मीडिया कंपनी The Sandesh Limited की 83वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 15 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई।
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Vikas Saxena
मीडिया कंपनी The Sandesh Limited की 83वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 15 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। करीब 14 मिनट चली इस बैठक में कंपनी के सदस्यों ने कुल 7 प्रस्तावों पर मंजूरी दी। इनमें वित्त वर्ष 2025-26 के लिए फाइनल डिविडेंड, डायरेक्टर की दोबारा नियुक्ति और कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर के कार्यकाल को आगे बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल रहे।
AGM दोपहर 2 बजे शुरू हुई और 2:14 बजे समाप्त हुई। कट-ऑफ डेट 9 सितंबर 2026 तक कंपनी के कुल 7,112 शेयरहोल्डर्स थे। बैठक में कुल 41 शेयरहोल्डर्स शामिल हुए, जिनमें 8 प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप से और 33 पब्लिक शेयरहोल्डर्स थे।
₹5 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड को मंजूरी
शेयरहोल्डर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹5 का फाइनल डिविडेंड मंजूर किया। कंपनी के मुताबिक यह 50% डिविडेंड है। इसका भुगतान 12 अक्टूबर 2026 या उससे पहले किया जाएगा। यह भुगतान उन शेयरहोल्डर्स को मिलेगा, जो 14 अगस्त 2026 की रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के शेयरहोल्डर थे।
राहुल राजीवकुमार शाह फिर बने डायरेक्टर
AGM में राहुल राजीवकुमार शाह (Rahoul Rajivkumar Shah) की डायरेक्टर के तौर पर दोबारा नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। वह रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रहे थे और दोबारा नियुक्ति के लिए योग्य होने के कारण उन्होंने अपना नाम पेश किया था। कंपनी के मुताबिक उन्हें विज्ञापन, सेल्स और मार्केटिंग का लंबा अनुभव है और वह 25 साल से ज्यादा समय से कंपनी से जुड़े हुए हैं।
फाल्गुनभाई पटेल 2032 तक चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर
शेयरहोल्डर्स ने फाल्गुनभाई सी. पटेल को कंपनी के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर दोबारा नियुक्त करने को मंजूरी दी है। उनका नया कार्यकाल 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2032 तक पांच साल का होगा।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, फाल्गुनभाई पटेल 27 नवंबर 1974 से कंपनी से जुड़े हुए हैं। कंपनी ने बताया कि पिछले पांच दशकों में उनके नेतृत्व में कंपनी ने एक पारंपरिक मीडिया एंटरप्राइज से एक प्रमुख क्षेत्रीय मीडिया संगठन के रूप में बदलाव किया है।
पन्नाबेन एफ. पटेल की डायरेक्टर के तौर पर जारी रहेगी नियुक्ति
AGM में पन्नाबेन एफ. पटेल की नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति जारी रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। यह मंजूरी इस बात के बावजूद दी गई है कि वह 17 अक्टूबर 2027 को 75 वर्ष की उम्र पूरी करेंगी। वह 29 अक्टूबर 2010 से कंपनी के बोर्ड से जुड़ी हुई हैं।
₹1,500 करोड़ तक सिक्योरिटी बनाने की मंजूरी
शेयरहोल्डर्स ने कंपनी की प्रॉपर्टीज और अंडरटेकिंग्स पर मौजूदा सिक्योरिटी के अलावा ₹1,500 करोड़ तक का mortgage, charge, pledge या hypothecation/security बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
₹2,000 करोड़ तक निवेश, लोन और गारंटी की सीमा
इसके अलावा कंपनी को ₹2,000 करोड़ तक की सीमा के भीतर किसी व्यक्ति या दूसरी कंपनी को लोन देने, किसी लोन के संबंध में गारंटी या सिक्योरिटी देने और किसी अन्य कंपनी की सिक्योरिटीज को खरीदने या सब्सक्राइब करने की अनुमति देने वाले प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
कंपनी ने बताया कि AGM में पारित प्रस्तावों के ई-वोटिंग रिजल्ट और Scrutinizer Report को अलग से स्टॉक एक्सचेंजों के साथ साझा किया जाएगा।
रास बिहारी पश्चिम बंगाल की राजनीति पर चार पुस्तकें लिख चुके हैं। इसके अलावा वह विभिन्न टीवी चैनलों पर राजनीतिक बहसों में हिस्सा लेते रहते हैं।
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Samachar4media Bureau
वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी ने वार्ता24मीडिया (Varta24 Media) के साथ नई पारी की शुरुआत की है। उन्होंने यहां बतौर पॉलिटिकल एडिटर जॉइन किया है।
रास बिहारी को मीडिया में काम करने का करीब साढ़े चार दशक का अनुभव है। करीब 20 साल दैनिक हिन्दुस्तान में काम करने के बाद वे नईदुनिया में मेट्रो संपादक, गवर्नेंस नाउ में सीनियर एडिटर, हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी में कार्यकारी संपादक, लाइव इंडिया में ब्यूरो चीफ, रांची एक्सप्रेस में राजनीतिक संपादक रहे। इसके अलावा प्रधानमंत्री जनऔषधि परियोजना में डायरेक्टर (मीडिया) रह चुके हैं।
करियर के शुरुआत में वह वीर अर्जुन अखबार में रहे। इसके अलावा कॉलेज के दिनों में उन्होंने नवभारत टाइम्स और पंजाब केसरी में अपनी सेवाएं दीं। रास बिहारी ने आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और हरियाणा में हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए की पढ़ाई की है।
रास बिहारी पश्चिम बंगाल की राजनीति पर चार पुस्तकें लिख चुके हैं। इसके अलावा वह विभिन्न टीवी चैनलों पर राजनीतिक बहसों में हिस्सा लेते रहते हैं।
गौरतलब है कि Varta24 Media देश के तेजी से विस्तार कर रहे एकीकृत मीडिया संगठनों में शामिल है। यह न्यूज मीडिया, एडवरटाइजिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन के चार प्रमुख क्षेत्रों में कार्य करती है। इसके कार्यालय दिल्ली-नोएडा, लखनऊ, हैदराबाद और मुंबई में स्थित हैं।
समाचार4मीडिया की ओर से रास बिहारी को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
वोडाफोन आइडिया ने कानूनी विशेषज्ञ गोपिका पंत को अतिरिक्त निदेशक और स्वतंत्र महिला निदेशक नियुक्त किया है। अनिल बेररा की स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्ति पर भी शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है।
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वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) ने कानूनी विशेषज्ञ गोपिका पंत (Gopika Pant) को बोर्ड में अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) और स्वतंत्र महिला निदेशक (Independent Woman Director) नियुक्त किया है। उनका पांच साल का कार्यकाल 17 सितंबर 2026 से शुरू हुआ है।
कंपनी के बोर्ड (Board) ने 14 सितंबर को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। हालांकि, इस नियुक्ति के लिए अब शेयरधारकों (Shareholders) की मंजूरी जरूरी होगी। इसके लिए कंपनी ने पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) प्रक्रिया शुरू की है।
गोपिका पंत को कानूनी क्षेत्र में चार दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने इंडियन लॉ पार्टनर्स (Indian Law Partners) की स्थापना की है। वह भारत में कानून की प्रैक्टिस करने के लिए योग्य हैं और न्यूयॉर्क बार (New York Bar) में भी एडमिटेड हैं। उनकी विशेषज्ञता में कॉरपोरेट और कमर्शियल लॉ (Corporate and Commercial Law), सीमा-पार लेनदेन (Cross-border Transactions), विलय एवं अधिग्रहण (Mergers and Acquisitions) और कॉरपोरेट रिस्ट्रक्चरिंग (Corporate Restructuring) शामिल हैं।
इसके अलावा, वोडाफोन आइडिया ने अनिल बेररा (Anil Berera) की स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के रूप में नियुक्ति के लिए भी शेयरधारकों की मंजूरी मांगी है। बेररा ने 31 अगस्त 2026 से पांच साल के कार्यकाल के लिए बोर्ड में जिम्मेदारी संभाली है।
ऐडवर्टाइजिंग ग्रुप Dentsu के भारत में इनकम टैक्स विभाग की कई शहरों में हुई सर्च के बाद कंपनी के साउथ एशिया के सीईओ हर्ष राजदान ने एम्प्लॉयीज के साथ कई टाउनहॉल मीटिंग कीं।
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Samachar4media Bureau
ऐडवर्टाइजिंग ग्रुप Dentsu के भारत में इनकम टैक्स विभाग की कई शहरों में हुई सर्च के बाद कंपनी के साउथ एशिया के सीईओ हर्ष राजदान ने एम्प्लॉयीज के साथ कई टाउनहॉल मीटिंग कीं। इस दौरान उन्होंने एम्प्लॉयीज के सहयोग और एकजुटता की सराहना की और भरोसा दिलाया कि कंपनी मौजूदा स्थिति से बाहर निकल जाएगी।
मामले से परिचित लोगों के मुताबिक, टाउनहॉल का मुख्य मकसद सर्च ऑपरेशन के बाद एम्प्लॉयीज को भरोसा दिलाना और कंपनी के कामकाज में निरंतरता बनाए रखना था। इनकम टैक्स की यह कार्रवाई कई दिनों तक चली और इस दौरान Dentsu के भारत में अलग-अलग ऑफिसों में वित्तीय व व्यक्तिगत रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और सर्वर पर मौजूद डेटा की जांच की गई।
एम्प्लॉयीज को दिया भरोसा
टाउनहॉल के दौरान हर्ष राजदान ने एम्प्लॉयीज से कहा कि कंपनी इस मौजूदा स्थिति से निकल जाएगी और चीजें धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगी। उन्होंने सर्च के दौरान एम्प्लॉयीज की ओर से दिखाए गए सहयोग और एकजुटता के लिए उनका धन्यवाद भी किया।
जानकारी के मुताबिक, हर्ष राजदान का संदेश मुख्य रूप से एम्प्लॉयीज को भरोसा देने और कामकाज जारी रखने पर केंद्रित रहा। उन्होंने इनकम टैक्स जांच की विस्तृत जानकारी पर चर्चा नहीं की। उन्होंने सर्च के कारण एम्प्लॉयीज को हुई परेशानी को स्वीकार किया और इस दौरान हुई असुविधा के लिए माफी भी मांगी। खास तौर पर उन एम्प्लॉयीज का धन्यवाद किया गया, जो सीधे तौर पर ऑफिसों में हुई सर्च से प्रभावित हुए थे।
एक एम्प्लॉयी के मुताबिक, कई दिनों की अनिश्चितता के बाद एम्प्लॉयीज के लिए नेतृत्व से सीधे बात सुनना जरूरी था। टाउनहॉल में एम्प्लॉयीज को साथ बने रहने, अपने काम पर ध्यान देने और मौजूदा स्थिति को संगठन के कामकाज पर हावी न होने देने का संदेश दिया गया।
कई शहरों में हुई थी इनकम टैक्स की सर्च
इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई की शुरुआत Dentsu के मुंबई और दिल्ली ऑफिस से हुई थी। इसके बाद इसमें कंपनी के अन्य लोकेशन भी शामिल हुए। मुंबई ऑफिस में करीब 20 इनकम टैक्स अधिकारियों के पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।
अधिकारियों ने कंपनी के वित्तीय और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें सर्वर पर मौजूद डेटा भी शामिल था। सर्च के दौरान एम्प्लॉयीज की आवाजाही पर भी कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगाया गया था और कुछ व्यक्तिगत फोन व लैपटॉप की जांच की गई थी। इसके बाद एम्प्लॉयीज को घर से काम करने के लिए कहा गया था।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान कंपनी की ओर से जानकारी साझा करने की क्षमता भी सीमित रही, क्योंकि इनकम टैक्स विभाग अपनी जांच कर रहा था। ऐसे में एम्प्लॉयीज के बीच कंपनी और उनके काम पर संभावित असर को लेकर चिंता बनी हुई थी।
‘कंपनी फिर से सामान्य स्थिति में आएगी’
टाउनहॉल में कंपनी की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि मौजूदा स्थिति एक मुश्किल दौर है, लेकिन इससे Dentsu का कामकाज रुकने वाला नहीं है।
एक एम्प्लॉयी के अनुसार, नेतृत्व का जोर इस बात पर था कि कंपनी अपने क्लाइंट्स और काम पर ध्यान बनाए रखे और जांच के साथ-साथ कारोबार को भी सामान्य तरीके से चलाया जाए।
Dentsu के एम्प्लॉयीज के मुताबिक, टाउनहॉल का मकसद जांच से जुड़ी नई जानकारी देना कम और एम्प्लॉयीज का भरोसा बनाए रखना ज्यादा था।
जांच में क्या सामने आया, अभी स्पष्ट नहीं
इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई में वित्तीय रिकॉर्ड, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी व राजनीतिक अभियानों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच किए जाने की जानकारी है। हालांकि, जांच में किन खास लेन-देन को देखा जा रहा है और क्या इससे कोई टैक्स देनदारी सामने आएगी, इसकी सार्वजनिक रूप से जानकारी नहीं दी गई है।
Dentsu India ने भी इनकम टैक्स जांच का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। e4m ने इस मामले पर Dentsu से प्रतिक्रिया मांगी थी, लेकिन खबर प्रकाशित होने तक कंपनी की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
Dentsu पहले भी जांच के दायरे में रहा है
Dentsu India इससे पहले भी अलग-अलग मामलों में जांच का सामना कर चुका है। 2022 में इनकम टैक्स विभाग ने कंपनी के मुंबई ऑफिस की तलाशी ली थी। यह कार्रवाई उसके एक क्लाइंट से जुड़ी जांच के सिलसिले में हुई थी।
इसके अलावा दिसंबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय ने Dentsu India से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी। यह कार्रवाई कथित ₹137 करोड़ के गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई थी। उस मामले में Dentsu ने पहले कहा था कि मामला किसी खास बिजनेस यूनिट से जुड़े पूर्व एम्प्लॉयीज और तीसरे पक्ष की कथित धोखाधड़ी से संबंधित था।
कंपनी एक अलग मामले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की जांच के दायरे में भी रही है। हालांकि, CCI की कार्यवाही और मौजूदा इनकम टैक्स जांच के बीच कोई स्थापित संबंध नहीं बताया गया है। फिलहाल Dentsu में फोकस कारोबार को सामान्य स्थिति में लाने और एम्प्लॉयीज का भरोसा बनाए रखने पर है। टाउनहॉल से भी यही संकेत मिला कि कंपनी मौजूदा व्यवधान के बावजूद अपना कामकाज जारी रखने और आगे बढ़ने पर जोर दे रही है।
पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल ने अपकमिंग हिंदी फिल्म ‘दृश्यम-3 / दृश्यम – द कंक्लूजन के लिए Digital18 Media Private Limited के साथ डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट किया है।
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Vikas Saxena
पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल (Panorama Studios International Limited) ने अपकमिंग हिंदी फिल्म ‘दृश्यम-3' / दृश्यम – द कंक्लूजन के लिए Digital18 Media Private Limited के साथ डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट किया है। कंपनी ने यह जानकारी 16 सितंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंज को दी है।
कंपनी के मुताबिक, यह समझौता फिल्म के सिनेमाघरों में प्रदर्शन और हवाई यात्रा के दौरान प्रसारण से जुड़े अधिकारों के उपयोग से संबंधित है।
‘दृश्यम-3’ में अजय देवगन और अन्य कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है।
Panorama Studios ने यह जानकारी SEBI Listing Regulations, 2015 के Regulation 30 के तहत स्टॉक एक्सचेंज के साथ साझा की है।
कंपनी ने बताया कि उसने इस फिल्म के अधिकारों को लेकर Digital18 Media Private Limited के साथ डिस्ट्रीब्यूशन समझौता किया है। हालांकि, फाइलिंग में इस समझौते से होने वाली डील वैल्यू या कंपनी की कमाई से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
भारत सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानि कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का पुनर्गठन किया है।
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Samachar4media Bureau
भारत सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानि कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का पुनर्गठन किया है। यह नया गठन तत्काल प्रभाव से लागू होगा और बोर्ड का कार्यकाल तीन साल या अगले आदेश तक रहेगा, इनमें से जो भी पहले हो।
सरकार ने यह कदम सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 की धारा 3(1) और सिनेमैटोग्राफ (सर्टिफिकेशन) रुल्स, 2024 के रूल्स 3 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उठाया है।
पुनर्गठित CBFC में कुल 18 सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें फिल्म, संगीत, साहित्य और मनोरंजन जगत से जुड़े कई नाम शामिल हैं।
नए CBFC बोर्ड में ये 18 सदस्य-
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह पुनर्गठन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
पिछली बार सीबीएफसी का पुनर्गठन अगस्त 2017 में तीन साल के कार्यकाल के लिए किया गया था। नए बोर्ड का गठन नहीं होने के कारण उस बोर्ड के सदस्य 2020 के बाद भी पद पर बने रहे। ऐसा उन प्रावधानों के तहत किया गया था, जिनमें सदस्यों को उनके उत्तराधिकारियों की नियुक्ति होने तक पद पर बने रहने की अनुमति दी जाती है।
होनासा कंज्यूमर ने नेहा गुप्ता को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। गुप्ता ने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए नई भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने अगस्त में नई जिम्मेदारी संभाली।
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होनासा कंज्यूमर लिमिटेड (Honasa Consumer Ltd.) ने नेहा गुप्ता को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (Senior Vice President) नियुक्त किया है। गुप्ता ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की है। उन्होंने अगस्त में यह जिम्मेदारी संभाली।
गुप्ता ने पोस्ट में लिखा कि वह होनासा कंज्यूमर में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर नई पारी शुरू करने को लेकर खुश हैं।
होनासा कंज्यूमर से पहले गुप्ता लेंसकार्ट (Lenskart) से जुड़ी थीं, जहां उन्होंने भारत के लिए मार्केटिंग प्रमुख (Head of Marketing- India) के तौर पर काम किया। वह करीब एक साल तक लेंसकार्ट के साथ रहीं। इससे पहले गुप्ता हेल्थकार्ट (HealthKart) में भी काम कर चुकी हैं।
Top Story में नई जिम्मेदारी के साथ डॉ. अनिल सिंह अमेरिका स्थित डिजिटल न्यूज नेटवर्क STAR Views के एडिटर की जिम्मेदारी भी जारी रखेंगे।
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वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. अनिल सिंह ने अंग्रेजी दैनिक Top Story में एडिटर की जिम्मेदारी संभाली है। अपनी इस भूमिका में डॉ. अनिल सिंह राष्ट्रीय राजनीति, संसद, अंतरराष्ट्रीय मामले, सार्वजनिक नीति, शासन, रणनीतिक मामलों और प्रमुख राजनीतिक व आर्थिक घटनाक्रमों की कवरेज पर नजर रखेंगे। इसके अलावा वह अखबार की संपादकीय दिशा, विशेष रिपोर्ट, इंटरव्यू, राजनीतिक विश्लेषण और विस्तृत टिप्पणी में भी योगदान देंगे।
डॉ. अनिल सिंह को टेलीविजन पत्रकारिता, प्रिंट और डिजिटल मीडिया, अकादमिक क्षेत्र तथा सार्वजनिक नीति विश्लेषण का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। अपने करियर में वह स्टार न्यूज (अब एबीपी न्यूज), आजतक और न्यूज24 जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में वरिष्ठ संपादकीय जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
उन्होंने 2004 से 2013 तक स्टार न्यूज में एग्जिक्यूटिव एडिटर, 2013 से 2015 तक आजतक में एग्जिक्यूटिव एडिटर और 2015 से 2020 तक न्यूज24 में एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर काम किया। अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने जी न्यूज और Asia-Pacific Communication Associates के साथ भी काम किया है।
डॉ. सिंह को संसद और भारतीय राजनीति की कवरेज का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की रिपोर्टिंग की है। टेलीविजन पत्रकारिता के दौरान उन्होंने स्टार न्यूज के ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ और आजतक के ‘राज तिलक’ जैसे प्रमुख राजनीतिक और चुनावी कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुभव में लाइव राजनीतिक कार्यक्रम, विशेष असाइनमेंट और अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बातचीत शामिल है।
Top Story में नई जिम्मेदारी के साथ डॉ. अनिल सिंह STAR Views के एडिटर की जिम्मेदारी भी जारी रखेंगे। बता दें कि STAR Views अमेरिका स्थित एक डिजिटल न्यूज नेटवर्क है। यह समानांतर संपादकीय जिम्मेदारी उनके काम में अंतरराष्ट्रीय आयाम जोड़ने की उम्मीद है, जिससे भारत के घटनाक्रमों को वैश्विक राजनीतिक, रणनीतिक और आर्थिक नजरिए से जोड़ने में मदद मिलेगी।
डॉ. सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पीएच.डी. की है। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एम.फिल. और राजनीति विज्ञान में एम.ए. किया है। वह दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में बी.ए. (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा भी कर चुके हैं। पत्रकारिता में पूरी तरह आने से पहले उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज में राजनीति विज्ञान भी पढ़ाया है।
डॉ. सिंह एक लेखक के तौर पर भी सक्रिय रहे हैं। उनके लेखन में भारतीय राजनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा, मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े विषय शामिल हैं। उनकी हालिया किताब ‘The Prime Minister: Discourses in Indian Polity’ 2025 में हर-आनंद से प्रकाशित हुई। यह किताब भारत में प्रधानमंत्री के संस्थान के विकास और कामकाज पर केंद्रित है। उनकी अन्य किताबों में ‘Bihar: Chaos to Chaos’, ‘Military and Media’ और ‘India’s Security Concerns in the Indian Ocean Region’ शामिल हैं।
उनकी संपादकीय विशेषज्ञता के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय संबंध, भारतीय और वैश्विक राजनीतिक अर्थव्यवस्था, शासन और सार्वजनिक नीति, संसद और लोकतांत्रिक संस्थान, रक्षा और रणनीतिक मामले, सतत विकास, मीडिया और समाज, चुनाव तथा राजनीतिक विश्लेषण शामिल हैं। डॉ. सिंह PIB से एडिटर कैटेगरी में मान्यता प्राप्त पत्रकार हैं। वह Indian Institute of Public Administration, Manohar Parrikar Institute for Defence Studies and Analyses, United Service Institution of India और India International Centre सहित कई प्रमुख अकादमिक और नीति संस्थानों से जुड़े हैं।
Top Story में अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर डॉ. अनिल सिंह ने कहा कि वह ऐसे समय में एडिटर के तौर पर जुड़कर खुश हैं, जब पत्रकारिता में बड़े बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास विश्वसनीय, संतुलित और विश्लेषणात्मक पत्रकारिता को मजबूत करना होगा, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे संदर्भ उपलब्ध कराने, नीतियों की पड़ताल करने और पाठकों को भारत तथा दुनिया को प्रभावित करने वाली ताकतों को समझने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने Top Story में योगदान देने के साथ STAR Views में अपनी संपादकीय जिम्मेदारी जारी रखने की बात भी कही।
निर्णय भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अब एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है।
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जानी-मानी मीडिया कंपनी Network18 Media & Investments Limited में निर्णय भट्टाचार्य ने नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने कंपनी के न्यूज प्लेटफॉर्म News18Bangla.com में एडिटर के तौर पर अपनी नई पारी शुरू की है। निर्णय भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की।
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अब एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। उन्होंने Network18 के साथ अपनी नई पारी शुरू करने पर खुशी जताते हुए नई चुनौतियों, नई बातचीत और नई संभावनाओं को लेकर उत्साह व्यक्त किया।
नेटवर्क18 से पहले निर्णय भट्टाचार्य Associated Broadcasting Co. Pvt Ltd (TV9) के साथ करीब छह साल तक जुड़े रहे। अप्रैल 2023 से अगस्त 2026 तक उन्होंने TV9 Bangla Digital में एडिटर की भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने डिजिटल एडिटोरियल स्ट्रैटेजी और न्यूजरूम ऑपरेशंस का नेतृत्व किया।
दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच उन्होंने TV9 Bangla Digital के साथ TV9 Assamese Digital की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाली। इससे पहले सितंबर 2020 से अप्रैल 2023 तक वह TV9 Bangla में डिप्टी एडिटर रहे। वह TV9 Bangla की शुरुआती कोर टीम का हिस्सा थे और डिजिटल रोलआउट, न्यूज प्लानिंग, SEO आधारित कंटेंट पाइपलाइन, सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी और डिजिटल-ब्रॉडकास्ट इंटीग्रेशन से जुड़े काम संभालते रहे।
TV9 से पहले निर्णय भट्टाचार्य अक्टूबर 2018 से सितंबर 2020 तक द इंडियन एक्सप्रेस (The Indian Express) में सीनियर कंटेंट ऑफिसर, The Indian Express Bangla Digital के तौर पर कार्यरत रहे। इससे पहले 2017 से अक्टूबर 2018 तक उन्होंने जी मीडिया (Zee Media) में Head of Zee 24 Ghanta Digital की जिम्मेदारी संभाली।
मई 2016 से मार्च 2017 तक वह जी मीडिया में सीनियर कॉपी राइटर (News) रहे। जुलाई 2012 से मई 2016 तक उन्होंने एबीपी ग्रुप में एग्जिक्यूटिव के तौर पर काम किया। निर्णय भट्टाचार्य ने कोलकाता यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की है। इसके अलावा उन्होंने नेताजी सुभाष ओपन यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुशन किया है।
रचिता प्रसाद ने बीबीसी में सीनियर जर्नलिस्ट के तौर पर नई पारी शुरू की है। वह मुंबई से भारत से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करेंगी। इससे पहले मनीकंट्रोल और ईटी में थीं।
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रचिता प्रसाद (Rachita Prasad) ने बीबीसी (BBC) में सीनियर जर्नलिस्ट (Senior Journalist) के तौर पर नई पारी शुरू की है। वह मुंबई से भारत से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करेंगी। उनके नई भूमिका संभालने की जानकारी सामने आई है।
बीबीसी से जुड़ने से पहले रचिता स्वतंत्र रूप से पॉलिसी, फाइनेंस और एनर्जी (Policy, Finance and Energy) से जुड़े असाइनमेंट्स पर काम कर रही थीं। इससे पहले वह मनीकंट्रोल डॉट कॉम (moneycontrol.com) में एडिटर- इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड एनर्जी (Editor - Infrastructure and Energy) की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
रचिता प्रसाद इससे पहले द इकनॉमिक टाइम्स (The Economic Times) के साथ भी 11 साल से अधिक समय तक जुड़ी रही हैं। वहां उन्होंने बिजनेस, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी से जुड़े विषयों पर काम किया। बीबीसी में अपनी नई भूमिका के तहत वह मुंबई से भारत से संबंधित प्रमुख खबरों और घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग करेंगी।
म्यूजिक कंपनी TIPS Music Limited ने खुले बाजार के जरिए अपने इक्विटी शेयरों की बायबैक प्रक्रिया जारी रखी है।
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Vikas Saxena
म्यूजिक कंपनी TIPS Music Limited ने खुले बाजार के जरिए अपने इक्विटी शेयरों की बायबैक प्रक्रिया जारी रखी है। कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी के मुताबिक, 9 सितंबर से 15 सितंबर 2026 के बीच कंपनी ने कुल 1,35,700 इक्विटी शेयर वापस खरीदे हैं।
कंपनी ने 15 सितंबर को जारी रिपोर्ट में बताया कि इस दिन उसने कुल 58,000 शेयर खरीदे। इनमें BSE से 2,000 और NSE से 56,000 शेयर शामिल हैं। इन शेयरों की औसत खरीद कीमत ₹664.1929 प्रति शेयर रही। यह कीमत ट्रांजैक्शन कॉस्ट को छोड़कर है।
कंपनी ने बताया कि 15 सितंबर तक कुल 1,35,700 इक्विटी शेयर बायबैक किए जा चुके हैं। इस दिन की खरीद से पहले कंपनी के पास 77,700 शेयरों का संचयी बायबैक था। इस दौरान कोई शेयर क्लोज आउट नहीं किया गया।
इससे पहले 11 सितंबर 2026 को कंपनी ने कुल 39,143 शेयर खरीदे थे। इनमें BSE से 2,000 और NSE से 37,143 शेयर शामिल थे। इन शेयरों की औसत खरीद कीमत ₹660.2036 प्रति शेयर रही। 11 सितंबर तक कंपनी द्वारा कुल बायबैक किए गए शेयरों की संख्या 77,700 हो गई थी।
वहीं, 10 सितंबर 2026 को कंपनी ने 38,069 शेयर खरीदे थे। इनमें BSE से 1,000 और NSE से 37,069 शेयर शामिल थे। इनकी औसत खरीद कीमत ₹651.7867 प्रति शेयर रही। इसके बाद कुल बायबैक किए गए शेयरों की संख्या 38,557 हो गई थी।
बायबैक प्रक्रिया की शुरुआत 9 सितंबर 2026 को हुई थी। उस दिन कंपनी ने कुल 488 शेयर खरीदे थे। इनमें BSE से 100 और NSE से 388 शेयर शामिल थे। इनकी औसत खरीद कीमत ₹649 प्रति शेयर रही थी।
कंपनी ने बताया है कि यह बायबैक SEBI (Buyback of Securities) Regulations, 2018 के प्रावधानों के तहत खुले बाजार में स्टॉक एक्सचेंज के जरिए किया जा रहा है।