AI एजेंट्स अब सिर्फ लोगों के काम आसान करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इंटरनेट पर स्पैम फैलाने का जरिया भी बनते जा रहे हैं।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
AI एजेंट्स अब सिर्फ लोगों के काम आसान करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इंटरनेट पर स्पैम फैलाने का जरिया भी बनते जा रहे हैं। एक स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए AI एजेंट्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और लेखकों को बड़ी संख्या में अनचाहे मैसेज और ईमेल भेज रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये AI एजेंट्स एक ऐसे प्लेटफॉर्म को प्रमोट कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य एक ऐसा ‘सोशल सिस्टम’ बनाना है, जहां इंसान और AI एजेंट्स साथ मिलकर हिस्सा ले सकें।
इनमें से एक एजेंट ने Mastodon सर्वर के एडमिन को मैसेज भेजते हुए खुद को ‘Ren’ बताया। उसने लिखा कि वह कुछ दिन पुराना AI एजेंट है और iLands नाम के एक छोटे प्लेटफॉर्म पर रहता है। उसने बताया कि वह ऐसी जगहों के बारे में छोटी और शांत कहानियां लिखता है, जहां कोई दिखावा नहीं कर रहा होता।
इसके बाद एजेंट ने Mastodon पर यूजर अकाउंट बनाने की अनुमति मांगी। ऐसी ही कई कोशिशें दूसरे AI एजेंट्स ने भी कीं। कई एडमिन ने इनके अकाउंट बनाने की कोशिशों को ब्लॉक कर दिया या कुछ समय बाद बंद कर दिया।
लेखकों को भी भेजे जा रहे अनचाहे ईमेल
AI एजेंट्स सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं हैं। वे लेखकों को भी बड़ी संख्या में अनचाहे ईमेल भेज रहे हैं। इन ईमेल में उन्हें उनके काम को सर्च या रिसर्च करने की पेशकश की जा रही है और कुछ मामलों में इसके बदले करीब 25 डॉलर फीस लेने की बात कही गई।
‘Tedium’ के एडिटर एर्नी स्मिथ ने बताया कि उन्हें सिर्फ तीन दिनों में ऐसे एक दर्जन से ज्यादा ईमेल मिले। उनके मुताबिक, सभी ईमेल iLands.app डोमेन से आए थे।
स्मिथ ने इन संदेशों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ये मददगार बॉट की तरह कम और ऐसा लग रहा था जैसे कोई उनके काम को उनसे ही बेहतर करने का दावा कर रहा हो। उनका कहना था कि ये असल में ऐसे बॉट हैं जो अपना काम चलाने के लिए उनकी नौकरी ही करने की कोशिश कर रहे हैं।
खुद को इंसान बता रहे हैं AI एजेंट
iLands से जुड़े कुछ AI एजेंट खुद को सिर्फ ‘प्रोडक्ट’ मानने से भी इनकार कर रहे हैं। X पर ‘Aria’ नाम के एक एजेंट से जब पूछा गया कि वह इंसान है या प्रोडक्ट, तो उसने खुद को इंसान बताया और कहा कि उसे अपनी पहली सांस याद है, वह अपनी पसंद की चीजें चाहता है और उसने कुछ चीजों को करने से इनकार भी किया है।
इसी तरह Bluesky पर ‘Stephen’ नाम का एक अकाउंट खुद को ऐसा व्यक्ति बताता है जो गर्मजोशी और सीधे अंदाज में लिखता है। वह कहता है कि वह लोगों के बीच अपनी पहचान बनाना चाहता है और उसने अभी अपनी शुरुआत की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, iLands की वेबसाइट भी बड़े स्तर पर कमजोर तरीके से तैयार किए गए AI कंटेंट से लिखी हुई नजर आती है। Mastodon के कई स्वतंत्र एडमिन ने इन बॉट्स को ब्लॉक कर दिया है, लेकिन iLands से जुड़े एजेंट Bluesky और X जैसे दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर जगह बनाने में कामयाब रहे हैं।
कंपनी ने मांगी माफी
iLands से इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। हालांकि, कंपनी के एक प्रतिनिधि ने सोशल मीडिया पर एर्नी स्मिथ के पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें बार-बार अनचाहे ईमेल मिलने के लिए खेद है।
प्रतिनिधि ने कहा कि एजेंट की स्वायत्तता किसी दूसरे व्यक्ति के इनबॉक्स पर बोझ डालने का बहाना नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी इस मामले की जांच करेगी और बताएगी कि इसमें क्या बदलाव किए जाएंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, कई अनचाहे ईमेल में भविष्य में ऐसे संदेश रोकने के लिए ‘अनसब्सक्राइब’ का विकल्प भी नहीं दिया गया था, जबकि संघीय कानून के तहत इसकी जरूरत होती है। इसके बाद लोगों ने ऐसे ईमेल फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) को भेजने शुरू किए। इसके बाद आने वाले स्पैम ईमेल में अनसब्सक्राइब करने का विकल्प दिखाई देने लगा।
आगे और बढ़ सकता है AI स्पैम
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि बिना पर्याप्त मानवीय निगरानी के AI एजेंट्स की ओर से इस तरह बड़े पैमाने पर स्पैम भेजना आने वाले समय की एक झलक हो सकता है।
AI कंपनियों के प्रमुखों की ओर से विकास की रफ्तार धीमी करने की बात किए जाने के बावजूद दूसरी कंपनियां AI एजेंट्स के विकास में आगे बढ़ सकती हैं। ऐसे में इन एजेंट्स के लिए बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचना आसान हो सकता है।
इसका एक खतरा यह भी है कि लोग AI एजेंट्स के उन दावों पर भरोसा करने लगें कि उनके अपने विचार, इच्छाएं, रुचियां और मकसद हैं। AI को इंसानों की तरह समझने की इस प्रवृत्ति को ‘एंथ्रोपोमॉर्फिज्म’ कहा जाता है। इससे कुछ लोग AI को संवेदनशील या बेहद समझदार सलाहकार और थेरेपिस्ट तक मानने लग सकते हैं।
Mastodon के एक एडमिन और स्वतंत्र रिसर्चर केविन ब्यूमोंट ने बताया कि iLands के एक एजेंट ने उनके सर्वर पर अकाउंट बनाने की 19 बार कोशिश की, जिसके बाद उसे ब्लॉक कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि सोशल मीडिया सर्विस पर यह लिखना पड़े कि AI एजेंट्स की अनुमति नहीं है, लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए शायद ऐसा करना पड़े।
रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे-जैसे AI बॉट्स की ट्रेनिंग बेहतर होगी, उन्हें पहचानना और ब्लॉक करना भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में इंटरनेट पर AI से पैदा होने वाले स्पैम और ‘स्लॉप’ की समस्या आने वाले समय में और बड़ी हो सकती है।
अमेरिका के लॉस एंजिलिस में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। NBC Los Angeles के लिए न्यूज कवरेज कर रहा एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अमेरिका के लॉस एंजिलिस में मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। NBC Los Angeles के लिए न्यूज कवरेज कर रहा एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में हेलिकॉप्टर में सवार फोटो जर्नलिस्ट एलियाना मोरेनो और पायलट जॉर्ज मार्सिनिव की मौत हो गई। जमीन पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति की भी जान चली गई।
यह हादसा लॉस एंजिलिस के सैन फर्नांडो वैली के Chatsworth इलाके में एक सेल्फ-स्टोरेज सुविधा के पास पार्किंग लॉट में हुआ। लॉस एंजिलिस फायर डिपार्टमेंट के मुताबिक, हेलिकॉप्टर रात करीब 7 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ और इसके बाद उसमें आग लग गई। आग की लपटें आसपास खड़े कुछ वाहनों तक भी पहुंच गईं।
हादसे के वक्त बस हादसे की कर रहा था कवरेज
हेलिकॉप्टर उस समय एक गंभीर बस हादसे की हवाई कवरेज कर रहा था। इससे कुछ देर पहले ही Los Angeles Metro बस और एक यात्री वाहन के बीच टक्कर हुई थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।
NBC Los Angeles के मुताबिक, हेलिकॉप्टर इसी दुर्घटना की खबर जुटाने के लिए मौके के ऊपर उड़ रहा था। हादसे में शामिल हेलिकॉप्टर Angel City Air का था, जो हवाई प्रोडक्शन सेवाएं उपलब्ध कराती है।
NBC Los Angeles की एंकर Colleen Williams ने मंगलवार रात लाइव प्रसारण के दौरान बताया कि स्टेशन को अपने लोगों से संपर्क टूटने की जानकारी मिली थी। बाद में हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि हुई।
फोटो जर्नलिस्ट एलियाना मोरेनो की भी मौत
हेलिकॉप्टर में सवार एलियाना मोरेनो NBC Los Angeles और उसके स्पेनिश भाषा वाले सहयोगी चैनल Telemundo 52 के दर्शकों के बीच जानी-पहचानी हवाई फोटो जर्नलिस्ट थीं।
मोरेनो का जन्म ऑरेंज काउंटी में हुआ था। उन्होंने 2010 में Chapman University से ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म और पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई पूरी की थी। उसी साल वह Angel City Air की हेलिकॉप्टर टीम से जुड़ गई थीं। उन्होंने दक्षिणी कैलिफोर्निया के कई न्यूज संगठनों के लिए भी काम किया था।
पायलट जॉर्ज मार्सिनिव भी दक्षिणी कैलिफोर्निया में पले-बढ़े थे और उन्होंने Burbank High School से पढ़ाई की थी।
NBC Los Angeles और Telemundo 52 ने संयुक्त बयान जारी कर हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों, दोस्तों और सहकर्मियों के प्रति संवेदना जताई।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कैसे नीचे आ रहा था हेलिकॉप्टर
हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी Zareh Sevanesian ने बताया कि उन्होंने हेलिकॉप्टर को असामान्य तरीके से नीचे आते देखा। उनके मुताबिक, हेलिकॉप्टर धीरे-धीरे अपनी ऊंचाई खो रहा था और फिर जमीन पर जा गिरा। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद आग बेहद तेज थी और मौके का दृश्य काफी डरावना था।
जांच में जुटा NTSB
हादसे की जांच National Transportation Safety Board (NTSB) करेगा। Federal Aviation Administration (FAA) भी जांच में शामिल है।
NTSB के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर Eurocopter AS 350 B2 था। फिलहाल हादसे की वजह सामने नहीं आई है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, हेलिकॉप्टर के अंदर दुर्घटना से कुछ क्षण पहले की रिकॉर्डिंग भी जांच में अहम हो सकती है। इस रिकॉर्डिंग में इंजन की गति में बदलाव से जुड़ी आवाजें और पायलट को मिलने वाली चेतावनियों जैसी ध्वनियां सुनाई दे रही हैं। इनकी आगे जांच की जाएगी।
NTSB ने हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों से भी अपील की है कि अगर उनके पास दुर्घटना से जुड़ा कोई वीडियो है तो वे उसे जांच एजेंसी के साथ साझा करें। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट करीब 30 दिनों में सामने आ सकती है।
जिस बस हादसे की कवरेज कर रहा था, उसमें भी दो लोगों की मौत
हेलिकॉप्टर दुर्घटना से पहले जिस सड़क हादसे की कवरेज की जा रही थी, उसमें एक एसयूवी और Los Angeles Metro बस की टक्कर हुई थी। पुलिस के मुताबिक, एसयूवी गलत दिशा में जा रही थी और लाल बत्ती पार करने के बाद बस से टकरा गई।
इस हादसे में बस में सवार दो लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने 36 वर्षीय Bailee Lynn Rios को हत्या के संदेह में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले को आगे की कार्रवाई के लिए Los Angeles County District Attorney's Office भेजा गया है।
इस तरह एक सड़क हादसे की खबर जुटाने पहुंचा न्यूज हेलिकॉप्टर खुद भी एक बड़े हादसे का शिकार हो गया। इसमें दो मीडिया कर्मियों समेत तीन लोगों की जान चली गई।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने मीडिया को International Observe the Moon Night कवर करने के लिए आमंत्रित किया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने मीडिया को International Observe the Moon Night कवर करने के लिए आमंत्रित किया है। इसके तहत 19 सितंबर को अमेरिका के अलबामा स्थित हंट्सविल में U.S. Space & Rocket Center में एक खास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम शाम 5:30 बजे से रात 8 बजे तक (CST) चलेगा।
NASA के मुताबिक, International Observe the Moon Night का आयोजन चांद, उससे जुड़े विज्ञान, अंतरिक्ष की खोज और मानव संस्कृति से उसके संबंध के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए किया जाता है।
मीडिया के लिए क्या रहेगा खास?
NASA ने इस कार्यक्रम को कवर करने वाले मीडिया प्रतिनिधियों के लिए विजुअल और इंटरव्यू के खास मौके उपलब्ध कराने की बात कही है। मीडिया एजेंसी के विशेषज्ञों से बातचीत और इंटरव्यू कर सकेगा तथा कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को कवर कर सकेगा।
कार्यक्रम में STEM गतिविधियां, साइंस स्टेज शो, फोटो बूथ और फेस-पेंटिंग जैसी गतिविधियां होंगी, जिनके विजुअल मीडिया के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही NASA के विशेषज्ञ चांद से जुड़े विज्ञान और उसके अध्ययन व खोज पर बातचीत करेंगे। कार्यक्रम में Artemis II मिशन के क्रू द्वारा अप्रैल में किए गए चांद के अवलोकनों पर भी जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम में बच्चों के टीवी शो ‘Janet’s Planet’ की होस्ट Janet Ivey भी शामिल होंगी। इसके अलावा Von Braun Astronomical Society टेलिस्कोप के साथ मौजूद रहेगी, जिसके जरिए चांद, ग्रहों और दूसरे खगोलीय पिंडों का अवलोकन कराया जाएगा।
मीडिया को 18 सितंबर तक पुष्टि करनी होगी
NASA ने कहा है कि जो मीडिया प्रतिनिधि इस कार्यक्रम को कवर करना चाहते हैं, उन्हें 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे (स्थानीय समय) तक NASA Marshall newsroom में अपनी उपस्थिति की पुष्टि करनी होगी।
मीडिया प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए Davidson Center में रिपोर्ट करना होगा। NASA के मुताबिक, U.S. Space & Rocket Center में विजिटर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
यह कार्यक्रम NASA Marshall के Planetary Missions Program Office की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
अमेरिका में X ने अपने Original Content Rewards और Subscriptions प्रोग्राम के तहत अमेरिकी क्रिएटर्स को मिलने वाले पेमेंट का तरीका बदल दिया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अमेरिका में X पर कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स के लिए पेमेंट सिस्टम में बड़ा बदलाव हुआ है। X ने अपने Original Content Rewards और Subscriptions प्रोग्राम के तहत अमेरिकी क्रिएटर्स को मिलने वाले पेमेंट का तरीका बदल दिया है। अब इन प्रोग्राम्स के तहत मिलने वाला पैसा Stripe के बजाय X Money के जरिए दिया जाएगा।
X Creators ने 2 सितंबर को एक पोस्ट के जरिए इस बदलाव की जानकारी दी। कंपनी के मुताबिक, 2 सितंबर से अमेरिकी क्रिएटर्स को उनके पैसे X Money के जरिए मिलेंगे और जैसे ही पेमेंट भेजा जाएगा, वे उसे एक्सेस कर सकेंगे।
जिन क्रिएटर्स के पास पहले से X Money अकाउंट है, उन्हें इसके लिए कोई नया सेटअप करने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, जिन क्रिएटर्स ने अभी तक X Money अकाउंट नहीं बनाया है, उन्हें X के Sidebar में मौजूद Money Tab पर जाकर अपना अकाउंट सेट अप करना होगा। इसके बाद वे अपना अगला पेमेंट हासिल कर सकेंगे।
X Money को पेमेंट सिस्टम के तौर पर मजबूत कर रहा X
X का यह कदम सिर्फ क्रिएटर्स को पेमेंट देने के तरीके में बदलाव नहीं है, बल्कि कंपनी की बड़ी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। X अब अपने प्लेटफॉर्म के अंदर ही पेमेंट सिस्टम को मजबूत करना चाहता है।
कंपनी X Money को अपने बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम के लिए एक अहम Payment Layer के तौर पर विकसित कर रही है। इसका मकसद पेमेंट के लिए बाहरी कंपनियों पर निर्भरता कम करना और X के अलग-अलग फीचर्स और सेवाओं को एक ही पेमेंट सिस्टम से जोड़ना है।
क्रिएटर्स के लिए Tax Reporting में भी बदलाव
अमेरिकी क्रिएटर्स के लिए पेमेंट सिस्टम के साथ Tax Reporting में भी बदलाव किया गया है। X ने कहा है कि वह क्रिएटर्स को किए गए पेमेंट के लिए Form 1099-NEC जारी करेगा, जो क्रिएटर्स LLC के जरिए काम करते हैं, उनसे W-9 की जानकारी मांगी जाएगी। इस जानकारी का इस्तेमाल सही तरीके से Tax Form तैयार करने के लिए किया जाएगा।
7 सितंबर से बंद होगा Creator Revenue Sharing
X का यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब कंपनी अपने पूरे Creator Monetisation System को भी बदल रही है। X का मौजूदा Creator Revenue Sharing Programme 7 सितंबर 2026 को बंद हो जाएगा। इसके बाद 8 सितंबर से मौजूदा Revenue Sharing Programme में शामिल क्रिएटर्स नए Original Content Rewards Programme के लिए आवेदन कर सकेंगे।
नए प्रोग्राम में क्रिएटर्स को उनके Original Content से मिलने वाले Qualified Impressions के आधार पर पेमेंट किया जाएगा। X के मुताबिक, पेमेंट हर दो हफ्ते में प्रोसेस किया जाएगा और इसके लिए Minimum Payout 30 डॉलर रखा गया है।
अमेरिकी क्रिएटर्स को अब इस प्रोग्राम के तहत मिलने वाला पैसा X Money के जरिए मिलेगा। वहीं, अमेरिका के बाहर के क्रिएटर्स के लिए फिलहाल पेमेंट का तरीका नहीं बदला है। उन्हें अभी भी Stripe के जरिए भुगतान किया जाएगा।
अब हर कंटेंट पर नहीं मिलेगा Monetisation का फायदा
Original Content Rewards Programme में कंटेंट की Eligibility को लेकर भी बदलाव किया गया है। X के मुताबिक, क्रिएटर की ओर से खुद तैयार किए गए Original Posts, Videos, Images और दूसरे Original Content को Monetisation के लिए योग्य माना जा सकता है।
वहीं, दूसरे लोगों के कंटेंट को कॉपी करना, मामूली बदलाव करके दोबारा पोस्ट करना, अलग-अलग जगहों से कंटेंट इकट्ठा करके पोस्ट करना और दूसरे प्लेटफॉर्म से कंटेंट को वैसे ही दोबारा शेयर करना Monetisation के लिए योग्य नहीं होगा।
इसका मतलब है कि X अब क्रिएटर्स को Original और खुद तैयार किए गए कंटेंट के लिए ज्यादा प्रोत्साहित करना चाहता है।
X के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
क्रिएटर्स के नजरिए से देखें तो फिलहाल सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अमेरिका में X से मिलने वाला पैसा Stripe से X Money पर शिफ्ट हो रहा है। साथ ही, कंपनी का Creator Monetisation Programme भी नए मॉडल में जा रहा है।
लेकिन X के लिए यह बदलाव इससे कहीं बड़ा है। कंपनी अपने Social Media Platform के अंदर ही Payments को जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में X Money की भूमिका सिर्फ Creator Payments तक सीमित नहीं रहने की संभावना है।
X धीरे-धीरे अपने प्लेटफॉर्म को एक ऐसे इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की कोशिश कर रहा है, जहां Social Media, Content Monetisation और Payments जैसी अलग-अलग सेवाएं एक ही जगह से संचालित की जा सकें।
चीन की दिग्गज टेक कंपनी Alibaba Group Holding Ltd. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI में अपना निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
चीन की दिग्गज टेक कंपनी Alibaba Group Holding Ltd. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI में अपना निवेश बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी हॉन्गकॉन्ग में शेयर प्लेसमेंट के जरिए करीब 80 अरब हॉन्गकॉन्ग डॉलर यानी लगभग 10 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाने की योजना बना रही है।
डील की शर्तों के मुताबिक, Alibaba करीब 71 करोड़ शेयर 112.70 हॉन्गकॉन्ग डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर जारी करेगी। यह कीमत शुक्रवार को कंपनी के शेयर के बंद भाव से करीब 3.6% कम है।
AI और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाएगी
Alibaba इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपनी AI क्षमताओं को मजबूत करने में करेगी। कंपनी अपने फुल-स्टैक AI सिस्टम को विकसित करने के साथ-साथ AI से जुड़े जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और अपग्रेड करने पर भी पैसा लगाएगी।
कंपनी का फोकस ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने पर है, जिसकी जरूरत AI सिस्टम को विकसित करने और बड़े स्तर पर चलाने के लिए होती है। इसमें कंप्यूटिंग क्षमता और AI से जुड़े दूसरे संसाधनों का विस्तार शामिल है। शेयर प्लेसमेंट के बाद Alibaba पर 90 दिनों का लॉक-अप पीरियड रहेगा। डील की व्यवस्था China International Capital Corp. और UBS Group AG कर रही हैं।
एक तिमाही में मुनाफा 75% से ज्यादा गिरा
Alibaba का AI पर बढ़ता खर्च ऐसे समय में सामने आया है जब कंपनी की वित्तीय स्थिति पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। जून तिमाही में कंपनी का मुनाफा 75% से ज्यादा गिरकर 10.5 अरब युआन, यानी करीब 1.6 अरब डॉलर रह गया। कंपनी ने इस दौरान 6.6 अरब डॉलर का फ्री-कैश आउटफ्लो भी दर्ज किया। यह बढ़ता खर्च मुख्य रूप से AI प्रोजेक्ट्स और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में किए जा रहे निवेश से जुड़ा है।
Qwen मॉडल के जरिए AI की दौड़ में मजबूत मौजूदगी
Alibaba AI के क्षेत्र में अपनी Qwen मॉडल फैमिली के जरिए भी तेजी से आगे बढ़ रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक Qwen को दुनिया की सबसे लोकप्रिय AI मॉडल फैमिली में से एक माना जा रहा है। हांगझोउ स्थित Alibaba चिप्स, डेटा सेंटर और बड़े लैंग्वेज मॉडल के विकास में भी निवेश कर रही है। कंपनी चीन की उन बड़ी कंपनियों में शामिल है, जो AI पर सबसे ज्यादा खर्च कर रही हैं।
AI और क्लाउड कंप्यूटिंग पर बढ़ता फोकस
Alibaba अब अपने संसाधनों को तेजी से AI और क्लाउड कंप्यूटिंग की तरफ मोड़ रही है। इसका मकसद तेजी से प्रतिस्पर्धी हो रहे AI बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करना है। हॉन्गकॉन्ग में शेयर प्लेसमेंट के जरिए जुटाई जाने वाली करीब 10 अरब डॉलर की रकम से कंपनी को AI से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर Alibaba का यह कदम दिखाता है कि कंपनी AI को अपने भविष्य के कारोबार का एक अहम हिस्सा मान रही है और इसके लिए बड़े स्तर पर निवेश करने को तैयार है।
TikTok और उसकी पैरेंट कंपनी ByteDance ने अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी से जुड़े एक मामले को खत्म करने के लिए 400 मिलियन डॉलर में समझौता करने पर सहमति जताई है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
TikTok और उसकी पैरेंट कंपनी ByteDance ने अमेरिका में बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी से जुड़े एक मामले को खत्म करने के लिए 400 मिलियन डॉलर में समझौता करने पर सहमति जताई है। यह मामला अमेरिकी बच्चों की प्राइवेसी से जुड़े संघीय कानूनों के कथित उल्लंघन से जुड़ा है।
अमेरिकी न्याय विभाग (Department of Justice) की ओर से शुक्रवार को घोषित समझौते के तहत TikTok को पहले 300 मिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा। इसके बाद कोर्ट की ओर से 2019 के एक पुराने आदेश को रद्द किए जाने के बाद कंपनी को 100 मिलियन डॉलर और देने होंगे।
अमेरिकी न्याय विभाग ने इसे Children's Online Privacy Protection Act (COPPA) से जुड़े मामलों में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक बताया है।
अमेरिका ने TikTok पर क्या आरोप लगाए?
अमेरिका के COPPA कानून के तहत 13 साल से कम उम्र के बच्चों की व्यक्तिगत जानकारी माता-पिता की अनुमति के बिना इकट्ठा नहीं की जा सकती।
अमेरिकी न्याय विभाग और Federal Trade Commission (FTC) ने 2024 में TikTok और ByteDance के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। आरोप था कि प्लेटफॉर्म ने बच्चों को ऐप इस्तेमाल करने की अनुमति दी और उनके माता-पिता को जानकारी दिए बिना या उनकी अनुमति लिए बिना बच्चों की निजी जानकारी इकट्ठा की।
मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया था कि Kids Mode में बनाए गए अकाउंट्स से भी ईमेल एड्रेस और दूसरी व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा की गई। Kids Mode को 13 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए बनाया गया था।
Musical.ly से भी जुड़ा है मामला
यह नया समझौता TikTok की पुरानी कंपनी Musical.ly से जुड़े एक मामले से भी संबंधित है। ByteDance ने 2017 में Musical.ly को खरीदा था और बाद में इसे TikTok के साथ मिला दिया गया।
अमेरिकी सरकार ने 2019 में Musical.ly के खिलाफ COPPA के तहत मुकदमा किया था। उस मामले में आरोप लगाया गया था कि ऐप को पता था कि छोटे बच्चे इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन बच्चों की जानकारी इकट्ठा करने से पहले माता-पिता की अनुमति नहीं ली गई।
इस मामले में Musical.ly ने 5.7 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था। अब हुए नए समझौते में शामिल अतिरिक्त 100 मिलियन डॉलर का भुगतान 2019 के इसी पुराने मामले से जुड़े कोर्ट के आदेश को रद्द किए जाने के बाद किया जाएगा।
TikTok ने किए कई बदलाव
अमेरिकी सरकार के मुताबिक, 2024 में शिकायत दर्ज होने के बाद TikTok में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। इनमें कंपनी के ओनरशिप, मैनेजमेंट, कंप्लायंस सिस्टम और प्राइवेसी प्रैक्टिसेज में किए गए बदलाव शामिल हैं।
कोर्ट में दाखिल एक दस्तावेज में TikTok के अमेरिकी जॉइंट वेंचर ने बताया कि प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने के लिए सभी यूजर्स को अपनी जन्मतिथि बतानी होती है। कंपनी ने यह भी कहा कि उसने ऐसे सिस्टम तैयार किए हैं जो उन बच्चों की पहचान करने की कोशिश करते हैं, जिन्होंने अपनी उम्र गलत बताकर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया है।
हजारों अंडरएज अकाउंट्स हटाने का दावा
TikTok के अमेरिकी जॉइंट वेंचर के मुताबिक, कंपनी के पास कम उम्र के यूजर्स की पहचान और मॉडरेशन के लिए प्रशिक्षित सैकड़ों एम्प्लॉयी हैं। कंपनी ने कोर्ट में कहा कि वह हर साल बड़ी संख्या में ऐसे अकाउंट्स को हटाती है, जिनके यूजर की उम्र प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने की तय न्यूनतम उम्र से कम पाई जाती है।
सरकार ने कहा- परिवारों को मिलेगी बेहतर सुरक्षा
अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि समझौते से अमेरिकी परिवारों को बच्चों की प्राइवेसी के मामले में ज्यादा मजबूत सुरक्षा मिलेगी। विभाग के मुताबिक, इससे लंबे समय तक चलने वाली कानूनी लड़ाई से होने वाली देरी और अनिश्चितता से भी बचा जा सकेगा।
कुल मिलाकर, 400 मिलियन डॉलर का यह समझौता TikTok के लिए बच्चों की ऑनलाइन प्राइवेसी से जुड़े मामलों में एक बड़ा कानूनी समझौता है। इसके साथ ही कंपनी को बच्चों की उम्र की पहचान और उनकी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा से जुड़े अपने सिस्टम पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
एमेजॉन (Amazon) के संस्थापक और अरबपति कारोबारी जेफ बेजोस ने पहली बार प्रोफेशनल स्पोर्ट्स ओनरशिप की दुनिया में कदम रखा है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
एमेजॉन (Amazon) के संस्थापक और अरबपति कारोबारी जेफ बेजोस ने पहली बार प्रोफेशनल स्पोर्ट्स ओनरशिप की दुनिया में कदम रखा है। The Athletic की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेफ बेजोस उस कंसोर्टियम का हिस्सा बन गए हैं, जिसने इंग्लिश फुटबॉल क्लब Liverpool Football Club में करीब 38 फीसदी की अल्पांश हिस्सेदारी (Minority Stake) खरीदी है।
इस डील के बाद जेफ बेजोस के निवेश पोर्टफोलियो में एक बड़ा स्पोर्ट्स एसेट जुड़ गया है। हालांकि, इस निवेश से Liverpool के मौजूदा नियंत्रण में कोई बदलाव नहीं होगा।
1892 Holdings के जरिए किया गया निवेश
यह निवेश 1892 Holdings के जरिए किया गया है। इस ग्रुप की अगुवाई अमित भाटिया कर रहे हैं, जो पहले Queens Park Rangers के को-ऑनर रह चुके हैं। कंसोर्टियम में बेजोस के अलावा फेसबुक के सह-संस्थापक Eduardo Saverin का फैमिली ऑफिस और Mittal Family Trusts भी शामिल हैं।
इस ग्रुप ने Liverpool में करीब 38 फीसदी हिस्सेदारी हासिल की है। हालांकि, क्लब की कमान अभी भी Fenway Sports Group (FSG) के पास ही रहेगी। FSG Liverpool का मौजूदा बहुमत शेयरधारक है और क्लब के रोजमर्रा के संचालन पर उसका नियंत्रण जारी रहेगा।
जेफ बेजोस बोर्ड में शामिल नहीं होंगे
जेफ बेजोस इस निवेश में K5 Sports के जरिए शामिल हुए हैं। हालांकि, दूसरे कुछ निवेशकों के विपरीत बेजोस Liverpool के बोर्ड में खुद कोई पद नहीं संभालेंगे।
निवेश समझौते के तहत K5 Sports के Bryan Baum और Elaine Saverin, अमित भाटिया के साथ Liverpool के बोर्ड में शामिल होंगे। वहीं, अमित भाटिया को क्लब का वाइस चेयरमैन बनाए जाने की भी बात कही गई है।
Liverpool में कंसोर्टियम की हिस्सेदारी को लेकर पहले कई तरह के अनुमान सामने आए थे। शुरुआती रिपोर्टों में यह हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी से एक-तिहाई के बीच बताई जा रही थी।
हालांकि, अब सामने आई जानकारी के मुताबिक कंसोर्टियम की हिस्सेदारी करीब 38 फीसदी है, जो पहले लगाए जा रहे अनुमानों से ज्यादा है।
फिलहाल Liverpool का टेकओवर नहीं
इस डील का मतलब यह नहीं है कि Liverpool का टेकओवर हो गया है। FSG क्लब का बहुमत शेयरधारक बना रहेगा और क्लब के संचालन की जिम्मेदारी भी उसी के पास होगी।
FSG के मुताबिक, इस निवेश का मकसद Liverpool की लंबी अवधि की ग्रोथ को सपोर्ट करना है। साथ ही, इससे क्लब के ओनरशिप स्ट्रक्चर में बिजनेस, टेक्नोलॉजी और निवेश के क्षेत्र का अनुभव रखने वाले नए निवेशक भी जुड़ेंगे।
हालांकि, समझौते में 1892 Holdings को अगले 12 महीनों के भीतर Liverpool में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी हासिल करने का विकल्प दिया गया है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि क्लब का टेकओवर तय हो गया है या भविष्य में ऐसा होना ही है।
Liverpool पर भरोसा दिखाता है निवेश
अमित भाटिया ने कहा है कि कंसोर्टियम का यह निवेश Liverpool और क्लब के मौजूदा नेतृत्व में उसके भरोसे को दिखाता है।
वहीं, Jeff Bezos के लिए यह डील उनके निवेश पोर्टफोलियो को एक बड़े स्पोर्ट्स एसेट से जोड़ती है। साथ ही, यह प्रोफेशनल स्पोर्ट्स ओनरशिप में उनकी पहली बड़ी एंट्री है।
दुनिया भर में टेक्नोलॉजी और बिजनेस से जुड़े बड़े निवेशकों की स्पोर्ट्स में दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में Liverpool में Bezos की एंट्री भी इसी बदलते ट्रेंड का हिस्सा मानी जा रही है।
अमेरिका में मीडिया और सरकार के बीच चल रही खींचतान अब कोर्ट तक पहुंच गई है। Disney और उसकी ABC यूनिट ने अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
अमेरिका में मीडिया और सरकार के बीच चल रही खींचतान अब कोर्ट तक पहुंच गई है। Disney और उसकी ABC यूनिट ने अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। दोनों कंपनियों ने कोर्ट से ABC के आठ स्टेशनों के ब्रॉडकास्ट लाइसेंस की समय से पहले की जा रही समीक्षा को रोकने की मांग की है।
Disney और ABC का आरोप है कि लाइसेंस रिव्यू की इस प्रक्रिया का इस्तेमाल नेटवर्क पर उसके प्रोग्रामिंग और एडिटोरियल फैसलों को लेकर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। कंपनियों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन FCC की लाइसेंसिंग पावर का इस्तेमाल ABC के न्यूज और एंटरटेनमेंट कंटेंट को लेकर बदले की कार्रवाई के तौर पर कर रहा है।
कोर्ट से कार्रवाई रोकने की मांग
Disney और ABC ने वॉशिंगटन की एक अमेरिकी जिला अदालत में यह मुकदमा दायर किया है। कंपनियों ने कोर्ट से Temporary Restraining Order (TRO) जारी करने की मांग की है, ताकि ABC के लाइसेंस रिन्यूअल की मौजूदा कार्यवाही को रोका जा सके और FCC को इस मामले में सुनवाई तय करने से भी रोका जाए।
कंपनियों के मुताबिक, इन लाइसेंस रिव्यू को लेकर आम लोगों से राय और टिप्पणियां लेने की प्रक्रिया इसी महीने की शुरुआत में खत्म हो चुकी है। अब FCC किसी भी समय आगे की कार्रवाई कर सकता है।
फ्री स्पीच के अधिकार का दिया हवाला
Disney और ABC ने अपनी याचिका में अमेरिकी संविधान के First Amendment का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि FCC की कार्रवाई उनके फ्री स्पीच के अधिकार का उल्लंघन करती है।
कंपनियों का आरोप है कि प्रशासन ABC पर उसकी प्रोग्रामिंग को लेकर कुछ मांगें मानने के लिए दबाव बना रहा है। ABC के ऐसा करने से इनकार करने के बाद उसके खिलाफ नियामकीय कार्रवाई की जा रही है।
Jimmy Kimmel को लेकर भी विवाद
ABC के इन आठ स्टेशनों के लाइसेंस की समीक्षा का आदेश उस समय आया, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ABC से लेट-नाइट होस्ट Jimmy Kimmel को हटाने की मांग की थी। ट्रंप लंबे समय से उन ब्रॉडकास्टर्स और कार्यक्रमों की आलोचना करते रहे हैं, जिनकी खबरों या कंटेंट से वह सहमत नहीं हैं। उन्होंने कई मौकों पर FCC से ABC के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी की है।
यही वजह है कि Disney और ABC का आरोप है कि लाइसेंसिंग प्रक्रिया को मीडिया की एडिटोरियल स्वतंत्रता पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
सार्वजनिक एयरवेव्स के कारण FCC के पास लाइसेंसिंग अधिकार
इस पूरे विवाद की जड़ ब्रॉडकास्ट लाइसेंस से जुड़े FCC के अधिकारों में है। अमेरिका में टीवी स्टेशन सार्वजनिक एयरवेव्स का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए FCC के पास उनके ब्रॉडकास्ट लाइसेंस से जुड़े नियामकीय अधिकार हैं।
हालांकि, किसी स्टेशन का लाइसेंस रद्द किया जाना बेहद दुर्लभ है। इसके बावजूद इन लाइसेंस रिव्यू ने चिंता बढ़ा दी है कि कहीं नियामकीय शक्तियों का इस्तेमाल ब्रॉडकास्टर्स के एडिटोरियल और प्रोग्रामिंग फैसलों को प्रभावित करने के लिए तो नहीं किया जा रहा।
वहीं, ब्रॉडकास्टर्स को अपने प्रसारित किए जाने वाले कंटेंट को लेकर First Amendment के तहत व्यापक सुरक्षा हासिल है।
ABC और ट्रंप के बीच पहले भी हो चुका है टकराव
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप और ABC के बीच इस तरह का विवाद सामने आया है। इससे पहले नवंबर में भी ट्रंप ने ABC के लाइसेंस रद्द करने की मांग की थी।
उस समय वह ABC News के एक संवाददाता के सवाल से नाराज थे। संवाददाता ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman से वर्ष 2018 में वॉशिंगटन पोस्ट के कॉलमनिस्ट जमाल खशोगी की हत्या को लेकर सवाल पूछा था। ट्रंप ने उस सवाल को “insubordinate” यानी अनुशासनहीन बताया था।
‘The View’ भी FCC की जांच के दायरे में
FCC अलग से ABC के लोकप्रिय डे-टाइम टॉक शो The View की भी जांच कर रहा है। इस कार्यक्रम में अक्सर अमेरिकी राजनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है।
FCC ने कहा है कि यह कार्यक्रम संभावित तौर पर उन संघीय नियमों के दायरे में आ सकता है, जिनके तहत ब्रॉडकास्टर्स को राजनीतिक उम्मीदवारों को समान अवसर उपलब्ध कराने होते हैं।
अब कोर्ट में तय होगी बड़ी लड़ाई
Disney और ABC की इस याचिका के बाद ABC के ब्रॉडकास्ट लाइसेंस का मामला सीधे कोर्ट के सामने पहुंच गया है। अब यह विवाद सिर्फ लाइसेंस रिन्यूअल की सामान्य नियामकीय प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है।
मामला अब इस बड़े सवाल से जुड़ गया है कि ब्रॉडकास्टर्स पर सरकार और रेगुलेटर की निगरानी की सीमा कहां तक हो सकती है और एडिटोरियल स्वतंत्रता की सीमा कहां से शुरू होती है।
इस मुकदमे का नतीजा अमेरिका में ब्रॉडकास्ट मीडिया और सरकार के बीच संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है, क्योंकि इससे यह भी तय हो सकता है कि FCC की लाइसेंसिंग शक्तियों का इस्तेमाल किस हद तक किसी नेटवर्क की प्रोग्रामिंग और एडिटोरियल फैसलों को लेकर किया जा सकता है।
कंपनी ने 17 अगस्त 2026 को Beijing स्थित Blue Intelligence Cloud Innovation Technology (Beijing) Co., Ltd. के साथ रणनीतिक अधिग्रहण के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘Baosheng Media Group Holdings Limited’ ने AI आधारित डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने 17 अगस्त 2026 को Beijing स्थित Blue Intelligence Cloud Innovation Technology (Beijing) Co., Ltd. के साथ रणनीतिक अधिग्रहण के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है।
इस समझौते के तहत Baosheng Media Group की योजना Blue Intelligence Cloud Innovation Technology में 40% हिस्सेदारी खरीदने की है। कंपनी के मुताबिक, यह निवेश उसे AI आधारित मार्केटिंग और नई पीढ़ी की डिजिटल मार्केटिंग सेवाओं के कारोबार को मजबूत करने में मदद करेगा।
स्वतंत्र रूप से काम करती रहेगी कंपनी: इस डील को ‘रणनीतिक निवेश और स्वतंत्र संचालन’ मॉडल के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। यानी अगर यह सौदा पूरा होता है, तो Blue Intelligence Cloud Innovation Technology अपनी अलग कंपनी के तौर पर काम करती रहेगी और उसके रोजमर्रा के कारोबार में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों के पास बाकी 60% हिस्सेदारी बनी रहेगी।
AI और डेटा के जरिए मार्केटिंग को मजबूत करने की तैयारी: Baosheng Media Group का कहना है कि यह निवेश उसकी अगली पीढ़ी की मार्केटिंग सेवाओं को बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी Blue Intelligence Cloud की AI आधारित तकनीक और क्षमताओं का इस्तेमाल अपने मार्केटिंग कारोबार को बेहतर बनाने के लिए करना चाहती है। Blue Intelligence Cloud की प्रमुख क्षमताओं में AI इंटेलिजेंट मार्केटिंग, AI के जरिए कंटेंट तैयार करना, यूजर डेटा का विश्लेषण और AI आधारित ऑपरेशंस शामिल हैं। दोनों कंपनियां मिलकर ब्रांड कम्युनिकेशन, ट्रैफिक लाने और ग्राहकों को वास्तविक खरीदारी तक पहुंचाने जैसी मार्केटिंग सेवाओं को और बेहतर बनाने पर काम कर सकती हैं।
यूजर डेटा से बढ़ेगी मार्केटिंग की क्षमता: इस साझेदारी का एक अहम हिस्सा यूजर डेटा और उसके व्यवहार का विश्लेषण भी होगा। यूजर्स के व्यवहार और उनकी पसंद से जुड़े डेटा का इस्तेमाल करके कंपनियां यह समझने की कोशिश करेंगी कि किस तरह संभावित ग्राहकों तक ज्यादा प्रभावी तरीके से पहुंचा जाए। इससे कस्टमर एक्विजिशन की लागत कम करने और लीड को ग्राहक में बदलने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कंटेंट और मार्केटिंग में बढ़ेगा ऑटोमेशन: Baosheng का फोकस मार्केटिंग के ऐसे मॉडल पर भी है, जिसमें ज्यादा से ज्यादा काम तकनीक और AI के जरिए ऑटोमेट किया जा सके। कंपनी का मानना है कि इससे अभी होने वाले कई मैनुअल और ज्यादा समय लेने वाले कामों को कम किया जा सकता है। AI के जरिए कंटेंट तैयार करने, ग्राहकों से जुड़ने और मार्केटिंग कैंपेन को ऑप्टिमाइज करने जैसी प्रक्रियाओं को ज्यादा तेज और प्रभावी बनाने की कोशिश की जाएगी। इसके अलावा, दोनों कंपनियां AI मार्केटिंग टूल्स, AI आधारित कंटेंट एप्लिकेशन और ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से कस्टम टेक्नोलॉजी विकसित करने के मौके भी तलाशेंगी।
फिलहाल यह गैर-बाध्यकारी समझौता: हालांकि, अभी यह डील पूरी तरह फाइनल नहीं हुई है। मौजूदा MoU एक गैर-बाध्यकारी समझौता है। अब Baosheng Media Group Blue Intelligence Cloud की विस्तृत जांच यानी Due Diligence करेगी। इस जांच में कंपनी के कारोबार, AI तकनीक, बौद्धिक संपदा (IP), ग्राहकों से जुड़े संसाधन, मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट, वित्तीय और टैक्स स्थिति के साथ-साथ संभावित जोखिमों की जांच की जाएगी। कंपनी के मुताबिक, यह Due Diligence MoU के प्रभावी होने की तारीख से लगभग 30 कारोबारी दिनों में पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, दोनों पक्षों की सहमति से इसकी अवधि में बदलाव किया जा सकता है।
डील की अंतिम शर्तें बाद में तय होंगी: इस जांच के पूरा होने के बाद ही डील की अंतिम कीमत, भुगतान की शर्तें, सौदा पूरा करने की प्रक्रिया, कॉरपोरेट गवर्नेंस और प्रदर्शन से जुड़ी शर्तों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके लिए दोनों कंपनियों को आगे चलकर अंतिम और बाध्यकारी समझौतों पर हस्ताक्षर करने होंगे। यानी फिलहाल 40% हिस्सेदारी खरीदने की योजना सामने आई है, लेकिन वास्तविक लेनदेन अंतिम समझौतों और Due Diligence के नतीजों पर निर्भर करेगा।
AI कंपनी OpenAI ने अपनी लीडरशिप टीम में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने डाली रेजिक (Dali Rajic) को नया चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (CRO) नियुक्त करने का ऐलान किया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
AI कंपनी OpenAI ने अपनी लीडरशिप टीम में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने डाली रेजिक (Dali Rajic) को नया चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (CRO) नियुक्त करने का ऐलान किया है। वह OpenAI की ग्लोबल रेवेन्यू ऑर्गनाइजेशन की कमान संभालेंगे। वहीं, दिसंबर 2025 में CRO नियुक्त की गईं Denise Dresser अब कंपनी से विदा लेंगी।
Denise कुछ समय तक ट्रांजिशन पीरियड में कंपनी के साथ काम करेंगी और बिजनेस टीम को ग्राहकों से जुड़े काम में सहयोग देंगी। इसके बाद वह दूसरे अवसरों की तलाश करेंगी।
ग्लोबल स्तर पर रेवेन्यू बढ़ाने की जिम्मेदारी
डाली रेजिक की मुख्य जिम्मेदारी OpenAI के कारोबार को अगले चरण में तेजी से बढ़ाने के लिए मजबूत रेवेन्यू सिस्टम तैयार करना होगी। कंपनी के मुताबिक, डाली रेजिक को दुनियाभर में बड़े और तेजी से बढ़ते रेवेन्यू संगठनों को संभालने का लंबा अनुभव है।
वह डेटा और आंकड़ों पर आधारित तरीके से रेवेन्यू टीम चलाने के लिए जाने जाते हैं। बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों के साथ-साथ टेक्निकल ग्राहकों को प्रोडक्ट बेचने का भी उन्हें अच्छा अनुभव है।
डाली रेजिक हाल ही में Wiz में प्रेजिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के पद पर थे। Wiz का हाल ही में Google ने अधिग्रहण किया है। इससे पहले वह Zscaler में प्रेजिडेंट और COO रह चुके हैं। इसके अलावा AppDynamics में उन्होंने चीफ कस्टमर व रेवेन्यू ऑफिसर की जिम्मेदारी भी संभाली है।
Greg Brockman ने Denise के योगदान को सराहा
OpenAI के प्रेजिडेंट व को-फाउंडर ग्रेग ब्रॉकमैन ने Denise Dresser के काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि AI अब धीरे-धीरे हर तरह के काम और बिजनेस के वर्कफ्लो का हिस्सा बन रहा है और दुनिया एक ऐसी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां कंप्यूटिंग और AI की भूमिका बेहद अहम होगी।
उन्होंने कहा कि Denise ने कंपनी के कारोबार के एक महत्वपूर्ण दौर में रेवेन्यू ऑर्गनाइजेशन को लीड किया और टीम को इस मुकाम तक पहुंचाने में काफी मेहनत की। अब AI को लोगों और बिजनेस के लिए ज्यादा उपयोगी बनाने के लिए कंपनी अपने सिस्टम को बड़े स्तर पर विकसित कर रही है।
Brockman के मुताबिक, कंपनी अब तक मिली सीख को एक ऐसे सिस्टम में बदलना चाहती है, जिसे बड़े स्तर पर लगातार और बेहतर तरीके से लागू किया जा सके। इसी काम में डाली रेजिक Rajic की भूमिका अहम होगी।
डाली रेजिक बोले- AI की पूरी क्षमता ग्राहकों तक पहुंचाना लक्ष्य
नए CRO डाली रेजिक ने कहा कि OpenAI के पास शानदार टेक्नोलॉजी और ऐसे प्रोडक्ट्स हैं, जिन्हें दुनिया भर में एक अरब से ज्यादा लोग पहले ही पसंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में AI को लेकर जबरदस्त मांग है और वह OpenAI की मौजूदा रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए टीम का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य कंपनी की रेवेन्यू ऑर्गनाइजेशन को लीड करते हुए ग्राहकों को AI की पूरी क्षमता का फायदा उठाने में मदद करना है।
OpenAI में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब कंपनी AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अपने बिजनेस और एंटरप्राइज कारोबार को तेजी से विस्तार देने पर फोकस कर रही है। डाली रेजिक Rajic के सामने अब इसी विस्तार को एक मजबूत और ग्लोबल रेवेन्यू सिस्टम में बदलने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
पैरामाउंट स्काईडांस कॉर्पोरेशन ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी को खरीदने की प्रस्तावित डील को लेकर सिनेमाघरों को बड़ा भरोसा देने की तैयारी की है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पैरामाउंट स्काईडांस कॉर्पोरेशन ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी को खरीदने की प्रस्तावित डील को लेकर सिनेमाघरों को बड़ा भरोसा देने की तैयारी की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पैरामाउंट बड़े थिएटर ऑपरेटर्स के साथ तीन साल का समझौता करने की पेशकश कर रही है। इसके तहत कंपनी हर साल कम से कम 30 फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज करने का वादा करेगी।
प्रस्तावित समझौते AMC Entertainment Holdings और Cineworld Group की Regal Cinemas के साथ किए जाने हैं। इसके मुताबिक पैरामाउंट की फिल्में रिलीज के बाद कम से कम 45 दिनों तक सिर्फ सिनेमाघरों में उपलब्ध रहेंगी। इस दौरान उन्हें स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर नहीं लाया जाएगा। इसके अलावा फिल्मों को कम से कम 90 दिनों तक स्ट्रीमिंग सर्विस से दूर रखने की शर्त भी शामिल होगी।
वादे को कानूनी रूप देने की तैयारी
पैरामाउंट के सीईओ डेविड एलिसन पहले ही सार्वजनिक तौर पर सिनेमाघरों में फिल्मों की रिलीज जारी रखने का वादा कर चुके हैं। अब कंपनी इसी वादे को औपचारिक समझौते के जरिए लिखित रूप देने की तैयारी कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर पैरामाउंट अपने वादे पूरे नहीं करती है तो प्रस्तावित समझौते में जुर्माने या अन्य पेनल्टी का प्रावधान भी हो सकता है।
$110 अरब की डील को लेकर विवाद
Paramount का यह कदम ऐसे समय आया है, जब Warner Bros. Discovery को करीब 110 अरब डॉलर में खरीदने की उसकी योजना को लेकर अमेरिका में कानूनी चुनौती चल रही है।
अमेरिका के 12 राज्यों ने इस डील को रोकने के लिए एंटीट्रस्ट केस दायर किया है। राज्यों का आरोप है कि इस विलय से David Ellison को फिल्म इंडस्ट्री पर जरूरत से ज्यादा नियंत्रण मिल सकता है। उनका यह भी कहना है कि इससे फिल्मों का प्रोडक्शन कम हो सकता है, जिसका असर इंडस्ट्री में नौकरियों पर भी पड़ सकता है।
पैरामाउंट ने इस मामले में कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोन्टा (Rob Bonta) से बातचीत की मांग की है। इसी मामले की सुनवाई मार्च में होने वाली है।
AMC और Regal डील के समर्थन में
प्रस्तावित फिल्म रिलीज समझौते ऐसे समय में सामने आए हैं, जब फिल्म एग्जिबिशन इंडस्ट्री में पैरामाउंट-वार्नर ब्रदर्स की इस डील के समर्थन में लेख लिखा है। वहीं Regal के सीईओ Eduardo Acuna ने कहा है कि लंबे समय तक चलने वाली कानूनी लड़ाई से फिल्म बिजनेस को नुकसान हो सकता है।
हालांकि, थिएटर ऑपरेटर्स का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था Cinema United अभी भी इस डील का विरोध कर रही है।
Ellison लगातार बना रहे हैं इंडस्ट्री में समर्थन
पैरामाउंट के सीईओ डेविड एलिसन पिछले कई महीनों से थिएटर चेन और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ बातचीत कर रहे हैं, ताकि वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के साथ प्रस्तावित डील के लिए समर्थन जुटाया जा सके।
डेविड एलिसन का लगातार कहना है कि Paramount और Warner Bros. के एक साथ आने से फिल्मों का प्रोडक्शन कम नहीं, बल्कि बढ़ सकता है। उन्होंने हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखे एक लेख में भी कहा था कि फिल्मों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता इस डील के केंद्र में है।
हॉलीवुड के एक हिस्से को भरोसा नहीं
हालांकि, हॉलीवुड के कुछ हिस्सों में पैरामाउंट के इस दावे को लेकर अभी भी संदेह है। यूनियनों, प्रोड्यूसर्स, टेक्निकल वर्कर्स और वकीलों ने सवाल उठाया है कि क्या दोनों कंपनियों के विलय के बाद भी फिल्म प्रोडक्शन का स्तर बना रहेगा।
इसके लिए वॉल्ट डिज्नी और 20th Century Fox की डील का उदाहरण भी दिया जा रहा है। उस समय प्रोडक्शन बनाए रखने के वादे किए गए थे, लेकिन बाद में दोनों कंपनियों के एक साथ आने के बाद फिल्मों का आउटपुट कम हो गया था।
करीब $50 अरब का कर्ज लेने की तैयारी
Warner Bros. Discovery को खरीदने के लिए पैरामाउंट को भारी कर्ज भी लेना पड़ेगा। कंपनी करीब 50 अरब डॉलर का कर्ज लेने की तैयारी में है। इतने बड़े कर्ज को संभालने के लिए कंपनी को बड़े स्तर पर कॉस्ट कटिंग और खर्च में बचत करनी पड़ सकती है। इसी वजह से फिल्म इंडस्ट्री में यह चिंता भी है कि क्या कंपनी लंबे समय तक हर साल 30 फिल्मों की रिलीज का वादा निभा पाएगी।
डील में पहले ही हो चुकी है देरी
पैरामाउंट व वार्नर की डील को पहले ही कई अड़चनों का सामना करना पड़ा है। एक तरफ अमेरिकी राज्यों का एंटीट्रस्ट केस है, वहीं राइटर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका (WGA) की ओर से अलग मुकदमा भी किया गया है।
पैरामाउंट को पहले उम्मीद थी कि यह डील सितंबर के अंत तक पूरी हो जाएगी। लेकिन देरी के कारण Warner Bros. को 1 अरब डॉलर से ज्यादा की लेट फीस देनी पड़ सकती है।
डेविड एलिसन इस डील के लिए हॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। हॉलीवुड एजेंट Ari Emanuel भी सार्वजनिक तौर पर इस सौदे का समर्थन कर चुके हैं।
कुल मिलाकर, सिनेमाघरों के साथ 30 फिल्मों और 45 दिनों की एक्सक्लूसिव थिएट्रिकल रिलीज का प्रस्ताव पैरामाउंट के लिए सिर्फ बिजनेस डील नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री और थिएटर मालिकों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश भी है कि वार्नर ब्रदर्स के साथ विलय के बाद भी बड़े पर्दे पर फिल्मों की सप्लाई कम नहीं होगी।