसकी मालिक कंपनी बाइटडांस लिमिटेड तथा यूट्यूब की मूल कंपनी गूगल के प्रतिनिधियों ने भी ईमेल से भेजे गए सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया।
ई-सेफ्टी कमिश्नर एक स्वतंत्र नियामक संस्था है। हालांकि, यह सरकार का हिस्सा है और संचार मंत्री के माध्यम से ऑस्ट्रेलियाई संसद के प्रति जवाबदेह है। फिलहाल यह जिम्मेदारी अनिका वेल्स के पास है।
पिछले सप्ताह भी वेल्स ने कहा था कि सोशल मीडिया कंपनियां उम्र से जुड़ी पाबंदियों का पालन करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही हैं।
15 अक्टूबर को नेशनल प्रेस क्लब में दिए गए भाषण में उन्होंने कहा था कि कानून में कोई कमी नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उसका पालन करने में नाकाम हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार तकनीकी कंपनियों को उनके जवाबदेह ठहराने से पीछे नहीं हटेगी।
अमेरिकी न्यूज नेटवर्क CNN की चीफ इंटरनेशनल एंकर क्रिस्टियन अमनपोर जून 2027 में नेटवर्क छोड़ देंगी। इसके साथ ही CNN के साथ उनका 43 साल पुराना जुड़ाव खत्म हो जाएगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अमेरिकी न्यूज नेटवर्क CNN की चीफ इंटरनेशनल एंकर क्रिस्टियन अमनपोर जून 2027 में नेटवर्क छोड़ देंगी। इसके साथ ही CNN के साथ उनका 43 साल पुराना जुड़ाव खत्म हो जाएगा। अमनपोर ने खुद इसकी घोषणा की है। वह दुनिया भर के संघर्षों, राजनीति और बड़े नेताओं के इंटरव्यू के लिए जानी जाती हैं।
CNN की ओर से साझा किए गए बयान में अमनपोर ने कहा कि उन्होंने कई महीनों तक सोच-विचार करने के बाद यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा, “कई महीनों तक सोचने और कुछ रातों की नींद उड़ने के बाद मैंने CNN से अलग होने का फैसला किया है। CNN के साथ मेरा 43 शानदार साल का सफर रहा है।”
1983 में CNN से शुरू किया था सफर
क्रिस्टियन अमनपोर ने 1983 में CNN के अटलांटा मुख्यालय में इंटरनेशनल असाइनमेंट डेस्क पर शुरुआती स्तर की सहायक के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने नेटवर्क के न्यूयॉर्क ब्यूरो में रिपोर्टर के रूप में काम किया। धीरे-धीरे वह CNN की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संवाददाताओं में शामिल हो गईं।
अमनपोर ने दुनिया के कई अहम संघर्षों और राजनीतिक घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग की है। वह अपनी बेबाक पत्रकारिता और विश्व नेताओं तथा प्रभावशाली हस्तियों से सीधे सवाल पूछने के लिए पहचानी जाती हैं।
फिलहाल वह CNN International के प्रमुख वैश्विक मामलों के कार्यक्रम Amanpour की एंकर हैं। इसके अलावा वह The Amanpour Hour की भी मेजबानी करती हैं।
CNN के मालिकाना हक में बदलाव के कुछ हफ्ते बाद आया ऐलान
अमनपोर के CNN छोड़ने का ऐलान ऐसे समय में आया है, जब नेटवर्क के मालिकाना हक में बड़ा बदलाव हुआ है। यह घोषणा Skydance, जिसे पहले Paramount Skydance के नाम से जाना जाता था, द्वारा Warner Bros. Discovery का 110 अरब डॉलर का अधिग्रहण पूरा करने के कुछ हफ्ते बाद हुई है।
इस अधिग्रहण के बाद CNN और CBS News एक ही मालिकाना समूह के तहत आ गए हैं।
अमनपोर के जाने के साथ CNN के साथ उनका चार दशक से भी ज्यादा लंबा सफर समाप्त हो जाएगा। हालांकि, उनके बयान में नेटवर्क छोड़ने के फैसले के पीछे किसी खास वजह का उल्लेख नहीं किया गया है।
TikTok ने एलन मस्क पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘Musk’ के प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे विज्ञापन अकाउंट को स्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
TikTok ने एलन मस्क पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘Musk’ के प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे विज्ञापन अकाउंट को स्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। कंपनी ने यह फैसला राजनीतिक कंटेंट से जुड़ी अपनी नीतियों के उल्लंघन का हवाला देते हुए लिया है। इस कदम से फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर Bleecker Street के लिए TikTok पर पैसे देकर डॉक्यूमेंट्री का प्रचार करना मुश्किल हो गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब फिल्म को उत्तरी अमेरिका के कई शहरों में सिनेमाघरों तक पहुंचाया जा रहा है।
द हॉलीवुड रिपोर्टर के मुताबिक, Bleecker Street को शुक्रवार दोपहर इस प्रतिबंध की जानकारी दी गई। डिस्ट्रीब्यूटर ने पुष्टि की कि TikTok के प्रतिनिधियों ने उसे फैसले के बारे में बताया है। कंपनी ने प्रतिबंध लगाए जाने के समय पर निराशा जताई है और इसके खिलाफ अपील भी की है।
फिल्म का TikTok अकाउंट अभी भी सक्रिय है और वहां बिना पैसे खर्च किए पोस्ट किए जा सकते हैं। लेकिन विज्ञापन अकाउंट पर प्रतिबंध के कारण डिस्ट्रीब्यूटर पोस्ट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए भुगतान नहीं कर सकता। इससे सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन के दौरान उसके प्रचार पर असर पड़ सकता है, क्योंकि दर्शकों को फिल्म के बारे में जानकारी पहुंचाने में सोशल मीडिया की अहम भूमिका होती है।
TikTok ने प्रचार से जुड़ी कई कंटेंट को भी किया था खारिज
अकाउंट पर स्थायी प्रतिबंध लगाने से पहले TikTok ने फिल्म के प्रचार से जुड़ी कई सामग्रियों को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। इनमें फिल्म का ट्रेलर और द न्यू यॉर्कर के एक कथन वाला प्रचार पोस्ट शामिल था। इस कथन में अमेरिकियों से डॉक्यूमेंट्री देखने की अपील की गई थी। TikTok ने इस पोस्ट को इसलिए खारिज किया क्योंकि इसमें एक स्थिर तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था।
इसके अलावा, प्रचार से जुड़ी दूसरी पोस्ट पर भी पाबंदियां लगाई गईं। एक पोस्ट में मजाकिया अंदाज में बताया गया था कि करीब चार घंटे लंबी फिल्म के बीच के अंतराल में दर्शक क्या कर सकते हैं। इसमें अपने X अकाउंट डिलीट करने और राजनीतिक हालात पर चर्चा करने जैसी बातें शामिल थीं। एक अन्य पोस्ट में दर्शकों से अपील की गई थी कि वे डॉक्यूमेंट्री को प्लेटफॉर्म से हटाए जाने से पहले देख लें।
पिछले कुछ दिनों में Bleecker Street अपनी करीब छह प्रचार कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए भुगतान नहीं कर पाया।
द हॉलीवुड रिपोर्टर की रिपोर्ट के अनुसार, TikTok की ओर से डिस्ट्रीब्यूटर को भेजे गए संदेश में नीतियों के उल्लंघन को गंभीर बताया गया था। संदेश में कहा गया था कि कुछ उल्लंघनों के मामलों में अकाउंट को तुरंत निलंबित किया जा सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस मामले में किन खास उल्लंघनों के कारण प्रतिबंध लगाया गया। TikTok ने इस फैसले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
Meta और YouTube ने पहले खारिज किए विज्ञापनों को बाद में दी मंजूरी
TikTok का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब डॉक्यूमेंट्री ‘Musk’ को दूसरे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी विज्ञापन मंजूर कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। Meta और YouTube ने शुरुआत में फिल्म के ट्रेलर के प्रचार वाले विज्ञापनों को खारिज कर दिया था, लेकिन बाद में दोनों प्लेटफॉर्म उन्हें चलाने के लिए तैयार हो गए। Meta ने अपनी शुरुआती अस्वीकृति को तकनीकी या प्रक्रियागत गलती बताया था।
ऑस्कर पुरस्कार जीत चुके फिल्मकार Alex Gibney के निर्देशन में बनी यह डॉक्यूमेंट्री एलन मस्क की कारोबारी गतिविधियों, Twitter के अधिग्रहण और राजनीति में उनकी भूमिका की पड़ताल करती है। इसमें सरकारी विभाग Department of Government Efficiency (DOGE) के साथ उनके कामकाज का भी जिक्र है।
Gibney ने इस फिल्म के लिए तीन साल से ज्यादा समय तक जांच-पड़ताल की। डॉक्यूमेंट्री के दूसरे हिस्से में मस्क की राजनीतिक गतिविधियों पर खासा ध्यान दिया गया है। हालांकि, द हॉलीवुड रिपोर्टर के मुताबिक, फिल्म किसी खास राजनेता, उम्मीदवार या राजनीतिक विचारधारा का समर्थन नहीं करती।
उत्तरी अमेरिका में बढ़ रहा है फिल्म का प्रदर्शन
विज्ञापन को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब डॉक्यूमेंट्री का सिनेमाघरों में प्रदर्शन लगातार बढ़ाया जा रहा है। फिल्म की शुरुआत न्यूयॉर्क और लॉस एंजिलिस के चार सिनेमाघरों में हुई थी। पहले सप्ताहांत में इसने 70,000 डॉलर की कमाई की थी।
अब यह डॉक्यूमेंट्री दर्जनों शहरों में दिखाई जा रही है। इसकी रिलीज का दायरा बढ़ाकर उत्तरी अमेरिका के 470 से ज्यादा सिनेमाघरों तक पहुंचाने की योजना है। ऐसे में TikTok पर विज्ञापन अकाउंट के निलंबन से फिल्म के प्रचार और दर्शकों तक पहुंच बनाने की कोशिशों पर असर पड़ सकता है।
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Vogue, GQ और Vanity Fair जैसी मशहूर मैगजीन प्रकाशित करने वाली कंपनी Condé Nast की ब्रिटेन इकाई के मुनाफे में पिछले साल 36% की गिरावट दर्ज की गई।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Vogue, GQ और Vanity Fair जैसी मशहूर मैगजीन प्रकाशित करने वाली कंपनी Condé Nast की ब्रिटेन इकाई के मुनाफे में पिछले साल 36% की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के नए वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, ब्रिटेन में उसका राजस्व भी 7% घट गया। यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब कंपनी के मालिक न्यूहाउस परिवार ने हाल ही में इसे बेचने की संभावनाओं से इनकार किया है।
कंपनी के वित्तीय खातों के मुताबिक, असाधारण मदों को छोड़कर उसका प्री-टैक्स मुनाफा 2024 में 2.8 करोड़ पाउंड था, जो पिछले साल घटकर करीब 1.8 करोड़ पाउंड रह गया। वहीं, ब्रिटेन से होने वाली कमाई 7% गिरकर 7.59 करोड़ पाउंड से 7.06 करोड़ पाउंड पर आ गई।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कारोबार से मिलने वाले राजस्व में बढ़ोतरी ने कंपनी की कुल कमाई को लगभग स्थिर बनाए रखने में मदद की। अंतरराष्ट्रीय राजस्व 18% बढ़कर 2.97 करोड़ पाउंड हो गया। इससे कंपनी का कुल राजस्व करीब 10 करोड़ पाउंड रहा।
खर्च बढ़ने से भी मुनाफे पर असर
Condé Nast ने कहा कि ब्रिटेन में उसका कारोबार लगातार मुनाफे में है। कंपनी के प्रवक्ता के मुताबिक, मुनाफे में बदलाव की एक वजह ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक नई सेवाओं और समाधानों में किया गया नियोजित निवेश है।
कंपनी के पुनर्गठन से जुड़े खर्च भी बढ़े हैं। ये खर्च 2024 के 19 लाख पाउंड से बढ़कर पिछले साल 43 लाख पाउंड हो गए। कंपनी के मुताबिक, इस खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बदले दिए गए भुगतान का था।
हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया कि 2025 में ब्रिटेन के कारोबार में बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी नहीं हुई। कुछ जगहों पर कर्मचारियों को हटाया गया, लेकिन नए लोगों की भर्ती जारी रहने के कारण कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग स्थिर रही।
कंपनी में कर्मचारियों की संख्या 2024 के 466 से घटकर पिछले साल 461 रह गई। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि पेंशन योजना के अनुमान में बदलाव और वेतन में बढ़ोतरी का असर भी मुनाफे पर पड़ा।
Vogue House की बिक्री से 2024 में हुई थी बड़ी कमाई
Condé Nast के लिए 2024 अच्छा साल रहा था। उस साल कंपनी ने लंदन स्थित अपने पूर्व मुख्यालय Vogue House की बिक्री से 6.4 करोड़ पाउंड की रकम हासिल की थी। इस बिक्री से कंपनी को उस साल अतिरिक्त वित्तीय फायदा हुआ था। हालांकि, पिछले साल ब्रिटेन के कारोबार से होने वाली कमाई में गिरावट और पुनर्गठन पर बढ़ते खर्च ने मुनाफे को प्रभावित किया।
Condé Nast के पोर्टफोलियो में Vogue, GQ, The New Yorker, Wired, Vanity Fair, Architectural Digest, Condé Nast Traveler, House & Garden और Tatler जैसे प्रमुख ब्रैंड शामिल हैं।
कंपनी को बेचने की चर्चाओं पर लगा विराम
पिछले सप्ताह Condé Nast को नियंत्रित करने वाली न्यूहाउस परिवार की होल्डिंग कंपनी Advance के चेयरमैन स्टीवन न्यूहाउस ने कंपनी को बेचने की संभावनाओं से इनकार किया था। इससे पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि Amazon के संस्थापक जेफ बेजोस इस मीडिया समूह को खरीद सकते हैं। बेजोस के पास अमेरिकी अखबार The Washington Post भी है।
स्टीवन न्यूहाउस ने Financial Times से बातचीत में कहा कि कुछ ऐसे लोगों के लिए मीडिया कंपनियों का मालिक होना प्रतिष्ठा की बात हो सकती है, जो पहले से मीडिया कारोबार में नहीं हैं। लेकिन उनका परिवार करीब 100 साल से मीडिया कारोबार में है और उसके लिए यह केवल प्रतिष्ठा का मामला नहीं है।
कंपनी में यह बयान ऐसे समय आया, जब मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रोजर लिंच ने अचानक पद छोड़ दिया। उन्हें 2019 में कंपनी के कारोबार को बेहतर स्थिति में लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब वह खिलौने बनाने वाली कंपनी Mattel के प्रमुख बन गए हैं।
Google के AI फीचर से मीडिया कारोबार को चुनौती
Condé Nast के सामने डिजिटल माध्यमों से जुड़ी चुनौतियां भी हैं। कंपनी के पूर्व CEO रोजर लिंच ने इस साल Google के AI Summaries फीचर को पारंपरिक ऑनलाइन सर्च और मीडिया वेबसाइटों तक पहुंचने के तरीके के लिए बड़ा झटका बताया था।
इस फीचर में Google खोज के नतीजों के ऊपर ही सवालों के जवाब का सार दिखा देता है। ऐसे में कई बार उपयोगकर्ताओं को पूरी जानकारी पढ़ने के लिए संबंधित वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
लिंच के मुताबिक, Google सर्च अब Condé Nast के कारोबार के लिए पहले जितना महत्वपूर्ण माध्यम नहीं रह गया है। पिछले साल कंपनी की वेबसाइटों पर आने वाले कुल लोगों में से करीब एक चौथाई Google सर्च के जरिए पहुंचे थे।
यह बदलाव उन मीडिया कंपनियों के लिए चुनौती बन रहा है, जो अपनी वेबसाइटों पर पाठकों की संख्या बढ़ाने और डिजिटल विज्ञापन से कमाई करने के लिए सर्च इंजन पर निर्भर रही हैं।
विज्ञापन से होती है ज्यादातर कमाई
Condé Nast के वित्तीय खातों के मुताबिक, कंपनी की कुल कमाई में विज्ञापन और अन्य सेवाओं का हिस्सा करीब 86% है। वहीं, पत्रिकाओं की बिक्री और दूसरी सदस्यताओं से लगभग 14% राजस्व आता है।
कंपनी के सात बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रैंड- Vogue, GQ, The New Yorker, Wired, Vanity Fair, Architectural Digest और Condé Nast Traveler मिलकर उसके कुल राजस्व का करीब 85% हिस्सा देते हैं।
कंपनी के खातों के अनुसार, अमेरिका के बाहर उसके सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहीं नतालिया गामेरो डेल कास्टिलो कालेखा को 13 लाख पाउंड से अधिक का भुगतान मिला। उन्होंने पिछले साल अगस्त में इस्तीफा दे दिया था।
इस साल Condé Nast ने अपनी महिला स्वास्थ्य पत्रिका Self को बंद करने की योजना भी घोषित की थी। यह पत्रिका 47 साल से प्रकाशित हो रही थी। कुल मिलाकर, ब्रिटेन में घटता मुनाफा, पुनर्गठन पर बढ़ता खर्च और डिजिटल माध्यमों में बदलाव Condé Nast के सामने प्रमुख चुनौतियां हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कारोबार से बढ़ती कमाई ने कंपनी के कुल राजस्व को स्थिर रखने में मदद की है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नई प्रेस सचिव केटी जकारिया को पद संभालने के महज तीन दिन बाद ही हटा दिया। उनकी पहली प्रेस ब्रीफिंग को लेकर आलोचना हुई थी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नई प्रेस सचिव केटी जकारिया को पद संभालने के महज तीन दिन बाद ही हटा दिया। उनकी पहली प्रेस ब्रीफिंग को लेकर आलोचना हुई थी। इसके अलावा, उनकी कानूनी योग्यता को लेकर भी सवाल उठे। इस घटनाक्रम ने अमेरिकी व्हाइट हाउस में ट्रंप के करीबी सहयोगियों के बीच चल रही बेचैनी को उजागर कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ, जब मध्यावधि चुनाव में तीन सप्ताह से भी कम समय बचा था।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जकारिया की पहली प्रेस ब्रीफिंग के बाद व्हाइट हाउस के कई अधिकारी और ट्रंप के सलाहकार उनके प्रदर्शन से निराश थे। हालांकि, शुरुआत में ट्रंप ने उनके काम की तारीफ की थी। लेकिन मीडिया में लगातार आलोचना होने और उनकी योग्यता पर सवाल उठने के बाद ट्रंप ने उन्हें पद से हटाने का फैसला किया।
ट्रंप ने शुक्रवार को जकारिया को पद से हटाने के बाद कहा कि उन्होंने उनसे पूछा था, 'क्या यह काम आपके लिए सही है, केटी? क्योंकि सच कहूं तो आपको इसकी जरूरत नहीं है।'
व्हाइट हाउस के कई सलाहकारों ने इस पूरे घटनाक्रम को बड़ी नाकामी बताया। जकारिया अपने परिवार के साथ कैलिफोर्निया से वॉशिंगटन आने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन पद से हटाए जाने के बाद उनकी योजनाओं पर रोक लग गई।
पहली प्रेस ब्रीफिंग में क्या हुआ?
जकारिया ने मंगलवार सुबह व्हाइट हाउस के प्रेस कक्ष में अपनी पहली प्रेस ब्रीफिंग की थी। रिपोर्ट के अनुसार, इसकी तैयारी के लिए वह सुबह 3 बजे उठी थीं, लेकिन उनके भाषण और दूसरे दस्तावेज ब्रीफिंग शुरू होने से करीब 90 मिनट पहले तक अंतिम रूप नहीं ले पाए थे।
ब्रीफिंग के दौरान उनकी प्रस्तुति में झिझक दिखाई दी। वह ट्रंप के कामकाज की तारीफ करने वाली तैयार स्क्रिप्ट पढ़ रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा।
जब पत्रकारों ने सवाल पूछने शुरू किए, तो वह यह नहीं बता सकीं कि क्या अमेरिका ने यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना बंद कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऐसा सवाल था जिसकी तैयारी पहले से की जा सकती थी।
हालांकि, जकारिया ने इस ब्रीफिंग में एक अहम प्रशासनिक बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किम्बर्ली गिलफॉयल को ग्रीस में अमेरिकी राजदूत के पद से इस्तीफा देने के लिए कहा गया है।
बाद में जकारिया ने अपने इस प्रदर्शन को सफल बताते हुए कहा कि वह प्रशासन में कर्मचारियों से जुड़े बदलावों की घोषणा करने वाली शुरुआती प्रेस सचिवों में से एक थीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें यह जानकारी देने का भरोसा सौंपा, इसके लिए वह सम्मानित महसूस करती हैं।
लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, यह उनके कार्यकाल में दी गई एकमात्र महत्वपूर्ण जानकारी साबित हुई।
ट्रंप ने आखिर जकारिया को क्यों चुना?
जकारिया को प्रेस सचिव बनाने का फैसला अचानक लिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को लगता था कि मध्यावधि चुनाव से पहले उनके समर्थन में बोलने वाले लोगों की कमी है। रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी संभावनाओं को लेकर लगातार नकारात्मक खबरें आ रही थीं और इसके लिए ट्रंप को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा था।
इससे पहले कैरोलिन लेविट के गर्मियों के अंत में पद छोड़ने के बाद ट्रंप ने तुरंत नया प्रेस सचिव नियुक्त करने में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। उनके सहयोगियों और समर्थकों ने कई नाम सुझाए, लेकिन कोई भी नाम ट्रंप को खास पसंद नहीं आया।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया, लेकिन उनमें से कई ने पहले ट्रंप की आलोचना की थी। इस वजह से वे पद की दौड़ से बाहर हो गए।
इसके बाद ट्रंप का ध्यान केटी जकारिया पर गया। वह केबल न्यूज चैनलों पर नियमित रूप से दिखाई देती थीं और ट्रंप की नीतियों का जोरदार समर्थन करती थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अपने सहयोगियों, जिनमें चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स भी शामिल थीं, से जकारिया के नाम पर चर्चा की। उन्होंने कैरोलिन लेविट से भी सलाह ली।
ट्रंप की करीबी सहयोगी नताली हार्प भी जकारिया की समर्थक बताई गईं। रिपोर्ट के अनुसार, जकारिया का नाम नियुक्ति से सिर्फ एक सप्ताह पहले तक इस पद के लिए विचाराधीन नहीं था।
पिछले बुधवार को अधिकारियों ने जकारिया और ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत की व्यवस्था की। अगले दिन जकारिया वॉशिंगटन पहुंचीं और शुक्रवार तक वह ओवल ऑफिस में थीं। इसी बातचीत के दौरान ट्रंप ने अचानक उन्हें प्रेस सचिव बनाने का प्रस्ताव दिया। उस समय सूसी वाइल्स मौजूद नहीं थीं। बाद में सहयोगियों ने उन्हें इस फैसले की जानकारी दी।
जकारिया ने शुक्रवार शाम फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि राष्ट्रपति खुद प्रतिभाओं की तलाश करने वाले सबसे बड़े व्यक्ति हैं और ट्रंप की नीतियों का बड़ा समर्थक होने से उन्हें यह जिम्मेदारी मिली।
नियुक्ति के तुरंत बाद ही शुरू हो गई थी आलोचना
जकारिया के पहले इंटरव्यू को लेकर भी ट्रंप के कुछ पुराने सलाहकारों ने नाराजगी जताई थी। यह इंटरव्यू उस समय प्रसारित हुआ, जब ट्रंप न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन में यह माना जाता रहा है कि जब राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में व्यस्त हों, तो उनके अधीन काम करने वाले अधिकारियों को उसी समय अलग से टीवी इंटरव्यू नहीं देना चाहिए। ऐसा करना राष्ट्रपति के कार्यक्रम से लोगों का ध्यान हटाने वाला कदम माना जा सकता है।
इसके बावजूद, ट्रंप ने शुरुआत में जकारिया के प्रदर्शन पर कोई खास नाराजगी नहीं दिखाई। रविवार शाम उन्होंने घोषणा की कि जकारिया मंगलवार सुबह अपनी पहली परिचयात्मक प्रेस ब्रीफिंग करेंगी।
लेकिन ब्रीफिंग के बाद आलोचना बढ़ने लगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनके प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ लोगों में इस काम के लिए जरूरी क्षमता होती है और कुछ में नहीं। उनके मुताबिक, जकारिया पत्रकारों के सामने प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने में सफल नहीं रहीं।
एक अन्य सलाहकार ने उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या उनकी योग्यता और अनुभव की जांच की गई थी। रिपोर्ट में कई अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि नियुक्ति से पहले उनकी पर्याप्त जांच नहीं हुई थी।
अलास्का दौरे के दौरान भी हुई गलती
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप के अलास्का दौरे के दौरान जकारिया की अनुभवहीनता से जुड़ा एक और मामला सामने आया। उन्होंने व्हाइट हाउस के अधिकारियों से कहा कि वह चुनावी रैली के बाद ट्रंप का फॉक्स न्यूज के एक पत्रकार के साथ इंटरव्यू करवाना चाहती हैं।
लेकिन अधिकारियों ने उन्हें बताया कि ट्रंप आम तौर पर कार्यक्रम खत्म होने के बाद कोई और काम करना पसंद नहीं करते। वह करीब दो घंटे तक कार्यक्रम में हिस्सा ले चुके होते हैं और उसके बाद वहां से निकलना चाहते हैं। यह बात उनकी टीम के लोगों को पहले से मालूम थी।
इसके बावजूद जकारिया ने इंटरव्यू को सही फैसला बताया और कहा कि संबंधित पत्रकार उनके दोस्त हैं। जब ट्रंप मंच से उतरकर जाने के लिए तैयार हुए, तो जकारिया ने उन्हें इस योजना के बारे में बताया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप इससे नाराज हो गए और उन्होंने इंटरव्यू करने से इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में वह इसके लिए तैयार हो गए।
ट्रंप के आसपास मौजूद लोगों के लिए यह घटना इस बात का संकेत थी कि जकारिया अभी राष्ट्रपति की कार्यशैली और उनकी पसंद-नापसंद को अच्छी तरह नहीं समझती थीं।
कानूनी योग्यता पर भी उठे सवाल
जकारिया की नियुक्ति पर सवाल उस समय और बढ़ गए, जब उनकी कानूनी योग्यता को लेकर विवाद शुरू हुआ। वह सार्वजनिक रूप से खुद को वकील बताती रही थीं, लेकिन इस बात का कोई सार्वजनिक प्रमाण नहीं था कि उन्होंने वकालत की पात्रता के लिए जरूरी बार परीक्षा पास की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खबर दी कि जकारिया इस परीक्षा में असफल रही थीं। बाद में जकारिया ने खुद इसकी पुष्टि की। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बताया गया था कि वह खुद को 'लॉयर' कह सकती हैं, भले ही उन्हें 'अटॉर्नी' न कहा जाए।
हालांकि, वह सोशल मीडिया पर ऐसे संदेशों को भी बार-बार साझा करती रही थीं, जिनमें उन्हें अटॉर्नी बताया गया था। उनकी सफाई से विवाद खत्म होने के बजाय और बढ़ गया।
गुरुवार रात फॉक्स न्यूज पर ट्रंप के करीबी माने जाने वाले शॉन हैनिटी के कार्यक्रम में भी उनसे उनकी कानूनी योग्यता को लेकर सवाल पूछे गए। रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार हो रहे इन विवादों के बाद ट्रंप ने तय किया कि जकारिया को पद पर बनाए रखना मुश्किल है।
इसके बावजूद, शुक्रवार को पद से हटाए जाने से पहले तक जकारिया को लगता था कि ट्रंप का भरोसा उनके साथ बना हुआ है। फॉक्स न्यूज पर एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह अभी भी अपने पद पर हैं। बाद में व्हाइट हाउस लौटते समय उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वह उनके साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं और उनसे अपना फोन नंबर मांगने को भी कहा।
लेकिन इसके करीब चार घंटे बाद ट्रंप ने उनसे बातचीत की और उन्हें पद से हटाने का फैसला सुना दिया।
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस पूरे मामले को लेकर की जा रही अटकलें केवल अटकलें हैं और इनमें सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि जकारिया ने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी और अब वह नई भूमिका में जाते हुए भी राष्ट्रपति का समर्थन करती रहेंगी। चेउंग ने उन्हें एक शानदार टीम सदस्य और बेहतरीन प्रतिभा बताया।
जकारिया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी कहा कि ट्रंप के लिए काम करना उनके लिए सम्मान की बात थी। उन्होंने लिखा कि वह चाहती हैं कि ज्यादा अमेरिकी ट्रंप की अहमियत को समझें। उनके मुताबिक, जिस तरह ट्रंप ने और अब भी अमेरिका को महान बनाने का काम किया है, वैसा कोई दूसरा नहीं कर सकता।
सीएनएन ने इस मामले पर जकारिया से भी प्रतिक्रिया मांगी थी।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने निजी तौर पर जकारिया को पसंद करने और उनका सम्मान करने की बात कही। शुक्रवार शाम जकारिया और उनका परिवार उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के आवास पर उनके साथ डिनर करने वाला था। इसे इस बात का संकेत बताया गया कि पद से हटाए जाने के बावजूद प्रशासन में उनके व्यक्तिगत संबंध खराब नहीं हुए थे।
ट्रंप के सामने अब नई चुनौती
जकारिया को हटाए जाने के बाद ट्रंप के पास एक बार फिर कोई शीर्ष प्रेस सचिव नहीं है। मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले यह स्थिति उनके प्रशासन के लिए चुनौती बन सकती है, क्योंकि इस दौरान राष्ट्रपति और उनकी पार्टी के पक्ष को मीडिया के सामने रखने की जरूरत बढ़ जाती है।
ट्रंप ने शुक्रवार को यह संकेत नहीं दिया कि उनकी जगह किसे नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने केवल इतना कहा कि इस पद के लिए बहुत से लोग इच्छुक हैं और अब नए सिरे से तलाश शुरू होगी।
यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि ट्रंप के लिए इस समय ऐसा प्रेस सचिव चुनना कितना महत्वपूर्ण है, जो न सिर्फ उनकी नीतियों का बचाव कर सके, बल्कि पत्रकारों के कठिन सवालों का जवाब देने और प्रशासन का पक्ष स्पष्ट रूप से रखने में भी सक्षम हो।
मीडिया कंपनी Fox Corp के शेयरों में शुक्रवार को तेजी देखने को मिली। शेयर 1.24% बढ़कर 57.85 डॉलर पर पहुंच गया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया कंपनी Fox Corp के शेयरों में शुक्रवार को तेजी देखने को मिली। शेयर 1.24% बढ़कर 57.85 डॉलर पर पहुंच गया। इसकी वजह बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) की ओर से कंपनी की रेटिंग को ‘Underperform’ से बढ़ाकर ‘Buy’ करना रहा। बैंक ने यह फैसला Roku के प्रस्तावित अधिग्रहण से कंपनी को मिलने वाले विकास के अवसरों को देखते हुए लिया है।
बैंक ऑफ अमेरिका की विश्लेषक जेसिका रीफ एर्लिच ने Fox Corp के शेयर का लक्ष्य मूल्य 54 डॉलर से बढ़ाकर 85 डॉलर कर दिया है। विश्लेषक का मानना है कि Roku का प्रस्तावित अधिग्रहण कंपनी की स्ट्रीमिंग कारोबार में वृद्धि को तेज कर सकता है। साथ ही, इससे विज्ञापन से होने वाली कमाई बढ़ने और लागत घटाने में भी मदद मिल सकती है। इस अधिग्रहण के 2027 की शुरुआत में पूरा होने की उम्मीद है।
Roku के सौदे से बदलेगी Fox की लंबी अवधि की संभावनाएं
एर्लिच के मुताबिक, Roku का अधिग्रहण Fox की लंबी अवधि की कारोबारी संभावनाओं को बुनियादी रूप से बदल सकता है। इससे स्ट्रीमिंग कारोबार में कंपनी की स्थिति मजबूत होगी। इस सौदे के तहत Fox के प्रीमियम खेल और समाचार कार्यक्रमों को Roku के वितरण मंच और विज्ञापन तकनीक के साथ जोड़ा जाएगा।
विश्लेषक का अनुमान है कि दोनों कंपनियों के एक साथ आने के बाद उनका राजस्व सालाना ऊंची एकल-अंकीय दर से बढ़ सकता है। इसके मुकाबले, अकेले कारोबार करने पर Fox की राजस्व वृद्धि कम से मध्यम एकल-अंकीय दर तक रहने का अनुमान है।
इस साझेदारी का मकसद विज्ञापन बाजार में हो रहे बदलाव का फायदा उठाना है। विज्ञापनदाता पारंपरिक टेलीविजन के बजाय स्ट्रीमिंग मंचों पर अधिक खर्च कर रहे हैं। ऐसे में Fox की सामग्री और Roku की विज्ञापन तकनीक का मेल कंपनी के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
कमाई बढ़ाने और लागत घटाने की उम्मीद
बैंक ऑफ अमेरिका के अनुमान के मुताबिक, इस सौदे से 2028 तक हर साल करीब 53 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त राजस्व और 40 करोड़ डॉलर की लागत बचत हो सकती है। इन दोनों से मिलने वाले फायदे कंपनी के सालाना EBITDA में करीब 70 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी कर सकते हैं।
EBITDA किसी कंपनी की परिचालन लाभ कमाने की क्षमता को मापने का एक पैमाना है। इसमें ब्याज, टैक्स और कुछ अन्य खर्चों को शामिल करने से पहले की कमाई देखी जाती है।
बैंक ऑफ अमेरिका के सकारात्मक अनुमान वाले परिदृश्य में अतिरिक्त राजस्व 1 अरब डॉलर से भी अधिक हो सकता है। वहीं, 40 करोड़ डॉलर की लागत बचत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकने वाला माना गया है। यह दोनों कंपनियों के संयुक्त बिक्री, सामान्य और प्रशासनिक खर्चों तथा कॉरपोरेट लागत का करीब 10% है।
यह बचत विज्ञापन बिक्री से जुड़ी गतिविधियों, तकनीकी मंचों और कॉरपोरेट कामकाज को एक साथ लाने से हो सकती है। इससे दोनों कंपनियों के कुछ साझा कामों में होने वाला खर्च कम करने की संभावना है।
NFL के प्रसारण खर्च और बाजार से जुड़े जोखिम
इससे पहले निवेशकों की चिंता थी कि NFL के प्रसारण अधिकारों की बढ़ती लागत और पारंपरिक टेलीविजन देखने वाले दर्शकों की संख्या में गिरावट से Fox की कमाई पर दबाव पड़ सकता है।
हालांकि, एर्लिच को उम्मीद है कि NFL के प्रसारण अनुबंधों पर दोबारा बातचीत का मुद्दा लीग के 2029 के ऑप्ट-आउट विकल्प की समय-सीमा के करीब आ सकता है। ऑप्ट-आउट का मतलब है कि अनुबंध की शर्तों के तहत किसी पक्ष को तय समय पर समझौते से बाहर निकलने का विकल्प मिल सकता है।
विश्लेषक का मानना है कि Roku का वितरण नेटवर्क Fox की बातचीत करने की स्थिति को मजबूत कर सकता है। इससे कंपनी को खेल कार्यक्रमों के बढ़ते खर्च की भरपाई करने में मदद मिल सकती है।
2028 के लिए वित्तीय अनुमान
बैंक ऑफ अमेरिका के अनुमान के मुताबिक, Fox और Roku के संयुक्त कारोबार के प्रमुख वित्तीय आंकड़े इस प्रकार हैं:
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वित्तीय पैमाना |
2028 का अनुमान |
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संयुक्त राजस्व |
करीब 25.26 अरब डॉलर |
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संयुक्त EBITDA |
करीब 5.69 अरब डॉलर |
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शेयर का लक्ष्य मूल्य |
85 डॉलर |
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अनुमानित EBITDA के मुकाबले मूल्यांकन |
करीब 10 गुना |
आंकड़े क्या संकेत देते हैं?
विश्लेषक ने Fox के शेयर के लिए 85 डॉलर का लक्ष्य मूल्य तय किया है। इस मूल्यांकन में संयुक्त कंपनी की कीमत 2028 के अनुमानित 5.69 अरब डॉलर EBITDA के करीब 10 गुना के बराबर बैठती है।
यह अनुमान संकेत देता है कि मौजूदा बाजार मूल्यांकन में कंपनी को इस स्तर का मूल्य नहीं मिल रहा है। अगर अधिग्रहण के बाद दोनों कंपनियां एक साथ काम करने से होने वाले फायदे हासिल कर लेती हैं और EBITDA में करीब 70 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी का अनुमान पूरा होता है, तो शेयर में आगे बढ़ने की गुंजाइश हो सकती है।
Fox की रेटिंग को ‘Underperform’ से ‘Buy’ में बदलना यह भी दिखाता है कि बैंक ऑफ अमेरिका के आकलन में Roku की विज्ञापन तकनीक और वितरण नेटवर्क से मिलने वाला रणनीतिक फायदा, खेल प्रसारण अधिकारों की बढ़ती लागत को लेकर पहले की चिंताओं से अधिक अहम हो गया है।
हालांकि, रेटिंग बढ़ने के बावजूद निवेश से जुड़े जोखिम बने हुए हैं। खेल प्रसारण अधिकारों की लागत में बढ़ोतरी और Roku के अधिग्रहण के बाद दोनों कंपनियों के कारोबार को सफलतापूर्वक एक साथ चलाना ऐसे प्रमुख जोखिम हैं, जिन पर निवेशकों को ध्यान देना होगा।
हॉलीवुड में एक बड़ी कंपनी का गठन हो गया है। डेविड एलिसन की पैरामाउंट ने 111 अरब डॉलर में वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
हॉलीवुड में एक बड़ी कंपनी का गठन हो गया है। डेविड एलिसन की पैरामाउंट ने 111 अरब डॉलर में वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस सौदे के बाद दो बड़ी फिल्म स्टूडियो कंपनियां, टेलीविजन नेटवर्क, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, खेल प्रसारण अधिकार और न्यूज कारोबार अब एक ही कॉरपोरेट छतरी के नीचे आ गए हैं।
इस संयुक्त कंपनी का संचालन स्काईडांस नाम से होगा। यही वह नाम है जिसे डेविड एलिसन ने करीब 20 साल पहले शुरू किए गए अपने स्टूडियो के लिए इस्तेमाल किया था।
अब इस बड़े सौदे के बाद कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों कंपनियों के विशाल कारोबार को एक साथ लाने की है। नई कंपनी को 80 अरब डॉलर से ज्यादा के कर्ज को संभालना होगा और खुद को तकनीक आधारित मनोरंजन कंपनी के तौर पर विकसित करना होगा।
डेविड एलिसन कंपनी के चेयरमैन और सीईओ होंगे, जबकि यनॉन क्रेज सह-सीईओ की भूमिका निभाएंगे। नेतृत्व टीम का लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी की मीडिया और मनोरंजन कंपनी तैयार करना है, जो डिज्नी, नेटफ्लिक्स, अमेजन, एप्पल और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों के साथ मुकाबला कर सके।
फिल्म, टीवी, स्ट्रीमिंग और खेल अधिकारों का बड़ा पोर्टफोलियो
इस सौदे के बाद बनी कंपनी के पास फिल्मों और टेलीविजन की बड़ी संख्या में संपत्तियां, स्ट्रीमिंग कारोबार, खेल प्रसारण अधिकार, न्यूज कारोबार, पुरानी सामग्री का बड़ा संग्रह और कई चर्चित मनोरंजन ब्रैंड होंगे। हालांकि, कंपनी के मुताबिक केवल बड़ा आकार ही उसका लक्ष्य नहीं है। स्काईडांस इस बड़े कारोबार को तकनीक, डेटा और सामग्री बनाने और दर्शकों तक पहुंचाने की नई क्षमताओं के साथ जोड़ना चाहती है।
कंपनी का नाम स्काईडांस, लेकिन पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स के ब्रैंड रहेंगे
नई कंपनी का कॉरपोरेट नाम भले ही स्काईडांस होगा, लेकिन दर्शकों को पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स के नाम पहले की तरह दिखाई देंगे। पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स अपने-अपने ब्रैंड के तहत काम करते रहेंगे। फिल्मों और शो के सामने पैरामाउंट का पहाड़ और वार्नर ब्रदर्स की ढाल वाला लोगो भी बना रहेगा।
कंपनी ने स्काईडांस नाम चुनने का फैसला जानबूझकर किया है। उसका कहना है कि वार्नरपैरामाउंट या पैरामाउंटवार्नर जैसे नाम दोनों स्टूडियो को छोटा महसूस कराते, जबकि स्काईडांस नाम दोनों की विरासत को बनाए रखते हुए एक नए अध्याय का संकेत देता है।
इस तरह नई कंपनी के सामने एक साथ दो काम होंगे- दोनों कारोबारों को एक करना और उन ब्रैंडों की पहचान को भी बनाए रखना, जिनकी वजह से पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स दुनिया भर में जाने जाते हैं।
हर साल कम से कम 30 फिल्में बनाने की योजना
स्काईडांस ने संयुक्त कारोबार के लिए बड़ी सामग्री रणनीति भी तैयार की है। कंपनी ने हर साल कम से कम 30 फिल्में बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। इन फिल्मों में नई कहानियों के साथ-साथ हैरी पॉटर, मिशन: इम्पॉसिबल, द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स, डीसी, ट्रांसफॉर्मर्स और स्टार ट्रेक जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी भी शामिल होंगी।
टेलीविजन और स्ट्रीमिंग के लिए कंपनी के पास गेम ऑफ थ्रोन्स, लैंडमैन, एनसीआईएस, ट्रैकर और स्पंजबॉब स्क्वायरपैंट्स जैसी चर्चित संपत्तियां हैं। कंपनी ने हॉगवर्ट्स लेगेसी और मॉर्टल कोम्बैट जैसी गेमिंग फ्रेंचाइजी का भी जिक्र किया है। इसके अलावा उसके पास सीबीएस पर एनएफएल, यूएफसी, यूईएफए और मार्च मैडनेस जैसे लाइव खेल अधिकार भी होंगे।
कंपनी के मुताबिक, फिल्मों, टेलीविजन, स्ट्रीमिंग, गेमिंग और लाइव स्पोर्ट्स को एक साथ लाना उसकी रणनीति का अहम हिस्सा है। इससे दर्शकों तक पहुंचने और अपनी मनोरंजन संपत्तियों से कमाई करने के कई रास्ते मिलेंगे।
तकनीक और AI पर भी रहेगा जोर
इस नई कंपनी की रणनीति में तकनीक को भी खास जगह दी गई है। स्काईडांस का कहना है कि वह तकनीक, डेटा और नई तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल सामग्री बनाने, उसे दर्शकों तक पहुंचाने और उससे कमाई करने के अलग-अलग चरणों में करना चाहती है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI भी शामिल है।
कंपनी के मुताबिक, AI का इस्तेमाल रचनात्मक लोगों की कल्पनाओं के दायरे को बढ़ाने और काम की उत्पादकता सुधारने के लिए किया जाएगा। हालांकि, कंपनी का कहना है कि तकनीक का काम कला की जगह लेना नहीं, बल्कि उसकी मदद करना होना चाहिए।
मनोरंजन कारोबार में भी काफी बदलाव आया है। दर्शकों के पास अब पहले से कहीं ज्यादा प्लेटफॉर्म और विकल्प हैं। तकनीक सामग्री बनाने और उसे लोगों तक पहुंचाने के तरीके बदल रही है, जबकि स्ट्रीमिंग ने सामग्री देखने और उससे कमाई करने के तरीके को भी बदल दिया है।
इसी वजह से स्काईडांस खुद को केवल एक बड़ी स्टूडियो कंपनी के तौर पर नहीं, बल्कि तकनीक से संचालित मनोरंजन कारोबार के लिए तैयार की गई मीडिया कंपनी के तौर पर पेश कर रही है।
6 अरब डॉलर की बचत का लक्ष्य
इस सौदे से जुड़े वित्तीय आंकड़े भी काफी बड़े हैं। संयुक्त कंपनी को करीब 70 अरब डॉलर का राजस्व हासिल होने की उम्मीद है। इसके साथ ही पैरामाउंट और वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के कारोबार को एक साथ लाने से कम से कम 6 अरब डॉलर की बचत यानी तालमेल से होने वाले वित्तीय लाभ का लक्ष्य रखा गया है।
कंपनी के मुताबिक, इस बचत से कारोबार को ज्यादा कुशल बनाने और सामग्री, प्रतिभा तथा तकनीक में निवेश के लिए पूंजी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, दोनों बड़े कारोबारों को एक साथ लाने का मतलब कुछ मुश्किल कारोबारी फैसले भी होंगे। कंपनी ने माना है कि एकीकरण की प्रक्रिया में बदलाव आएंगे और इससे कर्मचारियों से जुड़े फैसले भी प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि इस प्रक्रिया को सोच-समझकर और सम्मान के साथ संभाला जाएगा।
80 अरब डॉलर से ज्यादा का कर्ज भी चुनौती
नई कंपनी के सामने सबसे बड़ी तत्काल चुनौतियों में से एक उसकी वित्तीय स्थिति है। संयुक्त कंपनी पर 80 अरब डॉलर से ज्यादा का कर्ज होगा। इसका मतलब है कि कारोबार का आकार बढ़ाने के साथ-साथ कंपनी को अपने वित्तीय मामलों पर भी काफी ध्यान देना होगा।
ऐसे में 6 अरब डॉलर की लक्षित बचत कंपनी के लिए सिर्फ एक कारोबारी लक्ष्य नहीं है। यह सामग्री और तकनीक में निवेश करने के साथ-साथ कर्ज और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियों को संभालने में भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
इसके साथ ही स्काईडांस का कहना है कि वह इतनी वित्तीय क्षमता बनाए रखना चाहती है कि रचनात्मक काम में जोखिम ले सके, कर्मचारियों और तकनीक में निवेश कर सके और ऐसे अवसरों पर काम कर सके जो उसे प्रतिस्पर्धी बाजार में अलग पहचान दिलाएं।
अब असली चुनौती सौदे को सफलतापूर्वक लागू करने की
डेविड एलिसन और यनॉन क्रेज के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी इस पूरे सौदे को जमीन पर लागू करने की है। उन्हें दो बड़ी कंपनियों के संगठनों को एक साथ लाना होगा, रचनात्मक प्रतिभाओं को जोड़े रखना होगा, बड़ी और पुरानी फ्रेंचाइजी की कीमत बनाए रखनी होगी और कारोबार में ऐसी बचत करनी होगी जिससे उन व्यवसायों को नुकसान न पहुंचे, जिन्होंने इन कंपनियों को यहां तक पहुंचाया है।
कंपनी ने अपनी आगे की रणनीति के लिए चार बड़े लक्ष्य बताए हैं- कहानी कहने के मामले में आगे रहना, तकनीक के मामले में ज्यादा सक्षम बनना, वैश्विक स्तर पर मुकाबला करना और कर्मचारियों, रचनाकारों, दर्शकों, विज्ञापनदाताओं तथा साझेदारों का भरोसा हासिल करना।
संयुक्त कंपनी के पास काम करने के लिए बहुत बड़ा पोर्टफोलियो है। उसके पास दशकों का फिल्म और टेलीविजन इतिहास, बड़ी फ्रेंचाइजी, खेल अधिकार, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और दुनिया भर में दर्शकों तक पहुंच है। वहीं, नई तकनीकी रणनीति का मकसद इन संपत्तियों का अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ज्यादा प्रभावी इस्तेमाल करना है।
दर्शकों के लिए फिलहाल इसका सीधा असर यह हो सकता है कि उन्हें अपनी पसंद की पुरानी और चर्चित फ्रेंचाइजी तक पहुंचने के और रास्ते मिलें। रचनात्मक लोगों के लिए कंपनी बड़े पैमाने और ज्यादा वितरण क्षमता का वादा कर रही है। वहीं निवेशकों के लिए करीब 70 अरब डॉलर के राजस्व और कम से कम 6 अरब डॉलर की लक्षित बचत का संयोजन अहम है।
हालांकि, 111 अरब डॉलर का यह अधिग्रहण पूरा होना कहानी का अंत नहीं, बल्कि अगले चरण की शुरुआत है। दो बड़ी कंपनियों को एक साथ चलाना, 80 अरब डॉलर से ज्यादा के कर्ज को संभालना और यह साबित करना कि बड़े आकार को टिकाऊ विकास में बदला जा सकता है- अब यही तय करेगा कि स्काईडांस का यह सबसे बड़ा दांव कितना सफल होता है।