IDMA2012

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18/05/2012

अमर उजाला के दिल्ली ब्यूरो डेस्क से नीरज वशिष्ठ ने इस्तीफा दे दिया है, वे अपनी नई पारी अहमदाबाद स्थित योग संस्थान से करने जा रहे हैं। वे अमर उजाला से पहले दैनिक जागरण के साथ भी जुड़े रहे हैं। नीरज ने पत्रकारिता की शुरूआत एक लाइफ स्टाइल मैगजींन के साथ की थी। वे अभी नोटिस पर चल रहे हैं। एक माह के बाद वे अपनी नई पारी की शुरूआत अहमदाबाद के वशिष्ठ योग फाउडेंशन के साथ जुड़ रहे हैं


17/05/2012

वायकॉम18 ने अपने साथ विवेक बहल को बतौर नेटवर्क एडवाईजर कंटेंट जोड़ा है। उन्हें रीजनल चैलनों की जिम्मेदारीं सौपी गई है और साथ ही वो ग्रुप के लिए कंटेंट प्लानिंग और डवलपमेंट का काम देखेंगे। यहां पर वे कलर्स के सीईओ राजनायक को रिपोर्ट करेंगे। बहल इससे पहले बतौर चीफ कंटेंट ऑफिसर टर्नर इंडिया के साथ जुड़े हुए थे। जहां पर वो इमेजिन टीवी, कार्टून नेटवर्क, पोगो और अन्य चैनलों के लिए काम करते थे


17/05/2012

रीयल एस्टेट कंपनी श्री इंफ्राटेक के मीडिया  वेंचर ‘श्री मीडिया वेंचर प्राइवेट लिमिटेड’ के बैनर तले प्रसारित हो रहे है न्यूज चैनल श्रीएस7 न्यूज चैनल को कल री-लॉन्च किया जा रहा है। री-लॉन्चिंग लखनऊ में की जायेगी। इसी के साथ चैनल में कई तरह के बदलाव किये जायेंगे। इसमें मुख्य बदलाव चैनल का नाम श्रीएस7 से बदलकर श्री न्यूज किया जायेगा। इसके साथ ही चैनल के डिस्ट्रीब्यूशन को बढ़ाया जायेगा।


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न्यूज़ चैनलों पर निर्मल बाबा..! ये कैसी पत्रकारिता ?

  • एनके सिंह, महासचिव, बीईए

    न्यूज़ चैनलों में आए दिन सुधार हो रहा है। हम कंटेंट को लेकर काफी काम कर रहे हैं। ये जो न्यूज़ के अलावा अन्य सामग्री दिखाए जाने का मामला है इसमें थोड़ा समय लगेगा लेकिन मैं समझता हूं कि आने वाले एक साल में हम सुधार कर पायेंगे। आप देखिए कि न्यूज़ चैनलों के केंटेंट में पिछले समय में काफी सुधार हुआ है, यह सब छोटे से समय में संभव नहीं है। इसमें थोड़ा टाइम लगेगा

    05/04/2012
  • राहुल देव, वरिष्ठ पत्रकार 

    जो भी चैनल निर्मल बाबा को दिखा रहे हैं वो सभी पैसे की वजह से दिखा रहे हैं। और साथ ही जो ये सब नहीं दिखा रहे हैं। मैं पहले तो उन्हें बधाई देना चाहूंगा। जो चैनल इसे दिखा रहे हैं उनसे निश्चित रूप से जवाब मांगा जाना चाहिए कि वो ये सब क्यों दिखा रहे हैं। यह एक तरह की धार्मिक और आध्यात्मिक अश्लिलता है। चैनल इसलिए दिखा रहे हैं कि उन्हें पैसा मिल रहा है। अगर वो पैसे के लिए यह दिखा रहे हैं तो फिर न्यूज़ चैनल और अन्य चैनल में फर्क क्या रह गया है

    05/04/2012
  • मुकेश कुमार, चैनल हेड, न्यूज़ एक्सप्रेस 

     अगर निर्मल बाबा से मिलने वाली टीआरपी को असल टीआरपी से घटा कर देखा जाए तो चैनल की वास्तविक टीआरपी सामने आ जाएगी। पत्रकारिता के मानदंड हैं उनकी अनदेखी करके टीआरपी और लोकप्रियता हासिल करने की कोशिशें इस प्रोफेशन को और नीचे ले जाएगी, इसकी विश्वनीयता घटायेगी। और ओवर ऑल मीडिया की छवि जो पिछले दिनों बनी है, जिसके अनुसार यह माना जाता है कि मीडिया गैर-जिम्मेदार है और अवैज्ञानिक चीजें परोसती है, वाली छवि और भी पुख्ता होगी

    05/04/2012
  • सतीश के सिंह, संपादक, ज़ी न्यूज़

     मैं समझता हूं कि निर्मल बाबा पत्रकारिता के एथिक्स के बिल्कुल खिलाफ है। इसे जो चला रहे हैं। पता नहीं क्या सोच के चला रहे हैं। इसे कौन लोग देख रहे हैं। यह भी समझ से परे है। पिछले समय न्यूज़ चैनल में जो सुधार देखने को मिला था अब वह भी खो चुका है। ज़ी न्यूज़ ने इस तरह की चीजों को कभी तवज्जो नहीं दिया है ज़ी न्यूज़ कभी अस्ट्रोलोजी (ज्योतिषी) वाले प्रोग्राम भी नहीं चलाता

    05/04/2012