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25/01/2012

‘राज्यसभा टीवी’ अब पहला टेलीविजन चैनल हो गया है जो ‘यूट्यूब’ पर अपने एक समर्पित चैनल के माध्यम से लाइव उपलब्ध होगा। ‘राज्यसभा टीवी’ के कार्यक्रम भारत और विदेशों में मौजूद अपने दर्शकों की मांग पर आज 25 जनवरी, 2012 से ‘यूट्यूब’ पर लाइव उपलब्ध हो जाएगा। इसके कार्यक्रम आईपैड और ब्लैकबेरी पर भी दर्शकों के लिए मुफ्त में उपलब्ध होंगे।इस अवसर पर, ‘राज्यसभा टीवी’ के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर, गुरदीप सिंह सैप्पल ने कहा, “राज्यसभा टीवी का यह पहला कदम है जो एक तरह से इंटरनेट के साथ टीवी की शादी जैसा है


25/01/2012

मंदी के दौर को पीछे छोड़ते हुए अब प्रिंट मीडिया प्लेयर्स अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं। इसी माह की शुरुआत में, केरल के प्रमुख समाचारपत्र, ‘मातृभूमि’ ने ‘मैक्सस’ को‘एओआर मीडिया मैनेजमेंट’ की जिम्मेदारी सौंपी है। इसी क्रम में, ‘द हिन्दू’ ने पहली बार मीडिया और डिजिटल पार्टनर नियुक्त किया है। एक्सचेंज4मीडिया समूह ने इंडस्ट्री सूत्रों के साथ-साथ ‘द हिन्दू’ के अधिकारियों से इस बात की पुष्टि की है


25/01/2012

पॉलिटिकल एक्सप्रेस समूह प्रबंधन ने पाठकों की रूचि को देखते हुये अखबार का ई- पेपर एडिशन भी लॉन्च किया है। फिलहाल अखबार दिल्ली, एनसीआर और पूर्वी उत्तर प्रदेश से प्रकाशित हो रहा है। समूह इस समय हिन्दी और अंग्रेजी में मंथली मैगजीन भी इसी नाम से प्रकाशित कर रहा है।समाचार4मीडिया से बात करते हुये पॉलिटिकल एक्सप्रेस के संपादक आतिर हुसैन ने बताया कि अधिक से अधिक लोगों को दैनिक अखबार पॉलिटिकल एक्सप्रेस से जोड़ने के लिए हमने ई-पेपर लॉन्च किया है


सप्ताह का इंटरव्यू

आमने-सामने

जनमत

क्या सोशल मीडिया को सरकार की निगरानी में लाना उचित हैं ?:

enba2011

नेटवर्क 18 और ईटीवी समझौते के बाद

  • एस निहाल सिंह, ‘द स्टेट्समैन’ के पूर्व संपादक
    नेटवर्क18’और ‘ईटीवी’ समूह के बीच हुए समझौते पर मेरी पहली प्रतिक्रिया थी कि भारत के लिए यह सही समय है कि मीडिया में एकाधिकार के विरूद्ध एक कड़ा कानून लाया जाए। सभी प्रजातांत्रिक देशों, यहां तक कि सबसे अधिक विकसित देशों में भी इस तरह के कानून/प्रथा/आदर्श हैं।
    23/01/2012
  • दिलीप चेरियन, मीडिया विश्लेषक
    वैश्विक स्तर पर हमने देखा है कि जब बड़ी पूंजी मीडिया में प्रवेश करती है तो उसका किस तरह से असर होता है, वास्तव में हम क्या कर रहे हैं, हम खुद को दोहरा रहे हैं।

    आज, विश्व भर में मीडिया में अल्पाधिकार की प्रवृति दिखाई दे रही है, चाहे वह सिल्वियो बर्लुस्कोनी हो या रूपर्ट मर्डोक। सच्चाई यह है कि वे ना सिर्फ बड़े पैमाने पर मीडिया को प्रभावित करते हैं बल्कि राजनीति को भी प्रभावित करते हैं।

    23/01/2012
  • महेंद्र त्रेहान, संस्थापक, संपादक इंडिया टुडे
     अगर सरकार और कॉरपोरेट अधिक सर्तक रहेंगे तो ऐसा नहीं होगा। एक व्यक्ति कई संपत्तियों का मालिक है। “2जी टेप (नीरा राडिया प्रकरण) से सभी को पहले से ही मालूम है कि कॉरपोरेट के द्वारा सभी कुछ निर्धारित किया जा रहा है। यह काफी खतरनाक है कि मुकेश अंबानी आपके सारे फैसले लेंगे, कहने का अर्थ की नीतियों का निर्धारण करेंगे क्योंकि जैसा कि आप सभी को मालूम है कि पहले (अतीत में) क्या हुआ है। चाहे वह किसी से बात करना या किसी की आलोचना करना या उसे बेनकाब करना हो.।”
     
    23/01/2012