डॉ. सुभाष चंद्रा का बड़ा ऐलान, पिता की स्मृति में बनाएंगे 'नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी'

डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही नंद किशोर गोयनका के मूल्यों और समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।

Last Modified:
Wednesday, 15 July, 2026
Nandkishore Goenka


‘एस्सेल ग्रुप’ (Essel Group) के चेयरमैन और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष चंद्रा ने अपने पिता एवं वरिष्ठ उद्योगपति व समाजसेवी नंद किशोर गोयनका की स्मृति में 'नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी' स्थापित करने की घोषणा की है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय हरियाणा के अग्रोहा में बनाया जाएगा और इस पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

यह घोषणा नंद किशोर गोयनका के अंतिम संस्कार के बाद की गई। उनका 13 जुलाई को मुंबई में 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार हरियाणा के अग्रोहा धाम स्थित गोयनका उद्यान में किया गया, जहां बड़ी संख्या में परिवार के सदस्य, समाज के लोग और शुभचिंतक मौजूद रहे।

डॉ. सुभाष चंद्रा ने बताया कि उन्होंने अपने तीनों भाइयों के साथ मिलकर अपने पिता की स्मृति में इस विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया है। इस संस्थान का उद्देश्य युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। साथ ही यह विश्वविद्यालय नंद किशोर गोयनका के मूल्यों और समाज सेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।

डॉ. सुभाष चंद्रा के अनुसार, प्रस्तावित विश्वविद्यालय में ऐसे पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, जिनका फोकस समाज सेवा, सामुदायिक कल्याण और समाज को वापस लौटाने की भावना पर होगा। उनका कहना है कि छात्रों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझने और निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

अग्रोहा धाम हरियाणा के हिसार जिले में स्थित एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र है, जो महाराजा अग्रसेन और महालक्ष्मी को समर्पित है। इसका निर्माण वर्ष 1976 में शुरू हुआ था और 1984 में पूरा हुआ। नंद किशोर गोयनका ने अग्रोहा धाम के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। आज यह परिसर अग्रवाल समाज के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है, जहां मंदिरों के अलावा शक्ति सरोवर, शैक्षणिक संस्थान और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक सुविधाएं मौजूद हैं।

नंद किशोर गोयनका अपने व्यवसाय, समाज सेवा और धार्मिक गतिविधियों में योगदान के लिए व्यापक रूप से जाने जाते थे। वे श्री देवी भवन मंदिर गौशाला ट्रस्ट के संरक्षक रहे और श्री वैश्य अग्रसेन गौशाला से भी जुड़े रहे। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई कार्यों में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

फिलहाल विश्वविद्यालय की निर्माण समय-सीमा, शैक्षणिक कार्यक्रमों और नियामकीय मंजूरियों से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय नंद किशोर गोयनका की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के उद्देश्य से स्थापित किया जाएगा।

बता दें कि डॉ. सुभाष चंद्रा के अलावा नंद किशोर गोयनका के तीन बेटे नंद लक्ष्मी गोयल, जवाहर गोयल और अशोक गोयल और हैं। सभी मीडिया के बिजनेस में बड़ा नाम हैं।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

हैप्पी बर्थडे भूपेंद्र सोनी: डॉक्यूमेंट्री और डिजिटल कंटेंट की दुनिया में बनाई अलग पहचान

भूपेंद्र सोनी की सबसे बड़ी खासियत उनकी स्टोरीटेलिंग की सोच और काम करने का तरीका है।

Last Modified:
Wednesday, 15 July, 2026
Bhupendra Soni

कुछ पत्रकार सिर्फ खबरें बताते हैं, जबकि कुछ अपने काम से खबरों को पेश करने का तरीका ही बदल देते हैं। भूपेंद्र सोनी ऐसे ही पत्रकार हैं, जिन्होंने अपनी रचनात्मक सोच और अलग अंदाज के दम पर पत्रकारिता में अपनी खास पहचान बनाई है।

भूपेंद्र सोनी ने एक संपादक, एंकर, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और क्रिएटिव स्टोरीटेलर के रूप में वर्षों तक काम करते हुए यह साबित किया है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रभावी तरीके से कहानी कहने की कला भी है। चाहे बड़े मुद्दों पर एंकरिंग हो, डॉक्यूमेंट्री का निर्माण हो या फिर करोड़ों लोगों तक पहुंचने वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना, उन्होंने हर मंच पर अपनी अलग छाप छोड़ी है।

उनका पेशेवर सफर ज़ी न्यूज़, ज़ी बिजनेस, ज़ी5 ओटीटी और टीवी9 भारतवर्ष डिजिटल जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों तक फैला हुआ है। इन संस्थानों में उनके काम को लाखों-करोड़ों दर्शकों तक पहुंच मिली। उन्होंने ऐसी डॉक्यूमेंट्री भी बनाई, जिसकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की। इसके अलावा उन्होंने राजनीतिक विषयों पर नए प्रयोग किए और ऐसा डिजिटल कंटेंट तैयार किया, जिसे व्यापक दर्शक वर्ग ने पसंद किया।

भूपेंद्र सोनी की सबसे बड़ी खासियत उनकी स्टोरीटेलिंग की सोच और काम करने का तरीका है। उनका मानना है कि किसी समाचार को कार्यक्रम जैसा आकर्षक बनाया जाए, किसी कार्यक्रम को फिल्म जैसा रोचक बनाया जाए और किसी फिल्म को वेब सीरीज जैसा अनुभव दिया जाए। यही सोच उनके काम को अलग पहचान देती है और उन्हें एक विशिष्ट पत्रकार व कंटेंट क्रिएटर बनाती है।

उनके जन्मदिन पर एक अनुभवी पत्रकार के साथ-साथ ऐसे रचनात्मक व्यक्तित्व को भी सलाम है, जो समाचार, डॉक्यूमेंट्री और डिजिटल कंटेंट की दुनिया में लगातार नए प्रयोग करते हुए अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

YAAP की कमान संभालते ही राज नायक ने डॉ. अतुल हेगड़े को किया याद

लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा किए गए अपने संदेश में राज नायक (Raj Nayak) ने लिखा कि जीवन कभी-कभी ऐसे मोड़ लेकर आता है, जिसकी कल्पना नहीं की जाती।

Last Modified:
Wednesday, 15 July, 2026
rajnayk

YAAP डिजिटल लिमिटेड (YAAP Digital Limited) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (Chairman & Managing Director-CMD) नियुक्त होने के एक दिन बाद राज नायक (Raj Nayak) ने कंपनी के दिवंगत संस्थापक डॉ. अतुल हेगड़े (Dr Atul Hegde) को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ वर्ष पहले कॉर्पोरेट जीवन को अलविदा कह दिया था और दोबारा लौटने की कोई योजना नहीं थी, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें यह जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया।

लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा किए गए अपने संदेश में राज नायक (Raj Nayak) ने लिखा कि जीवन कभी-कभी ऐसे मोड़ लेकर आता है, जिसकी कल्पना नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि किसी करीबी मित्र को खोने के बाद जीवन को देखने का नजरिया बदल जाता है और कुछ फैसले इच्छा से नहीं, बल्कि कर्तव्य की भावना से लिए जाते हैं।

राज नायक (Raj Nayak) ने लिखा, "कुछ वर्ष पहले मैंने सोच-समझकर कॉर्पोरेट जीवन से दूरी बना ली थी। मुझे लगा था कि वह अध्याय समाप्त हो चुका है और मेरी वापसी की कोई योजना नहीं थी। लेकिन जीवन की अपनी योजनाएं होती हैं। किसी प्रिय मित्र को खोना आपकी सोच बदल देता है। कुछ अवसर ऐसे होते हैं, जब आप इसलिए आगे नहीं बढ़ते क्योंकि आप चाहते हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि आपको लगता है कि यही सही कदम है।"

उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे अधिक विश्वास इस बात से मिलता है कि डॉ. अतुल हेगड़े (Dr Atul Hegde) ने केवल एक सफल कंपनी ही नहीं बनाई, बल्कि एक मजबूत नेतृत्व टीम, सशक्त कार्य संस्कृति और अपार संभावनाओं वाला संगठन भी तैयार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी टीम पर भरोसा है और वह सभी के साथ मिलकर उस विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिस पर डॉ. हेगड़े का अटूट विश्वास था।

गौरतलब है कि YAAP डिजिटल (YAAP Digital) के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. अतुल हेगड़े (Dr Atul Hegde) का 7 जुलाई को हृदयाघात के कारण निधन हो गया था। वह 53 वर्ष के थे। उन्होंने YAAP को भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंटेंट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, डिजिटल मीडिया, डेटा और टेक्नोलॉजी आधारित मार्केटिंग समाधान उपलब्ध कराने वाली अग्रणी डिजिटल कंपनी के रूप में स्थापित किया था। हाल ही में कंपनी ने राज नायक (Raj Nayak) को अपना नया चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

'वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग' पर नहीं लागू होते नियम कॉर्पोरेट गवर्नेंस, कंपनी ने दी जानकारी

वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग लिमिटेड (Veritaas Advertising Limited) ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि कंपनी पर फिलहाल सेबी (SEBI) के कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े प्रावधान लागू नहीं होते हैं।

Last Modified:
Wednesday, 15 July, 2026
Veritaas5421

वेरिटास ऐडवर्टाइजिंग लिमिटेड (Veritaas Advertising Limited) ने शेयर बाजार को जानकारी दी है कि कंपनी पर फिलहाल सेबी (SEBI) के कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े प्रावधान लागू नहीं होते हैं।

कंपनी ने 14 जुलाई 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजी गई सूचना में बताया कि सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 15 के तहत कुछ कंपनियों को कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नियमों से छूट दी गई है।

कंपनी के अनुसार, जिन कंपनियों की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Equity Share Capital) 10 करोड़ रुपये से अधिक नहीं है और नेटवर्थ 25 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं है, या जिनके शेयर SME एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हैं, उन पर ये प्रावधान लागू नहीं होते।

वेरिटास एडवरटाइजिंग ने बताया कि उसके शेयर NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध हैं। इसी वजह से 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए कंपनी पर कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े नियम लागू नहीं हैं।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह जानकारी केवल नियामकीय अनुपालन (Regulatory Compliance) के तहत शेयर बाजार को दी गई है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मीडिया इंडस्ट्री अपडेट : मिंट, दैनिक भास्कर और नेटवर्क18 में अहम नियुक्तियां

प्रभाकर झा ने मिंट (Mint) ज्वाइन किया है, जबकि दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ने गौरव सेन को पदोन्नत किया है। वहीं अखंड प्रताप सिंह नेटवर्क18 (Network18) से प्रोड्यूसर के रूप में जुड़े हैं।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
mediajoining

भारतीय मीडिया जगत में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां और पदोन्नतियां हुई हैं। वरिष्ठ पत्रकार प्रभाकर झा (Prabhakar Jha) ने मिंट (Mint) के साथ नई पारी शुरू की है। वहीं दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ने गौरव सेन (Gaurav Sen) को पदोन्नत करते हुए नई जिम्मेदारी सौंपी है। दूसरी ओर अखंड प्रताप सिंह (Akhand Pratap Singh) नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Limited) से प्रोड्यूसर (Producer) के रूप में जुड़ गए हैं।

वरिष्ठ पत्रकार प्रभाकर झा (Prabhakar Jha) ने मिंट (Mint) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (Chief Content Producer) के पद पर कार्यभार संभाला है। इससे पहले वह करीब दो वर्षों तक न्यूज9 (News9) के साथ जुड़े रहे। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा करते हुए इसे अपने करियर का नया और चुनौतीपूर्ण अध्याय बताया।

दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) समूह ने गौरव सेन (Gaurav Sen) को पदोन्नत कर डिप्टी न्यूज एडिटर (Deputy News Editor) नियुक्त किया है। इस अवसर पर गौरव सेन ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह नई जिम्मेदारियों के साथ अपनी पेशेवर यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।

वहीं अखंड प्रताप सिंह (Akhand Pratap Singh) ने नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Limited) में प्रोड्यूसर (Producer) के रूप में नई पारी की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि नेटवर्क18 (Network18) मीडिया उद्योग में प्रभावी स्टोरीटेलिंग और नवाचार के लिए जाना जाता है। इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अपनी नई भूमिका में वह ऐसा कंटेंट तैयार करेंगे, जो दर्शकों को जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें जोड़ने और प्रेरित करने का भी काम करेगा।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

AI से बदलेगा सार्वजनिक प्रसारण : प्रसार भारती शुरू करेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रसार भारती (Prasar Bharati) ने दूरदर्शन (Doordarshan) और ऑल इंडिया रेडियो (AIR) के अधिकारियों के लिए AI आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
prasarbharti

सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती (Prasar Bharati) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) को अपने ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम का हिस्सा बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में दूरदर्शन (Doordarshan) और ऑल इंडिया रेडियो (All India Radio-AIR) के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए AI आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

महानिदेशालय दूरदर्शन (Directorate General of Doordarshan) की कमर्शियल सर्विस (Commercial Service) द्वारा जारी आंतरिक परिपत्र (Internal Circular) के अनुसार, यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 17 जुलाई तक नई दिल्ली (New Delhi) स्थित डीजी दूरदर्शन कार्यालय में आयोजित होगा।

'Advanced Excel, Data Analysis and Artificial Intelligence (AI) Tools and Applications in Broadcasting – DD & AIR, Prasar Bharati' शीर्षक वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को कंटेंट निर्माण, प्रोडक्शन, डेटा एनालिटिक्स और प्रशासनिक कार्यों में AI आधारित टूल्स के उपयोग से परिचित कराना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को AI की बुनियादी अवधारणाएं, जेनरेटिव AI (Generative AI), प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering), जिम्मेदार AI (Responsible AI) और ब्रॉडकास्टिंग से जुड़े व्यावहारिक उपयोगों की जानकारी दी जाएगी।

इस कार्यक्रम में ग्रुप A और ग्रुप B के अधिकारी, दूरदर्शन कमर्शियल सर्विस, दूरदर्शन केंद्र दिल्ली (Doordarshan Kendra Delhi) तथा दूरदर्शन और AIR के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के लिए अपने लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल डिवाइस साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशिक्षण के दौरान ChatGPT, जेमिनी (Gemini), क्लॉड (Claude), माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट (Microsoft Copilot), डीपसीक (DeepSeek), नोटबुकएलएम (NotebookLM), परप्लेक्सिटी (Perplexity), एडोबी फायरफ्लाई (Adobe Firefly), कैनवा (Canva), कैपकट (CapCut), रिवरसाइड (Riverside) और किमी (Kimi) जैसे AI प्लेटफॉर्म्स का प्रदर्शन किया जाएगा। अधिकारियों को बताया जाएगा कि इनका उपयोग स्क्रिप्ट लेखन, अनुवाद, सारांश तैयार करने, मेटाडाटा जनरेशन, इमेज और वीडियो निर्माण, रिसर्च, न्यूजरूम उत्पादकता और ब्रॉडकास्ट संचालन में कैसे किया जा सकता है।

कार्यक्रम में डेटा एनालिसिस पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। अधिकारियों को एडवांस्ड माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel), पावर क्वेरी (Power Query), डैशबोर्ड निर्माण, ऑटोमेशन, डेटा क्लीनिंग, डेटा विजुअलाइजेशन और AI आधारित एनालिटिक्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे पारंपरिक डेटा विश्लेषण तकनीकों को AI क्षमताओं के साथ जोड़कर बेहतर रिपोर्टिंग, परिचालन दक्षता और निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बना सकें।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रिडिक्टिव AI (Predictive AI), एडैप्टिव AI (Adaptive AI) और एजेंटिक AI (Agentic AI) जैसी उभरती तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में मूल्यांकन आयोजित होगा और सफल प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र (Digital Certificate) प्रदान किए जाएंगे।

इच्छुक अधिकारियों को 14 जुलाई तक अपने संबंधित नियंत्रक अधिकारियों (Controlling Officers) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) कराने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

'Create in India Challenge' सीजन-2 के लिए MIB ने मांगे प्रस्ताव, 31 जुलाई अंतिम तारीख

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 'Create in India Challenge (CIC) Season 2' के लिए उद्योग संगठनों, संस्थानों और अन्य संगठनों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
CreateInIndiaChallange784565

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 'Create in India Challenge (CIC) Season 2' के लिए उद्योग संगठनों, संस्थानों और अन्य संगठनों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह कार्यक्रम World Audio Visual and Entertainment Summit (WAVES) 2027 से पहले आयोजित किया जाएगा और इसका उद्देश्य देशभर में नई प्रतिभाओं को मंच देना और रचनात्मक नवाचार को बढ़ावा देना है।

मंत्रालय ने प्रस्तावों के चयन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया है। इसी पोर्टल के जरिए सभी प्रस्ताव जमा किए जाएंगे और उनका मूल्यांकन किया जाएगा।

Create in India Challenge Season 2 का मकसद मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में रचनात्मकता, नवाचार, कौशल विकास और नई प्रतिभाओं की पहचान करना है। इस कार्यक्रम के तहत चुनी गई चुनौतियां (Challenges) उद्योग की अगुवाई में आयोजित होंगी, जबकि सरकार उनका सहयोग करेगी। प्रतिभागियों को मेंटरशिप, ट्रेनिंग, अपस्किलिंग और सहयोगात्मक सीखने के अवसर भी मिलेंगे।

मंत्रालय के अनुसार, इस बार कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), AVGC-XR, डिजिटल मीडिया, गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स, एनीमेशन, VFX, कॉमिक्स, फिल्म, ब्रॉडकास्टिंग, म्यूजिक, डांस, AR/VR समेत कई उभरते क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।

इच्छुक संगठन 31 जुलाई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने प्रस्ताव भेज सकते हैं।

सरकार प्रत्येक चयनित चैलेंज के लिए एक करोड़ रुपये तक का एकमुश्त अनुदान भी देगी। हालांकि यह सहायता तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन, तय लक्ष्यों, जमीनी स्तर तक पहुंच और कौशल विकास जैसे मानकों के आधार पर दी जाएगी।

मंत्रालय की योजना सीजन-2 में 50 से अधिक उद्योग-आधारित चैलेंज शुरू करने की है। इसमें खास तौर पर AI, डिजिटल एवं सोशल मीडिया और AVGC-XR जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों पर अधिक जोर दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम का समापन WAVES 2027 के दौरान आयोजित होने वाले 'CreatoSphere' में होगा। यहां विजेताओं और चयनित प्रोजेक्ट्स को उद्योग जगत के दिग्गजों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ-साथ व्यावसायिक अवसर भी मिल सकते हैं।

मंत्रालय ने बताया कि Create in India Challenge के पहले सीजन में 33 उद्योग-आधारित चैलेंज आयोजित किए गए थे, जिन्हें अच्छा प्रतिसाद मिला। अब दूसरे सीजन के जरिए उद्योग की भागीदारी और युवाओं की सहभागिता को और बढ़ाने की योजना है, ताकि भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था मजबूत हो और वैश्विक स्तर की प्रतिभाएं तैयार की जा सकें।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'Create in India, Create for the World' विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य भारत को रचनात्मक नवाचार और अगली पीढ़ी की मीडिया प्रतिभाओं का वैश्विक केंद्र बनाना है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

यशराज फिल्म्स के पूर्व डिस्ट्रीब्यूशन हेड सहदेव घेई का निधन

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपर्ट और यशराज फिल्म्स (YRF) के पूर्व वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) सहदेव घेई का 11 जुलाई को निधन हो गया।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
SahdevGhei845

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपर्ट और यशराज फिल्म्स (YRF) के पूर्व वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) सहदेव घेई का 11 जुलाई को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ा, जिसके कारण उनका निधन हुआ। उन्होंने मुंबई में शनिवार की दोपहर करीब 3:45 बजे अंतिम सांस ली।

सहदेव घेई का अंतिम संस्कार 12 जुलाई को मुंबई के वर्सोवा हिंदू श्मशान घाट में किया गया। उनकी अंतिम यात्रा अंधेरी पश्चिम स्थित उनके निवास गैम्ब्स टावर, फोर बंग्लोज से सुबह 11 बजे निकली।

सहदेव घेई ने वर्ष 1993 में रिलीज हुई यशराज फिल्म्स की सुपरहिट फिल्म 'डर' के साथ कंपनी में अपनी पारी शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने यशराज फिल्म्स के डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार को खड़ा करने और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दो दशक से ज्यादा समय तक उन्होंने कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस का नेतृत्व किया और फिल्म वितरण जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।

मार्च 2017 में उन्होंने अपनी फुल-टाइम जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसके बाद भी वह कुछ समय तक कंपनी के सलाहकार (कंसल्टेंट) के रूप में जुड़े रहे। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने सक्रिय कार्य से दूरी बना ली और शांत जीवन व्यतीत कर रहे थे।

उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। कई फिल्म जगत से जुड़े लोगों और उनके पूर्व सहयोगियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। साथ काम करने वाले लोगों का कहना है कि सहदेव घेई सिर्फ एक बेहतरीन प्रोफेशनल ही नहीं थे, बल्कि बेहद विनम्र, सहयोगी और हमेशा मुस्कुराकर लोगों का मार्गदर्शन करने वाले इंसान भी थे।

उनके साथ काम कर चुके कई लोगों का कहना है कि फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में उनके करियर को आगे बढ़ाने में सहदेव घेई का बड़ा योगदान रहा। उनकी सलाह, अनुभव और नेतृत्व ने कई पेशेवरों को नई पहचान दिलाई।

सहदेव घेई के निधन को यशराज फिल्म्स और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने भारतीय फिल्म वितरण कारोबार को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

डायमंड बुक्स के निदेशक नरेंद्र कुमार वर्मा की स्मृति में हुई प्रार्थना सभा

‘बिजनेसवर्ल्ड’ के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा समेत तमाम हस्तियों, लेखकों, प्रकाशकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

Last Modified:
Monday, 13 July, 2026
NK Verma Tribute

डायमंड पॉकेट बुक्स के निदेशक एवं देश के प्रतिष्ठित प्रकाशक नरेंद्र कुमार वर्मा की स्मृति में सोमवार (13 जुलाई) को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर के स्टीन ऑडिटोरियम में 'Prayer Meeting & Celebration of Life' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्य, प्रकाशन, शिक्षा, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी बड़ी संख्या में गणमान्य हस्तियों, लेखकों, प्रकाशकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रार्थना सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने नरेंद्र कुमार वर्मा के व्यक्तित्व, उनके सरल स्वभाव और भारतीय प्रकाशन जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने केवल एक सफल प्रकाशक के रूप में ही नहीं, बल्कि नए लेखकों को अवसर देने वाले मार्गदर्शक और साहित्य के सच्चे संरक्षक के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई।

कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके साथ बिताए गए संस्मरण साझा किए। कई वक्ताओं ने कहा कि नरेंद्र कुमार वर्मा ने अपने लंबे प्रकाशन जीवन में हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान और साहित्य के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।

गौरतलब है कि नरेंद्र कुमार वर्मा का 10 जुलाई 2026 को 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद देशभर के साहित्यकारों, लेखकों और प्रकाशन जगत से जुड़े लोगों ने गहरा शोक जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी और उनके निधन को भारतीय प्रकाशन जगत की अपूरणीय क्षति बताया।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

डायमंड बुक्स के निदेशक नरेंद्र कुमार वर्मा का निधन, आज होगी प्रार्थना सभा

डायमंड पॉकेट बुक्स के निदेशक और देश के जाने-माने प्रकाशक नरेंद्र कुमार वर्मा का 10 जुलाई 2026 को निधन हो गया है। उनके निधन से भारतीय प्रकाशन और साहित्य जगत में शोक की लहर है। वे 77 वर्ष के थे।

Last Modified:
Monday, 13 July, 2026
NK Verma

डायमंड पॉकेट बुक्स के निदेशक और देश के जाने-माने प्रकाशक नरेंद्र कुमार वर्मा का 10 जुलाई 2026 को निधन हो गया है। उनके निधन से भारतीय प्रकाशन और साहित्य जगत में शोक की लहर है। वे करीब 77 वर्ष के थे।

परिवार की ओर से जारी सूचना के अनुसार, उनकी अंतिम यात्रा 11 जुलाई को दोपहर 12 बजे नोएडा स्थित उनके निवास (231, सेक्टर-15ए) से शुरू हुई। दोपहर 1 बजे नई दिल्ली के लोधी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इसके अलावा, उनकी स्मृति में 'Prayer Meeting & Celebration of Life' का आयोजन 13 जुलाई 2026 (सोमवार) को शाम 5 बजे स्टीन ऑडिटोरियम, इंडिया हैबिटैट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली में किया जाएगा। परिवार ने सभी मित्रों, शुभचिंतकों और साहित्य प्रेमियों से इसमें शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।

नरेंद्र कुमार वर्मा के निधन पर देशभर से साहित्यकारों, लेखकों और प्रकाशन जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नरेंद्र कुमार वर्मा केवल एक प्रतिष्ठित प्रकाशक नहीं थे, बल्कि उनके लिए परिवार के सदस्य, आत्मीय अभिभावक और सच्चे शुभचिंतक थे। उन्होंने कहा कि वर्मा जी ने न केवल उनकी अनेक पुस्तकों का प्रकाशन किया, बल्कि हर नई रचना के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, भारतीय प्रकाशन जगत और साहित्य समाज के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा तथा उनका निधन एक अपूरणीय क्षति है।

कई लेखकों और साहित्यकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नरेंद्र कुमार वर्मा ने नए लेखकों को अवसर देने और भारतीय प्रकाशन जगत को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके व्यक्तित्व, सादगी और साहित्य के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।

 

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

आकाशवाणी पटना की जमीन से होगी कमाई : डिजिटल विज्ञापन परियोजना शुरू

प्रसार भारती ने आकाशवाणी पटना परिसर में PPP मॉडल के तहत डिजिटल LED यूनिपोल विज्ञापन ढांचा विकसित करने के लिए निजी कंपनियों से EOI मांगे हैं।

Last Modified:
Monday, 13 July, 2026
mib

प्रसार भारती ने अपनी भूमि परिसंपत्तियों का बेहतर व्यावसायिक उपयोग करने और गैर-कर राजस्व बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सार्वजनिक प्रसारक ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत आकाशवाणी पटना परिसर में डिजिटल यूनिपोल विज्ञापन अवसंरचना विकसित और संचालित करने के लिए निजी कंपनियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किए हैं। इसी तरह के प्रस्ताव मुंबई, झारखंड और देश के अन्य केंद्रों के लिए भी जारी किए गए हैं।

प्रस्ताव के अनुसार चयनित निजी कंपनी एलईडी आधारित यूनिपोल विज्ञापन संरचनाओं की डिजाइनिंग, निर्माण, स्थापना, संचालन और रखरखाव का पूरा खर्च स्वयं वहन करेगी। सरकार को इस परियोजना में कोई पूंजी निवेश नहीं करना होगा। बदले में कंपनी विज्ञापन से होने वाली वार्षिक आय का एक हिस्सा तय शर्तों के अनुसार प्रसार भारती के साथ साझा करेगी। साथ ही डिजिटल स्क्रीन के कुल विज्ञापन समय का 33 प्रतिशत हिस्सा प्रसार भारती को जनहित अभियानों और सरकारी संदेशों के प्रसारण के लिए मिलेगा।

यह अनुबंध शुरुआती तौर पर पांच वर्षों के लिए होगा, जिसे स्वीकृति मिलने पर अगले पांच वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा। अनुबंध समाप्त होने के बाद डिजिटल विज्ञापन ढांचे का स्वामित्व प्रसार भारती को सौंप दिया जाएगा। चयनित कंपनी को नगर निकायों से आवश्यक अनुमतियां लेने, बिजली कनेक्शन की व्यवस्था करने तथा सुरक्षा, संरचनात्मक मानकों और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

परियोजना के तहत 5,500 निट्स तक की ब्राइटनेस, 3,840 हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट और लगभग एक लाख घंटे की क्षमता वाले पी-8 एलईडी डिस्प्ले लगाए जाएंगे, जो लंबी दूरी से भी स्पष्ट दिखाई देंगे। इससे पटना के फ्रेजर रोड स्थित आकाशवाणी परिसर में प्रीमियम डिजिटल आउटडोर विज्ञापन इन्वेंट्री विकसित होगी। इच्छुक कंपनियों को अपने वित्तीय, तकनीकी और परियोजना अनुभव से जुड़े दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा। एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा करने की अंतिम तिथि 22 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए