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दो महीने में ही हेमराज ने डिजिटल मीडिया की नौकरी को कहा अलविदा
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। वेब चैनल ‘नेशनल दस्तक’ से हेमराज चौहान ने इस्तीफा दे दिया है। वह करीब दो महीने पहले ही बतौर रिपोर्टर इससे जुड़े थे। अपने इस्तीफे का कारण हेमराज ने व्यक्तिगत बताया है। दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया संस्थान से ‘Television and Broadcast Journalism’ की पढ़ाई करने वाल
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। वेब चैनल ‘नेशनल दस्तक’ से हेमराज चौहान ने इस्तीफा दे दिया है। वह करीब दो महीने पहले ही बतौर रिपोर्टर इससे जुड़े थे। अपने इस्तीफे का कारण हेमराज ने व्यक्तिगत बताया है। दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया संस्थान से ‘Television and Broadcast Journalism’ की पढ़ाई करने वाले हेमराज इससे पहले ‘न्यूज 24’ और ‘इंडिया टीवी’ के साथ भी काम कर चुके हैं। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपने साथियों के नाम एक भावुक पत्र भी लिखा है। हेमराज चौहान के इस पत्र को आप यहां पढ़ सकते हैं। इलेक्ट्रानिक मीडिया छोड़कर डिजिटल मीडिया में जाने का फैसला लेना इतना आसान नहीं था। ‘नेशनल दस्तक’ ने मुझे वो प्लेटफॉर्म दिया। डिजिटल मीडिया में जो पहली पारी ‘नेशनल दस्तक’ के साथ मैंने शुरू की, वो दो महीने से ज्यादा नहीं चल पाई । पर इन दो महीनों में मुझे यहां से काफी कुछ सीखने को मिला या यू कहूं कि एक नया अनुभव दिया। उस पर मैं ज्यादा बात नहीं करना चाहता क्योंकि इससे मुद्दा भटकने का पूरा खतरा है। आज औपचारिक तौर पर मैंने नेशनल दस्तक को अलविदा कह दिया है। रिपोर्टर के तौर पर मैंने यहां दो महीनों तक काम किया, जिसने मुझे काफी आत्मविश्वास दिया। काबिलियत के दम पर डटे रहने का साहस दिया और सही होने पर खुद पर भरोसा करना सिखाया और गंभीर परिणाम झेलने की ताकत दी। आज मैं दावे के साथ कह सकता हूं ये दो महीने मेरे प्रोफेशनल जीवन को तय करेंगे। इन दो महीनों में मेरे भीतर काफी परिपक्वता आई है, ऐसा मेरा आकलन है। अब मैं अच्छे-बुरे की तुलना करने में पहले से अधिक सक्षम हूं। इस छोटे सफर में नेशनल दस्तक की मेहनती टीम के साथियों ने बेहद मदद की। ये छोटी सी टीम एक परिवार बन चुकी थी, जो आम तौर पर न्यूज़ चैनलों में नहीं होता। आज जब ऑफिस छोड़ा तो बेहद भावुक था पर ख़ुश भी था क्यों आप सब जानते हैं। Rain Pratap तुम बहुत याद आओगे, जितना सम्मान तुमने दिया, मैं उस क़ाबिल नहीं था। सारे नाम लिखना संभव नहीं है पर आप लोगों के साथ काम करने में बहुत आनंद आया। ये कुछ तस्वीरें हैं जो अब जीवन के यादगार पलों के तौर पर कैद हो गए हैं। आखिर में कबीर के ये दो लाइनें जो सारी कहानी बताने के लिए काफी है, कबीरा खड़ा बाज़ार में, मांगे सबकी खैर, ना काहू से दोस्ती, न काहू से बैर। समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
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