मीडिया इंडस्ट्री अपडेट : मिंट, दैनिक भास्कर और नेटवर्क18 में अहम नियुक्तियां

प्रभाकर झा ने मिंट (Mint) ज्वाइन किया है, जबकि दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ने गौरव सेन को पदोन्नत किया है। वहीं अखंड प्रताप सिंह नेटवर्क18 (Network18) से प्रोड्यूसर के रूप में जुड़े हैं।

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Tuesday, 14 July, 2026
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भारतीय मीडिया जगत में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां और पदोन्नतियां हुई हैं। वरिष्ठ पत्रकार प्रभाकर झा (Prabhakar Jha) ने मिंट (Mint) के साथ नई पारी शुरू की है। वहीं दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ने गौरव सेन (Gaurav Sen) को पदोन्नत करते हुए नई जिम्मेदारी सौंपी है। दूसरी ओर अखंड प्रताप सिंह (Akhand Pratap Singh) नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Limited) से प्रोड्यूसर (Producer) के रूप में जुड़ गए हैं।

वरिष्ठ पत्रकार प्रभाकर झा (Prabhakar Jha) ने मिंट (Mint) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (Chief Content Producer) के पद पर कार्यभार संभाला है। इससे पहले वह करीब दो वर्षों तक न्यूज9 (News9) के साथ जुड़े रहे। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा करते हुए इसे अपने करियर का नया और चुनौतीपूर्ण अध्याय बताया।

दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) समूह ने गौरव सेन (Gaurav Sen) को पदोन्नत कर डिप्टी न्यूज एडिटर (Deputy News Editor) नियुक्त किया है। इस अवसर पर गौरव सेन ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह नई जिम्मेदारियों के साथ अपनी पेशेवर यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।

वहीं अखंड प्रताप सिंह (Akhand Pratap Singh) ने नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (Network18 Media & Investments Limited) में प्रोड्यूसर (Producer) के रूप में नई पारी की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि नेटवर्क18 (Network18) मीडिया उद्योग में प्रभावी स्टोरीटेलिंग और नवाचार के लिए जाना जाता है। इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अपनी नई भूमिका में वह ऐसा कंटेंट तैयार करेंगे, जो दर्शकों को जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें जोड़ने और प्रेरित करने का भी काम करेगा।

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AI से बदलेगा सार्वजनिक प्रसारण : प्रसार भारती शुरू करेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रसार भारती (Prasar Bharati) ने दूरदर्शन (Doordarshan) और ऑल इंडिया रेडियो (AIR) के अधिकारियों के लिए AI आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है।

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Tuesday, 14 July, 2026
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सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती (Prasar Bharati) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) को अपने ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम का हिस्सा बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में दूरदर्शन (Doordarshan) और ऑल इंडिया रेडियो (All India Radio-AIR) के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए AI आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

महानिदेशालय दूरदर्शन (Directorate General of Doordarshan) की कमर्शियल सर्विस (Commercial Service) द्वारा जारी आंतरिक परिपत्र (Internal Circular) के अनुसार, यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 17 जुलाई तक नई दिल्ली (New Delhi) स्थित डीजी दूरदर्शन कार्यालय में आयोजित होगा।

'Advanced Excel, Data Analysis and Artificial Intelligence (AI) Tools and Applications in Broadcasting – DD & AIR, Prasar Bharati' शीर्षक वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को कंटेंट निर्माण, प्रोडक्शन, डेटा एनालिटिक्स और प्रशासनिक कार्यों में AI आधारित टूल्स के उपयोग से परिचित कराना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को AI की बुनियादी अवधारणाएं, जेनरेटिव AI (Generative AI), प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering), जिम्मेदार AI (Responsible AI) और ब्रॉडकास्टिंग से जुड़े व्यावहारिक उपयोगों की जानकारी दी जाएगी।

इस कार्यक्रम में ग्रुप A और ग्रुप B के अधिकारी, दूरदर्शन कमर्शियल सर्विस, दूरदर्शन केंद्र दिल्ली (Doordarshan Kendra Delhi) तथा दूरदर्शन और AIR के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण के लिए अपने लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल डिवाइस साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशिक्षण के दौरान ChatGPT, जेमिनी (Gemini), क्लॉड (Claude), माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट (Microsoft Copilot), डीपसीक (DeepSeek), नोटबुकएलएम (NotebookLM), परप्लेक्सिटी (Perplexity), एडोबी फायरफ्लाई (Adobe Firefly), कैनवा (Canva), कैपकट (CapCut), रिवरसाइड (Riverside) और किमी (Kimi) जैसे AI प्लेटफॉर्म्स का प्रदर्शन किया जाएगा। अधिकारियों को बताया जाएगा कि इनका उपयोग स्क्रिप्ट लेखन, अनुवाद, सारांश तैयार करने, मेटाडाटा जनरेशन, इमेज और वीडियो निर्माण, रिसर्च, न्यूजरूम उत्पादकता और ब्रॉडकास्ट संचालन में कैसे किया जा सकता है।

कार्यक्रम में डेटा एनालिसिस पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। अधिकारियों को एडवांस्ड माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel), पावर क्वेरी (Power Query), डैशबोर्ड निर्माण, ऑटोमेशन, डेटा क्लीनिंग, डेटा विजुअलाइजेशन और AI आधारित एनालिटिक्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे पारंपरिक डेटा विश्लेषण तकनीकों को AI क्षमताओं के साथ जोड़कर बेहतर रिपोर्टिंग, परिचालन दक्षता और निर्णय प्रक्रिया को मजबूत बना सकें।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रिडिक्टिव AI (Predictive AI), एडैप्टिव AI (Adaptive AI) और एजेंटिक AI (Agentic AI) जैसी उभरती तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में मूल्यांकन आयोजित होगा और सफल प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र (Digital Certificate) प्रदान किए जाएंगे।

इच्छुक अधिकारियों को 14 जुलाई तक अपने संबंधित नियंत्रक अधिकारियों (Controlling Officers) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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'Create in India Challenge' सीजन-2 के लिए MIB ने मांगे प्रस्ताव, 31 जुलाई अंतिम तारीख

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 'Create in India Challenge (CIC) Season 2' के लिए उद्योग संगठनों, संस्थानों और अन्य संगठनों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

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Tuesday, 14 July, 2026
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 'Create in India Challenge (CIC) Season 2' के लिए उद्योग संगठनों, संस्थानों और अन्य संगठनों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह कार्यक्रम World Audio Visual and Entertainment Summit (WAVES) 2027 से पहले आयोजित किया जाएगा और इसका उद्देश्य देशभर में नई प्रतिभाओं को मंच देना और रचनात्मक नवाचार को बढ़ावा देना है।

मंत्रालय ने प्रस्तावों के चयन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च किया है। इसी पोर्टल के जरिए सभी प्रस्ताव जमा किए जाएंगे और उनका मूल्यांकन किया जाएगा।

Create in India Challenge Season 2 का मकसद मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में रचनात्मकता, नवाचार, कौशल विकास और नई प्रतिभाओं की पहचान करना है। इस कार्यक्रम के तहत चुनी गई चुनौतियां (Challenges) उद्योग की अगुवाई में आयोजित होंगी, जबकि सरकार उनका सहयोग करेगी। प्रतिभागियों को मेंटरशिप, ट्रेनिंग, अपस्किलिंग और सहयोगात्मक सीखने के अवसर भी मिलेंगे।

मंत्रालय के अनुसार, इस बार कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), AVGC-XR, डिजिटल मीडिया, गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स, एनीमेशन, VFX, कॉमिक्स, फिल्म, ब्रॉडकास्टिंग, म्यूजिक, डांस, AR/VR समेत कई उभरते क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।

इच्छुक संगठन 31 जुलाई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने प्रस्ताव भेज सकते हैं।

सरकार प्रत्येक चयनित चैलेंज के लिए एक करोड़ रुपये तक का एकमुश्त अनुदान भी देगी। हालांकि यह सहायता तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन, तय लक्ष्यों, जमीनी स्तर तक पहुंच और कौशल विकास जैसे मानकों के आधार पर दी जाएगी।

मंत्रालय की योजना सीजन-2 में 50 से अधिक उद्योग-आधारित चैलेंज शुरू करने की है। इसमें खास तौर पर AI, डिजिटल एवं सोशल मीडिया और AVGC-XR जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों पर अधिक जोर दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम का समापन WAVES 2027 के दौरान आयोजित होने वाले 'CreatoSphere' में होगा। यहां विजेताओं और चयनित प्रोजेक्ट्स को उद्योग जगत के दिग्गजों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। इससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ-साथ व्यावसायिक अवसर भी मिल सकते हैं।

मंत्रालय ने बताया कि Create in India Challenge के पहले सीजन में 33 उद्योग-आधारित चैलेंज आयोजित किए गए थे, जिन्हें अच्छा प्रतिसाद मिला। अब दूसरे सीजन के जरिए उद्योग की भागीदारी और युवाओं की सहभागिता को और बढ़ाने की योजना है, ताकि भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था मजबूत हो और वैश्विक स्तर की प्रतिभाएं तैयार की जा सकें।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'Create in India, Create for the World' विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य भारत को रचनात्मक नवाचार और अगली पीढ़ी की मीडिया प्रतिभाओं का वैश्विक केंद्र बनाना है।

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यशराज फिल्म्स के पूर्व डिस्ट्रीब्यूशन हेड सहदेव घेई का निधन

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपर्ट और यशराज फिल्म्स (YRF) के पूर्व वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) सहदेव घेई का 11 जुलाई को निधन हो गया।

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Tuesday, 14 July, 2026
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भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने डिस्ट्रीब्यूशन एक्सपर्ट और यशराज फिल्म्स (YRF) के पूर्व वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) सहदेव घेई का 11 जुलाई को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ा, जिसके कारण उनका निधन हुआ। उन्होंने मुंबई में शनिवार की दोपहर करीब 3:45 बजे अंतिम सांस ली।

सहदेव घेई का अंतिम संस्कार 12 जुलाई को मुंबई के वर्सोवा हिंदू श्मशान घाट में किया गया। उनकी अंतिम यात्रा अंधेरी पश्चिम स्थित उनके निवास गैम्ब्स टावर, फोर बंग्लोज से सुबह 11 बजे निकली।

सहदेव घेई ने वर्ष 1993 में रिलीज हुई यशराज फिल्म्स की सुपरहिट फिल्म 'डर' के साथ कंपनी में अपनी पारी शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने यशराज फिल्म्स के डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार को खड़ा करने और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दो दशक से ज्यादा समय तक उन्होंने कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस का नेतृत्व किया और फिल्म वितरण जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।

मार्च 2017 में उन्होंने अपनी फुल-टाइम जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन इसके बाद भी वह कुछ समय तक कंपनी के सलाहकार (कंसल्टेंट) के रूप में जुड़े रहे। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने सक्रिय कार्य से दूरी बना ली और शांत जीवन व्यतीत कर रहे थे।

उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। कई फिल्म जगत से जुड़े लोगों और उनके पूर्व सहयोगियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। साथ काम करने वाले लोगों का कहना है कि सहदेव घेई सिर्फ एक बेहतरीन प्रोफेशनल ही नहीं थे, बल्कि बेहद विनम्र, सहयोगी और हमेशा मुस्कुराकर लोगों का मार्गदर्शन करने वाले इंसान भी थे।

उनके साथ काम कर चुके कई लोगों का कहना है कि फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में उनके करियर को आगे बढ़ाने में सहदेव घेई का बड़ा योगदान रहा। उनकी सलाह, अनुभव और नेतृत्व ने कई पेशेवरों को नई पहचान दिलाई।

सहदेव घेई के निधन को यशराज फिल्म्स और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने भारतीय फिल्म वितरण कारोबार को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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डायमंड बुक्स के निदेशक नरेंद्र कुमार वर्मा की स्मृति में हुई प्रार्थना सभा

‘बिजनेसवर्ल्ड’ के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा समेत तमाम हस्तियों, लेखकों, प्रकाशकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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Monday, 13 July, 2026
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डायमंड पॉकेट बुक्स के निदेशक एवं देश के प्रतिष्ठित प्रकाशक नरेंद्र कुमार वर्मा की स्मृति में सोमवार (13 जुलाई) को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर के स्टीन ऑडिटोरियम में 'Prayer Meeting & Celebration of Life' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्य, प्रकाशन, शिक्षा, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी बड़ी संख्या में गणमान्य हस्तियों, लेखकों, प्रकाशकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रार्थना सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने नरेंद्र कुमार वर्मा के व्यक्तित्व, उनके सरल स्वभाव और भारतीय प्रकाशन जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने केवल एक सफल प्रकाशक के रूप में ही नहीं, बल्कि नए लेखकों को अवसर देने वाले मार्गदर्शक और साहित्य के सच्चे संरक्षक के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई।

कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके साथ बिताए गए संस्मरण साझा किए। कई वक्ताओं ने कहा कि नरेंद्र कुमार वर्मा ने अपने लंबे प्रकाशन जीवन में हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान और साहित्य के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।

गौरतलब है कि नरेंद्र कुमार वर्मा का 10 जुलाई 2026 को 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद देशभर के साहित्यकारों, लेखकों और प्रकाशन जगत से जुड़े लोगों ने गहरा शोक जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी और उनके निधन को भारतीय प्रकाशन जगत की अपूरणीय क्षति बताया।

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डायमंड बुक्स के निदेशक नरेंद्र कुमार वर्मा का निधन, आज होगी प्रार्थना सभा

डायमंड पॉकेट बुक्स के निदेशक और देश के जाने-माने प्रकाशक नरेंद्र कुमार वर्मा का 10 जुलाई 2026 को निधन हो गया है। उनके निधन से भारतीय प्रकाशन और साहित्य जगत में शोक की लहर है। वे 77 वर्ष के थे।

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Monday, 13 July, 2026
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डायमंड पॉकेट बुक्स के निदेशक और देश के जाने-माने प्रकाशक नरेंद्र कुमार वर्मा का 10 जुलाई 2026 को निधन हो गया है। उनके निधन से भारतीय प्रकाशन और साहित्य जगत में शोक की लहर है। वे करीब 77 वर्ष के थे।

परिवार की ओर से जारी सूचना के अनुसार, उनकी अंतिम यात्रा 11 जुलाई को दोपहर 12 बजे नोएडा स्थित उनके निवास (231, सेक्टर-15ए) से शुरू हुई। दोपहर 1 बजे नई दिल्ली के लोधी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इसके अलावा, उनकी स्मृति में 'Prayer Meeting & Celebration of Life' का आयोजन 13 जुलाई 2026 (सोमवार) को शाम 5 बजे स्टीन ऑडिटोरियम, इंडिया हैबिटैट सेंटर, लोधी रोड, नई दिल्ली में किया जाएगा। परिवार ने सभी मित्रों, शुभचिंतकों और साहित्य प्रेमियों से इसमें शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।

नरेंद्र कुमार वर्मा के निधन पर देशभर से साहित्यकारों, लेखकों और प्रकाशन जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नरेंद्र कुमार वर्मा केवल एक प्रतिष्ठित प्रकाशक नहीं थे, बल्कि उनके लिए परिवार के सदस्य, आत्मीय अभिभावक और सच्चे शुभचिंतक थे। उन्होंने कहा कि वर्मा जी ने न केवल उनकी अनेक पुस्तकों का प्रकाशन किया, बल्कि हर नई रचना के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, भारतीय प्रकाशन जगत और साहित्य समाज के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा तथा उनका निधन एक अपूरणीय क्षति है।

कई लेखकों और साहित्यकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि नरेंद्र कुमार वर्मा ने नए लेखकों को अवसर देने और भारतीय प्रकाशन जगत को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके व्यक्तित्व, सादगी और साहित्य के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।

 

 

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आकाशवाणी पटना की जमीन से होगी कमाई : डिजिटल विज्ञापन परियोजना शुरू

प्रसार भारती ने आकाशवाणी पटना परिसर में PPP मॉडल के तहत डिजिटल LED यूनिपोल विज्ञापन ढांचा विकसित करने के लिए निजी कंपनियों से EOI मांगे हैं।

Last Modified:
Monday, 13 July, 2026
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प्रसार भारती ने अपनी भूमि परिसंपत्तियों का बेहतर व्यावसायिक उपयोग करने और गैर-कर राजस्व बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सार्वजनिक प्रसारक ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत आकाशवाणी पटना परिसर में डिजिटल यूनिपोल विज्ञापन अवसंरचना विकसित और संचालित करने के लिए निजी कंपनियों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित किए हैं। इसी तरह के प्रस्ताव मुंबई, झारखंड और देश के अन्य केंद्रों के लिए भी जारी किए गए हैं।

प्रस्ताव के अनुसार चयनित निजी कंपनी एलईडी आधारित यूनिपोल विज्ञापन संरचनाओं की डिजाइनिंग, निर्माण, स्थापना, संचालन और रखरखाव का पूरा खर्च स्वयं वहन करेगी। सरकार को इस परियोजना में कोई पूंजी निवेश नहीं करना होगा। बदले में कंपनी विज्ञापन से होने वाली वार्षिक आय का एक हिस्सा तय शर्तों के अनुसार प्रसार भारती के साथ साझा करेगी। साथ ही डिजिटल स्क्रीन के कुल विज्ञापन समय का 33 प्रतिशत हिस्सा प्रसार भारती को जनहित अभियानों और सरकारी संदेशों के प्रसारण के लिए मिलेगा।

यह अनुबंध शुरुआती तौर पर पांच वर्षों के लिए होगा, जिसे स्वीकृति मिलने पर अगले पांच वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा। अनुबंध समाप्त होने के बाद डिजिटल विज्ञापन ढांचे का स्वामित्व प्रसार भारती को सौंप दिया जाएगा। चयनित कंपनी को नगर निकायों से आवश्यक अनुमतियां लेने, बिजली कनेक्शन की व्यवस्था करने तथा सुरक्षा, संरचनात्मक मानकों और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

परियोजना के तहत 5,500 निट्स तक की ब्राइटनेस, 3,840 हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट और लगभग एक लाख घंटे की क्षमता वाले पी-8 एलईडी डिस्प्ले लगाए जाएंगे, जो लंबी दूरी से भी स्पष्ट दिखाई देंगे। इससे पटना के फ्रेजर रोड स्थित आकाशवाणी परिसर में प्रीमियम डिजिटल आउटडोर विज्ञापन इन्वेंट्री विकसित होगी। इच्छुक कंपनियों को अपने वित्तीय, तकनीकी और परियोजना अनुभव से जुड़े दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा। एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा करने की अंतिम तिथि 22 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

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टीवी डिबेट में CM पर टिप्पणी पड़ी भारी, Sakshi TV के एंकर व YSRCP प्रवक्ता पर कार्रवाई

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में YSRCP के प्रवक्ता नागार्जुन यादव को तेलंगाना पुलिस ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से हिरासत में लिया है।

Last Modified:
Monday, 13 July, 2026
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रवक्ता नागार्जुन यादव को तेलंगाना पुलिस ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से हिरासत में लिया है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 10 जुलाई को हैदराबाद के बेगम बाजार पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में की गई है। यह शिकायत अधिवक्ता कैलाश सज्जन ने दर्ज कराई थी।

शिकायत में नागार्जुन यादव के साथ Sakshi TV के एंकर कोम्मिनेनी श्रीनिवास राव (KSR) और अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। आरोप है कि एक टीवी डिबेट के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गईं।

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने फेसबुक पर साझा किए गए एक वीडियो में नागार्जुन यादव को मुख्यमंत्री के सरकारी शब्दों की समझ पर सवाल उठाते और उनकी तुलना डिलीवरी कर्मियों से करते हुए देखा। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम के दौरान एंकर ने इस टिप्पणी पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

अधिवक्ता कैलाश सज्जन का आरोप है कि इन टिप्पणियों का उद्देश्य संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री की गरिमा को ठेस पहुंचाना, तेलंगाना के लोगों की भावनाओं को आहत करना और समाज में वैमनस्य फैलाना था।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें दंगा भड़काने की नीयत से उकसाने, जानबूझकर अपमान करने, झूठी जानकारी फैलाने और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच नफरत या दुश्मनी फैलाने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और इसी सिलसिले में नागार्जुन यादव को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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अमेरिका में Google की भारतीय मूल की वरिष्ठ अधिकारी की गोली मारकर हत्या, पति गिरफ्तार

अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में गूगल (Google) की भारतीय मूल की वरिष्ठ टेक्नोलॉजी अधिकारी शीतल वर्जेसियन (Sheetal Wrzesien) की कथित तौर पर उनके पति ने गोली मारकर हत्या कर दी।

Last Modified:
Sunday, 12 July, 2026
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अमेरिका के जॉर्जिया राज्य में गूगल (Google) की भारतीय मूल की वरिष्ठ टेक्नोलॉजी अधिकारी शीतल वर्जेसियन (Sheetal Wrzesien) की कथित तौर पर उनके पति ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना में उनका 23 वर्षीय बेटा भी गोली लगने से घायल हो गया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने शीतल के पति किर्क बी. वर्जेसियन (56) को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें कॉब काउंटी एडल्ट डिटेंशन सेंटर में बिना जमानत के रखा गया है।

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात करीब 8 बजे (स्थानीय समय) जॉर्जिया के स्मिर्ना शहर स्थित एक घर में गोलीबारी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने 57 वर्षीय शीतल वर्जेसियन को घर के अंदर गोली लगने की हालत में पाया। उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी मौत हो गई।

वहीं, दंपति का 23 वर्षीय बेटा जेसन वर्जेसियन घर के बाहर घायल अवस्था में मिला। उसे गोली लगी थी और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कोई नई जानकारी नहीं दी गई है।

पति पर कई गंभीर आरोप

कॉब काउंटी पुलिस ने किर्क वर्जेसियन के खिलाफ फेलोनी मर्डर (गंभीर हत्या), दो मामलों में गंभीर हमले (Aggravated Assault) और अपराध के दौरान हथियार रखने के दो आरोप दर्ज किए हैं।

पुलिस ने इस घटना को घरेलू हिंसा (Domestic Violence) का मामला बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना से आम लोगों को कोई खतरा नहीं है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोलीबारी की वजह क्या थी। मामले की जांच जारी है।

Google में वरिष्ठ पद पर थीं शीतल

शीतल वर्जेसियन Google में इंजीनियरिंग लीडर के पद पर कार्यरत थीं। उन्हें टेक्नोलॉजी क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव था।

Google से पहले उन्होंने HomeDepot.com में मोबाइल और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़ी परियोजनाओं का नेतृत्व किया था। इसके अलावा उन्होंने मौसम और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों में भी कई महत्वपूर्ण तकनीकी जिम्मेदारियां निभाईं।

उनकी विशेषज्ञता रणनीतिक नेतृत्व, संगठनात्मक बदलाव, मोबाइल और वेब टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग टेक्नोलॉजी और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में थी।

शीतल ने अपना बचपन इंग्लैंड, भारत और घाना में बिताया। बाद में वह अमेरिका चली गईं और Georgia Institute of Technology से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की।

वह जॉर्जिया के अटलांटा में अपने पति और दो बच्चों जेसन और जेसिका के साथ रहती थीं। शीतल दो सॉफ्टवेयर पेटेंट की सह-आविष्कारक भी थीं। इसके अलावा वह Georgia Tech College of Computing की एडवाइजरी बोर्ड की सदस्य और Georgia Tech Alumni Association के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ में भी शामिल थीं।

 

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नोएडा फिल्म सिटी में महिला पत्रकार से छेड़छाड़, दिनदहाड़े बाइक सवार ने किया पीछा

नोएडा की फिल्म सिटी में बुधवार सुबह एक महिला पत्रकार के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। यह घटना दिनदहाड़े उस इलाके में हुई, जहां कई मीडिया संस्थानों के दफ्तर मौजूद हैं।

Last Modified:
Saturday, 11 July, 2026
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नोएडा की फिल्म सिटी में बुधवार सुबह एक महिला पत्रकार के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक बाइक सवार युवक ने ऑफिस जाते समय ऑटो-रिक्शा में बैठी पत्रकार का पीछा किया, अश्लील इशारे किए और अभद्र टिप्पणियां कीं। यह घटना दिनदहाड़े उस इलाके में हुई, जहां कई मीडिया संस्थानों के दफ्तर मौजूद हैं।

पीड़ित पत्रकार ने घटना के बाद सेक्टर-20 थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ऑटो के साथ-साथ चलता रहा बाइक सवार

महिला पत्रकार ने बताया कि वह सुबह करीब 10 बजे एक्सप्रेस टॉवर स्थित अपने कार्यालय जा रही थीं। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक उनके ऑटो के पास आया और अंदर झांकने लगा। इसके बाद वह लगातार ऑटो के साथ-साथ चलता रहा।

पत्रकार के अनुसार, युवक ने उनके पास आकर अश्लील इशारे किए और अभद्र टिप्पणियां भी कीं।

उन्होंने बताया, "शुरुआत में मुझे लगा कि शायद वह संयोग से साथ चल रहा है, लेकिन जब उसने बार-बार ऑटो के बराबर आकर गंदे इशारे करने शुरू किए, तब साफ हो गया कि वह मेरा पीछा कर रहा है। मैं उसका पीछा करना चाहती थी, लेकिन ऑटो उसकी बाइक की रफ्तार का मुकाबला नहीं कर सका।"

वीडियो बनाते ही भाग निकला आरोपी

पत्रकार ने अपनी शिकायत में बताया कि जैसे ही उन्होंने मोबाइल निकालकर वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया, आरोपी वहां से भाग गया। हालांकि, वह उसका एक वीडियो बनाने में सफल रहीं, जिसमें काले कपड़े पहने एक युवक मोटरसाइकिल से ऑटो को ओवरटेक कर तेजी से भागता हुआ दिखाई देता है।

बाद में पत्रकार ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया।

CCTV से हुई पहचान

सेक्टर-20 थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर ली गई है। जांच में उसका पता दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती का मिला है।

उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और उम्मीद है कि एक-दो दिन के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

महिला सुरक्षा पर उठे सवाल

घटना के बाद पत्रकार ने कहा कि नोएडा जैसे शहर में दिनदहाड़े इस तरह की घटना होना बेहद चिंताजनक है। उनके मुताबिक, यह मामला महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर ऐसे इलाके में जहां बड़ी संख्या में मीडिया संस्थानों के कार्यालय मौजूद हैं।

 

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'मोबाइल लेकर कोई भी खुद को पत्रकार बता रहा', डिजिटल मीडिया पर बोले उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के तेजी से बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई है।

Last Modified:
Saturday, 11 July, 2026
OmarAbdullah741

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के तेजी से बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर खुद को पत्रकार बताने वाले कई लोग मुख्यधारा की पत्रकारिता की साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं और गलत जानकारी फैला रहे हैं।

एक डिजिटल न्यूज पोर्टल को दिए पॉडकास्ट में उमर अब्दुल्ला ने कहा, "आज जिसके हाथ में मोबाइल है, वह फेसबुक पेज बनाकर खुद को पत्रकार कहने लगता है। उसे यह भी नहीं पता कि खबर कैसे लिखी जाती है, सवाल कैसे पूछे जाते हैं या रिपोर्टिंग कैसे की जाती है। ऐसे लोग सिर्फ झूठ फैलाने का काम कर रहे हैं।"

मुख्यमंत्री ने पारंपरिक पत्रकारिता और मौजूदा डिजिटल मीडिया के बीच अंतर बताते हुए कहा कि पहले किसी कार्यक्रम में एक-दो पत्रकार नजर आते थे, लेकिन अब 15-20 लोग अलग-अलग चैनलों और प्लेटफॉर्म्स के लोगो लेकर पहुंच जाते हैं।

उन्होंने कहा, "पहले किसी कार्यक्रम में एक पत्रकार होता था, अब 15-20 लोग दिखाई देते हैं। हर किसी के हाथ में कई-कई चैनलों के लोगो होते हैं। 10 पत्रकारों के साथ 40 लोगो नजर आते हैं, लेकिन कई लोग उन्हें ठीक से पकड़ना भी नहीं जानते, फिर भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं।"

उमर अब्दुल्ला ने बिना किसी का नाम लिए कुछ डिजिटल न्यूज एग्रीगेटर्स और नई न्यूज एजेंसियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई सोशल मीडिया चैनल खुद को पत्रकारिता का मंच बता रहे हैं, जबकि कुछ ऐसे संस्थान भी खुद को न्यूज एजेंसी कहते हैं जिनके पास कोई वास्तविक पाठक या दर्शक आधार नहीं है।

उन्होंने कहा, "सोशल मीडिया चैनल खुद को पत्रकार बता रहे हैं और जिनके पास कोई सब्सक्राइबर नहीं है, वे भी खुद को न्यूज एजेंसी कह रहे हैं। लेकिन असली और भरोसेमंद खबर लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है। इसका कोई समाधान निकालना होगा।"

जब उनसे पूछा गया कि उनकी सरकार मीडिया संस्थानों या पत्रकारों को इंटरव्यू और सरकारी कार्यक्रमों में पहुंच देने का फैसला कैसे करती है, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए पूरी जांच-पड़ताल की जाती है।

उन्होंने बताया, "हम किसी भी मीडिया संस्थान या पत्रकार की विश्वसनीयता, पृष्ठभूमि, पहुंच और स्वीकार्यता को देखते हैं। उनके पुराने काम और इंटरव्यू भी जांचते हैं कि उनका काम कितना गंभीर और जिम्मेदार है। ऐसा नहीं है कि सड़क पर किसी को देखकर इंटरव्यू के लिए बुला लिया जाए।"

मीडिया के बदलते स्वरूप पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि तकनीक और माध्यम भले बदल गए हों, लेकिन पत्रकारिता के मूल सिद्धांत आज भी वही हैं। उन्होंने कहा, "माध्यम बदल गया है, लेकिन पत्रकारिता का तरीका नहीं बदला है।"

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब जम्मू-कश्मीर समेत देशभर में डिजिटल कंटेंट के नियमन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और गैर-पारंपरिक मीडिया की विश्वसनीयता को लेकर लगातार बहस चल रही है।

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