Gen Z केवल प्रॉडक्ट नहीं खरीदती, वे अनुभव, पहचान और मूल्य खरीदती है। इनके लिए ब्रैंड का मतलब सिर्फ एक लोगो नहीं, बल्कि यह है कि वह ब्रैंड किस बात के लिए खड़ा है।
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Vikas Saxena
आज अगर किसी ब्रैंड का करोड़ों रुपये का टीवी विज्ञापन किसी बड़े सेलिब्रिटी के साथ प्रसारित होता है, तो इसकी कोई गारंटी नहीं कि युवा दर्शक उसे देख भी रहे हों। उस समय संभव है कि 20-25 साल का उपभोक्ता इंस्टाग्राम रील्स स्क्रॉल कर रहा हो, किसी इन्फ्लुएंसर की सिफारिश सुन रहा हो, यूट्यूब शॉर्ट्स देख रहा हो या दोस्तों के साथ किसी ट्रेंडिंग कंटेंट पर चर्चा कर रहा हो। यही है Gen Z,एक ऐसी पीढ़ी जो पारंपरिक विज्ञापनों से ज्यादा डिजिटल कंटेंट, इन्फ्लुएंसर्स और वास्तविक अनुभवों पर भरोसा करती है। मार्केटिंग की दुनिया में यह वर्ग आज सबसे चुनौतीपूर्ण भी है और सबसे प्रभावशाली भी, क्योंकि इसके फैसले आने वाले वर्षों में ब्रैंड्स की सफलता और असफलता तय करेंगे।
1997 से 2012 के बीच जन्मे इस वर्ग की उम्र 2026 में 14 से 29 वर्ष के बीच है। भारत में इनकी संख्या 37.7 करोड़ से अधिक है, यानी देश की आबादी का लगभग 27% हिस्सा। वैश्विक स्तर पर Gen Z दुनिया की कुल आबादी का 24.6% है, जो करीब 2 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। BCG और Snapchat की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, भारत में Gen Z पहले से ही कुल उपभोक्ता खर्च के 43% ($860 अरब) को प्रभावित कर रही है। 2035 तक इनका प्रत्यक्ष खर्च (direct spending) $1.8 ट्रिलियन और कुल स्पेंडिंग पावर (खर्च करने की क्षमता) $2 ट्रिलियन तक पहुंच सकती है, यानी 2035 में भारत में खर्च होने वाला हर दूसरा रुपया Gen Z से आएगा। जो ब्रैंड आज इस पीढ़ी को नहीं समझेगा, वह कल के मार्केट में अप्रासंगिक हो जाएगा।
Gen Z का खरीदारी व्यवहार: पुरानी पीढ़ियों से बिल्कुल अलग
Gen Z केवल प्रॉडक्ट नहीं खरीदती, वे अनुभव, पहचान और मूल्य खरीदती है। इनके लिए ब्रैंड का मतलब सिर्फ एक लोगो नहीं, बल्कि यह है कि वह ब्रैंड किस बात के लिए खड़ा है।
खरीदारी से पहले ये ऑनलाइन रिसर्च को अनिवार्य मानते हैं, BCG-Snap रिपोर्ट बताती है कि Gen Z, Millennials की तुलना में 1.5 गुना अधिक रिसर्च करके खरीदारी करती है। यूजर-जनरेटेड कंटेंट, रिव्यू और दोस्तों की सिफारिशें इनके फैसलों पर गहरा असर डालती हैं। FOMO (Fear of Missing Out) यानी "कहीं मैं पीछे न रह जाऊं" की भावना इनकी खरीदारी को आवेगपूर्ण और तेज बनाती है। शोध बताते हैं कि Gen Z, पुराने पीढ़ियों की तुलना में सोशल मीडिया के जरिए 2.5 गुना अधिक आवेगपूर्ण खरीदारी करती है।
सोशल मीडिया: नया मार्केट, नए नियम
अगर आपको Gen Z तक पहुंचना है तो आपको उनके मैदान में उतरना होगा और वह मैदान है सोशल मीडिया।
2026 में Gen Z प्रतिदिन औसतन 4 घंटे सोशल मीडिया पर बिताती है, जो 2025 के 3 घंटे 18 मिनट से काफी अधिक है। भारत में Gen Z, देश के कुल सोशल मीडिया यूजर्स का 40% हिस्सा है और इनकी अनुमानित सालाना खरीद शक्ति ₹1.2 लाख करोड़ से अधिक है।
प्लेटफॉर्म की प्राथमिकताओं की बात करें तो:
भारत में YouTube और WhatsApp का दबदबा है, जबकि Instagram Reels ने ब्रैंड कम्युनिकेशन को पूरी तरह बदल दिया है। मीम मार्केटिंग और वायरल कैंपेन अब किसी भी टीवी विज्ञापन से ज्यादा असरदार साबित हो रहे हैं।
सेलिब्रिटी से ज्यादा इन्फ्लुएंसर पर भरोसा
Gen Z की मार्केटिंग में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब माइक्रो और नैनो इन्फ्लुएंसर, करोड़ों के मेहनताने वाले सेलिब्रिटी से ज्यादा असरदार हैं।
आंकड़े बताते हैं कि 87% Gen Z उपभोक्ता इन्फ्लुएंसर की सिफारिश पर प्रॉडक्ट खरीदने को तैयार होते हैं, यह प्रतिशत Millennials (78%) और Gen X (77%) से काफी अधिक है। 77% Gen Z ने वास्तव में किसी इन्फ्लुएंसर की सिफारिश के बाद खरीदारी की है। एक अन्य अध्ययन बताता है कि 82.4% Gen Z उपभोक्ता इन्फ्लुएंसर कंटेंट के जरिए नए प्रॉडक्ट खोजते हैं।
वैश्विक सलाहकार फर्म अर्नस्ट एंड यंग (EY) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग का मार्केट 2026 तक ₹3,375 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, 18% की CAGR से बढ़ता हुआ। 47% ब्रैंड्स अब माइक्रो और नैनो इन्फ्लुएंसर को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि ये कम खर्च में दर्शकों के साथ ज्यादा भरोसेमंद और वास्तविक जुड़ाव बनाने में सक्षम होते हैं।
Nykaa ने अपनी रणनीति में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की जगह 200+ ब्यूटी माइक्रो-इन्फ्लुएंसर से साझेदारी की, हर एक के 10,000 से 50,000 फॉलोअर्स। नतीजा? Q2 FY25 में Nykaa का मार्केटिंग खर्च साल-दर-साल 40% बढ़ा। boAt ने भी युवा कंटेंट क्रिएटर्स के साथ साझेदारी कर अपनी अलग ब्रांड पहचान बनाई है और आज यह भारत के सबसे लोकप्रिय ऑडियो ब्रैंड्स में से एक बन चुका है।
पारंपरिक विज्ञापन से कंटेंट मार्केटिंग की ओर
Gen Z सीधे विज्ञापन से बचती है, लेकिन वही बात अगर मनोरंजक कहानी के रूप में आए तो वे उसे पसंद करते हैं और शेयर करते हैं।
ई-कॉमर्स से सोशल कॉमर्स तक: खरीदारी अब स्क्रॉल में होती है
Instagram Shopping, YouTube Shopping और Live Commerce ने खरीदारी के तरीके को बदल दिया है। 52% Gen Z (18-29 आयु वर्ग) पहले से ही सोशल प्लेटफॉर्म पर सीधे खरीदारी कर चुके हैं। भारत में 97.4% सोशल मीडिया उपयोगकर्ता स्मार्टफोन से प्लेटफॉर्म एक्सेस करते हैं, यानी यहां का मार्केट पूरी तरह मोबाइल-फर्स्ट है।
Quick Commerce, जैसे Zomato Blinkit और Swiggy Instamart, Gen Z की "अभी चाहिए" मानसिकता को पूरी तरह से कैप्चर करता है।
चुनौतियां: Gen Z को जीतना आसान नहीं
इतने अवसरों के बावजूद, Gen Z तक पहुंचना और उन्हें बनाए रखना कठिन है:
चयनात्मक ध्यान (Selective Attention): Gen Z का ध्यान कम नहीं हुआ है, बल्कि वह बहुत चयनात्मक हो गया है। McKinsey की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, Gen Z का "सिर्फ 8 सेकंड का ध्यान" होने वाली धारणा एक मिथक है। हकीकत यह है कि यह पीढ़ी गैर-जरूरी या उबाऊ कंटेंट को तुरंत छोड़ देती है, लेकिन अगर कोई विषय उसे पसंद आ जाए तो उस पर घंटों समय बिताती है। आंकड़ों के मुताबिक, 59% Gen Z पहले किसी विषय पर शॉर्ट वीडियो देखती है और फिर उसी विषय पर विस्तार से जानकारी पाने के लिए लंबा कंटेंट तलाशती है।
विज्ञापन थकान (Ad Fatigue): Gen Z सोशल मीडिया पर काफी समय बिताती है। 61% युवा देर रात तक सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं, लेकिन 55% ऐसे भी हैं जिन्होंने कभी न कभी सोशल मीडिया से दूरी बनाने के लिए ‘सोशल मीडिया डिटॉक्स’ अपनाया है। इसका मतलब है कि यह पीढ़ी जरूरत से ज्यादा मार्केटिंग और विज्ञापनों को पहचान लेती है और उनसे बचने की कोशिश करती है।
ब्रैंड निष्ठा की कमी (Lack of Brand Loyalty): यह पीढ़ी पारंपरिक और स्थापित ब्रैंड्स के बजाय नए रुझानों और नवाचारों को ज्यादा महत्व देती है। BCG-Snap रिपोर्ट के अनुसार, Gen Z नए और अलग तरह के उत्पादों को आजमाने में अधिक रुचि रखती है। इसलिए किसी एक ब्रैंड के प्रति लंबे समय तक वफादार बने रहना इस पीढ़ी की खासियत नहीं है।
विश्वसनीयता की कड़ी कसौटी (Authenticity Test): Gen Z किसी भी ब्रैंड या इन्फ्लुएंसर की वास्तविकता को बहुत जल्दी परख लेती है। अगर उसे जरा भी महसूस हो कि कोई प्रचार सिर्फ पैसे लेकर किया गया है या उसमें ईमानदारी की कमी है, तो वह तुरंत उस ब्रैंड या इन्फ्लुएंसर पर से भरोसा खो देती है। इसलिए इस पीढ़ी के साथ जुड़ने के लिए प्रामाणिकता और पारदर्शिता सबसे महत्वपूर्ण हैं।
भविष्य की दिशा: AI इन्फ्लुएंसर, AR/VR और गेमिंग मार्केटिंग का बढ़ता प्रभाव
2026 के बाद मार्केटिंग की दुनिया और भी तेजी से बदलने वाली है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संचालित वर्चुअल इन्फ्लुएंसर वैश्विक मार्केट में अपनी जगह बना रहे हैं और कई ब्रैंड्स इन्हें अपने प्रचार अभियानों में शामिल कर रहे हैं। वहीं, ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) आधारित सुविधाएं, जैसे Myntra का वर्चुअल फिटिंग रूम, खरीदारी के अनुभव को अधिक वास्तविक और आकर्षक बना रही हैं। इसके अलावा, गेमिंग मार्केटिंग भी तेजी से उभर रहा क्षेत्र है, जहां ब्रैंड्स गेम्स के भीतर विज्ञापनों और प्रायोजित आयोजनों के जरिए Gen Z गेमर्स तक अपनी पहुंच बना रहे हैं।
EY की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की क्रिएटर इकोनॉमी का आकार 2024 में करीब 12,500 करोड़ रुपये था, जिसके 2030 तक बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, BCG की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिएटर इकोनॉमी 2030 तक उपभोक्ता खर्च को 1 ट्रिलियन डॉलर तक प्रभावित कर सकती है, जो इसकी बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
दरअसल, Gen Z ने मार्केटिंग के पुराने नियमों को पूरी तरह बदल दिया है। अब ब्रैंड्स सिर्फ उत्पाद नहीं बेचते, बल्कि रिश्ते, अनुभव और भरोसा बेचते हैं। जो ब्रैंड इस पीढ़ी से दोस्त की तरह संवाद करना सीखेगा, उनकी भाषा और संस्कृति को समझेगा, सामाजिक मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी दिखाएगा और माइक्रो-इन्फ्लुएंसर्स की ताकत का सही इस्तेमाल करेगा, वही आने वाले वर्षों में मार्केट में बढ़त हासिल कर सकेगा।
भारत में 37.7 करोड़ से अधिक Gen Z उपभोक्ता हैं। 2035 तक उनकी सामूहिक खर्च करने की क्षमता 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है और वे रोजाना औसतन चार घंटे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बिताते हैं। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि Gen Z सिर्फ एक उपभोक्ता वर्ग नहीं है, बल्कि वह पीढ़ी है जो आने वाले समय में मार्केट और अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगी।
दुबई की एयरलाइन 'फ्लाईदुबई' (flydubai) ने सिद्धार्थ बुटालिया को कॉरपोरेट ब्रैंड, मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस का सीनियर वाइस प्रेजिडेंट नियुक्त किया है।
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Samachar4media Bureau
दुबई की एयरलाइन 'फ्लाईदुबई' (flydubai) ने सिद्धार्थ बुटालिया को कॉरपोरेट ब्रैंड, मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस का सीनियर वाइस प्रेजिडेंट नियुक्त किया है। सिद्धार्थ बुटालिया ने यह जिम्मेदारी इसी महीने संभाली है। वह करीब दो दशक तक Tata Group के साथ काम करने के बाद 'फ्लाईदुबई' से जुड़े हैं। Tata Group में वह 2019 से Air India Express और AirAsia India के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) के तौर पर काम कर रहे थे।
'फ्लाईदुबई' में अपनी नई भूमिका में बुटालिया कंपनी की मार्केटिंग, पब्लिक रिलेशंस, इंटरनल कम्युनिकेशंस और ब्रैंड मैनेजमेंट से जुड़े कामों को रणनीतिक दिशा देंगे।
कंपनी की ओर से LinkedIn पर पहले साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इस भूमिका में एयरलाइन की प्रतिष्ठा मजबूत करने, अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के साथ बेहतर संबंध बनाने और कंपनी के बड़े कारोबारी लक्ष्यों के साथ कम्युनिकेशन को जोड़ने की जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही कंपनी की प्रतिष्ठा, नीतियों पर प्रभाव और इंडस्ट्री में विचार नेतृत्व (Thought Leadership) से जुड़े मामलों को भी रणनीतिक तरीके से संभालना होगा।
Tata Group में दो दशक का अनुभव
बुटालिया को ब्रैंड, मार्केटिंग, कम्युनिकेशन और कॉरपोरेट अफेयर्स के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। उन्होंने Tata Group में TAS Officer के तौर पर भी काम किया और यूरोप व भारत में कई प्रमुख ब्रैंड्स की जिम्मेदारी संभाली। इनमें Tetley, Taj Group of Hotels, AirAsia और Air India Express शामिल हैं।
Tata Group के साथ अपने कार्यकाल के दौरान वह एयरलाइन की लीडरशिप टीम का हिस्सा रहे। इस दौरान Tata Group ने अपने एविएशन कारोबार के निजीकरण और एकीकरण के बाद एयरलाइन बिजनेस में बड़े बदलाव किए।
Air India Express के ब्रैंड को नया रूप देने में निभाई भूमिका
Air India Express में बुटालिया ने एयरलाइन के ब्रैंड को नए सिरे से तैयार करने, ग्राहक वफादारी बढ़ाने और कम्युनिकेशन को मजबूत करने में भूमिका निभाई। इस दौरान एयरलाइन ने अपना नेटवर्क बढ़ाया और Tata Group के एविएशन पोर्टफोलियो में अपनी स्थिति को और मजबूत किया।
अब 'फ्लाईदुबई' में बुटालिया दुनियाभर में एयरलाइन के कॉरपोरेट ब्रैंड, मार्केटिंग और कम्युनिकेशन से जुड़े कामों की देखरेख करेंगे।
56 देशों में 125 से ज्यादा डेस्टिनेशन
'फ्लाईदुबई' लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है। एयरलाइन का नेटवर्क अब 56 देशों में 125 से ज्यादा डेस्टिनेशन तक पहुंच चुका है। इनमें अफ्रीका, एशिया, GCC और मिडिल ईस्ट के साथ यूरोप के डेस्टिनेशन भी शामिल हैं।
बुटालिया की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र की एयरलाइंस नेटवर्क विस्तार के साथ-साथ ब्रैंड बनाने और ग्राहकों के साथ जुड़ाव बढ़ाने पर भी निवेश कर रही हैं। ऐसे में कॉरपोरेट कम्युनिकेशन एयरलाइन की छवि और दूसरी एयरलाइंस से अलग पहचान बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
100 से ज्यादा विमानों तक बढ़ेगा बेड़ा
'फ्लाईदुबई' ने अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी के अगले चरण की भी जानकारी दी है। इसके तहत एयरलाइन अपने बेड़े को 100 से ज्यादा विमानों तक बढ़ाने की योजना पर आगे बढ़ रही है। एयरलाइन अपने विमानों के केबिन को नए सिरे से तैयार करने का कार्यक्रम भी शुरू कर रही है, जिसमें पूरी तरह सपाट होने वाली बिजनेस क्लास सीटें लगाई जाएंगी।
'फ्लाईदुबई' को 2026 में 11 अतिरिक्त विमान मिलने की उम्मीद है। इसके बाद एयरलाइन की क्षमता में और बढ़ोतरी होगी। भविष्य की योजना में 30 Boeing 787 Dreamliner विमान शामिल हैं। इसके बाद 2031 से 150 Airbus A321neo विमानों की डिलीवरी शुरू होने की योजना है।
बुटालिया की नई भूमिका ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब 'फ्लाईदुबई' अपने नेटवर्क, बेड़े और ग्राहक अनुभव का विस्तार कर रही है और इसके साथ अपनी कॉरपोरेट ब्रैंडिंग व कम्युनिकेशन को भी मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
Netflix ने प्रतिस्पर्धी पिच प्रक्रिया के बाद Dentsu को यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका (EMEA) क्षेत्र में अपना एकमात्र होल्डिंग-कंपनी मीडिया एजेंसी पार्टनर नियुक्त किया है।
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Samachar4media Bureau
नेटफ्लिक्स (Netflix) ने प्रतिस्पर्धी पिच प्रक्रिया के बाद Dentsu को यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका (EMEA) क्षेत्र में अपना एकमात्र होल्डिंग-कंपनी मीडिया एजेंसी पार्टनर नियुक्त किया है। EMEA में यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका के बाजार शामिल हैं।
यह नियुक्ति ब्रिटेन में Netflix के साथ Dentsu की मौजूदा साझेदारी को आगे बढ़ाती है। अब यह साझेदारी EMEA क्षेत्र के 21 अतिरिक्त बाजारों तक पहुंच गई है।
Netflix का मीडिया अकाउंट Dentsu की Media Practice और Dentsu Lab की टीमें संभालेंगी। यह काम Dentsu ENTS के तहत किया जाएगा।
इस नियुक्ति पर खुशी जताते हुए Dentsu की iProspect UK की प्रेजिडेंट ऐमी वाट (Amy Watt) ने कहा कि यह Dentsu के लिए गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि उनकी टीमों ने यह दिखाया है कि क्षेत्रीय स्तर पर बड़े पैमाने और स्थानीय रणनीतिक सोच को साथ लेकर किस तरह बेहतर काम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ब्रिटेन में Netflix के साथ बनी मजबूत साझेदारी को आगे बढ़ाने और पूरे EMEA क्षेत्र में Netflix के लिए बेहतर काम करने को लेकर उत्साहित है।
इस विस्तारित साझेदारी के तहत Dentsu को नियुक्ति में शामिल EMEA के सभी बाजारों में Netflix का मीडिया अकाउंट संभालने की जिम्मेदारी मिलेगी।
FMCG कंपनी Emami Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 17 सितंबर 2026 को होने जा रही है।
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Vikas Saxena
FMCG कंपनी Emami Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 17 सितंबर 2026 को होने जा रही है। इस बैठक में कंपनी के पूरी तरह चुकता (Fully Paid-up) इक्विटी शेयरों के बायबैक के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
कंपनी ने इस बैठक की जानकारी 14 सितंबर 2026 को शेयर बाजारों को दी है। बोर्ड बैठक में शेयर बायबैक से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा और विचार किया जाएगा।
यह प्रस्ताव Companies Act, 2013 की धारा 68, 69 और 70 के प्रावधानों के तहत रखा गया है। इसके साथ ही यह SEBI (Buy-back of Securities) Regulations, 2018, जिसमें समय-समय पर बदलाव किए गए हैं, के अनुरूप भी होगा।
Emami ने यह सूचना SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के Regulation 29 के तहत जारी की है। कंपनी ने कहा है कि 17 सितंबर को बोर्ड बैठक खत्म होने के बाद बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी स्टॉक एक्सचेंजों को दी जाएगी।
BW Disrupt की ओर से BW Disrupt Founders’ Forum और BW Disrupt 40 Under 40 Awards 2026 का आयोजन 15 सितंबर को नई दिल्ली के The Park में किया जाएगा।
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Samachar4media Bureau
BW Disrupt की ओर से BW Disrupt Founders’ Forum और BW Disrupt 40 Under 40 Awards 2026 का आयोजन 15 सितंबर को नई दिल्ली के The Park में किया जाएगा। BW Businessworld के सहयोग से होने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे से होगी। इस बार कार्यक्रम की थीम “Towards India’s Next Growth Decade” रखी गई है।
कार्यक्रम में देश के कई स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक और बिजनेस लीडर्स एक साथ जुटेंगे। फोरम की शुरुआत BW Businessworld के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ और Exchange4media Group के फाउंडर डॉ. अनुराग बत्रा के संबोधन से होगी। वह इस बात पर चर्चा करेंगे कि क्या भारत की स्टार्टअप अर्थव्यवस्था 2030 तक देश की GDP में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का योगदान दे सकती है।
स्टार्टअप और ग्रोथ पर चर्चा
फोरम में भारत में बदलते बिजनेस और ग्रोथ के माहौल पर कई अहम चर्चाएं होंगी। “The New Grammar of Growth: Capital, Conviction and Companies That Endure” सेशन में फाउंडर्स और बिजनेस लीडर्स इस बात पर चर्चा करेंगे कि बदलते माहौल में लंबे समय तक टिकने वाली कंपनियां खड़ी करने के लिए किन चीजों की जरूरत है।
इसके बाद “Bharat’s Billion-Consumer Opportunity” सेशन में भारत में तेजी से बदलते कंज्यूमर मार्केट और नई पीढ़ी के ब्रांड्स के लिए मौजूद अवसरों पर चर्चा होगी। इस सेशन में Digio के को-फाउंडर और CEO अभिनव पाराशर, Globizera Services FZCO की फाउंडर और CEO स्वाति बाबेल, Dogsee Chew की को-फाउंडर और CMO स्नेह शर्मा, Cumin Co की को-फाउंडर और CMO निहारिका जोशी और WickedGud के फाउंडर और CEO भुमन दानी समेत अन्य वक्ता शामिल होंगे।
दोपहर के सत्रों में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और निवेश के अवसरों पर फोकस रहेगा। “Inside India’s Manufacturing Moment: Founders, Factories and The Future” सेशन में मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी और इंडस्ट्रियल बिजनेस से जुड़े अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
निवेश के बदलते दौर पर भी चर्चा
इसके बाद “The Great Capital Reset” सेशन में निवेश के बदलते पैटर्न और वेंचर कैपिटल के अगले दौर पर चर्चा होगी। इसमें Fundamentum के को-फाउंडर और जनरल पार्टनर आशीष कुमार, Orios Venture Partners की को-फाउंडर सुखमनी बेदी, VG Capital की को-फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर Ntasha और 247VC के फाउंडर और जनरल पार्टनर शशांक रांदेव शामिल होंगे।
फोरम का अंतिम सेशन “The Decade-Builders: What Will India’s 40 Under 40 Leave Behind?” होगा। इसमें अगली पीढ़ी के उद्यमियों की ओर से बनाई जा रही कंपनियों और उनकी क्षमताओं पर चर्चा की जाएगी।
40 Under 40 Awards का 10वां संस्करण
कार्यक्रम का समापन BW Disrupt 40 Under 40 Awards 2026 के 10वें संस्करण के साथ होगा। इन पुरस्कारों के जरिए उन युवा लीडर्स को सम्मानित किया जाएगा, जो नए बिजनेस खड़े कर रहे हैं, नई कैटेगरी बना रहे हैं और भारत के बदलते उद्यमिता के माहौल में योगदान दे रहे हैं।
इस बार का आयोजन खास है क्योंकि यह 40 Under 40 Awards का 10वां संस्करण है। कार्यक्रम में एक दशक के दौरान उभरते बिजनेस लीडर्स की उपलब्धियों को सेलिब्रेट किया जाएगा और इस बात पर भी फोकस रहेगा कि भारत के अगले विकास दशक में उद्यमियों और कंपनियों से किस तरह की भूमिका की उम्मीद होगी।
BW Disrupt और BW Businessworld के सहयोग से BW Disrupt 40 Under 40 Awards 2026 के 10वें संस्करण का आयोजन नई दिल्ली के 'दि पार्क' होटल में आज कर रहा है।
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Vikas Saxena
BW Disrupt और BW Businessworld के सहयोग से BW Disrupt 40 Under 40 Awards 2026 के 10वें संस्करण का आयोजन नई दिल्ली के 'दि पार्क' होटल में आज कर रहा है। यह संस्करण खास है, क्योंकि इसके साथ युवा उद्यमियों और उभरते बिजनेस लीडर्स को पहचान देने के इस मंच को एक दशक पूरा हो जाएगा।
एक दशक से उभरती प्रतिभाओं की पहचान
BW Disrupt 40 Under 40 Awards की शुरुआत से ही कोशिश रही है कि ऐसे युवा लीडर्स को पहचान दी जाए, जो अपने करियर या बिजनेस के शुरुआती दौर में कुछ अलग कर रहे हैं। यह मंच उन लोगों को सामने लाता है, जिनके बिजनेस, आइडिया और नेतृत्व में लंबे समय तक असर डालने की क्षमता दिखाई देती है।
10वें संस्करण में भी अलग-अलग सेक्टर में काम कर रहे युवा लीडर्स पर फोकस किया जाएगा। ये ऐसे लोग हैं जो भारत के बदलते उद्यमिता के माहौल में अपने काम के जरिए योगदान दे रहे हैं।
कई स्तरों पर होता है मूल्यांकन
BW Disrupt 40 Under 40 Awards के लिए उम्मीदवारों का चयन एक से ज्यादा स्तरों वाली ज्यूरी और मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए किया जाता है। इसमें सिर्फ किसी बिजनेस का आकार या उसकी लोकप्रियता ही नहीं देखी जाती, बल्कि कई दूसरे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाता है।
इस प्रक्रिया में बिजनेस की गुणवत्ता, उद्यमी का सफर, इनोवेशन, नेतृत्व, प्रभाव और आगे लंबे समय तक ग्रोथ की क्षमता जैसे पहलुओं का आकलन किया जाता है। इसके बाद कई चरणों के मूल्यांकन के आधार पर अंतिम विजेताओं का चयन किया जाता है।
इसका मकसद सिर्फ सफल युवा प्रोफेशनल्स और उद्यमियों को चुनना नहीं है, बल्कि ऐसे लोगों की पहचान करना है, जिनके काम में अपने सेक्टर को आगे बढ़ाने, प्रभाव डालने और भविष्य को आकार देने की क्षमता दिखाई देती है।
कई नाम बना चुके हैं पहचान
पिछले एक दशक में BW Disrupt 40 Under 40 भारत में उभरते उद्यमियों और बिजनेस लीडर्स को पहचान देने वाला एक प्रमुख मंच बन गया है। इसके पहले के संस्करणों में boAt के अमन गुप्ता, Mamaearth की गजल अलघ, Libas के सिद्धार्थ केशवानी, Porter के प्रणव गोयल, InsuranceDekho के अंकित, iQOO India के निपुण मरिया और Blue Tokai Coffee के शिवम शाही जैसे नाम शामिल रहे हैं।
इनमें से कई लोगों को उनके शुरुआती दौर में पहचान मिली थी और बाद में उन्होंने अपने बिजनेस को आगे बढ़ाया, नई कैटेगरी में अपनी जगह बनाई और भारत के स्टार्टअप व बिजनेस इकोसिस्टम में प्रमुख नाम बने।
10वें संस्करण के साथ BW Disrupt 40 Under 40 Awards इसी विरासत को आगे बढ़ाएगा। इस बार भी फोकस ऐसे युवा लीडर्स की पहचान करने पर रहेगा, जिनमें आगे बढ़ने की क्षमता है और जिन्हें सही पहचान और मंच मिलने से उनके सफर को और गति मिल सकती है।
रूपल शाह ने यूआईपाथ में हेड ऑफ मार्केटिंग-इंडिया के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। वह क्लाउडफ्लेयर से यहां पहुंची हैं और भारत में कंपनी की मार्केटिंग स्ट्रैटेजी मजबूत करेंगी।
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Samachar4media Bureau
रूपल शाह (Roopal Shah) ने ऑटोमेशन कंपनी यूआईपाथ (UiPath) में हेड ऑफ मार्केटिंग-इंडिया (Head of Marketing, India) के तौर पर नई पारी शुरू की है। वह क्लाउडफ्लेयर (Cloudflare) से यूआईपाथ में आई हैं, जहां उन्होंने चार साल से ज्यादा समय तक काम किया।
शाह ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूआईपाथ भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है और ऐसे में उनका फोकस कंपनी की पोजिशनिंग मजबूत करने पर रहेगा। कंपनी एजेंटिक ऑटोमेशन (Agentic Automation) के क्षेत्र में अपने विस्तार पर काम कर रही है।
यूआईपाथ से पहले शाह क्लाउडफ्लेयर में हेड ऑफ मार्केटिंग-इंडिया एंड सार्क (Head of Marketing - India & SAARC) थीं। उन्होंने कंपनी के साथ साढ़े चार साल से ज्यादा समय बिताया।
शाह के पास बी2बी टेक्नोलॉजी मार्केटिंग (B2B Technology Marketing) में 14 साल से ज्यादा का अनुभव है। उनके अनुभव में डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing), डिमांड जनरेशन (Demand Generation), गो-टू-मार्केट स्ट्रैटेजी (Go-to-Market Strategy) और मार्केट एक्सपेंशन (Market Expansion) जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
क्लाउडफ्लेयर से पहले उन्होंने मैकाफी (McAfee) में सात साल काम किया। इसके अलावा वह सोनी गल्फ एफजेडई (Sony Gulf FZE) के साथ भी तीन साल जुड़ी रही हैं।
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 10 सितंबर 2026 से दिवेश सेहरा को अपने बोर्ड में डायरेक्टर नियुक्त किया है।
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Vikas Saxena
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 10 सितंबर 2026 से दिवेश सेहरा को अपने बोर्ड में डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के बाद डी. आनंदन डायरेक्टर पद पर नहीं रहेंगे। यानी दिवेश सेहरा ने डी. आनंदन की जगह ली है।
बैंक ने यह नियुक्ति Banking Companies (Acquisition and Transfer of Undertakings) Act, 1970 की धारा 9(3)(b) के तहत की है। यह नियुक्ति भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) की 10 सितंबर 2026 की अधिसूचना के बाद की गई है।
वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं दिवेश सेहरा
दिवेश सेहरा फिलहाल भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद पर कार्यरत हैं। PNB के बोर्ड में उनका कार्यकाल अगले आदेश तक जारी रहेगा।
बैंक ने बताया है कि दिवेश सेहरा और बैंक के दूसरे डायरेक्टरों के बीच कोई आपसी पारिवारिक या अन्य संबंध (inter se relationship) नहीं है। इसके अलावा, किसी SEBI आदेश या किसी अन्य प्राधिकरण की ओर से उन्हें किसी पद पर रहने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है। बैंक ने यह भी कहा है कि दिवेश सेहरा की विस्तृत प्रोफाइल बाद में उपलब्ध कराई जाएगी।
डिजिटल भुगतान, इंटरनेट और ऑनलाइन व्यवहार ने भारतीय ब्रांडों के लिए ग्राहकों की पसंद समझना आसान किया है। अब मार्केटिंग रणनीति में डिजिटल संकेतों और खरीदारी की मंशा अहम हो गई है।
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भारतीय ब्रांडों के लिए ग्राहकों तक पहुंचने का तरीका तेजी से बदल रहा है। पिछले एक दशक में मार्केटिंग (Marketing) का फोकस ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाने पर रहा, लेकिन डिजिटल भुगतान (Digital Payments), इंटरनेट और ऑनलाइन व्यवहार ने अब उपभोक्ताओं की पसंद और खरीदारी की मंशा समझने के नए रास्ते खोल दिए हैं।
पहले रोजमर्रा के कई लेनदेन नकद में होते थे। सब्जी विक्रेता या किराना दुकानदार को दिए गए पैसे की जानकारी किसी ब्रांड के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं होती थी। ऐसे में कंपनियां सीमित सैंपल (Sample) के आधार पर करोड़ों उपभोक्ताओं के व्यवहार का अनुमान लगाती थीं।
अब स्थिति बदल चुकी है। यूपीआई भुगतान (UPI Payments), ऑनलाइन सर्च (Online Search), वेबसाइट पर दोबारा आना या रात में छोड़े गए कार्ट (Cart) को अगली सुबह पूरा करना जैसे व्यवहार डिजिटल रिकॉर्ड (Digital Record) छोड़ते हैं। मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में भारत में इंटरनेट सब्सक्राइबर (Internet Subscribers) की संख्या 1.09 अरब से ज्यादा हो गई। इसकी अहमियत सिर्फ इंटरनेट की पहुंच तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उपयोगकर्ताओं की पसंद और खरीदारी की मंशा को तेजी से समझा जा सकता है।
इस बदलाव का असर विज्ञापन बाजार (Advertising Market) पर भी दिखाई दे रहा है। एफआईसीसीआई-ईवाई मीडिया एंड एंटरटेनमेंट रिपोर्ट 2026 (FICCI-EY Media & Entertainment Report 2026) के मुताबिक, 2025 में ई-कॉमर्स और पॉइंट-ऑफ-सेल विज्ञापन (Point-of-Sale Advertising) 50 प्रतिशत बढ़कर 22,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
वहीं, डेंट्सु-ई4एम डिजिटल रिपोर्ट (Dentsu-e4m Digital Report) के अनुसार भारत में डिजिटल विज्ञापन खर्च का 42 प्रतिशत हिस्सा प्रोग्रामेटिक तरीके (Programmatic) से खरीदा जा रहा है। इसमें रियल टाइम संकेतों (Real-Time Signals) के आधार पर विज्ञापन खरीदने का काम किया जाता है।
हालांकि, ज्यादा डेटा (Data) मिलने का मतलब हमेशा उपभोक्ताओं को बेहतर तरीके से समझ लेना नहीं है। कंपनियां आसानी से मापे जा सकने वाले आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान दे सकती हैं और वास्तविक कारोबारी नतीजे पीछे छूट सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि ब्रांड पहले यह तय करें कि किन परिणामों के लिए मार्केटिंग बजट खर्च करना सही है।
आज भारतीय उपभोक्ता किसी ब्रांड के उसके पास पहुंचने का इंतजार नहीं कर रहा। वह अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से तेजी से फैसला ले रहा है और उसके फैसले का डिजिटल रिकॉर्ड भी बन रहा है। ऐसे में ब्रांडों के लिए सिर्फ ज्यादा शोर पैदा करना नहीं, बल्कि सही समय पर उपयोगी साबित होना ज्यादा जरूरी हो गया है।
राहुल सेनगुप्ता को कर्मिक सॉल्यूशंस में वाइस प्रेसिडेंट-सेल्स एंड मार्केटिंग नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह प्रमोटएज में सेल्स और मार्केटिंग के हेड पद पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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राहुल सेनगुप्ता (Rahul Sengupta) को कर्मिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (Karmick Solutions Pvt Ltd) में वाइस प्रेसिडेंट-सेल्स एंड मार्केटिंग (Vice President - Sales & Marketing) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।
अपनी पोस्ट में सेनगुप्ता ने कहा कि वह कंपनी के साथ नई भूमिका शुरू करने को लेकर खुश हैं। उन्होंने इसे अपने प्रोफेशनल जर्नी (Professional Journey) का अगला कदम बताया।
कर्मिक सॉल्यूशंस से जुड़ने से पहले सेनगुप्ता प्रमोटएज (PromotEdge) में हेड ऑफ सेल्स एंड मार्केटिंग (Head of Sales and Marketing) के पद पर थे। इस भूमिका में उन्होंने सेल्स इनिशिएटिव्स (Sales Initiatives) और मार्केटिंग गतिविधियों को आगे बढ़ाने के साथ कंपनी की बिजनेस ग्रोथ (Business Growth) और क्लाइंट एंगेजमेंट (Client Engagement) में योगदान दिया।
नई भूमिका में सेनगुप्ता का फोकस कंपनी के सेल्स और मार्केटिंग फंक्शंस (Sales and Marketing Functions) को मजबूत करने और ग्रोथ प्लान (Growth Plan) को आगे बढ़ाने पर रहेगा। सेल्स और मार्केटिंग लीडरशिप में उनके अनुभव से कंपनी को बिजनेस विस्तार और मार्केट रिलेशनशिप (Market Relationships) मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
करिश्मा राणे ने गोदरेज प्रॉपर्टीज में डिप्टी जनरल मैनेजर-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस का पद संभाला है। इससे पहले वह शापूरजी पालोनजी रियल एस्टेट के साथ चार साल तक जुड़ीं रही थीं।
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करिश्मा राणे (Karishma Rane) ने गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड (Godrej Properties Limited) ज्वाइन की है। उन्हें कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Deputy General Manager - Corporate Communications) की जिम्मेदारी दी गई है। इस नई भूमिका के साथ वह कम्युनिकेशंस करियर (Communications Career) के अगले फेज में पहुंच गई हैं।
गोदरेज प्रॉपर्टीज से जुड़ने से पहले करिश्मा राणे शापूरजी पालोनजी रियल एस्टेट (Shapoorji Pallonji Real Estate) के साथ करीब चार साल तक काम कर चुकी हैं। उनके पास कम्युनिकेशंस के क्षेत्र में 17 साल से ज्यादा का अनुभव है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने कई बड़े कारोबारी समूहों के साथ काम किया है। उनका अनुभव कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Corporate Communications), ब्रांड बिल्डिंग (Brand Building), नैरेटिव डेवलपमेंट (Narrative Development) और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस (Strategic Communications) जैसे क्षेत्रों में रहा है।
गोदरेज प्रॉपर्टीज में करिश्मा कंपनी की कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस लीडरशिप (Corporate Communications Leadership) का हिस्सा होंगी। नई भूमिका में उनका पिछला अनुभव और बड़े व अलग-अलग बिजनेस पोर्टफोलियो के साथ काम करने का अनुभव कंपनी के लिए काम आएगा।