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क्या NDTV के इस फैसले पर हो रही राजनीति या राजनीति में लिया गया फैसला?
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी कैंप पर सर्जिकल स्ट्राइक के करने के बाद से देश के तमाम न्यूज चैनल अलग-अलग तरह के कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच, एनडीटीवी ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए एक ऐसा फैसला लिया,
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी कैंप पर सर्जिकल स्ट्राइक के करने के बाद से देश के तमाम न्यूज चैनल अलग-अलग तरह के कार्यक्रम प्रसारित कर रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच, एनडीटीवी ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए एक ऐसा फैसला लिया, जिससे चैनल कुछ लोगों के निशाने पर आ गया।
दरअसल 6 अक्टूबर की रात 9 बजे के अपने बुलेटिन में एनडीटीवी ने ग्राफिक्स के जरिए ये संदेश दिया कि वह सुरक्षा से जुड़े मामले पर राजनीतिक फायदे के लिए दिए जाने वाले बयानों को प्रसारित नहीं करेगा।
एनडीटीवी द्वारा चलाए ग्राफिक्स में लिखा था, ‘राजनीति के नामम पर राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हो सकता। मौजूदा राजनीतिक बहस में ये खतरा दिखता है। NDTV ऐसी कोई बात नहीं करेगा जिससे राजनीति फायदे के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा हो।’ इसके बाद चैनल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदम्बरम का इंटरव्यू प्रसारित नहीं करने का फैसला लिया। देखते ही देखते ये मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ने लगा और विपक्षी दलों के साथ-साथ कई पत्रकारों ने भी एनडीटीवी और मोदी सरकार पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरेजवाला ने इस वाकये के लिए मोदी सरकार पर हमला बोला और ट्वीट कर कहा, ‘फासिस्ट मोदी सरकार ने एनडीटीवी को सच दिखाने से रोक दिया। तानाशाही सच्चाई को दबा या उसका गला घोंट नहीं सकती। मीडिया को खड़े होकर अपना अहसास कराना चाहिए।’
A fascist Modi Govt throttles NDTV from showing the truth. Dictatorship can't suppress, strangle reality. Media must standup & be counted. pic.twitter.com/tP2en6h7gr
— Randeep S Surjewala (@rssurjewala) October 8, 2016 इस ट्वीट के साथ पी. चिदम्बरम द्वारा चैनल से पूछे गए सवाल भी थे। इनमें लिखा था, ‘मेरे पास आपके केवल नंबर ही थे इसलिए मैं आपसे पूछ रहा हूं: ‘मेरे इंटरव्यू का कौनसा हिस्सा राजनीतिक फायदे के लिए सुरक्षा को खतरा पैदा कर रहा था? मेरे इंटरव्यू का कौन सा हिस्सा बकवास का अंश था? मेरे इंटरव्यू का कौन सा हिस्सा राजनीतिक कहासुनी था?’ जवाब मिलने पर आभारी रहूंगा।’यहां आपको बता दें कि एनडीटीवी ने इससे पहले पी. चिदम्बरम के उस इंटरव्यू के कुछ अंश प्रसारित भी किए थे जिसे बरखा दत्त ने लिया था। इस इंटरव्यू में दिखाया गया था कि चिदम्बरम ने सेना की स्ट्राइक को लेकर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बयानों की आलोचना की थी। बाद में इन अंशों को दिखाने वाले विडियो को भी हटा लिया गया।
यहां ये भी गौरतलब है कि एनडीटीवी ने राहुल गांधी का खून की दलाली वाले बयान की खबर भी नहीं चलाई थी।
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