होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / ‘बिजनेस टुडे’ मैगजीन में छपे कवर को लेकर धोनी को मिली बड़ी राहत...
‘बिजनेस टुडे’ मैगजीन में छपे कवर को लेकर धोनी को मिली बड़ी राहत...
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का आपराधिक मामला खारिज कर दिया है। बता दें कि अंग्रेजी की बिजनेस मैगजीन ‘बिजनेस टुडे’ के कवर पर धोनी की तस्वीर छपी थी
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का आपराधिक मामला खारिज कर दिया है। बता दें कि अंग्रेजी की बिजनेस मैगजीन ‘बिजनेस टुडे’ के कवर पर धोनी की तस्वीर छपी थी, जिसमें उन्हें भगवान विष्णु के रूप में दर्शाया गया था। इसी को लेकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी।
न्यायमूर्ति गोगोई ने कर्नाटक की निचली अदालत में इस मामले में धोनी के खिलाफ उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं करने और मामला चलाने का संज्ञान लेते हुए यह फैसला किया है। शीर्ष अदालत ने कहा, 'धोनी को नोटिस जारी करने से पहले मजिस्ट्रेट को पहले खुद या पुलिस के जरिए इस मामले में जांच करानी चाहिए थी, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।'
दरअसल कर्नाटक उच्च न्यायालय ने इस मामले में धोनी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि बड़ी हस्तियां केवल पैसे के लिए इस तरह के विज्ञापन करती हैं। सामाजिक कार्यकर्ता जयकुमार हीरमथ ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए यह मामला दर्ज कराया था।
धोनी को बिजनेस पत्रिका ‘बिजनेस टुडे’ के मुखपृष्ठ पर भगवान विष्णु के रूप में दिखाया गया था। मैगजीन ने विज्ञापनों में धोनी की लोकप्रियता के बारे में खबर लिखी थी। इसमें ये बताया गया था कि धोनी विज्ञापन देने वालों की पहली पसंद हैं। खबर का शीर्षक था, ‘गॉड ऑफ़ बिग डील्स’। इस कवर फोटो में धोनी के हाथ में कई ब्रैंड्स की चीजें नजर आ रही थीं, जिसमें रिबॉक का जूता भी शामिल था। इस तस्वीर को लेकर धोनी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा था।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने धोनी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295 (धार्मिक भावनाएं आहत करने से संबंधित) के अलावा धारा 34 (इरादतन) के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। बाद में मजिस्ट्रेट ने धोनी को अदालत में उपस्थित होने के लिए समन जारी किया था जिसके खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट चले गए थे।
सुप्रीम कोर्ट में धोनी ने दलील दी कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। मैगजीन ने अपनी मर्जी से उनके फोटो का इस्तेमाल किया। धोनी की तरफ से कोर्ट में बताया गया कि उनकी तस्वीर को भगवान की तरह पेश करने का फैसला मैगजीन के संपादकों का था। उन्होंने अपनी फोटो के लिए मैगजीन से कोई पैसा नहीं लिया। ऐसे में उन्हें इस मामले में पक्ष बनाना बिलकुल गलत है। अब सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि मजिस्ट्रेट ने समन जारी करते वक्त सही कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
टैग्स