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मीडिया दिग्गजों का स्वतंत्रता दिवस पर संदेश
देश को आजाद हुए 63 बरस होने को हैं, लेकिन आज भी भ्रष्टाचार, आडंबर, बढ़ती जनसंख्या, गरीबी और बेरोजगारी जैसी कई समस्याएं मुंह फैलाऐं खड़ी हैं, जिनसे आजादी मिलना अभी बाकी है। कहने को तो हम स्वतंत्र देश में रहते हैं। हम जताते भी कुछ ऐसा ही हैं कि हमारे जैसा स्वतंत्र विचारों वाला, खुली सोच वाला, खुले दिल वाला इंसान इस दुनिया में कोई नहीं है। लेकिन हकीकत
समाचार4मीडिया ब्यूरो 15 years ago
देश को आजाद हुए 63 बरस होने को हैं, लेकिन आज भी भ्रष्टाचार, आडंबर, बढ़ती जनसंख्या, गरीबी और बेरोजगारी जैसी कई समस्याएं मुंह फैलाऐं खड़ी हैं, जिनसे आजादी मिलना अभी बाकी है। कहने को तो हम स्वतंत्र देश में रहते हैं। हम जताते भी कुछ ऐसा ही हैं कि हमारे जैसा स्वतंत्र विचारों वाला, खुली सोच वाला, खुले दिल वाला इंसान इस दुनिया में कोई नहीं है। लेकिन हकीकत पर जब हम गौर करें तो नजारा कुछ और ही होता है, कुछ और ही दिखाई देता है। मीडिया के दिग्गजों की मानें तो मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए देश को एक महात्मा गांधी और स्वतंत्रता दिवस की जरूरत है, जो समस्याओं की खाई को पाट कर देश को वास्तविक स्वतंत्रता दिला सके। ऐसी ही कुछ समस्याओं को सुप्रिया अवस्थी ने शशि शेखर, संजय पुगलिया, पंकज पचौरी, हरिवंश, सुधीर चौधरी, राम कृपाल सिंह, शीतल राजपूत से जाना... शशि शेखर, एडिटर, हिंदुस्तान : उम्मीद है आजादी का यह दिन उन सारे लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनेगा जो अभी भी सच्ची स्वतंत्रता के लिए बेकरार है। पंकज पचौरी, मैनेजिंग एडिटर, एनडीटीवी : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हम 'अमन की आशा' नाम का एक मुहिम चला रहे हैं। यह मुहिम पाकिस्तान और हिन्दुस्तान की आवाम को और करीब लाने की कोशिश है। दोनो देशों की सरकारो के बीच में जो बातचीत चल रही है वो सरकारों के बीच का मामला है यदि आवाम एकजुट होता है तो सरकारो को भी उसके सामने झुकना पड़ेगा। इस मुहिम में हम दोनों देशो के लोगों की एक कॉलसेंटर के जरिए बात करा रहे हैं। अटारी बार्डर पर एक सूफी संगीत सम्मेलन का प्रसारण करेंगे। इसके माध्यम से हम अपनी साझा विरासत को सामने रखने और आपस में बाटने की कोशिश कर रहे हैं। दोनो देशो की मीडिया की इस तरह की पहल करते है तो मीडिया की बजह से जो तनाव बढ़ता है, उस पर हम कुछ हद तक लगाम लगा सकते हैं। यही मीडिया का सकारात्मक रोल है। राम कृपाल सिंह, कार्यकारी संपादक, नवभारत टाइम्स : मेरा संदेश आज की युवा पीढीं के लिए है जिसे आजदी के पहले का इतिहास देखे हुए बहुत समय हो गया। जो आज की युवा पीढी है वो अतीत को बोझ बना कर जीना नहीं चाहती है बल्कि युवा पीढ़ी, सपनो को हकीकत में बदलकर बेहतर भविष्य बनाना चाहती है। एक महाशक्ति से अच्छा हम एक शक्ति बने जो निर्माण की शक्ति हो। युवा पीढी के लिए आजादी के मौके पर मेरी यही शुभकामना है। संजय पुगलिया, एडिटर, सीएनबीसी आवाज : आजादी की सालगिराह पर जो सबसे महत्वपूर्ण बात मेरे दिमाग में आती है वह यह है कि मीडिया को भी कई तरह के माइंडसेट से आजादी चाहिए। कई बार मीडिया अपनी आजदी की खूब चिंता करता और शोर मचाता है लेकिन अभी हम जिस तरह की आजादी चाह रहे हैं वो हमारी छवि को बिगाड़ रही है। भारत जिस तरह से आधुनिकता की ओर बढ रहा है उस तरह से ही उसे आधुनिकता और तकनीक को समझने वाला मीडिया चाहिए। इस स्वतंत्रता दिवस पर मीडिया मे अलग-अलग क्षेत्र में गैर जिम्मेदीरी और गलत कार्य करने वाले लोगों से आजादी मिलनी चाहिए। हरिवंश, एडिटर, प्रभात खबर : हर 15 अगस्त या 26 जनवरी को हमें अपने इतिहास के बारे में जरूर सोचना चाहिए। चर्चिल ने कहा था कि हम जितना दूर पीछे देखेगे, उतना ही आगे नया देखने की हिम्मत होगी। तो हर 15 अगस्त और 26 जनवरी को हमें अपना इतिहास महत्वपूर्ण रूप से देखना चाहिए और इससे सबक लेकर नये भारत को गढना चाहिए। सुधीर चौधरी, सीईओ, लाइव इंडिया : मैं देखता हूं कि 15 अगस्त और 26 जनवरी एक आजादी की लहर उठती है और एक दिन के लिए हम देशभक्त बन जाते हैं। यह जो देशभक्ति की लहर है मसलन 6 से 8 घंटे की होती है। राष्ट्रगान सुनते ही हम लाखों वादे तो करते है लेकिन राष्ट्रगान खत्म होते ही आजादी की लहर और वो वादे ऐसे भूलते है जैसे रात में देखा ख्वाब। अंग्रजो की गुलामी से तो भारत को स्वतंत्रता मिली लेकिन हमारी बाकी समस्याऐं भ्रष्टाचार, आडंबर, बढ़ती जनसंख्या, गरीबी बेरोजगारी आज भी मुंह फैलाऐं खड़ी हैं। इन समस्याओं और गुलामी से हमें तभी स्वतंत्रता मिल सकती है जब हम आजादी का जलसा पूरे वर्ष मनाते रहे। शीतल राजपूत, इनपुट हेड, जी यूपी : मेरे हिसाब से आजादी के सही मायने यह है कि हम अपने अधिकारों के साथ-साथ देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियो को भी समझे, तभी हम सही मायने में स्वतंत्रता दिवस मना सकते हैं। हमे अपने स्तर से अपने हिसाब से देश, समाज और अपने लोगों के लिए छोटे-छोटे कार्य करके सहायता करनी चाहिए। समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
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