राहुल सेनगुप्ता को कर्मिक सॉल्यूशंस में वाइस प्रेसिडेंट-सेल्स एंड मार्केटिंग नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह प्रमोटएज में सेल्स और मार्केटिंग के हेड पद पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
राहुल सेनगुप्ता (Rahul Sengupta) को कर्मिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (Karmick Solutions Pvt Ltd) में वाइस प्रेसिडेंट-सेल्स एंड मार्केटिंग (Vice President - Sales & Marketing) नियुक्त किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की।
अपनी पोस्ट में सेनगुप्ता ने कहा कि वह कंपनी के साथ नई भूमिका शुरू करने को लेकर खुश हैं। उन्होंने इसे अपने प्रोफेशनल जर्नी (Professional Journey) का अगला कदम बताया।
कर्मिक सॉल्यूशंस से जुड़ने से पहले सेनगुप्ता प्रमोटएज (PromotEdge) में हेड ऑफ सेल्स एंड मार्केटिंग (Head of Sales and Marketing) के पद पर थे। इस भूमिका में उन्होंने सेल्स इनिशिएटिव्स (Sales Initiatives) और मार्केटिंग गतिविधियों को आगे बढ़ाने के साथ कंपनी की बिजनेस ग्रोथ (Business Growth) और क्लाइंट एंगेजमेंट (Client Engagement) में योगदान दिया।
नई भूमिका में सेनगुप्ता का फोकस कंपनी के सेल्स और मार्केटिंग फंक्शंस (Sales and Marketing Functions) को मजबूत करने और ग्रोथ प्लान (Growth Plan) को आगे बढ़ाने पर रहेगा। सेल्स और मार्केटिंग लीडरशिप में उनके अनुभव से कंपनी को बिजनेस विस्तार और मार्केट रिलेशनशिप (Market Relationships) मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
करिश्मा राणे ने गोदरेज प्रॉपर्टीज में डिप्टी जनरल मैनेजर-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस का पद संभाला है। इससे पहले वह शापूरजी पालोनजी रियल एस्टेट के साथ चार साल तक जुड़ीं रही थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
करिश्मा राणे (Karishma Rane) ने गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड (Godrej Properties Limited) ज्वाइन की है। उन्हें कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर-कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Deputy General Manager - Corporate Communications) की जिम्मेदारी दी गई है। इस नई भूमिका के साथ वह कम्युनिकेशंस करियर (Communications Career) के अगले फेज में पहुंच गई हैं।
गोदरेज प्रॉपर्टीज से जुड़ने से पहले करिश्मा राणे शापूरजी पालोनजी रियल एस्टेट (Shapoorji Pallonji Real Estate) के साथ करीब चार साल तक काम कर चुकी हैं। उनके पास कम्युनिकेशंस के क्षेत्र में 17 साल से ज्यादा का अनुभव है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने कई बड़े कारोबारी समूहों के साथ काम किया है। उनका अनुभव कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Corporate Communications), ब्रांड बिल्डिंग (Brand Building), नैरेटिव डेवलपमेंट (Narrative Development) और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस (Strategic Communications) जैसे क्षेत्रों में रहा है।
गोदरेज प्रॉपर्टीज में करिश्मा कंपनी की कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस लीडरशिप (Corporate Communications Leadership) का हिस्सा होंगी। नई भूमिका में उनका पिछला अनुभव और बड़े व अलग-अलग बिजनेस पोर्टफोलियो के साथ काम करने का अनुभव कंपनी के लिए काम आएगा।
डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनी YAAP Digital को Parle Candy Culture का डिजिटल और मीडिया पार्टनर बनाया गया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की कंपनी YAAP Digital को Parle Candy Culture का डिजिटल और मीडिया पार्टनर बनाया गया है। कंपनी ने बताया कि कई एजेंसियों के बीच हुई प्रतिस्पर्धी पिच के बाद उसे यह क्रिएटिव और मीडिया काम मिला है। इस साझेदारी से YAAP के प्रमुख एफएमसीजी ब्रैंड्स के पोर्टफोलियो को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Parle Candy Culture, Parle Products का डिजिटल-केंद्रित कन्फेक्शनरी प्लेटफॉर्म है। इसके तहत Parle के कई लोकप्रिय कैंडी ब्रैंड एक साथ आते हैं। इनमें Kismi, Mango Bite, Orange Bite, Mazelo, Poppins, Rol-a-Cola, Londonderry, 2 in 1 Éclair, Kapi Candy, Mazelo Fruit Gang, Duet, Smoothies, Fusion और Kacha Mango Bite शामिल हैं।
डिजिटल दुनिया में और मजबूत होगी Candy Culture की मौजूदगी
Parle Candy Culture ने अपनी शुरुआत के बाद से ही भारत में पसंद की जाने वाली कैंडी से जुड़ी पुरानी यादों और खुशी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामने लाकर एक ऑनलाइन समुदाय तैयार किया है। अब YAAP के साथ साझेदारी के जरिए ब्रैंड अपनी डिजिटल मौजूदगी को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है।
कंपनी के मुताबिक, इस साझेदारी के तहत ऐसा कंटेंट तैयार किया जाएगा जो लोगों की मौजूदा पसंद और संस्कृति से जुड़ा हो। साथ ही, अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं के लिए बेहतर और ज्यादा दिलचस्प अनुभव तैयार करने पर भी जोर रहेगा।
सोशल मीडिया से लेकर इन्फ्लुएंसर कैंपेन तक YAAP संभालेगी जिम्मेदारी
इस मैंडेट के तहत YAAP Parle Candy Culture की एकीकृत सोशल और मीडिया रणनीति तैयार करेगी। इसमें डिजिटल कम्युनिकेशन, कंटेंट तैयार करना, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, इन्फ्लुएंसर के साथ साझेदारी और मीडिया प्लानिंग व खरीदारी शामिल होगी।
इसके अलावा, ब्रैंड के लिए लगातार चलने वाली कहानियों और कंटेंट, मौजूदा मुद्दों से जुड़े कैंपेन, क्रिएटर के जरिए बातचीत, त्योहारों से जुड़े अभियान और प्रदर्शन पर आधारित मीडिया रणनीतियां तैयार की जाएंगी।
इसका मकसद उपभोक्ताओं की ब्रैंड के साथ जुड़ाव को बढ़ाना और Parle Candy Culture की डिजिटल पहुंच को और व्यापक बनाना है।
AI और आंकड़ों की मदद से नई पीढ़ी तक पहुंचने की तैयारी
YAAP ने कहा कि वह AI आधारित इनसाइट्स, आंकड़ों पर आधारित फैसलों और स्थानीय संस्कृति से जुड़े कंटेंट को साथ लेकर काम करेगी। इसके जरिए ब्रैंड अपने मौजूदा उपभोक्ताओं के साथ रिश्ते को और मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी के ग्राहकों तक भी पहुंच बनाने की कोशिश करेगा।
Parle Products के वाइस प्रेसिडेंट Mayank Shah ने कहा कि Parle Candy Culture का मकसद अपनी लोकप्रिय कन्फेक्शनरी ब्रैंड्स के लिए लोगों के लंबे समय से चले आ रहे लगाव को बनाए रखते हुए आज की डिजिटल दुनिया के हिसाब से प्रासंगिक बने रहना है। उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसे साझेदार की तलाश में थी, जो क्रिएटिव सोच के साथ रणनीतिक मीडिया योजना को भी अच्छी तरह जोड़ सके।
Shah के मुताबिक, YAAP का एकीकृत तरीका, डिजिटल विशेषज्ञता और आधुनिक उपभोक्ता व्यवहार की समझ उसे इस काम के लिए सही साझेदार बनाती है।
Parle के साथ काम करना बड़ी उपलब्धिॉ: YAAP
YAAP के सीनियर पार्टनर मनन कपूर ने कहा कि Parle भारत के सबसे प्रतिष्ठित और पसंद किए जाने वाले ब्रैंड्स में से एक है और उसके कन्फेक्शनरी ब्रैंड्स ने कई पीढ़ियों की यादों में जगह बनाई है।
उन्होंने कहा कि YAAP इस साझेदारी के जरिए क्रिएटिविटी, कंटेंट, क्रिएटर्स और मीडिया को एक साथ लाकर ऐसी बातचीत तैयार करने पर ध्यान देगी, जो लोगों की संस्कृति और मौजूदा ट्रेंड से जुड़ी होने के साथ-साथ कारोबार के लिहाज से भी असरदार हो।
Kapur के मुताबिक, कंपनी आंकड़ों और AI आधारित इनसाइट्स की मदद से प्रभावी कहानी कहने पर काम करेगी, ताकि उपभोक्ताओं का जुड़ाव बढ़ाया जा सके और Parle की डिजिटल विरासत को आगे ले जाया जा सके।
YAAP के FMCG पोर्टफोलियो को मिलेगा बढ़ावा
कंपनी के मुताबिक, Parle Candy Culture के साथ यह साझेदारी उसके बढ़ते FMCG पोर्टफोलियो में एक और अहम उपलब्धि है। इससे YAAP की ऐसी एकीकृत मार्केटिंग सेवाएं देने की क्षमता भी सामने आती है, जिनमें क्रिएटिविटी, टेक्नोलॉजी और मीडिया को एक साथ इस्तेमाल किया जाता है और कारोबार पर पड़ने वाले असर को मापा जा सकता है।
1929 से Parle की पहचान
Parle Products की शुरुआत 1929 में हुई थी। कंपनी आज भारत की प्रमुख बिस्किट, स्नैक्स और कन्फेक्शनरी निर्माता कंपनियों में शामिल है। इसके प्रमुख ब्रैंड्स में दुनिया के सबसे ज्यादा बिकने वाले बिस्किट्स में शामिल Parle-G भी है। कंपनी ने अलग-अलग श्रेणियों में कई लोकप्रिय ब्रैंड तैयार किए हैं, जिन्हें भारत और दुनिया भर में उपभोक्ताओं का भरोसा और पसंद मिली है।
डिजिटल मार्केटिंग और क्रिएटर इकॉनमी पर YAAP का फोकस
YAAP खुद को नई पीढ़ी की डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट और टेक्नोलॉजी सेवाएं देने वाली कंपनी के तौर पर पेश करती है। कंपनी मार्केटिंग और क्रिएटर इकॉनमी के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में काम करती है।
YAAP का मॉडल डेटा, AI आधारित तकनीक और कंटेंट को एक साथ जोड़कर आधुनिक मार्केटिंग समाधान देने पर केंद्रित है। कंपनी वैश्विक, बहुराष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय ब्रैंड्स के साथ-साथ युवा उपभोक्ताओं पर केंद्रित क्रिएटर ब्रैंड्स के लिए भी डिजिटल समाधान उपलब्ध कराती है।
भारत में क्विक कॉमर्स का मुकाबला अब सिर्फ कुछ मिनटों में किराना पहुंचाने तक सीमित नहीं रहा है। Flipkart Minutes और Blinkit के बीच मुकाबला तेजी से बड़ा हो रहा है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत में क्विक कॉमर्स का मुकाबला अब सिर्फ कुछ मिनटों में किराना पहुंचाने तक सीमित नहीं रहा है। Flipkart Minutes और Blinkit के बीच मुकाबला तेजी से बड़ा हो रहा है। मौजूदा कारोबार, ऑर्डर और मुनाफे के मामले में Blinkit अभी काफी आगे है, लेकिन Flipkart Minutes ने जिस तेजी से अपने स्टोर और ऑर्डर बढ़ाए हैं, उससे यह मुकाबला आने वाले समय में और दिलचस्प होने वाला है।
Flipkart Minutes पर मोबाइल फोन को हटाकर औसत नेट ऑर्डर वैल्यू करीब 500-530 रुपये बताई गई है। वहीं Blinkit की जून तिमाही में यह वैल्यू 518 रुपये थी। ये आंकड़े UBS के आकलन पर आधारित हैं। मोबाइल फोन को शामिल करने पर Flipkart Minutes की औसत ऑर्डर वैल्यू इससे ऊपर चली जाती है।
हालांकि, सिर्फ औसत ऑर्डर वैल्यू से दोनों कंपनियों के कारोबार की पूरी तस्वीर नहीं मिलती। महंगे स्मार्टफोन किसी ऑर्डर की कीमत को काफी बढ़ा सकते हैं, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि ग्राहक कितनी बार दोबारा ऑर्डर कर रहा है, किसी स्टोर से कितने ऑर्डर निकल रहे हैं या हर डिलीवरी पर कंपनी को कितना फायदा हो रहा है।
Blinkit की बढ़त अभी बरकरार
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में Blinkit ने 33.1 करोड़ ऑर्डर पूरे किए। यानी रोजाना करीब 36 लाख ऑर्डर। इस दौरान कंपनी का नेट ऑर्डर वैल्यू 17,132 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 86 फीसदी ज्यादा था।
Blinkit के पास इस अवधि में 3.18 करोड़ मासिक लेन-देन करने वाले ग्राहक और 2,443 डार्क स्टोर थे। कंपनी ने पहली बार समायोजित EBITDA में 102 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जबकि एक साल पहले उसे 162 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। उसका योगदान मार्जिन भी 5.3 फीसदी रहा। इससे यह संकेत मिलता है कि क्विक कॉमर्स में बड़े पैमाने पर कारोबार के साथ अब मुनाफे की तस्वीर भी धीरे-धीरे सुधर रही है। हालांकि, मार्जिन अभी भी बहुत ज्यादा नहीं है।
Flipkart Minutes की रफ्तार ने चौंकाया
Flipkart Minutes के पूरे वित्तीय आंकड़े सार्वजनिक रूप से Blinkit की तरह उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इसके ऑर्डर और स्टोर से जुड़े कुछ आंकड़े अनुमान या UBS के आकलन पर आधारित हैं। 6 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Flipkart Minutes अब अनुमानित तौर पर रोजाना 11 लाख से 12 लाख ऑर्डर संभाल रहा है। पिछले साल नवंबर में यह आंकड़ा करीब 3.90 लाख से 4 लाख ऑर्डर प्रतिदिन था। यह आधिकारिक Flipkart आंकड़ा नहीं, बल्कि रिपोर्ट में दिया गया अनुमान है।
वहीं स्टोर नेटवर्क के मामले में Flipkart ने आधिकारिक तौर पर जून 2026 में बताया था कि Minutes ने 1,000 माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर का आंकड़ा पार कर लिया है। ये सेंटर 130 से ज्यादा शहरों और 8,000 से ज्यादा पिनकोड में फैले थे। कंपनी ने नेटवर्क को 2026 के अंत तक करीब 1,500 सेंटर तक ले जाने की योजना भी बताई थी।
UBS के आकलन के मुताबिक, Minutes का एक औसत स्टोर रोजाना 800-1,000 ऑर्डर संभाल रहा है। करीब पांच-छह महीने पुराने स्टोरों में यह संख्या 1,200-1,500 ऑर्डर प्रतिदिन तक पहुंच सकती है।
ऑर्डर के मामले में कितना अंतर?
अगर Flipkart Minutes के रोजाना 12 लाख ऑर्डर के ऊपरी अनुमान को आधार माना जाए, तो 91 दिनों की एक तिमाही में करीब 10.92 करोड़ ऑर्डर बनते हैं। यह Blinkit के 33.1 करोड़ तिमाही ऑर्डर का लगभग एक-तिहाई है। इसलिए यहां एक बात साफ समझनी जरूरी है- Minutes की औसत ऑर्डर वैल्यू Blinkit के करीब पहुंच रही है, लेकिन कुल ऑर्डर की संख्या अभी काफी पीछे है। 11-12 लाख रोजाना ऑर्डर का आंकड़ा अनुमान है, जबकि Blinkit के 33.1 करोड़ तिमाही ऑर्डर कंपनी के रिपोर्टेड आंकड़े हैं।
Flipkart को पुराने ग्राहक आधार का फायदा
Flipkart Minutes की सबसे बड़ी ताकत यह है कि उसे ग्राहक आधार शून्य से तैयार नहीं करना पड़ रहा। Flipkart के पास पहले से करोड़ों ग्राहक, विक्रेता, भुगतान नेटवर्क, गोदाम और डिलीवरी का बुनियादी ढांचा मौजूद है।
UBS के आकलन के मुताबिक, जिन जगहों पर Minutes उपलब्ध है, वहां Flipkart पर आने वाले करीब 40-45 फीसदी ग्राहक उसके क्विक कॉमर्स सेक्शन का भी इस्तेमाल करते हैं। यह आंकड़ा भी आधिकारिक कंपनी आंकड़ा नहीं, बल्कि UBS के चेक्स पर आधारित अनुमान है।
यही वजह है कि Flipkart के लिए Minutes को बढ़ाना किसी नए क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के मुकाबले आसान हो सकता है। ग्राहक पहले से Flipkart पर मौजूद हैं और कंपनी उन्हें रोजमर्रा की खरीदारी के लिए उसी ऐप पर बनाए रखना चाहती है।
मोबाइल से किराने तक पहुंचने की कोशिश
Flipkart की ताकत लंबे समय से मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी बड़ी खरीदारी में रही है। अब Minutes के जरिए कंपनी रोजमर्रा के सामान की खरीदारी भी अपने प्लेटफॉर्म पर लाना चाहती है। एक ग्राहक सोमवार को किराना, बुधवार को कॉस्मेटिक्स और शुक्रवार को स्मार्टफोन खरीद सकता है। कंपनी के लिए लक्ष्य यही है कि बड़ी खरीदारी के बीच भी ग्राहक रोजमर्रा की जरूरतों के लिए Flipkart पर वापस आता रहे।
यहीं पर Blinkit और Flipkart Minutes की रणनीति एक-दूसरे से टकराती है। Flipkart को Blinkit जैसी बार-बार होने वाली खरीदारी चाहिए, जबकि Blinkit धीरे-धीरे बड़ी और ज्यादा कैटेगरीज वाले सामान की तरफ बढ़ रहा है। Blinkit अब सिर्फ दूध, फल और सब्जियों तक सीमित नहीं है। ब्यूटी प्रोडक्ट्स, खिलौने, छोटे इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टेशनरी और दूसरे सामान भी उसके कारोबार का हिस्सा बन रहे हैं।
असली परीक्षा होगी मुनाफे की
Flipkart Minutes के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ ज्यादा स्टोर खोलना नहीं, बल्कि उन स्टोरों को पर्याप्त ऑर्डर और मुनाफे तक पहुंचाना है। UBS के आकलन के मुताबिक, करीब 500-600 रुपये की औसत ऑर्डर वैल्यू पर एक परिपक्व Minutes स्टोर को ब्रेक-ईवन के करीब पहुंचने के लिए लगभग 1,400-1,500 ऑर्डर प्रतिदिन की जरूरत हो सकती है। जबकि औसत स्टोर अभी इससे नीचे है। यह भी कंपनी का आधिकारिक आंकड़ा नहीं, बल्कि आकलन है।
दूसरी तरफ Blinkit के एक स्टोर ने जून तिमाही में औसतन 8.27 लाख रुपये का नेट ऑर्डर वैल्यू प्रतिदिन दर्ज किया। कंपनी का मानना है कि एक परिपक्व स्टोर आगे चलकर 11 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। वहीं एक Blinkit स्टोर और उससे जुड़ी वेयरहाउसिंग के लिए करीब 2.5 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का अनुमान है।
छोटे शहरों पर भी नजर
Flipkart Minutes की रणनीति सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। कंपनी ने जून में बताया था कि उसका नेटवर्क 130 से ज्यादा शहरों और 8,000 से ज्यादा पिनकोड तक पहुंच चुका है। Tier-II और Tier-III शहरों में भी तेज विस्तार हो रहा है। कंपनी के मुताबिक, इन बाजारों में उसका कारोबार पिछले साल की तुलना में 42 गुना बढ़ा था।
उत्तर प्रदेश भी Minutes के विस्तार में अहम भूमिका निभा रहा है। कंपनी ने जून में गोरखपुर में अपना 1,000वां माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर खोला था। उत्तर प्रदेश में ऑर्डर सालाना आधार पर 6 गुना बढ़ने और राज्य के Tier-II व Tier-III बाजारों में 20 गुना वृद्धि की जानकारी कंपनी ने दी थी।
फिलहाल Blinkit आगे, लेकिन Flipkart की रफ्तार तेज
मौजूदा तस्वीर में Blinkit के पास ऑर्डर, स्टोर, ग्राहक और घोषित मुनाफे के मामले में साफ बढ़त है। वहीं Flipkart Minutes की सबसे बड़ी ताकत उसका तेज विस्तार, पहले से मौजूद ग्राहक आधार और इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई कैटेगरीज में मजबूत पकड़ है। इस मुकाबले में सिर्फ ऑर्डर वैल्यू देखना पर्याप्त नहीं होगा। क्विक कॉमर्स का असली खेल ऑर्डर की संख्या, ग्राहक कितनी बार लौटता है, स्टोर की क्षमता, डिलीवरी लागत और हर ऑर्डर पर होने वाली कमाई से तय होगा।
Flipkart Minutes ने दो साल से भी कम समय में 1,000 से ज्यादा सेंटर खड़े कर दिए हैं और ऑर्डर तेजी से बढ़ाए हैं। लेकिन अब अगला सवाल यह है कि क्या वह इस रफ्तार को लंबे समय तक मुनाफे में बदल पाएगा। फिलहाल कहा जा सकता है कि Blinkit के पास बढ़त है, लेकिन Flipkart Minutes तेजी से पीछा कर रहा है। आने वाले समय में असली मुकाबला इस बात पर होगा कि कौन कम लागत में ज्यादा ग्राहकों को बार-बार ऑर्डर करने के लिए तैयार कर पाता है।
बेंगलुरु में गुरुवार, 3 सितंबर को एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के छठे इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स (IMA) South का शानदार आयोजन किया गया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
बेंगलुरु में गुरुवार, 3 सितंबर को एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के छठे इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स साउथ (IMA South) का शानदार आयोजन किया गया। इस खास अवॉर्ड समारोह में दक्षिण भारत के उन ब्रैंड्स, कंपनियों, टैलेंट, कंटेंट और प्लेटफॉर्म्स को सम्मानित किया गया, जिन्होंने मार्केटिंग, कम्युनिकेशन, क्रिएटिविटी और इनोवेशन के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है।
IMA South 2026 की इस शानदार अवॉर्ड नाइट में विज्ञापन और मार्केटिंग इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े बिजनेस हेड्स, टॉप इंडस्ट्री लीडर्स, मार्केटर्स और विचारकों ने हिस्सा लिया। समारोह में दक्षिण भारत में अपनी प्रभावी मार्केटिंग रणनीतियों और शानदार काम के जरिए पहचान बनाने वाले संगठनों, टीमों और लोगों को सम्मानित किया गया।
इस साल के बड़े अवॉर्ड्स की बात करें तो Lulu Group ने ‘Brand of the Year’ का खिताब अपने नाम किया। वहीं Bharat Media & Entertainment Group (BMEG) को ‘Agency of the Year’ के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। दोनों कंपनियों ने अपनी-अपनी कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए अवॉर्ड नाइट में खास जगह बनाई।
मेडल टैली की बात करें तो Lulu Group ने अलग-अलग कैटेगरी में कुल 11 मेडल जीते। इनमें 4 गोल्ड, 5 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। वहीं Bharat Media & Entertainment Group (BMEG) ने अपने शानदार काम और इनोवेशन के लिए कुल 21 मेडल अपने नाम किए। इनमें 6 गोल्ड, 7 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
अवॉर्ड समारोह में Swiggy Instamart, Coromandel, Tata Motors और MYG जैसे ब्रैंड्स भी प्रमुख विजेताओं में शामिल रहे। वहीं एजेंसियों की बात करें तो DIVO, Flipkart Ads, Havas Play और 88GB ने सबसे ज्यादा मेडल जीतने वाली एजेंसियों में अपनी जगह बनाई।
Indian Marketing Awards South का मकसद दक्षिण भारत में मार्केटिंग के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाली कंपनियों और टीमों को पहचान और सम्मान देना है। इन अवॉर्ड्स में ऐसी कंपनियां हिस्सा ले सकती हैं, जिनका कॉरपोरेट ऑफिस या मार्केटिंग डिविजन दक्षिण भारत में स्थित है। इसके अलावा दूसरे राज्यों में मुख्यालय रखने वाली कंपनियां भी इसमें हिस्सा ले सकती हैं, अगर उन्होंने दक्षिण भारत के बाजार के लिए कोई खास कैंपेन बनाया और चलाया हो।
IMA South 2026 के छठे संस्करण के लिए Matrimony.com Ltd. के Founder, Chairman, Managing Director & CEO Murugavel Janakiraman को Jury Chair बनाया गया था। वह TiE Chennai के Chairman और CII Tamil Nadu के Vice Chairman भी हैं। वहीं BW Businessworld और exchange4media के Chairman & Editor-in-Chief Dr. Annurag Batra ने Co-Jury Chair की जिम्मेदारी संभाली।
इस साल की जूरी में इंडस्ट्री के कई अनुभवी लीडर्स, बिजनेस हेड्स और एक्सपर्ट्स शामिल रहे। इन सभी ने अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए काम, उनकी क्रिएटिविटी, इनोवेशन और मार्केटिंग प्रभाव के आधार पर एंट्रीज का मूल्यांकन किया।
Indian Marketing Awards South में मार्केटिंग से जुड़े काम को पांच प्रमुख कैटेगरी में रखा गया है। इनमें Stages of Brand Building, Communication, Special Marketing, Start-Ups/Emerging Players और Excellence/Special Recognition शामिल हैं। इन प्रमुख कैटेगरी के तहत अलग-अलग सब-कैटेगरी में ब्रैंड्स, कंपनियों, एजेंसियों और टीमों को उनके बेहतरीन काम के लिए सम्मानित किया गया।
IMA South के जरिए दक्षिण भारत के मार्केटिंग और विज्ञापन क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोग, क्रिएटिविटी और इनोवेशन को एक बड़ा मंच मिलता है। इस साल भी अवॉर्ड समारोह में कई बड़े ब्रैंड्स और एजेंसियों ने अपने शानदार काम के दम पर कई पुरस्कार हासिल किए। अवॉर्ड नाइट ने एक बार फिर दिखाया कि दक्षिण भारत का मार्केटिंग और कम्युनिकेशन इकोसिस्टम देश के सबसे तेजी से आगे बढ़ते बाजारों में से एक है।
यहां देखें विजेताओं की पूरी लिस्ट-

प्रिया चांदनी भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस में ब्रांड मैनेजमेंट और पीआर की प्रमुख बनी हैं। उनके पास बीमा, बैंकिंग, रिटेल और विज्ञापन क्षेत्रों में 18 वर्षों से अधिक अनुभव है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
प्रिया चांदनी (Priya Chandni) ने भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस (Bharti AXA Life Insurance) में Head – Brand Management & PR के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। उनके पास बीमा, बैंकिंग, रिटेल और विज्ञापन क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
नई भूमिका में चांदनी कंपनी के ब्रांड मैनेजमेंट और जनसंपर्क से जुड़े कामकाज का नेतृत्व करेंगी। उनका फोकस ब्रांड निर्माण, मार्केटिंग और कम्युनिकेशन से जुड़ी पहलों पर रहेगा। अपने 18 साल से अधिक लंबे करियर में चांदनी ने बीमा, बैंकिंग, रिटेल और विज्ञापन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया है। उन्होंने उपभोक्ता-केंद्रित कारोबारों के लिए ब्रांड निर्माण, एकीकृत मार्केटिंग और कम्युनिकेशन से जुड़ी कई पहलों का नेतृत्व किया है।
उनके अनुभव में ब्रांड रणनीति, एकीकृत मार्केटिंग और कम्युनिकेशन शामिल हैं। उनका पेशेवर सफर अलग-अलग क्षेत्रों में उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने वाले ब्रांड तैयार करने पर केंद्रित रहा है। भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस से पहले चांदनी ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank), गीतांजलि ग्रुप (Gitanjali Group), टीडब्ल्यूए (TBWA) और हवास (Havas) जैसी प्रमुख संस्थाओं में विभिन्न भूमिकाओं पर काम किया है।
नई जिम्मेदारी के साथ वह भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस के ब्रांड मैनेजमेंट, मार्केटिंग और जनसंपर्क से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाएंगी।
कोटक अल्टरनेट एसेट मैनेजर्स ने पुष्कर जौहरी को प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है। वह निवेश रणनीति और फंड जुटाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
कोटक अल्टरनेट एसेट मैनेजर्स लिमिटेड (Kotak Alternate Asset Managers Limited) यानी कोटक अल्ट्स (Kotak Alts) ने पुष्कर जौहरी (Pushkar Jauhari) को प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर नियुक्त किया है।
नई भूमिका में जौहरी कोटक अल्ट्स के प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल मंच के लिए निवेश रणनीति, फंड जुटाने, नए निवेश, पोर्टफोलियो प्रबंधन और निवेश से बाहर निकलने की प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे।
कोटक अल्ट्स के प्रबंध निदेशक श्रीनिवास श्रीनिवासन (Srini Sriniwasan) ने नियुक्ति पर कहा कि कंपनी पुष्कर जौहरी का स्वागत करते हुए उत्साहित है। उन्होंने बताया कि जौहरी के पास भारत और यूरोप के निजी इक्विटी, वेंचर कैपिटल और सार्वजनिक बाजारों में करीब 25 वर्षों का अनुभव है।
श्रीनिवासन के मुताबिक, जौहरी ने एक निजी इक्विटी कारोबार खड़ा किया है और निवेश के हर चरण में काम किया है। उनका अनुभव और पिछला प्रदर्शन कोटक अल्ट्स के मंच को आगे बढ़ाने में उपयोगी होगा।
जौहरी ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि उनके अनुभव में अच्छे निजी इक्विटी निवेश की शुरुआत सही कारोबार चुनने से होती है और उसके विकास के दौरान उससे करीबी तौर पर जुड़े रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कोटक अल्ट्स के पास एक स्थापित मंच और अनुभवी निवेश टीमें हैं। वह टीम और पोर्टफोलियो कंपनियों के साथ मिलकर उनके विकास में मदद करने और निवेशकों के लिए मूल्य तैयार करने को लेकर उत्साहित हैं।
Havas की ग्लोबल ब्रैंड और डिजाइन कंसल्टेंसी Conran Design Mumbai ने अपनी टीम को मजबूत करते हुए दो अहम नियुक्तियों का ऐलान किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Havas की ग्लोबल ब्रैंड और डिजाइन कंसल्टेंसी Conran Design Mumbai ने अपनी टीम को मजबूत करते हुए दो अहम नियुक्तियों का ऐलान किया है। कंपनी ने तजीन शेख को एसोसिएट क्रिएटिव डायरेक्टर और जेर्विन डिसूजा को क्लाइंट पार्टनर नियुक्त किया है।
मुंबई में रहकर दोनों नई जिम्मेदारियां संभालेंगे। इन नियुक्तियों का मकसद एजेंसी की ब्रैंड रणनीति, डिजाइन और क्लाइंट के साथ साझेदारी को और मजबूत करना है। दोनों अधिकारी एजेंसी के कारोबार को आगे बढ़ाने और नए अवसर तलाशने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
तजीन और जेर्विन अब ब्रैंड स्ट्रैटजी के सीनियर डायरेक्टर अलमास अहमद के साथ मिलकर एजेंसी की रणनीतिक और रचनात्मक क्षमता को बढ़ाने पर काम करेंगे। साथ ही क्लाइंट के साथ रिश्तों को मजबूत करने और अलग-अलग क्षेत्रों में नए कारोबारी अवसर तलाशने पर भी उनका फोकस रहेगा।
Thom Newton ने दोनों नियुक्तियों का किया स्वागत
Conran Design Group के Global CEO Thom Newton ने दोनों नियुक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तजीन और जेर्विन एजेंसी में नई सोच और उद्यमी ऊर्जा लेकर आएंगे। उनके मुताबिक, इससे क्लाइंट्स के लिए नए और बेहतर ब्रैंड समाधान तैयार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि Conran Design Group की कोशिश हमेशा से अपने अलग-अलग क्षेत्रीय केंद्रों की प्रतिभाओं को एक साथ लाने की रही है, ताकि स्थानीय बाजार की समझ के साथ विश्वस्तरीय ब्रैंड क्षमताओं का इस्तेमाल किया जा सके।
Tazeen Shaikh के पास ब्रैंड और डिजाइन का लंबा अनुभव
Tazeen Shaikh को ब्रैंड और एक्सपीरियंस डिजाइन के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। उन्हें ब्रैंड पहचान, कॉरपोरेट ब्रैंडिंग, ब्रैंड आर्किटेक्चर, रिटेल, साइनज, डिजिटल प्लेटफॉर्म और कस्टमर एक्सपीरियंस जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल है।
Conran Design में शामिल होने से पहले तजीन Landor में डिजाइन डायरेक्टर थीं। वहां उन्होंने कई बड़े ब्रैंड्स के लिए ब्रैंड और एक्सपीरियंस से जुड़े प्रोजेक्ट्स की क्रिएटिव दिशा संभाली।
उनके काम में Tata Motors, Tata.ev, Godrej, Dell, Jio, Dunkin, Asian Paints और Bridgestone जैसे ब्रैंड शामिल रहे हैं।
Conran Design Mumbai में अपनी नई भूमिका को लेकर तजीन ने कहा कि एजेंसी की करीब 70 साल की विरासत और डिजाइन के जरिए संस्कृति, व्यवहार और लोगों की सोच को प्रभावित करने का नजरिया उन्हें काफी आकर्षित करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि Havas का Village Model अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक साथ काम करने का मौका देता है। इससे क्रिएटिव, मीडिया, हेल्थ, पीआर और दूसरी क्षमताओं के बीच मिलकर काम करने और ग्राहकों के लिए जुड़े हुए ब्रैंड अनुभव तैयार करने के नए अवसर मिलते हैं।
जेर्विन डिसूजा के पास क्लाइंट और बिजनेस डेवलपमेंट का अनुभव
वहीं, जेर्विन डिसूजा को ब्रैंड कंसल्टिंग, विज्ञापन, एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग और बिजनेस डेवलपमेंट का अनुभव है।
Conran Design में आने से पहले वह Landor में Client Director के पद पर काम कर रहे थे। वहां उन्होंने नए कारोबार को बढ़ाने, बड़े क्लाइंट्स के साथ रणनीतिक रिश्ते मजबूत करने और इंटीग्रेटेड ब्रैंडिंग प्रोग्राम्स को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
उनके अनुभव में Amazon, P&G, Tata Motors, Castrol, Godrej Properties, One8, Adani Cements, Generali Central और American Tourister जैसे ब्रैंड्स के साथ काम करना शामिल है।
नई जिम्मेदारी पर Jervin ने कहा कि आज ब्रैंड्स के पास लोगों से ज्यादा मानवीय और प्रासंगिक तरीके से जुड़ने का मौका है। उनके मुताबिक, Conran Design की खासियत रणनीति, क्रिएटिविटी और बिजनेस सोच को एक साथ लाकर जटिल कारोबारी चुनौतियों का समाधान करना है।
उन्होंने कहा कि Havas के व्यापक नेटवर्क के साथ काम करने से अलग-अलग एजेंसियों और विशेषज्ञताओं को साथ लाकर क्लाइंट्स के लिए ज्यादा व्यापक समाधान तैयार किए जा सकते हैं।
एजेंसी की ग्रोथ पर रहेगा फोकस
इन दोनों नियुक्तियों के साथ Conran Design Mumbai का फोकस ब्रैंड रणनीति, क्रिएटिव काम और क्लाइंट पार्टनरशिप को और मजबूत करने पर रहेगा। तजीन और जेर्विन की विशेषज्ञता का इस्तेमाल एजेंसी नए प्रोजेक्ट्स और कारोबारी अवसरों को बढ़ाने के लिए करेगी।
गिरीश बालचंद्रन को The PRactice Group का Group CEO नियुक्त किया गया है। ग्रुप के तहत The PRactice और ON PURPOSE दोनों कम्युनिकेशन कंसल्टेंसी शामिल हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
गिरीश बालचंद्रन (Girish Balachandran) को द प्रैक्टिस ग्रुप (The PRactice Group) का Group CEO नियुक्त किया गया है। नई ग्रुप संरचना के तहत द प्रैक्टिस (The PRactice) और ऑन पर्पज (ON PURPOSE) को एक साथ लाया गया है।
बालचंद्रन ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की। वह ON PURPOSE के मैनेजिंग डायरेक्टर की भूमिका भी निभाते रहेंगे। इस कम्युनिकेशन कंसल्टेंसी की शुरुआत उन्होंने करीब नौ साल पहले की थी।
The PRactice की स्थापना नंदिता लक्ष्मणन (Nandita Lakshmanan) ने 26 साल पहले की थी। वह नई ग्रुप संरचना में Founding Partner के तौर पर जुड़ी रहेंगी। वहीं जकरिया जेम्स (Zacharia James) और ऋषि सेठ (Rishi Seth) ग्रुप में Managing Partners की भूमिका निभाएंगे।
दो दशकों से ज्यादा का अनुभव-
गिरीश बालचंद्रन के पास पब्लिक रिलेशंस और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने अलग-अलग कम्युनिकेशन और पब्लिक रिलेशंस संगठनों में वरिष्ठ भूमिकाएं निभाई हैं।
ON PURPOSE शुरू करने से पहले वह एवियन मीडिया (Avian Media), वैगनर एडस्ट्रॉम (Waggener Edstrom) और केचम पब्लिक रिलेशंस (Ketchum Public Relations) समेत कई संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं।
The PRactice Group के Group CEO के रूप में बालचंद्रन अब दोनों कम्युनिकेशन कंपनियों को एक साझा ग्रुप स्ट्रक्चर के तहत आगे बढ़ाने में नेतृत्व करेंगे। नई व्यवस्था का उद्देश्य दोनों संगठनों की विशेषज्ञता और अनुभव को एक साथ लाकर कम्युनिकेशन कंसल्टिंग के क्षेत्र में ग्रुप की मौजूदगी को मजबूत करना है।
हालांकि, जल्दी खरीदारी शुरू होने के बावजूद आखिरी समय की खरीदारी का चलन बरकरार रहा। बिगबास्केट के करीब आधे राखी और गिफ्टिंग ऑर्डर त्योहार से पहले के अंतिम 48 घंटों में डिलीवर हुए।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
रक्षाबंधन अब सिर्फ राखी बांधने और मिठाई खिलाने तक सीमित नहीं रह गया है। टाटा (Tata) के स्वामित्व वाले क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म बिगबास्केट (bigbasket) के आंकड़े बताते हैं कि इस बार त्योहार की खरीदारी का दायरा काफी बढ़ा है।
कंपनी के मुताबिक, रक्षाबंधन से करीब एक महीने पहले ही ग्राहकों ने खरीदारी शुरू कर दी थी। इस दौरान राखी, मिठाई और चॉकलेट समेत गिफ्टिंग से जुड़े सामान की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 156 फीसदी बढ़ी। इस अवधि में पांच लाख से ज्यादा राखी और गिफ्टिंग आइटम डिलीवर किए गए।
आंकड़ों के मुताबिक मिठाइयों की बिक्री दोगुने से ज्यादा रही, जबकि चॉकलेट की बिक्री में 148 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। क्यूरेटेड गिफ्टिंग सेट की बिक्री भी करीब तीन गुना पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि ग्राहक अब रक्षाबंधन के लिए सिर्फ राखी नहीं, बल्कि कई तरह के सामान एक साथ खरीद रहे हैं।
हालांकि, जल्दी खरीदारी शुरू होने के बावजूद आखिरी समय की खरीदारी का चलन बरकरार रहा। बिगबास्केट के करीब आधे राखी और गिफ्टिंग ऑर्डर त्योहार से पहले के अंतिम 48 घंटों में डिलीवर हुए।
कंपनी ने बताया कि इस सीजन में बेची गई राखियों को अगर एक-दूसरे के ऊपर रखा जाए तो उनकी कुल ऊंचाई माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई से करीब नौ गुना हो सकती है। वहीं, राखी और गिफ्टिंग की आधी से ज्यादा यूनिट्स बिगबास्केट के निजी ब्रांड दैव्या स्पर्श (Daivya Sparsh) से आईं।
रक्षाबंधन की खरीदारी में ब्यूटी और पर्सनल केयर, परफ्यूम, इलेक्ट्रॉनिक्स और जनरल मर्चेंडाइज की मांग भी बढ़ी। स्मार्टवॉच और ऑडियो एक्सेसरीज जैसे प्रोडक्ट भी गिफ्टिंग के विकल्प के तौर पर उभरे।
बिगबास्केट के चीफ बाइंग एंड मर्चेंडाइजिंग ऑफिसर विशाल दास (Vishal Das) के मुताबिक, रक्षाबंधन अब पहले के मुकाबले ज्यादा व्यापक अवसर बन रहा है। कंपनी का मानना है कि यह ट्रेंड आने वाले त्योहारी सीजन में भी जारी रह सकता है।
हेल्थकेयर और फार्मा क्षेत्र की कंपनी इंटीग्रेस हेल्थ (Integrace Health) ने तान्या जुल्का को वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) के पद पर नियुक्त किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
हेल्थकेयर और फार्मा क्षेत्र की कंपनी इंटीग्रेस हेल्थ (Integrace Health) ने तान्या जुल्का को वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) के पद पर नियुक्त किया है।
तान्या जुल्का ने भी लिंक्डइन पोस्ट के माध्यम से अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की। अपनी पोस्ट में तान्या ने कहा कि वह हमेशा इस बात में विश्वास रखती हैं कि जुनून ही प्रभाव पैदा करता है। व्यक्तिगत लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक छोटे से ब्रेक के बाद वह वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) के रूप में अपने नए अध्याय की शुरुआत को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य फार्मा क्षेत्र में एक अग्रणी हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म के निर्माण, मजबूत और सार्थक ब्रैंड विकसित करने तथा मरीजों के लिए अधिक प्रभाव पैदा करने में योगदान देना है।
उन्होंने कहा कि वह सीखने, निर्माण करने और टीम के साथ मिलकर सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उत्सुक हैं। वहीं, इंटीग्रेस हेल्थ के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) रेहान ए. खान ने अपने लिंक्डइन संदेश में कहा कि कंपनी को तान्या जुल्का का वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) के रूप में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है।
तान्या जुल्का के पास रोश और एबॉट जैसी कंपनियों में एक दशक से अधिक का नेतृत्व अनुभव है। इंटीग्रेस हेल्थ से जुड़ने से पहले वह रोश डायग्नोस्टिक्स इंडिया एवं नेबरिंग मार्केट्स में हेड मार्केटिंग (डायरेक्टर मार्केटिंग) के पद पर कार्यरत थीं। रोश डायग्नोस्टिक्स की नेतृत्व टीम का हिस्सा रहते हुए उन्होंने मार्केटिंग फंक्शन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
वर्ष 2015 में फार्मा क्षेत्र से जुड़ने से पहले तान्या जुल्का कंसल्टिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी काम कर चुकी हैं। अब वह इंटीग्रेस हेल्थ में मार्केटिंग स्ट्रैटेजी और ब्रैंड निर्माण से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगी।