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जन्मदिन विशेष: रणनीतिक सोच व दमदार ब्रैंडिंग है शुभ्रांशु सिंह की खास पहचान
आज जन्मदिन के मौके पर शुभ्रांशु सिंह को एक अनुभवी मार्केटिंग लीडर के रूप में याद किया जा रहा है। उन्हें ब्रैंड व मार्केटिंग इकोसिस्टम की तेज रणनीतिक सोच रखने वाली प्रमुख आवाजों में गिना जाता है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 hour ago
दो दशक से ज्यादा के अपने करियर में उन्होंने ऐसी पहचान बनाई है, जहां वे गहरी समझ और संस्कृति की अच्छी पकड़ को साथ लेकर चलते हैं। इसी वजह से उनके बनाए कैंपेन और ब्रैंड से जुड़ीं कहानियां हमेशा ग्राहकों और इंडस्ट्री दोनों के साथ जुड़ती रही हैं। उनका करियर यह भी दिखाता है कि आधुनिक मार्केटिंग किस तरह बदली है और उन्होंने अलग-अलग कैटेगरी, प्लेटफॉर्म और देशों में काम करते हुए खुद को उसी तरह ढाला है।
हाल ही में शुभ्रांशु सिंह ने Tata Motors में एक अहम दौर पूरा किया, जहां वे कमर्शियल व्हीकल्स बिजनेस के ग्लोबल चीफ मार्केटिंग ऑफिसर थे। करीब चार साल तक इस पद पर रहने के बाद अब वे कंपनी से आगे बढ़ चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कंपनी के सीवी डिविजन के लिए एक मजबूत ब्रैंड और मार्केटिंग ढांचा तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने कंपनी के कम्युनिकेशन को बदलती कारोबारी जरूरतों के साथ जोड़ा और ग्लोबल स्तर पर इसकी पहचान को मजबूत करने में मदद की। उनके नेतृत्व में ब्रैंड की मैसेजिंग ज्यादा स्पष्ट, उद्देश्य से जुड़ी और भविष्य पर केंद्रित बन गई, खासकर ऐसे समय में जब मोबिलिटी सेक्टर तेजी से बदल रहा था।
Tata Motors से पहले शुभ्रांशु सिंह Royal Enfield में ग्लोबल हेड ऑफ मार्केटिंग एंड ब्रैंड की भूमिका में रहे। वहां उन्होंने कंपनी की आधुनिक ब्रैंड पहचान को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। उनके काम से कंपनी की प्रीमियम और आकांक्षी छवि और मजबूत हुई और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी मौजूदगी भी बढ़ी। अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने Hindustan Unilever, Diageo India और Visa जैसी बड़ी कंपनियों में भी नेतृत्व की भूमिकाएं निभाईं। इन कंपनियों में काम करते हुए उन्होंने एफएमसीजी, लाइफस्टाइल और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव हासिल किया और मजबूत ब्रैंड सोच तथा लंबी रणनीति बनाने के लिए पहचाने जाने लगे।
उनका एक अहम दौर Star India में भी रहा। यहां वे स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो के लिए एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ मार्केटिंग थे। इस दौरान वे बड़े स्पोर्ट्स प्रॉपर्टीज बनाने से भी जुड़े रहे, जिनमें Pro Kabaddi League और Indian Super League शामिल हैं। उस समय के कई मार्केटिंग कैंपेन ने यह दिखाया कि वे उपभोक्ताओं की समझ को सांस्कृतिक कहानियों के साथ जोड़कर किस तरह प्रभावी ब्रैंड कम्युनिकेशन बना सकते हैं। यही उनकी काम करने की खास शैली भी मानी जाती है।
कॉर्पोरेट उपलब्धियों के अलावा शुभ्रांशु सिंह को मार्केटिंग कम्युनिटी में एक थॉट लीडर के रूप में भी देखा जाता है। अपने कॉलम, पब्लिक स्पीकिंग और इंडस्ट्री से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए वे लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि ब्रैंड को ग्राहकों के करीब रहना चाहिए, नई सोच अपनानी चाहिए और तेजी से बदलते मीडिया माहौल में सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक बने रहना चाहिए। लीडरशिप और बदलाव को लेकर उनके विचार आज भी मार्केटिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे युवाओं को दिशा देते हैं।
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